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सीएम योगी आज गोरखपुर में करेंगे एसटीपीआई केंद्र का उद्घाटन, आईटी-स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा नया बल

सीएम योगी गोरखपुर में आज एसटीपीआई केंद्र का करेंगे उद्घाटन, आईटी-स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा मजबूत आधार पूर्वांचल को मिलेगी टेक्नोलॉजी की नई उड़ान,  रोजगार और निवेश का नया हब बनेगा गोरखपुर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में आईटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देने के लिए गुरुवार को गोरखपुर में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के अत्याधुनिक केंद्र का उद्घाटन करेंगे। लगभग 19.8 करोड़ रुपये की लागत से गीडा क्षेत्र में निर्मित यह केंद्र पूर्वांचल के युवाओं, स्टार्टअप्स और उद्यमियों के लिए बड़े अवसरों का द्वार खोलेगा। 25,000 वर्ग फुट में विकसित यह सुविधा न केवल आईटी उद्योग को गति देगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार सृजन और डिजिटल सशक्तीकरण को भी नई दिशा देगी।  अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस, स्टार्टअप्स को मिलेगा प्लेटफॉर्म गोरखपुर एसटीपीआई केंद्र को प्लग एंड प्ले कार्यक्षेत्र, इन्क्यूबेशन स्पेस और आधुनिक नेटवर्किंग सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां 50 सीटों वाला कार्यक्षेत्र, 6000 वर्ग फुट का रॉ और सेमी-फर्निश्ड इन्क्यूबेशन स्पेस, 54 व्यक्तियों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस रूम और नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह केंद्र स्टार्टअप्स, एमएसएमई और आईटी कंपनियों को अपने विचारों को विकसित करने और बाजार तक पहुंचाने के लिए मजबूत आधार देगा। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक प्रमुख स्वायत्त संस्था है, जिसने देश में आईटी/आईटीईएस निर्यात को बढ़ावा देने, उद्योगों को सक्षम बनाने तथा तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एसटीपीआई, अपने 70 केंद्रों (जिनमें से 62 केंद्र टियर-II/III शहरों में हैं) के माध्यम से आईटी/आईटीईएस एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने हेतु कार्य कर रहा है। पूर्वांचल में नवाचार और रोजगार का नया केंद्र यह केंद्र खासतौर पर पूर्वांचल क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा करेगा। एसटीपीआई के माध्यम से न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए भी तैयार किया जाएगा। यह पहल क्षेत्रीय असंतुलन को कम करते हुए छोटे शहरों को टेक्नोलॉजी हब में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उत्तर प्रदेश में पहले से नोएडा, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा जैसे शहरों में एसटीपीआई केंद्र सक्रिय हैं, जिससे राज्य का आईटी/आईटीईएस निर्यात लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा करीब 48,231 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। गोरखपुर केंद्र के शुरू होने से यह नेटवर्क और मजबूत होगा तथा प्रदेश को देश के प्रमुख आईटी हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।  प्रदेश के आईटी सेक्टर को मिल रहा विस्तार सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया ने उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी और वित्तीय प्रौद्योगिकी आदि क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर नवाचार को नई गति प्रदान की है। लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में स्थापित मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह केंद्र चिकित्सकीय उपकरणों, डिजिटल स्वास्थ्य समाधान और स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा देता है तथा नवउद्यमों को चिकित्सा क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने हेतु एक सशक्त मंच प्रदान करता है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कलेक्टर, कमिश्नर और प्रमुख सचिव को जिम्मेदारी से बचने का कोई रास्ता नहीं

