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मल्लखंभ में दिखा कौशल और संतुलन, ट्राइबल गेम्स में शानदार अंत

रायपुर छत्तीसगढ़ की टीम ने मल्लखंभ में लहराया परचम, बालक-बालिका दोनों वर्गों में बने चौंपियन खेलो इंडिया ट्राईबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित डेमो खेल मल्लखंभ प्रतियोगिता का शानदार समापन शुक्रवार को हुआ। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने रोप मल्लखंभ, पोल मल्लखंभ, हैंगिंग मल्लखंभ, पिरामिड मल्लखंभ में एक से बढ़कर एक करतब दिखाए। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर वहां मौजूद दर्शकों द्वारा तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। प्रतियोगिता के बाद विजेता टीम घोषित किया गया। आज हुई प्रतिस्पर्धा में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ विजेता घोषित की गई।  विजेता टीमों को शनिवार को आयोजित मेडल सेरेमनी में मेडल प्रदान किया जाएगा। ये रहे चौंपियन             मल्लखंभ प्रतियोगिता में देश के 14 राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। राज्यों की टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर जीत के लिए दमखम लगाया।  छत्तीसगढ़ की टीम ने बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। बालक वर्ग में छत्तीसगढ़ की टीम ने 124.35 अंक के साथ गोल्ड, महाराष्ट्र की टीम ने 118.35 अंक के साथ सिल्वर एवं झारखण्ड की टीम ने 86.95 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।  वहीं बलिका वर्ग में छत्तीसगढ़ की टीम ने 80.15 अंक के साथ गोल्ड, महाराष्ट्र की टीम ने 69.90 अंक के सिल्वर एवं झारखण्ड की टीम ने 49.80 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच दावा, ईरान ने गिराया अमेरिकी फाइटर जेट—पायलट का अब तक सुराग नहीं

विदेश  ईरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने अमेरिका के दो फाइटर जेट मार गिराए हैं। एक एफ-35 और एफ-15 को मार गिराने का दावा किया गया। इस बीच, अमेरिका ने भी स्वीकार किया है कि उसका फाइटर जेट ईरान द्वारा मार गिराया गया है, जिससे पायलट लापता हो गया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्'स को बताया कि ईरान के ऊपर एक अमेरिकी फाइटर जेट को गिराया गया और किसी भी जीवित बचे व्यक्ति की तलाश और बचाव अभियान जारी है। वॉल स्ट्रीट जर्नल और एक्सियोस ने बताया कि अमेरिकी सेना द्वारा एक खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध का आदेश देने के बाद, ईरान के भीतर किसी विमान के नष्ट होने की यह पहली ज्ञात घटना है। वहीं, ईरान ने भी अमेरिकी पायलट को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। ईरान ने इसके लिए अपने सैनिकों को तैनात किया है और इनाम की भी घोषणा की है। ईरान व अमेरिका के बीच यह युद्ध एक महीने से भी ज्यादा समय से जारी है। 28 फरवरी को इजरायल व अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला किया था, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके जवाब में हुई जवाबी कार्रवाई ने इस संघर्ष को पूरे मध्य पूर्व में फैला दिया, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई और दुनिया भर में लाखों लोग प्रभावित हुए। 'पायलट को जिंदा पकड़ते हैं तो मिलेगा इनाम' ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने कहा, "सैन्य बलों ने उस अमेरिकी लड़ाकू पायलट को खोजने के लिए एक तलाशी अभियान शुरू किया है, जिसे आज पहले निशाना बनाया गया था।" एक ईरानी टेलीविजन रिपोर्टर ने आधिकारिक स्थानीय चैनल पर कहा, “कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के प्यारे और सम्मानित लोगों, यदि आप दुश्मन पायलट या पायलटों को जिंदा पकड़कर पुलिस और सैन्य बलों के हवाले करते हैं, तो आपको एक कीमती इनाम और बोनस दिया जाएगा।” पूरे युद्ध के दौरान, ईरान ने दुश्मन विमानों को मार गिराने के बारे में कई दावे किए, जो बाद में सच साबित नहीं हुए। शुक्रवार को पहली बार ऐसा हुआ जब ईरान ने टेलीविज़न पर आकर जनता से एक संदिग्ध पायलट को खोजने की अपील की। इस बीच, ईरान ने शुक्रवार को समूचे पश्चिम एशिया में कई ठिकानों पर हमले किए, जिससे कुवैत में समुद्री पानी को पेयजल में बदलने वाला एक विलवणीकरण संयंत्र क्षतिग्रस्त हो गया और एक रिफाइनरी में आग लग गई। वहीं, अमेरिका और इजरायल ने हवाई हमले कर तेहरान को निशाना बनाया। इस युद्ध को शुरू हुए लगभग पांच सप्ताह हो गए हैं।

