samacharsecretary.com

विकसित यूपी@2047 के लिए मिले 98 लाख से अधिक सुझाव, अब शीघ्र जारी होगी सेक्टरवार विस्तृत कार्ययोजना

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ की कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह दस्तावेज केवल एक विजन नहीं, बल्कि प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और संरचनात्मक रूपांतरण का स्पष्ट रोडमैप है। उन्होंने निर्देश दिए कि इसे व्यापक और सहभागी बनाते हुए प्रदेशभर से प्राप्त 98 लाख से अधिक जन-सुझावों, विशेषज्ञों, उद्योग संगठनों तथा अन्य हितधारकों के विचारों का विश्लेषण करते हुए समाहित किया जाए और उसी आधार पर सेक्टरवार अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना शीघ्र जारी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट व्यवहारिक, परिणामोन्मुख और समयबद्ध होना चाहिए, जो प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने का ठोस आधार प्रस्तुत करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे केवल सैद्धांतिक दस्तावेज न रखकर सेक्टरवार मिशनों, 2030, 2036 और 2047 के स्पष्ट लक्ष्यों तथा क्रियान्वयन योग्य कार्ययोजनाओं में विभाजित किया जाए। साथ ही सभी विभाग त्रैमासिक एवं वार्षिक लक्ष्यों के अनुरूप विभागवार और अंतर-क्षेत्रीय कार्ययोजना तैयार करें, जिसमें जिम्मेदारियों, अपेक्षित परिणामों और समन्वय की व्यवस्था स्पष्ट रूप से निर्धारित हो। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य स्तर पर तैयार विजन को जिला, शहर और पंचायत स्तर तक प्रभावी रूप से लागू किया जाए। इसके लिए ‘जिला विजन 2047’ तैयार कर स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों के अनुरूप योजनाएं बनाई जाएं। साथ ही प्रमुख परियोजनाओं की सुव्यवस्थित पाइपलाइन तैयार कर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास कार्यों का प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो।  मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश का पूरा ढांचा तीन प्रमुख स्तंभों 'अर्थशक्ति, जनशक्ति और जीवनशक्ति' पर आधारित है, जिन्हें मजबूत करने के लिए कृषि, उद्योग, सेवाएं, बुनियादी ढांचा, सामाजिक क्षेत्र और सुशासन को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाना होगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विजन डॉक्यूमेंट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए रीयल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से नियमित समीक्षा व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि प्रगति की सतत निगरानी हो और आवश्यक सुधार समय पर सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दस्तावेज स्थिर नहीं, बल्कि एक डायनामिक और एक्शन-ओरिएंटेड मार्गदर्शिका होनी चाहिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश ने 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है, जबकि 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर और 2036 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का मध्यवर्ती लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगभग 16 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर आवश्यक आंकी गई है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगभग 356 बिलियन डॉलर के स्तर पर है और भारत की जीडीपी में इसका योगदान करीब 9 प्रतिशत से अधिक है।  मुख्यमंत्री ने सेक्टर आधारित रणनीति पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में संतुलित और उच्च उत्पादकता आधारित विकास सुनिश्चित किया जाए। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्मार्ट कृषि, वैल्यू चेन आधारित मॉडल, निर्यातोन्मुख उत्पादन और डिजिटल प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया जाए। पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने इनके वैज्ञानिक विकास, प्रोसेसिंग और बाजार संपर्क को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।  औद्योगिक विकास के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी आधारित, निर्यातोन्मुख और वैश्विक प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। बैठक में बताया गया कि राज्य के मैन्युफैक्चरिंग GVA में MSME का योगदान लगभग 46 प्रतिशत है तथा निवेश आकर्षित करने के लिए 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू हस्ताक्षरित किए गए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में परियोजनाएं क्रियान्वयन की अवस्था में हैं।  सेवा क्षेत्र और डिजिटल अर्थव्यवस्था को विकास का प्रमुख इंजन बताते हुए मुख्यमंत्री ने आईटी, आईटीईएस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यटन और नवाचार आधारित क्षेत्रों में तेजी से विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को ज्ञान और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और कौशल विकास को प्राथमिकता दी जाए।  बैठक में यह भी बताया गया कि लगभग 24 करोड़ की जनसंख्या के साथ उत्तर प्रदेश देश का एक विशाल उपभोक्ता बाजार है और कार्यशील आयु वर्ग की बड़ी हिस्सेदारी इसे विकास के लिए विशेष अवसर प्रदान करती है। अनुमान है कि 2047 तक शहरीकरण दर 60 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सुशासन, कानून व्यवस्था, डिजिटल सेवाओं और मजबूत आधारभूत ढांचे को इस पूरी कार्ययोजना की रीढ़ बनाया जाए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक कॉरिडोर के माध्यम से कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ किया जाए, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ें। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ एक समग्र परिवर्तन का अभियान है, जिसमें आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक न्याय, समावेशिता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार को समान महत्व दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह विजन प्रदेश की विकास यात्रा का ऐसा प्रभावी दस्तावेज बने, जो उत्तर प्रदेश को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में अग्रणी स्थान दिलाए।