 ग्वालियर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में दीनारपुर जमीनी मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकारी अफसरों की देरी पर सख्त रुख अपनाया। सुनवाई में शासन की ओर से सरकारी वकील एसएस कुशवाहा और प्रतिवादी की ओर से वकील सुदामा प्रसाद चतुर्वेदी मौजूद रहे। कोर्ट को बताया गया कि 18 मार्च के आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के प्रमुख सचिव ने शपथपत्र पेश किया है। इसके साथ ही राजस्व विभाग ने 24 मार्च को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसे सभी कमिश्नर और कलेक्टरों को भेजा गया है। तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी इस सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट के रामकुमार चौधरी केस के आधार पर साफ कहा गया है कि अब किसी भी मामले में अपील समय पर दायर करना जरूरी होगा। अगर इसमें देरी होती है, तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि इस विषय पर पूरी गाइडलाइन तैयार की जा रही है, जिसे दो-तीन दिन में जारी कर दिया जाएगा। अफसर भले ही देर से जागे हों, नियमों का सख्ती से पालन करना होगा इस संबंध में न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया ने कहा कि अफसर भले ही देर से जागे हों, लेकिन अब नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। कोर्ट ने साफ किया कि अब कोई भी अधिकारी चाहे कलेक्टर हो, कमिश्नर या प्रमुख सचिव अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि कई बार अधिकारी जानबूझकर अपील में देरी करते हैं और बाद में कोर्ट के आदेश का सहारा लेकर बचने की कोशिश करते हैं, जो अब नहीं चलेगा। जल्द ही विस्तृत गाइडलाइन कोर्ट में पेश की जाए कोर्ट ने आदेश दिए किए 24 मार्च का सर्कुलर पूरी तरह लागू किया जाए। वहीं राजस्व विभाग इस सर्कुलर को अपनी वेबसाइट पर डाले और जल्द ही विस्तृत गाइडलाइन कोर्ट में पेश की जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई एक अप्रैल को होगी। उस दिन सरकार को नई गाइडलाइन कोर्ट में पेश करनी होगी। 

टीम इंडिया की शान बनेंगी MP की बेटी अनुष्का, CM मोहन यादव और कलेक्टर ने किया स्वागत

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर की रहने वाली 22 वर्षीय क्रिकेटर अनुष्का शर्मा ने अपने करियर में एक बड़ा मौका हासिल किया है। उनका चयन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की आगामी टी-20 सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। उनके चयन ने ना केवल उनके परिवार, बल्कि शहर और प्रदेश के खेलप्रेमियों के बीच भी खुशी का माहौल है। इसी बीच प्रदेश के मुखिया मोहन यादव भी अनुष्का की इस खुशी में शामिल हुए और उन्होंने अपनी ग्वालियर यात्रा के दौरान अनुष्का से मिलकर उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उधर इस बारे में  बात करते हुए क्रिकेटर अनुष्का ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं और मेरे परिवार वाले भी काफी गर्व महसूस कर रहे हैं। साथ ही साथ यह भी मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे मुख्यमंत्री जी से मिलने का मौका मिला। इसलिए इन सभी चीजों को लेकर मैं बहुत खुश हूं। मैंने 14 साल की उम्र में पेशेवर क्रिकेट खेलना शुरू किया था और अबतक WPL और महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स समेत कई टूर्नामेंट्स में हिस्सा लिया है।' कलेक्टर बोलीं- दूसरों के लिए प्रेरणा बनेगी अनुष्का ग्वालियर की जिला कलेक्टर रुचिका चौहान ने भी अंतर्राष्ट्रीय सीरीज के लिए टीम में अनुष्का का चयन होने पर उन्हें बधाई दी और इसे पूरे शहर के लिए बहुत ही गर्व का मौका बताया। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की बेटी का राष्ट्रीय टीम में चुना जाना अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। कलेक्टर ने कहा, 'ग्वालियर की बेटी अनुष्का शर्मा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चुना गया है। हमें आज सुबह यह खुशखबरी मिली और अब वह साउथ अफ्रीका में होने वाली आगामी सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। मेरा मानना ​​है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए देश के लिए खेलने से बड़ा कोई सम्मान नहीं होता। हम उनकी इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं और खिलाड़ी के साथ-साथ उनके परिवार को भी बधाई देते हैं।' ग्वालियर दौरे पर पहुंचे सीएम से मिलवाया आगे उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री मोहन यादव भी यहां के दौरे पर थे और जब हमने उनके संज्ञान में यह बात लाई, तो उन्होंने अनुष्का से मिलने और आने वाली सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उन्हें आशीर्वाद देने की इच्छा जताई। जिसके बाद उन्होंने अनुष्का से मिलकर उसे अपनी ओर से बधाई व आशीर्वाद दिया।' दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज 17 अप्रैल से शुरू होगी और 27 अप्रैल तक चलेगी। अनुष्का ने बताया कि वह जल्द ही इस सीरीज़ के लिए अपनी टीम से जुड़ने के लिए शहर से रवाना होंगी। WPL में रहा था बेहतरीन प्रदर्शन अनुष्का शर्मा ने इस साल महिला प्रीमियर लीग (WPL) में गुजरात जायंट्स (GG) टीम का प्रतिनिधित्व किया था। टूर्नामेंट में वह अपनी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में से एक रहीं। टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने 7 पारियों में 25.28 की औसत से 177 रन बनाए थे, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 129.19 और सर्वश्रेष्ठ स्कोर 44 रहा था। द.अफ्रीका के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए भारतीय टीम के प्रमुख खिलाड़ी- हरमनप्रीत कौर (कप्तान ), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, भारती फुलमाली, उमा छेत्री, अनुष्का शर्मा और ऋचा घोष (विकेटकीपर)।

