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यूपी में उल्टा दांव, उपभोक्ता ने विभाग से मांगा मुआवजा, स्मार्ट मीटर और सर्वर की खराबी ने पहुंचाई आर्थिक चोट

महराजगंज महराजगंज जिले के दुकानदार अजय गुप्ता ने बताया कि उनके दुकान पर स्मार्ट मीटर लगा है। 23 मार्च को बिल जमा करने गए तो सर्वर खराबी के कारण भुगतान नहीं हो सका। अगले दिन 24 मार्च को 8618 रुपये का भुगतान किया। इसके बावजूद 26 मार्च को अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। बिजली विभाग को दुकानदार ने भेजा 1.69 लाख का नोटिस, अफसर दंग; जानें पूरा मामला  आपने अक्सर बिजली विभाग से उपभोक्ताओं को नोटिस जारी होते देखा-सुना होगा। लेकिन उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में स्मार्ट मीटर की बीलिंग व्यवस्था से परेशान एक कामर्शियल उपभोक्ता ने बिजली विभाग को 1.69 लाख रुपये के नुकसान का नोटिस भेज दिया है। नोटिस देखकर बिजली विभाग के अधिकारी दंग रह गए हैं। उपभोक्ता का आरोप है कि विभागीय तकनीकी खामी और बिल अपडेट में देरी के कारण उसे सात दिन में पांच बार बिल जमा करना पड़ा, बावजूद इसके बिजली आपूर्ति बाधित रही। महराजगंज जिले के धनेवा-धनेई चौराहे के दुकानदार अजय गुप्ता ने बताया कि उनके दुकान पर स्मार्ट मीटर लगा है। 23 मार्च को बिल जमा करने गए तो सर्वर खराबी के कारण भुगतान नहीं हो सका। अगले दिन 24 मार्च को वेबसाइट पर दिख रहे 8618 रुपये का भुगतान किया। इसके बावजूद 26 मार्च को अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। शिकायत करने पर विभाग ने 5444 रुपये बकाया बताया, जिसे 29 मार्च को जमा किया गया। इसके बाद भी मीटर में बार-बार माइनस बकाया दिखता रहा।उपभोक्ता को 1500 रुपये और फिर 500 रुपये अतिरिक्त जमा करने पड़े। इसके बाद 30 मार्च को आपूर्ति बहाल हो सकी। दुकानदार का कहना है कि चार दिन बिजली गुल रहने से दुकान में रखा दूध, पनीर व खोया खराब हो गया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। उपभोक्ता ने कहा कि यदि पहली बार में सही बिल प्रदर्शित होता तो न तो बार-बार भुगतान करना पड़ता और न ही यह नुकसान होता। इस मामले में अधिवक्ता केसरी नंदन तिवारी के माध्यम से एक्सईएन को नोटिस भेजकर 15 दिन के भीतर 1.69 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। चेतावनी दी गई है कि तय समय में भुगतान नहीं होने पर उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल किया जाएगा, जिसमें विभाग को नोटिस खर्च और अधिवक्ता फीस भी वहन करनी होगी।

रोजाना चलाने की उठी मांग: चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस पर सांसद ज्योत्सना महंत का रेल मंत्री को पत्र

चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग तेज सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने रेल मंत्री को लिखा पत्र मनेन्द्रगढ़/एमसीबी क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही अहम मांग को गंभीरता से उठाते हुए कोरिया लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11751/11752) को प्रतिदिन संचालित करने की मांग की है। सांसद महंत ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि यह ट्रेन क्षेत्र के हजारों यात्रियों के लिए जीवनरेखा के समान है। कोविड-19 महामारी से पहले यह ट्रेन रोजाना चलती थी, जिससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को बड़ी सुविधा मिलती थी। लेकिन वर्तमान में सीमित दिनों में संचालन होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से आग्रह किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को जल्द से जल्द प्रतिदिन चलाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके और आवागमन सुगम हो। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने सांसद की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह मांग पूरी तरह जनभावनाओं से जुड़ी है। वहीं, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनेंद्रगढ़ शहर सौरव मिश्रा ने भी इसे आम जनता की आवाज बताते हुए कहा कि इस ट्रेन के नियमित संचालन से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।

