samacharsecretary.com

इस साल आंगनवाड़ी में 5 हजार कार्यकत्रियों व 60 हजार सहायिकाओं की भर्ती का लक्ष्य: सीएम योगी

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित आंगनवाड़ी परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में कहा कि इस वर्ष 5,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और 60,000 से अधिक सहायिकाओं की नियुक्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही 6 वर्ष से छोटे बच्चों की देखभाल करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देने के लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) का लाभ उपलब्ध कराया गया है। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना के तहत 3 लाख से अधिक कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की व्यवस्थाओं पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा, पहले प्रदेश में पोषाहार वितरण पर शराब माफिया का नियंत्रण था। कुपोषित बच्चों व माताओं के हक पर डकैती डाली जाती थी। वर्तमान सरकार ने इस माफिया तंत्र को समाप्त कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को बिना सिफारिश नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं, साथ ही स्मार्टफोन और आधुनिक ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण उपलब्ध कराकर पोषण एवं बाल विकास कार्यक्रमों को डिजिटल और प्रभावी बनाया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के पास स्मार्टफोन न होने से उनके काम का रियल टाइम डाटा नहीं मिल पाता था। डाटा अपलोड ना होने की वजह से हमारी रैंकिंग कम रहती है। लखनऊ की तरह स्मार्टफोन वितरण का कार्यक्रम सभी जनपदों में होना है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका और बड़ी होने वाली है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 3 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए भी आंगनवाड़ी केंद्र में ही प्री-प्राइमरी स्कूल का संचालन होना है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में बेसिक शिक्षा के तहत चलने वाले 27,000 केंद्र भी आंगनवाड़ी को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। एक बच्चे को छह वर्ष की उम्र तक विकसित करने में आंगनवाड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री व सहायिका को यशोदा मैया की उपाधि दी है। यशोदा मैया ने जिस भूमिका का निर्वहन कृष्ण कन्हैया के लिए किया था, वही भूमिका आज के परिप्रेक्ष्य में आपकी है। यह अपने आप में बहुत बड़ा सम्मान है। उस सम्मान की गरिमा की रक्षा करना, उसके अनुरूप देश के भविष्य को गढ़ना, उसको तराशना, आगे बढ़ाना, उसकी नींव को मजबूत करना यह महती जिम्मेदारी आपके ऊपर है। कुपोषण रूपी दुश्मन से लड़ाई में सारथी हैं आप सीएम ने कहा कि अगर नवजात सुपोषित और मां स्वस्थ है, तो भारत का भविष्य सशक्त है। इसी के लिए पिछले 9 वर्ष में डबल इंजन सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। इन तमाम प्रयासों में और बीमारी या कुपोषण रूपी दुश्मन से लड़ाई में आप सभी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकाएं सारथी की भूमिका में रही हैं। इसीलिए सफल परिणाम हमारे सामने हैं।  450 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास मुख्यमंत्री ने कहा कि 137 करोड़ की लागत से आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण होना है। बाल विकास परियोजना के कार्यालय भवनों का शिलान्यास भी किया गया है। 313 करोड़ की लागत से प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों और बाल विकास कार्यालयों का निर्माण हो चुका है, उसका भी आज एक साथ यहीं से उद्घाटन संपन्न हुआ है। यह अभियान सुपोषित-साक्षर-सशक्त भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, आशा व एएनएम ने महामारी से बचाया सीएम योगी ने कहा कि विपत्ति के समय में भी मैंने आंगनवाड़ी, आशा बहनों और एएनएम द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों को नजदीक से देखा है। कोरोना कालखंड में फ्रंटलाइन के रूप में हमारी ये कार्यकत्रियां स्वयं को बचाते हुए दूसरों को भी सुरक्षित रखने का कार्य कर रही थीं। पीएम मोदी की कोरोना प्रबंधन योजना को धरातल पर उतारते हुए ये कार्यकत्रियां स्क्रीनिंग के साथ-साथ आवश्यक सुविधाएं प्रत्येक घर तक पहुंचा रही थीं। परिणाम यह रहा कि इतनी बड़ी आबादी वाले राज्य में कोविड का उत्कृष्ट प्रबंधन संभव हुआ और हमने अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने में सफलता पाई। 1 करोड़ 70 लाख से अधिक बच्चों को स्वास्थ्य स्क्रीनिंग से जोड़ा मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में संभव अभियान के तहत हमने 1 करोड़ 70 लाख से अधिक बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण व स्क्रीनिंग से जोड़ा। डेढ़ लाख बच्चे कुपोषित पाए गए, इनमें 80 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से मुक्त किए जा चुके हैं। बौनापन की दर 48% से घटकर 37% हो गई है। यदि यह डाटा मोबाइल फोन के माध्यम से समय पर अपलोड होता रहेगा, तो राष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तर प्रदेश की स्थिति और बेहतर होगी। फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से प्रतिमाह 1 करोड़ 56 लाख लाभार्थियों को अनुपूरक पोषाहार वितरित कराया जा रहा है। ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य उत्तर प्रदेश है। कुपोषित माताओं के पोषाहार पर काबिज था शराब माफिया मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आज 35 लाख बच्चों को प्रतिदिन प्रोटीन-युक्त, कैलोरी-संतुलित गर्म पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ा है। क्या यह 2017 से पहले संभव था?  नहीं, क्योंकि 2017 से पहले पोषाहार का वितरण कौन करता था?  उत्तर भारत का सबसे बड़ा शराब माफिया जिसे सरकार ने पैसा लेकर ठेका दे रखा था, वही इसका वितरण तय करता था। मैं भौंचक था, जब 2017 में हमारी सरकार बनी, तो मुझे इस बात की जानकारी मिली कि उत्तर भारत का सबसे बड़ा शराब माफिया महिला एवं बाल विकास विभाग में भी घुसा हुआ था। सभी काम शराब माफिया ही करता था। राशन भी वही तय करता था। कहीं पहुंचता था, कहीं नहीं। गुणवत्ता इतनी खराब होती थी कि कोई खाने योग्य स्थिति में नहीं होता था। यही कारण था कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था। बचपन ही कुपोषित हो जाए, तो राज्य को बीमारू होना ही था। यह पाप कौन करता था? ये वही लोग हैं जो जाति के नाम पर समाज को बांटकर समाज की सुरक्षा में सेंध लगाते हैं और कुपोषित बच्चों व माताओं के पोषाहार पर डकैती डालते थे। ये वही लोग हैं जो आज नारेबाजी करके अव्यवस्था पैदा करते हैं। 2017 से … Read more