Punjab University का ग्लोबल कमाल: QS रैंकिंग में 901–950 पायदान पर पहुंची

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने कई विषयों में बेहतर रैंक हासिल करते हुए कुल छह विषयों में अपनी उपस्थिति बनाए रखी है। फिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी विषय में पीयू ने बड़ी छलांग लगाते हुए 501–550 रैंक बैंड से सुधार कर 451–500 बैंड में जगह बनाई है। वहीं हॉस्पिटैलिटी एंड लीजर मैनेजमेंट विषय को 151–175 रैंक बैंड में स्थान मिला है, जो संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इसके अलावा फार्मेसी एंड फार्माकोलॉजी 201–250 रेंज में बरकरार है। बायोलॉजिकल साइंसेज 651–700 और केमिस्ट्री 601–700 बैंड में स्थिर बनी हुई हैं। आईक्यूएसी की डायरेक्टर प्रो. सोनल सिंघल ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के निरंतर शोध कार्य और अकादमिक गुणवत्ता में सुधार का परिणाम है। वहीं, कुलपति प्रो. रेनू विग ने बताया कि ओवरऑल रैंकिंग में भी पीयू ने प्रगति करते हुए 2025 के 1001–1200 बैंड से 2026 में 901–950 बैंड में स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अब शोध और शिक्षण गुणवत्ता को और मजबूत करने पर फोकस कर रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर पहचान और सशक्त होगी।

अधूरे पड़े PM आवास पर कार्रवाई: अब लाभार्थियों से होगी रकम की वसूली

राजनांदगांव. प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के बीएलसी के पात्र हितग्राही जिन्होने किस्त की राषि लेने के उपरांत भी अपने आवास निर्माण कार्य को आगामी स्तर तक नही पहुँचाए है उनपर अब प्रशासन देय राशि वसूलने की कार्यवाही कर रही है. नगर पालिक निगम राजनांदगांव में योजना अंतर्गत बी. एल. सी. के तहत 7956 आवासों की स्वीकृति प्राप्त हुई थी. उस स्वीकृति के विरूद्ध 7778 पूर्ण एवं 178 आवास अलग अलग स्तरो पर बाहर के विभिन्न वार्डो में निर्माणाधीन है. इन्ही निर्माणाधीन आवासो में से 145 आवास पिछले चार वर्शो से अपने निर्माण की गती को आगे नही बढ़ाने के कारण निकाय की प्रगति धूमिल भी हो रही है. राषि लेकर आवास निर्माण कार्य नहीं करने वाले हितग्राहियों पर अब प्रशासन ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने विभागीय प्रक्रिया कराकर आवास निर्माण की गति को आगे नही बढ़ाने वाले हितग्राहियों से राशि वसूलने या निर्माण काम मे गति लाने उन्हे नोटिस जारी कर तहसील कार्यालय में उपस्थित होने 145 हितग्राहियों से कहा गया. जिस पर 17 हितग्राही तहसील कार्यालय में उपस्थित हुए. एसडीएम गौतम चंद पाटिल ने 24 मार्च को अपने कार्यालय में योजना का लाभ लेकर लापरवाही बरतने वाले, शासकीय धन का दुरूपयोग करने वाले 17 हितग्राहियो की विशेष पेशी ली और दो टूक शब्दों में उन्हें चेतावनी दी कि आवास निर्माण कार्य में गति लावे या राशि निगम कोष में जमा करे. यदि राशि अन्य कार्यो में खर्च किया तो कड़ाई से वसूली की जावेगी और संपत्ति की नीलाम की जायेगी. पेशी के दौरान यह बात सामने आई की बहुत से हितग्राहियों ने प्रथम किस्त की राशि प्राप्त तो कर ली, लेकिन अपने आवास निर्माण कार्य को आगे नही बढ़ा कर अन्य निजी कार्यो में खर्च कर दिया. एसडीएम ने इसे शासकीय राशि का दुरूपयोग मानते हुए सख्त निर्देश दिए है कि 10 अप्रैल 2026 तक अगर आवास निर्माण स्तर आगे नहीं बढ़ाते तो इनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करने कि बात पेशी के दौरान संबंधित हितग्राहियो से की गयी. आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि योजना का उद्देष्य निकाय के सभी गरीब जरूरतमंद परिवारो को उनकी स्वमं की पक्का आवास निर्माणा में सहयोग भूमि पर करना है . निकाय स्तर पर 145 ऐसे हितग्राही है जो पिछले 2 से 3 वर्षों से आवास निर्माण कार्य को आगे नही बढ़ा रहे, ऐसे सभी हितग्राहियों को लगातार निकाय स्तर पर समझाइस एंव नोटिस दी गयी पर वे इस पर गंभीर नहीं थे. इस कारण अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से नोटिस प्रदान कर लापरवाही करने वाले हितग्राहियों पर ये कार्यवाही की गयी.

