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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान मंथन यात्रा 2025-26 के पोस्टर का किया विमोचन

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “विज्ञान मंथन यात्रा 2025-26” के पोस्टर का मुख्यमंत्री निवास में विमोचन किया। उन्होंने इस अभिनव योजना को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए शुभकामनाएँ दीं और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, कार्यकारी संचालक एवं विज्ञान मंथन यात्रा के प्रमुख डॉ. विवेक कटारे और वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी एवं प्रभारी डॉ. सुनील गर्ग उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश में विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा मिशन एक्सीलेंस अभियान के अंतर्गत “विज्ञान मंथन यात्रा 2025-26” का आयोजन किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य प्रदेश के विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि एवं जिज्ञासा को बढ़ावा देना है।योजना में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थी और कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विज्ञान संकाय के विद्यार्थी शामिल होंगे। इस वर्ष कुल 375 विद्यार्थियों एवं 27 शिक्षकों का चयन किया गया है। अप्रैल माह में आयोजित इस यात्रा में चयनित विद्यार्थियों के साथ विज्ञान विषय के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भी सहभागिता करेंगे। चयनित विद्यार्थियों को देश की प्रतिष्ठित अंतरिक्ष संस्था इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) और श्रीहरिकोटा स्थित प्रमुख अनुसंधान संस्थानों एवं प्रयोगशालाओं का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों को वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं के समाधान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।यात्रा के दौरान छात्र-छात्राएं चंद्रयान मिशन सहित विभिन्न उपग्रहों के मॉडल एवं उनकी कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे तथा उन वैज्ञानिकों से भी मुलाकात करेंगे, जिन्होंने मिशन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह पहल न केवल विद्यार्थियों को विज्ञान के व्यावहारिक आयामों से परिचित कराएगी, बल्कि उनमें नवाचार, अनुसंधान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी सशक्त बनाएगी, जिससे भविष्य में वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे।  

मोनोपॉली पर बड़ा एक्शन: इंदौर में स्कूल प्रबंधन और दो दुकानों के खिलाफ केस दर्ज

इंदौर. इंदौर शहर के निजी स्कूलों के संचालक जिला प्रशासन की चेतावनी के बाद भी मनमाने तरीके से कापी-किताबें बेच रहे हैं। कापी-किताब की मोनोपोली के खिलाफ जिला प्रशासन ने शनिवार को कार्रवाई की है। स्कूल से मनमाने दाम पर किताबें बेचने पर गांधीनगर स्थित डॉ. विश्वनाथ कराड़ा गुरुकुल शांति (वर्ल्ड पीस स्कूल) के संचालक एवं प्राचार्य के खिलाफ रात में करीब ढाई बजे एफआईआर दर्ज करवाई गई। मामले में प्रियंका गुप्ता ने शिकायत की थी कि वर्ल्ड पीस स्कूल में बच्चे पढ़ाई करते हैं, लेकिन यहां की किताबें अन्य स्टेशनरी पर उपलब्ध नहीं हैं। स्टेशनरी दुकान से ही कापी-किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। मामले में जांच के लिए विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, जनपद शिक्षा केंद्र तेजाजी नगर द्वारा गठित दल ने जांच की। जांच में पाया गया कि विद्यालय की समस्त पुस्तकें एवं कापियां केवल एक ही निर्धारित दुकान पर उपलब्ध थीं और अन्य दुकानों पर उपलब्ध नहीं थीं। साथ ही विद्यालय प्राचार्य द्वारा लिखित में यह स्वीकार किया गया कि पुस्तकों की व्यवस्था विद्यालय द्वारा ही करवाई जाती है। यह कृत्य कलेक्टर द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जारी आदेश का उल्लंघन पाया गया। स्कूल से ही यूनिफार्म भी बेचता है संचालक जानकारी अनुसार वर्ल्ड पीस स्कूल द्वारा विद्यार्थियों की यूनिफार्म भी तैयार करवाई जाती है। पालकों ने बताया कि यूनिफार्म भी हम बाहर से नहीं खरीद पाते हैं, हमें यहीं से खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। हर वर्ष प्रबंधन द्वारा इसी प्रकार की मनमानी की जाती है। पांचवी से आठवीं तक के विद्यार्थियों की किताब स्कूल प्रबंधन द्वारा मनमानी दर तय कर करीब आठ से 10 हजार रुपये में दी जाती है। जानकारी अनुसार इस स्कूल की देश के अन्य राज्यों में भी शाखाएं हैं। वहां भी इसी तरह की मनमानी की जाती है। डीपीएस स्कूल की किताबें भी एक ही स्टेशनरी पर डीपीएस स्कूल राऊ की किताबें एक ही दुकान से मिलने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले में गठित दल द्वारा जांच में शिकायत सही पाई गई। समृद्धि पार्क पिपल्याहाना स्थित गुडलक स्टेशनरी द्वारा कलेक्टर द्वारा जारी आदेश का उल्लंघन किए जाने पर विक्रेता के खिलाफ थाना तिलक नगर में एफआइआर दर्ज की गई है। इसी प्रकार विजय नगर स्थित डेली डैजी डेल्स स्कूल द्वारा इंदौर बुक डिपो से शिक्षण सामग्री के लिए खरीदने को बाध्य किया जा रहा था। इस पर प्रशासन ने दुकान के साथ ही स्कूल संचालक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई गई। स्टेशनरी संचालक पालकों को कापी-किताबों का पूरा सेट खरीदने पर मजबूर करते थे। इसके साथ ही स्कूल संचालक भी किताबों के लिए पांच वेंडर होना बताते हैं, लेकिन किताबें सिर्फ एक ही स्टेशनरी पर मिलती हैं।