सड़क पर ओवरटेक को लेकर चली गोलियां, देहरादून में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की दर्दनाक मौत

देहरादून देहरादून में मसूरी रोड पर सोमवार सुबह-सुबह रोडरोज के बाद उपजे विवाद में गोलीकांड की घटना से हड़कंप मच गया। रिटायर्ड आर्मी ब्रिगेडियर वीके जोशी की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। मामले में बताया जा रहा है कि राजपुर रोड पर दो कार सवारों में ओवरटेकिंग को लेकर विवाद हो गया था। जिसके बाद दोनों पक्षों में गोलियां चलनी शुरू हो गई। गोली टहल रहे रिटायर्ड आर्मी अफसर को लग गई। वारदात सुबह 6:50 बजे देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र के जौहरी गांव स्थित तुला अपार्टमेंट के पास हुई। जानकारी के मुताबिक, ब्रिगेडियर वीके जोशी रोज की तरह सुबह टहलने निकले थे, तभी अचानक गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दो गाड़ियों के बीच फायरिंग, चपेट में आए ब्रिगेडियर पुलिस के अनुसार, इलाके में दो वाहनों में सवार लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद फायरिंग में बदल गया। इसी दौरान चली एक गोली ब्रिगेडियर को जा लगी, जिससे उनकी मौके पर ही जान चली गई। एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, “मैं सुबह टहल रहा था, तभी गोली चलने की आवाज सुनी। जब मौके पर पहुंचा तो पता चला कि ब्रिगेडियर को गोली लगी है। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि दो गाड़ियों में सवार लोग आपस में फायरिंग कर रहे थे।” घटना के बाद इलाके में हड़कंप देहरादून के एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। हमलावरों की पहचान करने और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल, इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मसूरी रोड पर दिल्ली नंबर की एक फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो में सवार लोगों के बीच ओवरटेक करने को लेकर कहासुनी हो गई थी। यह मामूली बहस कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार लोगों ने फॉर्च्यूनर का पीछा किया और उसे रोकने के इरादे से उसके टायरों पर गोलियां चलाईं। पेड़ से टकराई कार, फिर भी नहीं रुके हमलावर फायरिंग से बचने की कोशिश में भाग रही फॉर्च्यूनर जोहड़ी गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। हादसे के बाद भी हमलावर नहीं रुके और स्कॉर्पियो में सवार लोगों ने कार में मौजूद लोगों के साथ मारपीट की, साथ ही वाहन को भी नुकसान पहुंचाया। इस हमले में फॉर्च्यूनर में बैठे दो लोग घायल हो गए, जिन्हें उनके साथियों ने अस्पताल पहुंचाया। वारदात के बाद आरोपी फरार, पुलिस अलर्ट घटना को अंजाम देने के बाद स्कॉर्पियो सवार सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे जिले में नाकेबंदी कर दी है और संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: कुश्ती स्पर्धा के तीसरे दिन भी जारी रहा मुकाबले का रोमांच

