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बजाज पल्सर 125 ने फरवरी 2026 में बिक्री के मामले में सभी को पीछे छोड़ा, बनी नंबर-1 मोटरसाइकिल

नई दिल्ली देश के दोपहिया वाहन बाजार में बजाज ऑटो ने फरवरी 2026 के मॉडल आधारित बिक्री आंकड़े जारी किए हैं, जिनमें कंपनी की लोकप्रिय मोटरसाइकिल पल्सर 125 ने एक बार फिर पहला स्थान हासिल किया है। इस मोटरसाइकिल को कुल 58,056 नए ग्राहकों ने खरीदा। खास बात यह है कि इसकी बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है। पल्सर श्रृंखला का दबदबा कायम  बजाज की पल्सर श्रृंखला का प्रभाव इस बार भी साफ तौर पर देखने को मिला। दूसरे स्थान पर पल्सर 160 और पल्सर 200 मॉडल रहे, जिनकी कुल 31,435 इकाइयों की बिक्री हुई। इनकी बिक्री में लगभग 97 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो युवाओं के बीच इनकी बढ़ती पसंद को दिखाती है। तीसरे स्थान पर कंपनी का चेतक विद्युत स्कूटर रहा, जिसे 28,004 लोगों ने खरीदा। इस दौरान इसकी बिक्री में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो देश में बढ़ते विद्युत वाहनों के रुझान को दर्शाती है। प्लेटिना और अन्य मॉडल का प्रदर्शन चौथे स्थान पर प्लेटिना मोटरसाइकिल रही, जिसकी 24,390 इकाइयों की बिक्री हुई और इसमें 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं पांचवें स्थान पर पल्सर 150 रही, जिसकी बिक्री में 4 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 13,315 इकाइयों तक सीमित रही। छठे स्थान पर पल्सर 220 ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 122 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8,459 इकाइयों की बिक्री की। इसके बाद सातवें स्थान पर सीटी 100 मोटरसाइकिल रही, जिसे 3,792 ग्राहकों ने खरीदा और इसमें 13 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। नई तकनीक वाले मॉडल की बढ़ती पहचान आठवें स्थान पर दुनिया की पहली सीएनजी आधारित मोटरसाइकिल फ्रीडम रही, जिसकी 1,461 इकाइयों की बिक्री हुई और इसमें 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह मॉडल नई तकनीक के कारण बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहा है। नौवें स्थान पर अवेंजर 220 रही, जिसने 454 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ 1,364 इकाइयों की बिक्री की। इसके बाद दसवें और ग्यारहवें स्थान पर डोमिनार 250 और डोमिनार 400 रहे, जिनकी बिक्री में क्रमशः 57 प्रतिशत और 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुछ मॉडल की मांग में गिरावट बारहवें स्थान पर पल्सर एनएस 400 जेड रही, जिसकी बिक्री में 21 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 352 इकाइयों तक सीमित रही। वहीं सबसे कमजोर प्रदर्शन अवेंजर 180 का रहा, जिसकी फरवरी 2026 में एक भी इकाई नहीं बिकी। इस तरह इसकी बिक्री में 100 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कुल मिलाकर, पल्सर श्रृंखला और चेतक विद्युत स्कूटर ने बजाज की बिक्री को मजबूती दी है, जबकि कुछ पुराने मॉडल की मांग धीरे-धीरे कम होती दिखाई दे रही है। यह बदलते समय के साथ ग्राहकों की पसंद और नई तकनीक की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है।

अंबिकापुर से दिल्ली के लिए 30 मार्च से डायरेक्ट फ्लाइट, एलायंस एयर चलाएगी 72 सीटर विमान