वाहन मॉडिफाई करना महंगा, चालान और बीमा में परेशानी का खतरा

इंदौर. इंदौर शहर में गाड़ियों को स्टाइलिश बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। एलईडी लाइट, तेज आवाज वाले साइलेंसर, हाई पावर म्यूजिक सिस्टम और स्ट्रक्चर में बदलाव युवाओं की पहली पसंद बन रहे हैं, लेकिन यह शौक कई बार सीधे कानून के दायरे में ला खड़ा करता है। परिवहन नियमों के मुताबिक वाहन में बिना अनुमति किए गए बदलाव अवैध हैं और इसके लिए भारी चालान से लेकर गाड़ी जब्ती तक की कार्रवाई हो सकती है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहन निर्माता द्वारा तय स्पेसिफिकेशन में बदलाव नहीं किया जा सकता। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार सबसे ज्यादा कार्रवाई जिन मामलों में होती है, उनमें शामिल हैं – हाई बीम या रंगीन एलईडी-फ्लैश लाइट, मॉडिफाइड या तेज आवाज वाले साइलेंसर, गाड़ी की बॉडी-चेसिस में बदलाव, मूल रंग बदलना (बिना आरटीओ अनुमति), फैंसी या नियम विरुद्ध नंबर प्लेट और ओवरसाइज टायर या ग्राउंड क्लीयरेंस में छेड़छाड़। ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में हर महीने सैकड़ों चालान बनाए जा रहे हैं। कई बार वाहन जब्त कर कोर्ट कार्रवाई भी की जाती है। हादसे में कौन जिम्मेदार कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अगर मॉडिफिकेशन की वजह से हादसा होता है तो प्राथमिक जिम्मेदारी वाहन मालिक की होती है। हालांकि, अगर यह साबित हो जाए कि गैरेज ने गलत तरीके से बदलाव किया या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया, तो उस पर भी कार्रवाई हो सकती है। वाहन में अनधिकृत बदलाव कराना खुद मालिक का निर्णय होता है, इसलिए दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी से बचना आसान नहीं होता। इंश्योरेंस क्लेम पर भी खतरा इंश्योरेंस एडवाइजर आशीष शर्मा का कहना है कि इंश्योरेंस कंपनियां वाहन के मूल ढांचे के आधार पर पॉलिसी जारी करती हैं। यदि गाड़ी में बिना जानकारी दिए बदलाव किया गया है, तो क्लेम खारिज किया जा सकता है। आग लगने या शार्ट सर्किट के मामलों में विशेष जांच होती है मॉडिफाइड वायरिंग या बैटरी मिलने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है साइलेंसर या इंजन में बदलाव से जुड़े एक्सीडेंट भी क्लेम विवाद में आते हैं क्या करें कोई भी बदलाव कराने से पहले आरटीओ से अनुमति लें केवल प्रमाणित एसेसरीज का उपयोग करें इंश्योरेंस कंपनी को बदलाव की जानकारी दें क्या न करें साइलेंसर, लाइट या नंबर प्लेट में अवैध बदलाव लोकल गैरेज से बिना मानक के फिटिंग गाड़ी की बाडी या इंजन में छेड़छाड़। इंश्योरेंस क्लेम, वारंटी में भी परेशानी  कंपनियां तय मापदंड के अनुसार वाहन बनाती हैं, जिनमें सुरक्षा पर विशेष फोकस होता है। बदलाव से कई बार सुरक्षा मापदंडों की अनदेखी हो जाती है, इसलिए मॉडिफिकेशन नहीं कराना चाहिए। मॉडिफिकेशन के बाद इंश्योरेंस क्लेम में भी परेशानी आती है। वहीं कंपनी द्वारा दी जा रही वाहन की वारंटी भी खत्म हो सकती है। बदलाव करने से अच्छा है कि वाहन का अपर माडल चुनें, ताकि ओरिजनल फिटिंग मिले। – आदित्य कासलीवाल, वाइस प्रेसिडेंट, ऑटो मोबाइल एसोसिएशन