रायपुर.  खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में आयोजित कुश्ती स्पर्धा के तीसरे दिन भी मुकाबले का रोमांच जारी रहा। खिलाड़ियों ने एक से बढ़कर एक दांवपेंच लगाकर जीत के लिए जोर लगाया। इस दौरान विजेता प्रतिभागियों को पदक प्रदान किया गया। कड़े मुकाबले के बीच विजेता पदक प्राप्त करने वालों में आज महिला सीनियर 53 किलोग्राम में झारखंड की नेहा ओराँव ने गोल्ड, असम की प्रतिमा खाखलरी ने सिलवर, असम की मैनारी खाखलरी एवं मिज़ोरम की लालवेनहीमी ने कांस्य पदक जीता। महिला सीनियर 76 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक की मनीषा जुवाव सिद्दी ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश की मुस्कान ने सिल्वर, मिजोरम की लालहमंगहिसँगी ने कांस्य पदक जीता।   इसी प्रकार पुरुष वर्ग में ग्रीको रोमन सीनियर 60 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक के रोहन एम दोद्दामनी  को गोल्ड, राजस्थान के दिनेश सोलंकी को सिल्वर, मेघालय के झु पा यू झु नोंगतडु ने कांस्य पदक अपने नाम किया। फ्रीस्टाइल 97 किलोग्राम भारवर्ग में जम्मू कश्मीर के हमाम हुसैन ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश के मोहित कुमार ने सिल्वर, जम्मू कश्मीर के मोहम्मद वसीम चौधरी ने कांस्य पदक जीता। ग्रीको रोमन सीनियर में 87 किलोग्राम भारवर्ग में हिमाचल प्रदेश के पीयूष गुज्जर को गोल्ड,जम्मू कश्मीर के रियाज़ हुसैन को सिल्वर एवं हिमाचल प्रदेश के टेकचंद ने कांस्य पदक जीता। फ्रीस्टाइल सीनियर में 65 किलोग्राम भारवर्ग में बिहार के मुलायम खरवार को गोल्ड, राजस्थान के राकेश कुमार मीना को सिल्वर एवं कर्नाटक के कैम्पानगौड़ा वी केम्प्पणवार ने कांस्य पदक जीता।

अग्रवाल महासभा की सक्रिय महिला प्रदेश अध्यक्ष ने पद से दिया इस्तीफा

भोपाल.  मध्य प्रदेश अग्रवाल महिला महासभा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रश्मि अग्रवाल ने आज अपने पद से स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है। यह निर्णय उन्होंने संगठन की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता एवं नियमावली के अनुपालन को लेकर लंबे समय से उत्पन्न हो रही गंभीर चिंताओं के मद्देनज़र लिया है। डॉ. अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि विगत एक वर्ष के दौरान उन्हें महासभा से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण जानकारियाँ अन्य सदस्यों के माध्यम से प्राप्त हुईं, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि संगठन में कई नियुक्तियाँ नियमावली के विरुद्ध की जा रही हैं। साथ ही, समय-समय पर आवश्यक बैठकों का एवं वार्षिक साधारण सभा आयोजन न होना एवं पदाधिकारियों को संगठन की आर्थिक गतिविधियों की जानकारी न दिया जाना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश अग्रवाल महासभा द्वारा वर्ष 2013-14 के पश्चात रजिस्टर फॉर्ब और समिति कार्यालय भोपाल मध्य प्रदेश में धारा 27, 28 एवं 29 से संबंधित आवश्यक अभिलेख एवं सदस्यता सूची प्रस्तुत नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022 एवं 2025 में संपन्न हुए चुनावों की भी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि नियमानुसार यदि कोई संस्था तीन वर्षों तक धारा 27, 28 एवं 29 के अंतर्गत आवश्यक विवरण प्रस्तुत नहीं करती, तो उसे स्वतः निष्क्रिय माना जाता है। इन तथ्यों से वे गहरे रूप से आहत हुई हैं तथा उनकी भावनाओं को ठेस पहुँची है। इन्हीं परिस्थितियों से व्यथित होकर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उनके साथ लगभग 50 पदाधिकारियों ने भी स्वेच्छा से अपने पदों से त्यागपत्र प्रस्तुत किया है। डॉ. अग्रवाल ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में संगठन पारदर्शिता, नियमों के पालन एवं सदस्यों के विश्वास को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करेगा।

मेदिनीनगर और गिरिडीह में निकली भव्य शोभायात्रा जैन समाज ने दिया जियो और जीने दो का संदेश

