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विजय मेवाड़ा के हत्यारों के लिए फांसी की सजा की मांग, परिजनों और हिंदू संगठनों ने निकाला कैंडल मा

भोपाल  राजधानी के अशोका गार्डन इलाके में होटल संचालक विजय मेवाड़ा की हत्या के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फांसी की मांग को लेकर हिंदूवादी संगठनों,  परिजनों और क्षेत्रीय नागरिकों ने रविवार को एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। हजारों की संख्या में लोग इस मार्च में शामिल हुए। विजय मेवाड़ के हत्यारों को फांसी की सजा देने मांग करते हुए नारे लगाए। कैंडल मार्च में शामिल हुए मंत्री सारंग यह कैंडल मार्च नेहरू स्कूल चौराहे से शुरू होकर प्रभात चौराहे तक पहुंचा और फिर वापस नेहरू स्कूल चौराहे पर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मृतक विजय मेवाड़ा को श्रद्धांजलि दी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। मार्च में मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी शामिल हुए। उनके साथ हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। आरोपियों ने चाकू से कर दिया था हमला गौरतलब है कि 30 मार्च को अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में प्रभात पेट्रोल पंप के पास 35 वर्षीय विजय मेवाड़ा पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। वह अपनी चाय होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने जा रहे थे, तभी मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम, फरमान उर्फ आरिस और मोहम्मद इमरान उर्फ ब्रावो ने विवाद के बाद उन पर ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर रूप से घायल विजय ने हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फरमान और इमरान को पहले ही पकड़ लिया गया था, जबकि मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम फरार था, जिस पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। मुख्य आरोपी का हुआ शॉर्ट एनकाउंटर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आसिफ रातीबड़ क्षेत्र में छिपा हुआ है। जब पुलिस टीम उसे पकड़ने पहुंची और गिरफ्तार कर वापस ला रही थी, तभी आरोपी ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें आसिफ के पैर में गोली लग गई। उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अवैध हथियार भी बरामद  पुलिस कमिश्नर संजय सिंह के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अब तक 9 आपराधिक मामले सामने आए हैं और उसके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। आरोपी के पास से अवैध हथियार भी बरामद किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसे हथियार कहां से मिले और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। हिंदूवादी संगठन सड़कों पर उतरे इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। इससे पहले अशोका गार्डन थाने पर हनुमान चालीसा पाठ और चक्काजाम भी किया गया था। वहीं, सकल हिंदू समाज ने एनएसए लगाने, बुलडोजर कार्रवाई और आरोपियों को फांसी देने की मांग की है। इलाके में अब भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पुलिस हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

विराट कोहली के 28 रन से रिकॉर्ड, भुवनेश्वर कुमार बने पहले तेज गेंदबाज जिन्होंने किया ‘दोहरा शतक’