अंबिकापुर  छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से दिल्ली के लिए हवाई सेवा 30 मार्च से शुरू होगी। एलायंस एयर मां महामाया एयरपोर्ट से हफ्ते में 2 दिन सोमवार और बुधवार को फ्लाइट चलाएगी। यह उड़ान बिलासपुर होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। एलाएंस एयर ने अपने वेबसाइट पर इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी है। एलायंस एयर ने शुरू की जा रही फ्लाइट का शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। 30 मार्च को अंबिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट से फ्लाइट दोपहर 12 बजे रवाना होगी, जो 2:30 बजे दिल्ली पहुंचेगी। एलायंस एयर 72 सीटर ATR विमान का संचालन करेगी। सप्ताह में दो दिन सोमवार और बुधवार को चलेगी। वहीं बिलासपुर के लिए शुक्रवार को भी फ्लाइट सेवा मिलेगी। एलायंस एयर की ओर से 30 मार्च से ही बिलासपुर-दिल्ली फ्लाइट के शेड्यूल में बदलाव किया गया है। पहले यह सेवा मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को चलती थी। 8 महीने बाद से बंद है हवाई सेवा अंबिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट से दिसंबर 2024 में हवाई सेवा की शुरुआत हुई थी। उड़ान 4.2 योजना के तहत फ्लाई बिग कंपनी ने मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा से रायपुर और बिलासपुर के लिए 19 सीटर विमान सेवा शुरू की थी। शुरुआती दिनों में अनियमित उड़ान के कारण यह सेवा केवल छह महीने तक ही चल सकी। पिछले 6 महीने से अधिक समय से इसका संचालन पूरी तरह बंद है। 6000 तक हो सकता है किराया 2 साल पहले एलायंस एयर ने अंबिकापुर और बिलासपुर एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। एलायंस एयर ने अपनी वेबसाइट में अंबिकापुर एयरपोर्ट का नाम जोड़ दिया है और फ्लाइट सर्च भी हो रही है। हालांकि अभी किराया घोषित नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि बेस फेयर 6000 रुपए से शुरू हो सकता है। बिलासपुर-दिल्ली मार्ग पर सामान्यतः बेस फेयर 4000 रुपए से अधिक रहता है, जिसमें बुकिंग नियमों के अनुसार किराया कम-ज्यादा होता रहता है। एलायंस एयर ने सोमवार एवं बुधवार को बिलासपुर से चलने वाली नान स्टाप फ्लाइट को भी री-शेड्यूल किया है। जानिए एलायंस एयर के बारे में एलायंस एयर देश की प्रमुख घरेलू विमानन कंपनियों में से एक है। पहले यह एयर इंडिया के स्वामित्व में थी। एयर इंडिया के विनिवेश के बाद यह भारत सरकार की स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई के रूप में कार्य कर रही है। वर्तमान में एलायंस एयर प्रतिदिन 137 घरेलू उड़ानें संचालित करती है और 57 शहरों को जोड़ती है। कंपनी रायपुर से हैदराबाद और जगदलपुर के लिए भी हवाई सेवा दे रही है।

चीतों के पुनर्वास के लिये सॉफ्ट रिलीज बोमा का करेंगे भूमि-पूजन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने जन्म-दिन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आज बामनेर नदी में एक दर्जन कछुओं को रिलीज करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास के लिये सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि-पूजन भी करेंगे। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो मध्यप्रदेश के 3 जिलों सागर, दमोह और नरसिंहपुर के 72 ग्रामों को जोड़ते हुए कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर का आकार लिये हुए है। मध्यप्रदेश का यह 7वाँ और भारत का 54वाँ टाइगर रिजर्व है। वर्ष 2023 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 32 टाइगर मौजूद हैं। इस अभयारण्य को मुख्य रूप से भेड़ियों की भूमि माना जाता है। यहाँ पर सर्वाधिक भेड़िये पाये जाते हैं। टाइगर रिजर्व में चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध है। इस प्रकार की भूमि दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है। शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को लाकर यहाँ बसाया जायेगा। अभयारण्य में चिड़ियाँ की 240 प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं। टाइगर रिजर्व में विभिन्न प्रजाति के पशु-पक्षी पाये जाते हैं, जिसमें टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ सहित पशु-पक्षी मौजूद हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन के के साथ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं।  

MP Board Result: 10वीं-12वीं के परिणाम अप्रैल के दूसरे हफ्ते में, 5वीं-8वीं का रिजल्ट इस सप्ताह जारी होगा