पलामू झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर और गिरीडीह जिले में जैन समाज ने 24वें तीर्थकंर भगवान महावीर की जयंती को हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया. महावीर जयंती के मौके पर मेदिनीनगर और गिरिडीह में जैन समाज द्वारा शोभा यात्राएं निकाली गईं. शोभायात्रा में जैन समाज के महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए. मेदिनीनगर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई महावीर जयंती मेदिनीनगर में भगवान महावीर ने अनुयायियों ने सुबह में जैन मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना किया. सजे हुए रथ पर भगवान महावीर को विराजमान किया गया. इसके बाद बाजे गाजे के साथ शोभायात्रा शुरू हुआ. मुख्य अतिथि नगर निगम की मेयर अरुणा शंकर ने भगवान महावीर की पूजा आरती करने के बाद शोभा यात्रा रवाना किया. मेयर ने भगवान महावीर के सिद्धांतों को अपनाने की जरूरत बताया. उन्होंने कहा कि उनके बताए रास्ते पर चलने से ही समाज में बेहतर वातावरण तैयार होगा और मानव जीवन का कल्याण होगा. शोभायात्रा जैन मंदिर से निकलकर शहर थाना रोड, गीता भवन, शहीद भगत सिंह चौक, सतार सेठ चौक सहित और निर्धारित रास्तों से होते हुए वापस हुआ. शोभायात्रा के पूरे होने के बाद भगवान महावीर की पूजा आरती की गई. शोभायात्रा के दौरान अनुयायियों ने भगवान महावीर के सिद्धांतों और संदेशों को बताया. कार्यक्रम में वार्ड पार्षद रौशन कुमार, जैन समाज के सरस जैन, सुभाष जैन, मनोज पहाड़िया, सुभाष चंद्र जैन, रोहित जैन सहित काफी संख्या में अनुयायी शामिल रहे. गिरिडीह में गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा गिरिडीह में भी महावीर जयंती के अवसर पर जैन समाज के लोगों ने शोभायात्रा निकाली. बड़ा चौक स्थित दिगंबर जैन मंदिर से शोभायात्रा की शुरुआत हुई. गाजे-बाजे के साथ भगवान महावरी को पालकी पर बैठाकर शोभा यात्रा निकाली. यह शोभा यात्रा शहर के टुंडी रोड, गद्दी मोहल्ला होते हुए वापस जैन मंदिर में समाप्त हुई. शोभा यात्रा के दौरान भगवान महावीर के जयकारे से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा. शोभा यात्रा के दौरान जैन समाज के लोगों ने कहा कि भगवान महावीर ने पृथ्वी पर सभी मनुष्यों को जियो और जीने दो का उपदेश दिया है. उन्होनें कहा कि विश्व कल्याण के लिए 24वें तीर्थकंर भगवान महावीर ने जन्म लिया था. महावीर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाने में विजय सेठी अध्यक्ष ,अशोक पांड्या,अजय सेठी, अजय जैन, धीरज जैन, राजन जैन, राकेश जैन, सरोज सेठी, हेमलता सेठी और अन्य ने भूमिका निभाई.

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026: खेल के साथ पर्यटन का संगम, छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी ने जीता दिल

रायपुर. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के रंग में इस समय पूरा छत्तीसगढ़ सराबोर नजर आ रहा है। खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य भी देशभर से आए खिलाड़ियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। अंडमान-निकोबार से आए वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ियों के लिए सिरपुर और बारनवापारा के भ्रमण ने उनकी छत्तीसगढ़ की यात्रा को और यादगार बना दिया। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने आज खिलाड़ियों को ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का भ्रमण कराया, जहां उन्होंने प्राचीन मंदिरों, बौद्ध विहारों और पुरातात्विक धरोहरों के माध्यम से राज्य के गौरवशाली इतिहास को करीब से जाना। सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत ने खिलाड़ियों को खासा प्रभावित किया और उन्होंने इसकी समृद्ध संस्कृति की सराहना की। बारनवापारा अभयारण्य के भ्रमण और प्रकृति की सुरम्य वादियों ने सभी खिलाड़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। घने जंगल, शांत वातावरण और हरियाली से भरपूर इस क्षेत्र में खिलाड़ियों ने सुकून के पल बिताए। बारनवापारा स्थित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के हरेली इको रिसोर्ट में उन्होंने स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आनंद लिया।  अंडमान-निकोबार के खिलाड़ियों की इस रोमांचक यात्रा का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा बाँबू राफ्टिंग, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्राकृतिक जलधाराओं के बीच रोमांच का अनुभव किया। यह गतिविधि उनके लिए न केवल मनोरंजक रही, बल्कि टीम भावना को भी और मजबूत करने वाली साबित हुई।  छत्तीसगढ़ की आत्मीयता और मेहमाननवाज़ी ने सभी खिलाड़ियों का दिल जीत लिया। अंडमान-निकोबार से आए खिलाड़ियों ने राज्य सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों में शामिल रहेगा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और आतिथ्य की उत्कृष्टता को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहा है। यह आयोजन राज्य की बहुआयामी सकारात्मक छवि को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: संघर्षों की भट्ठी में तपकर सोना बने झारखंड के अंजित मुंडा, कुश्ती में जीता गोल्ड मेडल