एनएचएम फंड पर उठे सवाल, आरटीआई से मांगा गया पूरा हिसाब-किताब

एनएचएम फंड पर उठे सवाल, आरटीआई से मांगा गया पूरा हिसाब-किताब मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े खर्चों को लेकर पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है। मनेन्द्रगढ़ निवासी दीपक सोनी ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के वित्तीय लेन-देन का पूरा ब्यौरा मांगा है। आवेदक ने अपने आवेदन में वर्ष 2025-26 के दौरान एनएचएम के तहत स्वीकृत कुल राशि, मदवार आवंटन और अब तक हुए खर्च की विस्तृत जानकारी की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है। बताया जा रहा है कि इस आवेदन के जरिए स्वास्थ्य विभाग में हुए फंड के उपयोग और पारदर्शिता पर सीधा सवाल खड़ा किया गया है। यदि जानकारी सामने आती है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी राशि का उपयोग किस प्रकार और किन मदों में किया गया। स्थानीय स्तर पर इस आरटीआई आवेदन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन की वास्तविक स्थिति उजागर हो सकती है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि स्वास्थ्य विभाग निर्धारित समयसीमा में कितनी पारदर्शिता के साथ जानकारी उपलब्ध कराता है।

सरगुजा ओलंपिक में एमसीबी का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 8 स्वर्ण सहित 26 पदकों से गूंजा संभाग

सरगुजा ओलंपिक में एमसीबी का ऐतिहासिक प्रदर्शन  8 स्वर्ण सहित 26 पदकों से गूंजा संभाग मो.कासिम जिला प्रतिनिधि एमसीबी  मनेन्द्रगढ़/एमसीबी संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक में एमसीबी जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। 21 से 23 मार्च तक अंबिकापुर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में जिले ने 8 स्वर्ण, 14 रजत और 4 कांस्य पदक जीतकर कुल 26 पदकों के साथ अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किया गया। आयोजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय पहलवान गीता फोगाट की प्रेरणादायक मौजूदगी ने खिलाड़ियों में नया उत्साह भरा, वहीं समापन समारोह में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर भाइचुंग भूटिया की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गौरवपूर्ण बना दिया। एमसीबी के खिलाड़ियों ने ट्रैक एंड फील्ड, कुश्ती, कराते और कबड्डी सहित विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 100 मीटर दौड़ में टी. होमेश्वर राव ने शानदार गति दिखाई, भाला फेंक में कुमारी अनिता सिंह ने सटीकता का परिचय दिया, ऊंची कूद में आनंद कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जबकि कराते में कुमारी आराधना मार्को और 62 किलोग्राम कुश्ती में सीमा सिंह ने स्वर्ण पदक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया। कबड्डी में भी एमसीबी का दबदबा कायम रहा, जहां जूनियर बालक, जूनियर बालिका और सीनियर बालक वर्ग की टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर टीम वर्क और रणनीति का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। कांस्य पदक विजेताओं में सुरेंद्र सिंह (कराते 67 किग्रा), शनि लुइश (कुश्ती 57 किग्रा), कंचन सिंह (ऊंची कूद) तथा तीरंदाजी में शिवम, मुकेश और चंदन ने उल्लेखनीय प्रदर्शन कर जिले की उपलब्धियों में योगदान दिया। इस ऐतिहासिक सफलता पर कलेक्टर डी. वेंकट राहुल ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं और उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। जिला खेल अधिकारी विनोद जायसवाल ने भी इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह सफलता भविष्य में और बड़े लक्ष्यों की दिशा में प्रेरणा बनेगी। एमसीबी की इस उपलब्धि ने न केवल सरगुजा संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में जिले को एक मजबूत खेल शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया है।

नक्सलियों ने डाले हथियार: कांकेर में 5 उग्रवादी करेंगे आत्मसमर्पण, पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

