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मुकुल-बडोनी के अर्धशतकों से लखनऊ की ‘सुपर’ जीत, अंक तालिका में पांचवें पायदान पर पहुंची एलएसजी

 कोलकाता आईपीएल 2026 का 15वां मुकाबला गुरुवार को कोलकाता के इडेन गार्डेंस में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और लखनऊ सुपर जाएंट्स (एलएसजी) के बीच खेला गया। इस रोमांचक मैच में एलएसजी ने आखिरी गेंद पर केकेआर को तीन विकेट से हरा दिया। एलएसजी की जीत के हीरो मुकुल चौधरी रहे जिन्होंने आखिरी ओवरों में दमदार बल्लेबाजी कर टीम को जीत दिलाई। मैच क हाल केकेआर ने जीत के लिए एलएसजी को जीत के लिए 182 रन का लक्ष्य दिया था। आयुष बदोनी के 34 गेंदों पर दो छक्कों और सात चौकों की मदद से 54 और मुकुल चौधरी के 27 गेंदों पर सात छक्कों और दो चौकों की मदद से बनाए नाबाद 54 रनों की मदद से एलएसजी ने केकेआर को तीन विकेट से हरा दिया। मुकुल चौधरी प्लेयर ऑफ द मैच रहे। शीर्ष चार में कौन? केकेआर और एलएसजी मैच के बाद अंक तालिका में बड़ा बदलाव हुआ है। एलएसजी जीत के साथ पांचवें नंबर पर चली गई है। अंक तालिका पर नजर डालें तो राजस्थान रॉयल्स तीन मैचों से छह अंक लेकर पहले स्थान पर है। वहीं, पंजाब किंग्स तीन मैचों में पांच अंक लेकर दूसरे, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दो मैचों से चार अंक लेकर तीसरे और दिल्ली कैपिटल्स तीन मैचों से चार अंक लेकर चौथे स्थान पर है। लखनऊ की टीम तीन मैचों में चार अंक लेकर पांचवें, सनराइजर्स हैदराबाद तीन मैचों से दो अंक लेकर छठे, गुजरात टाइटंस तीन मैचों में दो अंक लेकर सातवें, मुंबई इंडियंस तीन मैचों में दो अंक लेकर आठवें, केकेआर चार मैचों में एक अंक लेकर नौवें और सीएके तीन मैचों के बाद बिना किसी अंक के 10वें स्थान पर है। समान अंक के बावजूद कई टीमों की रैंक में अंतर उनके नेट रन रेट की वजह से है। यशस्वी के पास ऑरेंज कैप केकेआर-लखनऊ के मुकाबले के बाद ऑरेंज कैप और पर्पल कैप वाले खिलाड़ियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के पास ऑरेंज कैप है। उन्होंने तीन मैचों में 170 रन बनाए हैं। राजस्थान रॉयल्स के ही रवि बिश्नोई के पास पर्पल कैप है। बिश्नोई ने तीन मैचों में सात विकेट लिए हैं।  

पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित, 7500 पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूर्ण

भोपाल.  मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। यह भर्ती प्रक्रिया मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा संपन्न कराई गई, जिसके अंतर्गत 7500 पदों के लिए अगस्त 2025 में विज्ञापन जारी किया गया था। उक्त भर्ती के लिए प्रदेशभर से 9 लाख से अधिक अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन प्रस्तुत किए गए थे, जो युवाओं में पुलिस सेवा के प्रति बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है। लिखित परीक्षा का आयोजन मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में लगभग एक माह तक किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया। लिखित परीक्षा के उपरांत शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु कुल 57,990 अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया। यह परीक्षा 23 फरवरी से 14 मार्च 2026 तक प्रदेश के 10 निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की गई, जिसमें लगभग 44,483 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए। पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया गया। सभी चरणों के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के पश्चात आज अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है, जिसे कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है। घोषित परिणाम के अनुसार कुल 6,525 अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया गया है, जिनमें से 5,916 अभ्यर्थियों का चयन जिला पुलिस बल के लिए तथा 609 अभ्यर्थियों का चयन विशेष सशस्त्र बल के लिए किया गया है। 

पंजीयन कार्यालयों का नया टाइम टेबल लागू, शाम 4 बजे के बाद ही होगी विशेष रजिस्ट्री

