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जल जीवन मिशन घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, 5 दिन की रिमांड की मांग

जयपुर जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में बड़ी कार्रवाई के तहत शुक्रवार को पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कोर्ट से उनकी 5 दिन की पुलिस रिमांड की मांग करने की तैयारी की है, ताकि मामले में गहन पूछताछ की जा सके। इस पूरे मामले की जांच एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में चल रही है। गिरफ्तारी के अगले दिन कोर्ट में पेशी एसीबी अधिकारियों के अनुसार, सुबोध अग्रवाल को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ पहले से ही गिरफ्तारी वारंट जारी था। गुरुवार को उन्हें नई दिल्ली से हिरासत में लेकर जयपुर लाया गया, जहां औपचारिक गिरफ्तारी की गई। शुक्रवार को मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। टेंडर घोटाले और पद के दुरुपयोग के आरोप जांच में सामने आया है कि पूर्व आईएएस अधिकारी पर टेंडर प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी और पद के दुरुपयोग के आरोप हैं। एसीबी का दावा है कि फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर टेंडर जारी किए गए और शर्तों में हेरफेर कर करीब 50 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। इस घोटाले में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है। 10 गिरफ्तार, 3 आरोपी अभी भी फरार इस मामले में एसीबी पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों के खिलाफ स्टैंडिंग वारंट जारी किए गए हैं और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इन आरोपियों को भी गिरफ्तार करने के प्रयास तेज किए जाएंगे। 51 दिन की तलाश, 260 ठिकानों पर छापेमारी सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी एसीबी के लिए आसान नहीं रही। उन्हें पकड़ने के लिए एजेंसी ने 51 दिनों तक लगातार अभियान चलाया। इस दौरान 18 टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने देशभर में 260 ठिकानों पर छापेमारी की। बावजूद इसके, अग्रवाल लगातार एजेंसियों से बचते रहे और फरारी के दौरान 10 से अधिक ठिकाने बदलते रहे। दिल्ली से मुंबई तक छिपने की कोशिश जांच के दौरान एसीबी को इनपुट मिले थे कि सुबोध अग्रवाल दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और मुंबई में छिपते रहे। इन सभी स्थानों पर लगातार दबिश दी गई, लेकिन वे पकड़ में नहीं आए। आखिरकार जब एसीबी ने कोर्ट में संदिग्ध संपत्तियों की सूची पेश की और स्थायी वारंट जारी करवाए, साथ ही कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया, तो अगले ही दिन वे सामने आ गए। भगोड़ा घोषित, संपत्ति कुर्की की तैयारी एसीबी की कार्रवाई के तहत रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल के साथ एसई मुकेश गोयल, जितेन्द्र शर्मा और निजी व्यक्ति संजीव गुप्ता को भी भगोड़ा घोषित किया गया था। हालांकि, सुबोध अग्रवाल अब गिरफ्त में आ चुके हैं, लेकिन बाकी तीन आरोपी अब भी फरार हैं। कोर्ट के आदेश के बाद इन सभी की संदिग्ध संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क करने की प्रक्रिया जारी है। रिमांड मिलने पर बड़े खुलासों की उम्मीद एसीबी अधिकारियों का कहना है कि यदि कोर्ट से रिमांड मिलती है तो पूछताछ के दौरान न केवल जेजेएम घोटाले की परतें खोली जाएंगी, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि फरारी के दौरान सुबोध अग्रवाल को किन लोगों ने मदद पहुंचाई। इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया में शामिल अन्य अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जाएगी। लुक आउट नोटिस जारी, विदेश भागने का खतरा गौरतलब है कि एसीबी ने फरार आरोपियों के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी करवा दिए थे। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें फिलहाल, सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। यदि एसीबी को रिमांड मिलती है, तो आने वाले दिनों में जेजेएम घोटाले से जुड़े कई अहम राज खुलने की संभावना है।