ईरान-अमेरिका जंग में फंसा रेस्क्यू मिशन, सी-130 विमान गिरने का दावा, पायलट को बचाने पर दोनों देशों के अलग सुर

 नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच एक रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर दोनों देशों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। ईरान ने इसे अपनी जीत बताया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इसे बड़ी सैन्य सफलता करार दिया है। ईरान ने रविवार को दावा किया कि दक्षिण इस्फहान में अमेरिका को कड़वी हार का सामना करना पड़ा। यह बयान उस समय आया जब एक अमेरिकी एफ-15 विमान के दूसरे क्रू सदस्य को बचा लिया गया, जो विमान गिरने के बाद लापता हो गया था। ईरान के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाघरी ने कहा कि इस घटना ने अमेरिकी सेना की कमजोरी को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि डोनल्ड ट्रंप जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान एक सी-130 श्रेणी का विमान भी मार गिराया गया। जोल्फाघरी ने इसे ईरानी सेना की बहादुरी और साहस का उदाहरण बताया। ट्रंप ने बताया बड़ी सफलता जहां ईरान इसे अपनी जीत बता रहा है, वहीं डोनल्ड ट्रंप ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अमेरिकी सेना की बड़ी सफलता कहा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि घायल पायलट अब सुरक्षित है और यह मिशन अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक है। ट्रंप ने कहा कि इस अभियान में कई विमान और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि दुश्मन के इलाके में जाकर दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग बचाना सेना की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन ईरान के आसमान में अमेरिका की ताकत और नियंत्रण को दिखाता है। ऑपरेशन के दौरान टकराव ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक सी-130 विमान को निशाना बनाया गया। कुछ तस्वीरों में रेगिस्तानी इलाके में धुआं उठता हुआ भी दिखाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय ईरानी लोगों ने भी अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर गोलीबारी की। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। युद्ध का बढ़ता असर इस संघर्ष का असर अब आम लोगों तक भी पहुंचने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य समेत कई अहम समुद्री रास्ते प्रभावित हुए हैं, जिससे ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र की खाद्य और कृषि संस्था ने चेतावनी दी है कि अगर यह युद्ध जून तक जारी रहा, तो दुनिया भर में 4.5 करोड़ और लोग भूख के संकट में फंस सकते हैं। पहले से ही 32 करोड़ लोग खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं। इस बीच मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश कूटनीतिक प्रयासों के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालात अभी भी बेहद गंभीर बने हुए हैं।

हथीन के पावसर गांव में सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी, 2017 के ‘कश्मीरी’ कनेक्शन से जुड़े जासूसी के तार

