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मानसरोवर रामलीला मैदान में भाजपा के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

देश और समाज के लिए जीता है भाजपा कार्यकर्ता: सीएम योगी मानसरोवर रामलीला मैदान में भाजपा के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्थापकों के आदर्शों और कार्यकर्ताओं के समर्पण से भाजपा बनी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी: सीएम योगी भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए हर राष्ट्रभक्त को जुड़ना चाहिए भाजपा से: सीएम योगी      गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं में समाज व देश के लिए जीने की भावना जनसंघ काल से चली आ रही है। उनका जीवन राष्ट्र प्रथम के भाव और इसकी संकल्प सिद्धि के लिए ही समर्पित रहता है। अपने संस्थापकों के सिद्धांतों, मूल्यों व आदर्शों पर चलते हुए कार्यकर्ताओं के समर्पण भाव से ही आज भाजपा देश ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी राजनीति पार्टी के रूप में प्रतिष्ठित हुई है।  सीएम योगी सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर मानसरोवर रामलीला मैदान में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यकर्ताओं को उत्साहित व प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनंतकाल तक भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए हर राष्ट्रभक्त को भाजपा से जुड़ना चाहिए। हमारा जीवन व्यष्टि नहीं, समष्टि के लिए और व्यक्ति की बजाय राष्ट्र के लिए समर्पित हो, यही प्रेरणा पार्टी के संस्थापकों ने दी है। कांग्रेस की पृथकतावादी सोच के खिलाफ डॉ. मुखर्जी ने बुलंद की आवाज मुख्यमंत्री ने कहा कि 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ/भाजपा की इस राजनीतिक परंपरा के पहले अध्यक्ष के रूप में राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाया। उन्होंने देश की अखंडता पर जोर दिया। आजादी के बाद से ही कांग्रेस नेतृत्व की सरकार ने विश्वासघात करना प्रारंभ कर दिया था। यह विश्वासघात हर स्तर पर था। देश के अंदर ही परमिट सिस्टम लागू किया गया, जम्मू कश्मीर को अलग स्टेटस दे दिया गया। शेष भारत के लोग परमिट लेकर वहां जा सकते थे। पूर्वोत्तर राज्यों में भी कुछ जगहों पर यही व्यवस्था लागू की गई। तब पहली बार कांग्रेस की इस पृथकतावादी सोच के खिलाफ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आवाज बुलंद की थी। उन्होंने नारा दिया था – “एक देश में दो प्रधान, दो निशान, दो विधान नहीं चलेंगे।” डॉ. मुखर्जी ने इसके लिए अपना बलिदान भी कर दिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भी भारतीय राजनीति के एक ऐसे विचारक थे, जिन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के लिए ‘अंत्योदय’ की नई दृष्टि भारतीय राजनीति को दी। भारत की राजनीति में स्थिरता लाए अटल जी सीएम योगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का गठन 6 अप्रैल 1980 को हुआ। तब परिस्थितियां विपरीत थीं, किंतु उन विपरीत स्थितियों में भी एक संकल्प था कि हम भारत की आत्मा पर प्रहार करने की छूट किसी को नहीं देंगे। दुनिया के अंदर ऐसा उदाहरण देखने को नहीं मिलता कि किसी दल को उसके गठन के मात्र 16 वर्ष के अंदर देश की सत्ता प्राप्त हो। ये देश की जनता की अटूट निष्ठा का परिणाम है। जिन मूल्यों और जिन आदर्शों को लेकर भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ, जिसमें राष्ट्र सर्वोपरि का भाव है, राष्ट्र प्रथम का भाव है, उस भाव को देश की जनता ने हाथों-हाथ लिया। प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करते हुए अंत्योदय की बात की। भारत की राजनीति में स्थिरता लाने का कार्य किया। विकास को बिना भेदभाव हर तबके तक पहुंचाने के अभियान को आगे बढ़ाया, जिसे देश और दुनिया ने सराहा। जनता को पीएम मोदी के चमत्कारिक नेतृत्व पर विश्वास सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत का सूर्योदय तब होता है, जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते हैं। तब देश ही नहीं, पूरी दुनिया में एक नया संकल्प गूंजा था। हर व्यक्ति के चेहरे पर एक नई चमक देखने को मिली। वह चमक ऐसे ही नहीं थी। उन्हें मोदी जी के चमत्कारिक नेतृत्व पर विश्वास था। इस बात पर विश्वास था कि मोदी जी आए हैं, कुछ नया जरूर करेंगे। और, मोदी जी ने वह करके दिखाया। पीएम मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपने के साथ ही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश-एक निशान-एक विधान” के सपने को पूरा कर के दिखाया। कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करके वहां भी भारत का संविधान लागू कराया। हर गरीब को राशन, आवास, स्वास्थ्य सहित अनेक योजनाओं का लाभ दिया। किसानों को खुशहाल बनाया, नौजवानों को रोजगार दिया। यह इसलिए संभव हो सका कि देश के अंदर भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के मूल्यों, सिद्धांतों से रचा-बसा एक कार्यकर्ता भारत के प्रधानमंत्री के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक कर रहा है। राममंदिर के रूप में साकार हुआ अटल-आडवाणी का संकल्प सीएम योगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा ने ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ का जो संकल्प लिया था, वह भी आज डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में अयोध्या में साकार हो गया है। यह मंदिर राष्ट्रमंदिर है।  जो कहा, कर के दिखाया मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जो कहा, वह कर के दिखाया है। और, जो किया वही बोला है। भाजपा की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। आचार और विचार में कोई भेद नहीं है। पार्टी ने उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूरब से पश्चिम तक, एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाया है। ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ के भाव के साथ जिस दल ने अपनी इस यात्रा को यशस्वी ढंग से आगे बढ़ाया है, वह दल है भारतीय जनता पार्टी। जितना बड़ा संगठन, उतनी ज्यादा चुनौतियां भी सीएम योगी ने कहा कि अपनी यात्रा में भाजपा ने अनेक कठिनाइयों का सामना किया है। आपातकाल का मुकाबला किया है और राजनीतिक षड्यंत्रों का जवाब दिया है। बिना रुके, बिना डिगे, बिना झुके भारतीय जनता पार्टी की यात्रा आगे बढ़ रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सचेत करते हुए कहा कि जितना बड़ा संगठन होगा, उतनी ज्यादा चुनौतियां भी होंगी। भारत आगे बढ़ेगा तो भारत के दुश्मन उसको स्वीकार नहीं कर पाएंगे। … Read more