रायपुर.  कहते हैं कि यदि इरादे फौलादी हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। झारखंड के रामगढ़ जिले के एक छोटे से गाँव सुगिया के रहने वाले युवा पहलवान अंजित कुमार मुंडा ने इस बात को सच कर दिखाया है। अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' के दौरान अंजित ने 67 किलोग्राम भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। संघर्ष से सफलता तक का सफर मात्र 20 वर्ष की आयु में सफलता के शिखर को छूने वाले अंजित का जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। वर्ष 2009 में पिता के साये के उठ जाने के बाद, उनकी माता ने खेती-बारी और कठिन परिश्रम के बल पर परिवार को संभाला। अंजित ने वर्ष 2017-18 में कुश्ती की शुरुआत की और जेएसएसपीएस स्पोर्ट्स अकादमी में लगभग 6 वर्षों तक कड़ा अभ्यास किया। उनकी शारीरिक क्षमता और तकनीक को देखते हुए प्रशिक्षकों ने उन्हें कुश्ती के लिए तराशा। भारतीय सेना में 'अग्निवीर' के रूप में दे रहे हैं सेवाएं अंजित की खेल प्रतिभा और देश सेवा के जज्बे ने उन्हें भारतीय सेना तक पहुँचाया। पिछले वर्ष ही उनका चयन 'अग्निवीर जीडी' के पद पर हुआ है। अपनी इस सफलता का श्रेय वे अपने कोच को देते हैं। जनजातीय प्रतिभाओं के लिए बड़ा मंच अपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए अंजित मुंडा ने कहा, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स हम जैसे जनजातीय बच्चों के लिए एक उत्कृष्ट मंच है, जो अक्सर मुख्यधारा से पीछे छूट जाते हैं। पहली बार आयोजित इस प्रतियोगिता में गोल्ड जीतना मेरे लिए गर्व की बात है। अब मेरा अगला लक्ष्य छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाली आगामी प्रतियोगिताओं में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।" उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद पूर्व में कांस्य पदक जीतने के कारण छात्रवृत्ति से वंचित रहे अंजित को अब स्वर्ण पदक जीतने के बाद केंद्र सरकार से सहयोग और स्कॉलरशिप मिलने की पूरी उम्मीद है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें। अम्बिकापुर में चल रहे खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स में अंजित की यह उपलब्धि न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के जनजातीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।

योगी सरकार फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों को बनाएगी धुरंधर

लखनऊ.  योगी सरकार उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (यूपीएसआईएफएस) के विद्यार्थियों को फॉरेंसिक की फील्ड में धुरंधर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके लिए योगी सरकार फॉरेंसिक की दिग्गज यूनिवर्सिटी से एमओयू साइन करने जा रही है। यह एमओयू यूपीएसआईएफएस और चार विभिन्न संस्थानों के बीच होगा। इसमें महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गोरखपुर, धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी गांधीनगर, उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) शामिल हैं। इन संस्थानों के साथ सहयोग से यूपीएसआईएफएस के छात्रों को इंटर्नशिप, रिसर्च और प्रैक्टिकल एक्सपोजर के व्यापक अवसर मिलेंगे। इससे जहां एक ओर छात्रों को व्यावहारिक और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ के रूप में तैयार करना है। केजीएमयू में विद्यार्थी मौत की परिस्थितियों और वैज्ञानिक तरीके से हुए विश्लेषण का करेंगे अध्ययन यूपीएसआईएफएस के डायरेक्टर जीके गोस्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फॉरेंसिक साइंस के छात्रों को ‘जॉब रेडी’ बनाना चाहते हैं। अब तक फॉरेंसिक शिक्षा में थ्योरी का दबदबा ज्यादा था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल पर विशेष फोकस है। इसी के तहत सीएम योगी के निर्देश पर यूपीएसआईएफएस चार विभिन्न संस्थानों महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गोरखपुर, धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी गांधीनगर, उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमओयू करने जा रहा है। इन एमओयू के जरिए छात्रों को केस स्टडी, पोस्टमार्टम प्रक्रिया, मेडिकल-लीगल पहलुओं और अपराध अनुसंधान के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का मौका मिलेगा। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के साथ होने वाले समझौते के तहत यूपीएसआईएफएस के छात्र फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में पोस्टमार्टम की बारीकियों को करीब से समझ सकेंगे। इसमें पंचनामा से लेकर पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया का अध्ययन शामिल होगा। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किसी घटना में मौत किन परिस्थितियों में हुई और वैज्ञानिक तरीके से उसका विश्लेषण कैसे किया जाता है। अपराध के पीछे सामाजिक व मनोवैज्ञानिक कारणों को जेल जाकर समझेंगे छात्र यूपीएसआईएफएस के डिप्टी डायरेक्टर चिरंजीव मुखर्जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं के साथ एमओयू से छात्रों को जेलों में जाकर बंदियों के केस स्टडी करने का मौका मिलेगा। छात्र यह जान सकेंगे कि बंदियों के मामलों में जमानत कैसे होती है, जेल का वातावरण कैसा होता है और अपराध के पीछे सामाजिक व मनोवैज्ञानिक कारण क्या होते हैं। यह अनुभव उन्हें अपराध की जड़ों को समझने में मदद करेगा, जो एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोरखपुर के साथ एमओयू से दोनों संस्थानों के छात्रों को इंटरशिप के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही दोनों संस्थानों के फैकल्टी मेंबर दोनों संस्थानों में अपने लेक्चर दे सकेंगे। वहीं आगे चलकर, दोनों संस्थान मिलकर फॉरेंसिक साइंस की एक ज्वाइंट लैब भी स्थापित करेंगे। इस लैब में अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए अनुसंधान और परीक्षण किए जाएंगे। इससे न केवल छात्रों को नई तकनीकों का ज्ञान मिलेगा, बल्कि राज्य में फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत होगा।  फैकल्टी मेंबर एक दूसरे के संस्थानों में देंगे लेक्चर धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी, गांधीनगर के साथ एमओयू से दोनों संस्थानों के बीच छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जाएंगे। यूपीएसआईएफएस के छात्र वहां जाकर इंटर्नशिप कर सकेंगे, जबकि धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी के छात्र लखनऊ आकर फॉरेंसिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इससे राष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान होगा। इस पहल की एक खास बात यह भी है कि केवल छात्र ही नहीं, बल्कि फैकल्टी मेंबर्स भी एक-दूसरे के संस्थानों में जाकर लेक्चर दे सकेंगे। इससे शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को विविध विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा। यह पहल डिजिटल क्राइम, साइबर फ्रॉड और जटिल आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक जांच ही सटीक निष्कर्ष तक पहुंचने का सबसे विश्वसनीय माध्यम होगा।