बेंगलुरु इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में रविवार (5 अप्रैल) को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में विराट कोहली उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए. आरसीबी के दिग्गज बल्लेबाज कोहली ने इस मैच में 2 चौके और एक छक्के की मदद से 18 गेंदों पर 28 रनों की पारी खेली. कोहली का विकेट तेज गेंदबाज अंशुल कम्बोज ने लपका।  विराट कोहली ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में भले ही 28 रन बनाए, लेकिन उनकी यह पारी आंकड़ों के लिहाज से बेहद खास बन गई. टी20 क्रिकेट में किंग कोहली ने एक मेगा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. कोहली टी20 क्रिकेट में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।  विराट कोहली ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ अब तक 37 टी20 मैचों में 37.12 की औसत से 1188 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 10 अर्धशतक निकले. इससे पहले टी20 क्रिकेट में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम था।  रोहित शर्मा ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ 36 टी20 मैचों में 40.03 की औसत से 1161 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 7 अर्धशतक शामिल रहे. रोहित का रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए कोहली को सिर्फ 2 रनों की जरूरत थी, जिसे उन्होंने मैच के पहले ही ओवर में हासिल कर लिया।  यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि T20 जैसे फॉर्मेट में किसी एक टीम के खिलाफ इतने रन बनाना आसान नहीं होता. इसके लिए लगातार प्रदर्शन, लंबे समय तक खेलना और बार-बार उसी टीम के खिलाफ अच्छा करना जरूरी होता है।  विराट कोहली ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ यह उपलब्धि किसी एक सीजन में नहीं, बल्कि सालों तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए हासिल की है. यह रिकॉर्ड एक बार फिर साबित करता है कि टी20 क्रिकेट में महानता सिर्फ तेज रन बनाने से नहीं, बल्कि लंबे समय तक लगातार शानदार प्रदर्शन करने से भी मिलती है।  भुवनेश्वर कुमार ने IPL में जड़ा स्पेशल दोहरा शतक इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. 5 अप्रैल (रविवार) को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में भुवनेश्वर ने आयुष म्हात्रे को आउट कर आईपीएल में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए।  भुवनेश्वर कुमार आईपीएल में 200 विकेटों का आंकड़ा छूने वाले दूसरे गेंदबाज हैं. इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ युजवेंद्र चहल ने हासिल की थी, जिनके नाम अब तक 176 आईपीएल मैचों में 224 विकेट दर्ज हैं. खास बात यह है कि चहल ने यह उपलब्धि एक लेग स्पिनर के तौर पर हासिल की थी, जो टी20 क्रिकेट में सबसे जोखिम भरा रोल माना जाता है।  तीसरे स्थान पर सुनील नरेन हैं, जिनके नाम पर आईपीएल में अब तक 193 विकेट दर्ज हैं. नरेन का प्रदर्शन खास इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने अपने सभी विकेट एक ही टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए झटके हैं।  भुवनेश्वर कुमार आईपीएल में 200 विकेट लेने वाले पहले तेज गेंदबाज भी बन चुके हैं. इंडियन प्रीमियर लीग में विकेट्स लेना कभी आसान काम नहीं रहा, खासकर ऐसे फॉर्मेट में जहां बल्लेबाज शुरुआत से ही आक्रामक रहते हैं. इसके बावजूद इन गेंदबाजों ने लगातार प्रदर्शन करते हुए खुद को ‘मैच विनर’ साबित किया है।  भुवनेश्वर कुमार की खासियत नई गेंद से विकेट निकालने की रही है. पावरप्ले और डेथ ओवर्स दोनों में असरदार गेंदबाजी करने की उनकी क्षमता उन्हें और खास बनाती है. इसके अलावा भुवनेश्वर का टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर भी शानदार रहा है. उन्होंने भारत के लिए इस फॉर्मेट में 90 विकेट लिए हैं. भुवी इस फॉर्मेट में भारत के सबसे सफल गेंदबाजों की सूची में सातवें स्थान पर हैं।  आईपीएल में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज युजवेंद्र चहल: 176 मैच- 224 विकेट भुवनेश्वर कुमार: 192 मैच- 202 विकेट सुनील नरेन: 191 मैच- 193 विकेट पीयूष चावला: 192 मैच- 192 विकेट आर. अश्विन: 221 मैच- 187 विकेट

