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बैंक फ्रॉड मामला, हरियाणा में IAS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल

  चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने बुधवार रात 15 आई.ए.एस. अफसरों के तबादले करके कई अफसरों को सख्त संदेश दिया है। अहम यह है कि आई.डी.एफ.सी. बैंक फ्रॉड के मामले में सी.बी. आई. जांच की मंजूरी से पहले 3 आई.ए.एस. अफसरों पर सरकार ने गाज गिरा दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त प्रधान सचिव (ए.पी.एस.) आई.ए.एस. साकेत कुमार को उनके सभी पदों से हटाते हुए अभिलेखागार विभाग की जिम्मेदारी दे दी है। वहीं अजय कुमार को चीफ मिनिस्टर के डिप्टी प्रिंसीपल सैक्रेटरी-11 (नया पद) बनाया गया है। इसी तरह सीनियर आई. ए. एस. पंकज अग्रवाल और डी.के. बेहरा को महत्वपूर्ण विभागों से पदमुक्त करते हुए साइड लाइन कर दिया गया है। पंकज अग्रवाल को आर्किटेक्चर विभाग का प्रधान सचिव वहीं डी. के. बेहरा को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन का सचिव लगाया गया है। चर्चा है कि इन तीनों अफसर का नाम आई.डी.एफ.सी. बैंक फ्रॉड में सामने आया है। ये सभी अफसर पूर्व में पंचायत विभाग में तैनात रह चुके हैं। चर्चा है कि ए.सी.बी. की ओर से इन अफसरों के खिलाफ 17ए की कार्रवाई शुरू करने के लिए मंजूरी मांगी गई है। वहीं अन्य तबादलों में विनीत गर्ग पहले हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन थे, अब अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग बनाए गए हैं। ए.सी.एस. अनुराग अग्रवाल पहले टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग और अर्बन एस्टेट्स विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव थे, अब इसके अलावा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ-साथ हरियाणा सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के एडवाइजर भी होंगे। विजयेन्द्र कुमार कृषि एवं किसान कल्याण, पर्सनल, सैनिक कल्याण समेत कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, अब विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी होंगे। राजीव रंजन लेबर और यूथ एम्पावरमेंट विभाग के प्रिंसीपल सैक्रेटरी थे, अब सहकारिता विभाग के प्रिंसीपल सैक्रेटरी भी बनाए गए हैं। आई.ए.एस. सी.जी. राजिनी कान्थन फाइनैंस विभाग (हरियाणा-III) के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी थे, अब माइंस एवं जियोलॉजी विभाग के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी होंगे। जे. गणेशन- फूड, सिविल सप्लाइज, हाऊसिंग फॉर ऑल और हारट्रोन समेत कई पदों पर थे, अब हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन और पब्लिक हैल्थ इंजीनियरिंग विभाग के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी होंगे। अतुल कुमार ट्रांसपोर्ट कमिश्नर थे, अब फाइनेंस विभाग (हरियाणा-1) के कमिश्नर एवं सैक्रेटरी भी बनाए गए हैं। मनी राम शर्मा सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार थे, अब स्वास्थ्य विभाग के सैक्रेटरी बनाए गए हैं। डॉ. आदित्य दहिया हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के एम.डी. थे, अब हरियाणा पावर जैनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एम.डी. भी होंगे। अजय कुमार गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर थे, अब चीफ मिनिस्टर के डिप्टी प्रिंसीपल सैक्रेटरी-II (नया पद) बनाए गए हैं। उत्तम सिंह करनाल के डिप्टी कमिश्नर और स्मार्ट सिटी के सी.ई.ओ. थे, अब गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर होंगे। आनंद कुमार शर्मा रोहतक के डिस्ट्रिक्ट म्यूनिसिपल कमिश्नर समेत कई पदों पर थे, अब करनाल के डिप्टी कमिश्नर और करनाल स्मार्ट सिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनाए गए हैं।

सीएम नायब सैनी की सख्त कार्रवाई, IAS राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार सस्पेंड, बैंक फ्रॉड से जुड़े तार

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने 590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में संलिप्तता के आरोपों के चलते दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में राम कुमार सिंह, आईएएस (एचवाई 2012) शामिल हैं, जो राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव के साथ-साथ पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे। सरकार के आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान राम कुमार सिंह का मुख्यालय मुख्य सचिव, हरियाणा के कार्यालय (सर्विसेज-1 शाखा) में निर्धारित किया गया है। इसी तरह, प्रदीप कुमार-1, आईएएस (एचवाई 2011), जो राज्य परिवहन विभाग में निदेशक और परिवहन विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे, को भी निलंबित किया गया है। उनके निलंबन के दौरान मुख्यालय भी मुख्य सचिव, हरियाणा के कार्यालय (सर्विसेज-1 शाखा), चंडीगढ़ में रहेगा। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े करीब 590 करोड़ रुपये के घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर की गई है। सरकार द्वारा की गई इस कार्रवाई को प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  

आतंकियों की साजिश बेनकाब: पंजाब में टाइम बम तैयार कर रहे दो आरोपी गिरफ्तार

अमृतसर. पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। अमृतसर ग्रामीण, गुरदासपुर और राज्य विशेष अभियान इकाई अमृतसर ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क को बेनकाब किया। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो एक विदेशी संचालक के इशारे पर काम कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के समर्थन से सक्रिय था और इसका संबंध बब्बर खालसा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। यह नेटवर्क प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने के उद्देश्य से बड़े हमलों की तैयारी कर रहा था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। जानें क्या-क्या मिला – बरामद सामान में पांच हैंड ग्रेनेड, दो विशेष प्रकार के डेटोनेटर (IED), समय नियंत्रित यंत्र, कोडिंग और डिकोडिंग उपकरण, नौ वोल्ट बैटरी, करीब एक किलोग्राम उच्च विस्फोटक सामग्री जिसमें कीलें भरी हुई थीं, तथा एक संचार उपकरण शामिल है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन सामग्रियों का उपयोग बड़े और प्रभावशाली हमले के लिए किया जाना था। स्पष्ट है कि इससे टाइम बम तैयार किया जाना था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों द्वारा तैयार किया जा रहा विस्फोटक उपकरण भी बरामद किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि उनकी योजना किसी भी समय हमले को अंजाम देने की थी। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया गया है। मामला दर्ज कर जांच शुरू इस मामले में गुरदासपुर जिले के कलानौर थाना में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि उनके आगे और पीछे के संपर्कों का पता लगाया जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उन्हें स्थानीय स्तर पर किस प्रकार का सहयोग मिल रहा था। साथ ही विदेशी संचालकों के साथ उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

जहाँ बंदूकें थीं, अब बहता है पानी – हेटारकसा की बदली हुई तस्वीर

जहॉ बन्दूकें थीं, अब बहता है पानी- हेटारकसा की बदली तस्वीर रायपुर   कभी नक्सल गतिविधियों के कारण विकास से अछूता रहा कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम हेटारकसा आज बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। जहां पहले सड़क, संचार और मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच मुश्किल थी, वहीं अब शासन के नक्सल उन्मूलन अभियान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गांव में विकास दिखने लगा है। नक्सल प्रभाव के कारण वर्षों तक इस क्षेत्र में योजनाओं का क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण रहा। दुर्गम भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा कारणों से पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी गांव तक नहीं पहुंच पा रही थी। ग्रामीण, कुएं और नालों पर निर्भर थे, और गर्मी के दिनों में पानी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन और राज्य शासन के प्रयासों से ग्राम हेटारकसा के 63 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए गए हैं। दो सोलर पंप आधारित जल टंकियों के माध्यम से अब गांव के हर घर में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। गांव के निवासी राजनाथ पोटाई बताते हैं कि पहले पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था, जिसमें अधिक समय व श्रम लगता था। वहीं अब घर में ही दिनभर पानी मिलने से दैनिक जीवन काफी आसान हो गया है। गांव की महिला सविता बेन ने कहती हैं कि पहले पानी की समस्या के कारण दिन का बड़ा हिस्सा इसी कार्य में चला जाता था, लेकिन अब नल-जल सुविधा से उन्हें राहत मिली है और वे अन्य कामों में समय दे पा रही हैं। स्वास्थ्य और आजीविका पर सकारात्मक असर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से गांव में जलजनित बीमारियों में कमी आई है। साथ ही ग्रामीण अब घरों के आसपास सब्जी-बाड़ी कर रहे हैं, जिससे टमाटर, मिर्ची, बरबट्टी जैसी फसलें उगाकर वे पोषण के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं। नक्सल प्रभावित इस दूरस्थ क्षेत्र में योजनाओं का सफल क्रियान्वयन प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। आज ग्राम हेटारकसा यह साबित कर रहा है कि जब सुरक्षा, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो सबसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी बदलाव संभव है।

टेनिस स्टार Daniil Medvedev ने 40 सेकंड में तोड़ा 7 रैकेट, झेली करियर की सबसे शर्मनाक हार

 नई दिल्ली टेनिस कोर्ट पर अपने तेवरों के लिए मशहूर डेनिल मेदवेदेव का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा. मोंटे कार्लो मास्टर्स (Monte Carlo Masters) में उन्हें अपने करियर की सबसे करारी हार झेलनी पड़ी और इसी के साथ दिखा 40 सेकंड का ‘मेल्टडाउन’, जिसमें उन्होंने अपना रैकेट 7 बार पटक दिया।  पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 रूस के मेदवेदेव को क्ले कोर्ट सीजन की शुरुआत में ही मुश्किल चुनौती मिली, जब उनका सामना इटली के माटेओ बेरेटिनी (Matteo Berrettini) से हुआ. मैच की शुरुआत भले ही उन्होंने आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती गेम में ब्रेक पॉइंट भी बनाए, लेकिन बेरेटिनी ने सर्विस बचा ली और यहीं से मैच का रुख बदल गया।  इसके बाद मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया.  बेरेटिनी  ने महज 25 मिनट में पहला सेट 6-0 से अपने नाम कर लिया. दूसरे सेट की शुरुआत में ही जब मेदवेदेव की सर्विस फिर टूटी और स्कोर 0-2 हुआ, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा।  मेदवेदेव ने पहले रैकेट को कोर्ट पर पटका, फिर उसे गुस्से में फेंका. इसके बाद उन्होंने लगातार चार बार रैकेट उछाला और अंत में अपने खिलाड़ी बेंच के पास सातवीं बार जोरदार तरीके से पटककर उसे तोड़ दिया. पूरा ड्रामा सिर्फ 40 सेकंड तक चला, लेकिन दर्शकों की तालियों और हूटिंग ने इसे और भी नाटकीय बना दिया।  कॉमेंट्री कर रहे Sky Sports के कमेंटेटर ने कहा, 'ये तो होना ही था' और फिर मजाक में जोड़ा- 'अब ये रैकेट इस्तेमाल लायक नहीं बचा। अंपायर ने मेदवेदेव को 'अनस्पोर्ट्समैनलाइक कंडक्ट' के लिए चेतावनी भी दी, लेकिन इससे खेल पर कोई फर्क नहीं पड़ा. Matteo Berrettini ने मैच को 6-0, 6-0 से खत्म कर ‘व्हाइटवॉश’ जीत दर्ज की- जो मेदवेदेव के करियर की पहली ऐसी हार रही।  पूर्व ब्रिटिश स्टार Jamie Murray ने भी इस घटना पर हैरानी जताई. उन्होंने कहा, 'ये चौंकाने वाला है, ऐसा नहीं होना चाहिए… लेकिन हुआ. मुझे लगता है कि लॉकर रूम में जाते वक्त उन्हें शर्मिंदगी जरूर महसूस होगी।  मेदवेदेव का कोर्ट पर गुस्सा कोई नई बात नहीं है. US Open 2025 में भी वह अंपायर से तीखी बहस के चलते सुर्खियों में आए थे, जिससे मैच छह मिनट तक रुका रहा था।   

रायपुर: फार्मेसी शिक्षा और शोध से स्वास्थ्य व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रायपुर : फार्मेसी शिक्षा और शोध से बदलेगी स्वास्थ्य व्यवस्था: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल फार्मा अन्वेषण 2026 में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रायपुर  राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के अवसर पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित फार्मा अन्वेषण 2026 कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की थीम “Future Pharma Ecosystem: Academia, Industry, Research, Regulatory and Practice के बीच समन्वय” रही, जिसमें फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बेहतर तालमेल पर विशेष चर्चा की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि फार्मेसी क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में इसकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ फार्मेसी शिक्षा और रिसर्च को भी प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने युवाओं और शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नवाचार (Innovation) और अनुसंधान के माध्यम से ही हम बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे नए अवसरों का सृजन हो सके। कार्यक्रम में कीनोट सेशन, इंडस्ट्री-एकेडमिक संवाद, पेटेंट एवं इनोवेशन शोकेस, ओरल एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन जैसे विभिन्न सत्र आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस आयोजन के माध्यम से फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

750 रुपये मैच फीस सुनकर BCB चीफ को लगा झटका, बढ़ाई बांग्लादेशी खिलाड़ियों की सैलरी

ढाका  बांग्लादेश क्रिकेट में लंबे समय से उठ रहे वेतन के मुद्दे पर अब बड़ा फैसला सामने आया है. तमीम इकबाल की अगुवाई वाली बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की एड-हॉक कमेटी ने घरेलू क्रिकेटर्स की सैलरी और मैच फीस में  बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।  तमीम इकबाल जिन्हें हाल ही में 11 सदस्यीय कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है, उस वक्त हैरान रह गए जब उन्हें पता चला कि एक महिला क्रिकेटर को वनडे मैच के लिए महज 1000 बांग्लादेशी टका (करीब 8 डॉलर/ 750 भारतीय रुपए) मिलते थे।  इसके बाद बोर्ड ने महिला क्रिकेटर्स की मैच फीस में बड़ा बदलाव किया है. अब उन्हें वनडे मैच के लिए 15,000 टका, फर्स्ट-क्लास मैच के लिए 20,000 टका और टी20 मुकाबलों के लिए 10,000 टका मिलेंगे. इसके अलावा टॉप-36 महिला घरेलू खिलाड़ियों की मासिक सैलरी 30,000 टका से बढ़ाकर 40,000 टका कर दी गई है।  सैलरी आदर्श नहीं, लेकिन यह शुरुआत: तमीम इकबाल  तमीम इकबाल ने माना कि यह बढ़ोतरी अभी आदर्श नहीं है, लेकिन एक जरूरी शुरुआत जरूर है. उन्होंने कहा कि एक साथ बहुत ज्यादा बढ़ोतरी करना संभव नहीं था, लेकिन खिलाड़ियों को बेहतर भुगतान मिलना जरूरी है।  सिर्फ महिला ही नहीं, पुरुष घरेलू क्रिकेटर्स को भी राहत मिली है. कैटेगरी A के खिलाड़ियों की सैलरी 65,000 टका कर दी गई है, जबकि कैटेगरी B और C के खिलाड़ियों को क्रमशः 50,000 और 40,000 टका मिलेंगे. फर्स्ट-क्लास मैच फीस भी 70,000 टका से बढ़ाकर 100,000 टका कर दी गई है।  391 इंटरनेशनल मैच खेल चुके तमीम ने साफ कहा कि पिछले 3-4 सालों में खिलाड़ियों की सैलरी में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई थी और वे 'काफी अंडरपेड' थे. उन्होंने कहा कि क्रिकेट खिलाड़ियों की मेहनत से चलता है, इसलिए उन्हें उचित भुगतान मिलना चाहिए।  सैलरी बढ़ाने के साथ ही तमीम ने BCB की खराब होती छवि को सुधारने पर भी जोर दिया. उन्होंने माना कि पिछले डेढ़ साल में बोर्ड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है और इसे मिलकर ठीक करना होगा।  तमीम ने कहा कि क्रिकेट हमेशा देश के लिए गर्व का विषय होना चाहिए और जो लोग बोर्ड से जुड़े हैं, उन्हें इस पर गर्व महसूस करना चाहिए. उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में BCB में और भी सुधारात्मक कदम देखने को मिल सकते हैं। 

लखनऊ में अप्रैल में हुआ नवंबर जैसी सर्दी का अहसास, पारा गिरकर 27 डिग्री पर पहुंचा, जानें मौसम विभाग का नया अपडेट

लखनऊ प्रदेश में जारी बेमौसम वर्षा, तड़ित झंझावत और ओलावृष्टि के दौर से बृहस्पतिवार से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार से पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा। यह मौसमी बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण हो रहा था, जिसने पूरे प्रदेश को प्रभावित किया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल में बना हुआ था। यह उत्तरी पाकिस्तान और संलग्न जम्मू-कश्मीर के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में केंद्रित था। एक और चक्रवाती परिसंचरण मौजूद इसके अतिरिक्त, निचले क्षोभमंडल में प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भाग पर एक और चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। यह परिसंचरण मणिपुर तक एक द्रोणी के रूप में फैला हुआ है, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि हुई। बुधवार को प्रदेश के ऊपरी क्षोभमंडल से इन मौसमी प्रणालियों में प्रभावी कमी आने की संभावना है। इस कमी के बाद बृहस्पतिवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार शुरू हो जाएगा। शुक्रवार से मौसम पूर्णतया शुष्क होने की संभावना है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। तापमान में उतार-चढ़ाव का अनुमान मौसम में सुधार के साथ ही प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। आगामी चौबीस घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह गिरावट हल्की ठंडक का अनुभव कराएगी। हालांकि, उसके बाद के दिनों में तापमान में आठ से दस डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह बढ़ोतरी मौसम को सामान्य स्थिति में लाएगी और गर्मी का अनुभव कराएगी। नवंबर जैसी सर्दी का अहसास मात्र 24 घंटे में मौसम के बदले मिजाज ने राजधानी में अप्रैल के महीने में नवंबर जैसा अहसास करा दिया। सुबह से शुरु हुई रिमझिम बारिश दिन में रुक-रुककर होती रही। हालांकि इस दौरान धूप भी निकली और बादलों की आवाजाही भी लगी रही। इस बदलाव से अधिकतम तापमान पर पारा 7.5 डिग्री का गोता लगाते हुए 34.5 डिग्री से 27 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मंगलवार रात की बारिश 5.3 मिमी दर्ज की गई जबकि बुधवार को शाम तक तीन मिमी बारिश हुई। आमतौर पर अप्रैल का महीना गर्म होता है, लेकिन इस बार लखनऊ में स्थिति भिन्न रही। बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई। दिन के समय भी मौसम में ठंडक बनी रही। रात में ठंड का अहसास इतना बढ़ गया कि लोगों को नवंबर के मौसम की याद आ गई। पश्चिमी विक्षोभ के असर से मंगलवार शाम में ही तेज हवा के साथ बारिश देखने को मिली। रात में रुक-रुककर बारिश होती रही। बुधवार को भी सुबह में हल्की बारिश ने ठंड का अहसास कराया। शाम को भी बूंदाबांदी हुई। देर शाम मौसम काफी सुहाना हो गया।  

श्रमिक महासम्मेलन में निर्धारित मानकों का पालन, अनुबंधित दरों पर विभाग ने कराया कार्य

रायपुर छत्तीसगढ़ में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में विभाग  व्यय पूर्णतः टेंडर के अनुसार अनुबंधित दर पर तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात किया गया है। इस कार्यक्रम में मनमाना व्यय व वित्तीय अनियमितता का आरोप निराधार है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव ने बताया कि बिना निविदा प्रक्रिया के कुर्सी और नाश्ते पर मनमाने खर्च के आरोपों को श्रम विभाग ने निराधार और भ्रामक है।         छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके ने बताया कि विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को विश्वकर्मा जयंती और छत्तीसगढ़ श्रम दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में बड़े स्तर पर श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 5,000 से 8,000 लोग शामिल हुए थे।            श्रम विभाग ने बताया कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे मंच, बैठक व्यवस्था, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य शिविर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत पूर्व से अनुबंधित संस्था के माध्यम से स्वीकृत दरों पर कराई गईं। विभाग के अनुसार कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय में बदलाव और समयाभाव के कारण निविदा प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं था। ऐसे में पूर्व अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से कार्य कराना प्रशासनिक दृष्टि से उचित निर्णय था। आयोजन के बाद सभी व्ययों का परीक्षण एवं सत्यापन कर का भुगतान अनुबंधित संस्था को नियमों के तहत किया गया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी वितरण तय मापदंड और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी वितरण तय मापदंड और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत तय मानक के अनुरूप नहीं होने पर बदली जाएंगी साड़ियां रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग  द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ी वितरण तय मापदंड और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हुआ है, लेकिन जहां भी गड़बड़ी मिली है, वहां सुधार किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर साड़ियां बदली जाएंगी।     आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दी गई साड़ियों की लंबाई और गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक्शन लिया है। विभाग के मुताबिक, केंद्र सरकार के प्रावधान के तहत हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को साल में दो साड़ी यूनिफॉर्म दी जाती है। इसके लिए प्रति साड़ी 500 रुपए तय हैं। इसी आधार पर राज्य में करीब 1.94 लाख साड़ियों की आपूर्ति का आदेश छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी एजेंसी को दिया गया था। साड़ियों के रंग, डिजाइन और लंबाई का मापदंड राज्य स्तर पर तय किया गया था। इसके अनुसार साड़ी की लंबाई 5.50 मीटर और ब्लाउज पीस सहित कुल लंबाई 6.30 मीटर निर्धारित है।       महिला एवं बाल विकास विभाग को साड़ी की आपूर्ति से पहले छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी एजेंसी के  सैंपल की जांच तकनीकी एजेंसी राइट्स लिमिटेड, मुंबई से कराई गई थी, जिसमें गुणवत्ता सही पाई गई।                आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ी वितरित की गई l हालांकि वितरण के बाद दुर्ग, धमतरी, रायगढ़ और कबीरधाम जिलों से कुछ शिकायतें सामने आईं। इनमें साड़ी छोटी होने, धागा निकलने और रंग छोड़ने की बात कही गई। विभाग ने तुरंत जांच समिति बनाकर इन मामलों की पड़ताल कराई। जांच में कुछ मामलों में लंबाई कम और बुनाई में खामियां सामने आईं।विभाग का कहना है कि कॉटन साड़ी होने के कारण पहली धुलाई में रंग छोड़ने की स्थिति कुछ जगहों पर दिखी, लेकिन बाद में रंग सामान्य रहा।          महिला एवं बाल विकास विभाग ने अब सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे साड़ियों की दोबारा जांच करें और जहां मापदंड से कमी मिले, उसकी जानकारी भेजें। साथ ही खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को भी साफ निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी साड़ियों को बदलकर मानक के अनुसार नई साड़ियां उपलब्ध कराई जाएं।       विभाग ने यह भी बताया कि जारी कार्यादेश में ही एजेंसी को गुणवत्ता बनाए रखने और शिकायत मिलने पर सामग्री बदलने की शर्त लिखी गई थी।विभाग का कहना है कि किसी भी हितग्राही को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ी मानक के अनुरूप साड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी।