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पंजाब के फिरोजपुर में कोर्ट पर खतरा, बम धमकी के बाद कॉम्प्लेक्स कराया गया खाली

फिरोजपुर. पंजाब के फिरोजपुर की अदालत को एक बार फिर से धमकी भरी ईमेल मिलने के बाद सोमवार को कोर्ट परिसर को खाली करवा लिया गया है। पता चला है कि राज्य में फिरोजपुर अमृतसर की जिला अदालतों को यह धमकी मिली है। बेशक अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रोजाना की भांति जैसे ही कोर्ट स्टाफ वकील सहित अन्य लोग कोर्ट में पहुंचे तो अचानक से कोर्ट को खाली करवाने के आदेश आए। सुबह 9:45 पर कोर्ट परिसर को खाली करवाना शुरू कर दिया गया। एडवोकेट रोहित अरोड़ा और एडवोकेट अर्शदीप सिंह रंधावा ने बताया कि ऐसा दूसरी बार हुआ है कि जब 2महीने के भीतर कोर्ट में धमकी आई हो। ज्ञात होकि गाठ दिवस भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में बम धमकी मिलने के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गयाथा। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय को एक ईमेल भेजा गया, जिसमें हाईकोर्ट के भीतर बम लगाए जाने की चेतावनी दी गई थी। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और परिसर को खाली कराना शुरू किया। इस दौरान आसपास के क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ। बम निरोधक दस्ते और स्निफर डॉग्स भी मौके पर पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू किया। यह धमकी ठीक एक दिन बाद आई है, जब सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ था। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। पिछले साल मई में हाईकोर्ट रजिस्ट्रार कार्यालय को धमकी भरा ईमेल मिला था और इसी साल फरवरी में जिला अदालत को भी इसी तरह की धमकी दी गई थी। अधिकारियों ने ईमेल के स्रोत की जांच शुरू कर दी है और अदालत परिसरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

मौसम ने ली करवट, छत्तीसगढ़ में ठंडक बढ़ी—आज बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम के अचानक बदले मिजाज से भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली है। इसके साथ ही तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं आज प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं अगले 4 दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और 5 अप्रैल को ओलावृष्टि होने की संभावना है। इसके अलावा अगले 3 दिनों तक अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट हो सकती है, इसके बाद तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। मौसम सारांश बीते रविवार को प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। वर्षा के प्रमुख आंकड़ों में पौड़ी उपरोरा में 1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। सिनोप्टिक सिस्टम गंगा के पश्चिमी बंगाल से लेकर तेलंगाना तक छत्तीसगढ़ से गुजरते हुए एक निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है, जो समुद्र तल से करीब 0.9 किमी ऊपर स्थित है। इसी सिस्टम के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम आज प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही एक-दो जगहों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले दो दिनों के बाद भी प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और बिजली गिरने व तेज हवा (40-50 केएमपीएच) चलने की संभावना है। रायपुर में कैसा रहने वाला है मौसम रायपुर में आज आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहेगा। गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

जशपुर में मुख्यमंत्री साय की मौजूदगी, भाजपा स्थापना दिवस व श्रीराम कथा में करेंगे शिरकत

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। इसके अलावा वे आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में भाजपा स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे दोपहर में रायपुर से जशपुर के लिए रवाना होंगे। जशपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 3 बजे प्रभु श्री रामकथा रसपान कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद वे शाम 5:35 बजे जशपुर से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। रायपुर पहुंचने के बाद शाम 6:30 बजे वे जिला भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। भाजपा का 47वां स्थापना दिवस आज, प्रदेशभर में होंगे कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी का 47वां स्थापना दिवस आज मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। सुबह 8:00 बजे भाजपा जिला कार्यालय में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें महिला मोर्चा और अनुसूचित जाति मोर्चा की विशेष भागीदारी रहेगी। इसके बाद सुबह 9 बजे जिला कार्यालय स्थित एकात्म परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होगा। वहीं, प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सुबह 11:00 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होकर ध्वजारोहण करेंगे। इसके बाद शाम 5:00 बजे जिला कार्यालय एकात्म परिसर में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल होकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