रायपुर पंजीयन कार्यालयों में दस्तावेजों के पंजीयन को लेकर लंबे समय से चल रही अव्यवस्था और समय को लेकर शिकायतों के बीच अब बड़ा फैसला लिया गया है। महानिरीक्षक पंजीयन के निर्देश पर पूरे प्रदेश में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की समय-सीमा तय कर दी गई है। इसके तहत अब नियमित अपॉइंटमेंट शाम चार बजे तक ही मिलेंगे। जबकि चार से पांच बजे के बीच केवल विशेष अपॉइंटमेंट ही लिए जाएंगे। इस बदलाव से जहां कार्यप्रणाली में अनुशासन आने की उम्मीद है, वहीं आम लोगों को भी समय पर सेवा मिलने का रास्ता साफ होगा। वहीं शाम चार से पांच बजे के बीच केवल विशेष अपॉइंटमेंट छत्तीसगढ़ पंजीयन एवं मुद्रांक कार्यपालिक अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ, रायपुर द्वारा तीन फरवरी को भेजे गए पत्र के बाद शासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बता दें कि सुबह 10 से शाम चार बजे तक ही नियमित अपॉइंटमेंट दिए जाएंगे। वहीं शाम चार से पांच बजे के बीच केवल विशेष परिस्थितियों में स्पेशल अपॉइंटमेंट ही उपलब्ध होंगे। इस संबंध में NGDRS (National Generic Document Registration System) प्रणाली संचालित करने वाली एनआइसी को तत्काल तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को क्या होगा फायदा नई व्यवस्था से अब अपॉइंटमेंट और वास्तविक काम के समय में टकराव नहीं होगा। इससे पंजीयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी। साथ ही स्पेशल अपॉइंटमेंट को अलग स्लॉट मिलने से आपात या विशेष मामलों का तेजी से निपटारा भी संभव होगा। बता दें कि लंबे समय से पंजीयन कार्यालयों में अपॉइंटमेंट के समय और कार्यालयीन समय के बीच तालमेल नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई बार ऐसा होता था कि अपॉइंटमेंट समय कार्यालय बंद होने के करीब या बाद का होता था, जिससे आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ती थी। पहले यह थी समस्या अब तक अपॉइंटमेंट सिस्टम में समय-सीमा स्पष्ट नहीं थी, जिससे कई बार अंतिम समय में भी बुकिंग हो जाती थी और काम पूरा नहीं हो पाता था। इससे न केवल आवेदकों को परेशानी होती थी, बल्कि कर्मचारियों पर भी अनावश्यक दबाव बनता था। नई समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाएगा। सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंजीयक और उप पंजीयकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है।   

IPL 2026: आखिरी 12 गेंदों में चाहिए थे 30 रन, मुकुल और बडोनी के अर्धशतकों से जीता लखनऊ।

 कोलकाता मुकुल चौधरी (54*) और आयुष बडोनी (54) की तूफानी अर्धशतकीय पारियों की मदद से लखनऊ सुपर जाएंट्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को तीन विकेट से हरा दिया। गुरुवार को ईडेन गार्डेन्स में खेले गए मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता ने 20 ओवर में चार विकेट पर 181 रन बनाए। जवाब में लखनऊ ने 20 ओवर में सात विकेट पर 182 रन बनाए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। लखनऊ पांचवें स्थान पर पहुंची यह लखनऊ की लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले टीम ने हैदराबाद के खिलाफ पांच विकेट से मुकाबला जीता था। इस जीत के साथ लखनऊ की टीम अंक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गई। उनके खाते में चार अंक हैं और नेट रन रेट -0.359 का है। वहीं, कोलकाता लगातार तीन मैचों में हार और एक मुकाबला बेनतीजा रहने की वजह से -1.315 के नेट रन रेट के साथ अंक तालिका में नौवें पायदान पर है। आईपीएल 2026 की अंक आखिरी चार ओवर का रोमांच 182 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही लखनऊ का स्कोर 16वें ओवर की समाप्ति तक सात विकेट पर 128 रन था। क्रीज पर आवेश खान (0) और मुकुल चौधरी (2) मौजूद थे। मुकाबले में जान 17वें ओवर में लौटी। इसके बाद कैसे लखनऊ ने केकेआर के जबड़े से जीत छीनी यहां पढ़िये… 17वां ओवर कप्तान अजिंक्य रहाणे ने वैभव अरोड़ा को गेंद थमाई। शुरुआती दो गेंदों पर कोई रन नहीं आया, लेकिन तीसरी गेंद पर मुकुल ने चौका जड़ा। इसके बाद हेलीकॉप्टर शॉट लगाते हुए शानदार छक्का ठोका। इस ओवर से कुल 11 रन आए। आवेश खान 0 और मुकुल चौधरी 13 रन बनाकर क्रीज पर डटे रहे। 18वां ओवर कार्तिक त्यागी के ओवर में मुकुल चौधरी ने अपना असली रंग दिखाया। ओवर की पहली ही गेंद पर लंबा छक्का जड़ा। बीच में कुछ डॉट गेंदें आईं, लेकिन फिर एक और विशाल छक्का लगाकर केकेआर पर दबाव डाल दिया। इस ओवर से 13 रन आए और मुकाबला फिर से खुल गया। 19वां ओवर कप्तान रहाणे ने कैमरन ग्रीन को गेंद थमाई। लखनऊ को अब 12 गेंदों में 30 रन चाहिए थे।     पहली गेंद: मुकुल ने पुल किया लेकिन गेंद ज्यादा दूर नहीं जा सकी। इस पर कोई रन नहीं आया। अब 11 गेंदों में 30 रन चाहिए थे।     दूसरी गेंद:  फिर मुकुल से गेंद मिस हुई। अब 10 गेंदों 30 रन चाहिए थे।     तीसरी गेंद: मुकुल ने शानदार छक्का जड़ा। अब 9 गेंदों में 24 रन चाहिए थे।     चौथी गेंद: मुकुल बड़ा शॉट खेलने गए लेकिन चूक गए।  अब आठ गेंदों में 24 रन चाहिए थे।     पांचवीं गेंद: मुकुल ने शानदार चौका लगाया। अब सात गेंदों में 20 रन चाहिए थे।     छठी गेंद: आखिरी गेंद पर मुकुल ने छक्का लगाया। अब छह गेंद में 14 रन चाहिए थे। 20वां ओवर अब आखिरी छह गेंदों पर 14 रन चाहिए थे। गेंद फिर वैभव अरोड़ा के हाथ में सौंपी गई।     पहली गेंद: आवेश ने एक रन लिया। अब पांच गेंदों में 13 रन चाहिए थे।     दूसरी गेंद:  मुकुल ने शानदार छक्का लगाया। अब चार गेंदों में सात रन चाहिए थे।     तीसरी गेंद: वैभव की यॉर्कर को समझने में मुकूल चूक गए। अब तीन गेंदों में सात रन चाहिए थे।     चौथी गेंद: मुकुल फिर यॉर्कर को समझने से चूक गए। अब दो गेंदों पर सात रन चाहिए थे।     पांचवीं गेंद: इस गेंद पर मुकुल ने कवर के ऊपर शॉट खेलकर स्कोर बराबर कर दिया और अपना अर्धशतक भी पूरा कर लिया। अब एक गेंद पर एक रन चाहिए था।     छठी गेंद: बाय से एक रन आया और लखनऊ ने 182 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। लखनऊ की पारी इससे पहले लखनऊ को मिचेल मार्श और एडेन मार्करम ने सधी हुई शुरुआत दी। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 4.1 ओवर में 41 रन जोड़े। मार्श 11 गेंदों में 15 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, मार्करम अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सके और वह 15 गेंदों में 22 रन बनाने के बाद वैभव अरोड़ा का शिकार बने। वैभव ने तीन गेंदों के अंदर ही एलएसजी के दोनों सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। कप्तान ऋषभ पंत बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और नौ गेंदों में 10 रन बनाकर आउट हुए। निकोलस पूरन का निराशाजनक प्रदर्शन इस मुकाबले में भी जारी रहा और वह 15 गेंदों का सामना करने के बावजूद सिर्फ 13 रन ही बना सके। अब्दुल समद को अनुकूल रॉय ने सिर्फ दो रनों के स्कोर पर क्लीन बोल्ड किया। हालांकि, आयुष बदोनी एक छोर संभालकर खड़े रहे और उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतकीय पारी खेली। बदोनी ने 34 गेंदों में 54 रन बनाए। अपनी इस पारी में उन्होंने सात चौके और दो छक्के लगाए।  अंत के ओवरों में एलएसजी के 21 वर्षीय बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 27 गेंदों में 54 रनों की नाबाद पारी खेलकर लखनऊ सुपर जायंट्स को यादगार जीत दिलाई। मुकुल ने अपनी इस पारी में दो चौके और सात छक्के लगाए। आखिरी ओवर में जीत के लिए एलएसजी को 14 रनों की जरूरत थी। वैभव अरोड़ा के इस ओवर में मुकुल ने 2 छक्के लगाते हुए केकेआर की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गेंदबाजी में केकेआर की ओर से वैभव अरोड़ा, अनुकूल रॉय ने दो-दो विकेट चटकाए। वहीं, नरेन और कैमरन ग्रीन ने एक-एक विकेट निकाला।  अंत के ओवरों में एलएसजी के 21 वर्षीय बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 27 गेंदों में 54 रनों की नाबाद पारी खेलकर लखनऊ सुपर जायंट्स को यादगार जीत दिलाई। मुकुल ने अपनी इस पारी में दो चौके और सात छक्के लगाए। आखिरी ओवर में जीत के लिए एलएसजी को 14 रनों की जरूरत थी। वैभव अरोड़ा के इस ओवर में मुकुल ने 2 छक्के लगाते हुए केकेआर की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गेंदबाजी में केकेआर की ओर से वैभव अरोड़ा, अनुकूल रॉय ने दो-दो विकेट चटकाए। वहीं, नरेन और कैमरन ग्रीन ने एक-एक विकेट निकाला। कोलकाता की पारी इससे पहले टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए कोलकाता ने 20 ओवर में 181 रन … Read more

मंत्रालय महानदी भवन में 15 अप्रैल को मंत्रिपरिषद की बैठक, कई मुद्दों पर होगी चर्चा

रायपुर  रायपुर में 15 अप्रैल 2026 को राज्य शासन की एक महत्वपूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में पूर्वान्ह 11:30 बजे से शुरू होगी। बैठक का आयोजन मंत्रालय महानदी भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में किया जाएगा, जहां प्रदेश के विभिन्न विभागों से जुड़े अहम प्रस्तावों और नीतिगत निर्णयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। माना जा रहा है कि इसमें विकास योजनाओं, बजट आवंटन, बुनियादी ढांचे के विस्तार, शिक्षा और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इसके अलावा राज्य में चल रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा भी एजेंडा का हिस्सा हो सकती है। मुख्यमंत्री की अगुवाई में होने वाली इस बैठक से प्रदेश की नीतिगत दिशा तय होने की उम्मीद है। अधिकारियों और मंत्रियों के बीच समन्वय स्थापित कर जनहित से जुड़े निर्णयों को गति देने पर भी विशेष जोर रहेगा। यह बैठक आगामी समय में छत्तीसगढ़ के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

प्रदेश में 10 से 25 अप्रैल तक मनेगा नारी शक्ति वंदन का उत्सव

भोपाल.  राज्य शासन द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आगामी 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक प्रदेशव्यापी "नारी शक्ति वंदन" पखवाड़ा मनाने का निर्णय लिया गया है। इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" के प्रावधानों से आम जनता को अवगत कराना और महिला नेतृत्व का उत्सव मनाना है। राज्य शासन द्वारा जन-उत्सव के रूप में आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। संभागों में बड़े सम्मेलन अभियान का शंखनाद राजधानी भोपाल के रविन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में होगा, जहाँ प्रबुद्धजनों का एक राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों और छिंदवाड़ा, खरगोन एवं मंदसौर जिला मुख्यालयों पर भव्य "नारी शक्ति वंदन" सम्मेलन आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में महिला सांसदों, विधायकों, महापौर और पंचायत प्रतिनिधियों सहित सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित कर उनके अनुभवों को साझा किया जाएगा। पदयात्रा और युवा शक्ति का जुड़ाव महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रत्येक लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में "नारी शक्ति पदयात्रा" निकाली जाएगी, जिसमें समाज की प्रबुद्ध महिलाएँ सहभागिता करेंगी। युवाओं को इस अभियान से जोड़ने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विशेष 'नारी शक्ति वंदन दीवार' (Wall of Message) तैयार की जाएगी, जहाँ युवा पीढ़ी पेंटिंग और संदेशों के माध्यम से नारी शक्ति के प्रति अपने विचार व्यक्त करेगी। अंबेडकर जयंती पर 'विशेष ग्राम सभा' पखवाड़े का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती होगा। इस दिन प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में "विशेष ग्राम सभाएं" आयोजित की जाएंगी। बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही त्रि-स्तरीय पंचायतों, नगरीय निकायों और शैक्षणिक संस्थानों में गोष्ठियाँ व सेमिनार आयोजित होंगे। डिजिटल और सामाजिक संगठनों की भागीदारी जनसंपर्क विभाग द्वारा इस पूरे अभियान को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले जाया जाएगा। "नारी शक्ति वंदन" के प्रेरक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाएंगे। वहीं, जिला कलेक्टर्स के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों, 'लखपति दीदी' और 'लाड़ली बहना' को इस अभियान का मुख्य चेहरा बनाया जाएगा। औद्योगिक, व्यापारिक और सहकारी संगठनों में भी व्याख्यान आयोजित कर महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक भागीदारी पर जोर दिया जाएगा। शिक्षा संस्थानों में गूँजेगा विषय उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में व्याख्यान और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिससे भावी पीढ़ी महिला सशक्तिकरण के कानूनी और सामाजिक पहलुओं को समझ सके। राज्य शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्तरों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाकर इस पखवाड़े को लोक उत्सव के रूप में मनाया जाये।  

प्रियंक मिश्रा बने भोपाल के नए कलेक्टर, प्रदेश में 26 IAS अफसरों का तबादला

 भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार रात एक बड़ी ट्रांसफर लिस्ट जारी की है. इसमें 2008 से लेकर 2017 बैच तक के 26 IAS अफसरों के नाम शामिल हैं. इस फेरबदल में सबसे चर्चित नाम प्रियंक मिश्रा का है, जिन्हें राजधानी भोपाल की कमान सौंपी गई है।  2013 बैच के IAS प्रियंक मिश्रा को धार कलेक्टर से अब भोपाल के नए कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, कौशलेंद्र विक्रम सिंह (2010) निवर्तमान भोपाल कलेक्टर को अब मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया गया है. साथ ही उन्हें नगर और ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।  इनको मिली नई जिम्मेदारी  भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। वहीं धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा अब भोपाल के नए कलेक्टर होंगे। नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा को वित्त विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं मंडला के कलेक्टर रहे सोमेश मिश्रा नर्मदापुरम के नए कलेक्टर होंगे। तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच गुरुवार को लंबी बैठक हुई। इसके बाद सूची को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अहम बैठक के लिए पूरा दिन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में रिजर्व रखा था। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने तबादलों को अंतिम रूप देते हुए आदेश जारी कर दिए। दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू कराई गई SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया के बाद ही इन तबादलों की तैयारी शुरू हो गई थी। योजना के अनुसार 22 फरवरी के बाद तबादले किए जाने थे, लेकिन त्योहारों और बजट सत्र के चलते यह फैसला लगातार टलता रहा। 14 अफसरों में 9 महिलाएं शामिल 14 आईएएस अफसरों में 9 महिलाएं हैं। इनमें शिल्पा गुप्ता, प्रतिभा पाल, सोनिया मीणा, शीतला पटले, नेहा मीना, रानी बाटड, राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी का नाम शामिल हैं। इनमें से 5 को कलेक्टर पद पर पदस्थापना मिली है। इनमें प्रतिभा पाल और नेहा मीना पहले से ही अन्य जिलों में कलेक्टर थीं, जबकि राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी को अन्य पदों से हटाकर पहली बार जिले की कमान सौंपी गई है। पहली बार जिले की कमान     राखी सहाय – कलेक्टर, उमरिया     शीला दाहिमा – कलेक्टर, श्योपुर     बिदिशा मुखर्जी – कलेक्टर, मैहर पहले से कलेक्टर, अब नई जिले की जिम्मेदारी     प्रतिभा पाल – कलेक्टर, सागर।     नेहा मीना – कलेक्टर, सिवनी। प्रतिभा दूसरी अफसर जिसे रीवा के बाद सागर कलेक्टर बनाया प्रीति मैथिल के बाद प्रतिभा पाल ऐसी दूसरी आईएएस हैं जो रीवा जिले की कलेक्टर बनने के बाद सागर कलेक्टर बनी हैं। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में प्रीति मैथिल को रीवा कलेक्टर के बाद सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तीन महिला अधिकारी को कलेक्टर बनाया, दो के जिले बदले, तीन को हटाया तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर लोक सेवा आयोग की सचिव राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, सहकारिता विभाग की उप सचिव शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उप सचिव बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटा कर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग में सचिव बनाया गया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को सहकारिता विभाग में उपसचिव बनाया है।  नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त बदले नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त कृष्णगाेपाल तिवारी को हटा कर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है। उनकी जगह पर आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ को आयुक्त नर्मदापुरम संभाग बनाया गया है। इनको जिले से हटाया शिवपुरी जिले के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं, उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को विमानन विभाग का अपर सचिव बनाया गया। सागर कलेक्टर संदीप जी आर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह श्रम आयुक्त इंदौर, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव तथा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।  इन अधिकारियों को भी फील्ड में भेजा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह आयुक्त-सह संचालक संस्थागत वित्त तथा संचालक, बजट राजीव रंजन मीना को धार कलेक्टर, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के उप सचिव प्रताप नारायण यादव को दमोह कलेक्टर, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा जल संसाधन के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल नामदेव धोटे को मंडला कलेक्टर, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ कलेक्टर, नगर पालिक निगम रीवा के आयुक्त डॉ.सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है।  इन कलेक्टर के जिले बदले श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है।  संभाग और मंत्रालय स्तर पर फेरबदल कृष्ण गोपाल तिवारी (2008): नर्मदापुरम कमिश्नर से अब सामाजिक न्याय विभाग के आयुक्त होंगे. शिल्पा गुप्ता (2008): लोक शिक्षण आयुक्त से अब गृह विभाग की सचिव होंगी. अभिषेक सिंह (2009): गृह विभाग से अब आयुक्त, लोक शिक्षण की जिम्मेदारी संभालेंगे. श्रीकांत बनोठ (2009): अब नर्मदापुरम संभाग के नए कमिश्नर होंगे. एसीएस की तर्ज पर डीजी, एडीजी बने संभाग प्रभारी:वरुण कपूर भोपाल, उपेंद्र जैन उज्जैन, पंकज श्रीवास्तव जबलपुर संभाग प्रभारी राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिवों की तर्ज पर स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों को संंभागीय स्तर पर कानून व्यवस्था की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। यह अधिकारी रेंज स्तर पर पदस्थ आईजी के अलावा संभागों की कानून व्यवस्था की निगरानी करेंगे। डीजी वरुण कपूर को भोपाल, उपेंद्र जैन को उज्जैन तथा स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को जबलपुर संभाग का प्रभारी बनाया गया है। यह व्यवस्था प्रदेश में यूसीसी लागू करने के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के फैसले के बाद प्रभावी की गई है।  

भोजशाला मामले में सुनवाई का चौथा दिन, हिंदू पक्ष ने ASI रिपोर्ट से अपने तर्कों को किया मजबूत

धार  इंदौर हाई कोर्ट में धार भोजशाला विवाद मामले की सुनवाई चौथे दिन भी जारी रही. सुनवाई के दौरान हिंदू पक्षकार की ओर से अधिवक्ता विष्णु जैन ने भोजशाला को मंदिर साबित करने के लिए कई अहम तर्क कोर्ट के समक्ष रखे।  हिंदू पक्ष ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भोजशाला परिसर से जुड़े कई तथ्यों का हवाला दिया. अधिवक्ता विष्णु जैन ने कोर्ट को बताया कि सर्वे रिपोर्ट में ऐसे कई संकेत मिले हैं, जो इस स्थल के मंदिर स्वरूप की ओर इशारा करते हैं।  सुनवाई के दौरान रिपोर्ट के अलग-अलग बिंदुओं को विस्तार से कोर्ट के सामने पेश किया गया. इनमें परिसर में मिली मूर्तियों, स्तंभों (पिलर), संस्कृत श्लोकों और अन्य स्थापत्य अवशेषों का उल्लेख किया गया।  हिंदू पक्ष ने यह भी दलील दी कि किसी मंदिर परिसर में दो अलग-अलग शैली और बनावट वाली दीवारों का होना कई ऐतिहासिक बदलावों की ओर संकेत करता है. वहीं, हिंदू पक्ष की इन दलीलों पर ASI ने आपत्ति दर्ज कराई।  हिंदू पक्ष ने दी दलील सुनवाई के दौरान रिपोर्ट के विभिन्न बिंदुओं को विस्तार से पेश किया गया. हिंदू पक्ष ने यह भी दलील दी कि किसी परिसर में अलग-अलग शैली और बनावट वाली दीवारों का होना ऐतिहासिक परिवर्तनों और संरचनात्मक बदलावों का संकेत देता है, जो मंदिर से जुड़े इतिहास की पुष्टि कर सकता है।  ASI ने जताई आपत्ति हालांकि, हिंदू पक्ष के इन तर्कों पर ASI ने आपत्ति जताई। ASI की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उसकी सर्वे रिपोर्ट पर फिलहाल किसी अन्य पक्ष द्वारा तर्क प्रस्तुत नहीं किए जाने चाहिए। संस्था ने स्पष्ट किया कि जब रिपोर्ट पर औपचारिक सुनवाई होगी, तभी सभी पक्ष अपने-अपने तर्क विस्तार से रख सकेंगे। आज की सुनवाई में हिंदू पक्ष द्वारा दाखिल एक याचिका पर बहस पूरी हो गई है. कोर्ट अब अगली सुनवाई में हिंदू पक्ष की दूसरी याचिका पर विचार करेगा, जिसमें मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर दलीलें दी जाएंगी. धार की Bhojshala को लेकर यह विवाद लंबे समय से संवेदनशील और ऐतिहासिक महत्व का विषय बना हुआ है. ऐसे में हाई कोर्ट की कार्यवाही पर सभी पक्षों और आम लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।  ASI की ओर से कोर्ट से कहा गया कि फिलहाल उसकी सर्वे रिपोर्ट पर किसी अन्य पक्ष की ओर से तर्क पेश न किए जाएं. ASI ने स्पष्ट किया कि जब उसकी रिपोर्ट पर औपचारिक सुनवाई होगी, तब सभी पक्ष अपने-अपने तर्क विस्तार से रख सकेंगे।  आज की सुनवाई में हिंदू पक्षकार की ओर से दाखिल एक याचिका पर बहस पूरी हो गई. अब शुक्रवार से हिंदू पक्ष की दूसरी पिटीशन पर सुनवाई शुरू होगी, जिसमें मामले से जुड़े अन्य बिंदुओं पर दलीलें रखी जाएंगी।  धार भोजशाला विवाद लंबे समय से संवेदनशील और ऐतिहासिक महत्व का मामला बना हुआ है, ऐसे में हाई कोर्ट की सुनवाई पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं। 

रूस की 40% सस्ती LNG से भारत में ऊर्जा लागत और महंगाई कम हो सकती है

नई दिल्ली Russian Gas: रूस द्वारा 40% सस्ती LNG से भारत में एनर्जी कॉस्ट और महंगाई कम हो सकती है। हालांकि, इसके साथ अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक जोखिम भी जुड़े हुए हैं। आइए जरा विस्तार से रशियन गैस (Russian Gas) के फायदे और नुकसान को समझते हैं।  दुनिया में इस वक्त एनर्जी की समस्या अपने चरम पर है। इसके बीच रूस (Russia) से एक बड़ी खुशखबरी आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने एशियाई देशों को सस्ती गैस (Russian Gas) का बड़ा ऑफर दिया है, जिसने बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। रूस अपनी प्रतिबंधित एलएनजी (Liquefied Natural Gas- LNG) सप्लाई को करीब 40% तक की भारी छूट पर बेचने की कोशिश कर रहा है, खासकर भारत और दक्षिण एशिया जैसे देशों को, जहां ऊर्जा की भारी मांग और खपत है। यह ऑफर ऐसे समय आया है, जब स्टेट ऑफ हार्मुज (Strait of Hormuz) में तनाव और कतर (Qatar) के एलएनजी प्लांट पर हमलों के कारण वैश्विक गैस सप्लाई का करीब 20% प्रभावित हुआ है, जिससे कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस इस मौके का फायदा उठाते हुए अपनी गैस को सस्ते दाम पर बेचकर नए खरीदार तलाश रहा है। दिलचस्प बात यह है कि कुछ बिचौलियों के जरिए यह भी दावा किया जा रहा है कि कागजी तौर पर इन शिपमेंट्स को ओमान या नाइजीरिया जैसे देशों से आया दिखाया जा सकता है, ताकि प्रतिबंधों से बचा जा सके। हालांकि, इस तरह के ऑफर में कानूनी और कूटनीतिक जोखिम भी जुड़े हुए हैं। भारत और बांग्लादेश जैसे देशों पर इस संकट का सीधा असर पड़ा है। भारत (India) को अपनी एनर्जी जरूरतों को पूरा करने के लिए महंगे स्पॉट मार्केट से गैस खरीदनी पड़ रही है, जबकि बांग्लादेश को तो अपनी उर्वरक (fertilizer) सेक्टर में गैस सप्लाई तक कम करनी पड़ी है। ऐसे में रूस का सस्ता ऑफर इन देशों के लिए आकर्षक जरूर है, लेकिन वे अमेरिकी प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय दबाव को देखते हुए सतर्क रुख अपना रहे हैं। रूस के लिए यह रणनीति अपने निर्यात को बढ़ाने और नए बाजार बनाने का एक तरीका है, खासकर तब जब पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण उसके रेगुलर बॉयर कम हो गए हैं। फिलहाल चीन (China) ही एक बड़ा देश है, जो इस तरह की प्रतिबंधित गैस खरीद रहा है, जबकि बाकी देश अभी दूरी बनाए हुए हैं। अगर भारत (India) रूस से यह सस्ती LNG गैस खरीदता है, तो इसका असर कई स्तरों पर देखने को मिल सकता है। इस फैसले से कुछ फायदे भी होंगे और कुछ जोखिम भी हो सकता है। फायदे की बात करें तो इसका सबसे बड़ा फायदा सीधे तौर पर आम जनता और इंडस्ट्री को मिल सकता है। गैस 40% तक सस्ती हो सकती है और देश की ऊर्जा लागत घट सकती है, जिससे बिजली उत्पादन, उर्वरक (fertilizer) और सीएनजी/पीएनजी की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। इससे महंगाई को काबू करने में भी मदद मिलेगी और सरकार के सब्सिडी खर्च में राहत मिल सकती है। खासकर गैस आधारित उद्योगों और बिजली कंपनियों के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकती है। हालांकि, इसके साथ बड़ा जोखिम भी जुड़ा है। रूस की यह गैस अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आती है, इसलिए अगर भारत इस तरह की खरीद करता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव या संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। इससे भारत के पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका के साथ संबंध प्रभावित हो सकते हैं।  

उज्जैन में आकार ले रहा सांस्कृतिक एकता का प्रतीक पी.एम. एकता मॉल

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना को साकार करने मध्यप्रदेश का 'पी.एम. एकता मॉल' उज्जैन के हरिफ़ाटक रोड पर तीव्र गति से आकार ले रहा है। उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित किया जा रहा यह मॉल न केवल व्यापारिक केंद्र होगा, बल्कि भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और कलात्मक विविधता का जीवंत प्रतीक भी बनेगा। साथ ही श्री महाकाल महालोक की वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का अदभुत संगम भी होगा। प्रमुख विशेषताएं और स्थापत्य कला लागत और क्षेत्रफल: इस भव्य मॉल का निर्माण ₹284 करोड़ की लागत से लगभग 3.2 हैक्टेयर भूमि पर किया जा रहा है, जिसका कुल निर्माण क्षेत्र 5.50 लाख वर्गफुट है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक झलक: मॉल का डिज़ाइन उज्जैन की पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें श्री महाकाल महालोक की वास्तुकला की झलक दिखाई देगी। भव्य प्रवेश द्वार: मॉल का मुख्य प्रवेश द्वार 60 फीट ऊँचा होगा, जिसे जैसलमेर येलो सैंड स्टोन से बनाया जा रहा है। प्रवेश द्वार पर पिंक सैंड स्टोन से निर्मित 12 फीट ऊँची और 12 फीट लंबी दो नंदी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। अशोक स्तंभ और विविधता के स्तंभ: मुख्य द्वार पर 28 फीट ऊँचा ब्राँज़ धातु का अशोक स्तंभ स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही देश के प्रत्येक राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले विशिष्ट स्तंभ भी बनाए जाएंगे। एक ही छत के नीचे पूरा भारत राज्यों की भागीदारी: देश के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के विशिष्ट उत्पादों की बिक्री के लिए 1050 वर्गफुट की 36 दुकानें बनाई जा रही हैं। मध्यप्रदेश के जिलों का प्रतिनिधित्व: प्रदेश के सभी जिलों के स्थानीय उत्पादों (ODOP) को बढ़ावा देने के लिए 300 वर्गफुट की 55 दुकानें आवंटित की जाएंगी। कलात्मक साज-सज्जा: मॉल के कन्वेंशन सेंटर की फाल्स सीलिंग में मधुबनी, कलमकारी, पिछवाई और बंगाल पट्टचित्र जैसी प्रसिद्ध पारंपरिक चित्रकला शैलियों का उपयोग किया जाएगा। आधुनिक सुविधाएं और मनोरंजन कन्वेंशन सेंटर: मॉल में 1500 सीट क्षमता वाला विशाल हॉल, 53 सुसज्जित कमरे, एक कॉन्फ्रेंस हॉल और 3 मीटिंग हॉल उपलब्ध होंगे। मनोरंजन और खान-पान: परिसर में 2 मल्टीप्लेक्स (250 क्षमता), 27 फूड जोन शॉप्स, 3 रेस्टोरेंट, 2 गेम जोन और एक मिलेट लोक (1200 वर्ग फीट) विकसित किया जा रहा है। पार्किंग और सुगमता: आगंतुकों की सुविधा के लिए 400 चार पहिया और 200 दो पहिया वाहनों की बेसमेंट पार्किंग, 12 एस्केलेटर और 13 लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। लक्ष्य और वर्तमान स्थिति वर्तमान में एकता मॉल का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है और लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। प्राधिकरण द्वारा शेष कार्य को जुलाई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद यह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा।