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गंगाजल रखने में कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलती? प्लास्टिक की बोतल बन सकती है वास्तु दोष का कारण

 घरों में गंगाजल का होना आम बात है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत तरीके से रखा गया गंगाजल वास्तु दोष  की वजह बन सकता है? वहीं, अगर इसका सही इस्तेमाल किया जाए, तो बंद किस्मत के ताले भी खुल सकते हैं. आइए जानते हैं वो सीक्रेट उपाय जो आपकी जिंदगी बदल देंगे. प्लास्टिक की बोतल में न रखें गंगाजल गंगाजल को कभी भी प्लास्टिक की बोतल में नहीं रखना चाहिए. यह न केवल इसकी शुद्धता को प्रभावित करता है, बल्कि वास्तु के अनुसार आर्थिक नुकसान का भी संकेत है.इसे हमेशा तांबे, चांदी या पीतल के पात्र में ही रखें. साथ ही, इसे कभी भी अंधेरे या गंदे स्थान पर न छोड़ें, वरना घर में नकारात्मकता बढ़ने लगती है. किस्मत चमकाने के 4  उपाय पैसों की तंगी: शनिवार को पूरे घर में गंगाजल छिड़कें. यह नेगेटिव एनर्जी को बाहर निकालता है. ऐसा करने से माता लक्ष्मी घर में आती हैं.   कर्ज से मुक्ति: एक पीतल के बर्तन में गंगाजल भरकर घर के उत्तर-पूर्वी कोने (ईशान कोण) में रखें. इससे मानसिक तनाव कम होता है , धन लाभ के योग भी बनते हैं. घर का क्लेश: यदि परिवार में अक्सर झगड़े होते हैं, तो हर सुबह मुख्य द्वार पर गंगाजल छिड़कें. यह बुरी नजर के लिए लक्ष्मण रेखा का काम करता है. तरक्की में बाधा: ऑफिस या दुकान में गंगाजल रखने से काम की एकाग्रता बढ़ती है , रुके हुए बिजनेस प्रोजेक्ट्स फिर से शुरू हो जाते हैं. इन बातों का रखें विशेष ध्यान जिस तरह फ्रिज या अलमारी की सही दिशा आपकी वेल्थ बढ़ाती है, वैसे ही गंगाजल के लिए ईशान कोण सबसे उत्तम है. ध्यान रहे, जिस कमरे में गंगाजल हो, वहां कभी भी मांस या मदिरा का सेवन न करें. ऐसा करना भारी वास्तु दोष पैदा करता है . यह गरीबी की वजह भी बनता है.

प्रॉपर्टी रजिस्ट्री से पहले KYC अनिवार्य: नए आदेश लागू

अमृतसर. रजिस्ट्री दफ्तरों में सरगर्म लैंड माफिया के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एफ.सी.आर. (फाइनांस कमिश्नर रैवेन्यू) अनुराग वर्मा के आदेशानुसार जहां डी.सी. दलविन्दरजीत सिंह की तरफ से 8 जाली रजिस्ट्रियां करवाने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी की जा रही है। वहीं रजिस्ट्री दफ्तरों में हाल ही में तैनात किए गए सब-रजिस्ट्रारों ने जिसमें सब-रजिस्ट्रार वन जसबीर सिंह संधू, सब-रजिस्ट्रार टू अभिषेक वर्मा और सब-रजिस्ट्रार विकास गुप्ता सहित, सब-रजिस्ट्रार करनबीर ढिल्लों की तरफ से सभी वसीका नवीसों को निर्देश दिए गए हैं कि रजिस्ट्री करवाने से पहले खरीदार और बेचने वालों के दस्तावेजों की ‘के.वाई.सी.’ जरूर करवाई जाए। अधिकारियों ने कहा कि ईजी रजिस्ट्री के तहत माल विभाग की तरफ से ‘के.वाई.सी.’ को जल्द ही सबके लिए जरुरी कर दिया जाएगा, लेकिन फिर सभी वसीका नवीसों और रैवेन्यू से संबंधित वकीलों को दस्तावेजों की ‘के.वाई.सी.’ जरुर करवानी चाहिए, ताकि बार-बार सामने आने वाली जाली रजिस्ट्रियों पर लगाम लगाई जा सके। दूसरी तरफ वसीका नवीस यूनियन की तरफ से जिला प्रधान नरेश शर्मा ने भी आश्वासन दिया है कि यूनियन के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों की तरफ से ‘के.वाई.सी.’ को पहल के आधार पर किया जा रहा है, क्योंकि जब भी कोई जाली रजिस्ट्री का मामला पकड़ा जाता है तो इससे इमानदारी के साथ काम करने वाले वसीका नवीसों की भी बदनामी होती है। ‘के.वाई.सी.’ के पहले ही दिन पकड़ा गया था नकली अरमान जमीन जायदाद की रजिस्ट्री करवाते समय ‘के.वाई.सी.’ कितनी अहम बन जाती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस समय सरकार की तरफ से रजिस्ट्रियों के दस्तावेजों में ‘के.वाई.सी.’ को शुरू करवाया गया तो पहले ही दिन एक नाबालिग लड़के की जमीन की जाली रजिस्ट्री होने से बच गई, जिसका नाम अरमान था संबंधित वसीका नवीस ने जब तथाकथित अरमान के दस्तावेजों की के.वाई.सी. करवाई तो अरमान नकली निकला। मामला थाने तक भी पहुंच गया, लेकिन लैंडमाफिया ने अपना दबाव बनाकर मामले को रफा- दफा कर दिया, जबकि प्रशासन की तरफ से इस मामले की गहराई के साथ जांच की जानी चाहिए थी और नकली दस्तावेज बनाने वाले आरोपियों पर सख्त एक्शन लेना चाहिए था। नकली दस्तावेज पेश करने वाले के खिलाफ 7 वर्ष की सजा का प्रावधान रजिस्ट्री दफ्तरों पर लागू रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत यदि रजिस्ट्री दफ्तरों में तैनात तहसीलदार या सब-रजिस्ट्रार आदि को कोई व्यक्ति नकली दस्तावेज पेश करता है या फिर जाली रजिस्ट्री करवाता है तो पांच लाख रुपये तक जुर्माना और 7 वर्ष की सजा का प्रावधान है रजिस्ट्री लिखते समय भी यह लिखा जाता है, लेकिन बड़े प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से इस बाबत कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं, जिससे लैंड माफिया का हौंसला बढ़ता जाता है।

दिल्ली कैपिटल्स, जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से कोटला में उतरेगी टीम

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का रोमांच अब धीरे-धीरे चरम पर पहुंच रहा है और इसी कड़ी में 8 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेड‍ियम मैदान पर एक और हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा. द‍िल्ली कैप‍िटल्स (Delhi Capitals) और गुजरात टाइटन्स (Gujarat Titans) आमने-सामने होंगे. यह मुकाबला टूर्नामेंट का 14वां मैच है, जो शाम 7:30 बजे शुरू होगा. द‍िल्ली अपनी जीत की लय बरकरार रखने के इरादे से अरुण जेटली के खिलाफ मैदान पर उतरेगी, जो इस समय बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संघर्ष कर रही है. दिल्ली के लिए अब तक के मुकाबले लगभग परफेक्ट रहे हैं, खासकर गेंदबाजी में टीम ने दमदार प्रदर्शन किया है.   बल्लेबाजी में 22 वर्षीय समीर र‍िजवी ने बड़ी जिम्मेदारी संभाली है और सीजन की शुरुआत में ही खुद को साबित किया है. उन्होंने लगातार तीसरा आईपीएल अर्धशतक जड़ते हुए टीम को मजबूती दी है. हालांकि, टीम को अपने टॉप ऑर्डर से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. केएल राहुल अभी तक बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं, लेकिन जिस तरह से वह आउट हुए हैं, उससे साफ है कि उनकी फॉर्म लौटना सिर्फ समय की बात है. वहीं नंबर तीन पर बल्लेबाजी कर रहे नीतीश राणा पर दबाव बढ़ता जा रहा है. श्रीलंका के पथम न‍िसंका ने पिछले मैच में शानदार बल्लेबाजी कर लय हासिल की, जिससे उन्हें गुजरात के तेज गेंदबाजों कग‍िसो रबाडा और मोहम्मद स‍िराज के खिलाफ पावरप्ले में चुनौती देने का आत्मविश्वास मिला है. गेंदबाजी में मुकेश कुमार प्रभावी रहे हैं, जबकि कप्तान अक्षर पटेल ने पावरप्ले और मिडिल ओवर्स में शानदार भूमिका निभाई है. लुंगी एनग‍िडी की मौजूदगी से आक्रमण और मजबूत हुआ है, जिसमें कुलदीप यादव और टी नटराजन जैसे गेंदबाज शामिल हैं. दूसरी ओर, गुजरात टाइटन्स  की हालत चिंताजनक बनी हुई है. टीम ने अपने शुरुआती दो मुकाबले गंवाए हैं और बल्लेबाजी में टॉप ऑर्डर पर ज्यादा निर्भरता साफ दिखी है. साई सुदर्शन ने अच्छी शुरुआत दी, लेकिन मिडिल ऑर्डर जिसमें ग्लेन फिलिप्स, वॉशिंगटन सुंदर और राहुल तेवतिया शामिल हैं, उसे भुना नहीं सका. कप्तान शुभमन ग‍िल मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पिछला मैच नहीं खेल पाए थे, लेकिन स्टैंड-इन कप्तान राश‍िद खान के अनुसार वह इस मैच के लिए फिट हो सकते हैं. गेंदबाजी में भी गुजरात को सुधार की जरूरत है. मोहम्मद स‍िराज और कग‍िसो रबाडा महंगे साबित हुए हैं, जबकि प्रस‍िद्ध कृष्णा निरंतरता नहीं दिखा पाए हैं. हालांकि राश‍िद खान ने अच्छी लय पकड़ी है और युवा तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने प्रभावित किया है. दिल्ली का कोटला मैदान (अरुण जेटली स्टेड‍ियम) आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार रहता है, लेकिन पिछले मैच में यहां कम स्कोर देखने को मिला था. तब मुंबई ने महज 162 रन बनाए थे, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि शाम के मुकाबले में पिच कैसा व्यवहार करती है. गुजरात vs द‍िल्ली हेड टू हेड   कुल मैच :7 द‍िल्ली जीता : 3 गुजरात जीता: 4 द‍िल्ली की टीम रहेगी अनचेंज द‍िल्ली अपने लगातार दो मैच जीती है, ऐसे में उनकी प्लेइंग 11 में बदलाव देखने को मिल सकते हैं. वहीं शुभमन ग‍िल के आने से टीम से बाहर कौन आएगा, यह देखने वाली बात होगी. द‍िल्ली कैप‍िटल्स की आज के मैच की संभाव‍ित प्लेइंग 11: केएल राहुल (विकेट कीपर), पथुम न‍िसंका, नीतीश राणा, व‍िप्रज निगम, अक्षर पटेल (कप्तान), डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, टी नटराजन, मुकेश कुमार. द‍िल्ली कैप‍िटल्स इम्पैक्ट ऑप्शन: आशुतोष शर्मा, आकिब नबी, समीर रिजवी, दुष्मंथा चमीरा, करुण नायर. गुजरात टाइटन्स की आज के मैच की संभाव‍ित प्लेइंग XI  शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेट कीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, राहुल तेवतिया, राशिद खान , कगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, अशोक शर्मा गुजरात टाइटन्स इम्पैक्ट ऑप्शन: शाहरुख खान, जेसन होल्डर, मानव सुथार, अनुज रावत, जयंत यादव दिल्ली कैपिटल्स  का स्क्वॉड: अक्षर पटेल (कप्तान), अभिषेक पोरेल, करुण नायर, केएल राहुल, नीतीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, आशुतोष शर्मा, माधव तिवारी, दुष्मंथा चमीरा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, व‍िप्रज निगम, मिचेल स्टार्क, त्रिपुराना विजय, डेविड मिलर, बेन डकेट, आकिब नबी दार, पथुम निसंका, लुंगी एनगिडी, पृथ्वी शॉ, काइल जैमीसन, टी नटराजन, अजय जाधव मंडल, साहिल पारख. गुजरात टाइटन्स का स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), अनुज रावत, जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, शाहरुख खान, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, राहुल तेवतिया, वाशिंगटन सुंदर, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कगिसो रबाडा, रवि श्रीनिवासन साई किशोर, जयंत यादव, इशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, पृथ्वी राज यारा, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, अरशद खान.    