पलवल पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के तार मेवात से फिर जुड़ गए हैं। नूंह, हथीन, तावड़ु और पलवल से कई बार ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे थे। ताजा मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस और आईबी ने पाक के लिए जासूसी के शक में पलवल और मेवात से आठ युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों एजेंसियों का स्टाफ पाक जासूसी के कथित स्लीपर सेल की तलाश में जुटा है. युवकों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। गुरुवार को भी हथीन के गांव पावसर में पहुंचकर टीम ने हिरासत में लिए गए युवकों के घरों में जाकर जांच की। जांच गोपनीय ढंग से कई गई। बहीन थाना प्रभारी सुरेश कुमार भी इस दौरान मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक टीम में शामिल स्टाफ ने संबंधित युवकों की गतिविधियों की जानकारी ली। टीम के अन्य केंद्रीय एजेंसी के लोग भी शामिल रहे। 2017 से जुड़े हैं तार     सूत्रों के अनुसार, साल 2017 में एक संदिग्ध कश्मीर युवक हथीन के गांव पावसर आया था। उसने एक धर्मस्थल में शरण ली थी।     इस दौरान उसके संपर्क में स्थानीय युवक आए और धीरे-धीरे नूंह जिले के कुछ युवक भी उसके नेटवर्स में जुए गए।     बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति खुद को कश्मीरी बताता था और पावसर के अलावा मेवात के तावड़ू सहित अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय रहा।     आरोप है कि वह पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था और क्षेत्र में अपना नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहा था। कुछ समय बाद वहां से चला गया सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध युवक कुछ समय बाद यहां से चला गया, लेकिन अपने बनाए संपर्कों के जरिए सक्रिय बना रहा। हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली सूचना के बाद स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पावसर के चार युवकों को हिरासत में लिया, जिन्हें आगे पूछताछ के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया। अबतक कुल आठ युवकों से पूछताछ की जा चुकी है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि उन्होंने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर संदिग्धों को एजेंसियों के हवाले किया है और आगे की जानकारी संबंधित एजेंसियां ही देगी। पहले भी सामने आ चुके हैं जासूसी के मामले पिछले वर्ष 28 सितंबर को क्राइम ब्रांच ने आलीमेव निवासी तौफीक को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय सूचनाएं पाकिस्तान दूतावास के एक अधिकारी तक पहुंचाने का आरोप था। उसने पाकिस्तानी की यात्रा भी की थी। इसके अलावा यूट्यूबर वसीम अकरम को भी कोट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जो कथित तौर पर पाक दूतावास के कर्मचारी दानिश के संपर्क में था।  

CSK को लगातार तीसरी हार, RCB के खिलाफ डेविड की शानदार पारी ने दिलाई जीत

बेंगलुरु इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के मैच नंबर-11 में रविवार (5 अप्रैल) को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) से हुआ. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया. मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 43 रनों से शानदार जीत हासिल की।  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने चेन्नई सुपर किंग्स को जीत के लिए 251 रनों का टारगेट दिया था, जिसका पीछा करते हुए वो 207 रनों पर ढेर गई. सीएसके की मौजूदा सीजन में ये लगातार तीसरी हार रही. वहीं आरसीबी की ये लगातार दूसरी जीत रही और वो अंकतालिका में पहले नंबर पर आ गई।  बता दें कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अपने पहले मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को 6 विकेट से हराया था. उधर चेन्नई सुपर किंग्स को इस सीजन पहले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) के हाथों 8 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी. फिर पांच बार की आईपीएल चैम्पियन टीम को पंजाब किंग्स (PBKS) ने भी 5 विकेट से पराजित कर दिया था।  सरफराज खान ने जड़ी फिफ्टी बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत काफी खराब रही और उसने पावरप्ले में ही 3 विकेट गंवा दिए. जैकब डफी ने ऋतुराज गायकवाड़ (7 रन) और संजू सैमसन (9 रन) के विकेट लिए. वहीं भुवनेश्वर कुमार ने आयुष म्हात्रे (1 रन) को पवेलियन रवाना किया. सरफराज खान और 'इम्पैक्ट सब' कार्तिक शर्मा के बीच 47 रनों की साझेदारी हुई, जिसमें ज्यादातर रन सरफराज के थे. सरफराज ने 8 चौके और दो छक्के की मदद से 25 बॉल पर 50 रन बनाए।  सरफराज खान को क्रुणाल पंड्या ने अपनी फिरकी में फंसाया. क्रुणाल ने फिर कार्तिक शर्मा (6 रन) को भी चलता किया. शिवम दुबे (18 रन) के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स का छठा विकेट गिरा, जो अभिनंदन सिंह का शिकार बने. इसके बाद जेमी ओवर्टन और प्रशांत वीर के बीच सातवें विकेट के लिए 57 रनों की साझेदारी हुई. प्रशांत वीर ने 43 और जेमी ओवर्टन ने 37 रनों का योगदान दिया. इन दोनों के आउट होते ही चेन्नई की जीत की उम्मीदें धड़ाशायी हो गईं. नूर अहमद (8 रन) और मैट हेनरी (2 रन) आउट होने वाले आखिरी दो बल्लेबाज रहे।  डेविड की तूफानी पारी, पाटीदार-पडिक्कल भी छाए मुकाबले में टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने तीन विकेट पर 250 रन बनाए थे. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को विराट कोहली ने अच्छी शुरुआत दिलाई. कोहली ने 2 चौके और एक छक्के की मदद 18 गेंदों पर 28 रन बनाए. कोहली को अंशुल कम्बोज ने शिवम दुबे के हाथों कैच आउट कराया. कोहली के आउट होने के बाद फिल साल्ट ने देवदत्त पडिक्कल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 56 रनों की पार्टनरशिप की. साल्ट ने 30 गेंदों पर 46 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और दो छक्के शामिल रहे. साल्ट का विकेट शिवम दुबे ने लिया।  देवदत्त पडिक्कल अपनी फिफ्टी पूरी करने में सफल रहे, लेकिन उसके बाद वो तुरंत ही आउट हो गए. पडिक्कल ने 29 गेंदों पर 50 रनों की पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 5 चौके और दो छक्के लगाए. पडिक्कल ने कप्तान रजत पाटीदार के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 58 रनों की साझेदारी की।  देवदत्त पडिक्कल के आउट होने के बाद रजत पाटीदार और टिम डेविड ने सीएसके के गेंदबाजों की जमकर खबर ली. दोनों ने चौथे विकेट के लिए सिर्फ 35 गेंदों पर 99 रनों की नाबाद साझेदारी की. टिम डेविड ने सिर्फ 25 गेंदों पर नाबाद 70 रन बनाए, जिसमें 8 छक्के और तीन चौके शामिल थे. वहीं कप्तान पाटीदार ने नाबाद 48 रनों का योगदान दिया. पाटीदार ने अपनी इनिंग्स में 6 छक्के के अलावा एक चौका लगाया।  इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच अब तक 36 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान चेन्नई सुपर किंग्स ने 21 मुकाबलों में जीत हासिल की. वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 14 मुकाबले जीते. एक मुकाबला बेनतीजा भी रहा. पिछले सीजन में दोनों टीमों के बीच दो मुकाबले खेले गए थे, जिनमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु विजेता बनी थी।  बेंगलुरु vs चेन्नई H2H कुल IPL मैच: 36 चेन्नई ने जीते: 21 बेंगलुरु ने जीते: 14 बेनतीजा: 1

पाकिस्तान का मध्यस्थता का ढोंग बेनकाब, ईरान ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मिलने से किया इनकार, यूएई ने मांगा कर्ज वापस