सरकार का बड़ा कदम: LPG संकट को दूर करने के लिए ‘छुटकू’ सिलेंडरों की बढ़ी आपूर्ति

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का 5वां हफ्ता चल रहा है और हाल-फिलहाल ये थमता नजर नहीं आ रहा है. रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई धमकी देकर टेंशन को और बढ़ा दिया है. इसके साथ ही होर्मुज पर राहत की उम्मीद भी कम हो गई है, जिसकी वजह से दुनिया के तमाम देशों में तेल-गैस का संकट गहरा गया है. भारत में भी एलपीजी किल्लत देखने को मिली, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से LPG प्रोडक्शन बढ़ाने, आयात में डायवर्सिफिकेशन समेत अन्य उपायों के जरिए स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया।  हालांकि, इस बीच एलपीजी गैस एजेंसियों के बार लंबी-लंबी कतारें जरूरी लगी नजर आई हैं, लेकिन सरकार की ओर से साफ किया गया है कि भारत के पास पर्याप्त स्टॉक है और पैनिक बायिंग (LPG Panic Buying) की जरूरत नहीं है. अब एलपीजी संकट का तोड़ निकालते हुए सरकार ने डिमांड पूरी करने के लिए 5 किलोग्राम वाले LPG Cylinders की सप्लाई तेज कर दी है।  6.6 लाख सिलेंडरों की बिक्री एलपीजी डीलर्स के काउंटर पर ही ये 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर उपबल्ध कराए गए हैं और इनकी बिक्री में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया है कि बीते 23 मार्च से अब तक देश में करीब 6.6 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।  पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सब्सिडी वाले घरेलू 14.2 किलोग्राम के सिलेंडरों के विपरीत इन 5 किलोग्राम की एलपीजी बोतलों को FTL Cylinder कहा जाता है. ये मार्केट रेट्स पर उपबल्ध हैं और किसी भी नजदीकी गैस डीलर से इन्हें लिया जा सकता है।  सिर्फ ID प्रूफ की जरूरत सबसे खास बात ये है कि इन छोटे सिलेंडरों को खरीदने के लिए किसी भी तरह के एड्रेस प्रूफ को दिखाने की भी जरूरत नहीं है. आपके पास सिर्फ वैध पहचान पत्र (Identity Proof) होना चाहिए और उसके दिखाने के बाद आपको ये दे दिया जाता है. सरकार ने एलपीजी की डिमांड को पूरा करने के लिए इन सिलेंडरों की आपूर्ति में बढ़ोतरी की है।  जमाखोरी पर सरकार का एक्शन इससे पहले बीते शनिवार को भी सरकार की ओर से बयान जारी कर लोगों से पेट्रोल, डीजल और LPG की घबराहट में खरीदारी करने से बचने की अपील की गई. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार पेट्रोलियम उत्पादों और कुकिंग गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं।  इसके साथ ही तेल-LPG की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ लगातार एक्शन जारी है. इसके तहत 3,700 से अधिक छापे मारे गए हैं और एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स को लगभग 1,000 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं. इसके अलावा अब तक 36 डीलरों को निलंबित किया जा चुका है।  'पूरी क्षमता से काम कर रहीं रिफाइनरियां' सरकार ने साफ किया है कि घरों और ट्रांसपोर्टेशन के लिए पूरी सप्लाई बनाए रखी जा रही है, जबकि फर्टिलाइजर्स प्लांटों को सप्लाई 6 अप्रैल से औसत खपत के लगभग 90 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें आने वाले LNG कार्गो से मदद मिलेगी।  मंत्रालय के मुताबिक, देश की सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और पूरे देश में पेट्रोल पंप पूरी तरह से भरे हुए हैं।   

स्थापना दिवस पर विशेष- शून्य से शिखर तक भाजपा का सफर

स्थापना दिवस पर विशेष- शून्य से शिखर तक भाजपा का सफर भोपाल भाजपा की कुल उम्र कांग्रेस के शासन काल से कम होने के बावजूद भी आज सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। आज बीजेपी का 44वां स्थापना दिवस है। अपने स्थापना दिवस आयोजन के तहत पीएम के संबोधन से लेकर देश में अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम किए जा रहे हैं। बीजेपी ने 2 से 303 सांसदों तक का सफर पूरा कर बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी का आकार ले लिया है।   देश में आपातकाल के वापस लेने के बाद बीजेएस ने कई अन्य छोटे क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर जनता पार्टी का गठन किया। जनता पार्टी ने 1977 के लोकसभा चुनाव में सफलता का स्वाद चखा और मोरारजी देसाई को प्रधानमंत्री बनाकर केंद्र में सरकार बनाई। जनता पार्टी का प्रयोग अधिक दिनों तक नहीं चल पाया। दो-ढाई वर्षों में ही अंतर्विरोध सतह पर आने लगा। कांग्रेस ने भी जनता पार्टी को तोड़ने में राजनीतिक दांव-पेंच खेलने से परहेज नहीं किया। भारतीय जनसंघ से जनता पार्टी में आये सदस्यों को अलग-थलग करने के लिए ‘दोहरी-सदस्यता’ का मामला उठाया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंध रखने पर आपत्तियां उठायी जानी लगीं। यह कहा गया कि जनता पार्टी के सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य नहीं बन सकते। 4 अप्रैल, 1980 को जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति ने अपने सदस्यों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य होने पर प्रतिबंध लगा दिया। पूर्व के भारतीय जनसंघ से संबद्ध सदस्यों ने इसका विरोध किया नतीजतन मोरारजी देसाई को 1980 में पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह के कारण इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा और नए चुनाव हुए। जनता पार्टी 1980 में भंग हो गई और इसके सदस्यों ने अटल बिहारी वाजपेयी के साथ इसके पहले अध्यक्ष के रूप में भाजपा (BJP) का गठन किया।  और जनता पार्टी से अलग होकर 6 अप्रैल, 1980 को एक नये संगठन ‘भारतीय जनता पार्टी’ की घोषणा की, इस प्रकार भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई। 1984 के चुनावों में पार्टी की भारी हार से भाजपा को झटका लगा. बीजेपी को सिर्फ 2 सीटों पर संतोष करना पड़ा. साल 1989 में नौवीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव में BJP को 85 सीटें हासिल हुईं. हालांकि, 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के साथ इसका ग्राफ ऊपर चढ़ने लगा।  पंडित श्यामा प्रसाद, दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों के अनुसार राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का साधन नहीं है। समाज को अपेक्षित दिशा में प्रगति पथ पर ले जाना भी उसका कार्य है। इसके लिये संगत दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है, जो संगत विचारधारा से प्राप्त होता है। आज भारत के सभी राजनैतिक दल विचारधारा शून्यता के शिकार हैं। भाजपा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, एकात्म मानववाद तथा पंचनिष्ठाओं की संगत विचारधाराओं के आधार पर संगठन का नियमन कर रही है। शासन की नीति में भी ये दिखाई दे रहा है । भाजपा अपने ध्येनिष्ठ कार्यकर्ताओं की शक्ति के दम पर 13 साल का केन्द्रीय शासन एवं प्रदेशों में भाजपा की सरकारों ने अन्य दलों की सरकारों की तुलना में अच्छा शासन दिया है। दस वर्षों से श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सकारात्मक सुशासन की प्रक्रिया भले ही तीव्र गति से चल रही हो, पर व्यवस्थाओं की पुरानी विकृतियों का शमन करने में अभी भी कुछ समय लगेगा। (मनोज बाबू चौबे) 

कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, हरियाणा में मकान और वाहन खरीदने पर मिलेगा सरकारी लोन

चंडीगढ़. हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को अब मकान, वाहन, कंप्यूटर और विवाह के लिए ऋण लेने की खातिर बैंकों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार ने साढ़े नौ साल पुराने आदेश को बदलते हुए फिर से पुराना सिस्टम लागू कर दिया है। सरकारी कर्मचारियों को ऋण दिलाने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। चार नवंबर 2016 को जारी आदेशों को वापस लिया गया है, जिसके तहत हरियाणा सरकार के कर्मचारियों को दिए जाने वाले गृह ऋण, वाहन ऋण, कंप्यूटर ऋण और विवाह ऋण के संबंध में ऋण पोर्टफोलियो को पंजाब नेशनल बैंक में स्थानांतरित कर दिया गया था। अब हरियाणा सरकार की पूर्व की नीति और समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार ऋण प्रदान किए जाएंगे। डायरेक्ट लोन व्यवस्था को फिर से लागू करने से कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को मेजर हेड-7610 के अंतर्गत वार्षिक बजट प्रविधान के माध्यम से सीधे ऋण या अग्रिम राशि प्रदान करेगी। लास्ट पे सर्टिफिकेट का प्रारूप भी बदलेगा प्रदेश सरकार हरियाणा ट्रेजरी नियम के अंतर्गत निर्धारित लास्ट पे सर्टिफिकेट (एलपीएसी) के प्रारूप में भी संशोधन करने जा रही है। सरकारी कर्मचारियों से संबंधित वित्तीय अभिलेखों की प्रणाली को आधुनिक एवं अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसका उपयोग विशेष रूप से किसी सरकारी कर्मचारी का एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरण के समय होता है। लास्ट पे सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जिसमें कर्मचारी के वेतन, भत्तों, कटौतियों, ऋणों एवं अग्रिमों से संबंधित विस्तृत जानकारी होती है। इससे विभागों के बीच वित्तीय प्रक्रिया का सुचारू संचालन सुनिश्चित होता है। लास्ट पे सर्टिफिकेट के संशोधित प्रारूप में हालिया प्रशासनिक एवं वित्तीय सुधारों के अनुरूप कई नए प्रविधान शामिल किए गए हैं। नए प्रारूप में विशेष रूप से यूनिक कोड पेयी तथा स्थायी सेवानिवृत्ति खाता नंबर को शामिल करने का प्रविधान किया गया है, जो हाल के वर्षों में कर्मचारी के वित्तीय अभिलेखों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इसके अतिरिक्त सेवा की पूरी अवधि के सत्यापन से संबंधित एक नया कालम भी जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा। संशोधित प्रारूप में कर्मचारियों से संबंधित विस्तृत जानकारी शामिल करने का भी प्रविधान किया गया है। इसके अंतर्गत कर्मचारी का पैन, मोबाइल नंबर, पे-लेवल, बेसिक पे, अलाउंस विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही इनकम टैक्स, जीपीएफ, सब्सक्रिप्शन, एडवांस और रिकवरी सहित पूरी कटौती लेने का भी प्रविधान शामिल किया गया है।

