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धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे जवाद अहमद सिद्दीकी, ईडी ने बैंक बैलेंस और जमीनें की जब्त

फरीदाबाद  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत फरीदाबाद स्थित अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और उसके मैनेजिंग ट्रस्टी जवाद अहमद सिद्दीकी की कुल 39.45 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। इस कुर्की में शामिल संपत्तियों में जवाद अहमद सिद्दीकी का दिल्ली के जामिया नगर, ओखला इलाके में स्थित आवासीय परिसर, फरीदाबाद के धौज गांव में अल-फलाह विश्वविद्यालय के पास स्थित कृषि भूमि, साथ ही ट्रस्ट और जवाद सिद्दीकी की डीमैट अकाउंट्स, बैंक बैलेंस और फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल हैं। तीन एफआईआर पर आधारित है जांच ईडी की जांच दिल्ली पुलिस की तीन एफआईआर पर आधारित है। इनमें दिल्ली क्राइम ब्रांच की दो एफआईआर (संख्या 337/2025 और 338/2025, दोनों 13 नवंबर 2025 को दर्ज) और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम पुलिस स्टेशन की एफआईआर संख्या 0021/2026 (10 जनवरी 2026 को दर्ज) शामिल हैं। इन एफआईआर में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं, जो पीएमएलए के अंतर्गत अनुसूचित अपराध माने जाते हैं। क्या है आरोप? आरोप है कि अल-फलाह विश्वविद्यालय ने अपनी समाप्त हो चुकी एनएएसी 'ए' ग्रेड मान्यता को गलत तरीके से वैध बताकर छात्रों और अभिभावकों को धोखा दिया। साथ ही ऐसी यूजीसी धारा 12बी मान्यता का दावा किया जो कभी मिली ही नहीं थी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से अनुमोदन लेने के लिए कागजों पर दिखाई जाने वाली फर्जी फैकल्टी और नकली मरीजों का इस्तेमाल किया। 'अपराध से अर्जित आय' कमाई ईडी की जांच में सामने आया है कि ट्रस्ट और विश्वविद्यालय ने वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक इन गलत तरीकों से कुल 493.24 करोड़ रुपए की 'अपराध से अर्जित आय' कमाई। इस पैसे को उन कंपनियों में भेजा गया जिन पर जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके परिवार का नियंत्रण था। इनमें करकुन कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स, अमला एंटरप्राइजेज एलएलपी और दियाला कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी संस्थाएं शामिल हैं। बाद में यह राशि विदेश भी भेज दी गई। जवाद अहमद सिद्दीकी अरेस्ट इससे पहले 16 जनवरी 2026 को ईडी ने फरीदाबाद के धौज स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय कैंपस की जमीन और इमारतों को 144.09 करोड़ रुपए में कुर्क किया था। ईडी ने 16 जनवरी 2026 को ही विशेष पीएमएलए अदालत, साकेत, दिल्ली में जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दायर की है। जवाद अहमद सिद्दीकी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी का कहना है कि ये सभी कुर्कियां अपराध से अर्जित आय की जांच का हिस्सा हैं। जांच अभी भी जारी है और आगे और संपत्तियों तथा लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है।

कानपुर: टाइपिंग में गड़बड़ी पर तीन बाबुओं का डिमोशन, क्लर्क से चपरासी बना दिया गया

कानपुर  कानपुर कलेक्ट्रेट से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दफ्तरों में कामकाज की पोल खोल दी है. यहां तीन जूनियर क्लर्क (बाबू) का इसलिए डिमोशन कर दिया गया, क्योंकि वे तय मानक के अनुसार टाइपिंग नहीं कर सके. सरकारी नियमों के मुताबिक जूनियर क्लर्क के पद पर तैनात कर्मचारी को एक मिनट में कम से कम 25 शब्द टाइप करना आना चाहिए. यह उनकी बुनियादी कार्यकुशलता का हिस्सा है. कलेक्ट्रेट में तैनात तीन कर्मचारी प्रेमनाथ यादव, अमित कुमार यादव और नेहा श्रीवास्तव दो बार हुई इस परीक्षा में पास नहीं हो पाए.  मानक को पूरा नहीं कर सके।  साल 2024 में जब टाइपिंग परीक्षा हुई, तब ये तीनों कर्मचारी निर्धारित गति हासिल नहीं कर पाए. प्रशासन ने उस समय उन्हें सीधी सजा देने के बजाय सुधार का मौका दिया. कार्रवाई के तौर पर उनकी सैलरी इंक्रीमेंट रोक दिया गया था और उम्मीद जताई गई कि अगली बार वे अपनी कमी दूर कर लेंगे।  दूसरी बार भी नहीं बदली स्थिति इसके बाद वर्ष 2025 में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई. यह उनके लिए निर्णायक मौका था. लेकिन इस बार भी नतीजा वही रहा. तीनों कर्मचारी एक मिनट में 25 शब्द टाइप करने की अनिवार्य गति तक नहीं पहुंच सके. लगातार दूसरी बार असफल रहने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया. जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पूरे मामले की समीक्षा के बाद सख्त फैसला लिया. डीएम कैंप कार्यालय में तैनात प्रेमनाथ यादव और कलेक्ट्रेट में कार्यरत  अमित कुमार यादव व नेहा श्रीवास्तव को कनिष्ठ लिपिक के पद से हटाकर चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी बना दिया गया. यह आदेश लागू होते ही तीनों कर्मचारियों का पद घटा दिया गया।  मृतक आश्रित कोटे से मिली थी नौकरी इन तीनों की नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे के तहत हुई थी. यानी परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु के बाद उन्हें नौकरी दी गई थी. ऐसे मामलों में सहानुभूति जरूर रहती है, लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी होता है कि कर्मचारी अपने काम की न्यूनतम योग्यता पूरी करें. नियम के अनुसार, नियुक्ति के एक साल के भीतर टाइपिंग परीक्षा पास करना अनिवार्य था, लेकिन यह शर्त पूरी नहीं हो सकी।  प्रशासन का स्पष्ट रुख प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के तहत की गई है. अगर कोई कर्मचारी अपने पद की बुनियादी जिम्मेदारी ही पूरी नहीं कर पाता, तो कामकाज प्रभावित होता है. कलेक्ट्रेट जैसे कार्यालयों में फाइलों का काम, नोटिंग और दस्तावेज तैयार करना टाइपिंग पर ही निर्भर करता है. ऐसे में दक्षता की कमी सीधे काम पर असर डालती है. इसी वजह से यह सख्त कदम उठाया गया।  पूरे विभाग में गया संदेश इस कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट और अन्य विभागों में भी हलचल है. कर्मचारियों के बीच यह चर्चा है कि अब कामकाज को लेकर सख्ती बढ़ सकती है. कई लोग इसे जरूरी कदम मान रहे हैं, क्योंकि इससे कार्यकुशलता बढ़ेगी. वहीं कुछ का कहना है कि कर्मचारियों को और समय या प्रशिक्षण दिया जा सकता था। 

सरकार का बड़ा फैसला: PNG पाइपलाइन प्रस्ताव अब 24 घंटे में होंगे क्लियर

पंचकूला. पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से आए गए संकट के बीच केंद्र के निर्देश पर हरियाणा सरकार ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का काम आरंभ कर दिया है। सरकार ने गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित उन शहरों के निगमायुक्त को निर्देश दिए हैं कि गैस कंपनियों के पीएनजी लाइन बिछाने के प्रस्ताव को 24 घंटे में पास कर जरूरी कार्रवाई पूरी की जाए। इसके अलावा पीएनजी लाइन बिछाने के लिए पहले से लंबित प्रस्तावों को डीम्ड परमिशन (अनुमति मान ली गई) की श्रेणी में डाल दिया जाए। उक्त निर्देश 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगे रहेंगे। इसके बाद समीक्षा कर अगले कदम को उठाया जाएगा। मीथेस से बनी होती है पीएनजी पीएनजी स्वच्छ और किफायती ईंधन है, जो पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। यह मुख्य रूप से मीथेन से बनी होती है और एलपीजी सिलिंडर के मुकाबले अधिक सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि यह हवा से हल्की होती है और लीक होने पर ऊपर उड़ जाती है। पीएनजी कनेक्शनों की संख्या अभी तक सबसे अधिक गुरुग्राम में है। यहां पर कनेक्शनों की संख्या करीब ढाई लाख है। इसके बाद फरीदाबाद तथा सोनीपत और रेवाड़ी तथा अन्य शहर हैं। गुरुग्राम के सुशांत लोक, सेक्टर पंद्रह तथा सेक्टर सत्रह और कुछ जगहों पर कई साल से प्रस्तावित है। रेवाड़ी के दो रिहायशी सेक्टर में यह सुविधा है। इसी तरह फरीदाबाद तथा अन्य शहरों के सीमित इलाकों तक यह सुविधा है। तीन माह के लिए सरकार ने गैस कंपनियों को टास्क दिया है कि इस सुविधा को हर शहर में साठ प्रतिशत की जाए। जिससे उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट किया जा सके। 11 नगर निगमों को सौंपा गया पत्र शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जारी 11 नगर निगमों को पत्र में यह भी कहा गया है कि गैस लाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई करने वाली एजेंसी को सड़क मरम्मत के लिए रकम वहन करनी पड़ेगी। इसके लिए लाइन के सर्वे के बाद जो भी प्रोजेक्ट फाइल होगी उसमें गैस लाइन बिछाने वाली कंपनी को एक शपथ पत्र भी लगाना होगा। यह इसलिए कहा गया कि सड़क तोड़कर ऐसे ही डाल नहीं दी जाए जिससे आने-जाने में आमजन को परेशानी उठानी पड़े। यह सब नगर निगम को ही तय करना है। 

भेड़िया लुक और कातिल निगाहें, ‘राका’ के पोस्टर में अल्लू अर्जुन के धांसू लुक ने मचाया सोशल मीडिया पर कोहराम

फाइनली फर्स्ट पोस्टर आ गया! फैंस को इससे बड़ा गिफ्ट नहीं मिल सकता था. साउथ सेंसेशन अल्लू अर्जुन के 44वें जन्मदिन के मौके पर AA22xA6 फिल्म के मेकर्स ने सिर्फ फिल्म का नाम कंफर्म किया, बल्कि एक्टर का फर्स्ट लुक भी जारी कर दिया. और उफ्फ! क्या कहें, अल्लू का इतना धांसू और इंटेंस लुक है. एटली की इस फिल्म में अल्लू अर्जुन के साथ दीपिका पादुकोण भी लीड रोल में हैं. पहले इस प्रोजक्ट को AA22xA6 कहा जा रहा था, लेकिन अब इसे इसका नाम मिल गया है. फिल्म का टाइटल 'राका' है. सन पिक्चर्स ऑफिशियल के इंस्टा पेज पर पोस्टर शेयर करते हुए मेकर्स ने लिखा, 'AA22xA6 अब RAAKA है'. खुद को एक ऐसी दुनिया के लिए तैयार करें जो हर सीमा से परे है.' ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. पोस्ट होने के कुछ ही मिनटों में इसे 2.52 लाख से ज्यादा लाइक्स और 8,000 से ज्यादा कमेंट्स मिल गए. अल्लू का डेडली लुक फिल्म राका के टाइटल पोस्टर में अल्लू अर्जुन का क्लोज-अप लुक दिखाया गया है. सिर पर आधे अधूरे से दिखते बाल, बड़े नुकीले नाखूनों के साथ जानवर जैसे पंजों से छिपा आधा चेहरा, इसमें से खतरनाक तरीके से झांकती काली आंखें और घनी सी मूछें. अल्लू का लुक कमाल का है. खासकर उनकी तेज नजरें और मुंडा हुआ सिर उनके किरदार को रहस्यमयी और दमदार बना रहा है. भेड़िया बना पुष्पा? अल्लू का ये भेड़ियानूमा नया लुक तबाही मचा रहा है. वो पहले भी पुष्पा में अपने यूनिक अंदाज से फैंस को क्रेजी कर चुके हैं, लेकिन अब राका के रूप में वो नया रूप दिखाने को तैयार हैं. मानना पड़ेगा उनका डिवोशन जानदार है. फिल्म की कई खास बातों में एक ये भी है कि पहली बार अल्लू अर्जुन और दीपिका पादुकोण की जोड़ी पर्दे पर साथ दिखने वाली है. इससे पहले, मंगलवार को प्रोडक्शन हाउस सन पिक्चर्स ने पोस्टर रिलीज की जानकारी देते हुए लिखा था- तैयार हो जाइए धमाके के लिए, टाइटल पोस्टर – कल सुबह 11 बजे. मेकर्स ने एक और अलग तरह का पोस्टर भी शेयर किया था, जिसमें भेड़िये जैसे हाथ के तेज नाखून अंधेरे बैकग्राउंड को चीरते हुए दिख रहे हैं, जो फिल्म के गहरे और एक्शन से भरे माहौल की झलक देता है. फिल्म की रिलीज डेट अभी तय नहीं की गई है, पर खबर है कि ये साल 2027 में सिनेमाघरों में दस्तक देगी.

14 अप्रैल से शुरू होगा नया सौर वर्ष, सूर्य के उच्च होने से मेष और कुंभ समेत इन राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

 ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, सम्मान, आत्मविश्वास, नेतृत्व और पिता का कारक माना जाता है. जब सूर्य राशि बदलते हैं, तो इसका असर हर व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है. इस बार 14 अप्रैल 2026 सुबह 9:38 बजे सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे और 15 मई 2026 सुबह 6:28 बजे तक यहीं रहेंगे. मेष राशि में सूर्य उच्च के माने जाते हैं, इसलिए इस दौरान उनका प्रभाव ज्यादा मजबूत रहेगा. मेष राशि में सूर्य का प्रवेश नए सौर वर्ष की शुरुआत भी माना जाता है. इस गोचर से लोगों के आत्मविश्वास, फैसले लेने की क्षमता और करियर में बदलाव देखने को मिल सकता है. मेष राशि मेष राशि वालों के लिए यह समय खास रहने वाला है. सूर्य का अपनी ही राशि में आना आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा. कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और समाज में मान-सम्मान भी बढ़ेगा. सरकारी या प्रशासन से जुड़े काम पूरे हो सकते हैं. सलाह: इस दौरान जल्दबाजी और गुस्से से बचना जरूरी है. वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय तरक्की लेकर आ सकता है. काम में सफलता मिलेगी और जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी. आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी और मन में शांति का अनुभव होगा. सलाह: छोटी-मोटी सेहत की दिक्कतों को नजरअंदाज न करें. कुंभ राशि कुंभ राशि के लोगों के लिए यह गोचर राहत भरा साबित हो सकता है. लंबे समय से चल रही करियर की परेशानियां दूर होंगी. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छा मौका मिल सकता है. आय के नए रास्ते बनेंगे और परिवार के साथ संबंध बेहतर होंगे. सलाह: पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें और जोखिम से दूर रहें. इन राशियों को रहना होगा सतर्क सूर्य का यह गोचर तुला, मकर, धनु और मीन राशि वालों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. इस दौरान विवाद या बहस से बचना चाहिए. कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें. खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. साथ ही मौसम से जुड़ी बीमारियां और तनाव भी परेशान कर सकते हैं. उपाय: रोज सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल अर्पित करना लाभकारी रहेगा.

झमाझम बारिश का असर: गुरदासपुर में तापमान लुढ़का, अब गर्मी की वापसी तय

गुरदासपुर. शहर और आस-पास के इलाकों में मंगलवार सुबह हुई हल्की वर्षा ने एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल दिया। हालांकि वर्षा बहुत हल्की थी, लेकिन इसके असर से अधिकतम तापमान में अचानक पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को जहां अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं मंगलवार को यह गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान फिलहाल 15 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर बना हुआ है, जिससे पूरे दिन मौसम में सुहावनी ठंडक बनी रही। सुबह-सुबह हुई इस वर्षा ने लोगों को एक बार फिर ठंड का अहसास कराया। दिनभर बादल छाए रहे और छह किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चली। पिछले कुछ दिनों से जहां दिन का तापमान बढ़ने लगा था और गर्मी का अहसास होने लगा था, वहीं इस वर्षा ने एक बार फिर से लोगों को गर्म कपड़ों की याद दिला दी। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। विभाग का पूर्वानुमान है कि बुधवार को एक बार फिर से हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। बुधवार को भी अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 14 से 15 डिग्री के आसपास रहेगा। बुधवार को बादल छाए रहने तथा कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। विभाग के अनुसार बुधवार को वर्षा के बाद एक बार फिर मौसम साफ हो जाएगा। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का दौर शुरू होगा। वीरवार से अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दिन का पारा फिर से 25 डिग्री के आसपास पहुंच जाएगा। फिलहाल भारी वर्षा की चेतावनी नहीं है, लेकिन बुधवार सुबह वर्षा की संभावना है। इस मौसमी बदलाव का असर शहर के जनजीवन पर भी साफ देखने को मिला। सुबह के समय सड़कों पर नमी और कीचड़ होने के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा। डाक्टरों ने भी मौसम में इस बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अचानक तापमान गिरने से सर्दी-जुकाम, बुखार और अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचने की सलाह दी गई है। फिलहाल लोग इस अचानक आए मौसमी बदलाव का भरपूर आनंद ले रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि यह ठंड कुछ ही दिनों की मेहमान है। वीरवार के बाद एक बार फिर से मौसम शुष्क हो जाएगा और तापमान में बढ़ोतरी होनी शुरू हो जाएगी। आने वाले दिनों के पूर्वानुमान की बात करें तो वीरवार को अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। शुक्रवार और शनिवार को तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे मौसम फिर से सामान्य हो जाएगा। फिलहाल लोग इस बदलते मौसम की हर बूंद और हर ठंडी हवा का आनंद ले रहे हैं, क्योंकि यह मौसम जल्द ही गर्मी का रास्ता साफ कर देगा।

मोहसिना किदवई, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता का दिल्ली में निधन, इंदिरा और राजीव से जुड़ा था खास रिश्ता

नई दिल्ली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके परिवार और दामाद रजी उर रहमान किदवई ने उनके निधन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोहसिना किदवई ने बुधवार तड़के नोएडा के मेट्रो अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से भारतीय राजनीतिक गलियारे, विशेषकर कांग्रेस पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार ने बताया है कि उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई (सुपुर्द-ए-खाक) देने की प्रक्रिया बुधवार शाम करीब 5 बजे दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित कब्रिस्तान में संपन्न की जाएगी। एक प्रभावशाली राजनीतिक सफर मोहसिना किदवई भारतीय राजनीति और कांग्रेस पार्टी का एक बेहद सम्मानित और प्रमुख चेहरा रही हैं। उनका एक लंबा और शानदार राजनीतिक करियर रहा है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रहने वाली मोहसिना किदवई ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया और कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वे उत्तर प्रदेश के मेरठ निर्वाचन क्षेत्र से छठी लोकसभा के लिए चुनी गईं और सातवीं तथा आठवीं लोकसभा में भी इस सीट पर बनी रहीं। यानी ने तीन बार मेरठ से सांसद रहीं। इसके अलावा, उन्होंने 2004 से 2016 के बीच छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य के रूप में भी कार्य किया। संसद के दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व अपने राजनीतिक जीवन में वे अलग-अलग समय पर संसद के निचले सदन (लोकसभा) और उच्च सदन (राज्यसभा) दोनों की सदस्य रहीं और जनता की आवाज को मजबूती से उठाया। सरकार के साथ-साथ पार्टी के भीतर भी उनका कद काफी बड़ा था। उन्होंने कांग्रेस की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्था 'कांग्रेस कार्य समिति' (CWC) और प्रत्याशियों का चयन करने वाली पार्टी की 'केंद्रीय चुनाव समिति' के सदस्य के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी थीं। मोहसिना किदवई को कांग्रेस आलाकमान और विशेषकर गांधी परिवार के बेहद करीब और भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता था। वे कांग्रेस के उन गिने-चुने नेताओं में से थीं जिन्होंने पार्टी के कई उतार-चढ़ाव देखे और अपना पूरा जीवन पार्टी की विचारधारा के प्रति समर्पित कर दिया। उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति से लेकर दिल्ली के सत्ता के गलियारों तक, उनके लंबे और बेदाग राजनीतिक योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

नारायण साईं का तलाक और 2 करोड़ की एलिमनी: 18 साल बाद खुली असलियत

इंदौर  मध्यप्रदेश के इंदौर में फैमिली कोर्ट ने नारायण साईं और उनकी पत्नी जानकी के बीच लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद में तलाक को मंजूरी दे दी है।कोर्ट ने नारायण साईं को पत्नी को 2 करोड़ रुपए स्थायी भरण-पोषण (एलुमनी) देने का आदेश दिया है। यह मामला करीब आठ साल तक कोर्ट में चला। कोर्ट ने 2 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रखने के बाद आदेश पारित किया था, जिसकी जानकारी मंगलवार को पीड़िता के वकील अनुराग गोयल ने दी। बता दें कि नारायण सांई अभी दुष्कर्म के एक मामले में सूरत जेल में बंद है। 24 मार्च को ही उसे इंदौर की फैमिली कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। 2008 में शादी, 2013 से अलग रह रहे थे याचिका के मुताबिक, जानकी और नारायण साईं की शादी 2008 में हुई थी, लेकिन 2013 से दोनों अलग रह रहे हैं। पत्नी ने पति पर परित्याग का आरोप लगाया और कहा कि लंबे समय से उनके बीच वैवाहिक संबंध नहीं हैं। 5 करोड़ मांगे, कोर्ट ने 2 करोड़ तय किए याचिका में नारायण साईं पर अन्य महिलाओं से संबंध होने के आरोप लगाए गए। साथ ही सूरत की अदालत में दुष्कर्म मामले में सुनाई गई सजा का भी उल्लेख किया गया। पत्नी ने 5 करोड़ रुपए एलुमनी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 2 करोड़ रुपए देने का आदेश दिया। 50 लाख भरण-पोषण बकाया धारा 125 सीआरपीसी के तहत पहले 50 हजार रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण तय किया गया था, लेकिन यह नियमित रूप से नहीं दिया गया। वकील के मुताबिक, करीब 50 लाख रुपए बकाया हैं, जिसकी वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हाई कोर्ट में चुनौती की संभावना जानकारी के अनुसार, इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। संपत्ति के सत्यापन को लेकर इंदौर कलेक्टर को निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक पूरी जानकारी कोर्ट में पेश नहीं हो सकी है। करीब आठ साल तक चली इस कानूनी लड़ाई के बाद 2 अप्रैल 2026 को फैमिली कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. अदालत ने न सिर्फ दोनों के बीच तलाक को मंजूरी दी, बल्कि यह भी आदेश दिया कि नारायण साईं तीन महीने के भीतर जानकी को 2 करोड़ रुपये बतौर स्थायी गुजारा भत्ता (परमानेंट एलिमनी) दे।  कोर्ट ने पिछले आठ वर्षों तक मेंटेनेंस न दिए जाने को भी गंभीरता से लिया. सुनवाई के दौरान मार्च 2026 में नारायण साईं को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया और बयान दर्ज किया गया. इसके बाद अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अंतिम फैसला सुनाया. 2008 में शुरू हुआ यह रिश्ता अब 2026 में कानूनी तौर पर खत्म हो चुका है।  यौन शोषण केस में आजीवन कारावास नारायण साईं को सूरत की दो बहनों के साथ रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। साल 2013 में सूरत की दो बहनों ने केस दर्ज कराया था। छोटी बहन ने नारायण साईं के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था, जबकि बड़ी बहन ने उसके पिता आसाराम के खिलाफ शिकायत की थी। छोटी बहन के आरोप के अनुसार, नारायण साईं ने 2002 से 2005 के बीच उसके साथ कई बार रेप किया था। पीड़िता आसाराम के आश्रम की 'सेविका' थी। उसने सूरत के जहांगीरपुरा आश्रम, गांभोई आश्रम, पटना आश्रम, काठमांडू आश्रम और मध्य प्रदेश के मेघनगर आश्रम ले जाकर रेप करने का आरोप लगाया था।

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: RTE के तहत एडमिशन नहीं देने पर मान्यता रद्द

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि RTE के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं देने वाले निजी स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। बता दें कि प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाने पर RTE के तहत बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं देने का ऐलान किया था, जिसके बाद सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई भी स्कूल RTE के तहत निर्धारित सीटों पर बच्चों को प्रवेश देने से इंकार करता है, तो उसकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है। यह फैसला तब सामने आया है जब प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को लेकर RTE के तहत प्रवेश नहीं देने की बात कही थी। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि RTE कानून का पालन करना सभी निजी स्कूलों की कानूनी जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें स्कूल की मान्यता खत्म करना भी शामिल है। शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि बच्चों के अधिकारों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। 25% सीटें आरक्षित, गरीब बच्चों को मिलेगा लाभ RTE के तहत प्रदेश के गैर-अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों में प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। इन सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), दुर्बल वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को उनके निवास क्षेत्र के भीतर प्रवेश दिया जाता है, जिससे उन्हें बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके। प्रतिपूर्ति राशि को लेकर सरकार का पक्ष सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ में दी जा रही प्रतिपूर्ति राशि अन्य कई राज्यों के मुकाबले बेहतर या उनके बराबर है। कक्षा 1 से 5 तक: ₹7,000 प्रतिवर्ष, कक्षा 6 से 8 तक: ₹11,400 प्रतिवर्ष, यह राशि प्रति छात्र सरकारी खर्च या निजी स्कूल की फीस (जो कम हो) के आधार पर तय की जाती है और पारदर्शी तरीके से स्कूलों को दी जाती है। अन्य राज्यों से तुलना सरकार के अनुसार, छत्तीसगढ़ की प्रतिपूर्ति राशि कई राज्यों से अधिक है: मध्य प्रदेश: ₹4,419, बिहार: ₹6,569, झारखंड: ₹5,100, उत्तर प्रदेश: ₹5,400, हालांकि ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक में यह राशि अधिक है, लेकिन कुल मिलाकर राज्य की व्यवस्था संतुलित मानी जा रही है। लाखों बच्चों को मिल रहा फायदा प्रदेश के 6,862 निजी स्कूलों में वर्तमान में लगभग 3,63,515 बच्चे RTE के तहत पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं इस साल कक्षा पहली में करीब 22,000 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है, जिससे और अधिक बच्चों को इसका लाभ मिलने वाला है। शिक्षा के अधिकार को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, अप्रैल 2010 से लागू है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का कहना है कि वह हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई सरकार ने स्पष्ट किया है कि RTE के तहत प्रवेश देने से मना करने या प्रक्रिया में बाधा डालने वाले स्कूलों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें मान्यता समाप्त करना भी शामिल है। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

ग्रेटर आगरा बनेगा दूसरा नोएडा, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार और आएंगी बड़ी-बड़ी कंपनियां: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया 6466.37 करोड़ रुपये की 325 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास ग्रेटर आगरा बनेगा दूसरा नोएडा, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार और आएंगी बड़ी-बड़ी कंपनियां: सीएम योगी – विकास परियोजनाओं से बदलेगा आगरा का नक्शा, दस पवित्र नदियों के नाम पर होंगे 'ग्रेटर आगरा' के सेक्टर – 10 हजार से अधिक परिवारों के लिए मल्टीस्टोरी फ्लैट्स, ग्रुप हाउसिंग, प्लॉट, आधुनिक सड़कें और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी आगरा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताजनगरी आगरा को ऐतिहासिक सौगात दी। आगरा इनर रिंग रोड के समीप रहनकलां में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 6466.37 करोड़ रुपये की 325 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। ब्रजभूमि को नमन करते हुए सीएम योगी ने आगरा के शहरी विस्तार को नई दिशा देने के लिए 'ग्रेटर आगरा' टाउनशिप का भूमिपूजन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नया शहर केवल स्मार्ट ही नहीं होगा, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित भी होगा। सरकार का लक्ष्य आगरा को सिर्फ एक पर्यटन स्थल तक सीमित न रखकर इसे एक आधुनिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। ग्रेटर आगरा जल्द ही दूसरा नोएडा बनकर उभरेगा। यहां बड़ी-बड़ी कंपनियां आएंगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘नए शहर प्रोत्साहन योजना’ के तहत आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा इस महत्वाकांक्षी टाउनशिप का निर्माण किया जाएगा। करीब 5142 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर और रहन कलां क्षेत्र में 449.65 हेक्टेयर भूमि पर इसे विकसित किया जाएगा। इस टाउनशिप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके सेक्टरों का नामकरण गंगा, यमुना, सरस्वती, गोदावरी जैसी 10 पवित्र नदियों के नाम पर किया जाएगा। रेरा से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें 10 हजार से अधिक परिवारों के लिए मल्टीस्टोरी फ्लैट्स, ग्रुप हाउसिंग, प्लॉट, आधुनिक सड़कें, सीवरेज, हरित क्षेत्र और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह आस्था और आधुनिक शहरीकरण का एक अनूठा संगम होगा। मौसम खराब होने का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने बताया कि उन्हें मथुरा- वृंदावन के रास्ते से वापस लौटना पड़ा और वह 3:30 बजे तक आगरा एयरपोर्ट पर रुके रहे। उन्हें लगा कि देरी के कारण भीड़ कम हो जाएगी, लेकिन जनता का भारी उत्साह देखकर वह अभिभूत हो गए। उन्होंने आभार जताते हुए कहा कि आगरा की जनता ने 9 विधायक, मेयर, सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष दिए हैं, जिसके बदले में सरकार ने शहर को आगरा मेट्रो जैसी बड़ी सुविधा दी है। 325 परियोजनाओं की सौगात और भविष्य का खाका इस कार्यक्रम में कुल 325 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया, जो शहर के बुनियादी ढांचे, पर्यटन, आवास और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करेंगी। मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजनाओं का संकेत देते हुए कहा कि आगरा एयरपोर्ट के विकास को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा और इस साल के अंत तक इसे नया सिविल टर्मिनल मिल जाएगा। फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के विकास पर भी सरकार का विशेष ध्यान रहेगा। इसके अलावा यदि समय से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो जाती है, तो शहर में रबर डैम निर्माण की योजना को भी धरातल पर उतारा जाएगा। वैश्विक संकट के बीच भारत की मजबूत स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक हालात और भारत की प्रगति की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध के कारण तबाही और भयंकर महंगाई है। अमेरिका जैसे देश में पेट्रोल के दाम चार गुना तक बढ़ गए हैं और पड़ोसी देश पाकिस्तान पूरी तरह तबाह हो चुका है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। देश में सरकार ने उत्पाद कर को कम करके महंगाई को बढ़ने नहीं दिया। आज भारत पूरी दुनिया को नेतृत्व प्रदान करता हुआ दिखाई दे रहा है। आतंकवाद का खात्मा, माफिया मिट्टी में और सनातन का गौरव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाकर आतंकवाद के ताबूत में अंतिम कील ठोंक दी गई है और देश से नक्सलवाद- माओवाद खत्म हो रहा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले माफियाओं को संरक्षण मिलता था, लेकिन डबल इंजन की सरकार ने उन्हें मिट्टी में मिला दिया है। अयोध्या, मथुरा और संभल को उनका पुराना सांस्कृतिक गौरव लौटाया गया है। मुख्यमंत्री ने जनता से सनातन के गौरव के लिए एकजुट रहने की अपील की और वादा किया कि वह आगरा में छत्रपति शिवाजी स्मारक, म्यूजियम और मेट्रो के दूसरे फेज के उद्घाटन के लिए जल्द ही फिर लौटेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री/सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, पर्यटन मंत्री/प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह, कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति, सांसद राजकुमार चाहर, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, डॉ. जीएस धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, रानी पक्षालिका सिंह, चौधरी बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाह, छोटे लाल वर्मा, एमएलसी विजय शिवहरे, एमएलसी डॉ.मानवेंद्र प्रताप सिंह, उ.प्र. लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।