ग्रेटर फरीदाबाद में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि का प्रस्ताव 19 गांवों की जमीन पर बसेंगे 12 नए सेक्टर

फरीदाबाद स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में जमीनों के दाम अब आसमान छूने की तैयारी में है। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रेटर फरीदाबाद में देखने को मिलेगा। वहां सर्किल रेट (कलेक्टर रेट) 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर रेट की प्रस्तावित दरों को बढ़ाने के साथ ही इन पर आपत्ति एवं सुझाव मांगे गए हैं। ये सुझाव 31 मार्च तक प्रशासन को दिए जाने हैं। एक अप्रैल के बाद नई दरों को लागू किया जा सकता है। इसके साथ ही जिले में 19 गांवों की जमीन पर 12 नए सेक्टर बसाए जाएंगे। जिला राजस्व विभाग की ओर से सरकार को भेजी गई सर्किल रेट की प्रस्तावित दरों के अनुसार, इस बार ग्रेटर फरीदाबाद के क्षेत्रों में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि की संभावना है। नीमका और फरीदपुर जैसे क्षेत्रों में आवासीय दरों में सीधे 75 फीसदी की वृद्धि प्रस्तावित है, जिससे रेट 18,000 रुपये से बढ़कर 31,500 रुपये प्रति वर्ग गज हो जाएंगे। वहीं, पॉश सेक्टर-14 और सेक्टर-21ए में 500 वर्ग गज से बड़े प्लॉटों पर 60 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। सेक्टर-14 में अब रेट 58,000 रुपये से बढ़कर 92,800 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंचने की संभवना हैं। सेक्टर-16 सबसे महंगा होगा रिहायशी क्षेत्रों के अलावा अगर व्यावसायिक निवेश की बात करें तो सेक्टर-16 शहर का सबसे महंगा होगा। यहां 500 वर्ग गज तक के कॉमर्शियल प्लॉट के रेट में 75 फीसदी की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जिससे पुरानी दर 1.21 लाख रुपये से बढ़कर अब करीब 2.11 लाख रुपये प्रति वर्ग गज प्रस्तावित है। हुडा फ्लैट्स और फ्लोर के दाम आसमान पर पहुंचेंगे प्रस्तावित सर्किल रेट के अनुसार, हुडा फ्लैट्स में रहने वालों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। खासकर नीमका गांव के समीप बने हुडा सेक्टर, यहां फ्लैट्स के रेट में 75 फीसदी की भारी बढ़ोतरी प्रस्तावित है। इसी प्रकार बड़खल क्षेत्र में बने फ्लैट्स के विभिन्न तलों पर 30 फीसदी की एकसमान बढ़ोतरी की गई है। हाउसिंग बोर्ड में साधारण फ्लैट्स की दरों में भी 30 फीसदी का वृद्धि संभव है, जो 8190 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ेंगे दाम बड़खल तहसील के कोट गांव में आवासीय दरों में 60 फीसदी की वृद्धि प्रस्तावित है। तिगांव के मिर्जापुर में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के ग्राउंड फ्लोर के रेट 75 प्रतिशत तक बढ़ाकर 14 हजार रुपये प्रति वर्ग फुट कर दिए गए हैं। बल्लभगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाली घनी आबादी वाली कॉलोनियों में भी दरों को बढ़ाया गया है। 19 गांव में काटे जाएंगे 12 सेक्टर जिले में 12 सेक्टर विकसित होने हैं। इनके लिए 19 गांव की करीब 4500 एकड़ जमीन खरीदी जानी है। इनमें सेक्टर-100 कॉमर्शियल सेक्टर होगा। सेक्टर 96ए व 97ए लोगों के लिए हैं। विकास चौधरी, डीआरओ फरीदाबाद, ''प्रस्तावित सर्कल रेट की एक कॉपी सरकार को भेजी गई है और एक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। लोग 31 मार्च को अपने नए सर्किल रेट पर अपने सुझाव व आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद इन्हें लागू कर दिया जाएगा।''