कांकेर. पापा राव के बाद नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने का दौर थमा नहीं है. आज कांकेर जिले के उइकाटोला के जंगलों से 5 हथियार बन्द नक्सली समर्पण करने निकले है, जो कांकेर एसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण करेंगे. एक SLR, दो 303 रायफल के साथ समर्पण करने निकले 5 ईनामी नक्सलियों में ACM मंगेश, ACM गणेश उइका, ACM राजे, ACM हिड़मे उर्फ जमाली और ACM मंगति शामिल हैं. इन पांचों नक्सलियों के समर्पण के साथ ही कांकेर जिले का मोहला, अवन्धी संयुक्त एरिया कमेटी भी नक्सल मुक्त हो जाएगा. पापाराव ने डाले साथियों के साथ हथियार पापाराव ने अपने साथियों के साथ बीजापुर जिले के कुटरु थाना में अपने हथियार जमा किए. पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं. सभी नक्सलियों ने कुटरु थाना में अपने हथियार जमा किए. इसके बाद उनको बस से जगदलपुर रवाना किया गया है. पापाराव ने बताया कि लगातार नक्सल संगठन के ऊपर दबाव, जंगलों में कठिन जीवन और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया. कौन है पापाराव पापाराव ऊर्फ सुनम चंदरैय्या ऊर्फ मंगू दादा ऊर्फ चंद्रन्ना (56) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का निवासी है. वह DKSZCM यानि दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर है. वह पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य भी है. पापाराव नक्सल संगठन में एक बड़ा नाम है. साल 2010 में हुए ताड़मेटला कांड का मास्टरमाइंड पापाराव को बताया जाता है. पापाराव की नक्सल संगठन की रणनीतिक गतिविधियों और कैडर संचालन में अहम भूमिका रही है. 16.12.2025 बीजापुर पुलिस के सामने 34 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया. इनमें से 26 माओवादियों पर कुल मिलाकर 84 लाख का इनाम घोषित था.सरेंडर करने वालों में 7 महिलाएं भी शामिल थी. 08.12.2025 राजनांदगांव मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के सामने 12 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया.इनमें एक प्रमुख माओवादी नेता रामधर माझी भी शामिल था, जिस पर 1.5 करोड़ का इनाम घोषित था. 26.11.2025 बीजापुर 41 हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया.इनमें से 32 नक्सलियों पर सामूहिक रूप से 1.19 करोड़ का इनाम घोषित था. 25.11.2025 नारायणपुर नई नक्सल पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर दंडकारण्य क्षेत्र के 28 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए सरेंडर नक्सली'दंडकारण्य स्पेशल ज़ोनल कमेटी' (DSZC) के सक्रिय सदस्य थे. 17.10.2025 जगदलपुर 210 नक्सलियों ने हथियार समेत पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. यह अबतक का सबसे बड़ा सरेंडर था.राज्य में 170 नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने के ठीक एक दिन बाद, 210 और नक्सलियों ने आतंक का रास्ता छोड़ा. 15.10.2025 गढ़चिरौली, महाराष्ट्र वामपंथी उग्रवाद को एक बड़ा झटका देते हुए, CPI (माओवादी) पोलित ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव, उर्फ़ सोनू ने, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली पुलिस मुख्यालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में 60 माओवादी कैडरों के साथ सरेंडर कर दिया. 24.07.2025 बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा बीजापुर और दंतेवाड़ा में 2 बड़े सरेंडर हुए. बीजापुर में 25 नक्सिलयों ने हथियार डाले जबकि दंतेवाड़ा में 16 ने सरेंडर किया. कांकेर में 13 नक्सलियों ने हथियार डाल खून खराबे से तौबा कर ली. अबूझमाड़ में 8 और सुकमा में 5 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया. बीजापुर में सरेंडर करने वाले 25 माओवादियों पर 1 करोड़ 15 लाख का इनाम घोषित था.सरेंडर करने वाले नक्सलियों में एक सब-ज़ोनल समिति सदस्य, दो DVCM, दो कंपनी PPCM, बटालियन और कंपनी पार्टी के तीन सदस्य, और ACM स्तर के 8 माओवादी शामिल हैं. 27.06.2025 नारायणपुर माओवाद-विरोधी अभियान के दौरान नारायणपुर में 6 नक्सलियों ने सरेंडर किया. 6.06.2025 दंतेवाड़ा 'लोन वर्राटू'अभियान से प्रभावित होकर 7 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया. 2.06.2025 सुकमा सुरक्षाबलों के सामने 16 हार्डकोर माओवादियों ने सरेंडर किया. सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर 25 लाख का इनाम घोषित था. 27.05.2025 सुकमा नक्सली हिंसा से तंग आकर 18 माओवादियों ने हथियार डाल दिए. सरेंडर करने वालों में 4 पीएलजीए बटालियन के सक्रिय मेंबर भी शामिल हैं. 23.05.2025 बस्तर सुरक्षाबलों के सामने कुल 33 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया, इनमें से 24 नक्सलियों पर कुल 91 लाख का इनाम घोषित था. 13.05.2025 दंतेवाड़ा डीआरजी दफ्तर में 6 हार्डकोर माओवादियों ने सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाले माओवादियों में एक महिला नक्सली भी शामिल है. 8.04.2025 दंतेवाड़ा नक्सली हिंसा और उसकी विचारधारा से परेशान 26 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाले 3 माओवादियों पर इनाम भी घोषित था. 7.04.2025 नारायणपुर 5 इनामी महिला नक्सलियों ने पुलिस के सामने हथियार डाल दिए. सरेंडर नक्सली लंबे समय से छत्तीसगढ़ के बस्तर और अबूझमाड़ इलाकों में सक्रिय रहे. 28.02.2025 बीजापुर बीजापुर में 3 और सुकमा में 7 माओवादियों ने पुलिस के सामने हथियार डाल दिए. सरेंडर माओवादियों पर कुल 32 लाख का इनाम घोषित था. 9.01.2025 बीजापुर बस्तर संभाग के बीजापुर में सुरक्षाबलों के सामने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी के 13 कैडरों ने सरेंडर कर दिया. इनमें से 5 कैडरों के सिर पर कुल 13 लाख का इनाम था.

