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वी विन कंपनी के कर्मचारियों की मांगों पर यूपीडेस्को ने की त्वरित कार्रवाई

वी विन कंपनी के कर्मचारियों की मांगों पर यूपीडेस्को की कार्रवाई एजेंसी को भेजा नोटिस, वेतन व अन्य सुविधाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश लखनऊ  वी विन प्रा. लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों की मांगों पर उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेसन लिमिटेड (यूपीडेस्को) ने तत्काल कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए यूपीडेस्को की एमडी नेहा जैन द्वारा कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यूपीडेस्को ने कर्मचारियों का वेतन एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश भी दिए हैं। नोटिस में एजेंसी से स्पष्ट कहा गया है कि सीएम हेल्पलाइन 1076 एक अत्यंत महत्वपूर्ण जनसेवा परियोजना है, जिसमें किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं है। इसके संचालन में किसी भी प्रकार की चूक गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। यूपीडेस्को ने एजेंसी को निर्देशित किया है कि वह तत्काल कर्मचारियों का वेतन व अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करे और हेल्पलाइन की सेवाओं को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करे। इस संबंध में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी से पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। “इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। इस संबंध में कॉल सेंटर एजेंसी वी विन प्रा. लिमिटेड को भेजे गए नोटिस में यूपीडेस्को ने सीएम हेल्पलाइन 1076 के कर्मचारियों को निर्धारित वेतन व अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर एजेंसी के खिलाफ आवश्यक कठोर कार्रवाई की जाएगी।” –    नेहा जैन, एमडी, यूपीडेस्को

वाराणसी में आज से शुरू होगा ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य, दर्शकों का इंतजार खत्म

वाराणसी में आज से प्रारंभ होगा 'सम्राट विक्रमादित्य' महानाट्य  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय संस्कृति-पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ धर्म व अध्यात्म की नगरी काशी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा मंचन, बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी  शनिवार को बाबा विश्वनाथ व काशी कोतवाल काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे मुख्यमंत्री वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे। सीएम योगी, केंद्रीय पर्यटन-संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बीएलडब्ल्यू में सम्राट विक्रमादित्य  की जीवनी पर आधारित महानाट्य का शुभारंभ करेंगे। 3 से 5 अप्रैल तक मंचन वाले इस महानाट्य का उद्देश्य देश के गौरवशाली इतिहास, विक्रम संवत की वैज्ञानिकता और उस युग के अनुपम योगदान से जनमानस को परिचित कराना है। बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगी वैदिक घड़ी  भारतीय काल गणना की समृद्ध विरासत को पुनर्जीवित करने के इस प्रयास के अंतर्गत वाराणसी में सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को वैदिक घड़ी समर्पित की जाएगी। इस घड़ी की विशेषता न केवल इसकी पारंपरिक गणना पद्धति है, बल्कि इसका डिजिटल विस्तार भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम करीब 5.30 बजे वाराणसी पहुंचेंगे। शाम करीब 7 बजे वह बीएलडब्ल्यू ग्राउंड पर इस महानाट्य को देखेंगे। इसके आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 4 अप्रैल (शनिवार) की सुबह काशी कोतवाल बाबा कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे।  3 से 5 अप्रैल तक होगा मंचन  वाराणसी के बीएलडब्ल्यू मैदान में 3 से 5 अप्रैल तक भारत के स्वाभिमान और विकास की गाथा का भव्य उत्सव मनाया जाएगा। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य' का ऐतिहासिक मंचन किया जाएगा। आयोजन स्थल पर विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियां भी लगाई जा रही हैं। सम्राट विक्रमादित्य आधारित महानाट्य की प्रस्तुति लगभग 1.45 घंटे की होगी। मंच पर 175 से अधिक कलाकार और सहयोगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्यमंत्री का बयान: आकाशवाणी समाज को जोड़ने और भारत की आस्था का सम्मान करने का सबसे प्रभावी माध्यम

समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का माध्यम बना था आकाशवाणीः मुख्यमंत्री आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को किया सम्मानित  अनेक आंदोलनों का भी साक्षी रहा है आकाशवाणीः सीएम योगी  सीएम ने सुनाए स्कूल के किस्से, कहा- हमें बताया जाता था कि भाषा शुद्ध करनी हो तो आकाशवाणी सुनें लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ आकाशवाणी की 88 वर्ष की यात्रा को शानदार बताया है। उन्होंने कहा कि हमारे बचपन में स्मार्टफोन-टेलीविजन नहीं थे। लैंडलाइन फोन भी एकाध ही थे, उस समय सबसे पहली आवाज आकाशवाणी की सुनी थी। सुबह आकाशवाणी का कार्यक्रम भरत चले चित्रकूट धुन से प्रारंभ होता था। हम लोगों ने बचपन में सुना और देखा कि आकाशवाणी समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का माध्यम बना। समाचार पत्रों की हेडलाइंस भी अलग-अलग समय में चलने वाले बुलेटिनों के माध्यम से पता चलती थी। उसमें भाषा की शुद्धता, समाचार की गुणवत्ता और सच्चाई भी झलकती थी। कहीं भी पीत पत्रकारिता नजर नहीं आती थी। जो जैसा है, वैसा प्रस्तुत करने का साहस था।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को भी सम्मानित किया। इस दौरान आकाशवाणी लखनऊ की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। विभिन्न बोलियों के जरिये लोगों को जोड़ने का माध्यम बना आकाशवाणी  सीएम योगी ने कहा कि उस समय आकाशवाणी के मुख्य केंद्र लखनऊ के साथ ही नजीमाबाद और गोरखपुर केंद्र से समाचार सुनने को मिलते थे। आकाशवाणी ने हिंदी की उप भाषाओं तथा भोजपुरी, अवधी, गढ़वाली, कुमाऊंनी समेत अलग-अलग बोलियों के जरिये स्थानीय लोगों को जोड़ने का एक माध्यम बनाया। आकाशवाणी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ज्ञानवर्धन, आस्था का सम्मान व स्थानीय लोकभाषाओं-लोककलाओं के लिए सशक्त मंच भी था।  जहां कोई नहीं पहुंच पाता था, वहां पहुंचता था आकाशवाणी सीएम योगी ने कहा कि गांव हो या शहर, जहां पहले कोई नहीं पहुंच पाता था, वहां आकाशवाणी पहुंच जाता था। 1924 में कांग्रेस के अधिवेशन में मो. अली जौहर ने वंदे मातरम का विऱोध किया था। 1937 में कांग्रेस ने तय किया कि इसके पहले दो छंद गाए जाने चाहिए। 1938 से आकाशवाणी लखनऊ में वंदे मातरम का गायन हो रहा है। आकाशवाणी देश की आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाने का मंच भी बना था। इसके साथ ही कला-साहित्य, कृषि, युवा, हस्तशिल्प समेत अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी विभूतियों के लिए व्यापक शोध किए जाते थे। उनकी बोली के अनुरूप कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते थे। किसान रेडियो पर ‘किसान दर्शन’ कार्यक्रम सुनते थे। प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ की भी चर्चा सीएम योगी ने कहा कि आज हम लोग आकाशवाणी पर प्रधानमंत्री जी के ‘मन की बात’ सुनते हैं। यह कार्यक्रम 3 अक्टूबर 2014 से प्रारंभ हुआ। अब तक इसके 132 एपिसोड हो चुके हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में क्या विशिष्ट हो रहा है। विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने और समाज के लिए हम क्या विशिष्ट योगदान दे सकते हैं। इन सभी को ध्यान में रखकर पीएम मोदी के ‘मन की बात’ में देश प्रथम का भाव प्रदर्शित होता है। देश के लिए योगदान करने वाले लोगों की सराहना, उनकी उपलब्धियों के बारे में प्रधानमंत्री के मुख से सुनना बड़ा सम्मान है। पीएम मोदी हर बार ‘मन की बात’ में पांच-सात दृष्टांत प्रस्तुत करते हैं, जो हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। जनविश्वास का सशक्त माध्यम बना था आकाशवाणी  सीएम योगी ने कहा कि जब स्मार्टफोन, टेलीविजन, लैंडलाइन फोन की इतनी व्यवस्था नहीं थी,  तब देश-दुनिया को जानने का माध्यम आकाशवाणी ही था। जहां सड़क-पगडंडी भी नहीं थी, वहां आकाशवाणी पहुंच चुका था। इसके कार्यक्रम लोगों को प्रेरित करते थे। आकाशवाणी ने लोकवाद्यों को भी प्रोत्साहित किया। जिन्होंने सड़क नहीं देखी, वे लोग भी अपने लोकवाद्य के साथ आकाशवाणी जाकर उसका वादन करते थे, तब देश को इन वाद्यों के बारे में जानकारी मिल पाती थी। आकाशवाणी किसानों, खिलाड़ियों के लिए प्लेटफॉर्म बना। आज हमारे पास जानकारी लेने के अनेक साधन हैं, लेकिन उस समय ऐसा कुछ भी नहीं था। हमने आकाशवाणी को आवाज से आगे बढ़कर जनविश्वास के प्रतीक के रूप में पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ते देखा है। योगी ने विश्वास जताया- नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा आकाशवाणी  सीएम ने इसके वर्तमान स्वरूप पर भी अपनी बातें रखीं। कहा कि 88 वर्ष पश्चात यह चिंतन की आवश्यकता है कि समय के अनुरूप हम अपने आप को कितना तैयार कर पाए हैं और आज के अनुरूप कार्यक्रम को कैसे और लोकप्रिय-प्रभावी बना सकते हैं। सीएम ने आकाशवाणी के सीईओ से आज के परिप्रेक्ष्य में आकाशवाणी की भूमिका पर जोर दिया और विश्वास जताया कि आकाशवाणी साहित्यकारों, कलाकारों, युवाओं, किसानों, हस्तशिल्पियों समेत समाज के अलग-अलग तबके के लोगों के साथ ही पुराने लोगों के बारे में नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा।  भाषा को शुद्ध करना हो तो आकाशवाणी सुनें  सीएम ने अपने स्कूल के समय को भी याद किया और कहा कि उस समय हम लोगों में आपस में आकाशवाणी के कार्यक्रमों की भी चर्चा होती थी। स्कूलों में बताया जाता था कि आकाशवाणी में यह कार्यक्रम आ रहा है। भाषा को शुद्ध करना हो तो आकाशवाणी सुनें, क्योंकि उद्घोषक के चयनित शब्दों से सीखने-जानने की अभिलाषा होती थी। सीएम योगी ने पं. गोविंद वल्लभ पंत को भी किया याद सीएम योगी ने पं. गोविंद वल्लभ पंत को भी याद किया और कहा कि 2 अप्रैल 1938 को उन्होंने इस केंद्र का शुभारंभ किया। वह 1937 में यूपी के प्रीमियर बने थे। यह पद मुख्यमंत्री के समकक्ष होता था। 1950 में जब संविधान लागू हुआ, उसके बाद से मुख्यमंत्री का पद प्रारंभ हुआ। मेरा सौभाग्य है कि 88 वर्ष की शानदार यात्रा के समारोह में पद्म पुरस्कार से सम्मानित होने वाली यूपी की विभूतियों और आकाशवाणी के कार्यक्रमों में प्रस्तुतियां या संवर्धन देने वाले विभूतियों को सम्मानित करने का अवसर मिल रहा है।  अनेक आंदोलनों का साक्षी रहा है आकाशवाणी … Read more