1 करोड़ फीस की अफवाह पर बोले विवेक, इतना पैसा नहीं मिला

आदित्य धर ने फिल्म धुरंधर और धुरंधर 2 से इतिहास रच दिया है। उनकी दोनों फिल्मों ने करोड़ों की कमाई की है। इस फिल्म की खास बात यह है कि इसके ना सिर्फ लीड रोल बल्कि सपोर्टिंग और साइड रोल वाले एक्टर्स को भी काफी पसंद किया गया है। अब खबर आ रही थी कि फिल्म के साइड एक्टर विवेक सिन्हा जिनका धुरंधर के पहले सीन यानी इंडियन एयरलाइन्स फ्लाइट के हाइजैक में रोल था, उन्हें छोटे रोल के बावजूद 1 करोड़ रुपये मिले हैं। विवेक ने अब इन खबरों पर अपना रिएक्शन दिया है। विवेक ने क्या कहा फीस को लेकर विवेक ने इंस्टाग्राम पर क्लीयर करते हुए लिखा, ‘भाई इतना पैसा नहीं मिला है कसम से। ये सब मत डालो। उन्होंने यह भी कहा कि इतना अमाउंट सुनने के बाद उन्हें लोगों के मैसेज आ रहे हैं और उनके मदद मांग रहे हैं।’ धुरंधर का पैसा खत्म हो गया विवेक ने आगे लिखा, ‘मुझे धुरंधर से पैसा मिला है, अच्छा पैसा मिला। जो एक्सपेक्टेड अमाउंट था वो मिला। लेकिन उतना पैसा नहीं मिला और जो पैसा मिला था खत्म हो चुका है। मुंबई में रहता हूं भाई और बहुत खर्चे हैं मुंबई में। तो धुरंधर वाला सारा पैसा खत्म हो चुका है। जब विवेक को गुस्से का करना पड़ा सामना बता दें कि फिल्म में विवेक का एक डायलॉग था हिंदू वाकई डरपोक कौम है। उनके इस डायलॉग पर लोग इतना गुस्सा हुए कि सोशल मीडिया पर उन्हें काफी बुरा-भला कहा। इस पर विवेक ने फिर सोशल मीडिया पर कहा था, ‘कोई मुझे आतंकवादी बोल रहा है, कोई बोल रहा है पाकिस्तान भाग जा। वैसे मुझे सच में अच्छा लगा ये देशभक्ति देखकर। हमारे अंदर जो देशभक्ति है न, उसे सलाम है। लेकिन मैं बता दूं कि मैं पाकिस्तान का नहीं हूं। मैं बिजनौर का रहने वाला हूं और फिलहाल मुंबई में रहता हूं।’ धुरंधर 2 की स्टार कास्ट और स्टोरी धुरंधर 2 की बात करें तो आदित्य धर द्वारा निर्देशित इस फिल्म में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर माधवन, सारा अर्जुन, राकेश बेदी, गौरव गेरा, दानिश पंदौर भी हैं। फिल्म में रणवीर ने जसकिरत सिंह का किरदार निभाया है जो स्पाई बनकर पाकिस्तान जाता है और वहां रहकर ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हैं। धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन धुरंधर 2 के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो गुरुवार को फिल्म ने 8.56 करोड़ की कमाई की है और अब मूवी ने भारत में ग्रॉस 1,255.23 करोड़, ओवरसीस 410 करोड़ और वर्ल्डवाइड 1,665.23 करोड़ की कमाई की है।

पोषण पखवाड़ा अंतर्गत स्कूलों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन

भोपाल.  स्कूल शिक्षा विभाग केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक “8वां पोषण पखवाड़ा” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें “जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क का अधिकतम विकास” थीम पर प्रदेश भर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। पोषण पखवाड़े के दौरान स्कूलों में पोषण सत्र, रेसिपी प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता, कार्यशालाएं तथा पोषण रैली जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों, अभिभावकों और आमजन में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा इस संबंध में सभी कलेक्टर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह ने बताया कि पोषण पखवाड़े के प्रभावी संचालन के लिए जिला, विकासखंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर समन्वय के साथ कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। पोषण पखवाड़ा अभियान अंतर्गत होंगी ये गतिविधियां कक्षा 6 वीं से 12वीं तक सभी स्कूलों में शनिवार को पोषण सत्र का आयोजन। प्राथमिक/माध्यमिक स्कूलों के सहयोग से स्थानीय पोषण रैली। कक्षा 9 से 11 तक घर पर तैयार रैसिपी की प्रतियोगिता/प्रदर्शनी स्थानीय खिलौने के प्रोत्साहन के लिए स्कूलों में कार्यशाला का आयोजन। को-लोकेशन एवं अन्य नजदीकी आंगनवाड़ी केन्द्र में खेल तथा नृत्य दिवस आयोजन। कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के माध्यम से उनके जन्म तिथि सहित विशेष तिथियों में नजदीकी आंगनवाड़ी केन्द्र में तिथि भोज आयोजन। स्थानीय खाद्य व्यवस्था के प्रोत्साहन के लिए पोषण मेला आयोजन।  

मनोहर थाना में जनसंवाद यात्रा, 126 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास

झालावाड़ राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री Vasundhara Raje ने गुरुवार को मनोहर थाना कस्बे में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान एक भावुक बयान देकर सभी को चौंका दिया। लोगों की समस्याएं सुनते हुए उन्होंने कहा “मेरा तो खुद का चला गया, मैं अपने आपको नहीं बचा सकी, तो तुम्हारे लिए क्या करूं?” उनके इस बयान ने सभा में मौजूद लोगों के बीच गहरी संवेदना पैदा कर दी। जनता की समस्याओं पर खुलकर बोलीं जनसंवाद के दौरान स्थानीय लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचे। किसी ने मकान नहीं मिलने की शिकायत की, तो किसी ने पेंशन और मुआवजे में देरी का मुद्दा उठाया। इस पर राजे ने कहा कि जीवन में ऐसी परेशानियां आती रहती हैं और हर परिवार इन हालातों से गुजरता है। निजी दर्द का किया जिक्र राजे ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा लोग कहते हैं आपका तो सब ठीक है, हमें बचा लीजिए… लेकिन मैं खुद को नहीं बचा सकी, तो आपको कैसे बचाऊं?” उनके इस बयान ने कार्यक्रम को भावनात्मक मोड़ दे दिया और लोगों के साथ उनका जुड़ाव और गहरा नजर आया। जनसंवाद यात्रा के चौथे चरण की शुरुआत इस दौरान Dushyant Singh भी उनके साथ मौजूद रहे। मां-बेटे की जोड़ी ने ‘जनसंवाद यात्रा’ के चौथे चरण की शुरुआत कामखेड़ा बालाजी धाम से की। यात्रा शुरू करने से पहले दोनों नेताओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और हनुमान चालीसा का पाठ किया। यात्रा को बताया चुनौतीपूर्ण सभा को संबोधित करते हुए राजे ने कहा कि यह यात्रा आसान नहीं है, लेकिन जनता का प्यार ही उनकी ताकत है। उन्होंने बताया कि पहले तीन चरणों में भी लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला और उम्मीद से ज्यादा भीड़ जुटी। दुष्यंत सिंह की तारीफ राजे ने अपने बेटे की तारीफ करते हुए कहा इन्होंने तय किया कि ये अकेले चलेंगे, क्योंकि इन्हें पता है कि ये लोगों के लिए काम करते हैं।” उन्होंने कहा कि लोग उन्हें अपना मानते हैं, यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। 35 साल का रिश्ता बताया राजे ने झालावाड़ और बारां की जनता के साथ अपने 35 साल पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि यह रिश्ता सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि परिवार जैसा है। उन्होंने कहा कि उनके सामने कई पीढ़ियां बड़ी हो चुकी हैं। दुष्यंत सिंह का आभार संदेश दुष्यंत सिंह ने जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि सफर में धूप और मुश्किलें जरूर आती हैं, लेकिन लोगों का प्यार उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ से क्षेत्र का विकास और तेज होगा। 126 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान 126 करोड़ रुपए की लागत वाली 10 सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इससे क्षेत्र में कृषि और पानी की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई। महिलाओं को योजनाओं का लाभ ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत महिलाओं को टैबलेट वितरित किए गए और कस्टम हायरिंग योजना के तहत एक महिला को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गई। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। स्थानीय नेताओं की मौजूदगी कार्यक्रम में मनोहर थाना विधायक गोविंद रानीपुरिया, डाग विधायक कालूराम मेघवाल, जिला अध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा और पूर्व जिला अध्यक्ष संजय जैन सहित कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भावनाओं और राजनीति का संगम जनसंवाद यात्रा का यह चरण जहां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा, वहीं वसुंधरा राजे के भावुक बयान ने इसे मानवीय संवेदनाओं से भी जोड़ दिया। उनके शब्दों ने यह दिखाया कि राजनीति के मंच पर भी व्यक्तिगत अनुभव लोगों के दिलों को छू जाते हैं।