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल) की कक्षा 10वीं और 12वीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम अप्रैल के दूसरे सप्ताह में घोषित किए जाने की संभावना है। स्कूल शिक्षा विभाग ने मूल्यांकन कार्य को समय पर पूरा करने के लिए सभी केंद्रों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। वहीं कक्षा 5वीं और 8वीं के परिणाम इसी सप्ताह घोषित होने की प्रबल संभावना है।  16 लाख छात्रों का इंतजार इस वर्ष दोनों कक्षाओं की परीक्षाओं में करीब 16 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया है। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लगभग 20 हजार शिक्षक लगाए गए हैं और प्रक्रिया तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। विभाग का लक्ष्य है कि परिणाम समय पर जारी कर छात्रों को आगे की पढ़ाई और करियर प्लानिंग के लिए पर्याप्त समय मिल सके। मूल्यांकन में तेजी, रिजल्ट की तैयारी शुरू अधिकारियों के अनुसार मूल्यांकन केंद्रों पर कार्य को तेज किया गया है। अंतिम चरण में पहुंचते ही रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि निर्धारित समय सीमा में परिणाम घोषित किए जा सकें। दो विषय में फेल छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो छात्र केवल दो विषयों में अनुत्तीर्ण होंगे, उन्हें जून में पुनः परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों का पूरा वर्ष खराब होने से बचाया जा सकेगा। 5वीं और 8वीं का रिजल्ट इसी सप्ताह कक्षा 5वीं और 8वीं के परिणाम इसी सप्ताह घोषित होने की प्रबल संभावना है। इन परीक्षाओं का आयोजन राज्य शिक्षा केंद्र मध्य प्रदेश द्वारा किया गया था। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं फरवरी 2026 में आयोजित हुई थीं। रिजल्ट की अंतिम तारीख की घोषणा जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर की जाएगी। रिजल्ट कैसे देखें छात्र निम्न प्रक्रिया से अपना परिणाम देख सकेंगे आधिकारिक वेबसाइट rskmp.in या mpbse.nic.in पर जाएं होमपेज पर ‘Class 5th/8th Result 2026’ लिंक पर क्लिक करें रोल नंबर या समग्र आईडी दर्ज करें रिजल्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ऐलान, जल्द लॉन्च होगा स्टेट एआई मिशन, सुशासन और विकास में होगी तेजी