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान: जौनपुर ने लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जीती बाजी

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जौनपुर ने मारी बाजी    वित्तीय वर्ष 2025-26 में पौने चार लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन     पिछले एक साल प्रदेश भर के एक लाख 45 हजार से अधिक युवाओं को वितरित किया गया लोन     प्रदेश के युवाओं के सपनों को पंख दे रहा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर की इकॉनमी बनाने की दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठा रहे हैं। इसी के तहत प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश भर में पौने चार लाख से अधिक आवेदन आए, जबकि योगी सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 1.5 लाख ऋण वितरण का लक्ष्य रखा था। आंकड़ों से साफ है कि सीएम युवा योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वह इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बाजी मारी है, जबकि दूसरे स्थान पर आजमगढ़ व तीसरे स्थान पर हरदोई है।    पौने चार लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन  योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर नहीं दे रही, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला मजबूत उद्यमी बनने के लिए सक्षम बना रही है। इसी का असर है कि प्रदेश के युवा अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। इसी कड़ी में सीएम युवा योजना प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.5 लाख लक्ष्य के सापेक्ष पूरे प्रदेश से 3,86,092 युवाओं ने लोन के लिए आवेदन किया। इनमें 3,30,441 आवेदनों को बैंक को अग्रसारित किया गया। 1,45,454 आवेदनों को बैंक ने लोन देने पर स्वीकृति दी। अब तक 1,38,304 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है।     जौनपुर में सबसे अधिक 4,092 युवाओं को लोन वितरित सीएम युवा योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जिले में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से संपर्क कर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को अभियान के तहत 2,700 युवाओं को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष 9,785 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 8,406 आवेदन बैंकों को भेजे गए। इनमें 4,092 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष 151.56 प्रतिशत ऋण वितरण किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जौनपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। पूरे वित्तीय वर्ष जौनपुर की स्थिति पहले स्थान पर बनी रही। आजमगढ़ में ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप का आयोजन कर युवाओं को दिया जा रहा योजना का लाभ  आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिले के अधिक से अधिक युवाओं को सीएम युवा योजना का लाभ देने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। योजना का लाभ देने में अप्रैल 2025 से पहले जिला 25वें स्थान पर था। अप्रैल के बाद योजना का लाभ हर जरूरतमंद युवा तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर लगातार वर्कशाप आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बैंकर्स और आवेदकों को आमने-सामने बैठाकर काउंसिलिंग करायी जा रही है। यही वजह है कि पिछले कई माह से आजमगढ़ योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आजमगढ़ को योजना के तहत 2,700 ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 8,871 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 7,751 आवेदनों को बैंक भेजा गया, जिसमें 4,049 को लोन वितरित किया जा चुका है। इस तरह लक्ष्य की तुलना में 149.96 प्रतिशत सफलता हासिल कर आजमगढ़ पूरे राज्य में दूसरे स्थान पर रहा है।  झांसी, लखीमपुर-खीरी, अंबेडकरनगर, बहराइच, चित्रकूट और बलिया का भी शानदार प्रदर्शन  हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चला कर सीएम युवा योजना का लाभ दिया जा रहा है। हर माह बैंकों से साथ बैठक की जा रही है, ताकि आवेदकों की किसी भी समस्या को तत्काल दुरुस्त किया जा सके। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में हरदोई ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। हरदोई को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,900 ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 11,977 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 9,701 आवेदनों को बैंक भेजा गया, जिसमें 3,226 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा झांसी ने चौथा और लखीमपुर खीरी ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। योजना का लाभ देने में अंबेडकर नगर, बहराइच, चित्रकूट और बलिया का भी प्रदर्शन शानदार रहा।

मालदा हिंसा के प्रमुख आरोपी को बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार, भागने की थी योजना

कोलकाता पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक में हुई हालिया हिंसा और तनाव के मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. बंगाल पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम के मास्टरमाइंड माने जा रहे अधिवक्ता और एआईएमआईएम (AIMIM) नेता मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी उस समय हुई जब इस्लाम बागडोगरा एयरपोर्ट से राज्य छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था।  पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोफक्करुल इस्लाम के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद से ही उसकी तलाश जारी थी. खुफिया जानकारी मिली थी कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाला है. पुलिस की एक विशेष टीम ने जाल बिछाकर उसे टर्मिनल के पास से धर दबोचा।  इस्लाम पेशे से वकील है, जिसे कानून की अच्छी समझ है, फिर भी वह पुलिस की नजरों से बच नहीं सका. मोफक्करुल इस्लाम का राजनीतिक प्रोफाइल काफी सक्रिय रहा है।  वह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का एक प्रमुख चेहरा है. उसने साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उत्तर दिनाजपुर जिले की इटाहार (Itahar) सीट से AIMIM के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था. जांच में सामने आया है कि पिछले दिनों सुजापुर और कालियाचक के आसपास हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व भी इस्लाम ही कर रहा था।  पुलिस-प्रशासन को दी थी चुनौती हाल ही में सामने आए एक वीडियो में इस्लाम बेहद आक्रामक तेवर में जिले के आला अधिकारियों को ललकारता नजर आ रहा है. वीडियो में उसे कैमरे के सामने चिल्लाते हुए सुना जा सकता है, 'ओए डीएम , एसपी .. सीआईडी कहां हो? आईबी कहां है? तुम सब कहां हो? यहां आओ…" प्रशासन के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी और भीड़ को उकसाने के बाद से ही वह पुलिस के राडार पर था।  पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस्लाम की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है. आरोप है कि सुजापुर में हुए विरोध प्रदर्शनों को सुनियोजित तरीके से उसी ने लीड किया था. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हिंसा के पीछे कोई गहरी साजिश थी या यह अचानक भड़का हुआ आक्रोश था. फिलहाल वह पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। 

सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने की शिष्टाचार भेंट निवेश, स्किल डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग बढ़ाने पर सहमति मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा का असर, वैश्विक निवेशकों में यूपी को लेकर बढ़ा विश्वास: साइमन वोंग सिंगापुर का बड़ा औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल जल्द करेगा उत्तर प्रदेश का दौरा ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ यूपी बना निवेश का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से सिंगापुर गणराज्य के भारत में उच्चायुक्त साइमन वोंग ने गुरुवार को शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों पक्षों के बीच उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के मध्य निवेश, कौशल विकास, आधारभूत संरचना तथा सांस्कृतिक सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा हुई। उच्चायुक्त वोंग ने गत फरवरी माह में मुख्यमंत्री जी की सिंगापुर यात्रा को अत्यंत सफल बताते हुए कहा कि इस दौरे ने न केवल सिंगापुर, बल्कि आस-पास के देशों के औद्योगिक जगत में भी उत्तर प्रदेश के प्रति सकारात्मक और भरोसेमंद संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक समुदाय उत्तर प्रदेश को एक नए अवसर और संभावनाओं के केंद्र के रूप में देख रहा है, जो भारत-सिंगापुर संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उच्चायुक्त ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में प्रदेश में कानून-व्यवस्था, आधारभूत संरचना एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों की प्रशंसा की। उन्होंने उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश में कार्यरत सिंगापुर की कंपनियों ने यहां के निवेश वातावरण को अनुकूल बताया है और अपने निवेश के विस्तार की दिशा में सक्रिय रूप से योजनाएं बना रही हैं। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि आगामी महीनों में सिंगापुर के औद्योगिक जगत का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश का दौरा करेगा, जो राज्य में निवेश के विविध अवसरों का अवलोकन करते हुए बड़े निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सिंगापुर द्वारा प्रदेश के युवाओं के लिए कौशल विकास (स्किलिंग) के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सांस्कृतिक सहयोग के संदर्भ में कुशीनगर, सारनाथ जैसे बौद्ध पर्यटन स्थलों की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए दोनों पक्षों ने पर्यटन क्षेत्र में संभावनाओं को आकार देने पर सहमति व्यक्त की। इससे प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ झांसी, वाराणसी सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे उत्तर प्रदेश के संतुलित एवं समावेशी विकास को और गति मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ देश की सबसे तीव्र गति से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी एवं उद्योग-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। बेहतर कानून-व्यवस्था, आधुनिक आधारभूत संरचना, सुदृढ़ कनेक्टिविटी तथा कुशल मानव संसाधन उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए सर्वोत्तम गंतव्य बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क तथा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब निवेशकों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।  मुख्यमंत्री जी ने सिंगापुर को एक विश्वस्तरीय आर्थिक एवं तकनीकी साझेदार बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश, शहरी विकास, लॉजिस्टिक्स, स्किल डेवलपमेंट तथा पर्यटन के क्षेत्रों में सिंगापुर के साथ दीर्घकालिक और परिणामोन्मुखी सहयोग के लिए तत्पर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी प्रतिनिधिमंडल का दौरा दोनों पक्षों के बीच निवेश एवं साझेदारी के नए आयाम स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि सिंगापुर की तकनीकी दक्षता और उत्तर प्रदेश की विशाल संभावनाओं का समन्वय दोनों पक्षों के लिए पारस्परिक लाभ का मार्ग प्रशस्त करेगा और यह साझेदारी सतत विकास, नवाचार एवं रोजगार सृजन के नए मानक स्थापित करेगी।