जालंधर: DPS और मेयर वर्ल्ड स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी

जालंधर   पंजाब के जालंधर में आज यानी सोमवार को कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। जालंधर के डीपीएस स्कूल, मेयर वर्ल्ड स्कूल और एक अन्य डीपीएस स्कूल को ईमेल के जरिए धमकी भेजी गई। ईमेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीमें बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचीं और स्कूल परिसरों की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद अभिभावकों और छात्रों में डर का माहौल बन गया है। जालंधर के स्कूलों को बनाया निशाना जालंधर के प्रमुख निजी स्कूलों को भेजी गई धमकी भरी ईमेल ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीपीएस और मेयर वर्ल्ड स्कूल जैसे संस्थानों को सीधे निशाना बनाया गया। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते हुए बच्चों को लेकर चेतावनी दी गई, जिससे स्कूल प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट धमकी मिलने के बाद पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने स्कूलों में सर्च ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों के अनुसार, हर कोने की जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सतर्कता बढ़ा दी गई है। फिरोजपुर कोर्ट में दोपहर दो बजे तक काम बंद  फिरोजपुर कोर्ट काम्प्लेक्स को एक फिर बम से उठाने की धमकी मिली है। दोपहर दो बजे तक कामकाज बंद कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कोर्ट खाली करवाई और छानबीन शुरू कर दी है। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है। ईमेल कहां से भेजा गया, इसका तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पिछले कुछ समय से इस तरह की धमकियों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। ईमेल में लिखी गई गंभीर धमकियां धमकी भरी ईमेल में जालंधर के स्कूलों में बम ब्लास्ट की बात कही गई है और बच्चों को बचाने की चेतावनी दी गई है। इसमें कुछ राजनीतिक और अलगाववादी बयान भी शामिल हैं। ईमेल में बम और ग्रेनेड से हमले का जिक्र करते हुए समय भी लिखा गया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। बड़े नेताओं और अमृतसर का भी जिक्र ईमेल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को 14 अप्रैल को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है। इस कारण पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

पहले छोटे किसानों का खरीदा जाएगा गेहूं, फिर मध्यम एवं बड़े किसानों से होगी खरीदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सरकार हर घड़ी किसानों के साथ, तय वक्त पर प्रारंभ होगी गेहूं खरीदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले छोटे किसानों का खरीदा जाएगा गेहूं, फिर मध्यम एवं बड़े किसानों से होगी खरीदी प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं केन्द्र एवं जूट कमिश्नर के साथ ही बारदाना प्रदाय एजेंसियों से लगातार सम्पर्क में है राज्य सरकार उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए बनाएं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। हमारी सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। प्रदेश में तय वक्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। उपार्जन प्रक्रिया में पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद मध्यम एवं बड़े किसानों के गेहूं की खरीदी की जाएगी। स्लॉट बुकिंग वाले सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध रूप से खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। सरकार सभी व्यवस्थाएं कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गेहूं उपार्जन कार्य के संबंध में सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह के सदस्य एवं कृषक प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है। गेहूं उपार्जन में बारदान की उपलब्धता निरंतर बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में गेहूं खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से बारदाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदान प्रदाय एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है। उपार्जन शुरू होने से पहले कराएं तौल केन्द्रों का निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाये। किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न होने पाये। मुख्यमंत्री ने उपार्जन व्यवस्था पर नियमित रूप से निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय एवं कृषि उपज मंडियों में भी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन के दृष्टिगत प्रदेश के सभी तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले गहन निरीक्षण करा लिया जाए, जिससे किसानों में किसी भी तरह का संशय न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों के वर्तमान ढांचे में क्रमबद्ध सुधार किया जाये। सभी मंडियों को वैश्विक जरुरतों के मुताबिक अपग्रेड कर इन्हें वर्ल्ड क्लास मंडी की तरह तैयार किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन केंद्रों में आने वाले किसानों को सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन एवं पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाये। किसी को भी किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत असुविधा का सामना न करना पड़े। किसी भी केन्द्र में किसानों/ट्रेक्टर-ट्राली की लंबी-लंबी कतारें न लगें, सभी किसानों का सहजता से गेहूं तुल जाये, ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं। जिन किसानों से गेहूं खरीदा जाये, कम से कम समय में उनके खातों में भुगतान कर देने की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। 10 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएगी गेहूं खरीदी अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से एवं अन्य सभी संभागों में 15 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने बतायाकि जिन संभागों में 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होनी है, उनके लिए आगामी मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो जायेगी। शुक्रवार, 10 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि उपार्जन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं। बीते उपार्जन वर्ष 2025-26 में 15 लाख 44 हजार 55 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था। उन्होंने बताया कि इस उपार्जन वर्ष के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रूपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल बोनस का लाभ भी इस वर्ष देने जा रही है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होना अनुमानित है। इसके लिए 3 लाख 12 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता होगी। प्रदेश में गेहूं खरीदी आरंभ करने के लिए आवश्यक बारदान का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केन्द्र सरकार की ओर से लिमिट भी तय कर दी गई है। राज्य सरकार को केन्द्र से हर जरूरी सहयोग भी मिल रहा है। जूट कमिश्नर कार्यालय सहित अन्य बारदाना प्रदायकर्ताओं से भी बारदान सामग्री प्राप्त की जा रही है। इसके साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति के निर्देश पर अतिरिक्त बारदान खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है। बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित कृषक प्रतिनिधि और खाद्य, सहकारिता एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।  

बिहार की ‘स्वीट सिटी’ पहुंची पंजाब के किसानों की टोली, नाबार्ड के सहयोग से लीची की उन्नत खेती का प्रशिक्षण शुरू

मुजफ्फरपुर बिहार का मुजफ्फरपुर, जिसे ‘स्वीट सिटी’ के नाम से जाना जाता है, अब सिर्फ अपनी मशहूर शाही लीची के लिए ही नहीं बल्कि किसानों के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी पहचान बना रहा है. खेती के क्षेत्र में अग्रणी राज्य पंजाब से 22 किसानों का एक दल इन दिनों मुजफ्फरपुर पहुंचा है. ये किसान यहां की प्रसिद्ध 'शाही लीची' की उन्नत खेती तकनीक सीख रहे हैं, ताकि अपने राज्य में उत्पादन बढ़ाकर बेहतर मुनाफा कमा सकें. पठानकोट से आए ये किसान राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिकों से विशेष प्रशिक्षण ले रहे हैं. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें लीची की उन्नत किस्मों, पौध प्रबंधन, रोग नियंत्रण, सिंचाई तकनीक और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी दी जा रही है. खास बात यह है कि किसानों को हाई डेंसिटी प्लांटेशन मॉडल सिखाया जा रहा है. इस तकनीक में 10×15 फीट की दूरी पर पौधे लगाए जाते हैं, जिससे कम जगह में ज्यादा उत्पादन संभव होता है. साथ ही नियमित छंटाई से पेड़ छोटे रहते हैं और फल अधिक लगते हैं. पंजाब से आए किसान यशपाल सिंह, अजीत सिंह, हड़पाल सिंह और भूपेंद्र सिंह का कहना है कि वे पहले भी मुजफ्फरपुर की तकनीक अपनाकर अच्छा मुनाफा कमा चुके हैं. लेकिन इस बार उन्हें और उन्नत तरीके सीखने का मौका मिला है, जिससे उनकी आमदनी और बढ़ सकती है. दिलचस्प बात यह भी है कि पंजाब में मुजफ्फरपुर की लीची को ‘देहरादून लीची’ के नाम से बेचा जाता है, जहां इसकी मांग काफी ज्यादा है. सीमित उत्पादन के कारण किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिलती है. पंजाब कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े फल वैज्ञानिक डॉ. मनु त्यागी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर की लीची की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है और बिहार इस उत्पादन में अग्रणी है. ऐसे में पंजाब जैसे राज्यों में इसकी खेती का विस्तार किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. वहीं पौध संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. विनय पठानिया ने बताया कि किसानों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे अपने क्षेत्र में बेहतर उत्पादन और रोग नियंत्रण कर सकें. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक द्वारा प्रायोजित है. विशेषज्ञों का मानना है कि हाई डेंसिटी प्लांटेशन जैसी तकनीकों ने पारंपरिक खेती को बदल दिया है. पहले जहां 40-50 फीट की दूरी पर पौधे लगाए जाते थे, वहीं अब कम जमीन में ज्यादा उत्पादन संभव हो रहा है. इससे किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है. कुल मिलाकर, मुजफ्फरपुर की ‘शाही लीची’ अब बिहार तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर के किसानों के लिए एक नया अवसर बनती जा रही है.  