वाशिंगटन अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में जल्द ही एक नया दौर देखने को मिल सकता है, क्योंकि यूएस ने अधिक लंबी दूरी की मिसाइलों को ईरान के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले बेसों पर तैनात करने का फैसला किया है। ईरान युद्ध के लिए तैनात की गई यह लंबी दूरी की हथियार प्रणाली बेहद सटीक हमला करने वाले हथियारों में से एक है। लॉकहीड मार्टिन की ओर से निर्मित JASSM-ER क्रूज मिसाइलों की रेंज 930 किलोमीटर से अधिक है। यह मिसाइल दुश्मन की एयर डिफेंस सिस्टम से बाहर रहते हुए टारगेट को नष्ट करने के लिए बनाई गई है। चलिए JASSM-ER क्रूज मिसाइलों की खासियत जानते हैं… 1. JASSM-ER क्रूज मिसाइल 1000 पाउंड वजन वाले पेनेट्रेटिंग ब्लास्ट-फ्रैगमेंटेशन वारहेड से लैस है, जो मजबूत ठिकानों को भेदने में सक्षम है। 2. मिसाइल को अमेरिकी वायुसेना के फाइटर जेट जैसे F-15E, F-16 और बॉम्बर जैसे B-1B, B-2, B-52H से लॉन्च किया जा सकता है। 3. JASSM-ER मिसाइल की स्टेल्थ क्षमता इसे दुश्मन के रडार से बचाती है, जिससे पायलट सुरक्षित दूरी पर रहकर हमला कर सकते हैं। 4. प्रत्येक मिसाइल की कीमत लगभग 1.5 मिलियन डॉलर (12.7 करोड़ रुपये) है। 5. ईरान संघर्ष के पहले चार हफ्तों में अमेरिका ने एक हजार से अधिक JASSM-ER मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। अमेरिका अपनी कुल JASSM-ER इन्वेंट्री का लगभग 82 प्रतिशत हिस्सा ईरान युद्ध के लिए समर्पित कर चुका है। युद्ध से पहले करीब 2300 मिसाइलों में से अब केवल 425 मिसाइलें ही अन्य जगहों के लिए बची हैं। प्रशांत क्षेत्र और अमेरिकी भूमि से इन मिसाइलों को सेंट्रल कमांड बेस और ब्रिटेन के फेयरफोर्ड तक पहुंचाया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने या शांति समझौता करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। इस संदर्भ में B-52H बॉम्बर की तैनाती भी देखी जा रही है। JASSM परिवार की यह विस्तारित रेंज वाली वैरिएंट 2001 से लॉकहीड मार्टिन की ओर से बनाई जा रही है और दो दशकों से अमेरिकी सेना में सेवा दे रही है। इसका इस्तेमाल न केवल ईरान बल्कि वेनेजुएला जैसे अन्य अभियानों में भी हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलों का उपयोग अमेरिका की अन्य क्षेत्रों जैसे चीन के खिलाफ तैयारियों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन ईरान जैसे मजबूत एयर डिफेंस वाले देश के खिलाफ यह अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है। संयुक्त अरब अमीरात में भारत के पूर्व राजदूत संजय सुधीर ने पाकिस्तान की पश्चिम एशिया कूटनीति की सच्चाई उजागर करते हुए कहा है कि ईरान-अमेरिका संघर्ष में इस्लामाबाद कभी मध्यस्थ नहीं था, बल्कि अधिक से अधिक एक मैसेंजर की भूमिका ही निभा रहा था। ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान खुद को बिचौलिया बता रहा था और दावा कर रहा था कि वह ईरान अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। लेकिन अब सच्चाई सामने आ गई है। संयुक्त अरब अमीरात में भारत के पूर्व राजदूत संजय सुधीर ने पाकिस्तान की पश्चिम एशिया कूटनीति की सच्चाई उजागर करते हुए कहा है कि ईरान-अमेरिका संघर्ष में इस्लामाबाद कभी मध्यस्थ नहीं था, बल्कि अधिक से अधिक एक मैसेंजर की भूमिका ही निभा रहा था। न्यूज एजेंसी एएनआई से विशेष बातचीत में सुधीर ने कहा कि पाकिस्तान कल तक खुद को मध्यस्थ बताकर ढोल पीट रहा था, लेकिन असल में वह मध्यस्थ होने से बहुत दूर था। वह ज्यादा से ज्यादा एक संदेशवाहक ही था। मध्यस्थता का मतलब होता है कि दोनों पक्ष आमने-सामने मध्यस्थ के साथ बैठकर बात करें, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। इसलिए ईरान ने पाकिस्तान का ढोंग बेनकाब कर दिया है। दरअसल, ईरान ने कथित तौर पर पाकिस्तानी धरती पर किसी भी अमेरिकी नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने अमेरिकी मांगों को 'अस्वीकार्य' बताया है, जिससे शीघ्र समाधान की संभावना लगभग समाप्त हो गई है और पाकिस्तान के राजनयिक प्रयास हाशिए पर चले गए हैं। यह कूटनीतिक झटका ऐसे समय में लगा है जब पाकिस्तान आर्थिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में है। संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान से एक महीने के अंदर अपने बकाया ऋणों का भुगतान करने की मांग की है।

हरी खाद से बदल रही खेती की तस्वीर: कम लागत, बेहतर मुनाफा और स्वस्थ मिट्टी’

