samacharsecretary.com

भारत बना इनोवेशन का पावरहाउस, पेटेंट आवेदनों में 30% से अधिक की बढ़ोतरी

नई दिल्ली देश में वित्त वर्ष 26 में रिकॉर्ड पेटेंट फाइलिंग पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का इनोवेशन इंजन अब रुकने वाला नहीं है। वित्त वर्ष 26 में भारत में रिकॉर्ड 1.43 लाख पेटेंट फाइल किए गए हैं और इसमें पिछले साल की तुलना में 30.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर किया पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह वृद्धि आत्मविश्वासी और तेजी से विकसित हो रहे भारत को दर्शाती है जो वैश्विक इनोवेशन के पावरहाउस के रूप में लगातार उभर रहा है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में कुल पेटेंट आवेदनों में से 69 प्रतिशत से अधिक घरेलू थे। रुकने वाला नहीं है भारत का इनोवेशन इंजन केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि भारत का इनोवेशन इंजन अब रुकने वाला नहीं है! वित्त वर्ष 2025-26 में हमारे पेटेंट आवेदनों की संख्या ऐतिहासिक रूप से बढ़कर 1.43 लाख से अधिक हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। आंकड़ों में सबसे टॉप पर तमिलनाडु आंकड़ों के अनुसार, भारत में वित्त वर्ष 2026 में 1,43,729 पेटेंट आवेदन दर्ज किए गए, जो वित्त वर्ष 2025 के 1,10,375 आवेदनों से अधिक हैं। घरेलू आवेदनों की संख्या 98,771 रही, जो पिछले वर्ष के 68,201 आवेदनों से काफी अधिक है। राज्यों में, तमिलनाडु 22,995 पेटेंट आवेदनों के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद कर्नाटक और महाराष्ट्र का स्थान था। निकायों के योगदान को भी सराहा केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई और सार्वजनिक अनुसंधान एवं विकास निकायों के बढ़ते योगदान का जिक्र किया। कहा कि अकेले शैक्षणिक संस्थानों का कुल पेटेंट आवेदनों में 36.5 प्रतिशत हिस्सा था, जो इनोवेशन को बढ़ावा देने में शिक्षा जगत के मजबूत प्रयासों को दर्शाता है। भारत की छवि में हुआ सुधार केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि हम विश्व में छठे सबसे बड़े पेटेंट आवेदक हैं, जो ग्लोबल इनोवेशन पावरहाउस बनने के लिए तैयार भारत के आत्मविश्वास को दर्शाता है। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन के आंकड़ों के अनुसार, इनोवेशन के क्षेत्र में भारत की वैश्विक स्थिति में भी सुधार हुआ है और अब यह विश्व में छठे सबसे बड़े पेटेंट आवेदक के रूप में रैंक करता है। पिछले पांच सालों में आया भारी उछाल पेटेंट आवेदनों में लगातार आठवें वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है, जो देश के बौद्धिक संपदा पारिस्थितिकी तंत्र में निरंतर गति को दिखाता है। पिछले पांच वर्षों में, भारत में पेटेंट दाखिल करने के मामलों में 146 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई है, जो वित्त वर्ष 2021 में 58,503 से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 1,43,729 हो गई है।  

रेल यात्रा में संदेह: 167 बच्चों को कटनी में रोका गया, मानव तस्करी के एंगल से जांच शुरू

कटनी. बिहार से महाराष्ट्र पटना पुणे एक्सप्रेस से ले जाए जा रहे डेढ़ सौ से अधिक मुस्लिम बच्चों को मानव तस्करी की आशंका पर देर रात कटनी स्टेशन में उतारा गया। बाल कल्याण समिति और रेल पुलिस ने बच्चों को बाल सुरक्षा गृह में ठहराया है और जांच कर रही है। शनिवार की रात को महिला बाल विकास विभाग और आरपीएफ को सामाजिक संगठन से सूचना मिली कि पटना पुणे ट्रेन से बड़ी संख्या 7 से 15 वर्ष के बच्चों को लेकर महाराष्ट्र ले जा रहे है और मानव तस्करी की आशंका है। मामला की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपीएफ, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी और बाल सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रेन के कटनी स्टेशन पहुंचते ही, सभी बच्चों को ट्रेन से नीचे उतारकर अपनी निगरानी में लिया। ट्रेन से 167 बच्चे उतारे गए और उनसे काउंसलिंग की गई। मदरसे में दाखिला कराने की बात सामने आई मनीष तिवारी बाल सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि ट्रेन से उतारे गए बच्चों में अधिकांश मुस्लिम समुदाय के हैं, जिन्हें बिहार से महाराष्ट्र जाया जा रहा था। बच्चों को ले जाने वालों से दस्तावेज मिले हैं, जिसमें मदरसे में बच्चों का दाखिला कराने की बात सामने आई है। आरपीएफ और बाल सुरक्षा अधिकारी के अलावा बाल विकास कल्याण की टीम मामले की जांच कर रही है। रात को 80 बच्चों को जबलपुर के बाल गृह और बाकी को कटनी के बाल गृह में रखा गया है। बिहार में जिन क्षेत्रों से बच्चे ले जाए जा रहे थे, वहां से संपर्क किया जा रहा है और उसके बाद वास्तविक बात सामने आ सकेगी।