मंत्री कुशवाह का निर्देश: चंदेल-बुन्देला कालीन जल संरचनाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता से होगा

चंदेल-बुन्देला कालीन जल संरचाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता से किया जाये: मंत्री कुशवाह मंत्री कुशवाह द्वारा निवाड़ी जिले की विकास योजनाओं की समीक्षा निवाड़ी सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण तथा निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत निवाड़ी जिले में स्थित चंदेल-बुंदेला कालीन जल संरचाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता के साथ किया जाए। साथ ही अमृत सरोवरों का विकास और जीर्णोद्वार कार्य को भी प्राथमिकता दी जाए। कुशवाह ने यह निर्देश निवाड़ी जिले में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्री कुशवाह ने कहा निवाड़ी जिले में संचालित सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाए। उन्होंने कहा कि निवाड़ी जिले में नवीन कलेक्ट्रेट भवन सहित अन्य विभागों के भवनों का निर्माण कार्य प्राथमिकता से कराया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण के लिए निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से मौका मुआयना करें। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सेवाऐं को सुदृढ़ बनाने और संजीवनी क्लिनिक कार्य भी पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। मंत्री कुशवाह ने कहा कि निवाड़ी जिला बुंदेला और चंदेल राजवंश में काफी विकसित क्षेत्र रहा है। इन राजवंशों ने बुन्देलखण्ड अंचल में पानी की कमी को देखते हुए तालाबों, नहरों, कुओं और बावडियों का बड़े पैमाने पर निर्माण कराया था। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इन संरचनाओं सफा-सफाई जीर्णोद्वार प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये। बैठक मेंविधायक निवाड़ी अनिल जैन, कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे, पुलिस अधीक्षक राय सिंह नरवरिया, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ शिशुपाल यादव, अध्यक्ष नगर पालिका निवाड़ी गुलाब अहिरवार अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।  

विशेष अभियान के तहत किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराई जाएगी

फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियान 15 अप्रैल तक ग्राम सचिवालय में लगाया जाएगा कैंप समस्त ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान व पंचायत सचिवों को जोड़ा जाएगा फार्मर रजिस्ट्री में पीएम किसान योजना के तहत संख्या 1,72,06,355 तक पहुंची लखनऊ  प्रदेश में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। यह अभियान 15 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में संचालित होगा, जिसके तहत प्रत्येक ग्राम सचिवालय में कैंप लगाकर किसानों का पंजीकरण कराया जाएगा।   योगी सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है, ताकि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य कृषि योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। अभियान के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।  इन शिविरों के माध्यम से शेष कृषकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ नाम संबंधी त्रुटियों का भी तत्काल निराकरण किया जाए। इस कार्य में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव एवं लेखपालों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिसमें लेखपालों को अपने क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत के कम से कम एक शिविर में उपस्थित रहने को कहा गया।  इस विशेष अभियान में ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों की अहम भूमिका तय की गई है। सभी ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा, ताकि हर पात्र किसान का पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कैंप के दौरान किसानों को आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दें और मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराएं। अब तक प्रदेश में 1,72,06,355 किसानों को पीएम किसान योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा चुका है। हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं, जिनका पंजीकरण बाकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।       इस पहल से न केवल किसानों का सटीक डाटाबेस तैयार होगा, बल्कि भविष्य में कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में भी पारदर्शिता और तेजी आएगी। साथ ही, किसानों को समय पर आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी यह रजिस्ट्री महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  राज्य सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को मिशन मोड में चलाया जाए और तय समयसीमा के भीतर अधिकतम किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने दिए निर्देश, ई-ऑफिस में फाइल प्रस्तुत करते समय नियमों का पालन अनिवार्य

ई-ऑफिस में फाईल बढ़ाते समय सभी नियमों एवं स्पष्ट अभिमत के साथ हो प्रस्तुतिकरण: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा   नए वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना एवं नवीन व्यय प्रस्तावों की समीक्षा   आधार बेस उपस्थिति प्रणाली – प्रथम स्थान पर आने वालों की प्रशंसा समय पर उपस्थित ना होने वालों पर होगी कार्यवाही रायपुर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में गत वर्ष के आय-व्यय एवं नए वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।   बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा कुल बजट का 68 प्रतिशत व्यय किया गया है। प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु जो बजट आंबटित किया जाता है उसका पूर्ण लाभ हितग्राही वर्ग को मिलना चाहिए। इसके लिए वर्ष के प्रारंभ से ही एक कार्ययोजना बनाकर उसपर अमल किया जाए। इस हेतु सभी प्रभारी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य संपादित करना चाहिए। बोरा ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यय को 80 प्रतिशत किए जाने का लक्ष्य दिया है।  प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व एवं मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग प्रगति ओर अग्रसर है। विभागीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को देखते हुए भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2025-26 में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान हेतु 732 करोड़, 21 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों हेतु 915 करोड़ तथा अनुच्छेद 275 (1) अंतर्गत 170 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, यह विभाग के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है, जो आगामी दो वर्षोें में इन सभी कार्यों के सफल क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ के विकास को गति मिलेगी।    बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के अलावा आदिम जाति अनुंसधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास तथा छ.ग. राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के वित्तीय वर्ष 2025-26 अंतर्गत आय-व्यय की भी समीक्षा की गई। बैठक में संयुक्त सचिव बी.के.राजपूत, अनुपम त्रिवेदी, वित्त नियंत्रक लाजरूस मिंज, अपर संचालक संजय गौड़, आर.एस.भोई, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, प्रज्ञान सेठ, एल.आर.कुर्रें, विश्वनाथ रेडडी, श्रीमती मेनका चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता त्रिदीप चक्रवर्ती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।       प्रमुख सचिव बोरा ने बैठक में आधार फेस उपस्थिति प्रणाली एवं ई-ऑफिस व्यवस्था की भी समीक्षा की। आधार बेस उपस्थिति प्रणाली में विभाग में सर्वाधिक उपस्थिति वाले अधिकारी-कर्मचारियों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने कहा कि समय पर नहीं आने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  प्रमुख सचिव बोरा ने बैठक में ई-ऑफिस की भी समीक्षा करते हुए कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से प्रशासन में पारदर्शिता एवं कसावट आई है। साथ ही  व्यवस्था सुुदृढ़ करने में बहुत ही उपयोगी सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि अब ई-ऑफिस में फाईल आने के बाद से बहुत ही तीव्र गति से कार्य संचालन संभव हुआ है। अधिकारी फाईल बढ़ाते समय सभी नियमों एवं स्पष्ट अभिमत के साथ ही फाईल को प्रस्तुत करें, ताकि उस पर अंतिम रूप से निर्णय लिया जा सके।  उन्होंने बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के अपरीक्षित नवीन व्यय मद प्रस्तावों तथा विभिन्न विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा क्रय की गई सामग्रियों के मानकीकरण निर्धारित हो। उन्होंने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की जिलावार स्थिति, आवंटित एवं व्यय राशि की भी समीक्षा की।   प्रमुख सचिव ने बैठक में भवन निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं धरती आबा योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही छत्तीगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय से प्राप्त आय-व्यय के  आगामी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास  में  ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने सौजन्य मुलाकात की।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल एवं पोषण सुधार के प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बर्नार्ड लिंच को बेल मेटल निर्मित धातु की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च अफसर सुअनघा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