शीघ्र ही लांच करेंगे स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुशासन और विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से अनौपचारिक चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सुशासन के जरिए नागरिक सेवाओं और सुविधाओं को और भी सिविक-फ्रेंडली बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नई-नई तकनीकों से जुड़कर प्रदेश में नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात् आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर का सर्वाधिक संभावनाशील सेक्टर है। शासन-प्रशासन व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार भी आगे बढ़ रही है। अब इस दिशा में एआई की मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम बहुत जल्द मध्यप्रदेश का अपना 'स्टेट एआई मिशन' लांच करने जा रहे हैं। यह एक लक्ष्य केंद्रित मिशन होगा। इस मिशन से शासन प्रणाली में कसावट और सुप्रबंधन लाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 में एआई तकनीक के लिए ढांचागत विकास किया जाएगा। वर्तमान एआई पहलों को एकीकृत कर आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वित्त वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा तथा वित्त वर्ष 2028-29 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से अनौपचारिक रूप से चर्चा कर रहे थे। जयपुर में निवेशकों से मिले 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते शनिवार को जयपुर प्रवास के दौरान वहां निवेशकों से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि निवेशकों ने मध्यप्रदेश के प्रति अगाध स्नेह और अपनत्व जताया। विभिन्न औद्योगिक समूहों, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, फूड-प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही। सीआईआई राजस्थान के अध्यक्ष एवं न्यूरोइक्विलिब्रियम के एमडी रजनीश भंडारी ने स्वागत भाषण में मध्यप्रदेश की नीतियों एवं उसके क्रियान्वयन की तारीफ की। प्रमुख उद्योगपतियों मनीष गुप्ता (चेयरमैन, इनसोलेशन एनर्जी), महावीर प्रताप शर्मा (चेयरमैन, राजस्थान एंजेल्स) और के एल जैन (अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस इन्टरैक्टिव सेशन में बेहद सकारात्मक संवाद के बाद सरकार को वहां के निवेशकों से 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे लगभग 3,530 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जयपुर में मिले निवेश प्रस्ताव के यह आंकड़े बताते हैं कि देश-विदेश के निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश की साख और हमारी औद्योगिक नीतियों के प्रति विश्वास कितनी तेजी से बढ़ रहा है। 139 दिन लगातार चलेगा तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान गत 19 मार्च से प्रारंभ हो चुका है। बीते दो अभियानों को अच्छा प्रतिसाद मिला। इस दौरान प्रदेश में नये कुंए, बावड़ियों, अमृत सरोवरों, तालाबों के साथ-साथ पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्भरण और सूखी नदियों के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये। बीते साल खंडवा जिले में जल संचयन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीसरे अभियान में करीब 2500 करोड़ रुपए से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचयन कार्य किए जाएंगे। बीते सालों की तरह इस वर्ष भी जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्य किये जायेंगे। साथ-साथ नदियों, तालाबों, बावडियों और कुओं का जीर्णोद्धार भी मिशन मोड में किया जायेगा। नदियों के उद्गम क्षेत्रों में हरित विकास के लिये गंगोत्री हरित योजना में कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे जल गंगा संवर्धन अभियान को केंद्र सरकार से भी सराहना और समर्थन मिला है। जल बचाने के लिए देशभर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों में मध्यप्रदेश का जल गंगा संवर्धन अभियान अव्वल श्रेणी में आया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले वर्ष 2024 में करीब 30 दिन, दूसरे वर्ष 2025 में 120 दिन यह अभियान चलाया। मौजूदा साल में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक कुल 139 दिन तक लगातार यह अभियान चलाया जाएगा। 3 से 5 अप्रैल तक बनारस में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (बनारस) में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन किया जायेगा। यह वीर विक्रमादित्य के महात्म्य के दिनों-दिन बढ़ता प्रभाव है। उज्जैन में नैवेद्य लोक का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि उन्होंने हाल ही में उज्जैन में नैवेद्य लोक का लोकार्पण किया है। यह मालवांचल के व्यंजनों को एक प्लेटफार्म देने का प्रयोगात्मक प्रयास है। इसे इंदौर की छप्पन दुकानों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां कुल 108 दुकानें हैं, जो विभिन्न मालवी व्यंजनों का रसास्वादन कराती हैं। अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते सप्ताह आनंद विभाग के अधीन राज्य आनंद संस्थान द्वारा भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस मनाया गया। वे स्वयं इस आयोजन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारे मनुष्यगत मनोभावों को अभिव्यक्त करने मनोरंजक का माध्यम बना। सरकार सबके जीवन में खुशहाली लाने के लिए ही तो काम कर रही है। इस प्रकार के आयोजनों से हमारी कार्यक्षमता और कार्यदक्षता सहित जीवन में खुशहाली भी बढ़ती है।  

CM साय आज 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे रायपुर जिला के सर्वाधिक 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर और सबसे कम बीजापुर जिला से 1542 भूमिहीन कृषि मजदूरों को मिलेगा लाभ रायुपर दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। इस योजना से सर्वाधिक रायपुर जिला के 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर और सबसे कम बीजापुर जिला से 1542 भूमिहीन कृषि मजदूर शामिल हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि 'अंत्योदय' की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।             दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजनाके तहत 4.95 लाख से अधिक पात्र परिवारों के लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की वित्तीय सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में दी जाती है। 25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार से जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राशि अंतरित करेंगे, तो वह छत्तीसगढ़ के न्याय और सुशासन की गूंज होगी। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है।          दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। संकल्प बजट 2026-27 में 600 करोड़ रूपए का प्रावधान के साथ भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का सशक्त संबल मिलेगा। यह सहायता सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचकर उन्हें स्थिरता, सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान करेगी। सशक्त श्रमिकों के माध्यम से सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है।          दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत रायपुर जिला के 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर, बिलासपुर जिला के 39 हजार 401 भूमिहीन कृषि मजदूर, महसमुंद जिला के 37 हजार 11 भूमिहीन कृषि मजदूर और सबसे कम बीजापुर जिला से 1542 भूमिहीन कृषि मजदूर, कोरिया जिला से 1549 भूमिहीन कृषि मजदूर और नारायणपुर जिला से 1805 भूमिहीन कृषि मजदूरों को मिलेगा लाभ मिलेगा, जिनका ई केवायसी हो चुका है।          मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है। लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।