महाकाल के दरबार में अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ: नंदी से की देश की तरक्की की कामना, डिंपल कपाड़िया भी थीं साथ

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर मैं लगातार बॉलीवुड हस्तियां पहुंच रही है. इसी कड़ी में बुधवार को फिल्म स्टार अक्षय कुमार अपनी सास डिंपल कपाड़िया ओर एक्टर टाइगर श्रॉफ के साथ बाबा का आशीर्वाद के दरबार में पहुंचे. तीनों ने बाबा का आशीर्वाद लिया।  मंदिर प्रबंध समिति ने बताया कि बॉलीवुड स्टार अक्षय, सास डिंपल ऐर टाइगर के साथ भस्म आरती के बाद सुबह करीब छह बजे महाकाल मंदिर पहुंचे. यहां तीनों ने बाबा के दर्शन किए. इस दौरान मान्यतानुसार तीनों ने नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना कही. दर्शन के बाद मंदिर के सहायक प्रशासक एसएन सोनी ने उन्हें दुपट्टा उड़ाकर सत्कार किया. तीनों कलाकारों को देखने के लिए श्रद्धालु उत्साहित नजर आए।  देश की तरक्की की कामना दर्शन पश्चात बाद अक्षय ने कहा उन्होंने बाबा महाकाल से परिवार ओर देश के लिए कामना की है. देश हमेशा अव्वल रहे ओर आगे बढ़ता रहे. बता दे अक्षय फिल्म ओएमजी-2 की शूटिंग करने भी महाकाल आए थे।  महाकाल मंदिर में सुरक्षा के लिए CISF की मांग वहीं, श्री महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा के लिए एक बार फिर CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) तैनात करने की मांग की गई है. इसके लिए  सांसद अनिल फिरोजिया ने एक बार फिर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है. इससे पहले सांसद अनिल फिरोजिया और राज्यसभा सदस्य संत उमेशनाथ ने इस मुद्दों को सदन में उठाया है. बीते कुछ दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई मंदिर चर्चाओं में रहा. यहां गार्ड पर एक दंपती (ऑल इंडिया बाइक राइडर) ने अभद्रता करते हुए दर्शन नहीं करने देने का आरोप लगाया था। 

भोजशाला सर्वे रिपोर्ट पर याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हाईकोर्ट सुनेगा आपत्तियां, कल से नियमित सुनवाई शुरू