विश्व स्वास्थ्य दिवस : स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह दिवस न केवल स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी संदेश देता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान – ये तीनों स्वस्थ जीवन के मूल आधार हैं। यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सुधार करें, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है।  मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएँ, ताकि एक स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

उप मुख्यमंत्री का दावा: हिनौती गौधाम बनेगा गौ संरक्षण और प्राकृतिक खेती का आदर्श केंद्र

हिनौती गौधाम गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती का दिव्यधाम बनेगा : उप मुख्यमंत्री प्रशासनिक भवन सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण रीवा  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हिनौती गौधाम गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती का दिव्य धाम बनेगा। गौधाम में 25 हजार गायों का आश्रय स्थल बनाया जा रहा है। इसी के साथ ही प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण केन्द्र भी बनाया जाएगा जिससे गाय के गोबर और अन्य प्रकल्पों के माध्यम से प्राकृतिक खेती का प्रदर्शन कर किसानों को अपने खेतों में प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने गौधाम में नवनिर्मित प्रशासनिक भवन एवं जनभागीदारी से बनाई गई पानी की टंकी व अन्य निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती स्थल का भूमिपूजन भी किया। प्रशासनिक भवन का निर्माण 76 लाख रुपए की लागत से कराया गया है। इसमें 25 लाख रुपए सांसद निधि से, 5 लाख रुपए जनपद निधि से तथा 42 लाख रुपए जनभागीदारी निधि से प्रदत्त किए गए हैं। लोकार्पण के उपरांत प्रशासनिक भवन के सभागार में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने गौधाम में निर्माणाधीन गौ शेड, भूसा शेड सहित अन्य कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराए जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गत रात्रि गौधाम में ही विश्राम किया तथा सुबह भ्रमण के दौरान व्यवस्थाओं का अवलोकन कर इन्हें और सुदृढ़ तथा बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने गौ माता को गुड़ खिलाया। उप मुख्यमंत्री ने गौधाम परिसर में पंच पल्लव पीपल, अशोक, बरगद, आंवला एवं बेलपत्र के पौधे रोपे। उप मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम के पूर्व गौधाम में रामचरित मानस पाठ में शामिल हुए तथा पूजा-अर्चना की। इस दौरान विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, जनपद अध्यक्ष गंगेव विकास तिवारी, जिला पंचायत सदस्यगण, भारत साकेत सरपंच, एसडीएम दृष्टि जायसवाल, उप मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि राजेश पाण्डेय सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।  

पत्रकारिता के विभिन्न आयामों में समन्वय आवश्यक: मुख्यमंत्री

गोरखपुर प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह पत्रकारिता के विभिन्न आयामों में समन्वय आवश्यक: मुख्यमंत्री जन-मानस को विचलित करती है एक ही खबर में भिन्नता: मुख्यमंत्री सरकार मूल्यों व आदर्शों पर आधारित पत्रकारिता के साथ: सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पत्रकारिता के विभिन्न आयामों प्रिंट, विजुअल, डिजिटल व सोशल मीडिया के बीच परस्पर समन्वय होना आवश्यक है। यदि किसी एक ही तथ्य को मीडिया के अलग-अलग आयाम भिन्न-भिन्न तरीके व दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेंगे तो आम जन-मानस के सामने कन्फ्यूजन की स्थिति होगी। ऐसी स्थिति मीडिया के प्रति जन-विश्वास को भी प्रभावित करेगी। इसलिए यह आवश्यक है कि मीडिया के सभी अंग समान मानक, मूल्यों व आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ें। सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब सभागार में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पत्रकारिता में विभिन्न प्रकार की चुनौतियां हैं। प्रिंट, विजुअल, डिजिटल व सोशल मीडिया के तौर पर पत्रकारिता के कई स्वरूप हैं। परिवारों में भी प्रत्येक सदस्य का रुझान मीडिया के अलग-अलग रूप के प्रति रहता है। पत्रकारिता के इन सभी रूपों को समग्रता के साथ जोड़ने की आवश्यकता है। प्रिंट व विजुअल मीडिया के अपने कुछ मानक हैं, अपनी आचार संहिता है। किंतु, सोशल मीडिया को अभी इससे जोड़ना है। सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता को आत्म-नियमन से मूल्यों व आदर्शों के साथ आगे बढ़ना है। भारत में 200 वर्ष की पत्रकारिता का मूलभाव राष्ट्र सेवा, समाज सेवा व ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का भाव रहा है। हमें इसी भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मीडिया में एक ऐसा भी वर्ग है, जो समाज को गुमराह करके अशांति फैलाने का कार्य करता है। हमें मीडिया के ऐसे रूप से बचने की आवश्यकता है। यदि सोशल मीडिया तथा प्रिंट मीडिया में एक ही खबर में भिन्नता होती है, तो वह जन-मानस को विचलित करती है। यह दुविधा की स्थिति खतरनाक होती है। हमें प्रयास करना चाहिए कि ऐसी स्थिति नहीं हो। सरकार मूल्यों व आदर्शों पर आधारित पत्रकारिता के साथ सदैव खड़ी है। आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मानना चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है। संवाद में आलोचना हो सकती है, किंतु इस आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मानना चाहिए। जब हम एक सूत्र की मनोस्थिति से कार्य करते हैं, तो सदैव सार्थक परिणाम सामने आते हैं। पत्रकारिता समाज का आईना होती है। पत्रकारिता जिस दृष्टि से समाज के मुद्दों को प्रस्तुत करती है, समाज उसी दृष्टि से उसे समझता है। पत्रकारिता को जन-विश्वास प्रतीक के रूप में बने रहने के लिए सही और गलत के प्रति एक भाव में रहना चाहिए। पत्रकारिता में किसी भी मुद्दे पर दो भाव नहीं होने चाहिए, क्योंकि तब यह जन-विश्वास पर कुठाराघात करता है।  यह वर्ष हिंदी पत्रकारिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है। यह वर्ष हिंदी पत्रकारिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि 200 वर्ष पहले हिंदी पत्रकारिता की शुरूआत 30 मई 1826 को कोलकाता से हुई थी, जब जुगुल किशोर शुक्ल ने हिंदी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का शुभारंभ किया था। जब उन्होंने पत्र निकाला, तब देश गुलाम था। उन्होंने देश की आजादी के स्वर को तेज करने के लिए पत्रकारिता को माध्यम बनाया था। 200 वर्ष से बिना रुके, बिना थके, बिना डिगे पत्रकारिता की यह शानदार यात्रा आगे बढ़ रही है।  सही तथ्य से होता है मजबूत जन-विश्वास का निर्माण मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता जब एक सामान्य व्यक्ति के स्वर के साथ अपना स्वर मिलाती है, और सही तथ्यों को जनता के सम्मुख रखती है, तब एक मजबूत जन-विश्वास का निर्माण होता है। जो पत्रकारिता जन-विश्वास का प्रतीक बनती है, उसे दुनिया की कोई शक्ति विचलित नहीं कर सकती। पत्रकारिता ने कठिन मार्गों का अनुसरण करते हुए सदैव अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है। सीएम योगी ने स्वतंत्रता आंदोलन और देशसेवा के लिए महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी, अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भी पत्रकारिता को माध्यम बनाने का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बाल गंगाधर तिलक ने 1916 में लखनऊ से ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ के नारे को पत्रकारिता के माध्यम से जन-मानस में संचारित किया था। वर्ष 2017 में इस नारे के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।   विघटनकारी शक्तियों की चुनौती हमेशा सामने मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का आधार हमारे उपनिषदों से प्रेरित रहा है। यह प्रेरणा उपनिषदों की ‘सत्यमेव जयते’ सूक्ति से प्राप्त होती है। समाज में विघटनकारी शक्तियों की चुनौती पत्रकारिता के सामने हमेशा रही है। ये शक्तियां पत्रकारिता की स्वतंत्रता को बाधित करती रही हैं। इन बाधाओं से विचलित हुए बिना हमें इसको बढ़ाए रखना है, क्योंकि हमारी पत्रकारिता उपनिषदों के मूल्यों पर आधारित है, जहां सत्य की निश्चित विजय का भाव समाहित है। अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति निरंतर जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपराध व अपराधियों तथा भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को निरंतर जारी रखा है। समाज के प्रत्येक वर्ग को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। सरकार ने पत्रकारों के लिए भी विभिन्न आवासीय योजनाएं चलाई हैं। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा रहा है।  तीन करोड़ की आबादी गोरखपुर पर निर्भर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तीन करोड़़ की आबादी शिक्षा, व्यापार व रोजगार हेतु गोरखपुर महानगर पर निर्भर है। पूर्वी यूपी, पश्चिमी बिहार और नेपाल की एक बड़ी आबादी गोरखपुर पर निर्भर रहती है। गोरखपुर में पत्रकारिता की दिशा, लोगों के मन में राष्ट्रभक्ति के भाव को बढ़ाने वाली होनी चाहिए। आत्मनिर्भर विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में पत्रकारिता को मजबूती के साथ आगे आना चाहिए। यह बेहद महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना 1998 में हुई। इसमें शामिल सदस्यों को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का सानिध्य प्राप्त था। मुझे विगत वर्ष भी गोरखपुर प्रेस क्लब के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ … Read more