अबू धाबी में विदेश मंत्री की कूटनीतिक सक्रियता, भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर फोकस

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट संकट (Midlle East Crisis) के बीच भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दौरे पर हैं. जहां अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की. इस मुलाकात को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बेहद ही सार्थक और उपयोगी बताया. साथ ही विदेश मंत्री ने बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय हालात में हो रहे बदलावों और उसके व्यापक प्रभावों पर चर्चा हुई. विदेश मंत्री ने यूएई सरकार का जताया आभार एस जयशंकर ने यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किए जाने के लिए यूएई सरकार के प्रति गहरा आभार जताया. उन्होंने विश्वास जताया कि भारत‑यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होती जाएगी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अपनी आधिकारिक यात्रा की शुरुआत भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत से की. ऊर्जा संबंधों को किया जा रहा और मजबूत विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि जयशंकर और केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का खाड़ी देशों का दौरा, पश्चिम एशिया में बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान बोलते हुए, MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ये दौरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर किए जा रहे हैं, ताकि भारत की ऊर्जा साझेदारियों को बढ़ावा दिया जा सके और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके. मारीशस के बाद यूएई में जयशंकर एस जयशंंकर दो-दिवसीय दौरे पर यूएई पहुंचे है. विदेश मंत्री मॉरीशस की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे. मॉरीशस में उन्होंने नौवें हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लिया था. जयशंकर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था कि मैंने संयुक्त अरब अमीरात की अपनी यात्रा की शुरुआत भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत से की. मैंने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच उनकी भलाई और सुरक्षा के लिए भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में बात की. इस कठिन समय में स्थानीय समाज के प्रति उनके योगदान की सराहना की जाती है.  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – राज्य सरकार शासकीय संस्थानों में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल.  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय, रीवा में नव स्थापित गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक उपकरणों का निवास कार्यालय भोपाल से वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि आमजन को शासकीय संस्थानों में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को साकार करती है। उन्होंने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल), सिंगरौली का आभार व्यक्त किया। एनसीएल ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत इन आधुनिक मशीनों की स्थापना में सहयोग किया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस सुविधा से न केवल मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा, बल्कि चिकित्सा विद्यार्थियों को भी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सरकार निरंतर प्रयासरत है कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया जाए, जिससे मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की पहल चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी। नव स्थापित गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में 20 बेड की व्यवस्था की गई है, जिसमें 16 सामान्य बेड एवं 4 आईसीयू बेड शामिल हैं। विभाग में एडवांस्ड गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी स्किल लैब की स्थापना की गई है, जो आधुनिक इंटरवेंशनल एंडोस्कोपी तकनीकों से सुसज्जित है। इन अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से जटिल रोगों जैसे लिवर संबंधी बीमारियाँ, पित्त नली की पथरी, कैंसरजनित पीलिया, पैंक्रियाटाइटिस, आंतों के रोग, अल्सरेटिव कोलाइटिस तथा अन्य गंभीर गैस्ट्रोएंटरोलॉजिकल समस्याओं का सटीक एवं प्रभावी उपचार अब स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा। ये मशीने अत्यंत उन्नत डायग्नोस्टिक एवं चिकित्सीय प्रक्रियाओं को कम समय में, अधिक सटीकता के साथ संपन्न करने में सक्षम हैं। इंटरवेंशनल एंडोस्कोपी के माध्यम से बिना बड़े ऑपरेशन के कई जटिल प्रक्रियाएँ की जा सकती हैं, जिससे मरीजों को कम दर्द, शीघ्र रिकवरी एवं कम खर्च में उपचार उपलब्ध होता है। विभाग द्वारा 6 अप्रैल से संचालन प्रारंभ होने के पश्चात अब तक 18 सफल प्रक्रियाएँ संपन्न की जा चुकी हैं, जो इसकी उपयोगिता और दक्षता को दर्शाता है। इस अवसर पर सांसद जनार्दन मिश्र, डीन डॉ सुनील अग्रवाल, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग डॉ एम एच उस्मानी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।  

आबू रोड में बड़ा फर्जीवाड़ा: 2023 से 2026 तक प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश

स‍िरोही स‍िरोही के आबू रोड में फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में 7 ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को सस्‍पेंड कर द‍िया गया है. जांच पूरी होने तक न‍िलंब‍ित रहेंगे. मामले में जांच टीम गठ‍ित कर दी गई है. आबू रोड की 32 ग्राम पंचायत में साल 2023 से 2026 तक जारी सभी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच के न‍िर्देश द‍िए गए हैं. डीएम ने 10 द‍िन में र‍िपोर्ट देने के न‍िर्देश द‍िए हैं. शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई   सबसे पहले जिला परिषद सीईओ को शिकायत दी गई थी, लेकिन यहां पर कार्रवाई नहीं हुई तो सीएमओ में शिकायत की. इसके बाद जिला कलेक्टर ने टीम का गठन करके र‍िपोर्ट मांगी है.  जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी बनाए   प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह फर्जी प्रमाण पत्र बीमा क्लेम पाने के ल‍िए बनाए गए थे. आबू रोड के खडात में 42, सियावा में 24, उपलागढ़ में 95 प्रमाण पत्र और निचलागढ़ में 40 फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए हैं. निचलागढ़ में 154 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले सामने आए हैं. प्रमाण पत्र पर ग्राम विकास अधिकारी के हस्ताक्षर पाए गए हैं. जिला परिषद को कई बार इसकी शिकायत की गई, इसके बाद भी जिला परिषद के सीईओ ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि इस पूरे प्रकरण में जिला परिषद के अधिकारियों का संरक्षण सामने आ रहा है.

लखपति दीदी सुमा उइके : संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी

भोपाल.  बालाघाट जिले के कटंगी विकासखंड के ग्राम भिजयापार की श्रीमती सुमा उइके आज “लखपति दीदी” के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उनकी सफलता की कहानी इतनी प्रेरणादायक है कि इसका उल्लेख प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 जून 2025 को प्रसारित “मन की बात” कार्यक्रम में भी किया गया। संघर्षों से भरी थी शुरुआत जनजातीय परिवार से आने वाली सुमा उइके का जीवन पहले बेहद सीमित दायरे में था। वे केवल घर-गृहस्थी तक ही सीमित थीं और परिवार की आय का मुख्य स्रोत मजदूरी था। उनकी व्यक्तिगत मासिक आय मात्र 4500 रुपए थी, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन था। स्वयं सहायता समूह बना बदलाव की कुंजी वर्ष 2019 में सुमा उइके “जनजातीय आजीविका स्वयं सहायता समूह” से जुड़ीं और यहीं से उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई। समूह के माध्यम से उन्हें बचत, ऋण प्रबंधन और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिली। उन्होंने रिवाल्विंग फंड (RF) की सहायता से जैविक मशरूम उत्पादन शुरू किया, जिससे आय के नए रास्ते खुले। कई आजीविका गतिविधियों से बढ़ी आय आगे बढ़ते हुए सुमा दीदी ने जनपद पंचायत कटंगी में कैंटीन संचालन की जिम्मेदारी संभाली, जिससे उन्हें नियमित आय मिलने लगी। इसके बाद उन्होंने बैंक से 6 लाख रुपए का मुद्रा ऋण लेकर थर्मल थेरेपी सेंटर की शुरुआत की। इन गतिविधियों के माध्यम से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई, बल्कि उन्होंने अपने समूह की अन्य महिलाओं को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। कैंटीन और थेरेपी सेंटर में समूह की सदस्य महिलाएं भी कार्य कर रही हैं, जिससे उनकी आजीविका भी सशक्त हुई है। आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा आज सुमा उइके की व्यक्तिगत मासिक आय 19 हजार रुपए तक पहुंच गई है, जबकि परिवार की कुल आय 32 हजार रुपए हो गई है। यह बदलाव उनके संघर्ष, मेहनत और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। बनीं प्रेरणा और मिसाल आज सुमा उइके न केवल अपने परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। वे अन्य महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। नारी सशक्तिकरण की प्रतीक सुमा उइके की यह यात्रा बताती है कि यदि अवसर, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास मिले, तो कोई भी महिला अपनी परिस्थितियों को बदल सकती है। आज वे “लखपति दीदी” बनकर नारी सशक्तिकरण की एक सशक्त प्रतीक के रूप में उभरी हैं। 