KKR की हार का कारण बने दो बड़े ब्लंडर्स, रन ‘चोरी’ का लालच पड़ा भारी

 कोलकाता  क्या कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) अपनी गलती से सनराइजर्स हैदराबाद (SRH)  के ख‍िलाफ 2 मार्च को हारी? क्या उसे बिना वजह का र‍िस्क लेना भारी पड़ा, अगर वो 2 रन आउट नहीं होते तो शायद स्कोरकार्ड में र‍िजल्ट कुछ और होता… कुल म‍िलाकर वो दो ब्लंडर ही कोलकाता के लिए भारी पड़े और अंतत: उसे मैच हारना पड़ा।  कोलकाता के 25.20 करोड़ी बल्लेबाज कैमरन ग्रीन रन आउट हुए और अंगकृष रघुवंशी भी रन आउट हुए, खास बात यह रही कि एक मौके पर रघुवंशी रनआउट होते ही भी बचे थे. जब रघुवंशी बचे तो उस मौके पर कैमरन आउट होकर वापस लौटे. हालांकि इस पर खूब बवाल भी हुआ, पर न‍ियमत: कैमरन ग्रीन ही आउट थे, और इस बारे में आकाश चोपड़ा ने भी भी व‍िस्तार से समझाया।  कैमरन ग्रीन छठे ओवर में तीसरे विकेट के रूप में 2 रन बनाकर आउट हुए, उस समय कोलकाता का स्कोर 74/3 हुआ. वहीं अंगकृष रघुवंशी जब आउट हुए तो टीम का स्कोर 120/4 हो गया और यह 11वें ओवर की बात थी. कोलकाता की टीम 227 रनों का टारगेट चेज कर रही थी. लेकिन वो 4 ओवर पहले ही 161 रन पर 16 ओवर्स में स‍िमट गई।  सोच‍िए अगर कोलकाता के ये दो रन आउट नहीं होते और टीम ने पूरे ओवर खेले होते तो नतीजा उनके खाते में जा सकता था।  तेज शुरुआत के बाद भी ढह गई KKR, रनआउट ने पलट दिया पूरा मैच KKR की पारी में दो अलग-अलग अंदाज साफ दिखे, लेकिन अंत में नतीजा एक ही रहा, करारी हार. अज‍िंक्य रहाणे जहां 10 गेंदों पर सिर्फ 8 रन बनाकर धीमे नजर आए, वहीं फ‍िन एलन ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए।  एलन ने महज 7 गेंदों में 28 रन ठोक दिए. उनकी हर स्कोरिंग शॉट बाउंड्री थी, चाहे चौका हो या छक्का. हालांकि, पारी की 9वीं गेंद पर उनका विकेट गिर गया. इसके बाद अंगकृष रघुवंशी ने मोर्चा संभाला और उसी आक्रामक अंदाज को जारी रखा।  जब SRH ने अभ‍िषेक शर्मा की पार्ट-टाइम स्पिन का इस्तेमाल किया, तो रघुवंशी ने लगातार दो छक्के जड़ दिए. KKR ने महज 20 गेंदों में 50 रन पूरे कर लिए, जो टीम की तेज शुरुआत को दर्शाता है।  तेज शुरुआत के बावजूद KKR की पारी का टर्निंग पॉइंट पावरप्ले की आखिरी गेंद पर आया. रघुवंशी ने एक गैर-जरूरी रन के लिए कॉल किया, जिससे कैमरन रनआउट हो गए. इस समय तक टीम 74 रन बना चुकी थी, लेकिन तीन विकेट गिरने से दबाव बन गया।  रघुवंशी ने अपनी पारी के दौरान बाउंड्री लगाना जारी रखा, लेकिन अपनी फिफ्टी के बाद वह भी रनआउट हो गए. इस बार र‍िंकू स‍िंह के साथ उनका तालमेल फ‍िट नहीं बैठा और वो रन आउट हो गए. हालांकि जिस गेंद पर रघुवंशी रन आउट हुए, वो कहीं से भी रन नहीं था क्योंकि गेंद फील्डर के हाथ में थी, खुद र‍िंंकू भी रघुवंशी से इस बात पर नाराज द‍िखे।  KKR की पूरी पारी में सिर्फ एक ही अहम साझेदारी हुई, वो भी 46 रन की. यही टीम की हार की सबसे बड़ी वजह बनी. र‍िंकू सिंह ने 35 रन की उपयोगी पारी जरूर खेली, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे. अंत में नीतीश कुमार रेड्डी ने रिंकू का विकेट लेकर KKR की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया. टीम 20 ओवर भी पूरे नहीं खेल पाई और 4 ओवर पहले ही 161 रन पर सिमट गई।  हेड-अभिषेक की आग, क्लासेन का तूफान  इससे पहले SRH ने 226/8 का विशाल स्कोर खड़ा किया और मैच 65 रन से अपने नाम कर लिया. यह इस सीजन में SRH की पहली जीत भी रही. पारी की शुरुआत धमाकेदार रही, जब ओपनर्स ने सिर्फ 5.2 ओवर में 82 रन जोड़ दिए. दोनों बल्लेबाजों ने 21-21 गेंदों में 40-40 रन बनाकर KKR के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया.अभ‍िषेक ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा. उन्होंने सिर्फ 13 गेंदों में 33 रन बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 253 से ज्यादा रहा।  हालांकि, बीच में SRH की पारी थोड़ी लड़खड़ाई, जब टीम ने 6 गेंदों में 7 रन पर 3 विकेट गंवा दिए. लेकिन इसके बाद हेनर‍िक क्लासेन ने मोर्चा संभाला और 35 गेंदों में 52 रन की शानदार पारी खेलकर स्कोर को फिर से पटरी पर ला दिया।  आखिरी ओवर्स में नीतीश कुमार रेड्डी ने 24 गेंदों में 39 रन की उपयोगी पारी खेली, जिससे टीम 200 के पार पहुंचने में सफल रही. फ‍िर निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी अहम बाउंड्री लगाकर स्कोर को 226 तक पहुंचाया। 

उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम: 250 मदरसों को स्कूल में बदला जाएगा

देहरादून  उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड भंग किए जाने पर विवाद बढ़ गया है। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि मदरसों पर बेवजह आरोप लगाना गलत है। उन्होंने कहा कि मदरसा बोर्ड को खत्म करना एक ऐतिहासिक गलती है।  मौलाना ने दावा किया कि मदरसों से जुड़े करीब 55 हजार उलमा और छात्र अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हुए। 1857 से लेकर 1947 तक और उसके बाद भी मदरसों के उलमा देश की एकता के लिए खड़े रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी बिना इतिहास पढ़े ‘जिहाद की शिक्षा’ की बात कर रहे हैं, जो असंवैधानिक और अनैतिक है। उनके मुताबिक संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को शिक्षण संस्थाओं में सुधार की बात करनी चाहिए, न कि उन्हें बदनाम करना चाहिए। मौलाना ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार ने 250 मदरसों पर ताले लगा दिए और 125 सूफी मजारों पर बुलडोजर चलाया। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम उत्तर प्रदेश में भी नहीं उठाया गया और राज्य सरकार इस्लामी धार्मिक शिक्षा खत्म करने पर उतारू है। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य में विभाजनकारी सोच को रोकने के लिए मदरसा बोर्ड समाप्त किया गया है। उनका कहना था कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को भी वही पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा, जो शिक्षा बोर्ड तय करता है, ताकि वे देश और समाज की प्रगति में योगदान दे सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 1 जुलाई 2026 से इन संस्थानों में समान पाठ्यक्रम लागू होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर ‘जिहादी’ सोच पनप रही थी, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी। सरकार ने 250 से ज्यादा अवैध मदरसों पर भी कार्रवाई की, क्योंकि उनके रिकॉर्ड और पढ़ाई का विवरण स्पष्ट नहीं था।  