विधान सभा की नवगठित सभा समितियों की प्रथम संयुक्त बैठक आज

भोपाल.  मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा वर्ष 2026 -27 के लिए सभा समितियों का गठनकिया गया है जिसकी संयुक्त बैठक, आज 7 अप्रैल को अपराह्न 3:00 बजे से विधानसभा के मानसरोवर सभागार में आयोजित की गई है। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय,समितियों के सभापति एवं सदस्यगण उपस्थित रहेंगे। गठित समितियों में चार वित्तीय समितियां, लोक लेखा समिति, सरकारी उपक्रमों सबंधी समिति,प्राक्कलन समिति तथा स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज लेखा समिति शेष अन्य पन्द्रह समितियां, कार्यमंत्रणा समिति, गैर सरकारी सदस्यों के विधेयकों तथा संकल्पों संबंधी समिति, याचिका एवं अभ्यावेदन समिति, प्रत्यायुक्त विधान समिति, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति, विशेषाधिकार समिति, नियम समिति, सदस्य सुविधा समिति, पुस्तकालय अनुसंधान एवं संदर्भ समिति, पटल पर रखे गए पत्रों का परीक्षण करने संबंधी समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, महिला एवं बाल कल्याण समिति, आचरण समिति, कृषि विकास समिति तथा सदस्यों के शिष्टाचार एवं सम्मान अनुरक्षण समिति का गठन किया गया है।  

उप मुख्यमंत्री ने जिला न्यायालय परिसर में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए किया भूमि पूजन

रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला न्यायालय परिसर में विधायक निधि से 9 लाख 20 हजार रुपए की स्वीकृति से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति कार्य का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में शुद्ध व स्वच्छ पेयजल अप्रैल माह के अंत तक पहुंच जाएगा। भव्य न्यायालय परिसर में पीने के पानी की समस्या की ओर अधिवक्ताओं ने ध्यान आकृष्ट कराया था। अब इस परिसर को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर न्यायालय के पीछे का गेट खोले जाने और पार्किंग स्थल में फर्श बनाने व छाया के लिए शेड की व्यवस्था कराने का कार्य भी शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में जो भी कार्य शेष रह गए हैं उनको शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश मोहन प्रधान की भी विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय ने कहा कि नगर निगम न्यायालय परिसर व अधिवक्ताओं की समस्या के निराकरण के लिए सदैव तत्पर है। आयुक्त नगर निगम डॉ. सौरभ सोनवणे ने कहा कि रीवा शहर के हर मोहल्ले में घर-घर तक मीठा पानी पहुंचाने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अप्रैल माह के अंत तक न्यायालय परिसर में टंकी से पाइपलाइन डालकर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करा दी जाएगी। इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने विधायक निधि से पेयजल समस्या के निराकरण के लिए 9 लाख 20 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं और उसका कार्य भी प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री शुक्ल एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि की भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं और हमेशा अधिवक्ताओं की समस्याओं के निराकरण के लिए तत्पर रहते हैं। कार्यक्रम को अधिवक्ता अखण्ड प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता शिवेन्द्र उपाध्याय, घनश्याम सिंह, सुशील तिवारी, रावेन्द्र मिश्र सहित अधिवक्तागण उपस्थित रहे।