इंदौर /नई दिल्ली मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. शीर्ष अदालत ने मुस्लिम याचिकाकर्ताओं को फिलहाल  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट वापस भेज दिया और अदालत ने एएसआई (ASI) सर्वे की रिपोर्ट और वीडियोग्राफी पर आपत्तियों को लेकर दायर याचिका पर दखल देने से इनकार करते हुए कहा कि हाईकोर्ट इन सभी पहलुओं पर विचार करेगा. मुस्लिम पक्षकारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के 16 मार्च के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से मना कर दिया, जिसमें 2 अप्रैल से नियमित सुनवाई और स्थल निरीक्षण के निर्देश दिए गए थे. मुस्लिम पक्षकारों का तर्क है कि उन्हें एएसआई की सर्वे रिपोर्ट और वीडियोग्राफी पर अपनी आपत्तियां दर्ज करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट अंतरिम आदेश के तहत अंतिम सुनवाई के समय इन सभी आपत्तियों पर विचार करने के लिए सक्षम है. मुस्लिम पक्ष को सौंपी जाए वीडियोग्राफी की प्रति याचिकाकर्ताओं की पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने अदालत में कहा कि सर्वे के दौरान उनकी आपत्तियों को अनसुना किया गया. उन्होंने मांग की कि मुस्लिम पक्ष को वीडियोग्राफी की प्रति सौंपी जाए, ताकि वो विस्तार से अपनी आपत्ति दर्ज कर सकें. खुर्शीद ने तर्क दिया कि वीडियोग्राफी के वक्त केवल दो लोगों को अनुमति दी गई थी जो हर जगह मौजूद नहीं रह सकते थे. उन्होंने सुनवाई में जल्दबाजी न करने की अपील करते हुए डॉक्यूमेंट्स के अध्ययन के लिए वक्त मांगा. वहीं, पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि हाईकोर्ट ने पहले ही ये सुनिश्चित करने के लिए आदेश पारित किया है कि सभी पक्षों की आपत्तियों पर फैसला लिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एएसआई ने साइट की वीडियोग्राफी की है और अपीलकर्ता ने उस दौरान कुछ आपत्तियां भी उठाई थीं जो रिकॉर्ड में दर्ज हैं. अदालत ने भरोसा जताया कि हाईकोर्ट वीडियो देखने के बाद इन आपत्तियों का निस्तारण करेगा, इसलिए वर्तमान स्तर पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं बनता है.

दूध बेचने से लेकर पहला करियर गोल्ड जीतने तकः जम्मू-कश्मीर के हमाम हुसैन की प्रेरणादायक कहानी