‘रील’ बनाने के नाम पर पटियाला में हंगामा, हथियारों के साथ घूमते दिखे 50 युवक

पटियाला. शहर में 50 से अधिक युवकों ने रविवार को तेजधार हथियार लहराते हुए सड़कों पर हुड़दंग मचाया। ये युवक सूल्लर दारू कुटिया इलाके से बाइक व कार की छत पर बैठकर निकले और तेजधार हथियार लहरा रहे थे। घटना रविवार दोपहर के समय की बताई जा रही है। पुलिस से बेखौफ इन युवकों ने वीडियो भी बनाई और इंटरनेट पर अपलोड भी कर दी। मामला सामने आने और वायरल वीडियो के बाद पुलिस हरकत में आई। रविवार देर शाम तक कुछ युवकों की पहचान कर इन्हें राउंडअप भी किया है। यह वीडियो जतिन राजपूत नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड हुई है। वायरल वीडियो में युवकों का यह झुंड सुल्लर पुल से शुरू होता दिख रहा है। कार की छत पर सवार युवक तलवारें, गंडासी, टकुए सहित अन्य तेजधार हथियार लहरा रहे हैं। सुल्लर पुल से शुरू होकर वे न्यू अफसर कालोनी वाली रोड की तरफ मुड़ते हैं। इलाके में चर्चा रही कि ये युवक रैली के नाम पर किसी राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सरहिंद रोड की तरफ गए थे लेकिन रैली में शामिल होने के सुराग पुलिस को अब तक नहीं मिले हैं। हालांकि, इनके हथियार लेकर हवा में लहराते व ललकारे मारने की वीडियो पुलिस के पास जरूर पहुंची है। एसपी सिटी पलविंदर सिंह चीमा ने कहा कि युवकों द्वारा तेजधार हथियारों के साथ हुड़दंग मचाने की वीडियो पुलिस को मिल चुकी है। युवकों की पहचान कर जल्द ही युवकों को काबू किया जाएगा।