चंडीगढ़ में नर्सिंग कॉलेज चेयरमैन पर आरोप: 8 छात्राओं ने किया कोर्ट में खुलासा

हिसार हरियाणा के हिसार स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज के चेयरमैन को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। चेयरमैन जगदीश गोस्वामी पर छात्राओं के यौन उत्पीड़न और SC/ST एक्ट जैसी धाराओं के तहत FIR हुई थी। गोस्वामी करीब 3 महीने जेल में रहा।  इस मामले में अब कोर्ट का ऑर्डर आने के बाद छात्राओं के लगाए आरोप सामने आए हैं। जिसमें छात्राओं ने कहा- जबरन बाथरूम में फंसाकर उनकी ब्रा स्ट्रैप खींचने की कोशिश की। हॉस्टल में आकर पैर दबाने को कहा। सोते वक्त गुपचुप ढंग से चादर हटा दी। ऐसे ही कई गंभीर आरोप छात्राओं ने लगाए। हालांकि इस मामले में गोस्वामी के वकील ने कहा था कि कई छात्राओं ने एफिडेविट दिया कि सब गलतफहमी में हुआ है। जो अब सुलझ गया है। वहीं कोर्ट ने कहा कि आरोपी पर पहले कोई केस नहीं है। ट्रायल में ही आरोपों की सच्चाई पता चलेगी। जिसमें समय लगेगा। इसलिए उसे जमानत दी जाती है। 27 मार्च को जमानत के बाद अब इसकी केस की कॉपी से छात्राओं के बयान सामने आए हैं। कॉलेज की 8 छात्राओं की चेयरमैन को लेकर शिकायत पढ़ें.. 1. बाथरूम में फंसाया, टी-शर्ट उतारी, बासी रोटी खाने को कहा एक लड़की ने अपने साथ हुई 3 घटनाओं के बारे में बताया। उसने कहा- एक बार जब वह हॉस्टल में अपने कमरे में जा रही थी, तो जगदीश गोस्वामी ने उसे टेबलेट दिखाने के लिए बुलाया और बाथरूम में फंसाकर उसका शारीरिक उत्पीड़न करने का प्रयास किया। उसने उसके कंधे, कमर और ब्रेस्ट को छूने की कोशिश की। उसने उसकी टी-शर्ट उतारने के बाद ब्रा की स्ट्रैप भी खींचने की कोशिश की। इसके बाद उसने लगातार उसे परेशान किया, जिसमें थप्पड़ मारना, बाल खींचना, कान मरोड़ना और अनचाहा स्पर्श शामिल था। दूसरी घटना में लड़की ने बताया कि जगदीश गोस्वामी हॉस्टल आया और उसे दूसरी लड़की के कमरे में बुलाया और उससे अपने पैर दबाने को कहा। जब उसने मना कर दिया, तो उसने कहा, "क्या तुम इतनी बड़ी हो गई हो कि मुझे मना करोगी?" और जबरदस्ती उससे पैर दबवाने की कोशिश की। तीसरी घटना में छात्रा ने कहा कि जब वह खाना लेने हॉस्टल मेस गई, तो उसने उससे पूछा कि उसे क्या चाहिए। उसने जवाब दिया "रोटी"। उसने हॉस्टल मेस से एक बासी रोटी उठाई और कहा- यह लो और जाओ, यही खाने लायक है। 2. गोस्वामी कमरे में आया, चादर हटाई, शॉर्ट्स में थी दूसरी छात्रा का आरोप था कि 20 अप्रैल 2025 को वह अपने रूम में सो रही थी। इसी दौरान जगदीश गोस्वामी उसके कमरे में आया। उसने उसकी कमर से चादर हटाई और कहा, "ओह, मैंने तुम्हारे शरीर को छुआ है, इसे फिर से ढक लो।" उस समय छात्रा ने सनड्रेस और शॉर्ट्स पहने हुए थे। 