रायपुर हरी खाद से बदल रही खेती की तस्वीर: कम लागत, बेहतर मुनाफा और स्वस्थ मिट्टी’ छत्तीसगढ़ में खेती की पारंपरिक तस्वीर तेजी से बदल रही है। रायगढ़ जिले में हरी खाद आधारित खेती किसानों के लिए एक प्रभावी और टिकाऊ विकल्प के रूप में उभर रही है। यह पद्धति जहां मिट्टी की उर्वरता को दीर्घकालिक रूप से मजबूत कर रही है, वहीं किसानों को कम लागत में बेहतर मुनाफा भी दिला रही है। लैलूंगा विकासखंड के प्रगतिशील किसान जतिराम भगत इस बदलाव की जीवंत मिसाल हैं। वे पिछले 22 वर्षों से जैविक और हरी खाद आधारित खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि शुरुआती दौर में उत्पादन थोड़ा कम लग सकता है, लेकिन समय के साथ मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होने पर उत्पादन स्थायी और बेहतर हो जाता है। उन्होंने इस वर्ष 2 एकड़ में विधि और लाइन कतार पद्धति से खेती कर प्रति एकड़ लगभग 15 क्विंटल धान और 9 क्विंटल चावल उत्पादन प्राप्त किया। उनकी लागत 15 से 20 हजार रुपये प्रति एकड़ रही, जबकि शुद्ध मुनाफा लगभग 80 हजार रुपये तक पहुंचा। कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन से पहले 15 मई के बाद हरी खाद की बुआई का उपयुक्त समय होता है। ढैंचा, सनई और मूंग जैसी फसलों को 45-50 दिन बाद खेत में मिलाने से मिट्टी में जैविक पोषक तत्वों की वृद्धि होती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है। लैलूंगा में हरी खाद का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। विभाग ने इस वर्ष 2000 एकड़ में हरी खाद बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया है। “यूरिया-डीएपी छोड़बो, हरी खाद बुआई करबो” जैसे संकल्प अब किसानों के बीच नई दिशा तय कर रहे हैं।  

सफर का नया अंदाज: अमृत भारत ट्रेनों ने उड़ान जैसी सुविधाओं से किया यात्रियों को मंत्रमुग्ध

चक्रधरपुर  भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। शनिवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्टेशन पर 'नेक्स्ट जेनरेशन अमृत भारत कोच' के प्रस्तावित इंटीरियर डिजाइन और कलर स्कीम वाले सैंपल कोच का गहन निरीक्षण किया।  चक्रधरपुर रेल मंडल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन कोचों को विशेष रूप से यात्रियों की सुविधा और विजुअल अपील (सुंदरता) को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  आधुनिक डिजाइन और समन्वित कलर थीम नए अमृत भारत कोच की सबसे बड़ी विशेषता इसका समन्वित (Coordinated) कलर थीम है। कोच के भीतर पीवीसी फ्लोरिंग से लेकर सीटों, बर्थ के रेक्सीन, स्नैक टेबल, पर्दे और यहां तक कि शौचालय क्षेत्र को भी एक ही कलर स्कीम में ढाला गया है। यह नया डिजाइन न केवल देखने में वैश्विक स्तर का लगता है, बल्कि यह बेहद टिकाऊ और रखरखाव में भी आसान है। सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान (HL-3 फायर सेफ्टी)  यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कोच निर्माण में इस्तेमाल की गई सभी सामग्री HL-3 फायर सेफ्टी स्टैंडर्ड के अनुरूप है। इससे आग लगने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा न्यूनतम हो जाएगा।  इसके अलावा, सीटों और बर्थों पर उच्च गुणवत्ता वाले रेक्सीन का उपयोग किया गया है, जो लंबे समय तक खराब नहीं होंगे और यात्रियों को बेहतर कुशनिंग का अनुभव देंगे। चक्रधरपुर रेल मंडल ने स्पष्ट किया कि रोलिंग स्टॉक को आधुनिक बनाने की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी ताकि भारतीय रेल वैश्विक मानचित्र पर अपनी नई पहचान बना सके।  हर वर्ग के यात्री का रखा गया ख्याल रेलवे का यह बदलाव किसी खास श्रेणी के लिए नहीं, बल्कि जनरल और स्लीपर क्लास सहित सभी वर्गों के लिए है। स्नैक टेबल को आकर्षक रंग दिए गए हैं और शौचालयों के डिजाइन में भी व्यापक सुधार किया गया है ताकि स्वच्छता बनी रहे। कोच की दीवारों और सामग्री को इस तरह तैयार किया गया है कि साफ-सफाई आसानी से की जा सके, जिससे कोच लंबे समय तक नए जैसे बने रहेंगे। वर्ल्ड क्लास यात्रा अनुभव का लक्ष्य निरीक्षण के दौरान रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे का मुख्य उद्देश्य हर श्रेणी के यात्रियों को 'वर्ल्ड क्लास' यात्रा अनुभव देना है। नेक्स्ट जेनरेशन अमृत भारत कोच इसी विजन का हिस्सा हैं। आने वाले समय में देश के विभिन्न रेल मार्गों पर इन आधुनिक कोचों को लगाने की योजना है, जिससे आम आदमी का रेल सफर सस्ता, सुरक्षित और अधिक सुखद बन सके।  