BRABU हॉस्टल बना तस्करी का अड्डा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

 मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के हॉस्टल में रहकर कारतूसों की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। काजी मोहम्मदपुर थाने की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 200 जिंदा कारतूसों के साथ दो तस्करों को रंगे हाथ दबोचा है। पकड़े गए तस्करों की पहचान सिवान के अभिषेक तिवारी और सीतामढ़ी के अनमोल कुमार के रूप में हुई है। यूनिवर्सिटी पीजी हॉस्टल में था डेरा पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ है वह बेहद डराने वाला है। गिरफ्तार दोनों तस्कर यूनिवर्सिटी परिसर स्थित 'पीजी थर्ड' हॉस्टल के कमरा नंबर 54 और 55 में अवैध रूप से रह रहे थे। ये तस्कर विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच छिपकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। कार्रवाई के दौरान दोनों अपनी बुलेट बाइक से कारतूसों की बड़ी खेप लेकर वापस पीजी थर्ड हॉस्टल ही जा रहे थे, तभी काजी मोहम्मदपुर थानेदार नवलेश कुमार ने टीम के साथ कलमबाग-खबरा रोड पर घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। विश्वविद्यालय में तनाव हॉस्टल से कारतूसों की बरामदगी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में माहौल काफी तनावपूर्ण है। कुलपति (VC) के कुछ फैसलों के खिलाफ छात्र पिछले तीन दिनों से अनशन पर बैठे हैं। हाल ही में कुलपति आवास पर बम फेंकने की घटना भी हुई थी, जिसकी जांच अभी चल ही रही है। ऐसे में हॉस्टल से 200 गोलियों का मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। थानेदार नवलेश कुमार ने बताया कि दोनों के पास से 200 गोलियां बरामद की गई हैं। फिलहाल पुलिस के बयान पर काजी मोहम्मदपुर थाने में एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस अब इन तस्करों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कारतूसों की यह खेप किसे सप्लाई की जानी थी। क्या इन गोलियों का इस्तेमाल विश्वविद्यालय में चल रहे विरोध प्रदर्शन या कुलपति आवास पर हुए हमले से जुड़ा है, पुलिस इस बिंदु पर भी गंभीरता से जांच कर रही है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय के आम छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बाहरी लोग इतनी आसानी से हॉस्टल के कमरों में अवैध रूप से कैसे रह रहे थे और प्रशासन को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?

