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हरियाणा के मुख्यमंत्री को मिली बम से उड़ाने की धमकी, थ्रेट मेल में धमाके और हमले की चेतावनी

चंडीगढ़  हरियाणा के सीएम नायब सैनी को फिर से धमकी मिली है। चंडीगड़ के स्कूलों को सोमवार सुबह मिले मेल में ये थ्रेट दिया गया। मेल में लिखा- सीएम सैनी चंडीगढ़ में रहिंदे ने, बम धमाके-ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे। इसी के साथ कहा गया कि हम चंडीगढ़ और पंजाब के कई स्कूलों को सोमवार को निशाना बनाएंगे। 1 अप्रैल को चंडीगढ़ में भाजपा मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला हुआ था। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें लिखा था कि अपने बच्चों को बचाओ। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। हाई अलर्ट जारी किया गया।  सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू कर दी है। धमकी वाली ईमेल में लिखा है- चंडीगढ़ के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें लिखा था कि अपने बच्चों को बचाओ। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्कूल परिसरों की गहन जांच शुरू कर दी है। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी। 10 महीने पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 30 मई 2025 को हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर और सचिवालय में फिदायीन हमले की बात कही गई थी। सीआईडी के सीनियर अधिकारियों को मेल भेजकर कहा गया कि दोनों जगह फिदायीन हमले होंगे। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की टीमें एक्टिव हो गईं। तुरंत सीएम आवास और सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और सचिवालय में अनाउंसमेंट कराकर बिल्डिंग खाली कराई गई थी। धमकी भरे ईमेल सुबह 9:21 बजे मिले स्कूलों को धमकी भरे ईमेल सुबह करीब 9:21 बजे प्राप्त हुए। इनमें एसटी स्टीफन स्कूल , शिवालिक पब्लिक स्कूल और रयान इंटरनेशनल स्कूल सहित कई शैक्षणिक संस्थानों का नाम लिया गया। इसके अलावा मेयर कार्यालय और यूटी सचिवालय को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई। ईमेल में दिए गए थे तय समय सूत्रों के अनुसार, ईमेल में धमाकों के लिए अलग-अलग समय का उल्लेख किया गया था। स्कूलों में “1:11 बजे”, मेयर कार्यालय में “2:11 बजे” और सचिवालय में “3:11 बजे” विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इतना ही नहीं, देर रात किसी विश्वविद्यालय भवन में ग्रेनेड हमले की भी धमकी दी गई। ईमेल में गांधी भवन का भी जिक्र किया गया। धमकी भरी ईमेल में ये बातें लिखीं धमकी वाली ईमेल में लिखा है- ‘चंडीगढ़ के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। चंडीगढ़ में सीएम सैनी रहिंदे, जदों तक नहीं ठोकदे, बम धमाके-ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे। स्कूलों में 1.11 बजे और 2.11 बजे मेयर ऑफिस में भी बम फटेगा।’ ईमेल में आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं। हिंदुस्तान की मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। ईमेल पर भेजने वाले ने खालिस्तान नेशनल आर्मी का पता लिखा है। इसके नीचे इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकनशाह वाला, डॉ. गुरनिरबैर सिंह और खान राजादा का नाम लिखा है। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी।  

भगवंत मान और नायब सिंह सैनी को बम से उड़ाने की धमकी, पंजाब-हरियाणा CM और DGP भी खतरे में

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी एक मेल के जरिए आई है। इस मेल में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव का ल नाम भी शामिल है। इसके अलावा मेयर ऑफिस और सचिवालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। मेल भरी इस धमकी को मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है और इन सभी की सुरक्षा और सतर्क कर दी गई है। स्कूलों को भी मिली धमकी चंडीगढ़ के कुछ स्कूलों को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले, जिसके बाद प्रशासन ने व्यापक जांच शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, पुलिसकर्मी स्कूल परिसरों में पहुंच गए और शैक्षणिक संस्थानों के अंदर तलाशी अभियान चला रहे हैं। एक स्कूल में तलाशी के दौरान मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ’’जैसे ही हमें सूचना मिली, हम स्कूल परिसर में पहुंच गए। सघन तलाशी ली जा रही है, लेकिन अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। हमने अभिभावकों से कहा है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है।’’ मिल चुकी हैं कई बार धमकियां यह ताजा घटना पिछले कुछ हफ्तों में चंडीगढ़ समेत पंजाब और हरियाणा के कई स्थानों में हुई इसी तरह की घटनाओं के बाद सामने आई है, जहां कुछ स्कूलों और उच्च न्यायालय को धमकी मिली थी, जो बाद में झूठी साबित हुई। इससे पहले पिछले हफ्ते पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को बम संबंधी धमकी मिली। हालांकि बाद में अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान कुछ संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस ने कहा कि ईमेल के जरिये मिली धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस, दमकल विभाग के अधिकारियों, बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों के दस्ते और एक एंबुलेंस को जांच के लिए उच्च न्यायालय के परिसर में भेजा गया। इससे पहले बुधवार को सेक्टर 37 में भाजपा के पंजाब कार्यालय के बाहर विस्फोट हुआ था जिसमें एक संदिग्ध देसी विस्फोटक उपकरण का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि विस्फोट में कोई हताहत नहीं हुआ। इससे पहले चंडीगढ़ में स्थित पंजाब सिविल सचिवालय, पासपोर्ट कार्यालय और अमृतसर, जालंधर, पटियाला और हरियाणा में विभिन्न स्कूलों को भी ऐसी ही धमकियां मिली थी। 26 दिन पहले खालिस्तान नेशनल आर्मी से मिली धमकी 10 मार्च को 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भी सीएम को जान से मारने की सीधी धमकी मिली। तब गुरुग्राम के कई बड़े स्कूलों को भेजे गए एक ईमेल में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के साथ-साथ शहर के स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया। मेल में लिखा-मुख्यमंत्री के पास 'एक मौका' है, यदि उन्होंने हरियाणा विधानसभा में खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन नहीं किया या पंजाब के साथ जुड़ने का विरोध किया, तो उनकी "जिंदगी खत्म" कर दी जाएगी। 10 महीने पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 30 मई 2025 को हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर और सचिवालय में फिदायीन हमले की बात कही गई थी। सीआईडी के सीनियर अधिकारियों को मेल भेजकर कहा गया कि दोनों जगह फिदायीन हमले होंगे। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की टीमें एक्टिव हो गईं। तुरंत सीएम आवास और सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और सचिवालय में अनाउंसमेंट कराकर बिल्डिंग खाली कराई गई थी। धमकी भरे ईमेल सुबह 9:21 बजे मिले स्कूलों को धमकी भरे ईमेल सुबह करीब 9:21 बजे प्राप्त हुए। इनमें एसटी स्टीफन स्कूल , शिवालिक पब्लिक स्कूल और रयान इंटरनेशनल स्कूल सहित कई शैक्षणिक संस्थानों का नाम लिया गया। इसके अलावा मेयर कार्यालय और यूटी सचिवालय को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई। ईमेल में दिए गए थे तय समय सूत्रों के अनुसार, ईमेल में धमाकों के लिए अलग-अलग समय का उल्लेख किया गया था। स्कूलों में “1:11 बजे”, मेयर कार्यालय में “2:11 बजे” और सचिवालय में “3:11 बजे” विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इतना ही नहीं, देर रात किसी विश्वविद्यालय भवन में ग्रेनेड हमले की भी धमकी दी गई। ईमेल में गांधी भवन का भी जिक्र किया गया।  

487 किलोमीटर रूट पर कवच परीक्षण पूरा, दक्षिण मध्य रेलवे ने बड़ी सफलता हासिल की

हैदराबाद  दक्षिण मध्य रेलवे ने 2025-26 के दौरान 487 किलोमीटर रूट के लिए कवच क्षेत्र परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जो रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक है।  कवच स्वदेशी रूप से विकसित एक सुरक्षा प्रणाली है, जिसे मानवीय त्रुटि के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। यह किसी खतरे के सिग्नल को पार करने वाली ट्रेन के लिए स्वचालित रूप से ब्रेक लगा सकता है और स्पीड एवं सिग्नल की लगातार निगरानी करके सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने में मदद करता है। दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) ने रविवार को कहा कि उसने सुरक्षा बढ़ाने के उपायों पर विशेष जोर दिया है और इस दिशा में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान एससीआर नेटवर्क में कवच 4.0 की स्थापना के लिए कदम उठाए गए। जोन ने रेलवे बोर्ड के 402 रूट किलोमीटर के लक्ष्य को पार करते हुए 487 रूट किलोमीटर की दूरी के लिए फील्ड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। एससीआर ने एक बयान में कहा कि सावधानीपूर्वक योजना और प्रभावी कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप यह शानदार उपलब्धि हासिल हुई है। जोन ने ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम भी शुरू कर दिया है, जिससे पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 357 किलोमीटर के लक्ष्य के मुकाबले 479 रूट किलोमीटर (आरकेएम) की दूरी के लिए सेक्शन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है। कवच 4.0 इंस्टॉलेशन का फील्ड परीक्षण काजीपेट पेद्दामपेट (101 मार्ग किमी), मल्काजगिरि कामारेड्डी (106 मार्ग किमी), चारलापल्ली रघुनाथपल्ली (79 मार्ग किमी), गुंतकल रायचूर (120 मार्ग किमी), और मुदखेड परभणी (81) के बीच खंडों में आयोजित किया गया था। इन खंडों में लोको कवच का परीक्षण भी सफलतापूर्वक किया गया। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान एससीआर ने काजीपेट बलहरशाह, विजयवाड़ा दुव्वाडा और वाडी रेनिगुंटा के बीच 479 रकमाल की दूरी के विभिन्न खंडों में ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम को चालू किया है। ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग एक ऐसी रेल संचालन प्रणाली है, जिसमें ट्रेनों की आवाजाही स्वचालित स्टॉप सिग्नलों द्वारा नियंत्रित होती है। ये सिग्नल ट्रेनों के गुजरने पर स्वचालित रूप से संचालित होते हैं। एबीएस प्रणाली का उद्देश्य एक ही दिशा में चलने वाली ट्रेनों को पीछे से टक्कर के जोखिम के बिना सुरक्षित रूप से एक-दूसरे का अनुसरण करने में सक्षम बनाना है। इससे रेलवे लागत कम होती है, खंड की क्षमता में सुधार होता है और ट्रेनों की औसत गति भी बढ़ती है। इस प्रणाली को शुरू में एससीआर नेटवर्क के उच्च घनत्व वाले और प्रमुख मुख्य मार्गों पर चालू किया जा रहा है। एससीआर के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने क्षेत्रीय और मंडल स्तर पर सिग्नल और दूरसंचार विंग के अधिकारियों के असाधारण योगदान की सराहना की है, जिसकी बदौलत जोन ने ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग और कवच फील्ड परीक्षणों को रिकॉर्ड स्तर पर सफलतापूर्वक पूरा किया है। महाप्रबंधक ने यह भी कहा कि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष के दौरान कवच और एबीएस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।  

दिव्यांका त्रिपाठी की बेबी बंप के साथ मस्ती, पति ने रोमांटिक अंदाज में किया स्वागत

मुंबई  टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी के घर जल्द किलकारी गूंजने वाली है. वो शादी के 10 साल बाद मां बनेंगी. इन दिनों वो सातवें आसमान पर हैं. हर कोई उन्हें पैंपर कर रहा है. वो जिंदगी में आने वाली सबसे बड़ी खुशी यानी बच्चे के जन्म के इंतजार में हैं. इन दिनों उनके बेबी शावर फंक्शन के चर्चे हैं. एक्ट्रेस ने इंस्टा पर नया वीडियो पोस्ट किया है।  मां बनने वाली हैं दिव्यांका परिवारवालों संग हुए इस गोदभराई के फंक्शन में दिव्यांका ने ग्रीन कलर की खूबसूरत साड़ी पहनी थी. रेड चुनरी ओढ़े वो नजर आईं. पति ने दिव्यांका को हरे रंग की चूड़ी पहनाई. बाकी मेहमानों ने एक्ट्रेस को गिफ्ट्स दिए. दिव्यांका पर उनके घरवालों ने पैसों की बारिश की. एक्ट्रेस पर नोट उड़ाए गए. ये नजारा देखकर वो एक्साइटेड दिखीं. उनके पति विवेक दहिया की खुशियां भी सातवें आसान पर दिखी. उन्होंने पत्नी के बेबी बंप पर KISS किया और कान में कुछ कहकर एक्ट्रेस को चिढ़ाया. गोदभराई के फंक्शन में सभी लोग नाचे. दिव्यांका ने बेबी बंप संभालकर डांस किया।           ये वीडियो शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने कैप्शन लिखा- क्या होता है जब आप फैमिली, प्यार और पागलपन को मिक्स करते हो? गोदभाई का फंक्शन हंसी, डांस और कभी न भुलाए जाने वाली यादों से भरा रहा. अभी भी उस दिन के बारे में सोचकर हंस रही हूं. फैंस ने दिव्यांका पर प्यार लुटाया है।  कपल ने बीती रात भी बेबी शावर का फंक्शन रखा था. यहां दिव्यांका व्हाइट कलर के खूबसूरत गाउन में दिखीं. उनके चेहरे पर प्रेग्नेंसी ग्लो साफ दिखा. विवेक ने उन्हें साथ में लेकर रोमांटिक डांस किया. उनके इस बेबी शावर फंक्शन में फैमिली के साथ इंडस्ट्री के दोस्त भी नजर आए. सभी ने दिव्यांका और उनके होने वाले बच्चे को दुआएं दीं।  दिव्यांका और विवेक ने 2016 में शादी की थी. एक्ट्रेस 41 की उम्र में मां बनने वाली हैं. काफी वक्त से वो टीवी शोज में नहीं दिखी हैं. काम से ब्रेक लेकर दिव्यांका मदरहुड पर फोकस कर रही हैं।   

‘बड़े भाई’ वाले बयान पर विजय सिन्हा ने दी सफाई, कहा- मैं सीएम की रेस में नहीं

पटना. बिहार की राजनीति में इन दिनों नए मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का दौर तेज है। सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच कई वरिष्ठ नेताओं ने यह संकेत दिया है कि अगला मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है। हालांकि, पार्टी की ओर से अब तक किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। इसी बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खुद को मुख्यमंत्री पद की दौड़ से अलग बताया है। सेवक की भूमिका में हैं, क‍िसी रेस में नहीं पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह 'सेवक की भूमिका' में हैं, किसी पद की रेस में नहीं। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार पहले भी एनडीए की थी, अब भी है और आगे भी रहेगी। गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें न कोई बड़ा भाई है, न छोटा, सभी बराबरी के भागीदार हैं। उनके अनुसार, यही भावना सामाजिक सद्भाव को मजबूत करेगी और राज्य के विकास को गति देगी। 10 अप्रैल को राज्‍यसभा की शपथ लेंगे नीतीश उधर, मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की तैयारी ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के मुताबिक, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा की शपथ ले सकते हैं। माना जा रहा है कि इसके बाद वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होगा। इधर, उत्तराधिकार को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। निशांत कुमार को राजनीति में सक्रिय करने और उन्हें विधान परिषद के रास्ते आगे बढ़ाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ हलकों में उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी उठ रही है, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति फिलहाल संभावनाओं और अटकलों के दौर से गुजर रही है, जहां आने वाले कुछ दिन बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

वीसी पद के लिए आवेदन आमंत्रित, रेणु विग का कार्यकाल बढ़ा

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में नए कुलपति की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित कर लिए गए हैं। बीते 28 मार्च को मौजूदा कुलपति प्रोफेसर रेनू विग का कार्यकाल खत्म होने जा रहा था, लेकिन चांसलर ऑफिस की ओर से उन्हें 4 महीने का एक्सटेंशन दे दिया गया है। अब नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर तीन सदस्यों की सर्च कमेटी चार से पांच नाम शॉर्ट लिस्ट करके चांसलर ऑफिस को भेजेगा जिसके बाद में कुलपति का फैसला होगा। 5 मई तक कुलपति पद के लिए योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। आमतौर पर पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति को पहले चरण में 3 वर्ष का कार्यकाल दिया जाता है और उसके बाद फिर से 3 वर्ष की एक्सटेंशन मिल जाती है। लेकिन पहली बार मौजूदा कुलपति को सिर्फ 4 महीने का एक्सटेंशन दिया गया है। पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति पद के लिए इस बार मुकाबला काफी कड़ा रहने की उम्मीद है। देश के विभिन्न यूनिवर्सिटी में मौजूदा समय में पंजाब यूनिवर्सिटी के कई प्रोफेसर कुलपति के पद पर कार्यरत हैं। यह सभी प्रोफेसर पंजाब यूनिवर्सिटी कुलपति के लिए आवेदन करेंगे। 2023 में कुलपति पद के लिए 134 आवेदन मिले थे। कुलाधिपति एवं उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कुलपति रेणु विग के कार्यकाल को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार अगले कुलपति की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय खोज-सह-चयन पैनल भी गठित कर दिया गया है। विग के तीन साल के कार्यकाल के खत्म होने के ठीक अगले दिन 29 मार्च से यह विस्तार प्रभावी होगा। शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इस पैनल में सभी महिलाएं होंगी जिसकी अध्यक्षता नासिक स्थित महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ की कुलपति सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानिटकर करेंगी। समिति में नयी दिल्ली के राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) की कुलपति शशिकला वंजारी और कोलकाता के सीएसआईआर-भारतीय रासायनिक जीव विज्ञान संस्थान की निदेशक विभा टंडन सदस्य के रूप में शामिल हैं।’’ रेणु विग ने 16 जनवरी 2023 को तत्कालीन कुलपति राज कुमार के भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच इस्तीफे के बाद कार्यवाहक कुलपति के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वर्ष 2023 में उन्हें औपचारिक रूप से विश्वविद्यालय की 14वीं और पहली महिला कुलपति नियुक्त किया गया था। 

खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन का शिकंजा, अधिकारियों ने दुकानों की जांच की

मुंगेली. जिले में यूरिया की निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बिक्री की शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है. कलेक्टर कुंदन कुमार और जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय के निर्देश पर एसडीएम अजय शतरंज, उप संचालक कृषि और नायब तहसीलदार की संयुक्त टीम ने जिला मुख्यालय के विभिन्न निजी कृषि केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया. जांच के दौरान सुपर एजेंसी, पंजाब एजेंसी, कैलाश ट्रेडर्स और शक्ति माई कृषि केंद्र सहित कई दुकानों में पहुंचकर अधिकारियों ने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे बातचीत की. यूरिया की वास्तविक बिक्री दर, उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर विस्तार से जानकारी ली गई, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने लाई जा सके. सरकार के मुताबिक खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित किया गया है। वर्तमान में राज्य के गोदामों और समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जिससे शुरुआती जरूरतों को पूरा करने की तैयारी है। हाल ही में हुई वर्चुअल बैठक में विभिन्न राज्यों में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ की स्थिति भी साझा की गई, जिसमें बताया गया कि राज्य में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार राज्य को आवंटित कुल उर्वरकों में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं। वहीं 30 मार्च 2026 की स्थिति में उपलब्ध स्टॉक में भी इन सभी उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा मौजूद है, जिससे किसानों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया गया है। संभावित कमी की स्थिति से निपटने के लिए सरकार किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रेरित कर रही है। इसके तहत जैविक खाद, हरी खाद और नैनो उर्वरकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य में जल्द ही ई-उर्वरक वितरण प्रणाली लागू करने की तैयारी है। इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए किसानों को उनके पंजीकृत रकबे के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अनियमितता पर रोक लगेगी। इसके अलावा कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों को सक्रिय किया जा रहा है। किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 

भोपाल: लाल परेड ग्राउंड में NSG कमांडो का जोरदार पावर शॉ

भोपाल  भोपाल में सोमवार को लाल परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने पावर शॉ दिखाया। कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरकर इमारत में घुसने, आतंकियों से मुकाबला करने, बम खोजने और निष्क्रिय करने, डॉग स्क्वॉड के जरिए आईईडी पहचानने और लोगों को सुरक्षित निकालने जैसी कार्रवाई का लाइव प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, NSG के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम बोले- 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा- सीपीजी काउंटर टेररिज्म ग्रुप बनाने के लिए मप्र सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार कर ली है। भविष्य में सभी प्रकार के खतरों से निपटने के लिए भोपाल के ग्राम तूमड़ा में सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया के सामने पहचान बन रही है। जब देश के प्रधानमंत्री भी सुरक्षित नहीं थे और राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से सुरक्षा मुहैया कराई। जब भी देश में किसी संकट से सामना होता है, तब एनएसजी कमांडो रक्षा करते हैं। मुझे एनएसजी पर गर्व है। 'कोई हमें छेड़ेगा तो करारा जवाब मिलेगा' सीएम कहा कि हमारी सेना देश के दुश्मनों के घर में घुसकर मारने का काम करती है। हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। यह संयुक्त प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संकल्प से सिद्धि का अभियान है। हम सर्वजन सुखाय की बात करते हैं। जो जिस प्रकार का है, उसे उसी प्रकार की भाषा में जवाब देने की तैयारी होनी चाहिए। डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बलों को सभी प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारत और प्रदेश को आगे बढ़ने में कई लोग बाधा डालते हैं। हमने नक्सलवाद पर काबू पा लिया है। मप्र पुलिस और भारत सरकार ने मिलकर ऐसी गतिविधियों को रोकने में सफलता पाई है। 'हवा में उड़ते बजरंगबली जा रहे हों' सीएम ने कहा कि हमारे कमांडो ने क्या-क्या नहीं दिखाया। जैसे हवा में बजरंगबली जा रहे हों। हमारे जवानों ने भी शानदार करतब दिखाए। काल भैरव के गणों ने भी गजब प्रदर्शन किया। आपका प्रदर्शन अद्भुत रहा। आकस्मिक आपदा के लिए हम अपनी सशक्त भूमिका निभाना चाहते हैं। हमारे जवान सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। खाली हाथ होते हुए भी वे दो-दो, चार-चार लोगों को उठाकर पटक रहे थे। यह देखकर आनंद आया। डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान कमांडो ने Mi-17 helicopter से स्लिथरिंग कर इमारत में प्रवेश किया और हाउस इंटरवेंशन की कार्रवाई दिखाई। K-9 डॉग स्क्वॉड ने आईईडी की पहचान की, वहीं बम निष्क्रियकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक का भी प्रदर्शन किया गया। कमांडो ने बहुमंजिला भवन पर हमले को निष्क्रिय करने, आतंकियों से हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और आम लोगों को सुरक्षित निकालने की ड्रिल भी प्रदर्शित की। इसके साथ ही वीआईपी सुरक्षा, क्राव मागा तकनीक और अंडरवॉटर डाइविंग से जुड़ी कार्रवाई भी दिखाई गई।

IMD का अलर्ट: 80KM की तेज़ हवाओं के साथ बंगाल-सिक्किम में होगी मूसलधार बारिश, UP-बिहार में भारी बारिश

कलकत्ता  देश में मौसम का मिजाज इस समय पूरी तरह बदला हुआ है. आसमान में बादल हैं, हवाओं में तेजी है और कई इलाकों में अचानक बारिश हो रही है. कहीं ओले गिर रहे हैं तो कहीं बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है. बंगाल और सिक्किम जैसे इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही है. वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले 72 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. मौसम विभाग (IMD) ने साफ संकेत दिए हैं कि यह बदलाव सामान्य नहीं है. लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने पूरे देश के मौसम को अस्थिर बना दिया है. इसका असर हर क्षेत्र में अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है।  बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. खेतों में खड़ी फसलें सबसे ज्यादा खतरे में हैं और किसान लगातार आसमान की ओर देख रहे हैं. तेज हवाओं के साथ गिरने वाले ओले फसलों को सीधे नुकसान पहुंचा रहे हैं. शहरों में भी हालात सामान्य नहीं हैं. कई जगहों पर पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं. कई राज्यों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।      पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है और इस बदलाव ने लोगों को चौंका दिया है. अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है, इससे स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति भी बनी है. वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है. 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है, इससे कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं, इससे जान-माल का खतरा बना हुआ है. मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है।      IMD का कहना है कि इस समय कई वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जो इस अस्थिर मौसम के पीछे मुख्य कारण हैं. पश्चिमी विक्षोभ लगातार उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहे हैं और उनकी तीव्रता भी अधिक बनी हुई है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पूर्वी और मध्य भारत में नमी बढ़ा रही हैं, इससे गरज-चमक और बारिश की घटनाएं तेज हो गई हैं. इन दोनों वेदर सिस्टम के टकराव के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है. यही वजह है कि देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है और कई क्षेत्रों में एक साथ अलग-अलग तरह की मौसमीय गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।  दिल्ली-NCR में फिर बिगड़ेगा मौसम दिल्ली-NCR में मौसम लगातार बदलता नजर आ रहा है और इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है. 6 अप्रैल को मौसम कुछ हद तक साफ रह सकता है, इससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है. 7 और 8 अप्रैल को एक बार फिर मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. इन दिनों आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इसके साथ ही तेज हवाएं चलने की संभावना भी है, जो तापमान को नीचे लाने में मदद करेंगी।  उत्तर प्रदेश में भारी बारिश     उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है और इसका असर राज्य के लगभग सभी हिस्सों में देखने को मिल रहा है. कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें लखनऊ, कानपुर, झांसी, सहारनपुर, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं. इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है. हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा ओलावृष्टि की भी आशंका है, जो खासतौर पर किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इससे गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है।      मौसम विभाग के अनुसार राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और यह प्रणाली लगातार सक्रिय बनी हुई है. नम हवाओं के टकराव से गरज-चमक की घटनाएं बढ़ रही हैं और अचानक बारिश हो रही है. आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना है, इससे गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम का यह अस्थिर रूप लोगों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।  बिहार में मौसम का बदलाव     बिहार में भी मौसम ने रुख बदल लिया है और आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं. कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है. इसमें पटना, गया, भोजपुर, पश्चिम और पूर्वी चंपारण जैसे इलाके शामिल हैं. इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, इससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।      6 और 7 अप्रैल को कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, इससे फसलों को नुकसान हो सकता है. इसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण हो रहा है. इन दोनों के प्रभाव से राज्य में नमी बढ़ गई है और मौसम अस्थिर हो गया है।  राजस्थान में मौसम ने ली … Read more

सागर जोन के अतिरिक्त प्रभार के तौर पर नर्मदापुरम आईजी मिथिलेश शुक्ला को जिम्मेदारी, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

सागर  मध्य प्रदेश सरकार ने नर्मदापुरम जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) मिथिलेश शुक्ला को सागर जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी मिथिलेश शुक्ला अब नर्मदापुरम के साथ-साथ सागर जोन की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। यह अतिरिक्त प्रभार अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक के लिए दिया गया है। 31 मार्च को सागर जोन की आईजी हिमानी खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद पद रिक्त हुआ था। अब इस पद पर शुक्ला को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। मिथिलेश शुक्ला अपने कार्यकाल में अच्छा प्रशासनिक अनुभव रखते हैं।