राजेन्द्र भारती के मामले में विधि सम्मत कार्रवाई: मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मीडिया से चर्चा में कहा कि दतिया से निर्वाचित विधायक राजेन्द्र भारती को माननीय विशेष जिला न्यायालय, नई दिल्ली ने तीन वर्ष के कारावास एवं 1 लाख रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। इस आदेश के उपरांत माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 10 जुलाई, 2013 के आदेश का पालन करते हुए राजेन्द्र भारती की सदस्यता 2 अप्रैल, 2026 से शून्य कर दी गई है। इस आदेश का पालन करते हुए विधानसभा सचिवालय ने एक स्थान रिक्त होने का गजट नोटिफिकेशन जारी किया है।लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 (3) का प्रावधान है कि यदि किसी व्यक्ति का दोषसिद्ध होने पर दो वर्ष या उससे अधिक की कारावास की सजा दी जाती है, तो वह दोषसिद्धि की तिथि से ही अयोग्य हो जाता है। राजेंद्र भारती के मामले में 3 वर्ष की सजा होने से यह प्रावधान पूरी तरह लागू होता है तथा विधायक की सीट स्वतः रिक्त हो जाती है। अत: यह कार्रवाई विधि सम्मत हुई है। यह पहला मामला नहीं है जब यह कार्रवाई हुई है। पूर्व में भी श्रीमती आशा रानी सिंह की सदस्यता उन्हें 10 वर्ष की सज़ा होने पर इसी आधार समाप्त की गई थी। 2019 में प्रह्लाद लोधी की भी सदस्यता इसी प्रकार 2 वर्ष की सज़ा होने पर समाप्त की गई थी फिर वह हाई कोर्ट से स्थग्न ले आये थे तो उनकी सदस्यता बहाल की गई थी। एक प्रश्न के जवाब में तोमर ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सदैव दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर कार्य किया है।  विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा गुरुवार रात दिल्ली से लौटे थे। वे गुरुवार रात को आवश्यक शासकीय कार्य करने के लिए सचिवालय आए थे। साथ में उनका स्टाफ भी था। रविवार 5 अप्रैल को विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष माननीय यज्ञदत्त शर्मा जी की जयंती समारोपूर्वक मनाई जाना है। शुक्रवार 3 अप्रैल को गुड फ्राडडे तथा 4 अप्रैल को शनिवार का अवकाश है। इस कारण सचिवालय 5 अप्रैल के आयोजन की तैयारी कर रहा था।  तोमर ने कहा कि अदालत के आदेश का पालन किया गया है। आगे भी न्यायालय जैसा निर्णय देगा हम वैसा पालन करेंगे।

मेरठ: बारात का इंतजार और फिर पसरा सन्नाटा, प्रेमी दूल्हे ने ऐन वक्त पर दिया धोखा; सदमे में परिवार