रायपुर     जब जम्मू-कश्मीर के हमाम हुसैन कुश्ती का अभ्यास नहीं कर रहे होते, तो वे अपने बड़े भाई के साथ घर-घर जाकर दूध पहुंचाने का काम करते हैं। जम्मू के जोरावर गांव के रहने वाले 28 वर्षीय हमाम के लिए जिंदगी और खेल हमेशा साथ-साथ चले हैं। पांच साल पहले पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके और उनके बड़े भाई के कंधों पर आ गई। दोनों ने मिलकर दूध बेचकर घर चलाया और इसी के साथ हमाम ने अपने कुश्ती के सपने को जिंदा रखा।         यह संघर्ष आखिरकार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स- 2026 में रंग लाया, जहां हमाम ने पुरुषों के 79 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में हिमाचल प्रदेश के मोहित कुमार को हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह उनके 14 साल के कुश्ती करियर का पहला राष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण पदक है।           हमाम ने साई मीडिया से कहा, “मेरे बड़े भाई भी पहलवान थे और राज्य स्तर पर खेल चुके हैं। पिता के निधन के बाद सारी जिम्मेदारी हम पर आ गई। मेरे भाई को कुश्ती छोड़नी पड़ी और उन्होंने दूध बेचना शुरू कर दिया। मैं भी उनके साथ दूध देने जाता था क्योंकि परिवार चलाना जरूरी था।लेकिन मेरे भाई ने मुझे हमेशा कुश्ती जारी रखने के लिए प्रेरित किया और मुझे दंगलों में लेकर जाते थे।”                     हमाम ने बताया कि उनके पिता की छोड़ी हुई भैंसें ही परिवार की आजीविका का साधन बनीं। एक बच्चे के पिता हमाम ने कहा, “मेरे भाई ने दूध बेचकर घर चलाया और मैं उनकी मदद करता था। लेकिन जब मैंने मिट्टी के अखाड़े में कदम रखा, तो इस खेल से मुझे लगाव हो गया।”            सीमित संसाधनों के बावजूद हमाम ने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। वे अपने गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर मिट्टी के अखाड़े में अभ्यास करते हैं और मैट पर ट्रेनिंग के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर जम्मू तक का सफर तय करते हैं। वह भी अपने काम की जिम्मेदारियों के साथ। उन्होंने कहा, “साई सेंटर जम्मू में है और हम निचले इलाके में रहते हैं, इसलिए वहां नियमित रूप से जाना मुश्किल होता है। हम आमतौर पर प्रतियोगिताओं के दौरान ही वहां जाते हैं, वरना गांव के अखाड़ों में ही अभ्यास करते हैं।”       हमाम आगे कहते हैं, “मेरे पास कोई व्यक्तिगत कोच नहीं है। अखाड़े में सीनियर पहलवान हमें मार्गदर्शन देते हैं। जब हम मैट पर अभ्यास करते हैं, तब वहां कोच होते हैं। गांवों में हमें शहरों जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं। अगर बेहतर सुविधाएं मिलें, तो हमारे क्षेत्र के पहलवान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पदक जीत सकते हैंl हमाम के लिए यह स्वर्ण पदक सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने अंत में कहा, “यहां आकर बहुत अच्छा लगा। यहां की सुविधाएं बहुत अच्छी थीं। हम एक पिछड़े इलाके से आते हैं, जहां कुश्ती के लिए ज्यादा समर्थन नहीं है, इसलिए हमें दूर-दूर तक जाना पड़ता है। यह पहली बार है जब हमारे लिए इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित की गई है। अगर ऐसे और आयोजन होते रहें, तो हम और पदक जीत सकते हैं।”

मुख्यमंत्री का निर्देश, वन ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य हेतु जिला ओटीडी सेल की क्षमता सुदृढ़ की जाए

लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ के लक्ष्य को गति देने के लिए प्रत्येक जनपद में ‘मुख्यमंत्री फेलो’ की तैनाती के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खंडों और आकांक्षी नगर निकाय कार्यक्रम की तर्ज पर जिला स्तर पर आर्थिक विकास को साक्ष्य-आधारित एवं परिणामोन्मुख बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला ओटीडी (वन ट्रिलियन डॉलर) सेल की आर्थिक एवं डेटा विश्लेषण क्षमता को सुदृढ़ किया जाए। इसके लिए प्रत्येक जनपद में दो विशेषज्ञ; एक आर्थिक विकास विशेषज्ञ तथा एक डेटा विश्लेषक को ‘ओटीडी मुख्यमंत्री फेलो’ के रूप में तैनात किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन विशेषज्ञों के माध्यम से स्थानीय संसाधनों, निवेश के अवसरों एवं आर्थिक संभावनाओं का साक्ष्य-आधारित विश्लेषण कराया जाए तथा जनपद-केन्द्रित विकास रणनीतियों के निर्माण में जिला ओटीडी सेल को सशक्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि ओटीडी मुख्यमंत्री फेलो द्वारा जनपद स्तर पर संचालित आर्थिक गतिविधियों की मासिक प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन डैशबोर्ड पर अपलोड की जानी चाहिए। साथ ही प्रमुख सचिव/सचिव स्तर पर त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट एवं प्रस्तुतिकरण सुनिश्चित किया जाए। जनपद की आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के लिए सुझावात्मक रिपोर्ट तैयार कर जिला ओटीडी सेल के संज्ञान में लाई जाए तथा स्थानीय आंकड़ों का विश्लेषण कर विकास की प्रवृत्तियों को नियमित रूप से बैठकों में प्रस्तुत किया जाए। ओटीडी मुख्यमंत्री फेलो के चयन मानदंडों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पदों के लिए उच्च शैक्षणिक योग्यता एवं तकनीकी दक्षता सुनिश्चित की जाए। नियोजन विभाग की ओर से बताया गया कि आर्थिक विकास विशेषज्ञ के लिए अर्थशास्त्र, एप्लाइड इकोनॉमिक्स, इकोनोमेट्रिक्स या फाइनेंस/डेटा साइंस में परास्नातक अथवा एमबीए तथा डेटा विश्लेषक के लिए सांख्यिकी, एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स, इकोनोमेट्रिक्स या बिजनेस एनालिटिक्स/डेटा साइंस में परास्नातक अथवा एमबीए की योग्यता निर्धारित की जा सकती है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल के माध्यम से जिला स्तर पर डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को सुदृढ़ किया जाना चाहिए, जिससे निवेश संवर्धन, रोजगार सृजन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था के समग्र विकास को नई गति मिल सके।