गितिका चंदेल को मिली बड़ी जिम्मेदारी, महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त

महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल: गितिका चंदेल बनीं महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष संगठन को मजबूती, महिलाओं को नई पहचान दिलाने का लिया संकल्प मनेन्द्रगढ़/एमसीबी राजनीति के गलियारों में एक नई ऊर्जा और उम्मीद की किरण उस समय देखने को मिली, जब समर्पण, संघर्ष और सेवा की प्रतीक गितिका चंदेल को महिला कांग्रेस, मनेन्द्रगढ़ शहर की ब्लॉक अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। यह नियुक्ति केवल एक पद नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है। नियुक्ति के बाद गितिका चंदेल ने भावुक शब्दों में अपने आभार को व्यक्त करते हुए कहा कि यह विश्वास उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस दायित्व को पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगी। उन्होंने इस अवसर का श्रेय वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन और आशीर्वाद को देते हुए विशेष रूप से चरणदास महंत, ज्योत्सना महंत, फूलो देवी नेताम, विनय जायसवाल, रूमा चटर्जी, नीता डे और अनिल प्रजापति का उल्लेख किया। गितिका चंदेल ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य कांग्रेस की विचारधारा को हर घर तक पहुंचाना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में आगे लाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि वे महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाएंगी। उन्होंने भावुकता से कहा, "यह पद मेरे लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की हर उस महिला की उम्मीद है, जो अपने हक और सम्मान के लिए संघर्ष कर रही है। मैं उनकी आवाज बनकर कार्य करूंगी।" गितिका चंदेल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, रोजगार और महिला सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे हर जरूरतमंद व्यक्ति की आवाज बनकर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगी। अंत में उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की असली ताकत बताते हुए कहा,"कार्यकर्ता ही संगठन की रीढ़ होते हैं। उनका विश्वास और सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है, और मैं इस विश्वास पर खरा उतरने के लिए हरसंभव प्रयास करूंगी।" इस नियुक्ति से क्षेत्र में कांग्रेस संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं महिलाओं में भी एक नया उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है।

बिहार की राजनीति में नए युग की शुरुआत, 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार

 पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक बुलाई है. इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक उनके कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक भी हो सकती है. यह बैठक मुख्य सचिवालय में होगी. इसमें सभी मंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल रहेंगे. इसमें कुछ महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लग सकती है. नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं. इसके बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया है. जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. इसके बाद वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिल सकते हैं. सत्ता परिवर्तन की आहट राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि बिहार में जल्द ही सत्ता परिवर्तन हो सकता है. बताया जा रहा है कि एनडीए के अंदर नई रणनीति बन रही है और मुख्यमंत्री पद किसी नए चेहरे को दिया जा सकता है. भाजपा के सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, दिलीप जायसवाल और विजय कुमार सिन्हा के नाम इस दौड़ में सामने आ रहे हैं. अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है. कब मिलेगा बिहार को नया सीएम? सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 13 अप्रैल के आसपास मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और इसके बाद 14 अप्रैल को एनडीए की बैठक में नए नेता का चयन हो सकता है. यह भी कहा जा रहा है कि 16 अप्रैल के बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है. इन सभी बातों पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगातार बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि बिहार में बड़ा बदलाव होने वाला है.