नया फोर लेन बायपास दो राज्यों के बीच सांस्कृतिक कड़ी बनेगा: मुख्यमंत्री डॉ यादव

दो राज्यों को सांस्कृतिक डोर से जोड़ेगा नया फोर लेन बायपास : मुख्यमंत्री डॉ यादव मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री गडकरी का जताया आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को दिन-प्रतिदिन नई-नई सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा रविवार को मध्यप्रदेश (ज़िला निवाड़ी) और उत्तर प्रदेश (ज़िला झाँसी) राज्यों में, झांसी के लिए 15.5 किमी लंबाई के 4-लेन वाले दक्षिणी बाईपास के निर्माण और बंगाय खास से ओरछा तिगेला तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-39 को जोड़ने वाली लिंक रोड के लिए 631.73 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है। यह बायपास और लिंक रोड दो बड़े प्रदेशों के नागरिकों को एक सांस्कृतिक डोर से हमेशा के लिए जोड़ देगा। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर), राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर), राष्ट्रीय राजमार्ग-39, राष्ट्रीय राजमार्ग-539, राष्ट्रीय राजमार्ग-552 इन पाँच राजमार्गों के जंक्शन पर स्थित है, जिसके कारण शहर के भीड़भाड़ वाले मुख्य इलाके से होकर गुज़रने वाले ट्रैफिक में भारी बढ़ोतरी होती है। झांसी में एक नया औद्योगिक शहर (BIDA) भी बसाया जा रहा है, जहां भारी माल ढुलाई की ज़रूरत होगी। उन्होंने कहा कि दक्षिणी बाईपास झांसी के आस-पास से गुज़रने वाले शहरों के बीच के ट्रैफिक के लिए एक निर्बाध रास्ता बनाएगा, जिससे शहर के अंदर यात्रा का समय कम होगा और शहर में ट्रैफिक का दबाव घटेगा। इससे प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के बीच, झांसी से होकर गुज़रने वाले पाँच राष्ट्रीय राजमार्गों के रास्ते माल की आवाजाही में लगने वाला समय भी कम होगा। यह बाईपास ओरछा तिगेला पर खत्म होता है, जो UNESCO की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल है और जहाँ जहाँगीर महल, राम राजा मंदिर और बेतवा वन्यजीव अभयारण्य स्थित हैं। हाईवे तक बेहतर पहुंच से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और विकास को भी गति मिलेगी।  

हाईकोर्ट का बड़ा निर्णय: अमित जोगी को जग्गी मर्डर केस में आजीवन कारावास

बिलासपुर. साल 2003 के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने सीबीआई की अपील (ACQA No. 66/2026) को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया। अनुमति याचिका, जल्द हो सकती है सुनवाई हाईकोर्ट ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 120-बी (अपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में छह माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। हाईकोर्ट का यह फैसला 31 मई 2007 के ट्रायल कोर्ट के फैसले को पूरी तरह पलट दिया है। उस समय स्पेशल जज (एट्रोसिटी) रायपुर ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि चिमन सिंह, याह्या ढेबर, अभय गोयल और फिरोज सिद्दीकी सहित अन्य 28 आरोपियों को सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि “एक ही गवाही के आधार पर कुछ आरोपियों को दोषी ठहराना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी कर दिया जाना कानूनी रूप से असंगत और गलत है।” बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामला रीओपन किया गया था, जिसके बाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई थी। 2003 में हुई थी एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया। जानिए कौन थे रामावतार जग्गी कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था। ये पाए गए थे दोषी जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे।

पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से जांजगीर-चांपा में मिली सम्मानित मुलाकात

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही सुअमिता श्रीवास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही सुअमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को सुअमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है। उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी। मुख्यमंत्री ने सुअमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने CM साय से मुलाकात की। सीएम साय ने कहा, जांजगीर-चांपा की बेटी पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से मुलाकात कर अत्यंत प्रसन्नता हुई। वे आगामी 9 अप्रैल को विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं – यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है। अमिता इससे पहले वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर माउंट किलिमंजारो फतह कर देश और प्रदेश का मान बढ़ा चुकी हैं। उनका आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और लक्ष्य के प्रति समर्पण प्रदेश की हर बेटी के लिए प्रेरणा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारी बेटियां हर चुनौती को पार कर नई ऊंचाइयों को छूने का हौसला रखती हैं। अमिता को इस अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं। आपका यह साहसिक प्रयास देश का मान और ऊंचा करेगा। पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास अब दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने की तैयारी में जुटी जांजगीर-चांपा जिले की रहने वाली अमिता श्रीवास अब दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने की तैयारी में जुटी हैं. चांपा शहर की रहने वाली अमिता पेशे से एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, लेकिन उनके सपने बेहद बड़े और प्रेरणादायक हैं, साधारण परिवार से आने के बावजूद उन्होंने अपने हौसले, मेहनत और जुनून के दम पर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य तय किया है. सीमित संसाधनों के बावजूद अमिता अपने इस सपने को साकार करने के लिए लगातार कड़ी मेहनत और विशेष प्रशिक्षण ले रही हैं. इससे पहले भी वह कई ऊंची चोटियों पर चढ़ाई कर भारत का तिरंगा लहरा चुकी हैं।  पर्वतारोही अमिता श्रीवास बताती हैं कि उन्होंने हमेशा भीड़ से अलग कुछ करने का सपना देखा था. उनका कहना है कि आमतौर पर लोग एक ही दिशा में चलते हैं, लेकिन उन्होंने तय किया कि उन्हें कुछ अलग करना है. इसी सोच के साथ उन्होंने पर्वतारोहण जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र को चुना, ताकि वह अपने जिले जांजगीर-चांपा और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें. अमिता बताती हैं कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से हुई है. उन्होंने प्राथमिक पढ़ाई मठ प्राथमिक स्कूल से की, जबकि मैट्रिक की पढ़ाई चांपा के गर्ल्स स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्होंने एमएमआरपीजी कॉलेज से अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी की।  कई प्रमाणपत्र हासिल किए पर्वतारोहण की शुरुआत उन्होंने साल 2018 में की. उन्होंने राजस्थान के माउंट आबू स्थित सरकारी संस्थान से रॉक क्लाइंबिंग का कोर्स किया, इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे इस क्षेत्र में आगे बढ़ना शुरू किया और अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी अन्य क्षेत्रों की तरह लिखित, मौखिक और प्रैक्टिकल परीक्षाएं होती हैं. इन सभी में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद ही प्रमाणपत्र मिलता है. अपने प्रशिक्षण के दौरान अमिता ने पश्चिम सिक्किम और उत्तर सिक्किम के पर्वतीय क्षेत्रों में करीब 5500 मीटर की ऊंचाई तक चढ़ाई की है. इसके अलावा उन्होंने उत्तराखंड की प्रसिद्ध चोटी यूटी कांगरी पर भी चढ़ाई की है।   