मेरठ मेहंदी से सजे हाथ, दुल्हन का जोड़ा, घर में सजी रोशनी और दरवाजे पर बारात के स्वागत की तैयारियां… सब कुछ वैसा ही था जैसा हर शादी में होता है. फर्क बस इतना था कि इस घर में बारात पहुंची ही नहीं. मेरठ के श्याम नगर में एक ऐसी ही शादी अधूरी रह गई, जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया. श्याम नगर की रहने वाली लड़की अपने निकाह के लिए पूरी तरह तैयार थी. हाथों में दूल्हे के नाम की मेहंदी सजी थी और आंखों में नए जीवन के सपने. घर में रिश्तेदार जुट चुके थे, मेहमानों के लिए इंतजाम किए जा चुके थे और हर कोई बारात के आने का इंतजार कर रहा था. रात को दूल्हे आरिफ को बारात लेकर पहुंचना था, लेकिन समय बीतता गया और बारात नहीं आई. पहले लोगों को लगा कि शायद रास्ते में देरी हो गई होगी, लेकिन धीरे-धीरे चिंता बढ़ने लगी. जब काफी देर तक बारात नहीं पहुंची, तो दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे को फोन करना शुरू किया. लेकिन फोन स्विच ऑफ.  घर में मौजूद लोग एक-दूसरे से सवाल पूछ रहे थे, लेकिन किसी के पास जवाब नहीं था. इंतजार का हर मिनट भारी होता जा रहा था. दूल्हे के घर पहुंचा परिवार, मिला ताला  दुल्हन पक्ष के कुछ लोग सीधे दूल्हे के घर पहुंच गए. लेकिन वहां का नजारा और भी चौंकाने वाला था. घर पर ताला लटका हुआ था. इससे साफ हो गया कि कुछ गड़बड़ है. दूल्हा और उसका परिवार बिना किसी सूचना के गायब हो चुका था. दुल्हन के परिजनों के मुताबिक, शादी के लिए 250 से 300 लोगों का इंतजाम किया गया था. खाने-पीने से लेकर सजावट तक हर चीज पर खास ध्यान दिया गया था. लेकिन बारात के न आने से सारी तैयारियां एक झटके में बेकार हो गईं. घर में खुशी का माहौल अचानक गम में बदल गया. मेहमान भी हैरान थे और परिवार के लोग सदमे में. पिता की हालत बिगड़ी, परिवार पर टूटा दुख इस घटना का सबसे ज्यादा असर दुल्हन के पिता पर पड़ा. बताया जा रहा है कि बारात न आने की खबर से उनकी तबीयत बिगड़ गई. परिवार के लोग उन्हें संभालने में लगे रहे, लेकिन हालात संभलने का नाम नहीं ले रहे थे. घर में जहां कुछ घंटे पहले तक शहनाई बजने की तैयारी थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ था. जानकारी के मुताबिक, दुल्हन और दूल्हा आरिफ के बीच पहले से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों के रिश्ते को परिवारों ने भी मंजूरी दे दी थी और बीच-बचाव के बाद निकाह की तारीख 2 अप्रैल 2026 तय की गई थी. हालांकि, बताया जा रहा है कि दूल्हे के कुछ परिजन इस निकाह के पक्ष में नहीं थे. बावजूद इसके, बातचीत के बाद मामला सुलझा लिया गया था और शादी की तैयारियां शुरू हो गई थीं. शादी के दिन ही बदली तस्वीर सब कुछ तय होने के बाद भी शादी के दिन अचानक ऐसा मोड़ आएगा, यह किसी ने नहीं सोचा था. जिस घर में खुशियों का माहौल था, वहां एक ही रात में सब कुछ बदल गया. दूल्हे के इस कदम ने न सिर्फ शादी को अधूरा छोड़ दिया, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद दुल्हन का परिवार सीधे थाने पहुंचा. उन्होंने दूल्हा आरिफ और उसके परिजनों के खिलाफ तहरीर दी है और कार्रवाई की मांग की है. परिजनों का कहना है कि उन्हें बिना किसी सूचना के इस तरह छोड़ दिया गया, जिससे उनकी सामाजिक और मानसिक स्थिति पर असर पड़ा है. इस मामले में पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है. सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी.