सोनामुखी रैली में गरजे योगी, बोले- बंगाल में खत्म होगी गुंडागर्दी

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को बंगाल में बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करने पहुंचे। इस दौरान उन्होने ममता के गढ़ सोनामुखी में रैली को संबोधित किया। योगी के निशाने पर टीएमसी रही। उन्होने कहा कि टीएमसी के लोग चाहते हैं कि आधी आबादी उर्दू बोले, उनसे कहिए कि जहां उर्दू बोली जाती है, वहां चले जाएं। बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। बंगाल में गुंडों का इलाज यूपी का बुलडोजर करेगा। बुलडोजर सिर्फ सड़कें नहीं बनाता, माफियाओं का भी इलाज करता है। बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों की पसलियों को मसल डालता है। उन्होने टीएमसी को मुस्लिम वोटबैंक की सौदागर करार दिया। बंगाल में जो अभी गुंडागर्दी है, वो 9 साल पहले यूपी में थी- योगी योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में अब सड़कों पर नमाजें नहीं पढ़ी जाती हैं। मस्जिदों से चिल्लाने की आवाज नहीं आती है। लव जिहाद के लिए सख्त कानून है। गौ-हत्या नहीं हो सकती है। हर बेटी, हर व्यापारी सुरक्षित है। हर हाथ को काम है, हर खेत में पानी है। यूपी के विकास को कांग्रेस और सपा भी नहीं रोक पाई है। उन्होने कहा कि जो गुंडागर्दी आज बंगाल में है, वही 9 साल पहले यूपी में थी। अब यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है- योगी हर पर्व और त्योहार पर दंगे होते थे। महीनों-महीनों कर्फ्यू लगता था। व्यवसाय ठप पड़े रहते थे। सरकार के समानांतर (पैरलल) गुंडे-माफिया शासन करते थे। 2017 में यूपी में डबल इंजन की सरकार आई। अब यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है। सीएम योगी ने बांकुड़ा जिले के सोनमुखी, पूर्व मेदिनीपुर के नंदकुमार और कांथी दक्षिण में जनसभा की। एनडीए के प्रत्याशियों के लिए जनता से समर्थन मांगा। बंगाल की दुर्दशा देख दुख होता है- योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बंगाल की दुर्दशा देखकर दुख होता है। इसे पहले कांग्रेस, फिर वाम दल और अब TMC ने बर्बाद किया। ममता बनर्जी की सरकार ने तो बंगाल को कंगाल बना दिया। बंगाल की राष्ट्रवाद की धरती को टीएमसी ने तुष्टिकरण की धरती बना दिया। लूट-खसोट और अराजकता की धरती बना दिया। बंगाल का नाम आते ही राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत देने वाले दो महापुरुषों की याद आ जाती है। अयोध्या में कई सौ साल तक राम जन्मभूमि के लिए आंदोलन चला। बंगाल से भी बड़ी संख्या में कारसेवक गए थे। लोग कहते थे कि मंदिर नहीं बन पाएगा, लेकिन जब डबल इंजन की सरकार आई तो मंदिर बन गया। भाषण के दौरान योगी ने बंगाली बोली अपने भाषण के दौरान योगी ने बंगाली भी बोली और कहा 'बांग्लार चुप थाकबे न' यानी बंगाल अब चुप नहीं बैठेगा। अब खेला बंद होगा, विकास शुरू होगा। इसके लिए भाजपा की डबल इंजन जरूरी है। योगी ने रविवार को सोनामुखी, नंदकुमार और कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रैलियां कीं।

सम्राट चौधरी समेत कई नामों पर चर्चा, जल्द तय होगा बिहार का अगला CM

 पटना बिहार के नए मुख्यमंत्री के लिए नेता के चयन की कवायद तेज हो गई है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में जल्द ही नेता का चुनाव किया जाएगा। भाजपा संसदीय बोर्ड ने बिहार में पार्टी विधायक दल का नेता चुनने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। हालांकि, भाजपा विधायक दल की बैठक की तारीख अभी तक सामने नहीं आई है। लिस्ट में कई नामों की चर्चा है पर सबसे अधिक दावेदारी सम्राट चौधरी के नाम की हो रही है। यह भी चर्चा है कि भाजपा चौंकाने वाले फैसले करने में माहिर है। पप्पू यादव ने दावा किया है कि जिन नामों की चर्चा हो गई है उन्हें भाजपा सीएम नहीं बनाएगी। नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। पूरे बिहार समेत केंद्र की सिसायत में हर सचेत, सक्रिए और राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले व्यक्ति की जुबान पर एक ही सवाल है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस सवाल का जवाब देने की कवायद तेज हो गई है। जल्द ही बिहार भाजपा विधायक दल की बैठक में सीएम का चेहरा फाइनल कर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बैठक के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। भाजपा संंसदीय बोर्ड ने उन्हें यह जिम्मेवारी सौंपी है। इससे पहले शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अमित शाह के आवास पर जाकर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे की मीटिंग हुई। माना जा रहा है कि बिहार में सीएम फेस नई सरकार से स्वरूप पर मंथन हुआ। रविवार को दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने 1 अणे मार्ग जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री आवास पर शुक्रवार शाम से ही के दिल्ली से लौटने के बाद से ही हलचल जारी है। कई मंत्रियों ने पहुंचकर नीतीश कुमार से मुलाकात की। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नई सरकार के गठन की समीक्षा की जा रही है। सीएम कौन बनेगा यह भाजपा को तय करना है हालांकि, इसमें नीतीश कुमार की भावना का पूरा खयाल रखा जाएगा। नीतीश कैबिनेट में मंत्री श्रवण कुमार, मदन सहनी भी सीएम आवास पर पहुंचे। शनिवार को भी सम्राट चौधरी सीएम से मिलने गए थे। सीएम ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को भी बुलाया था। इतना तो तय हो गया है कि अगले सीएम भाजपा से ही होंगे। सम्राट चौधरी के साथ विजय कुमार सिन्हा, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी, रमा निषाद, श्रेयसी सिंह, संजीव चौरसिया, जनक राम जैसे नेताओं का नाम चर्चा में है।

योगी सरकार का बड़ा कदम: 49 बस स्टेशनों का होगा विश्वस्तरीय पुनर्विकास

लखनऊ. योगी सरकार ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर फेज-2 बस स्टेशन विकास परियोजना को स्वीकृति मिल गई है, जिसके तहत प्रदेश के 49 प्रमुख बस स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन बस स्टेशनों को आधुनिक, विश्वस्तरीय एवं बहुउद्देश्यीय बस टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां यात्रियों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना के अंतर्गत शीघ्र ही डेवलपर्स के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक होगी। स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की बेहतर व्यवस्था परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत बनने वाले इन बस स्टेशनों में स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की बेहतर व्यवस्था होगी। इसके साथ ही सुव्यवस्थित पार्किंग, वाणिज्यिक परिसर और सहायक सेवाओं को भी शामिल किया जाएगा, जिससे स्मार्ट और टिकाऊ अवसंरचना विकसित की जा सके। उन्होंने बताया कि यह परियोजना डीबीएफओटी (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) ढांचे पर आधारित होगी, जिसमें राज्य सरकार पर कोई प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय नहीं आएगा। निजी निवेश के माध्यम से बस स्टेशनों का विकास किया जाएगा, जबकि भूमि का स्वामित्व निगम के पास रहेगा। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा परिवहन मंत्री ने कहा कि योगी सरकार की इस पहल से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन अवसंरचना के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इन बस अड्डों का होगा कायाकल्प आगरा में फाउंड्री नगर, अम्बेडकरनगर में अकबरपुर (डिपो कार्यशाला) अमेठी में अमेठी, अयोध्या में अयोध्या (ओल्ड बस स्टेशन) आजमगढ़ में तरवा, बलिया में रसड़ा और बेल्थरा रोड, बलरामपुर में बलरामपुर (डिपो कार्यशाला) बाराबंकी में हैदरगढ़, बस्ती में बस्ती (डिपो कार्यशाला) बिजनौर में नहटौर, बदायूं में बदायूं, बुलंदशहर में बुलंदशहर (पुराना) और खुर्जा, देवरिया में देवरिया, एटा में एटा, फिरोजाबाद में फिरोजाबाद और शिकोहाबाद, गौतमबुद्धनगर में नोएडा (डिपो कार्यशाला) गाजियाबाद में गढ़ और लोनी, गोंडा में गोंडा (डिपो कार्यशाला) हरदोई में हरदोई बस स्टेशन को आधुनिक तरीके से विकसित किया जाएगा। द्वितीय चरण में लखनऊ के जानकीपुरम में भी बनेगा बस स्टेशन इसके अलावा हाथरस में हाथरस, जौनपुर में जौनपुर, मछलीशहर और बादशाहपुर, झांसी में झांसी (नयी भूमि) कानपुर देहात में माती, कौशांबी में सराय आकिल, लखीमपुर खीरी में गोला, लखनऊ में कैसरबाग और जानकीपुरम, महाराजगंज में सुनौली और निचलौल, मिर्जापुर में विंध्याचल, मुरादाबाद में मुरादाबाद (पीतल नगरी) मुजफ्फरनगर में मुजफ्फरनगर (नई भूमि) पीलीभीत में पीलीभीत, प्रतापगढ़ में कुंडा, रामपुर में रामपुर, श्रावस्ती में भिनगा, सीतापुर में नैमिषारण्य और सिधौली, सोनभद्र में रॉबर्टसगंज (सोनभद्र) अमेठी में जगदीशपुर, उन्नाव में उन्नाव, वाराणसी में काशी (गोलगड्ढा) और चंदौली में चंदौली बस स्टेशन द्वितीय चरण के अंतर्गत विकसित किया जाएगा।

KGBV में गुणवत्ता सुधार पर जोर, योगी आदित्यनाथ सरकार कर रही ठोस बदलाव

लखनऊ. योगी सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) व्यवस्था में व्यापक और ठोस सुधार सुनिश्चित किया है। हालिया आंकड़े बता रहे हैं कि प्रदेश में एक ओर जहां रिक्त पदों को तेजी से भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर आधारभूत ढांचे और छात्राओं की दैनिक सुविधाओं के विस्तार में भी प्रगति दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता लाने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। अब बेसिक शिक्षा विभाग खाद्यान्न, दैनिक उपयोग सामग्री एवं स्टेशनरी की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। योगी सरकार की नीतिगत सख्ती, सतत निगरानी और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली के चलते केजीबीवी अब आवासीय विद्यालय के साथ-साथ सुरक्षित, सुसज्जित और आधुनिक शैक्षिक परिसरों के रूप में विकसित हो रहे हैं। यह परिवर्तन प्रदेश की बेटियों को बेहतर अवसर, सुविधाएं और सशक्त भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। आधारभूत सुविधाओं में तेजी से विस्तार प्रदेश के विभिन्न जनपदों में केजीबीवी के अंतर्गत एकेडमिक हॉस्टल, अतिरिक्त डॉरमेट्री, कंप्यूटर लैब और टॉयलेट ब्लॉक जैसी आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। आंकड़ों के अनुसार कई जिलों में इन कार्यों को पूर्ण कर छात्राओं को बेहतर आवासीय एवं शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। तेजी से भरे जा रहे रिक्त पद केजीबीवी के रिक्त पदों में सुधार की प्रक्रिया तेज है। आंकड़े बताते हैं कि प्रयागराज (43), बलिया (42), उन्नाव (39) और एटा (35) जैसे जनपदों में उच्च रिक्तियों को चिह्नित कर उनकी पूर्ति की प्रक्रिया तेज की गई है। ऐसे जनपदों में आवेदकों की स्क्रीनिंग प्रगति पर है। वहीं श्रावस्ती, रायबरेली, आजमगढ़, ललितपुर जैसे कई जनपदों में कोई भी पद रिक्त नहीं। ऐसे जिलों में रिक्तियों की संख्या शून्य होना प्रभावी मॉनिटरिंग और जवाबदेही आधारित व्यवस्था का संकेत है। सुगम बनाया जा रहा छात्राओं का दैनिक जीवन छात्राओं के दैनिक जीवन को सुगम बनाने के लिए रोटी मेकिंग मशीन, सोलर गीजर, जेनसेट एवं वाशिंग मशीन जैसी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही फोक म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट, ओपन जिम और 'एक केजीबीवी-एक खेल' जैसी पहलें भी छात्राओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही हैं। भवन मरम्मत का भी तेजी से हो रहा कार्य भवन मरम्मत कार्यों में भी तेजी आई है। वर्ष 2025-26 में बलरामपुर में 80% कार्य प्रगति दर्ज की गई है। अन्य जनपदों में भी मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य निरंतर प्रगति पर हैं। निर्माण कार्यों से जुड़े आंकड़े बता रहे हैं कि प्रदेश में केजीबीवी के अंतर्गत आधारभूत ढांचे का विस्तार तेज गति से हुआ है और अब अधिकांश कार्य हैंडओवर की अंतिम प्रक्रिया में हैं। आंकड़ों के मुताबिक बाराबंकी में कुल 34 कार्य (20 अतिरिक्त डॉरमिटरी, 13 कंप्यूटर लैब, 1 टॉयलेट ब्लॉक), हरदोई में 33 कार्य (4 हॉस्टल, 16 डॉरमिटरी, 6 कंप्यूटर लैब, 7 टॉयलेट ब्लॉक) तथा लखीमपुर खीरी में 27 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी क्रम में बरेली (25), गोंडा (22), देवरिया (18) और लखनऊ (17) सहित कई जनपदों में भी निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं। यानी बड़ी संख्या में निर्माण कार्य धरातल पर पूर्ण हो चुके हैं और अब हैंडओवर की प्रक्रिया प्रगति पर है। योगी सरकार ने पहले चरण में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है और अब उसे व्यवस्थित रूप से विद्यालयों को सौंपकर छात्राओं के उपयोग में लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे शीघ्र ही इन सुविधाओं का पूर्ण लाभ बालिकाओं को मिल सकेगा।

प्रख्यात गायिका आशा भोंसले के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संगीत जगत की स्वर-साम्राज्ञी एवं महान गायिका पद्मविभूषण आशा भोंसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे कला और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर अपने शोक संदेश में कहा कि आशा भोंसले की अद्वितीय गायकी ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके मधुर स्वर सदैव देशवासियों के मन में गूंजते रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों एवं प्रशंसकों को इस कठिन समय में धैर्य व संबल प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा कि आशा भोंसले का योगदान भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर के रूप में सदैव याद किया जाएगा।

नंदकुमार रैली में योगी आदित्यनाथ का बड़ा हमला, बोले— TMC का मतलब तुष्टिकरण, माफियाराज और कट मनी की राजनीति

पूर्वी मेदिनीपुर. पश्चिम बंगाल के नंदकुमार विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज टीएमसी का मतलब “तुष्टिकरण, माफिया राज और कट मनी” बनकर रह गया है, जिसने बंगाल की विकास यात्रा को बाधित किया है। मुख्यमंत्री ने टीएमसी के ‘मां-माटी-मानुष’ के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज बंगाल में मां-बहन असुरक्षित हैं, माटी घुसपैठियों के कब्जे में और मानुष भयभीत व असहाय है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि बंगाल को फिर से उसकी सांस्कृतिक पहचान, सुरक्षा और विकास के मार्ग पर लाने के लिए परिवर्तन आवश्यक है।  तुष्टिकरण, लूट, अराजकता की चुनौतियों से जूझता बंगाल मुख्यमंत्री ने बंगाल की महान सांस्कृतिक धरा को नमन करते हुए कहा कि बंगाल प्रेरणा की भूमि है, जिसने भारत को दिशा दी है। यहां से स्वामी विवेकानंद ने विश्व मंच पर सनातन का परचम लहराते हुए कहा कि गर्व से कहो कि हम हिंदू हैं। इसी भूमि पर खुदीराम बोस ने देश के लिए हंसते-हंसते बलिदान दिया और सुभाष चंद्र बोस ने आजादी का बिगुल फूंका। रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और लाहिड़ी महाशय जैसे संतों की परंपरा तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रनायकों ने इस भूमि को गौरव प्रदान किया। इसी धरती ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा रचित “जन गण मन” और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के “वंदे मातरम्” जैसी अमर धरोहरें दीं, जो भारत की स्वतंत्रता का मंत्र बनीं। लेकिन आज वही बंगाल तुष्टिकरण, लूट, अराजकता और गुंडागर्दी की चुनौतियों से जूझ रहा है, जहां कृषि प्रधान क्षेत्र का किसान अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा रहा और सरकार आवश्यक सुविधाएं देने में विफल साबित हो रही है। बंगाल में डेमोग्राफी बदलने का कुत्सित प्रयास मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में डेमोग्राफी बदलने के कुत्सित प्रयास और तुष्टिकरण की राजनीति विकास में बाधा बन रही है। स्वतंत्रता के समय बंगाल देश की अर्थव्यवस्था का लगभग एक-तिहाई हिस्सा था, लेकिन धीरे-धीरे उद्योग, कल-कारखाने और एमएसएमई सेक्टर कमजोर होते गए तथा कला, संस्कृति और शिक्षा पर राजनीति हावी हो गई। पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और बीते वर्षों में टीएमसी शासन में स्थिति और बिगड़ी। कभी आर्थिक शक्ति का केंद्र रही यह उर्वर भूमि आज भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण कमजोर पड़ती दिख रही है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि मां महाकाली और मां दुर्गा की इस पावन धरा को तुष्टिकरण और अराजकता का प्रतीक नहीं बनने देना है, बल्कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ कर अवैध गतिविधियों पर रोक लगानी होगी।  बंगाल से भी गंभीर स्थिति कभी यूपी में थी मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार की अराजकता, गुंडागर्दी, लूट और तुष्टिकरण आज बंगाल में देखने को मिल रहा है, उससे मिलती-जुलती बल्कि उससे भी गंभीर स्थिति 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में थी, जब हर तीसरे दिन दंगे होते थे, त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे और प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य के रूप में जाना जाता था। 2017 में नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हालात पूरी तरह बदले और अब न कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा। कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई, दंगे रुके, महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई हुई, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिला और हर वर्ग के लिए विकास की योजनाएं लागू हुईं। सीएम ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण को इस परिवर्तन का प्रतीक बताते हुए कहा कि अब जरूरत है बंगाल में विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की।  माफिया का इलाज भी करता है यूपी का बुलडोजर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कोलकाता का मेयर चुनौती देता है, कहता है कि बंगाल की आधी आबादी उर्दू बोलेगी, यानी बांग्ला और बंगाली पहचान को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। यह एक साजिश है और इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। जो लोग कहते हैं कि यहां उर्दू बोली जाएगी, उन्हें स्पष्ट कर दो कि उर्दू जहां बोली जाती है, वहीं बोली जाएगी, बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। बंगाल की कला, संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, बहन-बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसे उत्तर प्रदेश का बुलडोजर सख्त जवाब देगा। यूपी का बुलडोजर केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, यह माफिया का इलाज भी करता है। और, यह बुलडोजर वहीं प्रभावी ढंग से चलता है, जहां डबल इंजन सरकार की रफ्तार और संकल्प मौजूद होता है। हिंदुओं के कत्लेआम पर चुप रहती हैं ममता मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में डेमोग्राफी बदलने की साजिश की जा रही है। मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम व हावड़ा जैसे जिलों में सामाजिक संतुलन बिगाड़ने की चेष्टा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने रामनवमी जैसे अवसरों पर शोभायात्राओं को रोकने का प्रयास किया और अवैध घुसपैठ सिंडिकेट को बढ़ावा दिया। सीएम योगी ने बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर ममता बनर्जी समेत तमाम राजनीतिक दलों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा को अहम बताते हुए कहा कि लगभग 570 किमी सीमा पर फेंसिंग जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों व घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।  बंगाल को उसकी सांस्कृतिक पहचान व गौरव दिलाना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल, जो कभी “कल्चरल कैपिटल ऑफ इंडिया” के रूप में देश को दिशा देता था, आज अपराध व अराजकता का केंद्र बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सरकार द्वारा 1905 में बंगाल विभाजन का षड्यंत्र रचने और इसके बाद स्वदेशी आंदोलन का स्मरण करते हुए कहा कि “वंदे मातरम्” जैसी प्रेरणा देने वाली इस भूमि को फिर से उसकी सांस्कृतिक पहचान और गौरव दिलाना होगा। उन्होंने तमलुक से सांसद बने अभिजीत गांगुली के चयन पर जनता का अभिनंदन करते हुए अपील की कि भाजपा प्रत्याशी निर्मल खानरा को समर्थन देकर विकास और परिवर्तन के प्रतीक कमल को विजय दिलाएं, ताकि बंगाल को फिर समृद्धि और सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ाया जा सके।

घर-घर पहुंचेंगे अधिकारी, स्मार्ट मीटर समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

लखनऊ  स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर आ रही समस्याएं अब खत्म होंगी। सीएम योगी ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया है। सीएम योगी ने शिकायतों को दुरुस्त करने के लिए निर्देश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद यूपी पावर कारपोरेशन लि. ने पूरे प्रदेश में व्यवस्था सुधारने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए वह जल्द ही 7 दिनों का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत अधिकारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं को जानेंगे और उसका यथाशीघ्र समाधान करेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद उप्र. पावर कारपोरेशन लि. के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बैठक कर जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों का प्रतिदिन निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 7 दिन का विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं के बारे में जानेगा और उसका यथाशीघ्र समाधान करेगा। हर अधिकारी को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी यूपी पावर कारपोरेशन लि. की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। किसी अधिकारी को 10 से 20 उपभोक्ताओं की तो किसी अधिकारी इससे भी ज्यादा उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसमें कॉर्पोरेशन एवं डिस्कॉम के अधिकांश कार्मिकों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस अभियान के जरिये अधिकारी स्मार्ट मीटर और हेल्प लाइन नम्बर 1912 पर मिलने वाली शिकायतों का निदान करेंगे। इसके बाद उस शिकायत का फीडबैक लेकर विभाग को अवगत कराएगा। स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अध्यक्ष डॉ. गोयल ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उप्र. पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार, डिस्काम के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण किया जाए। डिस्कॉम स्तर पर इसके लिए बनाए गये कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सेल लगातार समीक्षा करें। गलत बिलिंग पर जिम्मेदारी तय कर होगी कार्रवाई इसके साथ ही डॉ. आशीष गोयल ने निर्देश दिया कि ओवर बिलिंग या गलत बिल नहीं बनने चाहिए। अगर उपभोक्ता गलत बिलिंग की शिकायत करता है तो तत्काल जांच करके जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। साथ ही गलत बिल तत्काल ठीक किया जाए। इसमें हर स्तर पर सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं को तत्काल हल कराया जाए। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 1912 की लगातार समीक्षा करें। साथ ही इस पर आने वाली शिकायतों खासकर स्मार्ट मीटर से संबंधित सूचना और शिकायतों का उसी दिन निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. आशीष गोयल ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं, उनसे संपर्क कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि उन्होंने रिचार्ज क्यों नहीं कराया। यह भी समझा जाएगा कि उन्हें किस तरह की समस्या आ रही है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के रिचार्ज कराने के बावजूद कनेक्शन नहीं जुड़ा है, उनके मामलों की भी गहन जांच कर तत्काल समाधान किया जाएगा।