3. खत्म करने की धमकी दी, सिर पर सेब रखवाया, पीछे से तीर मारा तीसरी छात्रा ने कहा- जब से मैंने स्ट्राइक में हिस्सा लिया, तब से उसे पर्सनली टारगेट किया जा रहा था और उसे धमकी दे रहा था कि “मैं तुम्हें खत्म कर दूंगा।” कॉलेज मैनेजमेंट और चेयरमैन के फीस बढ़ाने के बाद, स्टूडेंट्स का एक ग्रुप अपनी शिकायतों पर बात करने के लिए इकट्ठा हुआ। उसने बातचीत के दौरान एक सवाल उठाया। अगले दिन, जब वह और उसकी क्लासमेट लगभग 11:15 बजे ब्रेक के समय टहल रहे थे, तो चेयरमैन ने उसे बुलाया और अपने घर पर पर्सनली मिलने के लिए कहा। चेयरमैन ने उसे टारगेट प्रैक्टिस के लिए अपने सिर पर एक सेब रखने को कहा। जब उसने अपनी क्लासमेट के सामने मना किया, तो पीछे से उस पर एक तीर चला दिया गया। छात्रा ने कहा- कई बार, उसे बहुत ज्यादा तकलीफ हुई, जिसके बारे में पूरे स्टाफ को पता था। इसके बावजूद, जब उसे आराम की जरूरत थी, तो उसे ऊपर नहीं जाने दिया गया, न ही कोई दवा दी गई। उससे कहा गया कि वह हॉस्पिटल तभी जाएगी, जब उसकी हालत और खराब हो जाएगी और खराब सेहत के बावजूद उसे भर्ती रहना पड़ा। हालांकि, उसने जींद सिविल चार्ज 500 रुपए होने की वजह से हॉस्पिटल जाने से मना कर दिया। छात्रा ने आगे कहा- इंस्पेक्शन के दौरान उससे काम करवाया गया। उस समय, फिसलकर गिरने की वजह से उसके पैर में फ्रैक्चर था और उसके पास PGI खानपुर से इस बारे में एक मेडिकल रिपोर्ट थी। उसे न तो किसी हॉस्पिटल ले जाया गया और न ही कोई मेडिकल सुविधा दी गई। बार-बार घर जाने की शिकायत करने के बावजूद उसे जाने नहीं दिया गया। जब उसका भाई उसे लेने आया, तो उन्होंने झूठा दावा किया कि उन्हें उसकी हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। 4. मेरे भाई को बॉयफ्रेंड कहा, गुंडा भी बताया चौथी छात्रा ने कहा- दिवाली से कुछ दिन पहले मुझे मेरा भाई लेने आया था। हमें खाटू श्याम जाना था। शुरू में स्टाफ ने मुझे जाने से मना कर दिया। जब मैंने विरोध किया तो स्टाफ मेंबर्स ने मेरे भाई के साथ बुरा बर्ताव किया। उन्होंने आगे पूछा कि क्या वह मेरा बॉयफ्रेंड है, जबकि वह हर बार मुझे लेने आता था और मेरी फोटो भी आउटपास पर है। जब मैंने यह बात प्रिंसिपल से कही, तो उन्होंने कहा- तुम्हारा भाई गुंडा है। 5. मेरे चेहरे पर गंदा पानी डाला, घर आने को कहा पांचवीं छात्रा ने कहा- चेयरमैन जगदीश गोस्वामी ने मुझे और मेरी फ्रेंड को नई कार खरीदने के मौके पर मिठाई बांटने के लिए बुलाया। उन्होंने मुझे आगे बुलाया और पूछा, “तुम्हारे हाथ में क्या है?” फिर उन्होंने मेरे चेहरे पर गंदा पानी डाल दिया, जिससे उसके कपड़े गीले हो गए और पूछा, “क्या तुम गुस्से में हो?” मैंने जवाब दिया, “सर, प्लीज अपनी मिठाई रख लो।” वहां जमा हुए सभी लोगों ने कहा कि यह एक मजाक था और उससे अपने कपड़े साफ करने को कहा, यह कहते हुए कि इससे कोई नुकसान नहीं है। चेयरमैन ने दूसरी लड़कियों के साथ भी तीन-चार बार बेइज्जती वाली हरकतें कीं। छात्रा ने आगे बताया- एक दिन, जब वह अपनी क्लासमेट के साथ क्लास जा रही थी, तो चेयरमैन ने उन्हें बुलाया और कहा कि वे अपने सिर पर सेब रखकर खड़ी हों। फिर उन्होंने शीशे … Read more