अफीम और गांजे पर पुलिस का बड़ा प्रहार, राजस्थान में 5860 पौधे नष्ट और 7 गिरफ्तार

जयपुर राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए एक ही दिन में राज्य के सात जिलों में 7 बड़ी कार्रवाइयां की हैं. इस अभियान में 5860 अफीम के पौधे नष्ट किए गए, 85 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त और लगभग 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया. कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें गुजरात पुलिस का वांछित अपराधी भी शामिल है. इन जिलों में हुई कार्रवाई राजसमंद (खमनोर थाना): ऑपरेशन गांजाजुली के तहत 5860 अफीम के पौधे नष्ट किए गए. 12.130 किलोग्राम गांजा बरामद कर 1 आरोपी गिरफ्तार.     बाड़मेर (सदर थाना): 76.108 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार.     बाड़मेर (गुढ़ामलानी थाना): 7.960 किलोग्राम डोडा-चूरा बरामद.     कोटा (कुन्हाड़ी थाना): 1.750 किलोग्राम गांजा बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार.     कोटा (नयापुरा थाना): 432.984 ग्राम गांजा बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार.     जयपुर (पत्रकार कॉलोनी थाना): 16.20 ग्राम गांजा, 154 ग्राम डोडा पोस्त पाउडर और 2780 रुपये नकद बरामद, 1 आरोपी गिरफ्तार. प्रतापगढ़: गुजरात पुलिस का वांछित अपराधी गिरफ्तार. पुलिस का दावा एएनटीएफ की इन सातों कार्रवाइयों से नशे के तस्करों पर बड़ा प्रहार हुआ है. पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

रविवार को बड़ा हादसा: खंडवा टैक्स ऑफिस में आग से महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खाक

खंडवा. शहर के जेल रोड स्थित संयुक्त वाणिज्यकर कार्यालय में रविवार दोपहर आग लग गई। आग में कार्यालय में जरूरी सामान व दस्तावेज जल गए। रविवार की वजह से कार्यालय बंद था। धुआं देखकर आसपास रहने वाले लोगों ने वहां पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सुबह चौकीदार ने आसपास की झाड़ियों में आग लगाई थी। आशंका है कि वहीं से आग कार्यालय तक पहुंची।

POCSO केस में हाईकोर्ट का अहम निर्णय: ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द, आरोपी बरी

बिलासपुर. पॉक्सो एक्ट और अपहरण के मामले में दोषी ठहराए गए युवक को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया। कबीरधाम निवासी दीपक वैष्णव पर आरोप था, कि उसने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। ट्रायल कोर्ट (पॉक्सो कोर्ट, मुंगेली) ने आरोपी को आईपीसी की धारा 363, 366 और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए 20 साल तक की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने पूरे मामले की गहन समीक्षा के बाद पाया कि, पीड़िता और आरोपी के बीच पहले से मोबाइल पर बातचीत होती थी। पीड़िता ने खुद स्वीकार किया कि वह आरोपी के साथ अपनी इच्छा से गई थी। दोनों ने कई शहरों (मुंगेली, रायपुर, हैदराबाद, विजयवाड़ा, अग्रपाली) की यात्रा साथ की। लगभग एक महीने तक दोनों साथ रहे और इस दौरान पीड़िता ने कहीं भी विरोध या शिकायत नहीं की। कोर्ट ने कहा कि यह परिस्थिति जबरदस्ती या प्रलोभन को साबित नहीं करती। मेडिकल जांच में शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं मिली। एफएसएल रिपोर्ट भी नेगेटिव रही। यौन संबंध के संबंध में कोई ठोस चिकित्सीय प्रमाण नहीं मिला। इन तथ्यों ने अभियोजन पक्ष की कहानी को कमजोर कर दिया। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि, यदि लड़की खुद अपनी इच्छा से आरोपी के साथ जाती है और आरोपी द्वारा कोई प्रलोभन या दबाव साबित नहीं होता, तो इसे किडनैपिंग नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ साथ जाना अपराध नहीं है, जब तक यह साबित न हो कि आरोपी ने लड़की को गलत उद्देश्य से बहकाया या मजबूर किया। हालांकि, पीड़िता नाबालिग थी (करीब 15 साल 10 माह), लेकिन कोर्ट ने कहा कि, परिस्थितियों और सबूतों के आधार पर अभियोजन यह साबित नहीं कर पाया कि यह जबरन या शोषण का मामला था। पीड़िता के बयान और व्यवहार से स्वेच्छा स्पष्ट होती है। ऐसे में संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने एस. वर्धराजन बनाम स्टेट ऑफ मद्रास और हालिया फैसले टिल्कू उर्फ तिलक सिंह बनाम स्टेट ऑफ उत्तराखंड का हवाला देते हुए कहा कि 16-18 वर्ष के बीच की उम्र में लड़की में सही-गलत समझने की क्षमता होती है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द करते हुए आरोपी दीपक वैष्णव सभी आरोपों से बरी कर दिया।

ईरान का तीखा रुख: अमेरिका को सुनाई खरी-खरी, वार्ता में क्यों आई रुकावट

तेहरान.  अमेरिका और ईरान की बातचीत विफल हो चुकी है। इसके बाद तमाम बयान आ रहे हैं। इसी कड़ी में ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ का भी बयान आया है। ईरानी डेलीगेशन का हिस्सा रहे, गालिबाफ ने स्पष्ट कहाकि अमेरिका ईरान का भरोसा जीतने में नाकाम रहा। उन्होंने रविवार को इस बारे में बयान जारी करते हुए कहाकि ईरानी डेलीगेशन में शामिल मेरे साथियों ने बेहद सकारात्मक पहल की। गालिबाफ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि लेकिन दूसरी तरफ से बातचीत में विश्वास ही नहीं दिखाया गया। वहीं, ईरान के पूर्व वित्तमंत्री जरीफ ने वार्ता खत्म होने का दोष अमेरिका पर डाला है। ईरान के पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने कहाकि अमेरिका ने अपनी शर्तें थोपने की कोशिश की। इसी वजह से यह वार्ता विफल रही। जरीफ ने 2015 की परमाणु वार्ता में अपने देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। जरीफ ने कहाकि कोई भी वार्ता, कम से कम ईरान के साथ, केवल आपकी शर्तों के आधार पर सफल नहीं होगी। उन्होंने आगे कहाकि अमेरिका को यह सीखना होगा कि आप ईरान पर शर्तें थोप नहीं सकते। सीखने में अभी भी बहुत देर नहीं हुई है। कूटनीति कभी खत्म नहीं होती इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहाकि कूटनीति कभी खत्म नहीं होती। यह राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का एक जरिया है। उन्होंने कहाकि किसी भी हालात में, कूटनीतिक तंत्र को ईरानी राष्ट्र के अधिकारों और हितों को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहाकि कूटनीति उन लोगों के साथ खड़ी है जो अपनी मातृभूमि की रक्षा कर रहे हैं और हर तरह के बलिदान के लिए तैयार हैं। बाकाई ने कहाकि ये बातचीत ईरान पर थोपे गए 40-दिनों के युद्ध के बाद अविश्वास और शक के माहौल में हुई थी। उन्होंने कहाकि इसलिए, यह उम्मीद नहीं थी कि बातचीत किसी आम सहमति तक पहुंचेगी। दोनों पक्ष लौटे अपने घर अमेरिकी पक्ष ने वार्ता असफल रहने का कारण बताते हुए कहाकि उसने ईरान के सामने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव रखा। अमेरिका का प्रतिनिधित्व उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस, राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर कर रहे थे। ईरान के प्रतिनिधिमंडल में संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबफ एवं विदेश मंत्री अब्बास अराघची सहित कुल 71 लोग शामिल थे। वार्ता समाप्त होने के बाद दोनों पक्ष अपने-अपने देश लौट चुके हैं। 21 घंटे तक चली बात वेंस ने वार्ता के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहाकि हम पिछले 21 घंटे से बात कर रहे हैं। हमने कई अहम मुद्दों पर बात की। बुरी खबर यह है कि हमारे बीच समझौता नहीं हो सका। मुझे लगता है कि यह हमसे ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है। उन्होंने कहाकि राष्ट्रपति ट्रंप ने हमसे कहा था कि आपको यहां नेक नीयत से आना होगा और किसी समझौते तक पहुंचने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना होगा। हमने वैसा ही किया, लेकिन दुर्भाग्य से, हम कोई भी प्रगति नहीं कर पाए। उन्होंने कहाकि 21 घंटे चली बातचीत के बाद भी ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता नहीं जताई। अब होर्मुज पर भी सवाल ईरान ने वार्ता के लिए 10 सूत्रीय योजना पेश की थी, जिसमें पश्चिम एशिया से अमेरिकी सैनिकों की वापसी, ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण शामिल था। दोनों पक्षों के बीच आमने-सामने की बातचीत के बावजूद समझौता न हो पाने से दो सप्ताह के नाजुक युद्धविराम की प्रभावशीलता और वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए होर्मुज को फिर से खोलने की संभावना पर सवाल खड़े हो गए हैं।