AAP के तीन नेता सस्पेंड, 50 लाख के चेयरमैनी विवाद में जिला प्रधान की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई

अमृतसर आम आदमी पार्टी में चेयरमैनी दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये मांगने के आरोप के बाद पार्टी हाईकमान ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन नेताओं को सस्पेंड कर दिया। यह कदम जिला प्रधान की रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया।  मामला अमृतसर सेंट्रल के ब्लॉक प्रधान रविंदर डाबर से जुड़ा है जिन्होंने हाल ही में चंडीगढ़ स्थित पार्टी दफ्तर के बाहर लाइव होकर आरोप लगाया था कि उनसे चेयरमैनी दिलाने के बदले 50 लाख रुपये की मांग की गई। इस खुलासे के बाद विपक्षी दलों ने सरकार की ईमानदारी पर सवाल उठाए। पार्टी ने अमृतसर गेम्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी नवजोत सिंह ग्रोवर, जिला महासचिव मुखविंदर सिंह विरदी और यूथ विंग के स्टेट उपप्रधान कुनाल धवन को सस्पेंड किया है। वहीं सस्पेंड नेताओं ने कार्रवाई को साजिश बताया। नवजोत ग्रोवर ने कहा कि मामला गंभीर है और मुख्यमंत्री भगवंत मान से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके। 

Vodafone Idea का नया पोस्टपेड प्लान लॉन्च, सिंगल यूजर्स के लिए ₹451 का ‘सुपर पैक’, मिलेगा भरपूर एंटरटेनमेंट

Vodafone Idea ने ₹451 का नया पोस्टपेड प्लान पेश किया है जिसमें सिंगल यूजर्स को 50GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलती है. इस पैक में Sony Liv और JioHotstar में से किसी एक का फ्री सब्सक्रिप्शन चुनने का विकल्प भी दिया गया है. इसे Vi की ऑफिशियल वेबसाइट या स्टोर से खरीदा जा सकता है. Vodafone Idea (Vi) ने अपने पोस्टपेड पोर्टफोलियो में एक ऐसा प्लान शामिल किया है जो खासतौर पर सिंगल यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है. यह पैक डेटा, कॉलिंग और OTT सब्सक्रिप्शन का पूरा फायदा देता है और इसकी कीमत भी किफायती रखी गई है. कीमत और वैधता की बात Vi का यह पोस्टपेड प्लान ₹451 प्रति माह में उपलब्ध है. इसे कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या स्टोर से खरीदा जा सकता है. डेटा और कॉलिंग बेनिफिट्स इस प्लान में यूजर्स को 50GB हाई-स्पीड डेटा मिलता है. इसके साथ ही अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग की सुविधा दी गई है, जिससे किसी भी नेटवर्क पर बिना अतिरिक्त खर्च के कॉल की जा सकती है. OTT सब्सक्रिप्शन इस पैक की खासियत यह है कि इसमें यूजर्स को Sony Liv और JioHotstar में से किसी एक का फ्री सब्सक्रिप्शन चुनने का विकल्प मिलता है. इसके अलावा अन्य डिजिटल बेनिफिट्स भी शामिल हैं. किसके लिए है यह प्लान? यह पैक उन यूजर्स के लिए आदर्श है जो सिंगल कनेक्शन पर ज्यादा डेटा इस्तेमाल करते हैं और OTT प्लैटफॉर्म्स पर कंटेंट देखना पसंद करते हैं. कम कीमत में ज्यादा डेटा और एंटरटेनमेंट चाहने वालों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है.

मुख्यमंत्री से केंद्रीय राज्य मंत्री सु रक्षा खडसे की सौजन्य मुलाकात, खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने पर जोर

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री सु रक्षा निखिल खडसे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर विधायक  पुरन्दर मिश्रा, भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक  मयंक वास्तव एवं खेल विभाग के सचिव  यशवंत कुमार उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सु खडसे का शॉल, बस्तर आर्ट से निर्मित आकर्षक प्रतिकृति तथा बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।      मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, संसाधन और सशक्त मंच उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार खेल एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। इन आयोजनों के जरिए अनेक छिपी हुई प्रतिभाएं सामने आई हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। सरकार द्वारा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके कौशल को और निखारने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी करना प्रदेश के लिए गर्व की बात है और हमारे आदिवासी अंचल के युवाओं में यह नई ऊर्जा का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर आज जब मुख्यधारा से जुड़ रहा है और वहां शांति स्थापित हुई है तो निश्चित ही आने वाले समय में खेलों में युवाओं की भागीदारी और बढ़ेगी।          मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर पंडुम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन में पारंपरिक खेल, गायन, वादन, वेशभूषा एवं व्यंजन सहित 12 विधाओं में लगभग 54 हजार प्रतिभागियों की भागीदारी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और खेल विरासत का सशक्त उदाहरण है।    उल्लेखनीय है कि केंद्रीय राज्य मंत्री सु खडसे ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। जगदलपुर में आयोजित इस आयोजन को उन्होंने आदिवासी सशक्तिकरण, जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज और खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। क्रमांक-08

जयपुर में संदेश नायक और टोंक में टीना डाबी की एंट्री, सीएमओ में भी बड़ा बदलाव, देर रात सरकार का बड़ा एक्शन

जयपुर  राजस्थान सरकार ने मार्च के आखिरी दिन देर रात प्रदेश की नौकरशाही में बड़े बदलाव किए हैं। प्रदेश सरकार ने  देर रात 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इन तबादलों में कई बड़े अधिकारियों के नाम शामिल है। कई महत्वपूर्ण पदों पर अधिकारियों को बदल गया है। जयपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर जितेंद्र कुमार सोनी को अब सचिव मुख्यमंत्री और शासन सचिव, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। हाल ही में जितेंद्र कुमार सोनी को साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।  वहीं मुख्यमंत्री के विशिष्ठ सचिव संदेश नायक को अब जयपुर कलेक्टर के अहम पद पर लगाया गया है। सीएमओ में इसके अलावा भी कई अहम बदलाव किए गए हैं। सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा को सीएमओ में विशिष्ठ सचिव लगाया है। वहीं आईएएस टीना डाबी की छोटी बहन रिया डाबी को भी सीएमओ में सीएम का ओएसडी लगाया गया है। टीना डाबी को टोंक जिला कलेक्टर बनाया गया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. जोगाराम को पंचायतीराज के साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और राजन विशाल को जल जीवन मिशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अरविंद कुमार पोसवाल को राजस्थान आवासन मंडल का आयुक्त बनाया गया है। पिछले दिनों आईपीएस अधिकारियों के तबादले की सूची आई थी। इसके बाद से ही प्रदेश में आईएएस अधिकारियों के तबादले की सूची का इंतजार था।  26 जिलों में बदले गए कलेक्टर जयपुर में संदेश नायक, टोंक में टीना डाबी, उदयपुर में गौरव अग्रवाल, बीकानेर में निशांत जैन, करौली में अक्षय गोदारा, जोधपुर में आलोक रंजन, जैसलमेर में अनुपमा जोरवाल, चिनमयी गोपाल को बाड़मेर, शुभम चौधरी को प्रतापगढ़, आशीष मोदी को सीकर, अंकित कुमार सिंह को फलौदी, बाल मुकुंद असावा को बारां, अमित यादव की श्रीगंगानगर, मंजू को चित्तौड़गढ़, रविन्द्र गोस्वामी को पाली, रोहिताश्व सिंह तोमर को सिरोही, हरफूल सिंह यादव को बूंदी, अवधेश मीणा को डीडवाना कुचामन, देवेंद्र कुमार को नागौर, सौम्या झा को दौसा, अतुल प्रकाश को खैरथल तिजारा, मुहम्मद जुनैद पी पी को सलूंबर, देशल दान को डूंगरपुर, मयंक मनीष को डीग, अपर्णा गुप्ता को करौली बहरोड़ में जिला कलेक्टर लगाया गया है।

दलाई लामा ने की अपील: मिडिल ईस्ट, रूस और यूक्रेन में शांति हो

धर्मशाला   बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने मिडिल ईस्ट के साथ-साथ रूस और यूक्रेन में भी शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा से समस्या का समाधान नहीं निकलता संवाद से मामले सुलझाए जा सकते हैं। दलाई लामा के आधिकारिक एक्स अकाउंट से ये खत साझा किया गया है, जिसमें 90 साल के धार्मिक गुरु ने पोप लियो चौदहवें की शांति अपील का समर्थन किया है। सर्वोच्च तिब्बती धर्म गुरु ने कहा, "मैं दिल से होली फादर पोप लियो की पाम संडे के दिन की गई शांति अपील का समर्थन करता हूं। हथियार डालने और हिंसा छोड़ने की उनकी गुजारिश मेरे दिल को छू गई, क्योंकि यह सभी बड़े धर्मों की शिक्षाओं का सार बताती है। सभी धर्म के सार को आगे समझाते हुए उन्होंने कहा कि असल में, चाहे हम ईसाई धर्म, बौद्ध धर्म, इस्लाम, हिंदू धर्म, यहूदी धर्म या दुनिया की किसी भी महान आध्यात्मिक परंपरा को देखें, संदेश असल में एक ही है: प्यार, दया, सहनशीलता और आत्म-संयम। इनमें से किसी में भी हिंसा को कोई जगह नहीं दी गई है। इतिहास ने हमें बार-बार दिखाया है कि हिंसा से सिर्फ और ज्यादा हिंसा ही पैदा होती है और यह कभी भी शांति की पक्की नींव नहीं होती। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने आगे कहा, "मिडिल ईस्ट या रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का समाधान संवाद, कूटनीति और आपसी सम्मान पर आधारित होना चाहिए—इस समझ के साथ कि, हम सब भाई-बहन हैं (मानव परिवार का हिस्सा हैं)। शांति अपील करते हुए उन्होंने अंत में कहा, "मैं अनुरोध करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि हिंसा और संघर्ष पर जल्द ही विराम लगाया जाए।" बता दें कि वेटिकन में पाम संडे मास के दौरान पोप लियो चौदहवें ने ईरान संघर्ष तुरंत खत्म करने की अपील करते हुए बाइबल को कोट किया था। उन्होंने बाइबल के एक अंश का हवाला देते हुए कहा, "यीशु उन लोगों की प्रार्थनाएं नहीं सुनते जो युद्ध छेड़ते हैं, बल्कि उन्हें अस्वीकार कर देते हैं, यह कहते हुए कि 'भले ही तुम कितनी भी प्रार्थनाएं करो, मैं नहीं सुनूंगा: तुम्हारे हाथ खून से सने हैं।'