अब सुबह 7:30 बजे से खुलेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, लू के खतरे को देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने जारी किया नया टाइम-टेबल

पटना  राज्य भर में तेजी से बढ़ रही गर्मी और लू की आशंका को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव किया गया है। समाज कल्याण विभाग के निर्देशानुसार राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्र सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर साढ़े ग्यारह बजे तक संचालित होंगे। यह बदलाव छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किया गया है, ताकि दोपहर की तेज धूप, उमस और गर्मी में उन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या न हो। क्या है नया समय? नए समय में केंद्र सुबह जल्दी शुरू होकर दोपहर से पहले ही बंद हो जाएंगे, जिससे पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रह सकेंगी। समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि गर्मी की तीव्रता और बढ़ती है तो संबंधित जिलों के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) समय में और बदलाव करने या आंगनबाड़ी केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद करने का अधिकार रखते हैं। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में सतर्क रहने और स्थिति की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। पोषाहार वितरण का सवाल गर्मी के मौसम में पोषाहार वितरण में कोई भी कोताही बरतने वाली आंगनबाड़ी सेविका या सहायिका पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी सेविका-सहायिकाओं को निर्देश दिया है कि पोषाहार की नियमित आपूर्ति, गुणवत्ता और वितरण सुनिश्चित करें। पोषण वाटिका और अन्य गतिविधियां भी नए समय के अनुसार सुचारू रूप से चलाई जाएंगी। अभिभावकों से अपील अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को नए निर्धारित समय (सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक) के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र भेजें। साथ ही गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं हल्के सूती कपड़े पहनाना, पर्याप्त पानी पिलाना और दोपहर में बच्चों को घर के अंदर रखना। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सुबह समय पर केंद्र पहुंचकर सभी गतिविधियां (पोषाहार वितरण, प्री-स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य जांच आदि) निर्धारित समय में पूरी करें। राज्य सरकार की यह पहल बच्चों और कमजोर वर्गों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विभाग लगातार मौसम की स्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे के निर्देश जारी किए जाएं

दीवाल लेखन कर MSW छात्रा द्वारा जल संरक्षण के लिए किया जा रहा जागरूक- जन अभियान परिषद

उमरिया  मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार जल गंगा संवर्धन अभियान पुरे मध्यप्रदेश मे चालया जा रहा है  अभियान अंतर्गत जिला समन्वयक  रविन्द्र शुक्ला के निर्देश पर विकासखंड करकेली के सेक्टर 2 निगहरी के परामर्शदाता संतोष त्रिपाठी के मार्गदर्शन मे MSW छात्रा साक्षी जैन    द्वारा दीवार लेखन कर जल स्त्रोतो व जल संरक्षण के प्रति  समाज को जागरूक किया जा रहा है । साक्षी जैन द्वारा समस्त समाज से आग्रह किया गया कि आप सभी भी इस अभियान का हिस्सा बनें और जल संरक्षण हेतु प्रेरित करें , जब सर्व समाज एक जुट होकर आगे बढ़ेगा तो हम सभी के प्रयास से यह अभियान सफलतम रास्ते पर अग्रसर रहेगा ।

इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल से होगी खरीदी

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। मंत्री  राजपूत ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार के रूप में किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से किसानों को इस वर्ष 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो विगत वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। मंत्री  राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केन्द्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। मंत्री  राजपूत ने जानकारी दी कि राजस्व विभाग द्वारा किसानों के पंजीकृत रकबे के सत्यापन का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। सत्यापन पूर्ण होने के बाद किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे किसान अपनी उपज बिना किसी असुविधा के उपार्जन केन्द्रों पर बेच सकें। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मंत्री  राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो। 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन मंत्री  राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया गया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। मंत्री  राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। प्रदेश में देश की सर्वाधिक कवर्ड भंडारण क्षमता मध्यप्रदेश में देश की सर्वाधिक लगभग 400 लाख मीट्रिक टन की कवर्ड भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इसमें से लगभग 103 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता खाली है, जो इस वर्ष निर्धारित गेहूं उपार्जन के लक्ष्य से अधिक है।  

तीसरे वर्ष भी रंगारंग ‘अफ्रो फेस्ट’, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय बना सांस्कृतिक संगम

भोपाल रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी में चल रहे एनुअल फेस्ट रिदम 2026 के अंतर्गत अफ्रीकी संस्कृति और परंपराओं का उत्सव ‘अफ्रो फेस्ट’ लगातार तीसरे वर्ष बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस आयोजन में आरएनटीयू के अफ्रीकन छात्र सहित भोपाल शहर में रह रहे अन्य अफ्रीकन छात्र विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर इसे एक सशक्त अंतरमहाविद्यालयीन सांस्कृतिक उत्सव का रूप दिया। अफ्रो फेस्ट के दौरान रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुतियाँ, मधुर संगीत और आकर्षक फैशन शो शामिल रहे, जिनमें अफ्रीकी परंपराओं के साथ आधुनिक अभिव्यक्तियों का अनूठा संगम देखने को मिला। इस वर्ष आयोजन में लाइव बैंड परफॉर्मेंस और नाट्य प्रस्तुति जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया, जिन्हें दर्शकों से अत्यंत सराहना और उत्साहपूर्ण प्रतिसाद प्राप्त हुआ। यह आयोजन विश्वविद्यालय के वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन में संपन्न हुआ, जिनमें प्रो-चांसलर डॉ अदिति चतुर्वेदी वत्स, कुलपति प्रो. रवि प्रकाश दुबे तथा कुलसचिव डॉ संगीता जौहरी प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम का सफल समन्वयन अंतरराष्ट्रीय मामलों की अधिष्ठाता डॉ रितु कुमारन द्वारा किया गया, जिनके प्रयासों से यह आयोजन अत्यंत यादगार और सफल बना। पूरे परिसर में ऊर्जा, संगीत और रचनात्मकता का माहौल देखने को मिला, जहाँ विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सांस्कृतिक विविधता को अपनाया। ‘अफ्रो फेस्ट’ ने एक बार फिर कला अभिव्यक्ति, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और एकता के सशक्त मंच के रूप में अपनी पहचान स्थापित की। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, वैश्विक सांस्कृतिक समझ और समावेशी वातावरण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ऐसे सार्थक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता रहा है।  

काउंटी क्रिकेट के चक्कर में फँसे बेयर्स स्वानपोल, CSA ने NOC देने से किया इनकार और शुरू की अनुशासनात्मक कार्रवाई