योगी सरकार का बड़ा कदम: बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर-खीरी में बसाया

सीएम योगी के निर्देश पर बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर-खीरी में बसाया गया जीविकोपार्जन के लिए तीन तहसीलों के चार गांवों में दी गई जमीन प्रधानमंत्री आवास, किसान सम्मान निधि समेत कई योजनाओं का मिल रहा लाभ लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर खीरी जिले की अलग-अलग तहसीलों के गांवों में बसाया गया है। इनमें धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 97 परिवार, मोहम्मदी तहसील के ग्राम मोहनपुर ग्रन्ट में 41 और मियांपुर गांव में सर्वाधिक 156 परिवारों को बसाया गया है। इसके अलावा गोला तहसील के गांव ग्रन्ट नंबर-3 में 37 परिवारों को बसाया गया है। इन परिवारों का पुनर्वास वर्षों पहले किया गया था और अब ये यहीं स्थायी रूप से रह रहे हैं। खेती के लिए दी गई जमीन इन विस्थापित परिवारों को बसाने के साथ ही उन्हें खेती के लिए जमीन भी आवंटित की गई। गोला तहसील के ग्रन्ट नंबर-3 में बसे 37 परिवारों को प्रति परिवार औसतन 3 एकड़ कृषि भूमि दी गई है। धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 60 परिवारों को प्रति परिवार औसतन 1.620 हेक्टेयर और 37 परिवारों को प्रति परिवार करीब 0.607 हेक्टेयर जमीन मिली है। मोहम्मदी तहसील के मोहनपुर ग्रन्ट में 15 परिवारों को प्रति परिवार 3 एकड़, 9 परिवारों को प्रति परिवार 7 एकड़ और 17 परिवारों को प्रति परिवार 5 एकड़ कृषि भूमि का पट्टा दिया गया है। वहीं मियांपुर गांव में बसे 156 परिवारों को प्रति परिवार करीब 4.75 एकड़ जमीन दी गई है, जिससे वे खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ, कई सुविधाएं पहुंचीं गांव तक प्रशासन का कहना है कि इन परिवारों को केवल जमीन ही नहीं दी गई, बल्कि सरकार की कई योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया जा रहा है। पात्रता के आधार पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन, सुकन्या समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा राशन वितरण, टीकाकरण, मनरेगा, मिड-डे मील, समग्र शिक्षा योजना, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए इन गांवों में बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी, दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश पहुंचे 331 हिंदू परिवारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनपद लखीमपुर की 3 तहसीलों में बसाया गया है। इन परिवारों को न सिर्फ कृषि योग्य जमीन आवंटित की गई, बल्कि राज्य व केंद्र सरकार की सभी जन-कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया है।

बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी होंगे शामिल

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे समापन समारोह के मुख्य अतिथि बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी होंगे शामिल उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव करेंगे समापन समारोह की अध्यक्षता रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 3 अप्रैल को शाम 5 बजे इसका आयोजन किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में इसमें शामिल होंगे। राज्य के तीन शहरों रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में विगत 25 मार्च से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इसमें देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 2000 जनजातीय खिलाड़ियों एवं अधिकारियों ने हिस्सेदारी की।   उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन के सभी मंत्रीगण, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष भी विशिष्ट अतिथि के रूप में समापन समारोह में शामिल होंगे।