25 मार्च को CM साय देंगे 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ रुपये की मदद, अंत्योदय का संकल्प

अंत्योदय का संकल्प : करीब 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 22 हजार से अधिक बैगा-गुनिया परिवार होंगे लाभान्वित 'दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना'  के अंतर्गत हितग्राहियों को मिलेगी धनराशि बलौदाबाजार में 25 मार्च को होगा भव्य कार्यक्रम रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के शिल्पकार भूमिहीन कृषि मजदूर अब आर्थिक सुरक्षा के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की 'दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना' न केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम है, बल्कि यह समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन देने का एक महायज्ञ भी है।             इस योजना के तहत इस साल 4 लाख 95 हज़ार 965 भूमिहीन हितग्राहियों के खाते में सीधे 10 हज़ार रुपये की धनराशि प्रत्येक हितग्राही के मान से अंतरित की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इस सूची में 22 हजार 28 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष भी इस योजना के माध्यम से रिकॉर्ड सहायता प्रदान की थी। साल 2025 में कुल 5,62,112 हितग्राहियों को 10,000 रुपये के हिसाब से 562 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये की राशि वितरित की थी। आंकड़ों का यह निरंतर प्रवाह दर्शाता है कि राज्य सरकार भूमिहीन परिवारों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।            25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार की धरती से जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राशि अंतरित करेंगे, तो वह छत्तीसगढ़ के 'न्याय और सुशासन' की गूंज होगी। 'दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना' ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी स्वरूप है। इस वर्ष की लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं। ये वे लोग हैं जो हमारी प्राचीन औषधीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखे हुए हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि 'अंत्योदय' की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।          'दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना' उन ग्रामीण परिवारों के लिए एक वरदान है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत मजदूरी है। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।

लोकसभा में सीटों का विस्तार, महिलाओं को मिलेगा 2029 से रिजर्वेशन, सरकार लाएगी नया संशोधन बिल

नई दिल्ली लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित करने के लिए सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आई थी. यह बिल पारित हो जाने के बावजूद लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू नहीं हो सका है. अब सरकार जल्द से जल्द महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने, यह कानून लागू करने की तैयारी में है।  महिलाओं को आरक्षण देने के लिए सरकार अब संसद में संशोधन विधेयक लाएगी. इस बिल में लोकसभा सीटों के परिसीमन और सीटें बढ़ाने के लिए 2011 की जनगणना को ही आधार मानने का प्रावधान किया जाएगा. यह संशोधन विधेयक पारित होने के बाद नए परिसीमन में लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 816 हो जाएंगी. 816 सदस्यों वाली लोकसभा में 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी।  गौरतलब है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जो संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ था, उसमें यह प्रावधान था कि यह नई जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा. अब सूत्रों का कहना है कि सरकार इस हफ्ते नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम बिल में संशोधन लेकर आएगी. यह संशोधन इसलिए लाया जा रहा है, जिससे 2029 के लोकसभा चुनाव तक महिला आरक्षण लागू किया जा सके।  संविधान संशोधन लाने की भी तैयारी सरकार की तैयारी नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के साथ ही संविधान संशोधन लाने की भी है. यह संविधान संशोधन इसलिए लाया जाएगा, जिससे साल 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा में सीटें बढ़ाई जा सकें और 2029 के आम चुनाव में महिला आरक्षण लागू किया जा सके. साल 2011 की जनगणना के आधार पर 2029 के लोकसभा चुनाव में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 की जा सकती है. इसमें महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित की जा सकती हैं।  गृह मंत्री ने की विपक्ष के नेताओं से बात सरकार ने इसे लेकर विपक्षी दलों के नेताओं से बातचीत भी शुरू कर दी है. गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण बिल में संशोधन को लेकर शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार) जैसे विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बातचीत की है. शुरुआत में गृह मंत्री ने छोटे विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बातचीत की है. कांग्रेस जैसी प्रमुख विपक्षी पार्टी और अन्य बड़े दलों के नेताओं के साथ बातचीत अभी बाकी है। 

11 हवाई पट्टियां निजी हाथों में, सरकार ने शुरू किया जमीन अधिग्रहण

भोपाल  मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए हवाई पट्टियों की संख्या बढ़ाई जा रही है। अभी आठ हवाई अड्डों के अलावा 23 हवाई पट्टियां हैं। यह उपयोग में रहें और बेहतर मेंटेनेंस होता रहे, इसके लिए 11 हवाई पट्टियां निजी संस्थाओं को उपयोग के लिए दी गई हैं। सिवनी, ढाना (सागर), गुना, रतलाम, उज्जैन, बिरवा (बालाघाट), उमरिया, छिंदवाड़ा, मंदसौर, नीमच और शिवपुरी की हवाई पट्टी को उड़ान प्रशिक्षण, अन्य विमानन गतिविधियों के संचालन के लिए निजी संस्थाओं को सौंपा गया है। अधिकारियों के अनुसार शिवपुरी और उज्जैन की हवाई पट्टियों के विकास व विस्तार के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हवाई पट्टियों को क्षेत्रीय हवाई अड्डों के रूप में विकसित किया जा रहा है। नियमित हवाई सेवा के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू इससे नियमित हवाई सेवाएं शुरू की जा सकेंगी। इनके लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है। केंद्र की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (RCS) के तहत 2024-25 में दतिया हवाई पट्टी को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को दिया गया था। दतिया प्रदेश का 8वां एयरपोर्ट। यहां से छोटे विमानों का संचालन शुरू हो चुका है। सरकार की इस पहल का बड़ा असर कहां? सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा असर प्रदेश के पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है। उज्जैन, छिंदवाड़ा, शिवपुरी और सिवनी जैसे शहर पहले से ही धार्मिक, प्राकृतिक और औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। लेकिन सीमित कनेक्टिविटी के कारण इनकी पूरी क्षमता का उपयोग ही नहीं हो पा रहा है। अब सेवाएं शुरू होने से इन क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने और निवेश आने की उम्मीद है।  टूरिज्म को बढ़ावा खासतौर पर उज्जैन, जो महाकाल लोक के कारण देश-दुनिया भर के श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र बन चुका है। वहां हवाई सुविधा बढ़ने से यात्रा और आसान हो जाएगी। इसी तरह शिवपुरी और बालाघाट जैसे क्षेत्र, जो नेशनल पार्क और प्राकृतिक पर्यटन के लिए जाने जाते हैं। वहां भी पर्यटकों की पहुंच बढ़ेगी। स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा इसके अलावा उड़ान प्रशिक्षण और एविएशन की गतिविधियों के शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। पायलट ट्रेनिंग, ग्राउंड स्टाफ, मेंटेनेंस और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। समय पर जमीन अधिग्रहण से विकास तक का काम तो होगा बड़ा फायदा हालांकि इस पूरी योजना में सफलता की कहानी इन हवाई पट्टियों का विकास समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगी। एयरलाइंस कंपनियां इन रूट्स पर नियमित सेवाएं शुरू करें। जमीन अधिग्रहण, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाएं अगर तय समय सीमा में पूरी होती हैं, तो इसका पूरा फायदा प्रदेश को मिलेगा। सरकार का पूरा फोकस फिलहाल छोटे शहरों को बड़े हवाई नेटवर्क से जोड़ने पर है। इससे आने वाले समय में मध्य प्रदेश के उभरते हवाई कनेक्टिविटी हब के रूप में भी सामने आ सकता है।