जोहानिसबर्ग साउथ अफ्रीका के ऑलराउंडर बेयर्स स्वानपोल (Beyers Swanepoel) एक बड़े विवाद में फंस गए हैं. उन्हें काउंटी क्रिकेट खेलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने से साफ इनकार कर दिया गया है. वहीं उनकी घरेलू टीम लॉयन्स और क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है. पूरा मामला जोहानिसबर्ग में 29 मार्च को खेले गए सीएसए प्रोविंशियल वनडे चैलेंज डिवीजन वन के फाइनल से जुड़ा है, जहां लॉयन्स का सामना टाइटन्स से हुआ था. लॉयन्स के लिए खेल रहे बेयर्स स्वानपोल ने मैच के दौरान अपने 10 ओवर पूरे करने के बाद अचानक मैदान छोड़ दिया. उन्हें इंग्लैंड के लिए फ्लाइट पकड़नी थी, जहां वह काउंटी क्रिकेट में भाग लेते. इसी चलते उन्होंने ऐसा कदम उठाया. हैरानी की बात यह रही कि टीम मैनेजमेंट को उनकी फ्लाइट की जानकारी पहले से नहीं थी. बेयर्स स्वानपोल ने मैच से एक दिन पहले ही एनओसी के लिए आवेदन किया था, जिसे मंजूरी नहीं मिली थी. इसके बावजूद वह बीच मैच में टीम को छोड़कर रवाना हो गए. इस घटना को क्रिकेट की छवि के खिलाफ मानते हुए सीएसए ने सख्त रुख अपनाया है. सीएसए ने अपने बयान में कहा कि खेल की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है, ऐसे में इस तरह के व्यवहार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेयर्स स्वानपोल इस मामले में आरोपों को चुनौती नहीं देंगे. हालांकि उनका अगला कदम क्या होगा, यह अभी साफ नहीं है. अगर वह इंग्लैंड में ही काउंटी क्रिकेट खेलेगे, तो उनके साउथ अफ्रीका के लिए खेलने के सपने खत्म हो सकते हैं. कैसा रहा है स्वानपोल का प्रदर्शन? बेयर्स स्वानपोल दाएं हाथ से तेज गेंदबाजीऔर बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं. 27 साल के स्वानपोल ने अब तक 48 फर्स्ट क्लास, 55 लिस्ट और 48 टी20 मुकाबले खेले हैं. फर्स्ट क्लास मैचों में स्वानपोल ने 187 विकेट झटकने के अलावा 1461 रन बनाए हैं. वहीं लिस्ट-ए क्रिकेट में स्वानपोल के नाम पर 83 विकेट और 663 रन दर्ज हैं. टी20 क्रिकेट में स्वानपोल ने 414 रन बनाए हैं और 54 विकेट झटके. पूरे मामले पर वॉर्सेस्टरशायर के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट एशले जाइल्स ने भी निराशा जताई है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ी से गलती हुई है और अब टीम इस स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है. जाइल्स ने साफ किया कि क्लब की ओर से बेयर्स स्वानपोल पर किसी तरह का दबाव नहीं था. यह पूरी तरह खिलाड़ी का निजी फैसला था. इस विवाद के बाद वॉर्सेस्टरशायर ने अनुभवी गेंदबाज ओलिवर हैनन-डाल्बी को वॉरविकशायर से शॉर्ट-टर्म लोन पर टीम में शामिल किया है.  

प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य, अफवाह फैलाने वालों और कालाबाजारी करने वालों पर कसा शिकंजा

लखनऊ  यूपी में पेट्रोल-डीजल और गैस की कालाबाजारी को लेकर सीएम योगी ऐक्शन में हैं। सीएम योगी ने प्रदेश में तेल और गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैंसीएम योगी के निर्देश के बाद अब तक 233 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। जबकि 20 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके अलावा 237 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की जा रही है। खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त ने शुक्रवार को यहां बताया कि 12 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत यूपी में 19,882 स्थानों पर छापेमारी और निरीक्षण किए गये। एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलप्ति अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 200 प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। कार्रवाई पूरे प्रदेश में एक साथ चलाकर कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। यूपी में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य मुख्यमंत्री ने विभिन्न मंचों से स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाकर बाजार में कृत्रिम संकट पैदा करने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में प्रशासन ने निगरानी बढ़ाते हुए ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कार्रवाई के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। राज्य के 12,888 पेट्रोल पंपों के माध्यम से नियमित बिक्री हो रही है, जबकि 28 मार्च से एक अप्रैल तक बिक्री के आंकड़े भी सामान्य स्तर पर रहे हैं। गैस की आपूर्ति को लेकर विभाग सतर्क वर्तमान में प्रदेश में 97,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1,26,000 किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। अधिकारियों के अनुसार मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर समन्वय किया जा रहा है। एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी विभाग सतर्क है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिकायतों के निस्तारण के लिए राज्य स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है, वहीं जिला प्रशासन को भी लगातार फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।