शिव महापुराण कथा: जीवन को दिशा देने वाली -पंडित दुर्गेश महाराज

शिव महापुराण कथा: जीवन को दिशा देने वाली -पंडित दुर्गेश महाराज बिलासपुर राष्ट्रीय धर्माचार्य पंडित दुर्गेश शर्मा जी ने शिव महापुराण के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिव महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नही बल्कि जीवन को सही दिशा देना वाली प्रेरणादायक मार्गदर्शिका है।इसमें आध्यात्मिक गहराई और जीवनउपयोगी संदेशों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।भगवान शिव की महिमा,उनके स्वरूप, भक्ति, धर्म एवं मोक्ष प्राप्ति का मार्ग है।शिव महापुराण का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन में सुख, शांति,समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। शिव महापुराण में मनुष्य को सत्य, धर्म, दया, करुणा, सेवा एवं परोपकार जैसे गुणों को अपनाने की शिक्षा दी गई है। यह ग्रंथ हमें सिखाता है कि भगवान शिव अत्यंत दयालु एवं कृपालु है और सच्चे मन से की गई भक्ति से वे शीघ्र प्रसन्न हो जाते है। पंडित दुर्गेश जी ने कथा प्रसंग में यह बताया कि जो व्यक्ति अपने जीवन में माता – पिता, गुरु एवं समाज के प्रति सम्मान रखता है, उनके जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती है। शिव महापुराण का श्रवण करने से मनुष्य के मन में सकारात्मक विचार उत्पन्न होते है, पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। ग्राम हांफा में शिव महापुराण की कथा श्रीमती कृष्णा पाण्डेय द्वारा पंडित छेदीलाल पाण्डेय की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। मुख्य यजमान के रूप में श्रीमती मीना कृष्ण कुमार दुबे कथा श्रवण कर रहे है।आज के कथा में श्रोतागण डॉ महेंद्र दुबे, चंद्रकांत उपाध्याय, मनीराम यादव, शत्रुघ्न उपाध्याय, रामखिलावन कौशिक, कौशल पाण्डेय, गोविंद यादव, मुकेश दुबे, श्यामसुंदर तिवारी,दिनेश उपाध्याय, बृजभूषण श्रीवास, संतोष पाण्डेय, शिव श्रीवास, कविता दुबे, गौरी दुबे, आशा श्रीवास , चित्रा तिवारी, बंटी कौशिक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।निकली आकर्षक झांकी- कथा प्रसंग के दौरान भगवान शिव की आकर्षक झाकी निकाली गई। नैनाभिराम झाकी की भक्तजनों ने आरती उतार कर पूजा अर्चना किया।