भूमि सुधार विभाग का बड़ा फैसला, ई-मापी होगी अब ऑनलाइन

पटना बिहार सरकार के राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने जमीन की मापी को लेकर नई व्यवस्था शुरू कर दी है. इस बदलाव का मकसद पूरी प्रक्रिया को साफ-सुथरा, तय समय में पूरा होने वाला और टेक्नोलॉजी के जरिए आसान बनाना है. विभाग ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी. क्या बदल जायेगा नई व्यवस्था के तहत जिन जमीनों पर कोई विवाद नहीं है, उनकी मापी अब सिर्फ 7 दिनों के अंदर पूरी कर दी जाएगी. इससे लोगों को पहले की तरह लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और काम तेजी से होगा. जिन जमीनों को लेकर विवाद चल रहा है, उनकी मापी के लिए भी सरकार ने समय तय कर दिया है. ऐसे मामलों में मापी का काम 11 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पुराने और लंबित केस जल्दी निपट सकें. मापी के बाद रिपोर्ट ऑनलाइन डालना जरूरी जमीन की मापी पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट को 14 दिनों के अंदर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी कर दिया गया है. इससे रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर लोग इसे आसानी से देख सकेंगे. अब ई-मापी के लिए आवेदन भी ऑनलाइन किया जा सकता है. इसके लिए लोगों को बिहार भूमि पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा. इससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी. सरकार के इस कदम से कम होंगे विवाद सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से जमीन से जुड़े कामों में पारदर्शिता बढ़ेगी. विवाद कम होंगे और लोगों को समय पर सेवाएं मिलेंगी. इसे डिजिटल बिहार और बेहतर प्रशासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

फर्जी FD मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी ने 35 करोड़ खुद लिए

 पंचकुला हरियाणा के राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो ने गुरुवार को कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व उपाध्यक्ष पुष्पेंदर सिंह के बारे में बड़ा दावा किया। इसमें बताया गया है कि 150 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार पुष्पेंदर ने गबन की गई राशि में से लगभग 30–35 करोड़ रुपए व्यक्तिगत रूप से हासिल किए थे। 41 साल का पुष्पेंदर, पंचकुला का रहने वाला है। पुष्पेंदर को बुधवार को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पंचकुला नगर निगम के खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट्स से संबंधित कथित धोखाधड़ी के मामले में आत्मसमर्पण किया था। वह इस मामले में गिरफ्तार किए गए छठे व्यक्ति हैं। गुरुवार को उन्हें पंचकुला की एक अदालत में पेश किया गया, जहां विजिलेंस ने सात दिन की पुलिस रिमांड मांगी। अदालत ने मामले में पांच दिन की हिरासत दी। एक जांचकर्ता ने कहाकि इस पैसे का एक हिस्सा उन्होंने रैंगलर रुबिकॉन, मर्सिडीज़ जीएलएस और हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल खरीदने में इस्तेमाल किया। यह सभी फिलहाल दिल्ली में खड़ी हैं। पुष्पेंदर की मदद से इन्हें जब्त किया जाएगा। विजिलेंस ब्यूरो का तर्क विशेष जांच टीम ने अदालत को यह भी बताया कि तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, और नकली एफडी और संबंधित दस्तावेज तैयार करने के लिए इस्तेमाल हुए स्टांप्स हरियाणा के नरकंडा में रखे गए हैं। इन्हें भी आरोपी के संकेत पर बरामद किया जाना है। विजिलेंस ब्यूरो ने तर्क दिया कि इसी तरह की अन्य धोखाधड़ी के बारे में पूछताछ करने, सरकारी फंड के आगे के दुरुपयोग को रोकने और सह-आरोपी से पूछताछ के लिए पुष्पेंदर की हिरासत जरूरी थी। इसमें आगे कहा गया है कि बैंक दस्तावेज़, एक निजी डायरी और अपराध की आय से खरीदी गई संपत्ति के बारे में जानकारी हासिल करना भी जरूरी है। जांच के लिए, इस बड़े पैमाने पर जटिल वित्तीय धोखाधड़ी की कई परतों को उजागर करना के लिए यह सब करना होगा। अब तक कितनी गिरफ्तारी इस मामले में, विजिलेंस ब्यूरो ने इस साल 24 मार्च को कोटक महिंद्रा बैंक के अनाम अधिकारियों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की। यह रिपोअर् पंचकुला नगर निगम की रिपोर्ट के बाद दर्ज की गई। इसमें बैंक की फिक्स डिपॉज़िट रसीदों में लगभग 150 करोड़ रुपए की अनियमितताओं की जानकारी दी गई थी। अब तक मामले में कोटक महिंद्रा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दलिप कुमार राघव सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैंक वापस कर चुका है बड़ी रकम इस केस में नगर निगम के जिस फंड में घोटाले का आरोप है, बैंक ने उसके 127 करोड़ रुपए पहले ही वापस कर दिए हैं। कोटक महिंद्रा बैंक के एक प्रवक्ता ने पहले कहा था कि वे पंचकुला नगर निगम, सरकारी अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ परा सहयोग कर रहे हैं। इसमें आगे कहा गया कि बैंक ने मानकों के मुताबिक और मामले की स्वतंत्र व व्यापक जांच के लिए पंचकुला पुलिस में एक आधिकारिक शिकायत दर्ज की है।

यूएनएफपीए एंबेसेडर कृति सेनन ने विद्यार्थियों से किया संवाद, जेंडर इक्वैलिटी का दिया संदेश

भोपाल.  यूएनएफपीए इंडिया की गुडविल एंबेसेडर एवं फिल्म अभिनेत्री सुकृति सेनन गुरुवार को भोपाल के शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय का भ्रमण किया। यहां पर उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद भी किया। सुसेनन ने विद्यार्थियों को जेंडर इक्वैलिटी के प्रति जागरूक किया। साथ ही समानता एवं परस्पर सम्मान के लिए प्रेरित भी किया। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नई शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत ‘उमंग स्कूल हेल्थ एवं वेलनेस कार्यक्रम’, ‘उज्ज्वल बदलाव हमसे है’ और ‘सशक्त’ जैसे नवाचार किये जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विशेष रूप से बालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर सशक्त बनाना है। इन सभी नवाचारों को प्रदेश के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूलों में प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। सुकृति सेनन ने ‘उमंग’ कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रम को विस्तार से समझा। उन्होंने प्रदेश के 12 जिलों से आए "हेल्थ एंड वेलनेस" एंबेसडर एवं विद्यार्थियों से संवाद कर अनुभवों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग एवं यूएनएफपीए के बीच बेहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सामाजिक बदलाव लाने की दिशा में की जा रही पहलें अत्यंत सराहनीय हैं। ‘उज्ज्वल बदलाव हमसे है’ कार्यक्रम में उन्होंने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अब स्कूलों में ही विद्यार्थियों को छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट और दहेज जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूक करने के प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। सुकृति ने स्कूल शिक्षा विभाग की अपर परियोजना संचालक (सेकेंडरी एजुकेशन) श्रीमती नंदा बलवे कुशरे से भी मुलाकात की। उन्होंने नवीन शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होते ही विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें और साइकिल उपलब्ध कराए जाने जैसी व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों से जुड़े अनुभव भी साझा किए गए। इन अनुभवों को जानने के बाद कृति सेनन ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति इन शैक्षिक पहलुओं को अपने जीवन में अपनाए, तो समाज में व्याप्त कई बुराइयों और कुरीतियों पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जा सकती है। लोक शिक्षण संचालनालय के डिप्टी डायरेक्टर महेश जैन, प्राचार्य सुधाकर पाराशर, यूएनएफपीए से चीफ पॉलिसी एंड पार्टनरशिप जयदीप विश्वास, स्टेट हेड सुनील जैकब तथा स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर अनुराग सोनवलकर उपस्थित रहे।  

अक्षय तृतीया से पहले बाल विवाह पर सख्ती, डॉ. वर्णिका शर्मा के सख्त निर्देश

रायपुर.  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा दिनांक 10-04-2026 को आगामी 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया पर्व के परिप्रेक्ष्य में ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों एवं जिलों में बाल विवाह की रोकथाम संबंधी सक्रियता बढ़ाये जाने के आशय से आयोग कार्यालय में अपरान्ह 02ः00 से 05ः00 बजे तक एक वीडियो काॅन्फ्रेसिंग का आयोजन किया गया । वीडियो काॅफे्रेसिंग में आयोग की माननीय अध्यक्ष महोदया डाॅ. वर्णिका शर्मा, श्रीमती संगीता बिन्द सहायक संचालक तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के सर्व जिला कार्यक्रम अधिकारी, सर्व जिला बाल संरक्षण अधिकारियों ने प्रतिभागी के रूप में भाग लिया। वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में बाल विवाह की रोकथाम पर जिलेवार जानकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा प्राप्त हुई । डाॅ. वर्णिका शर्मा द्वारा समस्त जिलों से मुख्य बिन्दुओं यथा बाल विवाह के संबंध में मुनादी, संबंधितों को आवश्यक निर्देश पत्र जारी किये जाने, कार्यवाही हेतु टीम का गठन कर उसे सक्रिय किये जाने, बाल विवाह की रोकथाम हेतु पूर्व जागरूकता संबंधी कार्यवाही यथा बैठक, प्रचार-प्रसार की रणनीति एवं नवाचारों पर प्रतिभागियों से वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में संवाद किया गया ।   वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में विभिन्न जिलों के अधिकारियों द्वारा बाल विवाह संबंधी रोकथाम हेतु टीम का गठन किये जाने तथा मार्च एवं अप्रैल माह के शुरूआत में ग्राम पंचायत तथा नगरीय क्षेत्रों में बैठक का आयोजन किये जाने, प्रचार प्रसार हेतु दीवालों पर लेखन, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बाल विवाह को रोके जाने पर स्थानीय प्रशासन के माध्यम से किये गये कार्यों से अवगत कराया गया।   संबंधित वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में बाल विवाह की रोकथाम के संबंध में नवाचारों पर कांकेर जिले से ’’मेरी आवाज सुनो’’ जिसमें 17-18 वर्ष की आयु की बालिकाओं द्वारा अपने मन की बात खुलकर रखने एवं अपनी समस्याओं को व्यक्त करने के सशक्त मंच प्रदान करने संबंधी नवाचारी कैम्पेन के माध्यम से सराहनीय कार्य हो रहा है। इस नवाचार के जरिए बालिकाओं में जागरूकता एवं आत्मविश्वास बढ़ेगा जिससे वे बाल विवाह जैसी कुरीतियों के विरूद्ध आवाज उठा सकेंगी। बीजापुर जिले से ’’बीजा दूतिन’’ के माध्यम से स्वयं सेवी किशोर किशोरियों द्वारा बाल विवाह की स्थिति में संबंधित बालिका को क्या करना चाहिए ? इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है। सुकमा जिले से स्थानीय गोंडी भाषा व जशपुर जिले से स्थानीय सादरी व कुरूख भाषा में बाल विवाह रोकने संबंधी प्रचार प्रसार की पहल को डाॅ. वर्णिका शर्मा ने काफी सराहा एवं अन्य जिलों से भी आवश्यकतानुसार बाल विवाह रोकथाम के प्रचार प्रसार में स्थानीयता का पुट डाले जाने का वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से आग्रह किया। बाल विवाह बाहुल्य जिला सूरजपुर से वर्षवार बाल विवाह के प्रकरणांे में क्रमिक रूप से कमी आना एवं गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले अंतर्गत आने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की बालिका द्वारा स्वयं अपने बाल विवाह रोकने के लिए पूर्व सूचना दिये जाने जैसे नवाचारों पर वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से हर्ष व्यक्त किया।  अध्यक्ष महोदया द्वारा वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से जिलों के अधिकारियों को 14 अप्रैल को आयोजित होने वाली आगामी विशेष ग्राम सभा में अनिवार्यतः बाल विवाह के रोकथाम के संबंध में पंचायत स्तरीय अमले में पुनः सक्रियता लाने के आशय से जानकारी दिये जाने हेतु निर्देश दिये । साथ ही कतिपय जिलों द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध 2006 की धारा 16 की उपधारा 3 अंतर्गत बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के कर्तव्यों को सरल भाषा में प्रसारित कराये जाने के अनुरोध को डाॅ. वर्णिका शर्मा द्वारा संज्ञान में लिया गया। अंत में प्रचार प्रसार में स्थानीय भाषा के अधिक से अधिक उपयोग, की गई कार्यवाहियों का लगातार अनुवर्तन, स्वयंसेवी युवाओं का सहयोग लिये जाने, चाइल्ड हेल्प लाईन नम्बर 1098, बाल विवाह की रोकथाम में प्रयोग किये जाने वाले प्रचार प्रसार माध्यमों को जन जन तक पहुँचा कर समाज में बाल विवाह की कुरीति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाये जाने का परामर्श दिया गया।

दो आईएएस जॉइंट सेक्रट्री के लिए इम्पैनल, रीवा के अपर कलेक्टर का 8 महीने बाद हुआ रिलीव

भोपाल मध्यप्रदेश कैडर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को केंद्र स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिलने की दिशा में अहम कदम सामने आया है। 2009 बैच की आईएएस अधिकारी प्रियंका दास को भारत सरकार में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के पद के लिए बनाए गए पैनल में शामिल किया गया है। इसी क्रम में 2009 बैच के ही मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी S. तेजस्वी नाइक का नाम भी संयुक्त सचिव पद के लिए पैनल में शामिल किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए इस पैनल में शामिल होना अधिकारियों के अनुभव, कार्यक्षमता और प्रशासनिक दक्षता का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। पैनल में शामिल अधिकारियों को भविष्य में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में संयुक्त सचिव के रूप में नियुक्ति दी जा सकती है। मध्यप्रदेश कैडर के दो वरिष्ठ अधिकारियों का इस पैनल में शामिल होना राज्य के प्रशासनिक तंत्र के लिए भी गौरव की बात माना जा रहा है। इससे प्रदेश के अधिकारियों की क्षमता और कार्यशैली को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने का संकेत मिलता है। तबादले के बाद जारी किए आदेश त्रिपाठी के पदोन्नति के सवा साल बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 4 अगस्त 2025 को जारी तबादला सूची में उन्हें सिंगरौली जिले का अपर कलेक्टर बनाया गया। तब से लेकर अब तक रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने त्रिपाठी को सिंगरौली के लिए रिलीव नहीं किया। अब जबकि 9 अप्रैल को जारी आदेश में शासन ने रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल का तबादला सागर कलेक्टर के पद पर किया है तो रिलीव होने से पहले राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रभाशंकर त्रिपाठी को कलेक्टर पाल ने सिंगरौली में अपर कलेक्टर के पद के लिए रिलीव किए जाने का आदेश जारी किया है। प्रियंका और तेजस्वी अब केंद्र में जॉइंट सेक्रेट्री इधर डीओपीटी ने अलग-अलग आदेश जारी कर एस तेजस्वी नायक 2009 बैच तथा प्रियंका दास 2009 बैच को केंद्र में जॉइंट सेक्रेट्री के पद पर इम्पैनल किए जाने के बाद इसके आधार पर वेतनमान और पदस्थापना के आदेश किए हैं। इसी हफ्ते जारी आदेश में दोनों ही अधिकारियों को जॉइंट सेक्रेट्री के लिए इम्पैनल किया गया है। दोनों ही अधिकारी भोपाल नगर निगम आयुक्त रह चुके हैं। केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण मंत्रालय (डीओपीटी) ने दोनों ही अधिकारियों के जॉइंट सेक्रेट्री के लिए इम्पैनल किए जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके पहले एमपी कैडर के आईएएस रवि सिहाग को विवाह के आधार पर एमपी कैडर से मुक्त किए जाने के आदेश भी केंद्र सरकार ने जारी किए हैं।

रोजगारोन्मुखी नवीन कोर्स करें डिजाइन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्रदेश की उपलब्धि अन्य राज्यों से बेहतर है। उन्होंने योजना से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ऐसे नए उपयोगी कोर्स भी डिजाइन किए जाएं, जो प्रशिक्षण के बाद युवाओं को तत्काल रोजगार दिलवाने में सहायक हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश समत्व भवन में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में दिये। बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल उपस्थित रहे। बैठक में जाकनारी दी गई कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर आईटीआई की ग्रेडिंग जारी की है, इसमें मध्यप्रदेश 5वें स्थान पर है। प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई को 10 में से 9 प्लस ग्रेडिंग स्कोर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को स्किल कैपिटल बनाने की दिशा में अनेक प्रयत्न किए हैं। देश में युवाओं की जनसंख्या के दृष्टिगत उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों और डेयरी विकास कार्यक्रमों से भी युवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए। इसके लिए कौशल विकास और रोजगार विभाग से समन्वय कर समुचित कदम उठाए। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में लगभग 20 हजार से व्यक्तियों के प्रशिक्षण की उपलब्धि को दोगुना किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि वर्ष-2026 में विभिन्न गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने और रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए समुचित प्रयास करने को कहा। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास में मध्यप्रदेश की उपलब्धियां बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देश में सर्वाधिक 11 हजार 400 प्रशिक्षणार्थियों का नामांकन मध्यप्रदेश में हुआ। साथ ही युवा संगम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 2 लाख 68 हजार से अधिक आवेदकों को लाभान्वित किया गया। मध्यप्रदेश के एक लाख 32 हजार युवाओं को स्व-रोजगार का लाभ मिला है। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क भोपाल द्वारा इस वर्ष 3 हजार से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इनमें 1500 प्रशिक्षणार्थी लाँग टर्म और इतने ही शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग का लाभ प्राप्त करेंगे। युवाओं को पूर्व में जिन उद्योगों में प्रशिक्षण दिलवाया गया है, उनमें रिलायंस, ट्राइडेंट, जिंदल समूह के जेबीएम आदि शामिल हैं। प्रदेश में 290 शासकीय और 644 प्रायवेट आईटीआई संचालित हैं। शासकीय आईटीआई में 3484 सीटों की वृद्धि की गई, जिसके फलस्वरूप कुल सीट 52 हजार 248 हो गई हैं। प्रायवेट आईटीआई में कुल 61 हजार 32 सीट हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि परम फाउंडेशन द्वारा धार जिले में सरदारपुर आईटीआई में मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन कोर्स में प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। पीएम सेतु के अंतर्गत मध्यप्रदेश में 20 हब और 81 स्पोक आईटीआई उन्नयन का कार्य हुआ है। इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025-26 में मध्यप्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा।