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किसान रजिस्ट्री के लिए सरकार की सख्त रणनीति, मिशन मोड में 100% लक्ष्य पूरा करने की योजना

किसान रजिस्ट्री के लिए सरकार की सख्त रणनीति, मिशन मोड में 100% लक्ष्य हासिल करने की तैयारी हर ग्राम पंचायत में कैंप, कम कवरेज वाले गांवों पर विशेष फोकस जनजागरूकता के लिए मीडिया, लाउडस्पीकर और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी 15 मई से योजनाओं के लाभ हेतु फार्मर आईडी अनिवार्य, प्रशासन अलर्ट लखनऊ  राज्य सरकार ने किसान रजिस्ट्री को 100 प्रतिशत पूर्ण करने के लिए मिशन मोड में व्यापक रणनीति लागू कर दी है। तय योजना के अनुसार 30 अप्रैल 2026 तक किसान रजिस्ट्री का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय कर दी गई है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार 15 अप्रैल तक प्रत्येक ग्राम पंचायत में किसान रजिस्ट्री कैंप स्थापित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक किसानों को मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा मिल सके। इसके साथ ही जिलों को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसे गांवों की पहचान करें जहां रजिस्ट्री का कवरेज कम है और 6 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच विशेष अभियान चलाकर वहां 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें। प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी भूमि धारक किसान, चाहे वे पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हों या नहीं, किसान रजिस्ट्री में शामिल किए जाएं। इसका उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जागरूकता को अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाते हुए जिलों को निर्देश दिया गया है कि अखबारों में विज्ञापन, लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणाएं और स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।   राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 मई 2026 से उर्वरक, बीज और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी जाएगी। इस निर्णय के बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी और बढ़ गई है, ताकि समय सीमा के भीतर अधिकतम किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल न केवल योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन में मदद करेगी, बल्कि किसानों के लिए एकीकृत डेटाबेस तैयार कर भविष्य की कृषि नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी।

बंगाल में UCC और 45 दिन में सातवां वेतन, महिलाओं को 3000 रुपये की सहायता… बीजेपी का मेनिफेस्टो जारी किया अमित शाह ने

कोलकाता भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए संकल्प पत्र (घोषणापत्र) जारी कर दिया है. गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी का संकल्प पत्र जारी किया. इस मौके पर अमित शाह ने कहा- ‘पिछला 15 साल बंगाल की जनता के लिए डराने वाले रहे. कम्युनिष्ट शाषण से मुक्ति के लिए बंगाल की जनता ने ममता दीदी को सरकार सौंपा था. पांच साल कम पड़े ऐसा कहकर दूसरा मेंडेट भी प्राप्त किया. इसके बाद अपने सिंडिकेट, गुंडे और घुसपैठिए की मदद से तीसरी बार भी बहुमत हासिल किया. मगर इन 15 साल में बंगाल की जनता ने जिन आशाओं के साथ सत्ता सौंपी थी वो भयभित है, निराश है जनता और मन से परिवर्तन चाहती है।  अमित शाह ने आगे कहा कि पिछले 15 साल में बीजेपी ने रचनात्मक विपक्ष के रूप में मान्यता हासिल की है. आज हम पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल के रूप में काम कर रहे हैं. इन्हीं 10 सालों में पूरे देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकाभिमुक्त शासन कैसे हो सकता है इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित किया है. ना केवल देश की सारी समस्याओं का निराकरण करने में सफलता प्राप्त करना. इसके अलावा पूरी दुनिया में विकास की रेस में पिछड़े देश को सारे घाटे की भरपाई करते हुए फ्रंट रनर के रूप में स्थापित करने का काम नरेंद्र मोदी ने किया है।  शाह ने आगे कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामख्या तक फैले देश में हर तबके, हर वर्ग, हर जाति के लोगों की सभी आकांक्षाओं को संयोज कर, एक मजबूत शिक्षित और विकसित भारत का रूप देश की जनता के सामने रखा है. इसके लिए हमने 12 साल में अत्यंत प्रयास किया है. पिछले दिनों हमने बंगाल की जनता के सामने चार्चशीट रखी थी, जो इस बात की परिचायक थी कि ममता बनर्जी की सरकार को लेकर पूरे बंगाल में घोर निराशा व्याप्त है. वहीं बीजेपी का संकल्प पत्र भरोसे की शपथ है. हमारा संकल्प पत्र बंगाल का विकसित बनाने का रोडमैप है. बंगाली नये वर्ष के दिन इस संकल्प के हमारी यात्रा प्रचार के जरिए शुरू होगी और गुरुदेव की जन्म जयंती के आसपास ही भय के कोहरे से बाहर आकर भरोसे का शासन बंगाल में प्रस्थापित करेगी. हमें पूरा विश्वास है कि बंगाल की जनता हमें पांच साल सेवा करने का मौका देगी।  बीजेपी के संकल्प पत्र की जरूरी घोषणाएं- :     हमारी सरकार घुसपैठ के प्रति जीरो टॉलरेंस के साथ आगे बढ़ेगी. मैं बंगाल की जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि एक बार बीजेपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाइए हम डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट पॉलिसी के तहत चुन-चुनकर एक-एक घुसपैठिए को बंगाल के बाहर निकालने का काम करेंगे.     सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशन भागियों के लिए डीए सुनिश्चित किया जाएगा. 45 दिन के अंदर 7वां वेतन आयोग लागू किया जाएगा.     मध्यम वर्ग, लोअर मिडिल क्लास और गरीब में महिलाओं की हालत बहुत दयनीय है. बीजेपी की सरकार बनी तो हर माता-बहन के बैंक खाते में हर महीने एक से पांच तारीख तक 3 हजार रुपये ट्रांसफर करेगी.     नरेंद्र मोदी ढेर सारी योजनाएं जिसमें आयुष्मान भारत समेत तमाम योजनाओं को बंगाल में लागू करेंगे.     महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए मुफ्त एनबीटी टीकाकरण, कैंसर की स्क्रिनिंग, हर प्रसूता को इंट्यूशनल डिलिवरी का फायदा हम सुनिश्चत करेंगे.     हम छह माह के अंदर पश्चिम बंगाल के अंदर UCC कॉमन सिविल कोड लागू करेंगे. हम बंगाल में सभी नागरिकों के लिए एक ही कानून लागू करेंगे.     हम सुनिश्चित करेंगे कि बंगाल सीमा के माध्यम से भारत के बाहर एक भी गौर तस्करी ना हो.     एक करोड़ स्वरोजागर और रोजगार पैदा करेंगे. इसके लिए इंडस्ट्री लगाएंगे, स्टॉर्टअप को बढ़ावा देंगे.     बेरोजगार युवाओं को 3 हजार रुपये मासिक सहायता दी जाएगी.     टीएमसी के 15 साल के भ्रष्टाचार को लेकर श्वेतपत्र जारी करेंगे. भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों में भेजेंगे.     जितनी भी राजनीतिक हिंसा हुई है, चाहे वो किसी भी दल के खिलाफ हुई हों, उसकी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में कमिशन बनाकर सारे केस को त्वरित गति से अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।      काननू और व्यवस्था के ऊपर एक श्वेतपत्र जारी करेंगे. इसके दो हिस्से होंगे. पहले पार्ट में पिछले 15 साल में किस प्रकार से कानून व्यवस्था को कैसे पाताल लोक तक गिराया गया. दूसरे पार्ट में कानून व्यवस्थ को सुनिश्चित करने का तरीका बताएंगे.     तीन श्वेतपत्र भ्रष्टाचार के खिलाफ, राजनीतिक हिंसा के खिलाफ और कानून और व्यवस्था को रीस्टोर करने के लिए तीनों श्वेतपत्र बंगाल की बहुत सारी समस्याओं का एक साथ समाधान करेंगे. ऐसा बीजेपी को भरोसा है।      महिला सुरक्षा के लिए बंगाल में ही पुलिस बटालियन, दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड और आत्म रक्षा प्रशिक्षण के लिए एक अलग से स्क्वाड बनाया जाएगा।      धान, आलू और आम की खेती के लिए किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल पाए इसके लिए एक योजना लेकर आएंगे. हर किसान का एक-एक दाना धान बंगाल सरकार 3100 रुपये की दर से खरीद लेगी, जिससे धान किसानों को सस्ते दरों पर अपनी फसल ना बेचनी पड़े.     बंगाल की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए पहले सौ दिनों में एक रोडमैप लेकर आएंगे.     बंगाल को ब्लयू इकोनॉमी का प्रमुख निर्यातक केंद्र बनाने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए एक योजना दी जाएगी.     पुराने चाय बागानों को पुर्नजीवन और दार्जलिंग टी ब्रांड को विश्व प्रसिद्ध बनाने के लिए हम एक कमिशन बनाएंगे. यह कमिशन चाय बागानों के श्रमिक, चाय के उचित मूल्य और विश्व के बाजार में चाय के निर्णात की भावनाओं को तलाशेगा. यह रिपोर्ट एक साल में सरकार को सौंपा जाएगा, ताकि बाकी बचे चार साल में चाय बागानों को खुशहाल बनाया जा सके.     जूट उद्योग के आधुनिकीकरण के लिए भारत सरकार की योजनाओं को हम बंगाल में नीचे तक लागू करवाएंगे.     उत्तर बंगाल के अलग-अलग जिलों में एम्स, आईआईएम, आईआईटी और फैशन डिजाइनिंग के संस्थान खोले जाएंगे.  

आर्मी चीफ का बयान: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में नमाज के वक्त नहीं करते थे हमला, सबका मालिक एक

नई दिल्ली पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों के मासूम पर्यटकों पर किए गए हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर सीमा पार पल रहे आतंकियों के ठिकाने नेस्तनाबूद कर दिए। 'ऑपरेसन सिंदूर' को लेकर आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक इंटरव्यू में कई ऐसी बातें बताई जिससे भारतीय सेना की बहादुरी के साथ ही उसकी इंसानियत भी नजर आती है। जनरल द्विवेदी ने कहा, 'जब भी हमें अपने टारगेट पर हमला होता था तो यह समय कुछ भी हो सकता था लेकिन इतना ध्यान जरूर रखा जाता था कि यह नमाज का वक्त ना हो। अगर आतंकी कैंप में भी लोग नमाज पढ़ रहे हों तो हमला ना किया जाए। क्योंकि सबका मालिक एक है।' आर्मी चीफ ने आगे कहा, भारतीय सेना को अगर पता चलता था कि नमाज हो रही है तो हमले का समय बदल दिया जाता था। उन्होंने कहा कि भले ही स्थिति युद्द वाली रही हो लेकिन भारतीय सेना ने संयम बरता और दुश्मनों की भी इबादत का सम्मान किया। बदल गया है युद्ध इससे पहले रण संवाद मंच को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर, विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई की दिशा में भारत की प्रगति का सबसे शक्तिशाली साधन था। लेकिन हमें विभिन्न क्षेत्रों का एकीकरण और तालमेल का लक्ष्य प्राप्त करना होगा।’ सेना प्रमुख ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद गठित युद्ध सूचना संगठन और मनोवैज्ञानिक रक्षा प्रभाग के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, ''हमारे प्रयासों का 15 प्रतिशत हिस्सा दुष्प्रचार अभियान से निपटने पर केंद्रित था।' हालांकि, उन्होंने चेताया कि प्रमुख चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, विशेष रूप से रणनीतिक, परिचालन और सामरिक स्तरों पर संचालन में समन्वय स्थापित करने और 'हाइब्रिड या ग्रे-ज़ोन' युद्ध के बढ़ते प्रचलन से निपटने में। उन्होंने कहा, 'ये आमतौर पर पारंपरिक सैन्य सीमा से नीचे होते हैं, जिनका उद्देश्य दुश्मन की कमजोरियों का फायदा उठाना होता है।' थलसेना प्रमुख ने कहा कि एमडीओ की उनकी कल्पना ऐसी नहीं है जिसमें सेना के छह अलग अलग क्षेत्र अलग-अलग समानांतर काम करें, बल्कि सभी ''बदलते हालात के हिसाब से लगातार आपसी तालमेल में हों, जहां परिस्थिति के अनुसार महत्व बदलता रहे और नेतृत्व भी बदलता रहे।'' उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध अब केवल भौगोलिक सीमाओं या किसी एक सेना की प्रधानता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह विभिन्न क्षेत्र, हितधारकों और संघर्ष के अलग-अलग स्तर के बीच लगातार होने वाले आपसी समन्वय से परिभाषित होता है। युद्धक्षेत्र में हो रहे बदलावों पर जनरल द्विवेदी ने कहा कि एमडीओ के कारण युद्ध का स्वरूप ऐसा हो गया है, जहां अलग-अलग स्तर और दिशाओं में एक साथ ऑपरेशन चलते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कमांडरों को सामरिक से लेकर रणनीतिक स्तर तक, विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी विकसित करनी चाहिए। एकीकरण के परिचालन महत्व को रेखांकित करते हुए, जनरल द्विवेदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को अध्ययन का महत्वपूर्ण विषय बताया जनरल द्विवेदी ने कहा, ''यह जमीनी खुफिया नेटवर्क, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (ईडब्ल्यू) से मिली जानकारियों का मेल था जिसने थल सेना और वायु सेना की संयुक्त कार्रवाई को लक्ष्य निर्धारित करने में मदद की, वहीं नौसेना की तैनाती में बदलाव ने रणनीतिक आकलन को आकार दिया। किसी एक क्षेत्र ने इस अभियान का फैसला नहीं किया।''जनरल द्विवेदी ने एकीकृत युद्ध समूहों, रुद्र ब्रिगेड, ड्रोन इकाइयों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध संरचनाओं और साइबर ऑपरेशन नोड्स के संचालन सहित कई संरचनात्मक सुधारों का भी जिक्र किया।

IDFC बैंक में सरकारी फंड गबन मामले में CBI जांच तेज

चंडीगढ़ आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार के खातों से 550 करोड़ रुपये के गबन के आरोपी दो आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में आईएएस अधइकारी राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार आरोपी हैं। सिंह 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक उनके पास 3.22 करोड़ रुपये की संपत्तियां हैं। इससे उन्हें 19 लाख रुपये की सालाना कमाई होती है। वहीं प्रदीप कुमार के पास पत्नी की संपत्ति के साथ कुल 7.03 करोड़ की संपत्ति है। कई जगहों पर संपत्तियां सिंह के 29 जनवरी 2026 को फाइल किए गए एनुअल प्रॉपर्टी रिटर्न के मुताबिक उन्होंने कुल 3.22 करोड़ की संपत्ति की बात बताई थी जो कि पट्टनी अफगान, गोहना और सोनीपत में है। यहां उनका एक 710 व्ग गज का प्लॉट है जिसकी कीमत 58 लाख रुपये, एक 77 लाख की कीमत वाला प्लॉट है। इसकेअलावा एक प्लॉट की कीमत 12 लाख रुपये है। गोहाना में भी 60 लाख की कीमत का प्लॉट है। इसके अलावा 6 रिहाइशी संपत्तियां हैं। सिंह का कहना है कि उनकी पत्नी कई बिजनेस करती हैं। उनके पास पेट्रोल पंप, माइक्रोब्रीवरी, रेस्तरां, किराए पर घर देने, प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने का काम भी है। उन्होंने बताया था कि उनका पैतृक घऱ हिंदू अनडिवाइडेट फैमिली के तहत सबका की है। आईएएस प्रदीप कुमार ने एपीआर में बताया था कि उनकी पत्नी के पास 3181.5 वर्ग गज की जमीन है। इसकी कीमत 1.25 करोड़ के करीब है। उन्होंने बताया कि यह जमीन पत्नी को उनके पिता ने उपहार में दी थी। उन्होंने बताया था कि गुरुग्राम सेक्टर 28 में उनके दो फ्लैट हैं जिन की कीमत 2.4 करोड़ के आसपास है। इसके अलावा गुरुग्राम में एक और फ्लैट है जो कि उनकी पत्नी के साथ उनके नाम पर है। इसकी कीमत 3.34 करोड़ रुपये है। हरियाणा सरकार को बड़ा नुकसान हरियाणा के सतर्कता विभाग ने इस मामले को संबंधित एजेंसी को सौंपते हुए कहा, ''यह मामला धोखाधड़ीपूर्ण बैंकिंग गतिविधियों और फर्जी लेनदेन से जुड़ा है, जिन्हें कथित तौर पर सरकारी धन को स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट, एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड, कैप को फिनटेक सर्विसेज, आर.एस. ट्रेडर्स और अन्य संबंधित फर्म/व्यक्तियों सहित फर्जी संस्थाओं (शेल) के खातों में अंतरित करने के लिए व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया गया था, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।' सूत्रों ने बताया कि पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपों के अनुसार, हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा राज्य के कोष को बैंक में 'सावधि जमा' (एसएफडी) के रूप में जमा किया जाना था, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर इसे अपने निजी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर लिया। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि विभिन्न फर्जी (शेल) कंपनियों और छोटी आभूषण कंपनियों में भारी मात्रा में धनराशि अंतरित की गई है तथा अंततः सोने की खरीद और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश के बहाने उसे निकाल लिया गया है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने कहा था कि उसने हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों को मूलधन और ब्याज का 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया है, जो कि 583 करोड़ रुपये बनता है।

ब्रॉक लैसनर का बैलेंस बिगड़ा, रैंप पर गिरने का मजेदार पल

नई दिल्ल WWE के सबसे खूंखार और ताकतवर रेसलर माने जाने वाले ब्रॉक लैसनर के साथ एक बार मंडे नाइट रॉ के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसने फैंस को हंसने पर मजबूर कर दिया। अपनी भारी-भरकम कद-काठी और आक्रामक तेवरों के लिए मशहूर 50 वर्षीय लैसनर जब अपनी सिग्नेचर स्टाइल में एंट्री ले रहे थे तभी किस्मत ने उनके साथ खेल कर दिया। अचानक गिर पड़े ब्रॉक लैसनर जैसे ही उनकी एंट्री में आतिशबाजी शुरू हुई लैसनर ने जोश में अपना पैर जोर से नीचे पटका लेकिन उसी पल उनका संतुलन बिगड़ा और वे सबके सामने धड़ाम से गिर पड़े। यह नजारा वाकई में हैरान करने वाला और काफी मजाकिया था। अक्सर रिंग में विरोधियों को खिलौनों की तरह पटकने वाले 6 फीट 3 इंच लंबे और 290 पाउंड के इस रेसलर को इस तरह जमीन पर गिरते देख फैंस अपनी हंसी नहीं रोक पाए। बिगड़ गया लैसनर का बैलेंस हालांकि, लैसनर ने तुरंत खुद को संभालने की कोशिश की और उस गिरने की घटना को एक पल्टी में बदलने की कोशिश की ताकि ऐसा लगे कि यह उनके स्टाइल का हिस्सा था। पर अफसोस उनकी यह नाकाम कोशिश कैमरे में कैद हो गई। हंसकर टाल दिया मामला लैसनर उस समय सर्वाइवर सीरीज के अपने साथियों लोगन पॉल, ड्रू मैकइंटायर, ब्रोंसन रीड और ब्रॉन ब्रेकर के साथ शामिल होने के लिए रैंप पर उतर रहे थे। हालांकि खुद के अचानक ऐसे गिरने पर खुद ब्रॉक भी बुरी तरह हंसने लगे और वो फैंस के साथ मजे लेते हुए नजर आए। ऐसा हालांकि रेसलर्स के साथ होता रहता है जहां वे अपना बैलेंस खो बैठते हैं। पहले भी एंटरेंस के दौरान कई WWE के रेसलर गिर चुके हैं।  

पलामू में संस्कृति और एकता पर केंद्रित होगा हिंदू सम्मेलन

  पलामू पलामू प्रमंडल मुख्यालय मेदिनीनगर में 12 अप्रैल को एक विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है. इसको लेकर शुक्रवार को शहर के होटल आरडीएस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की गई. सम्मेलन को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और जनसंपर्क अभियान भी जोर-शोर से चलाया जा रहा है. तैलिक साहू महासभा ने पेश की रूपरेखा तैलिक साहू महासभा के पलामू प्रमंडलीय अध्यक्ष सह हिंदू सम्मेलन के अध्यक्ष रामदास साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह सम्मेलन सनातन संस्कृति की रक्षा और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की मजबूती से ही समाज और राष्ट्र सशक्त बनता है. इस आयोजन के माध्यम से समाज में एकता और समरसता का संदेश दिया जाएगा. स्कृति और एकता पर रहेगा मुख्य फोकस रामदास साहू ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज की सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करना और परंपराओं के संरक्षण को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में बढ़ती दूरियों को समाप्त कर एकजुटता स्थापित करना बेहद जरूरी है. इस सम्मेलन के जरिए लोगों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा. देशभर के 1.08 लाख स्थानों पर आयोजन समिति के सचिव कुमार गौरव ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल मेदिनीनगर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के एक लाख आठ स्थानों पर इस तरह के सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य व्यापक स्तर पर समाज को जोड़ना और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है. उन्होंने सभी लोगों से आपसी एकता और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की. प्रमुख संत और वक्ता होंगे शामिल सम्मेलन में धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तित्व शामिल होंगे. मुख्य वक्ता के रूप में वृंदावन से 1008 सीताराम शरण जी, साध्वी शरण जी और कार्यवाहक दिनेश जी के शामिल होने की संभावना है. ये सभी वक्ता धर्म, संस्कृति और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे, जिससे लोगों को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा. जनसंपर्क अभियान से लोगों को जोड़ा जा रहा सम्मेलन को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है. समिति के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं और अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं. आयोजकों का कहना है कि यह सम्मेलन सभी वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास है, जिससे आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत हो सके. शिवाजी मैदान में होगा भव्य आयोजन यह विराट हिंदू सम्मेलन 12 अप्रैल, रविवार को शाम चार बजे मेदिनीनगर के शिवाजी मैदान में आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पारंपरिक कला का प्रदर्शन और प्रबुद्धजनों के संबोधन मुख्य आकर्षण होंगे. आयोजकों ने आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है. समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सह संयोजक सतीश तिवारी, उपाध्यक्ष विकास सिंह, प्रचार प्रमुख रोहित पाठक, श्वेत रंजन, कोषाध्यक्ष विकास तिवारी, विनीत पांडेय और सूर्यकांत पासवान सहित कई अन्य सदस्य मौजूद रहे. सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई.

खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने टूर्नामेंट आवश्यक : अरुण साव

रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव आज रायपुर के जोरा स्थित इंटरनेशनल टेनिस स्टेडियम में आयोजित गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मिश्रित और एकल के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। उप मुख्यमंत्री साव ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में गोंडवाना कप का आयोजन अनेक वर्षों से हो रहा है। प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं होने से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलता है और अच्छे खिलाड़ी निकल कर आते हैं। टूर्नामेंट में 20 राज्यों के 120 खिलाड़ियों का भाग लेना इसकी सफलता को बताता है। साव ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ी टूर्नामेंट आवश्यक हैं। इसके बिना खेल और खिलाड़ी दोनों आगे नहीं बढ़ सकते। गोंडवाना कप जैसी प्रतियोगिताएं लगातार होने चाहिए।  इन विजेता खिलाड़ियों को प्रदान की ट्रॉफी महिला डबल्स के फाइनल मुकाबले में शताक्षी चौधरी और अनन्या जैन (उत्तर प्रदेश) की जोड़ी ने स्निग्धा पाटिबंडला और इरम जैदी को 3-6, 6-3, 10-7 से हराकर खिताब जीता। वहीं पुरुष डबल्स में निरव शेट्टी और अनुप बंगार्गी (महाराष्ट्र) की जोड़ी ने प्रसाद इंगाले और परितोष पवार को 6-2, 6-4 से हराया। वहीं महिला एकल में राजस्थान की आयुषी तनवार ने उत्तरप्रदेश की शताक्षी चौधरी को 2-6, 6-2, 6-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। पुरुष एकल में तेलंगाना के नैशिक रेड्डी गनागामा ने महाराष्ट्र के प्रसाद इंगाले को 7-6 (7-4), 6-3 से हराकर विजेता बने। उप मुख्यमंत्री साव ने सभी विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान की। समापन समारोह में एआईटीए (AITA) के महासचिव अनिल धुपर, स्टेट टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष और हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, गुरुचरण सिंह होरा, उपाध्यक्ष नरेश गुप्ता और आशीष सराफ सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी मौजूद थे। 24-26 अप्रैल तक खेल मंत्रियों का चिंतन शिविर साव ने बताया कि 24 अप्रैल से 26 अप्रैल तक श्रीनगर में चिंतन शिविर का आयोजन हो रहा है। इसमें सभी राज्यों के खेल मंत्री और भारत सरकार के मंत्री व अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 2047 में जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरा करे तो देश विकसित बने, इसके साथ ही खेल के क्षेत्र में भी भारत दुनिया में अग्रणी देश बने, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए योजना बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काम हो रहा है। निश्चित रूप से इस चिंतन शिविर से बड़ा लाभ होगा।

नौकरी दिलाने के नाम पर ठग सक्रिय, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

चतरा झारखंड के चतरा जिले में चल रही होम गार्ड बहाली प्रक्रिया के बीच ठग सक्रिय हो गए हैं. जिला प्रशासन को मिली शिकायतों के बाद अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की अपील की गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी भी तरह के पैसे या सिफारिश का इसमें कोई स्थान नहीं है. 1 अप्रैल से चल रही है बहाली प्रक्रिया चतरा जिले के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 1 अप्रैल 2026 से होम गार्ड बहाली प्रक्रिया संचालित की जा रही है. बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं. इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए ठगी का जाल फैलाना शुरू कर दिया है. मोबाइल कॉल के जरिए ठगी का प्रयास जिला प्रशासन के अनुसार, कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की है कि अज्ञात मोबाइल नंबरों से कॉल कर उन्हें होम गार्ड में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जा रहा है. इसके बदले उनसे अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही है. ऐसे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. उपायुक्त कीर्तिश्री का सख्त संदेश चतरा की उपायुक्त श्रीमती कीर्तिश्री ने इस मामले में स्पष्ट बयान जारी करते हुए कहा है कि बहाली प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो रही है. उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की सिफारिश, बिचौलिया या पैसे का कोई स्थान नहीं है. ऐसे सभी दावे पूरी तरह फर्जी और गैरकानूनी हैं. अभ्यर्थियों और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील उपायुक्त ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी फोन कॉल, संदेश या व्यक्ति के झांसे में न आएं. यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन या पुलिस को दें. इससे ऐसे ठगों के खिलाफ समय पर कार्रवाई संभव हो सकेगी. साइबर सेल और पुलिस को सूचना देने की सलाह प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ठगी से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना, साइबर सेल या जिला प्रशासन को दी जानी चाहिए. इससे दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी. प्रशासन कर रहा है सतत निगरानी जिला प्रशासन ने बताया कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. बहाली प्रक्रिया के दौरान लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या धोखाधड़ी को रोका जा सके. संबंधित अधिकारियों को भी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. अफवाहों से दूर रहने की अपील जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से यह भी कहा है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से दूर रहें. सोशल मीडिया या अनजान स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर विश्वास करने से बचने की सलाह दी गई है.

आर वैशाली ने 10वें राउंड के बाद बढ़त बनाई, वर्ल्ड टाइटल की उम्मीद मजबूत

  पाफोस साइप्रस के पाफोस में खेले जा रहे प्रतिष्ठित FIDE कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के 10वें राउंड में भारत की आर वैशाली ने शानदार प्रदर्शन(Chess) करते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक के खिलाफ खेला गया उनका मुकाबला ड्रॉ रहा, जिससे मिले आधे अंक ने उन्हें अंक तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा दिया। टूर्नामेंट अब अपने निर्णायक मोड़ पर है क्योंकि केवल 4 राउंड बाकी हैं और टॉप-6 खिलाड़ियों के बीच महज 1 अंक का फासला है, जिससे हर अगली चाल विश्व चैंपियन का चैलेंजर(Challenger) तय करने में महत्वपूर्ण होगी। भारतीय सितारों के लिए कठिन रहा 10वां राउंड जहाँ वैशाली ने बढ़त बनाई, वहीं अन्य भारतीय ग्रैंडमास्टर्स के लिए शुक्रवार का दिन निराशाजनक रहा। ओपन कैटेगरी में आर प्रज्ञानानंदा को उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव से हार का सामना करना पड़ा, जिसके कारण वे लुढ़ककर 7वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसी तरह, विमेंस कैटेगरी में दिव्या देशमुख को रूस की मजबूत खिलाड़ी अलेक्जेंड्रा गोर्याचकिना ने मात दी। इन हारों ने भारतीय उम्मीदों को थोड़ा झटका दिया है, लेकिन शेष चार राउंड में वापसी की संभावनाएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। अन्य पढ़े: युवा वैभव का धमाका कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की अहमियत और इतिहास कैंडिडेट्स टूर्नामेंट को शतरंज का ‘सेमीफाइनल’ माना जाता है, क्योंकि इसका विजेता सीधे मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देता है। भारत का इस टूर्नामेंट में गौरवशाली इतिहास रहा है; विश्वनाथन आनंद (1995) के बाद पिछले साल डी गुकेश ने इसे जीतकर इतिहास रचा था। इस बार ओपन कैटेगरी के विजेता का मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन डी गुकेश से होगा, जबकि विमेंस कैटेगरी की विजेता चीन की जू वेनजुन के खिलाफ वर्ल्ड टाइटल की बाजी खेलेगी। वैशाली रमेशबाबू 10वें राउंड के बाद किस स्थान पर हैं और उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी कौन हैं? वैशाली 10वें राउंड के बाद शीर्ष (पहले) स्थान पर हैं। झू जिनेर और अन्ना मुजिचुक 5.5 अंकों के साथ उनसे महज आधा अंक पीछे हैं। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का फॉर्मेट क्या है और इसमें कुल कितने राउंड होते हैं? यह टूर्नामेंट राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में होता है जहाँ 8 खिलाड़ी एक-दूसरे से 2 बार खेलते हैं। इसमें कुल 14 राउंड होते हैं।

प्रकृति में जनजातीयों की अटूट आस्था, देवी-देवताओं के वास से जल जंगल का हो रहा संरक्षण व संवर्धन: मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर.  आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों में जनजातीय समुदाय के लोग निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 10 करोड़ से अधिक जनजातीय समुदाय हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीयों का जल, जंगल, जमीन, नदी-नालों और पहाड़ों में अटूट आस्था है। जनजातीय समुदाय पेड़ पौधों, नदी-नालों में देवी-देवताओं का वास मानते हैं और इन्ही संस्कृति और परंपराओं के कारण वनवासी समुदाय प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में पहले पायदान पर है।  छत्तीसगढ़ कॉमन्स क्विनिंग’ के समापन समारोह में शामिल हुए मंत्री नेताम मंत्री नेताम ने आज नवा रायपुर स्थित जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राज्य-स्तरीय संवाद सम्मेलन ’छत्तीसगढ़ कॉमन्स क्विनिंग’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गहन मंथन हुआ है। इस मंथन में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसकी उपयोगिता नीति निर्माण और जनहित में कैसी होगी इसके लिए हमारी सरकार तत्परता के साथ काम करेगी।  मंत्री नेताम कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के विभिन्न समस्याओं और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करने जा रही है। इस टास्क फोर्स की संवेदनशीलता और महत्व को देखते हुए इसकी कमान स्वयं मुख्यमंत्री संभालेंगे, जो इसके अध्यक्ष होंगे। नीतिगत निर्णयों के धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कार्यान्वयन समिति भी बनाई जाएगी, जो बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगी । नेताम ने कहा कि पेसा (पंचायत उपबंध अधिनियम) और एफआरए (वनाधिकार अधिनियम) के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, विशेष रूप से सीमाओं के निर्धारण (डिमार्केशन ऑफ बॉउंड्रिस) जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात कही। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करते हुए कहा, “हम केवल इन साझा संसाधनों के उपयोगकर्ता ही नहीं, बल्कि इनके संरक्षक भी हैं, और हमारा उपभोग केवल अपनी वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति तक ही सीमित होना चाहिए”। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य राज्य भर में जनजातीय कल्याण से जुड़ी नीतियों के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना और समुदायों को उनके अधिकार दिलाना है । आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि यह टास्क फोर्स विशेष रूप से पेसा और वनाधिकार अधिनियम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी विरासत में जनजातीय बोली, भाषा, समुदायिक नेतृत्व समृद्ध है। जल, जंगल, जमीन के संरक्षण व संवर्धन में इन जनजातीयों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति उनके ज्ञान, उनका उद्देश्य, जल जंगल से जुड़े हुए हैं। उनका रिश्ता प्रकृति से है। वे प्रकृति को मां के रूप में, देवता के रूप में पूजते हैं। उनके दैनिक क्रियाकलापों से लेकर मृत्यु तक के उत्सव प्रकृति के संरक्षण में सहायक सिद्ध होती है। प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि इन दो दिनों तक चले अधिवेशन में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के 300 से अधिक प्रतिभागियों, नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और ग्राम प्रमुखों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र राज्य की 70 लाख एकड़ ’कॉमन्स’ भूमि (जंगल, चारागाह और जल निकाय) रही, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी की जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना, धरतीआबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, नियद नेल्ला नार जैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों एवं जनजातीय समुदाय के सम्पूर्ण विकास के साथ ही प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में काम कर रहे हैं। आगे भी सामुदायिक सहयोग से बेहतर दिशा में काम किया जाएगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी. श्रीनिवास राव ने जोर दिया कि सामुदायिक सहयोग के बिना विशाल वनों और जैव विविधता की रक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की वन नीतियां प्रतिबंधात्मक नहीं, बल्कि विनियामक हैं। मनरेगा आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा ने कहा कि जल संरक्षण जनजातीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने मनरेगा के माध्यम से वंचित समुदायों को जल प्रबंधन में जोड़ने पर बल दिया। रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने रेखांकित किया कि जल संरक्षण कोई ’रॉकेट साइंस’ नहीं है, बल्कि यह सदियों के अनुभव से उपजा सामुदायिक ज्ञान है। संवाद सम्मेलन में यह बात उभर कर आई कि कॉमन्स केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आधार हैं। इस अवसर पर सोनमणि बोरा ने जनजातीय लोक गीतों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के दस्तावेजीकरण और कॉपीराइट संरक्षण के लिए एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना साझा की। सम्मेलन में नेल्सन मंडेला पुरस्कार विजेता शेर सिंह आंचला, पद्म पांडी राम मंडावी, पद्मजगेेश्वर यादव और गौर मारिया कलाकार सुलक्ष्मी सोरी, इंदु नेताम ने भी अपने अनुभव साझा किए और संसाधनों के संरक्षण की अपील की।  कार्यक्रम को सफल बनाने में अपर संचालक संजय गौड़, टीआरटीआई की संयुक्त संचालक श्रीमती गायत्री नेताम की विशेष योगदान रही। यह कार्यक्रम आदिम जाति विकास विभाग, टीआरटीआई और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी द्वारा प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स पहल के तहत संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इसमें यूएनडीपीए आईआईटी-भिलाई, बीआरएलएफ, एक्सिस बैंक फाउंडेशन और अन्य प्रमुख संस्थान सहयोगी रहे।