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गैस संकट के कारण टलने लगीं शादियां, कैटरर्स ने चाट और डोसा के काउंटर घटाए, एडीएम से मिले व्यापारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट, कैटरिंग एवं डेकोरेशन व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने एडीएम सिविल सप्लाई ज्योति गौतम से उनके कार्यालय में मुलाकात की। पदाधिकारियों ने कैटरिंग क्षेत्र के व्यवसायियों की समस्याओं को उनके सामने रखा। एडीएम ने कहा कि शादी का कार्ड दिखाने पर सिलिंडर मिल सकेगा। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि 15 अप्रैल से सहालगों की शुरुआत हो रही है। इससे कैटरिंग क्षेत्र के व्यापारियों के सामने व्यावसायिक सिलिंडरों की बड़ी चुनौती आ रही है। कैटरिंग व्यापारियों को सहालग में सुगमता से व्यावसायिक सिलिंडर मिलने चाहिए। अपर जिलाधिकारी खाद्य एवं अपूर्ति ज्योति गौतम ने व्यापारियों को भरोसा दिया कि कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शादी के कार्ड और प्री ऑर्डर बुकिंग के प्रपत्र के साथ जिला आपूर्ति कार्यालय या मेरे कार्यालय में जमा करा दें। कैटरर्स या शादी वाले घरों के लोग पत्र देकर व्यावसायिक गैस सिलेंडर की मांग कर सकते हैं। संबंधित गैस एजेंसी को व्यापारियों की मांग भेज कर व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल में उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट, कैटरिंग एवं डेकोरेशन व्यापार मंडल के अध्यक्ष राघवेंद्र चौधरी, संतोष गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहम्मद रिजवान, आयुष पांडेय, संजीव सिंह मौजूद रहे। रिश्तेदारों की मेहमान नवाजी बड़ी समस्या उत्तर प्रदेश टेंट कैटरर्स एंड डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार बताते हैं कि गैस की किल्लत की वजह से लोग शादी टाल रहे हैं। घर आने वाले रिश्तेदारों के खाने-पीने की व्यवस्था कैसे होगी, इसकी चिंता बढ़ती जा रही है। बताया कि मेरे परिचित के पांच परिवारों ने नवंबर तक के लिए शादियां टाल दी हैं। मार्च में टाली थी शादी, नहीं मिली राहत: उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट कैटरिंग एंड डेकोरेशन व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संतोष गुप्ता ने बताया कि इंदिरानगर और चिनहट के दो परिवारों ने मार्च में आयोजित अपने घरों की शादियां गैस किल्लत को देखते हुए एक महीने के लिए टाल दी थीं। अब वह अप्रैल के अंत में शादी के लिए हिम्मत जुटा रहे हैं। हालांकि, उन्हें अब भी डर है कि कहीं सिलिंडर नहीं मिला तो मेहमानों को कैसे खिलाएंगे। व्यंजन भी हुए कम, काउंटर घटाए गए कारोबारी बताते हैं कि व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने पर हम हर जगह लकड़ी और कोयला नहीं जला सकते। धुआं होने के कारण मैरिज लॉन वाले ऐसे चूल्हे पर आपत्ति करते हैं। ऐसे में हम लोगों ने शादियों में चाट, पावभाजी, डोसा आदि के काउंटर कम किए गए हैं। इन काउंटर पर लगातार गैस की जरूरत पड़ती है।  

प्राइवेट वेन्यू पर सरकारी इवेंट्स पर लगी रोक, फालतू खर्च कम करने के लिए मुख्य सचिव ने जारी किए निर्देश

जयपुर राजस्‍थान सरकार ने खर्च कम करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. अब सरकारी कार्यक्रम जैसे समारोह, प्रदर्शनी, सेमिनार वगैरह निजी जगहों पर नहीं किए जाएंगे. साफ शब्दों में कहें तो होटल या प्राइवेट हॉल में सरकारी इवेंट कराने पर रोक लगा दी गई है. प्राइवेट जगह पर आयोजन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी की मंजूरी जरूरी. कमेटी से मंजूरी लेनी पड़ेगी   हां, अगर कोई खास स्थिति हो, और निजी जगह पर कार्यक्रम करना बहुत जरूरी हो, तो इसके लिए पहले कमेटी से मंजूरी लेनी पड़ेगी. ये कमेटी मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में काम करेगी. बिना उनकी अनुमति के निजी स्थल पर आयोजन नहीं हो सकेगा. सरकारी भवनों में होंगे कार्यक्रम सरकार का कहना है कि इस फैसले से सरकारी सुविधाओं का सही इस्तेमाल होगा, और फालतू खर्च भी रुकेगा. इसको लेकर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सभी विभागों, निगमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं को निर्देश जारी कर दिए हैं, अब उन्हें कहा गया है कि अपने कार्यक्रम सरकारी भवनों और कॉन्फ्रेंस हॉल में ही करें. सरकार ने तय कर रखी है जगह सरकारी कार्यक्रम के लिए सरकार ने कुछ जगहें भी तय कर रखी है, जैसे राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान, एचसीएम रीपा और दुर्गापुर का सियाम इन जगहों पर सरकारी कार्यक्रम किए जा सकते हैं.

नवागत जनपद सीईओ और विकास खंड अधिकारियों के अभिमुखीकरण प्रशिक्षण का हुआ समापन

नवागत जनपद सीईओ एवं विकास खंड अधिकारियों के अभिमुखीकरण प्रशिक्षण का हुआ समापन मंत्री पटेल ने नवनियुक्त अधिकारियों से किया संवाद, लक्ष्य आधारित कार्यशैली पर दिया जोर भोपाल भोपाल स्थित मध्यप्रदेश जल एवं भूमि प्रबन्ध संस्थान में नवागत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) एवं विकास खंड अधिकारियों के अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज समापन समारोह हुआ। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री पटेल ने नवनियुक्त अधिकारियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि आगामी 3 वर्षों में ऐसा कार्य करें जिससे उन्हें स्वयं संतुष्टि प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि “आपकी आत्मसंतुष्टि ही इस बात का प्रमाण होगी कि आप आमजन के जीवन में कितना सकारात्मक परिवर्तन लाये है।” मंत्री पटेल ने अधिकारियों से उनके कार्य क्षेत्र, भविष्य की योजनाओं एवं चुनौतियों पर चर्चा की तथा उन्हें निरंतर संवाद बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संवाद बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है और इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता आती है। उन्होंने आगे कहा कि कई बार हम यह सोचते हैं कि हम सभी कार्य कर सकते हैं, जो सकारात्मक सोच है, लेकिन अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कार्य करने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। हर कार्य को एक स्पष्ट लक्ष्य, सुदृढ़ योजना और टीम वर्क के साथ किया जाए तो सफलता सुनिश्चित होती है। इस अवसर पर नव नियुक्त अधिकारियों ने प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्राप्त अपने अनुभवों को साझा किया। अधिकारियों ने बताया कि विगत 45 दिनों से संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने उन्हें प्रशासनिक कार्य प्रणाली को समझने, विभिन्न क्षेत्रों का अवलोकन करने तथा जमीनी स्तर पर कार्य करने के व्यावहारिक पहलुओं को जानने का अवसर प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें विभिन्न स्थानों का भ्रमण करने का अवसर मिला, जिससे उन्होंने आने वाली चुनौतियों को समझते हुए अपने कार्य की रूपरेखा पर भी चर्चा की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर मंत्री पटेल द्वारा सभी नवनियुक्त अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

युवाओं के लिए बड़ी सौगात: हरियाणा में 1 लाख युवाओं को AI स्किल्स, 474 करोड़ की योजना मंजूर

चंडीगढ़. हरियाणा में प्रदेश सरकार एक लाख युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिलाएगी। इसके अलावा 100 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोग्राम की समीक्षा की अध्यक्षता की। लगभग 474 करोड़ की महत्वाकांक्षी पहल को विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से पीपीपी माडल पर लागू किया जा रहा है। प्रोग्राम की प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा अनुमोदित की जा चुकी है। कार्यक्रम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आगामी जून तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। बैठक में बताया गया कि विश्व बैंक मिशन टीम ने छह एवं सात अप्रैल को पंचकूला में दौरा किया। इस दौरान विभिन्न विभागों से एआई के संभावित उपयोग मामलों की पहचान करने को कहा गया है। इसमें विभागों को अपने सुझाव प्रस्तुत करने हेतु 15 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद प्राथमिकता वाले उपयोग मामलों को अंतिम रूप दिया जाएगा। राज्य सरकार एआई इनोवेशन सैंडबाक्स स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, जो 'निवेश से पूर्व परीक्षण' प्लेटफार्म के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एआई समाधान की पहचान, सत्यापन एवं पायलट परीक्षण दिया जाएगा। यह सैंडबाक्स पूर्णतः विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित होगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में दो प्रमुख एआई केंद्र स्थापित करने की योजना है। पंचकूला में सा टेक्नोलाजी पावर आफ इंडिया के सहयोग से हरियाणा एडवांस्ड कंप्यूटिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी। इसके अतिरिक्त गुरुग्राम में नासकोम के सहयोग से ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो स्टार्टअप इनक्यूबेशन एवं उद्योग सहयोग को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम हरियाणा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

एमसीबी : भीषण गर्मी में राहतरू बंद हैंडपंप चालू, गांवों में लौटी पानी की उम्मीद

एमसीबी : भीषण गर्मी में राहतरू बंद हैंडपंप चालू, गांवों में लौटी पानी की उम्मीद PHE की मुहिम से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत, जल संकट में आई कमी एमसीबी जिले में भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की पहल ग्रामीणों के लिए राहत लेकर आई है। विभाग द्वारा बंद पड़े हैंडपंपों की मरम्मत और संधारण कार्य तेज़ी से किया जा रहा है, जिससे गांवों में पेयजल की उपलब्धता फिर से सुनिश्चित हो रही है। गर्मी के इस कठिन दौर में पानी की बढ़ती जरूरत को देखते हुए विभाग की टीम लगातार गांव-गांव पहुंचकर खराब हैंडपंपों को सुधार रही है। इसी क्रम में विकासखंड खड़गवां के ग्राम पंचायत सलका के स्कूल पारा में लंबे समय से खराब पड़े हैंडपंप को ठीक कर पुनः चालू किया गया। पानी मिलते ही खिले ग्रामीणों के चेहरे हैंडपंप के चालू होते ही पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई और दैनिक जीवन भी सुगम हुआ। संवेदनशील प्रशासन, त्वरित समाधान विभाग की त्वरित और सक्रिय कार्यप्रणाली यह दर्शाती है कि प्रशासन आमजन की मूलभूत आवश्यकताओं को लेकर पूरी तरह सजग है। समय पर किए जा रहे ये प्रयास न केवल जल संकट को कम कर रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन को भी आसान बना रहे हैं।

बिहार की सत्ता में बड़ा बदलाव, बीजेपी संभालेगी कमान और जेडीयू को मिल सकते हैं दो डिप्टी सीएम के पद

 पटना   बिहार की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रहा सस्पेंस अब खत्म होने की कगार पर है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ फाइनल दौर की बैठक करेंगे. इस बैठक का एजेंडा नई सरकार के स्वरूप और मंत्रालयों के बंटवारे को अंतिम रूप देना होगा. बीजेपी के पास होगी कमान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बनने वाली नई सरकार में मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा. अब तक नीतीश कुमार ही एनडीए की कमान संभालते रहे हैं, लेकिन बदले हुए सियासी समीकरणों में बीजेपी ने अपनी भूमिका को बढ़ाने फैसला किया है. जेडीयू और अन्य सहयोगियों का हिस्सा सत्ता के संतुलन को बनाए रखने के लिए जेडीयू को दो डिप्टी सीएम पद दिए जाने की संभावना है. इसके अलावा, जेडीयू के 13-14 विधायक कैबिनेट का हिस्सा बनेंगे. छोटी पार्टियों को भी उनकी ताकत के हिसाब से सरकार में जगह दी जा सकती है. जीतनराम मांझी की हम पार्टी से उनके बेटे संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (RLM) से दीपक प्रकाश और चिराग पासवान की पार्टी (LJP-R) से संजय पासवान और संजय सिंह को मंत्री पद मिलने की चर्चा है. जातीय समीकरण का रखा जायेगा ध्यान नई सरकार के गठन में केवल सत्ता का बंटवारा ही नहीं, बल्कि सोशल मैसिजिंग का भी ध्यान रखा जायेगा. बीजेपी और जेडीयू की रणनीति ओबीसी, सवर्ण, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को बराबरी का प्रतिनिधित्व देने की है. यह पूरी कवायद अगले चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही है. दिल्ली में होने वाली बैठक में इन चेहरों के नाम पर अंतिम चर्चा होगी. नीतीश कुमार के दिल्ली से लौटते ही इस्तीफे की औपचारिकता पूरी होगी और बिहार में एक नई सुबह की शुरुआत होगी. यहां बीजेपी पहली बार राज्य के बॉस की भूमिका में नजर आ सकती है.

सुरक्षा के मद्देनज़र बड़ा फैसला: मानसा जिले में ड्रोन और कैमरा उड़ाने पर रोक

मानसा. जिले में सख्त पाबंदियों के आदेश जारी हुए हैं। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने इंडियन सिविल प्रोटेक्शन कोड 2023 के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तलवंडी साबो पावर लिमिटेड, गांव बननवाला और उसके आस-पास के 1 km के इलाके में किसी भी तरह के ड्रोन/ड्रोन कैमरा उड़ाने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस मानसा ने एक पत्र में लिखा है कि तलवंडी साबो पावर लिमिटेड, गांव बननवाला पंजाब का एक महत्वपूर्ण बिजली उत्पादन थर्मल प्लांट है, जिसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए थर्मल प्लांट बननवाला और उसके आस-पास के 01 km के इलाके में ड्रोन उड़ाने पर रोक लगाने की मांग की गई है। जारी आदेशों के अनुसार अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए शाम 5 बजे से सुबह 7 बजे तक छोटे खनिजों के खनन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा शेड्यूल-एच, एच-1 और एक्स श्रेणी की दवाइयां बेचने वाली सभी फार्मेसी और केमिस्ट दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने बोरवेल और ट्यूबवेल को लेकर भी सख्ती दिखाई है। बिना अनुमति बोरवेल खोदने या उसकी गहराई बढ़ाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आदेश के मुताबिक बोरवेल खोदने से कम से कम 15 दिन पहले जिला प्रशासन, बीडीपीओ, ग्राम पंचायत या नगर परिषद, जन स्वास्थ्य विभाग और ग्राउंड वाटर विभाग को सूचित करना जरूरी होगा। साथ ही ड्रिलिंग एजेंसी का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर और जमीन मालिक की पूरी जानकारी मौके पर उपलब्ध होनी चाहिए। सुरक्षा के लिहाज से बोरवेल के चारों ओर कांटेदार तार लगाना, स्टील प्लेट से ढक्कन बंद करना और कंक्रीट प्लेटफॉर्म बनाना भी अनिवार्य किया गया है। कार्य पूरा होने के बाद खाली जगह को मिट्टी से भरकर जमीन को पहले जैसा करना होगा। किसी भी स्थिति में बोरवेल या कुएं को खुला छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सफल होना है तो सीखें चुप रहने की कला, आचार्य चाणक्य के अनुसार कम बोलने वाले ही बनते हैं समझदार

आचार्य चाणक्य प्राचीन भारत के महान विद्वान, शिक्षक, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे, जिनको कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है. चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को मार्गदर्शन देकर मौर्य साम्राज्य की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उनकी नीतियों और बुद्धिमत्ता के कारण उन्हें भारतीय इतिहास के सबसे प्रभावशाली विचारकों में गिना जाता है. इन्हीं नीतियों का उदाहरण था चाणक्य नीति. चाणक्य नीति एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें जीवन को सही तरीके से जीने के नियम और ज्ञान के बारे में बताया गया है. इसमें व्यक्ति के व्यवहार, रिश्तों, सफलता, धन, शिक्षा, राजनीति और समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताया गया है. चाणक्य नीति की बातें आज के जीवन में बहुत ही उपयोगी मानी जाती है, जिनमें सबसे विशेष बात है कम बोलना. आचार्य चाणक्य के अनुसार, कम बोलने की आदत व्यक्ति को समझदार बनाती है. जो लोग कम बोलते हैं, वे अक्सर जीवन में ज्यादा सफल और सम्मानित होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि वे अपनी ऊर्जा बेवजह की बातों में खर्च करने के बजाय सही जगह इस्तेमाल करते हैं. सोच-समझकर बोलना बनाता है समझदार आचार्य चाणक्य के मुताबिक, कम बोलने वाले लोग हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते हैं. वे पहले स्थिति को समझते हैं, फिर अपनी बात रखते हैं. इससे उनके फैसले ज्यादा सही होते हैं और वे गलतफहमियों से भी बचे रहते हैं. यही आदत उन्हें दूसरों से ज्यादा परिपक्व बनाती है. जो लोग कम बोलते हैं उनकी बातें ज्यादा महत्व रखती हैं. वे फालतू की चर्चा में नहीं पड़ते, इसलिए जब भी कुछ कहते हैं, लोग ध्यान से सुनते हैं. इससे उनकी बातों का प्रभाव भी बढ़ता है और समाज में उनकी अलग पहचान बनती है. हर बात शेयर करना नहीं है सही कम बोलने का एक फायदा यह भी है कि व्यक्ति अपनी योजनाएं और निजी बातें हर किसी को नहीं बताता है. चाणक्य मानते हैं कि अपनी रणनीति को सीमित लोगों तक रखना ही समझदारी है. इससे नुकसान होने की संभावना कम हो जाती है. कई बार चुप रहना ही सबसे अच्छा फैसला होता है. खासकर तब, जब सामने वाला आपकी बात समझने के मूड में न हो. ऐसे में शांत रहकर स्थिति को संभालना ज्यादा बेहतर होता है. जो लोग कम बोलते हैं, उन्हें लोग ज्यादा गंभीरता से लेते हैं. उनकी बातों की अहमियत होती है और समाज में उन्हें सम्मान मिलता है. यही आदत उन्हें धीरे-धीरे सफलता की ओर भी ले जाती है.

पुष्पराजगढ़ में अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति की बैठक संपन्न

पुष्पराजगढ़ में अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति की बैठक संपन्न राजेन्द्रग्राम  अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति,के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशनुसार राजेंद्रग्राम के गेस्ट हाउस में पुष्पराजगढ़ ब्लॉक इकाई की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में पत्रकारों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे संगठन की सक्रियता और एकजुटता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। सभी अतिथियों एवं सदस्यों का माल्यार्पण से स्वागत किया गया, साथ ही स्वल्पाहार समुचित व्यवस्था की गई। समिति की कार्यक्रम को वातावरण और गरिमामय बनाते हुए ।   जिला अध्यक्ष प्रवीण चंद्रवंशी के अध्यक्षता मे बैठक आयोजित रहा। जिला अध्यक्ष नेे कहा की समिति के सभी सदस्यों हेतु  पत्रकार सुरक्षा कानून का शीघ्र कार्यान्वयन, निष्पक्ष पत्रकारिता और फेक खबरों से बचे रहने की सलाह दिया गया। और उपस्थित सदस्यों ने जिम्मेदार और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता के महत्व पर जोर दिया। और कहा गया कि पत्रकारिता समाज का आईना होती है, इसलिए इसकी विश्वसनीयता बनाएं रखना हर पत्रकार का कर्तव्य है। समिति के विस्तार को लेकर जिला अध्यक्ष प्रवीण चंद्रवंशी ने छबिलाल महरा को ब्लॉक अध्यक्ष मनोनीत किया गया। और उनके नेतृत्व में उम्मीद जताई गई कि ब्लॉक इकाई और अधिक सशक्त और सक्रिय होगी। बैठक के दौरान सदस्यता अभियान भी चलाया गया जिसमें समिति के नए सदस्य सामिल हुए और पत्रकारों को समिति से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। सदस्यों ने अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिला स्तरीय बैठक अतिशीघ्र आयोजित की जाएगी। जिसमें संगठन के विस्तार,और नई रणनीतियों और पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। प्रमुख सदस्य प्रवीण चन्द्रवंशी, अनिल पांडे, अशोक गुप्ता, आर.पी. बघेल सहित अन्य पत्रकार उपस्थित रहे। अंत में जिला अध्यक्ष संबोधित करते हुए कहा कि समिति आप सभी के साथ खडा है और कंधे से कंधे मिलाकर चलेगा ।  

राज्य के सिंचाई जलाशयों में 67% से अधिक जल भराव, पिछले दो सालों से बेहतर जल उपलब्धता

राज्य के सिंचाई जलाशयों में अभी 67 प्रतिशत से अधिक जल भराव पिछले दो सालों की तुलना में जल उपलब्धता की स्थिति काफी बेहतर रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य के 12 वृहद एवं 34 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में इस वर्ष जल भराव की स्थिति काफी बेहतर है। वर्तमान में राज्य के कुल 46 प्रमुख सिंचाई जलाशयों में औसत रूप से 67.43 प्रतिशत जल भराव है, जो कि वर्ष 2025 मेें इसी अवधि में औसत रूप से 45.23 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 के 42 प्रतिशत की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है। यह स्थिति राज्य में बेहतर वर्षा, सुनियोजित जल प्रबंधन तथा जलाशयों के प्रभावी संचालन का परिणाम है। राज्य के 12 वृहद सिंचाई परियोजनाओं में वर्तमान में 68.19 प्रतिशत जल भराव है, जबकि वर्ष 2025 में यह 45.84 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 में 38.62 प्रतिशत था। प्रमुख वृहद जलाशयों में शामिल मनियारी जलाशय में 90.41 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली में 86.85 प्रतिशत, खारंग में 84.99 प्रतिशत, दुधावा में 84.54 प्रतिशत, रविशंकर सागर में 76.72 प्रतिशत, सोंढूर में 70.65 प्रतिशत एवं तांदुला में 66.19 प्रतिशत में जल उपलब्ध है। वहीं मिनीमाता बांगो जलाशय में 63.86 प्रतिशत तथा केलो में अभी 51.83 प्रतिशत जल भराव है। कोडार जलाशय में अपेक्षाकृत कम 35.45 प्रतिशत जल उपलब्ध है।  इसी प्रकार राज्य की 34 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में वर्तमान में 63.38 प्रतिशत जल भराव है, जो कि वर्ष 2025 के 44.62 प्रतिशत एवं वर्ष 2024 के 45.38 प्रतिशत से अधिक है। मध्यम जलाशयों में छिरपानी जलाशय मेें 92.23 प्रतिशत, खपरी में 92.98 प्रतिशत, पिपरिया नाला में 89.69 प्रतिशत, गोंडली में 85.53 प्रतिशत, सुतियापाट में 79.82 प्रतिशत, सारोदा में 77.57 प्रतिशत एवं कोसारटेडा में 77.46 प्रतिशत जल भराव अपने उच्च स्तर पर हैं।  प्रदेश में उपलब्ध जल का उपयोग किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से नियंत्रित एवं चरणबद्ध रूप से जल छोड़ा जा रहा है। रविशंकर सागर (गंगरेल) परियोजना से नहरों के माध्यम से धमतरी एवं रायपुर क्षेत्रों में निस्तारी एवं सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा रहा है। दुधावा जलाशय से मुख्य नहरों के जरिए पानी दिया जा रहा है। सोंढूर परियोजना से नहर प्रणाली के माध्यम से जल छोड़ा जा रहा है। कोडार जलाशय से लगभग 6.84 क्यूमेक्स (घन मीटर प्रति सेकण्ड) जल नहरों के माध्यम से छोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त परालकोट परियोजना से दाएं एवं बाएं तट नहरों के जरिए जल वितरण किया जा रहा है। मध्यम परियोजनाओं में भी खरखरा, गोंडली, पिपरिया, सारोदा, जुमका, केदार नाला एवं अन्य जलाशयों से आवश्यकता अनुसार नहरों एवं स्लुइस गेट के माध्यम से जल छोड़ा जा रहा है, जिससे रबी फसलों की अंतिम सिंचाई एवं ग्रीष्मकालीन फसलों एवं निस्तारी के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सके। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जल का सदुपयोग तथा सभी सिंचित क्षेत्रों को आवश्यकतानुसार पानी मिल सके। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जल संसाधनों का वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जलाशयों में बेहतर जल भराव समन्वित प्रयासों का परिणाम है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों की आय में सुधार हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जलाशयों के जल स्तर की सतत निगरानी करते हुए जल का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।