जब सेवा व संवेदना शासन का हिस्सा बनती हैं, तब बनता है गरीब का मकान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बहराइच में पुनर्वास धनराशि एवं भूमि पट्टों का वितरण किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  जब सेवा व संवेदना शासन का हिस्सा बनती हैं, तब बनता है गरीब का मकान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम ने कहा, पीडीए की बात करने वालों को क्यों याद नहीं आए भरथापुर के यादव, मौर्य, कुशवाहा  सीएम योगी ने 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि पट्टों का किया वितरण  पुनर्वास करने वाले परिवारों के लिए बनेगी बेहतरीन कॉलोनी, नाम होगा भरतपुरः सीएम योगी  बहराइच/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातियों में बांटकर सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने वाली पिछली सरकारों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आज जिन परिवारों का पुनर्वास किया जा रहा है, उनमें दलित, पिछड़े, यादव, मौर्य, कुशवाहा व थारू जनजाति आदि से जुड़े लोग भी हैं। हमने उन्हें जातीय चश्मे से नहीं देखा, क्योंकि वे हमारे लिए परिवार का हिस्सा हैं। उन्हें सुरक्षा के साथ ही शासन की सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए, ताकि वे भी उज्ज्वल भविष्य के सपने बुन सकें और विकास की उड़ान का हिस्सा बन सकें। लेकिन जो लोग सत्ता में आने पर केवल परिवार तक सीमित रह जाते हैं, उन्हें भरथापुर के मौर्य, यादव, दलित व पिछड़ी जातियों के लोग याद नहीं आ रहे थे। मुख्यमंत्री ने बुधवार को बहराइच जनपद की ग्राम पंचायत सेमरहना में आयोजित कार्यक्रम में भरथापुर गांव के 118 लाभार्थियों को 15 लाख रुपये प्रति हितग्राही की दर से पुनर्वास धनराशि एवं कृषि भूमि आदि परिसंपत्तियों के समतुल्य 21.55 करोड़ से अधिक की राशि का अंतरण किया। इसके साथ ही उन्होंने 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि के पट्टों का वितरण भी किया। सीएम ने इस मौके पर महर्षि बालार्क व महाराजा सुहेलदेव को भी याद किया। पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को सालों तक उपेक्षित रखा गया, हम भरथापुर के उन 500 लोगों के पुनर्वास कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं। जो लोग पीडीए की बात करते हैं, उनसे पूछिए कि भरथापुर के लोगों को उनका अधिकार पहले क्यों नहीं मिला। इनके बच्चों को भी सुरक्षित रहने का अधिकार था, लेकिन जाति के नाम पर बांटने वाले लोगों ने आजादी के बाद से देश की जितनी क्षति की है, उसका खामियाजा देश ने लगातार भुगता है। इन लोगों ने जातीय आधार पर न बांटकर देश को एकता के सूत्र में बांधा होता तो प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जैसे आज ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के लिए कार्य हो रहा है और गरीबों-वंचितों के बीच सुविधाएं पहुंच रही हैं, वैसे ही इनका पुनर्वास बहुत पहले हो गया होता। जातीय चश्मे से बांटने वालों ने गरीबों के प्रति अपनी संवेदना नहीं दिखाई। डबल इंजन सरकार लोगों को जातीय चश्मे से नहीं, बल्कि सेवा व संवेदना के चश्मे से देखती है।  सेवा व संवेदना शासन की व्यवस्था का हिस्सा सीएम योगी ने कहा कि जब सेवा व संवेदना व्यवस्था का हिस्सा बनती हैं तो गरीब को आवास, शौचालय, आयुष्मान कार्ड व शासन की अन्य सुविधाएं आसानी से मिलती हैं। हम बहराइच में सेवा व संवेदना के सेतु को जोड़ने आए हैं। उन्होंने प्रदेश में दंगा-उपद्रव कराया, हर जनपद में माफिया पैदा किए, परिवार के लिए खजाने को लूटा और हमने प्रदेश के खजाने को 25 करोड़ जनता के हित, गरीबों के उत्थान, बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार सृजन, बाढ़ जैसी आपदा रोकने और बिजली पर खर्च किया। 2017 के पहले वे बिजली नहीं देते थे, क्योंकि उनके सारे काम-कारनामे अंधेरे में होते थे। गरीबों के हक पर डकैती पड़ती थी। यूपी में भाजपा सरकार आई तो गरीब को उसका हक दिला रही है। आपदा में सेवा, सेवा में संवेदना और संवेदना में समाधान का रास्ता निकाल रही सरकार सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकार समस्या को समस्या बनाए रखने में अपना हित रखती थी। वे समस्या से ही समाज को विभाजित करते थे, फिर उपद्रवियों-दंगाइयों से लोगों को प्रताड़ित कराते थे, संपत्तियों में आगजनी कराते थे। आज सरकार आपदा में सेवा, सेवा में संवेदना और संवेदना में समाधान का रास्ता निकाल रही है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान ही डबल इंजन सरकार का संकल्प है। पुनर्वास के साथ-साथ आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सरकार ने इस गांव को अपने हाथों में लिया है। माताएं, बहनें आत्मनिर्भर बन सकें, पुरुषों को काम मिल सके, हमने इसके लिए भी कार्य किया है।  हां, यह है जनता की सरकार  सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी की प्रेरणा से आज जो कार्य हो रहा है, वह बताता है कि हम जाति, पंथ और संप्रदाय से मुक्त होकर 25 करोड़ लोगों के लिए सामूहिक रूप से सेवा व संवेदना की भावना रखते हैं। आज इस कार्यक्रम में कुछ मांएं मंच पर आकर राहत सामग्री ले रही थीं और कुछ को चेक प्रदान किए जा रहे थे तो वास्तव में लग रहा था कि यह है जनता की सरकार।  सीएम ने बयां की भरथापुर की दुर्दशा सीएम योगी ने कहा कि 2025 में भरथापुर गांव के लोगों की एक नाव सरयू जी की धारा में विलीन हो गई। इस दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हुई। जब प्रशासन से बातचीत की तो पता चला कि जहां दुर्घटना हुई है, वहां गांव से सटे क्षेत्र में मगरमच्छ रहते हैं। यह सुनकर मैं भी कांप गया कि आखिर ये लोग कैसे जंगल के बीच में रहते हैं। मैंने उनकी पीड़ा को महसूस किया। प्रभारी मंत्री, जन प्रतिनिधि व प्रशासनिक टीम के साथ पहुंचा। राहत कार्य तेजी से चला, दर्जन भर लोगों को बचाया गया, लेकिन 9 लोग नहीं बच पाए। मैं स्वयं आकर गांव की स्थिति देखी। सोचा इन लोगों की क्या गलती थी कि इन्हें आज तक सड़क, बिजली, आवास, पक्का मकान, शौचालय की सुविधा नहीं मिली। उन बच्चों की गलती क्या थी, जिन्होंने बचपन में ये सुविधाएं नहीं देखीं। पानी के लिए भी नदी ही सहारा थी। जंगल में हाथी, बाघ, तेंदुआ, सांप और नदी की तरफ से मगरमच्छ का खतरा, उसके बीच में ये 500 लोग रह रहे थे। 2017 के पहले उपद्रव था, 2017 के बाद त्योहारों से पहले उत्सव सीएम ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश को हमने नवनिर्माण की दिशा में … Read more

