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एमपी पुलिस ट्रेनिंग में ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ का पाठ, नए आदेश से हुआ सियासी विवाद

भोपाल  मध्य प्रदेश के पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में अब दिन की शुरुआत 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' के पाठ से की जाएगी। पुलिस प्रशिक्षण विंग के इस नए आदेश के बाद प्रदेशभर में एक नय सियासी बवाल खड़ा हो गया है। विपक्ष ने इसे सरकारी संस्थानों की निष्पक्षता से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा इसे भारतीय सांस्कृतिक और परंपरा का हिस्सा बताकर आदेश का बचाव कर रही है। आपको बता दें कि, पुलिस प्रशिक्षण विंग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने प्रदेश के सभी पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों (PTS) को निर्देश जारी किया है, जिसमें हर रोज के प्रशिक्षण की शुरुआत से पहले परिसर में लगे लाउडस्पीकर पर 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' बजाने साथ ही, उसका पाठ करने के आदेश दिए हैं। ताकि प्रशिक्षक और भर्ती दोनों इसे सुन सकें। एडीजी ने बताया आदेश का कारण एडीजी ने कहा कि दक्षिणामूर्ति को ज्ञान और विवेक का प्रतीक माना जाता है। उनके मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी के लिए सिर्फ जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे विवेक, संवेदनशीलता और सहानुभूति भी होनी चाहिए। उनका मानना है कि, स्तोत्र के जरिए प्रशिक्षुओं में नैतिक स्पष्टता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। पहले भी दिया जा चुका ऐसा ही निर्देश ये पहली बार नहीं, जब पुलिस प्रशिक्षण में धार्मिक या दार्शनिक ग्रंथों को शामिल किया गया है। पिछले साल भी विभाग ने 8 पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में रात के ध्यान सत्र से पहले भागवद गीता का एक अध्याय पढ़ने का सुझाव दिया था। इससे पहले प्रशिक्षुओं को राम चरितमानस के दोहे पढ़ने के लिए भी कहा गया था। अधिकारियों का कहना था कि इससे करीब 4 हजार प्रशिक्षुओं में अनुशासन और नैतिक सोच को बढ़ावा मिलेगा। कांग्रेस ने उठाए सवाल नए आदेश के बाद कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि कानून व्यवस्था संभालने वाली संस्थाओं को पूरी तरह तटस्थ होना चाहिए और किसी एक आस्था से जुड़ी परंपरा को बढ़ावा देना ठीक नहीं है। भाजपा ने किया पलटवार वहीं, दूसरी तरफ भाजपा एडीजी की इस पहल के बचाव में नजर आई। पार्टी के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि गीता या दक्षिणामूर्ति स्तोत्र जैसे ग्रंथ सांप्रदायिक नहीं बल्कि ज्ञान, अनुशासन और कर्तव्य की शिक्षाएं देते हैं। उनके मुताबिक, इन्हें सांप्रदायिक बताना भारत की सभ्यतागत परंपरा को न समझने जैसा है। अधिकारियों का तर्क पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले से ही योग, ध्यान और मानसिक अनुशासन शामिल हैं और यह पहल उसी का हिस्सा है। उनका दावा है कि, इसका उद्देश्य धार्मिक अभ्यास लागू करना नहीं, बल्कि नैतिक सोच और संवेदनशीलता को मजबूत करना है। हालांकि, इस निर्देश के बाद एक बार फिर मध्य प्रदेश की पुलिस ट्रेनिंग व्यवस्था सियासी बहस के केंद्र में आ गई है, जहां सांस्कृतिक परंपरा और संस्थागत तटस्थता को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है।

ठेकेदार की लापरवाही से चार दिनों से जलापूर्ति ठप, मानगो में पुलिस की मौजूदगी में थमा विवाद

जमशेदपुर  झारखंड के ​जमशेदपुर जिले के मानगो के शंकोसाई रोड नंबर 1 में एमजीएम अस्पताल के लिए बिछाई जा रही पानी की पाइपलाइन की वजह से स्थानीय निवासियों और कार्य कर रहे संवेदक (ठेकेदार) के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराना पड़ा. फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और स्थानीय लोग आज सुबह मरम्मत कार्य शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. स्थानीय निवासियों की शिकायत स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान ठेकेदार की लापरवाही के कारण दर्जनों घरों के पुराने घरेलू जल कनेक्शन टूट गए. इसके चलते पिछले चार दिनों से कई घरों में पानी की आपूर्ति ठप है और लोग पानी के लिए परेशान हैं. इसके कारण पिछले चार दिनों से क्षेत्र के कई घरों में जलापूर्ति ठप है और लोग पानी के लिए बहुत परेशान हैं. जब उन्होंने इसकी शिकायत की, तो संवेदक और संबंधित अधिकारी अपनी पावर का रौब दिखाकर बिना मरम्मत किए काम जारी रखा. ​ भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह मौके पर पहुंचे मामले की जानकारी मिलते ही भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह देर रात मौके पर पहुंचे. उन्होंने कार्यस्थल पर मौजूद कर्मचारियों और धमकाने वाले लोगों को  फटकार लगाते हुए काम को रुकवा दिया. जिससे विवाद बढ़ गया. उसके बाद देर रात हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची. पुलिस की मौजूदगी में संवेदक और अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पहले क्षतिग्रस्त पाइपों की मरम्मत की जाए, उसके बाद ही आगे का कार्य शुरू होगा. ​ लापरवाही बरतने वालों पर दर्ज होगा मुकदमा ​विकास सिंह ने चेतावनी दी है कि अगर सुबह होते ही घरेलू पाइपों की मरम्मत सुनिश्चित नहीं की गई, तो संबंधित संवेदक और अधिकारियों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी.

व्हाट्सएप पर मिली शिकायत और 10 मिनट में एक्शन, अवैध गैस भंडारण के मामले में दुकान सील

 गढ़वा झारखंड के गढ़वा में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यवसायी को रंगे हाथों पकड़ लिया. अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने व्हाट्सएप पर मिली शिकायत की पुष्टि करते हुए मौके पर छापेमारी की और दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया. इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. व्हाट्सएप शिकायत बनी कार्रवाई का आधार प्रशासन को यह सूचना व्हाट्सएप के जरिए मिली थी कि एक व्यक्ति घरेलू गैस सिलेंडर को अवैध रूप से 2700 रुपए में बेच रहा है. शिकायत मिलते ही एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत लोकेशन की जानकारी जुटाई. महज 10 मिनट के भीतर ही वे प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राहुल मिंज के साथ मौके पर पहुंच गए. मौके पर पहुंचकर पकड़ा गया आरोपी जांच के दौरान आरोप सही पाए गए. संबंधित व्यवसायी मेन रोड स्थित विजय कश्यप के मकान में किराए पर किचन पार्ट्स और गैस चूल्हे की दुकान चला रहा था. इसी दुकान के पीछे बने बेसमेंट में अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का भंडारण किया जा रहा था. प्रशासन ने तत्काल दुकान को बंद करवा दिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी. लंबे समय से चल रहा था अवैध कारोबार प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा था. घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाले एलपीजी सिलेंडरों को गलत तरीके से एकत्रित कर ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा था. यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है. मकान मालिक की भी तय होगी जिम्मेदारी एसडीएम संजय कुमार ने मौके पर मकान मालिक और आरोपी व्यवसायी से पूछताछ की और उनसे लिखित जवाब मांगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि घनी आबादी के बीच अवैध रूप से गैस सिलेंडर रखने की अनुमति देने के कारण मकान मालिक की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी. इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पूरे नेटवर्क की जांच में जुटा प्रशासन प्रशासन अब इस अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गया है. एसडीएम ने कहा कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सिलेंडर कहां से लाए जा रहे थे और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं. संबंधित गैस एजेंसी की भूमिका की भी जांच की जाएगी. दोषी पाए जाने पर सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कालाबाजारी पर सख्त रुख एसडीएम ने सख्त लहजे में कहा कि आपदा के समय में अवसर तलाशने वाले ऐसे लालची कारोबारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति इस तरह के अवैध कार्यों में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. आम जनता से सहयोग की अपील प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है. एसडीएम ने कहा कि यदि कहीं भी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी या अवैध भंडारण की सूचना मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें. इससे समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी और बड़े हादसों को रोका जा सकेगा. सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला घनी आबादी वाले इलाके में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण एक गंभीर सुरक्षा खतरा है. इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. प्रशासन की इस कार्रवाई को न सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने बल्कि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. आगे भी जारी रहेगा अभियान एसडीएम संजय कुमार ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस तरह के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में कालाबाजारी और अवैध भंडारण की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और उचित दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके.

आई-गॉट में सभी विभागों को ऑन-बोर्ड होना जरूरी: मुख्य सचिव

आई-गॉट में सभी विभागों को ऑन-बोर्ड होना जरूरी: मुख्य सचिव सभी अधिकारी कर्मचारी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होंगे आई-गॉट साधना सप्ताह के अंतर्गत छत्तीसगढ़ मिशन कर्मयोगी कार्यशाला हुई आयोजित       रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य शासन के सभी विभाग के प्रमुख अधिकारियों से कहा है कि वे मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आई-गॉट ट्रेनिंग कार्यक्रम से अपने विभाग को अनिवार्य रूप से ऑन-बोर्ड कर लें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग ऑन-बोर्ड हो जाये मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को भी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होने को कहा है। राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को उनकी आवश्यकता अनुसार विभागीय स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षित किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे अपने-अपने विभाग की आवश्यकता अनुसार अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कोर्स तय कर लें, जिससे उन्हे प्रशिक्षित किया जा सके। आज आई-गॉट प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत साधना सप्ताह के मौके पर सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी को कर्मयोगी मिशन के तहत प्रशिक्षण हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राज्य शासन के विभागों के प्रमुख अधिकारी सहित विभागीय सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में सभी जिलों के प्रमुख अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।    कार्यशाला के प्रारंभ में बताया गया की कर्मचारियों को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म आई-गॉट और ई-एच.आर.एम.एस. से जुड़ते हुए उनकी क्षमता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देना है। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि ‘आई-गॉट’ प्लेटफॉर्म पर ए.आई का उपयोग बढ़ रहा है और यह कर्मचारियों को स्मार्ट एवं प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने शत् प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने पर जोर दिया। कार्यशाला में अधिकारियों-कर्मचारियों को यह भी अवगत कराया गया कि प्रशिक्षण केवल कौशल विकास तक ही नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है, जिससे प्रत्येक कर्मचारी अपने विभाग की योजनाओं और कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित हो सकेंगे।

ट्रांसफर पॉलिसी में बड़ा बदलाव: हरियाणा के बिजली निगमों में अब सीमित होंगे तबादले

रोहतक. उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने मंगलवार को नया आदेश जारी करते हुए तबादला नीति में बड़ा बदलाव किया है। इस फैसले के तहत अब उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली निगम के बीच कर्मचारियों का आपसी तबादला पूरी तरह रोक दिया गया है। अब सामान्य परिस्थितियों में कोई भी कर्मचारी एक निगम से दूसरे निगम में नहीं जा सकेगा। जिन कर्मचारियों ने पहले से तबादले के लिए आवेदन किया हुआ है। उनके सभी लंबित आवेदन तुरंत प्रभाव से रद्द माने जाएंगे। अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी नियम तोड़कर तबादला करवाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इन परिस्थितियों में छूट का प्रावधान   राष्ट्रीय आपदा, महामारी या किसी बड़ी आपात स्थिति में जरूरत पड़ने पर सीमित समय के लिए तबादला किया जा सकता है। इसके अलावा अदालत के आदेश या कर्मचारियों की आपसी सहमति से अस्थायी रूप से काम बदलने की अनुमति दी जा सकती है। यह नियम खास तौर पर तीसरे और चौथे वर्ग के कर्मचारियों पर लागू होगा। किसी भी विशेष मामले में छूट के लिए उच्च स्तरीय समिति की मंजूरी जरूरी होगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से कामकाज में पारदर्शिता आएगी और व्यवस्था मजबूत होगी।   

Redmi A7 Pro 5G की लॉन्च डेट कंफर्म, 6300mAh बैटरी और ‘iPhone जैसी नॉच’ के साथ 13 अप्रैल को देगा दस्तक

Xiaomi का रेडमी ब्रांड भारत में नया स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, जिसका नाम Redmi A7 Pro 5G है. कंपनी ने कंफर्म कर दिया है कि 13 अप्रैल को यह हैंडसेट लॉन्च होगा और कंपनी ने इसके साथ किंग ऑफ पावर एंड स्टाइल टैगलाइन का यूज किया है. Xiaomi के ऑफिशियल पोर्टल पर एक माइक्रोसाइट तैयार की है, जहां पर Redmi A7 Pro 5G को लेकर डिटेल्स शेयर की है. यह एक अफोर्डेबल 5G फोन है. कंपनी ने स्मार्टफोन का बैक पैनल, प्रोसेसर और बैटरी आदि के बारे में डिटेल्स शेयर की है. Xiaomi ने अनवील कर दिया है कि Redmi A7 Pro 5G में 6300mAh की बैटरी दी गई है. कंपनी ने बताया है कि एक बार फुल चार्जिंग के बाद यह हैंडसेट पूरे दिन आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा. हालांकि चार्जिंग कैपिसिटी को लेकर कोई ऑफिशियली जानकारी नहीं दी गई है. Redmi A7 Pro 5G का डिस्प्ले Redmi A7 Pro 5G में 6.9 इंच का डिस्प्ले दिया जाएगा. ऑफिशियल पोर्टल पर लिस्ट डिटेल्स में बताया गया है कि यह सेगमेंट का सबसे बड़ा और स्मूद डिस्प्ले मिलेगा. ऑफिशियल पोर्टल पर बताया गया है कि इसमें शाओमी हाइपरलैंड दिया जाएगा. जहां आईफोन की तरह की तरह नॉच के पास नोटिफिकेशन्स और कुछ कंट्रोल्स नजर आएंगे. Redmi A7 Pro 5G का कैमरा Redmi A7 Pro 5G के बैक पैनल को दिखाया जा चुका है, जिससे पता चलता है कि इसमें डुअल कैमरा लेंस मिलेगा. साथ ही कंपनी ने ऑफिशियल पोर्टल पर बताया गया है कि इसमें 32MP का डुअल AI कैमरा है. ऑफिशिल पोर्टल पर इस हैंडसेट के जरिए दिखाया गया है कि यह एक ड्यूरेबल हैंडसेट है. हालांकि अभी ड्यूरेबिलिटी की रेटिंग और सर्टिफिकेशन आदि के बारे में डिटेल्स नहीं दी है.

योगी आदित्यनाथ, देश के 21 प्रतिशत खाद्यान्न का अकेले उत्पादन करता है उत्तर प्रदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है। यहां पर दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि और सबसे अच्छा जल संसाधन है। भारत की कुल आबादी की 16-17 फीसदी जनसंख्या उत्तर प्रदेश में निवास करती है। राज्य के पास देश की 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि है पर इस 11 फीसदी भूमि में भारत के कुल खाद्यान्न का 21 फीसदी उत्पादन उत्तर प्रदेश करता है। उन्होंने कहा कि थोड़ा प्रयास करने पर परिणाम कैसे आते हैं ये बीते नौ वर्षों में देखा जा सकता है। हमने बीते नौ साल में कृषि विकास दर को उत्तर प्रदेश में 8 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में  छठी उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यहां जितने कृषि वैज्ञानिक और शोधार्थी हैं उन्होंने भारत के राष्ट्रगीत वंदेमातरम की गाथा को सुना होगा। यह भारत के आनंदमठ उपन्यास का एक पार्ट है। जो कि बंगाल की त्रासदी पर आधारित गीत है। बंगाल में जब अकाल पड़े थे। लोग भूखे मर रहे थे। वहां के एक जमीदार महेंद्र नाथ के परिवार पर किस प्रकार जुल्म हुआ था। इससे पता चलता है। फिर सन्यासी विद्रोह हुआ। ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में किस प्रकार शोषण होता था, उसकी पूरी गाथा आनंदमठ में समाहित की गई है। भारत के उत्पादक किसान को कर्जदार बना दिया गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब भारत का दुनिया की 44-45 फीसदी अर्थव्यवस्था पर अधिकार था तब उसका आधार भारत की कृषि थी। अन्नदाता किसान और कारीगर इसका आधार थे। किसान सिर्फ खेती तक सीमित नहीं थे। वह कारीगर भी था। दोनो काम मिलकर होते थे। किसान उत्पादक था और जब कारीगर बनकर कार्य करता था तो उद्यमी के रूप में भी खुद को स्थापित करता था।उन्होंने कहा कि भारत की कृषि उत्पादक से उद्यमी बनने की गाथा है। आक्रांताओं ने खेती पर ही हमला नहीं किया था बल्कि यहां की उद्यमिता पर भी हमला किया।  

भारत निर्वाचन आयोग का नया कदम: रायपुर में इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर प्रोग्राम की शुरुआत

रायपुर. भारत निर्वाचन आयोग ने 07 अप्रैल को नई दिल्ली में असम, केरल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के आगामी आम चुनावों के लिए अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP), 2026 की शुरुआत की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त  डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) में इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) भारत में चुनावों को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में लेता है और इसे ‘मिशन मोड’ में सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करता है। उन्होंने प्रतिभागियों से राज्यों के दौरे का आनंद लेने तथा भारत की विविधता को सीखने, देखने व अनुभव करने का आह्वान किया।  कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्रतिनिधि 8-9 अप्रैल 2026 को असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा करेंगे। द्वितीय चरण में प्रतिनिधि 20 अप्रैल 2026 से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु राज्यों का दौरा करेंगे। कार्यक्रम के पहले चरण में दिल्ली स्थित पांच विदेशी मिशनों के प्रतिनिधियों सहित 23 देशों के 43 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। प्रतिनिधियों को IIIDEM में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का प्रदर्शन दिखाया गया तथा उन्होंने ‘मॉक पोल’ (दिखावटी मतदान) के माध्यम से मतदान प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रक्रिया में तकनीकी हस्तक्षेपों एवं प्रशासनिक सुरक्षा उपायों में गहरी रुचि दिखाई। इस दौरान विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रतिनिधि 8 अप्रैल  को असम, केरल एवं केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की यात्रा करेंगे। वे प्रेषण एवं वितरण केंद्रों, जिला नियंत्रण कक्षों तथा मीडिया निगरानी केंद्रों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन करेंगे तथा 9 अप्रैल 2026 की सुबह वास्तविक मतदान प्रक्रिया के साक्षी बनेंगे। अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) भारत निर्वाचन आयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य अन्य देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग एवं सहभागिता को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम भारत के चुनावी ढांचे, संस्थागत तंत्र एवं परिचालन व्यवस्था का व्यापक अवलोकन प्रदान करता है तथा विदेशी प्रतिनिधियों को चुनाव प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रथाओं एवं नवाचारों से अवगत कराता है। IEVP अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष भारत की चुनावी प्रणाली की सुदृढ़ता को प्रदर्शित करता है तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में अपनाई जाने वाली श्रेष्ठ चुनावी प्रक्रियाओं को साझा करने का अवसर प्रदान करता है।

नीम करोली बाबा, फिल्म का टीजर आउट और सुबोध भावे निभाएंगे मुख्य किरदार

नीम करोली बाबा की जिंदगी पर कई फिल्में बन रही हैं, जिनकी काफी समय से चर्चा है। इनमें से एक फिल्म है 'श्री बाबा नीब करोरी महाराज', जिसका टीजर रिलीज कर दिया गया है। यह फिल्म 24 अप्रैल को रिलीज होगी और एक्टर सुबोध भावे, बाबा नीम करोलमहाराज का किरदार निभाते दिखेंगे। ' श्री बाबा नीब करोरी महाराज' के टीजर में क्या? 'श्री बाबा नीब करोरी महाराज' के टीजर की शुरुआत नीम करोली बाबा के किरदार में सुबोध भावे से होती है। वह गहन मुद्रा में बैठे हैं, और फिर आवाज आती है- ये देख मैं आ गया हूं तेरे लिए। इसी दिन का इंतजार था ना तुझे? देख मैं तेरे सामने खड़ा हूं। वहीं, राजेश शर्मा को उनके हाथ जोड़ते हुए दिखाया जाता है। टीजर पर यूजर्स के भी रिएक्शन आ रहे हैं, और वो कास्टिंग की भी तारीफ कर रहे हैं। सुबोध भावे कौन हैं? सुबोध भावे एक एक्टर, राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं। उनका मराठी सिनेमा में खूब नाम है। साल 2000 में उन्होंने टीवी की दुनिया में कदम रखे और 'गीत रामायण', 'अवंतिका' और 'कुलवधू' जैसे सीरियल्स किए। साल 2002 में उन्होंने मराठी फिल्मों में एंट्री की, और वहां भी अपने कदम जमा लिए। अपने अभी तक के करियर में सुबोध भावे ने कई यादगार फिल्में दी हैं, जिनमें 'मन पखारू पखारू' (2008), 'रणभूल' (2010), 'अनुमती' (2013), 'फुगे' (2017) और 'हृदयांतर' जैसे नाम शामिल हैं। इनके अलावा वह 'बालगंधर्व', 'लोकमान्य: एक युगपुरुष', 'अनी' और हर हर महादेव भी शामिल हैं। सुबोध भावे ने 'कट्यार कलजात घुसली' नाम की फिल्म से बतौर डायरेक्टर शुरुआत की थी। यह 2015 में आई थी और मराठी सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्मों में से एक रही। साथ ही इसके लिए सुबोध भावे को बेस्ट डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। ' श्री बाबा नीब करोरी महाराज' की कास्ट 'श्री बाबा नीब करोरी महाराज' में हितेन तेजवानी,राजेश शर्मा, स्मिता तांबे, गौरीशंकर, समीक्षा भटनागर, मिलिंद गुणाजी, मोहित गुप्ता, हेमंत पांडे, आरती नागपाल, वर्षा मानिकचंद, हरदीप कौर, अनिरुद्ध दवे और गरिमा अग्रवाल जैसे कलाकार हैं। इसे बलराम गर्ग, बलवीर सिंह, शरद सिंह ठाकुर, खड़ग सिंह गौड़ और नीलम सिंह ने प्रोड्यूस किया है। वहीं, शरद सिंह ठाकुर डायरेक्टर हैं। कौन थे नीम करोली बाबा? नीम करोली बाबा 20वीं सदी के महान संत थे और उन्हें हनुमान जी का सिद्ध अवतार माना जाता है। वह उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में पैदा हुए थे। तब उनका नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था। सिर्फ 11 साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़ दिया था, और फिर आध्यात्मिक खोज में लगे रहे। माना जाता है कि नीम करोली बाबा के पास दिव्य शक्तियां थीं, और वो हर श्रद्धालु की परेशानी को समझ जाते थे और सुलझा देते थे। कई सेलिब्रिटीज नीम करोली बाबा को मानते हैं और दर्शन करने उनके बनाए कैंची धाम जाते रहते हैं। इनमें अनुष्का शर्मा और विराट कोहली से लेकर सामंथा रुथ प्रभु और कैलाश खेर का भी नाम शामिल है।  

डीजीपी पद के लिए 14 नाम आगे: गौरव, गुरप्रीत और शशि प्रभा भी दौड़ में

चंडीगढ़. पंजाब में पिछले चार वर्षों से चल रही ‘कार्यकारी’ डीजीपी व्यवस्था को खत्म करते हुए अब नियमित डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार ने 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों का एक पैनल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेज दिया है। सरकार द्वारा भेजी गई सूची में मौजूदा कार्यकारी डीजीपी गौरव यादव का नाम प्रमुखता से शामिल है। उनके साथ ही 1992 बैच के शरद सत्य चौहान, कुलदीप सिंह और हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम भी भेजे गए हैं। 1993 बैच से गुरप्रीत कौर दियो, जतिंदर कुमार जैन और शशि प्रभा द्विवेदी के नाम शामिल हैं, जबकि 1994 बैच के सुधांशु शेखर श्रीवास्तव समेत सात अन्य अधिकारियों के नाम भी इस सूची में हैं। दूसरी ओर, 1989 बैच के सामंत गोयल ने इस पद के लिए असमर्थता जताई है, जबकि अर्पित शुक्ला और ईश्वर सिंह सेवानिवृत्ति के करीब होने के कारण इस दौड़ से बाहर हैं। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद लिया गया फैसला सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी और मार्च 2026 में राज्यों में लंबे समय तक कार्यकारी डीजीपी रखने की परंपरा पर सख्त आपत्ति जताई थी। अदालत ने कहा था कि ऐसा करना योग्य और वरिष्ठ अधिकारियों को उनके अधिकार से वंचित करने के समान है। यूपीएससी ने भी पंजाब सरकार को 5 मार्च और 18 मार्च को रिमाइंडर भेजे थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 30 मार्च को सार्वजनिक तौर पर पुष्टि की कि सरकार यूपीएससी के नियमों का पालन करेगी। UPSC तीन नामों का पैनल करेगी फाइनल नियमों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा भेजे गए पैनल पर विचार करने के लिए यूपीएससी के चेयरमैन की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाती है। इस समिति में केंद्रीय गृह सचिव, राज्य के मुख्य सचिव और मौजूदा डीजीपी शामिल होते हैं। यह समिति वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर तीन अधिकारियों के नाम फाइनल कर राज्य सरकार को भेजेगी, जिनमें से सरकार एक को नियमित डीजीपी के रूप में नियुक्त करेगी।