ऋषभ पंत का विनिंग शॉट, LSG के मालिक गोयनका की आंखों में आंसू, सीने पर रखा हाथ

नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग के नए सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने जीत का स्वाद चख लिया है. कप्तान ऋषभ पंत ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में टीम को जीत दिलाई. बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 52 गेंद में नाबाद 68 रन की पारी खेली. यह जीत उतनी आसान नहीं थी जितनी दिख रही थी. मैच काफी रोमांचक रहा सनराइजर्स हैदराबाद ने मुकाबला कड़ा कर दिया. पंत ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया और आखिरी ओवर में टीम को जीत दिलाई।  आखिरी ओवर में जयदेव उनादकट की गेंदबाजी पर पंत ने तीन चौके जड़कर एलएसजी को पांच विकेट से जीत दिलाई. जैसे ही मैच जीतने वाला शॉट लगा कैमरे एलएसजी के मालिक संजीव गोयनका की ओर घूम गए जो थोड़े भावुक नजर आए. एलएसजी के मालिक अपनी टीम के लिए काफी जुनूनी माने जाते हैं. उन्होंने अपने सीने पर हाथ रखा और आंखों में आंसू आ गए. मैच खत्म होने के बाद गोयनका को मैदान पर पंत को गले लगाते और उनसे बातचीत करते हुए भी देखा गया।  पंत ने टीम को जीत तक पहुंचाया सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 157 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को शुरुआती झटके लगे लेकिन कप्तान ऋषभ पंत ने एक छोर को थामे रखा और जीत दिलाकर ही वापस लौटे. ऐडन मार्करम और मिशेल मार्श की ओपनिंग जोड़ी 37 रन ही जोड़ पाई इसके बाद मार्करम, मिशेल मार्श, आयूष बदोनी और निकोलस पूरन 105 रन तक वापस लौट चुके थे. कप्तान ने जिम्मेदारी उठाई और 50 बॉल पर 68 रन की पारी खेल टीम को जीत तक पहुंचाया।  गोयनका और पंत के बीच ऑल इज वेल इस हफ्ते की शुरुआत में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ एलएसजी की हार के बाद गोयनका को पंत और हेड कोच जस्टिन लैंगर के साथ बातचीत करते हुए देखा गया. इस बातचीत ने एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए और एलएसजी के मालिक को आलोचना का सामना करना पड़ा. एक दिन बाद एलएसजी की सोशल मीडिया टीम ने उसी घटना का वीडियो पोस्ट किया और कहा कि सभी को पूरी तस्वीर नहीं पता. छोटे क्लिप में पंत, गोयनका और लैंगर हंसते हुए हल्की-फुल्की बातचीत करते नजर आए।