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप का कड़ा आदेश: ‘जल्द निपटाओ, और भी काम हैं

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह ईरान के साथ जारी युद्ध को लंबा नहीं खींचना चाहते और आने वाले कुछ हफ्तों में इसे खत्म करने की कोशिश में हैं. ट्रंप आने वाले कुछ हफ्तों में इस संघर्ष पर पूर्णविराम लगाना चाहते हैं ताकि वे अपने अन्य घरेलू और राजनीतिक एजेंडों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।  Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का मानना है कि युद्ध अपने अंतिम चरण में है और उन्होंने अपने सहयोगियों को सार्वजनिक रूप से बताए गए 4-6 हफ्तों के टाइमलाइन पर टिके रहने के निर्देश दिए हैं. व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने मई के मध्य में चीनी नेता शी जिनपिंग के साथ बीजिंग में एक शिखर सम्मेलन की योजना बनाई है. उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक के शुरू होने से पहले ईरान युद्ध समाप्त हो जाएगा।  समस्या यह है कि ट्रंप के पास युद्ध समाप्त करने के आसान विकल्प नहीं हैं और शांति वार्ता अभी शुरुआती चरण में है. बाहरी राजनीतिक सहयोगियों के साथ बातचीत के दौरान उनका ध्यान कई बार अन्य मुद्दों पर भी गया, जिनमें आने वाले मध्यावधि चुनाव, हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन एजेंट भेजने का उनका फैसला और मतदाता पात्रता नियमों को कड़ा करने वाले कानून को कांग्रेस से पारित कराने की रणनीतियां शामिल हैं।  एक ओर तो ट्रंप युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ते तलाश रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने मध्यपूर्व में अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दबाव भी बढ़ाया है. मध्यस्थ देशों के जरिए शुरुआती बातचीत शुरू हुई है, लेकिन अभी शांति वार्ता शुरुआती दौर में ही है और कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है।   तेल और रणनीति रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने अपने सलाहकारों के सामने ये बात रखी कि युद्ध खत्म करने के किसी समझौते के तहत अमेरिका को ईरान के तेल तक पहुंच मिल सकती है. हालांकि, इस पर अभी कोई ठोस योजना नहीं बनी है।  ट्रंप जमीनी स्तर पर अमेरिकी सैनिक भेजने के विकल्प को पूरी तरह खारिज नहीं कर रहे हैं, लेकिन इससे युद्ध लंबा खिंच सकता है, जिसे वह टालना चाहते हैं. अब तक लगभग 300 अमेरिकी सैनिक घायल और 13 की मौत हो चुकी है, जो उनकी चिंता का एक बड़ा कारण है.ट्रंप के करीबी सहयोगियों में इस बात को लेकर मतभेद है कि आगे क्या रणनीति होनी चाहिए. कुछ लोग कूटनीतिक समाधान चाहते हैं, जबकि कुछ सख्त सैन्य कार्रवाई और यहां तक कि ईरान में शासन परिवर्तन की बात कर रहे हैं।  अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप ईरान की जमीन पर अमेरिकी सैनिक भेजने का आदेश देने को तैयार हैं, लेकिन ऐसा करने से हिचक रहे हैं क्योंकि इससे युद्ध जल्दी खत्म करने का उनका लक्ष्य प्रभावित हो सकता है. उन्हें चिंता है कि यदि युद्ध जारी रहा तो अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने या घायल होने की संख्या बढ़ सकती है. अब तक लगभग 300 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और 13 की मौत हो चुकी है।  वैश्विक असर और जोखिम यदि जल्द समझौता नहीं होता, तो होर्मुज में रुकावट जारी रह सकती है, जिससे वैश्विक तेल बाजार प्रभावित होगा. वहीं इजरायल और खाड़ी देशों की भूमिका भी इस संघर्ष को और जटिल बना सकती है।  इस युद्ध का असर अमेरिकी राजनीति पर भी दिख रहा है. आगामी चुनावों और बढ़ती महंगाई के बीच ट्रंप पर दबाव है. अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होती जा रही है. हाल ही में फ्लोरिडा की एक महत्वपूर्ण सीट डेमोक्रेट्स के खाते में जाने से हड़कंप मचा है. विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के कारण बढ़ी महंगाई और जीवनयापन की लागत आगामी चुनावों में ट्रंप की पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है।  रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप खुद भी मानते हैं कि युद्ध उनके अन्य एजेंडे से ध्यान भटका रहा है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान समझौते के लिए आगे नहीं बढ़ता, तो अमेरिका पहले से भी ज्यादा कड़ा हमला कर सकता है।