मदिरा से भरा सरकारी खजाना: राजनांदगांव में 360 करोड़ की आमद, बढ़ेंगी दुकानें

राजनांदगांव. जिले में आबकारी विभाग के खजाने में शराब प्रेमियों में भरपूर राजस्व जमा कर दिया है। वर्ष 2025-26 में राजनांदगांव जिले में आबकारी विभाग ने छह सौ करोड़ का शराब बेच दिया। जिससे विभाग के खजाने में 360 करोड़ रुपए का राजस्व जमा हो गया है। पिछले साल प्राप्त राजस्व 345 करोड़ का रिकार्ड टूटने के बाद आबकारी विभाग ने इस बार चार सौ करोड़ रुपए अधिक के राजस्व का अनुमान लगाया है। यही नहीं इस को देखते हुए आबकारी विभाग ने सात और दुकान खोलने की तैयारी कर ली है। जानकारी के अनुसार, पिछले साल आबकारी विभाग को 585 करोड़ का शराब बेचने पर 345 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। लेकिन इस बार यह आंकड़ा पिछले साल से बढ़कर 360 करोड़ रुपए तक पहुंच गया हैं। वर्ष 2025-26 में अप्रैल से मार्च तक वित्तीय वर्ष में छह सौ करोड़ रुपए की शराब बिक्री हुई। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष से लगभग 24 फीसदी तक अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, जिले में सालभर में कुल 327 करोड़ रुपए की देशी शराब बेची गई है, यहां कुल बिक्री का लगभग 54 फीसदी है। वहीं शेष 225 करोड़ की विदेशी और 48 करोड़ विदेशी माल्ट शराब बेची गई। जिले में कुल 19 दुकानें स्थापित किए गए है। साढ़े छह सौ करोड़ शराब बिक्री का अनुमान जिले में हाल के वित्तिय वर्ष में छह सौ करोड़ का शराब बिकने के बाद आबकारी विभाग के अफसर इस वर्ष 2026-27 में बिक्री का अनुमसान साढ़े छह सौ करोड़ रुपए तक आंक रहे है। इस बिक्री से अबकारी को चार सौ करोड़ का राजस्व प्राप्त हो सकता हैं।

मध्य प्रदेश में 3 चक्रवात सक्रिय, 7 जिलों में बारिश, 11 जिलों में अलर्ट; ओले पड़ने की आशंका

भोपाल मध्य प्रदेश के आसमान पर इस समय तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन मंडरा रहे हैं, जिसके प्रभाव से अप्रैल के महीने में मानसून जैसा नजारा दिख रहा है. बुधवार को भोपाल, उज्जैन और रायसेन समेत 7 जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में ओले गिर सकते हैं।  ओलावृष्टि और आंधी का 'डबल अटैक' मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने का प्रबल अनुमान है. इसके अलावा, ग्वालियर-चंबल संभाग और विंध्य क्षेत्र के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।  IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर समेत 18 जिलों में बारिश होने का अलर्ट है, वहीं दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने का अनुमान जताया है। इससे पहले मंगलवार को भिंड, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोक नगर, टीकमगढ़, सतना के चित्रकूट और रीवा में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहा। कहीं, तेज आंधी चली तो कहीं बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश हुई। वहीं रतलाम में धूल भरी हवाएं चलीं। हवा की रफ्तार: प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है।  नया सिस्टम: 11 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिससे अप्रैल के दूसरे सप्ताह में भी गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।  11 अप्रैल को नया सिस्टम मौसम विभाग की मानें तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा, जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। तेज आंधी भी चलेगी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। मौसम का मिजाज दोपहर बाद ही बदलेगा। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। भीषण गर्मी का इतिहास और वर्तमान मध्य प्रदेश में अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर झुलसाने वाली गर्मी के लिए जाना जाता है।  ग्वालियर में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है. भोपाल का रिकॉर्ड 29 अप्रैल 1996 को 44.4 डिग्री रहा था. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से 'क्लाइमेट चेंज' के कारण अप्रैल में बारिश का ट्रेंड बढ़ा है. साल 2013 और 2023 में भी अप्रैल के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई थी।  इन जिलों में बारिश का अलर्ट: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, इटारसी और शिवपुरी। 

अमेरिका ने ईरान को नुकसान का मुआवजा देने का किया ऐलान, पर शर्तें हैं गजब

तेहरान  अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम का ऐलान हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान से मिले 10 बिंदु बातचीत आगे बढ़ाने का आधार हैं। खबर है कि इसमें ईरान ने एक शर्त यह भी रखी है कि उसे हुए नुकसान का मुआवजा भी दिया जाएगा। सबसे बड़ी राहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुलना मानी जा रही है, जिसपर दुनिया का तेल वितरण टिका हुआ था। 3640 मौतें, 90 हजार घर गिरे जंग में लेबनान, इराक, जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, यूएई, ओमान जैसे देश भी शामिल हो गए। लगभग 40 दिन तक मिसाइलें, ड्रोन और बमबारी चलती रही. अब तक की रिपोर्ट के अनुसार कुल मौतें करीब 3640 बताई जा रही हैं. हजारों लोग घायल हुए हैं. बहुत बड़ी संपत्ति का नुकसान हुआ है।  जंग कब शुरू हुई और फैली? 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए. इन हमलों में ईरान के कई सैन्य ठिकाने, परमाणु सुविधाएं और सरकार से जुड़े स्थान निशाने पर थे. ईरान ने इसे जवाब दिया और इजरायल पर मिसाइल व ड्रोन दागे. साथ ही उसने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए।  ईरान ने खाड़ी देशों पर भी हमले किए क्योंकि वहां अमेरिकी ठिकाने हैं. लेबनान में हिजबुल्लाह ने भी इजरायल पर रॉकेट दागे. यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इजरायल को निशाना बनाया. इस तरह एक छोटा सा संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैल गया. कई देशों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं और तेल-गैस की कीमतें आसमान छूने लगीं।  इस 40 दिन की जंग में सबसे ज्यादा नुकसान ईरान को हुआ. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार वहां 2076 लोग मारे गए. 26500 से ज्यादा घायल हुए. इनमें आम नागरिक भी शामिल हैं. लेबनान में 1497 मौतें हुईं और हजारों लोग घायल हुए. इजरायल में 26 लोग मारे गए जबकि 7183 घायल हुए. अमेरिकी सैनिकों में 13 मौतें हुईं और 200 से ज्यादा घायल हुए।  खाड़ी देशों में कुल 28 मौतें बताई गई हैं. इनमें कुवैत में 7, बहरीन में 3, सऊदी अरब में 2, यूएई में 12, ओमान में 3 और कतर में कुछ घायल हुए. इराक में 109 मौतें और दर्जनों घायल. जॉर्डन में 29 घायल, सीरिया में 4 मौतें और साइप्रस में भी कुछ नुकसान हुआ.  कुल मिलाकर मौतों की संख्या 3640 के आसपास पहुंच गई है. घायलों की संख्या बहुत ज्यादा है – ईरान अकेले में 26,500 से ऊपर. असली आंकड़े इससे भी ज्यादा हो सकते हैं क्योंकि स्थिति तेजी से बदल रही है।  इमारतों और संपत्ति का भारी नुकसान जंग ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि शहरों और गांवों को भी तबाह कर दिया. कुल 90 हजार घर पूरी तरह बर्बाद हो गए. स्कूलों पर भी बहुत असर पड़ा – 760 स्कूल क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए. अस्पतालों की संख्या 307 बताई गई है जो या तो बमबारी में टूट गए या इस्तेमाल नहीं हो पा रहे. हजारों व्यावसायिक इमारतें, दुकानें, बाजार और फैक्टरियां भी नष्ट हुईं।  ईरान में कई शहरों में आवासीय इलाके, स्कूल और अस्पताल प्रभावित हुए. लेबनान में भी बड़े पैमाने पर घर और इमारतें गिर गईं. इजरायल में कुछ इलाकों में क्षति हुई लेकिन वहां की एयर डिफेंस ने कई हमलों को रोक लिया. खाड़ी देशों में तेल और गैस के प्लांट, बंदरगाह और एयरपोर्ट पर हमले हुए जिससे ऊर्जा उत्पादन प्रभावित हुआ. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल परिवहन बाधित होने से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ गईं।  ईरान इस जंग का मुख्य केंद्र रहा. वहां सबसे ज्यादा मौतें और घायल हुए. उसके परमाणु और सैन्य कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा. लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े इलाकों में भारी बमबारी हुई जिससे आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. इजरायल ने अपनी मजबूत रक्षा व्यवस्था से कई हमलों को रोका लेकिन कुछ मौतें और चोटें हुईं।  खाड़ी देश जैसे सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन आदि ने ईरानी हमलों का सामना किया. इन देशों में ज्यादातर हमले ऊर्जा सुविधाओं पर थे. हालांकि इन देशों की एयर डिफेंस ने ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया, फिर भी कुछ मौतें और संपत्ति का नुकसान हुआ।  ईरान ने रखीं हैं 10 शर्तें एक-दूसरे पर हमला न करना Strait of Hormuz पर ईरान का नियंत्रण बने रहना यूरेनियम संवर्धन की अनुमति देना सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाना सभी माध्यमिक प्रतिबंधों को हटाना UNSC के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना ईरान को हुए नुकसान का मुआवजा देना क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों को वापस बुलाना सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, जिसमें लेबनान के 'इस्लामिक रेजिस्टेंस' के खिलाफ युद्ध भी शामिल है। ट्रंप का बयान ट्रंप ने लिखा, 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर से हुई बातचीत के आधार पर, जिसमें उन्होंने मुझसे ईरान पर आज रात होने वाले विनाशकारी हमले को रोकने का अनुरोध किया था। साथ ही ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरा, तत्काल और सुरक्षित तरीके से खोलने के मद्देनजर मैं दो सप्ताह के लिए ईरान पर दो हफ्ते के लिए बमबारी और हमले रोकने के लिए तैयार हो गया हूं।' ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका और ईरान के बीच पिछले विवाद के लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है, लेकिन दो हफ्तों का संघर्ष विराम समझौते को अंतिम रूप देने और लागू करने में मदद करेगा।' पाकिस्तान में होगी वार्ता पाकिस्तान ने बुधवार को अमेरिका और ईरान को इस्लामाबाद में वार्ता के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका और ईरान ने तत्काल संघर्षविराम पर सहमति जताई है। शरीफ ने बताया कि पाकिस्तान ने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में आमने-सामने बातचीत के लिए आमंत्रित किया है, ताकि 'सभी विवादों का समाधान' निकाला जा सके। चीन की है अहम भूमिका? एपी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि चीन ने ईरान के नेताओं से बातचीत करके उन्हें अमेरिका से युद्धविराम का रास्ता तलाशने के लिए राजी करने की कोशिश की। दो अधिकारियों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि बातचीत के दौरान चीनी अधिकारी ईरानी अधिकारियों के संपर्क में थे। … Read more

पश्चिमी राजस्थान के औद्योगिक विकास को लगेंगे पंख, प्रधानमंत्री करेंगे 79 हजार करोड़ की रिफाइनरी का लोकार्पण

जयपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान के बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। यह दौरा पिछले दो महीनों में उनका दूसरा राजस्थान दौरा होगा। इससे पहले वे 28 फरवरी 2026 को अजमेर आए थे, जहां उन्होंने हजारों करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। मारवाड़ सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान के लिए पचपदरा रिफाइनरी का खास महत्व है। इस परियोजना से बाड़मेर और जैसलमेर क्षेत्र में इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। जनवरी से ही पहले चरण के ट्रायल रन की तैयारी शुरू कर दी गई थी और अब जल्द ही कमर्शियल उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। रिफाइनरी परियोजना का इतिहास भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इसका पहला शिलान्यास 22 सितंबर 2013 को सोनिया गांधी ने किया था, उस समय प्रदेश में अशोक गहलोत की सरकार थी और लागत करीब 37,230 करोड़ रुपए आंकी गई थी। बाद में शर्तों में बदलाव के बाद 16 जनवरी 2018 को प्रधानमंत्री मोदी ने इसका पुनः शुभारंभ किया, तब लागत बढ़कर 43,129 करोड़ रुपए हो गई। समय के साथ परियोजना की लागत लगातार बढ़ती गई और अब यह करीब 79,459 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।   मुझे यह जानकारी देते हुए अत्यंत हर्ष और गर्व की अनुभूति हो रही है कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता, हम सभी के मार्गदर्शक, यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री @narendramodi जी आगामी 21 अप्रैल 2026 को पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण हेतु वीरधरा राजस्थान पधार रहे हैं। रिफाइनरी के बारे में रिफाइनरी की सालाना क्षमता 9 मिलियन टन कच्चे तेल के प्रसंस्करण की है, जबकि 2 मिलियन टन का पेट्रोकेमिकल उत्पादन भी होगा। इसमें करीब 7.5 मिलियन टन क्रूड ऑयल अरब देशों से आयात किया जाएगा और शेष 1.5 मिलियन टन तेल राजस्थान में उत्पादित होगा। कई मोड़ों, समझौतों और विवादों से होकर गुजरी रिफाइनरी रिफाइनरी परियोजना राजस्थान और देश के लिए एक महत्वाकांक्षी औद्योगिक सपना रही है, जिसकी यात्रा दो दशकों में कई मोड़ों, समझौतों और विवादों से होकर गुजरी है। शुरुआत (2005-2013) वर्ष 2005 में इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 12,000 करोड़ रुपए रखी गई थी। इसके बाद 2013 में अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में पचपदरा में एचपीसीएल के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हुए और शिलान्यास किया गया। उस समय परियोजना की लागत बढ़कर 37,320 करोड़ रुपए हो गई और इसकी वार्षिक क्षमता 90 लाख टन तय की गई। राजे सरकार में नए एमओयू (2013-2017) वसुंधरा राजे सरकार के सत्ता में आने के बाद पिछली सरकार के समझौते की शर्तों पर सवाल उठाए गए। इसके बाद 2017 में एचपीसीएल के साथ नया समझौता हुआ, जिसमें राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले ब्याज-मुक्त ऋण की राशि में बड़ा बदलाव किया गया और इसे 3,736 करोड़ रुपए से घटाकर 1,123 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष कर दिया गया।2018 में पीएम मोदी ने किया शिलान्यास (2018-2025) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में परियोजना स्थल का उद्घाटन किया।    

नया रिकॉर्ड, सानिया मिर्जा के बाद W100 फाइनल में पहुंचीं वैष्णवी अडकर

नई दिल्ली  भारतीय टेनिस में 21 साल की वैष्णवी अडकर (Vaishnavi Adkar) नई स्टार बनकर उभरी हैं। उन्होंने साल 2026 में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत की नई महिला सिंगल्स नंबर 1 खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया है। पुणे की इस युवा खिलाड़ी ने वर्ल्ड रैंकिंग में 643 से छलांग लगाकर 383 वां स्थान हासिल किया है। वैष्णवी अडकर ने रचा इतिहास दरअसल, ताजा रैंकिंग में वैष्णवी अडकर ने सहजा यमलापल्ली (Sahaja Yamalapalli (384)) को पीछे छोड़ते हुए टॉप पोजीशन हासिल की, जबकि वैदेही चौधरी और श्रीवल्ली रश्मिका क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। बिली जीन किंग कप में बड़ी जिम्मेदारी वैष्णवी इस समय नई दिल्ली में बिली जीन किंग कप (पूर्व में फेड कप) 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। टीम को उनसे और सहाजा से सिंगल्स में काफी उम्मीदें हैं, जबकि डबल्स में अंकिता रैना और रुतुजा भोसले अहम भूमिका निभा सकती हैं। ITF सर्किट में धमाकेदार प्रदर्शन वैष्णवी की इस उछाल के पीछे ITF सर्किट में उनका लगातार शानदार प्रदर्शन रहा है। उन्होंने बेंगलुरु में W100 टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा। वह 2009 में सानिया मिर्जा के बाद W100 फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला बनीं, जब वह बेंगलुरु में उपविजेता रहीं। इस उपलब्धि ने ITF सर्किट पर उनके बढ़ते कद को और ऊंचा कर दिया। इसके बाद कालाबुरागी में उन्होंने खिताब जीतकर अपने फॉर्म को और मजबूत किया। फाइनल में उन्होंने अंकिता रैना को 7-6(3), 6-4 से हराया। इससे पहले सेमीफाइनल में टॉप सीड जैसमिजन गिम्ब्रेरे को हराकर सबको चौंका दिया। वैष्णवी ने डबल्स में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अंकिता रैना के साथ मिलकर खिताब जीता। 2026 में उनकी यह निरंतर सफलता उन्हें भारतीय टेनिस की नई उम्मीद के रूप में स्थापित कर रही है।  