वर्ष 2024-25: जल जीवन मिशन के लिए राज्य सरकार ने जारी किए 3000 करोड़ रुपये अग्रिम

वर्ष 2024-25 में जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार दे चुकी है 3000 करोड़ का अग्रिम राज्यांश रायपुर जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही राज्यांश की 3000 करोड़ रुपए की पूरी राशि अग्रिम के रूप में दे दी गई थी, जिसे उस वित्तीय वर्ष के दौरान मिशन के कार्यों के लिए व्यय किया गया था। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नई दिल्ली द्वारा 536 करोड़ 53 लाख रुपए प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के रूप में जारी किए गए हैं।   ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत अब मिशन 2.0 के तहत काम जारी है l राज्य के ग्रामीण परिवारों को 'हर घर नल से जल' योजना के तहत पाइप के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने कार्य किए जा रहे हैं l

जेडीए का बड़ा प्लान, वंदे मातरम रोड से खत्म होंगे ब्लैक स्पॉट्स, चौराहों पर लगेंगी आकर्षक मूर्तियां

जयपुर  राजस्थान के200 फीट चौड़ी सड़कों वंदे मातरम रोड को पहले से कही ज्यादा अट्रेक्टिव और हाईटेक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने मानसरोवर क्षेत्र में स्थित शहर की सबसे चौड़ी और महत्वपूर्ण सड़कों में शुमार वंदे मातरम रोड को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। अगले 6 महीनों में ये सड़क न केवल सुरक्षित होगी, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और सुंदरता के नए पैमाने गढ़ेगी। ब्लैक स्पॉट्स होंगे खत्म, रोड सेफ्टी पर खास फोकस सर्वेक्षण के बाद जेडीए ने इस सड़क के लिए एक नया मास्टर प्लान तैयार किया है। मुख्य फोकस उन स्थानों (ब्लैक स्पॉट्स) को सुधारने पर है जहाँ अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। पूरी सड़क का पुनर्निर्माण भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों के अनुसार किया जाएगा। जानिए क्या होने जा रहे हैं बड़े बदलाव वंदे मातरम रोड को दिल्ली और अहमदाबाद की सड़कों की तर्ज पर तैयार इस प्रोजेक्ट में कई आधुनिक फीचर्स शामिल होने जा रहे हैं। मुख्य सड़क को 35-40 फीट और दोनों तरफ की सर्विस रोड को 20-25 फीट चौड़ा किया जाएगा। लेन सिस्टम को खास तौर पर डवलप किया जाएगा। होगा स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार यहां पानी, बिजली, गैस, सीवरेज और टेलीकॉम लाइनों के लिए अलग से अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर बनाया जाएगा, ताकि बार-बार सड़क खोदने की जरूरत न पड़े। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर व्यवस्थित बस-वे और पार्किंग स्पेस बनाए जाएंगे। पैदल यात्रियों का ध्यान में रखते हुए फुटपाथों का विस्तार होगा और सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सौंदर्यीकरण करने के साथ ही चौराहों पर मूर्तियां भी स्थापित करेगा। इन स्थानों पर होगी मूर्तियां स्थापित वंदे मातरम रोड के प्रमुख चौराहे जैसे भारत माता, खरबस, वंदे मातरम, हयात और इस्कॉन सहित 6 प्रमुख चौराहों को आकर्षक मूर्तियों और स्मारकों से सजाया जाएगा। इसके अलावा यहां डिवाइडर और सड़क के किनारों पर सघन वृक्षारोपण कर ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। जानिए क्या होंगे बड़े फायदे     न्यू सांगानेर रोड से मुहाना मंडी के बीच के इस हिस्से से रोजाना लगभग 10,000 वाहन गुजरते हैं। इस कायाकल्प से यातायात सुगम होगा     मुहाना मंडी जाने वाले व्यापारियों, कृषकों व स्थानीय निवासियों को जाम से मुक्ति मिलेगी।     सड़क हादसों में कमी आएगी     पहले से कही ज्यादा ये रोड सुंदर लगेगा 6 महीनों में बदलेगी तस्वीर जेडीए अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना जयपुर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अगले 6 महीनों में यातायात प्रवाह बेहतर होगा और दुर्घटनाओं के जोखिम में भारी कमी आएगी। खुशेंद्र तिवारी