स्वर्ण पदक, भारतीय निशानेबाजों ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर रचा इतिहास

प्रेट्र, ग्रेनाडा  भारतीय निशानेबाज पलक और मुकेश नेलावल्ली ने मंगलवार को राइफल और पिस्टल के आईएसएसएफ विश्व कप में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्सड टीम वर्ग में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पलक और मुकेश की भारतीय जोड़ी ने कुल 487.7 अंक बनाकर शीर्ष स्थान हासिल किया जो कि जूनियर विश्व रिकॉर्ड भी है। इस जोड़ी ने क्वालीफिकेशन दौर में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 581 अंक के साथ पदक दौर में जगह बनाई थी। चीनी-हंगरी ने भी जीते मेडल कियानसुन याओ और काई हू की चीन की जोड़ी ने 484.8 अंक के साथ रजत पदक जीता, जबकि वेरोनिका मेजर और अकोस कैरोली नागी की हंगरी की जोड़ी ने फाइनल में कुल 414.9 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पलक-मुकेश का धांसू प्रदर्शन पलक ने फाइनल में 243.0 जबकि मुकेश ने 244.7 अंक बनाए। क्वालीफिकेशन दौर में पलक और मुकेश ने दूसरा स्थान हासिल किया। उनसे आगे चीन की जोड़ी थी जिसने 586 अंक जुटाए। पलक (18 साल) पहली बार 2023 एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत मुकाबले में स्वर्ण और टीम वर्ग में रजत पदक जीतकर सुर्खियों में आईं थी। उन्होंने 242.1 अंक का एशियाई खेलों का रिकॉर्ड बनाकर 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए भी कोटा पक्का कर लिया था। मुकेश भी भारतीय पिस्टल निशानेबाजी के एक उभरते हुए सितारे हैं और जूनियर विश्व चैंपियन हैं।

CJI सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में पहली बार लिया मोबाइल, कौन था संदेश भेजने वाला?

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट हो या हाईकोर्ट, आमतौर पर अदालतों में मोबाइल फोन ले जाना अच्छा नहीं माना जाता है। इसको लेकर नियम भी बने हुए हैं। हालांकि, बीते  देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत अपना मोबाइल लेकर सुप्रीम कोर्ट स्थित अपने कोर्ट रूम पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा किया है। इसके पीछे कारण का खुलासा करते हुए सीजेआई ने कहा कि उन्होंने एसआईआर को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का संदेश देखना था, इसलिए मोबाइल फोन लेकर कोर्ट रूम आना पड़ा। कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल के मैसेज को पढ़ते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने मुस्कुराते हुए कहा, "दरअसल, मुझे अभी याद आया कि यह पहली बार है जब मैं अदालत में मोबाइल फोन लाया हूं। मैंने अपने जीवन में पहले कभी ऐसा नहीं किया।" इतना सुनते ही वहां मौजूद वकील भी मुस्कुरा दिए। बंगाल एसआईआर पर क्या बोला SC? आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court News) ने सोमवार को कहा कि चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से बाहर किये गए करीब 60 लाख लोगों के दावों और आपत्तियों का आज ही निस्तारण किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य में केंद्रीय बल तैनात रहेंगे। शीर्ष अदालत ने एक महिला न्यायिक अधिकारी का अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करने वाला वीडियो देखने के बाद कहा कि ''हाल के दिनों में जिस तरह की घटनाएं हुई हैं, उन्हें देखते हुए पश्चिम बंगाल से केंद्रीय बलों को वापस नहीं बुलाया जाएगा।'' कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों को मिली कथित धमकियों और उनके कामकाज में बाधा डाले जाने पर चिंता व्यक्त की तथा कहा कि यदि सरकारी तंत्र सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहता है, तो वह उपयुक्त उपायों पर विचार करेगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा, ''यदि सरकारी तंत्र विफल होता है, तो हम सोचेंगे कि क्या किया जा सकता है।'' प्रधान न्यायाधीश ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से इन अधिकरणों के लिए समान प्रक्रियाएं तैयार करने के वास्ते पूर्व वरिष्ठ न्यायाधीशों की तीन सदस्यीय समिति गठित करने को कहा। पीठ ने कहा कि इस बीच, कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिन्होंने एक अपीलीय अधिकरण की अध्यक्षता करने के लिए सहमति दी है।