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बीजापुर के 224 गांवों में विकास की लहर, नियद नेल्लानार और सरकारी योजनाओं से हो रहा बदलाव

बीजापुर में विकास की नई दस्तक: नियद नेल्लानार, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास से बदल रही 224 गांवों की तस्वीर दशकों से विकास से कटे इलाकों में पहुंचा रोजगार, राशन, शिक्षा और सुरक्षित आवास; 5 लाख मानव दिवस सृजित वापस लौटे गांव, बदली जिंदगी: नक्सल इलाके में विकास की सशक्त कहानी रायपुर  लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण विकास से अछूते रहे बीजापुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अब बदलाव की बयार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से उन गांवों तक विकास की पहुंच बनी है, जहां दशकों तक नक्सल प्रभाव के कारण बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई थीं। अब इन क्षेत्रों में रोजगार, आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो रहा है, जिससे लोगों के जीवन में ठोस परिवर्तन दिखाई दे रहा है। बीजापुर जिले में नियद नेल्लानार योजना के तहत 42 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से 67 ग्राम पंचायतों के 224 गांवों को शामिल किया गया है। इस पहल में मनरेगा की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के निर्माण को गति मिली है, जिससे ग्रामीणों को अपने ही गांव में काम और अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। 16 हजार से अधिक परिवारों को रोजगार का सहारा इन ग्रामों में अब तक 16,671 जॉब कार्ड पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7,271 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। इससे हजारों परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें 966 आत्मसमर्पित नक्सली, 178 घायल पीड़ित परिवार और 477 मृतक नक्सल पीड़ित परिवारों के जॉब कार्ड बनाकर उन्हें मनरेगा योजना से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका का आधार मिल रहा है। पहली बार दिखा विकास का व्यापक असर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नियद नेल्लानार क्षेत्रों में 1,744 विकास कार्य कराए गए हैं, जिनके माध्यम से 5 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित हुए हैं। इन कार्यों के जरिए न केवल स्थानीय स्तर पर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिला है, बल्कि पलायन में भी कमी आई है और ग्रामीणों का शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। आजीविका डबरी बन रही आय का सशक्त जरिया नियद नेल्लानार क्षेत्र में 372 आजीविका डबरी की स्वीकृति देकर ग्रामीणों को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की गई है। जनपद पंचायत भैरमगढ़ के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलनार, जहां कभी नक्सली दहशत के कारण ग्रामीण गांव छोड़कर विस्थापित होने पर मजबूर थे, अब पुनः जीवन की मुख्यधारा में लौट आया है। नियद नेल्लानार योजना में शामिल होने के बाद ग्रामीण अपने गांव लौट आए हैं। उनके आजीविका संवर्धन के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में हितग्राही सहदेव कोरसा, लखु और सुदरू कोरसा की आजीविका डबरी पूर्ण हो चुकी हैं। इन डबरियों में मत्स्य पालन एवं हॉर्टिकल्चर विभाग से अभिसरण के माध्यम से मछली पालन एवं सब्जी उत्पादन का कार्य प्रस्तावित है। 2977 परिवारों को मिला पक्का आवास नियद नेल्लानार क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस योजना के तहत कुल 2,977 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अब तक 690 हितग्राहियों के पक्के आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इन आवासों में अब परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। गांव-गांव में बदलाव की सजीव तस्वीर जनपद पंचायत बीजापुर के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम दुगाली में मनरेगा से निर्मित कुआं अब 100 से अधिक ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा बन गया है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण जहां बोरिंग संभव नहीं थी, वहां यह कुआं स्थायी समाधान बनकर उभरा है। इससे ग्रामीणों को सुलभ पेयजल के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिला है। ग्राम पालनार में, जहां पहले प्रशासन की पहुंच नहीं थी, आज पंचायत भवन, आंगनबाड़ी और गौठान निर्माण कार्य जारी हैं, जिसमें वर्तमान में 200 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। कावड़गांव में 50 वर्षों के भय और अलगाव के बाद अब 100 प्रतिशत ग्रामीण श्रमिकों को जॉब कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही इस गांव में सड़क, बिजली, पेयजल, स्कूल और मोबाइल टॉवर जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच चुकी हैं। सावनार (तोड़का पंचायत) में 9.35 लाख रुपए की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन से 40–45 बच्चों को नियमित शिक्षा और पोषण मिल रहा है। पुसुकोण्टा (उसूर) में 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी भवन ने बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया है। धरमारम और तोड़का क्षेत्र में उचित मूल्य दुकानों के निर्माण से अब ग्रामीणों को गांव में ही राशन मिल रहा है। ग्राम बांगोली में, जहां पहले 18 किलोमीटर दूर जाकर राशन लाना पड़ता था, अब 524 परिवारों को गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध हो रही है। युवाओं का कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पुनर्वासित आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे वे निर्माण कार्यों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के प्रभावी अभिसरण से बीजापुर के अंदरूनी गांवों में अब विकास ने गति पकड़ ली है। रोजगार, बुनियादी ढांचे और शासन के प्रति बढ़ते विश्वास के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जो विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है। बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बस्तर में समृद्धि की नई राह : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के जिन गांवों तक कभी विकास की पहुंच नहीं थी, वहां आज नियद नेल्लानार योजना और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं के माध्यम से नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ है। हमारी सरकार का स्पष्ट विश्वास है कि जब विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब ही स्थायी शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इन क्षेत्रों में रोजगार सृजन, सुरक्षित आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के विस्तार से न केवल लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, बल्कि शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील नीतियों, … Read more

ग्वादर के पास नौसैनिक जहाज को बनाया गया निशाना, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस्लामाबाद  पाकिस्तान की नेवी के एक जहाज पर अरब सागर में हमला हुआ है। इसमें कम से कम तीन पाकिस्तानी नौसेना कर्मियों की मौत हुई है। बलूचिस्तान पोस्ट ने बताया है कि रविवार को जिवानी खाड़ी के पास पाकिस्तान के एक नौसैनिक जहाज को निशाना बनाकर उड़ा दिया गया। इस हमले ने ध्यान खींचा है क्योंकि क्योंकि यह पहली बार है, जब बलूचिस्तान के पास के समुद्री क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाया गया है। पाकिस्तानी आर्मी और सरकार के लिए यह खासतौर से चिंता बढ़ाने वाला है क्योंकि अटैक रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण ग्वादर पोर्ट के पास हुआ है स्थानीय मीडिया के अनुसार, ग्वादर के पास समुद्र में पाकिस्तान नौसेना की एक नाव पर हमला हुआ। खुले समुद्र में इस तरह की घटना पहली बार हुई है। इसमें पाकिस्तानी नौसेना के तीन जवान मारे गए हैं। अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। स्थानीय एक्सपर्ट मान रहे हैं कि इसके पीछे बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही गुट हो सकते हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह छेड़ रखा है। पाकिस्तान की बढ़ेगी चिंता ईरान में युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट की वजह से पूरे क्षेत्र में समुद्री यातायात प्रभावित है। ऐसे में पाकिस्तान के बंदरगाहों पर कई देशों के बड़े जहाज और कंटेनर लंगर डाल रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में जोखिम के चलते यह क्षेत्र वैकल्पिक केंद्र के रूप में उभरा है। ऐसे समय में पाकिस्तानी समुद्री क्षेत्र के भीतर हुए इस हमले से विदेशी नाविकों के बीच डर और चिंता बढ़ सकती है। बलूचिस्तान के पास पाकिस्तानी नेवी पर हमला आर्मी चीफ असीम मुनीर और शहबाज शरीफ की चिंता को बढ़ाता है। इससे पाकिस्तान के सामने समुद्र की सुरक्षा को बेहतर करने की बड़ी चुनौती सामने आ गई है। इस पूरे क्षेत्र में जमीन पर पहले ही पाकिस्तान की आर्मी पहले ही बीएलए, टीटीपी और दूसरे गुटों के हमलों का सामना कर रही है। बलूचिस्तान में विद्रोह पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से हिंसा और अशांति का सामना कर रहा है। इस क्षेत्र में कई हथियारबंद गुट पाकिस्तानी आर्मी पर हमले करते रहे हैं। कई ऐसे इलाके हैं, जहां जाना भी पाकिस्तानी अफसरों और पुलिस के लिए संभव नहीं है। पाकिस्तान ने कई ऑपरेशन किए हैं लेकिन उसे बहुत ज्यादा कामयाबी नहीं मिली है। बलूचिस्तान में सक्रिय हथियारबंद गुटों का कहना है कि उनके प्रांत के संसाधनों को लूटा जा रहा है। इन गुटों का आरोप है कि बलूचिस्तान के संसाधनों का इस्तेमाल पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांत के लोग कर रहे हैं। ऐसे में वह बलूचिस्तान की आजादी की लड़ाई लड़ रहे है ताकि यहां के लोगों की स्थिति में सुधार हो सके।  

कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की बड़ी कार्रवाई, हजारों महिलाओं को किया गया जागरूक

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर में महिलाओं के साथ बढ़ती छेड़छाड़ और छींटाकशी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने शनिवार को अभियान चलाकर 23 मनचलों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की. इन सभी आरोपियों को शहर के अलग अलग थानों में गिरफ्तार करवाया गया. स्कूल और कॉलोनियों में चलाया जागरूकता अभियान केवल कार्रवाई ही नहीं बल्कि कालिका टीम ने शहर के स्कूल कॉलेज और कॉलोनियों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए. इस दौरान छात्राओं और महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा कानूनों के बारे में विस्तार से बताया गया. हजारों महिलाओं को किया जागरूक टीम ने सार्वजनिक परिवहन जैसे लो फ्लोर बस सिटी बस मिनी बस और अन्य वाहनों में यात्रा कर रही 4,118 महिलाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया. साथ ही उन्हें बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस से कैसे संपर्क करें. गर्ल्स स्कूल और कॉलेज में 1,185 छात्र छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया. इससे छात्राएं खुद को सुरक्षित रखने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हो सकेंगी. राजकॉप ऐप से भी मिलेगी मदद लगभग 989 महिलाओं और बालिकाओं को राजकॉप सिटीजन ऐप के Need Help फीचर के बारे में जानकारी दी गई और मौके पर ही डाउनलोड भी करवाया गया. इससे महिलाएं जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस सहायता ले सकेंगी. ये 5 नंबर जरूर सेव करें अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रानू शर्मा ने बताया कि महिलाएं अपने मोबाइल में निर्भया हेल्पलाइन के पांच नंबर जरूर सेव करें: 8764866090 8764866091 8764866092 8764866093 8764866094 इन नंबरों पर किसी भी परेशानी में कॉल या मैसेज के साथ ऑडियो वीडियो और रिकॉर्डिंग भेजकर तुरंत मदद ली जा सकती है. यह सेवा 24 घंटे सक्रिय रहती है.

मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु मैच में पंड्या ब्रदर्स आमने-सामने, मैदान पर दिखी ठंडक

 मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के एक हाईस्कोरिंग मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से हुआ. 12 अप्रैल (रविवार) को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में आरसीबी ने 18 रनों से जीत हासिल की. आरसीबी ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 240 रन बनाए. जवाब में मुंबई इंडियंस ने 5 विकेट पर 222 रन बनाए. इस मुकाबले में उस वक्त सबकी नजरें ठहर गईं, जब हार्दिक पंड्या और क्रुणाल पंड्या आमने-सामने आए. दोनों भाइयों के बीच मुकाबला सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं दिखा, बल्कि उनके व्यवहार ने रिश्तों में खटास की अटकलों को और हवा दे दी. क्रुणाल ने गेंदबाजी के दौरान अपने छोटे भाई का स्वागत बाउंसर से किया. हार्दिक ने भी बिना कुछ कहे सिर्फ एक ठंडी नजर से जवाब दिया. आमतौर पर मैदान पर मस्ती-मजाक करने वाले ये दोनों भाई इस बार पूरी तरह गंभीर नजर आए. मैच का सबसे बड़ा मोमेंट तब आया जब जैकब डफी ने हार्दिक पंड्या का विकेट लिया. हार्दिक के आउट होते ही क्रुणाल पंड्या ने जोरदार और आक्रामक जश्न मनाया, जिसने फैन्स को चौंका दिया. यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों ने इसे दोनों भाइयों के रिश्ते से जोड़कर देखना शुरू कर दिया. हैंडशेक से भी किया परहेज मामला यहीं नहीं रुका. मैच खत्म होने के बाद हार्दिक पंड्या और क्रुणाल पंड्या ना तो एक-दूसरे से मिले और ना ही हाथ मिलाते नजर आए. यह नजारा और भी ज्यादा चर्चा का कारण बन गया क्योंकि पहले दोनों के बीच काफी करीबी रिश्ते की झलक मैदान पर अक्सर देखने को मिलती थी. दरअसल, इन अटकलों की शुरुआत पहले ही हो चुकी थी. हालिया टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद जहां हर कोई हार्दिक पंड्या की तारीफ कर रहा था, वहीं क्रुणाल पंड्या की तरफ से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आई थी. इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी दोनों के बीच दूरी के संकेत मिले- जैसे जन्मदिन पर शुभकामनाएं ना देना और पर्सनल लाइफ से जुड़ी घटनाओं के दौरान अलग-अलग नजर आना. हालांकि अभी तक दोनों भाइयों की तरफ से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मैदान पर दिखी यह 'ठंडक' अब फैन्स के बीच बड़ी चर्चा का विषय बन चुकी है. फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि यह सिर्फ मैच का जोश था या रिश्तों में सचमुच दूरी आ चुकी है. लेकिन इतना तय है कि इस मुकाबले ने पंड्या ब्रदर्स को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है.  

रांची के तमाड़ में संदिग्ध गतिविधि का खुलासा, निर्माणाधीन भवन से भारी संख्या में युवक पकड़े गए

 तमाड़ झारखंड के विभिन्न जिलों में रविवार को आयोजित उत्पाद सिपाही की परीक्षा के बीच रांची के तमाड़ से एक संदिग्ध और बड़ी घटना सामने आई है. तमाड़ पुलिस ने रड़गांव स्थित एक निर्माणाधीन भवन में छापेमारी कर करीब 150-160 युवकों को हिरासत में लिया है. यह स्थान नेशनल हाईवे से करीब एक किलोमीटर दूर गांव के बाहरी सुनसान इलाके में स्थित है, जहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से पुलिस को संगठित गड़बड़ी का संदेह हुआ. थाना परिसर सील, वरीय अधिकारी कर रहे पूछताछ हिरासत में लिए गए सभी युवकों को तमाड़ थाना लाया गया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन थाना परिसर के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया है और वरीय पुलिस अधिकारी खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं. पुलिस की टेक्निकल टीम हिरासत में लिए गए युवकों के मोबाइल फोन और उनके पास से मिले दस्तावेजों की जांच कर रही है. दस्तावेज और वाहन जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं. इनमें अभ्यर्थियों के नामों की लंबी सूची, उनके मोबाइल नंबर और पहचान पत्रों (जैसे आधार कार्ड) की छायाप्रतियां शामिल हैं. इसके अलावा, वहां आने-जाने के लिए इस्तेमाल किए गए कई वाहनों को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है. नकल गिरोह या अवैध सेटिंग की आशंका प्रारंभिक जांच के अनुसार, हिरासत में लिए गए अधिकांश युवक उत्पाद सिपाही की परीक्षा देने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से रांची पहुंचे थे. पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या इन युवकों को परीक्षा में नकल कराने या किसी विशेष ‘सेटिंग’ के उद्देश्य से यहां जुटाया गया था. पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इसके पीछे किसी संगठित नकल गिरोह का हाथ है या मामला कुछ और है.

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्रिकेटर और कोच अमय खुरासिया की पुस्तक 74 वर्ष बाद पुस्तक का विमोचन किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में क्रिकेटर और केरल के कोच अमय खुरासिया द्वारा लिखित हिन्दी पुस्तक " 74 वर्ष बाद" का विमोचन किया। इस दौरान अमय खुरासिया की बेटी और पुस्तक की सह-लेखिका अमयसी कीर्ति खुरासिया भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमय खुरासिया और सह-लेखिका अमयसी कीर्ति को बधाई दी। यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा में भी लिखी गई है। यह पुस्तक भगवान श्रीकृष्ण के गीता में दिए उपदेशों और युद्ध नीतियों की वर्तमान दौर में उपयोगिता पर आधारित है। खुरासिया ने कोच के रूप में गीता और भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का प्रयोग क्रिकेट टीम की रणनीति बनाने में किया। इसके फलस्वरूप केरल राज्य की टीम ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 74 वर्ष में पहली बार फाइनल तक का सफर तय किया। दिलीप ट्रॉफी जैसे देश के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहली बार केरल के छह खिलाड़ी एक साथ चुने गए। इस पुस्तक के संदर्भ में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, संजय बांगर, श्रीलंका के पूर्व कप्तान दिलीप मेंडिस और बीसीसीआई के पूर्व सचिव संजय जगदाले सहित केरल निवासी अभिनेता मोहनलाल ने भी अपना अभिमत व्यक्त किया हैं।  

स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से बदलेगा जयपुर, ई-चालान और रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी आसान

जयपुर जयपुर में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर बनाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इससे शहर में रोड सेफ्टी को भी सुधारा जाएगा। इस कंट्रोल सेंटर का मुख्य उद्देश्य रियल-टाइम में शहर के ट्रैफिक की निगरानी करना और उसे सुव्यवस्थित बनाना है। गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस संबंध में एक रिव्यू मीटिंग भी ली। इस प्रोजेक्ट के लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस, जयपुर नगर निगम और जयपुर विकास प्राधिकरण एकसाथ मिलकर काम कर रहे हैं। योजना का ब्लू प्रिंट बनाने के लिए डिप्टी कमीशनर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) की अध्यक्षता में एक टीम गठित की गई है। सेंटर बनाने के लिए जमीन की जरूरत AI आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर बनाने के लिए जमीन की जरूरत है और सरकार ने जयपुर विकास प्राधिकरण को जयपुर आयुक्त कार्यालय को जमीन आवंटित करने का निर्देश दिया है, लेकिन अभी तक इसका सीमांकन नहीं हो सका है। नियम तोड़ने वालों की पहचान कर ई-चालान अधिकारियों के मुताबिक AI आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर मौजूदा अभय कमांड सेंटर से ज्यादा एडवांस होगा। यह नियम तोड़ने वालों की पहचान आसानी से कर सकेगा और ऐसे वाहन चालकों को ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) टेक्नॉलजी के जरिए ई-चालान भेजेगा। निगरानी बेहतर होगी AI आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर के जरिए निगरानी बेहतर होगी, पुलिस अधिकारी मौके पर तुरंत पहुंच सकेंगे जिससे ट्रैफिक जाम और रोड सेफ्टी में सुधार होगा। उम्मीद है कि नए कंट्रोल सेंटर से शहर के कुछ सबसे व्यस्त कॉरिडोर जैसे महल रोड, सीकर रोड और न्यू सांगानेर रोड को में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी।

US-ईरान टेंशन का असर, शेयर बाजार धड़ाम—सेंसेक्स 1600 अंक लुढ़का

मुंबई  अमेरिका-ईरान में युद्ध (US-Iran War) थमता नजर नहीं आ रहा है. पाकिस्तान में शांति वार्ता फेल होने के बाद अचानक कच्चे तेल की कीमतों में आए जोरदार उछाल (Crude Oil Price Surge) ने एक बार फिर से शेयर बाजारों का मूड खराब कर दिया है. भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह की तेजी पर ब्रेक लग गया है और सोमवार को ओपनिंग के साथ ही ये क्रैश (Stock Market Crash) हो गया।  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही 1600 अंकों से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 490 अंक के आसपास फिसल गया. इस बीच IndiGo, Bajaj Finance, Asian Paints से लेकर HDFC Bank तक के शेयर धराशायी नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,550 की तुलना में तेज गिरावट के साथ 75,937 के लेवल पर ओपन हुआ और महज कुछ सेकंड में ये गिरते हुए 75,868 पर आ गया. इस बीच एनएसई का निफ्टी-50 भी भरभराकर टूटा और अपने पिछले बंद 24,050 की तुलना में 23,589 पर खुला।  शेयर बाजार में आए इस भूचाल के बीच हर ओर कोहराम मचा हुआ नजर आया. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल सभी 30 शेयर रेड जोन में कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्यादा बिखरने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो IndiGo Share (4%), Maruti Share (3%), Bajaj Finance Share (2.90%), SBI Share (2.80%), Reliance Share (2.70%) और HDFC Bank Share (2.60%) की बड़ी गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  विदेशों से मिले थे खराब संकेत  शेयर बाजार में गिरावट के लिए पहले से ही विदेशों से खराब सिग्नल मिल रहे थे. दरअसल, अमेरिका-ईरान के बीच फिर चरम पर पहुंची टेंशन के चलते एशियाई शेयर मार्केट में हाहाकार मचा था. शुरुआती कारोबार में ही Japan Nikkei 600 अंक, Hongkong HangSeng करीब 400 अंक टूटकर कारोबार कर रहा था।  वहीं South Korea KOSPI समेत अन्य एशियाई शेयर बाजारों में CAC, DAX, FTSE-100 भी गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. इस बीच गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी 280 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था।  क्यों आई शेयर बाजार में गिरावट?  सोमवार को शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे US-Iran के बीच फिर से बढ़ी युद्ध की टेंशन है. पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच बातचीत फेल हुए, तो क्रूड की कीमतों ने छलांग लगा दी. इस बीच अमेरिका-ईरान दोनों ओर से लगातार चेतावनियों का सिलसिला भी जारी है, जिनसे शेयर बाजार निवेशकों का सेंटीमेंट खराब हुआ है और बाजार क्रैश हुआ है। 

कला: अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का सशक्त माध्यम – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही- मंत्री गुरु खुशवंत साहेब  ‘गौरा’ -राष्ट्रीय दृश्य कला प्रदर्शनी रायपुर गौरा में आपका स्वागत है। यह  प्रदर्शनी आने वाले सभी लोगों के लिए खुशी, प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बने। छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा आयोजित तीसरी दृश्य कला प्रदर्शनी ‘गौरा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक महंत घासीदास संग्रहालय, राजभवन के निकट स्थित आर्ट गैलरी, रायपुर में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी देशभर के 100 प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। इस अवसर पर चार विशिष्ट अतिथि कलाकारों की सहभागिता भी रहेगी।        इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 10 अप्रैल 2026 को मुख्य अतिथि गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन व विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. चित्तरंजन कर ,लेखक रायपुर और वेद प्रकाश भारद्वाज,दृश्य कलाकार, कला लेखक, क्यूरेटर और संपादक, नई दिल्ली के करकमलों द्वारा किया जाएगा, जो इस अवसर को गौरवान्वित करेंगे। उद्घाटन के पश्चात प्रदर्शनी  दर्शकों के लिए खुली रही।‘गौरा’ प्रदर्शनी समकालीन भारतीय कला की विविधता, सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति का उत्सव है। यह कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की कृतियों को देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगी।           गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं छत्तीसगढ़ की जीवंत और विविध कलात्मक भावना के उत्सव, सीजीपीएजी की उद्घाटन प्रदर्शनी ‘गौरा’ में आपका स्वागत करता हूँ। यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि इसमें हमारे क्षेत्र के 100 प्रगतिशील कलाकार एक साथ आ रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक ने हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य के कैनवास पर अपनी अनूठी दृष्टि और रचनात्मकता का योगदान दिया है। यह कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है         डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG),रायपुर ने कहा कि कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही है। गौरा के माध्यम से हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ में मौजूद कलात्मक प्रतिभा के समृद्ध ताने-बाने को प्रदर्शित करना है, जो हमारे कलाकारों को अपनी कहानियों, सपनों और दृष्टिकोणों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं है। यह एक संवाद है, कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है, जो आपको व्यक्तिगत स्तर पर कलाकृतियों का पता लगाने, व्याख्या करने और उनसे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण है         घासीदास म्युजियम कला वीथिका रायपुर में (CGPAG) की संगठनात्मक संरचना में डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, जितेन साहू को- ऑर्डिनेटर,शांति तिर्की एसोसिएट को-ऑर्डिनेटर तथा अनिल खोबरागड़े, कोषाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ हमारे कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण हैं।  वे हमारे समय के सार को पकड़ते हैं, उन विषयों को संबोधित करते हैं जो हमारी सामूहिक चेतना-पहचान, विरासत, पर्यावरण और मानवीय अनुभव के साथ प्रतिध्वनित होते हैं। प्रत्येक कृति अपने निर्माता की आत्मा में एक खिड़की है, जो शब्दों से परे अंतर्दृष्टि और भावनाएँ प्रदान करती है। यह कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी         डॉ. ध्रुव तिवारी ने बताया कि जब आप ‘गौरा’ में आगे बढ़ते हैं, तो मैं आपको कलाकृतियों से न केवल दृष्टिगत रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। उन्हें आपसे बात करने दें, आपको चुनौती दें और आपको प्रेरित करें। कला में परिवर्तन लाने, विचार को उकसाने और समझ को बढ़ावा देने की शक्ति है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रदर्शनी आप में से प्रत्येक के भीतर कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और हमें परिभाषित करने वाली रचनात्मक भावना से गहरा संबंध बनाएगी।          डॉ. ध्रुव तिवारीने कहा कि मैं उन सभी कलाकारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस प्रदर्शनी में अपने कामों का योगदान दिया है, साथ ही आयोजकों, प्रायोजकों और समर्थकों के प्रति भी जिन्होंने ‘गौरा’ को संभव बनाया है। कला के इस उत्सव के पीछे आपकी लगन और जुनून प्रेरक शक्तियाँ हैं।       (CGPAG) के बारे में          छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) एक सक्रिय कला मंच है, जो कलाकारों को एकजुट कर समकालीन कला को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है। (CGPAG) की प्रथम प्रदर्शनी ‘सोहाई’ का आयोजन 12 से 14 अप्रैल 2025 तक महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर में आयोजित की गई थी।

ब्रेन डेड मरीज के अंगदान से कई जिंदगियों को मिला नया जीवन, मानवता की मिसाल

रोहतक यह कहानी सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि समय के खिलाफ दौड़ती जिंदगी की एक सांस रोक देने वाली यात्रा है… जहां हर सेकंड की कीमत किसी की धड़कन तय कर रही थी. 9 अप्रैल की दोपहर हरियाणा के रोहतक स्थित पीजीआईएमएस में 37 वर्षीय व्यक्ति ब्रेन हेमरेज के बाद भर्ती हुआ था. उसने होश खो दिया था. डॉक्टरों ने तमाम कोशिशों के बाद उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था. उसी दुख की घड़ी में एक उम्मीद जन्म ले रही थी. एक ऐसा निर्णय, जो कई जिंदगियों को बचाने वाला था. परिवार ने गहरा दर्द सहते हुए ऑर्गन डोनेट के लिए सहमति दे दी. यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन इंसानियत की मिसाल बन गया. कुछ ही घंटों में अस्पताल में सर्जिकल टीम एक्टिव हो गई. शरीर से अंगों को निकालने का काम शुरू हुआ- हार्ट, फेफड़े, लीवर, किडनी और कॉर्निया… हर ऑर्गन किसी न किसी अजनबी के लिए जीवन की नई किरण बनने वाला था. एजेंसी के अनुसार, दिल्ली के ओखला स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में एक 26 साल का युवक भर्ती था, उसे गंभीर डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी थी- एक ऐसी बीमारी जिसमें दिल धीरे-धीरे कमजोर होकर शरीर का साथ छोड़ देता है. डॉक्टरों ने पहले ही बता दिया था कि बिना ट्रांसप्लांट के जीवन ज्यादा लंबा नहीं है. उस दिन जैसे ही उसे मैचिंग हार्ट मिलने की सूचना मिली, अस्पताल में हलचल तेज हो गई. दिल को रोहतक से दिल्ली तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. दिल्ली पुलिस और रोहतक पुलिस ने मिलकर सड़कों को इस तरह खाली कराया जैसे समय खुद रास्ता दे रहा हो. एम्बुलेंस में सुरक्षित रखा गया वह दिल, जो अभी कुछ समय पहले तक किसी और शरीर में धड़क रहा था, अब एक नए जीवन की ओर बढ़ रहा था. सायरन की आवाज के साथ एम्बुलेंस ने 2:50 बजे रोहतक से सफर शुरू किया. हर चौराहा पहले से खाली था, हर ट्रैफिक सिग्नल हरा. यह सिर्फ एक यात्रा नहीं थी, यह एक मानवीय कोशिश थी- जहां सिस्टम, डॉक्टर, पुलिस और आम लोग सभी एक साथ थे. 98 किलोमीटर की यह दूरी सामान्य दिनों में डेढ़ से दो घंटे लेती है, लेकिन उस दिन समय भी हार मान चुका था. मात्र 85 मिनट में एंबुलेंस दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल पहुंच गई. जैसे ही हार्ट सर्जरी थिएटर में पहुंचा, डॉक्टरों की टीम तुरंत एक्टिव हो गई. हर सेकंड कीमती था. मशीनों की बीप, सर्जिकल उपकरणों की हल्की आवाज और डॉक्टरों की एकाग्रता- सब मिलकर उस कोशिश में थे, जहां दिल फिर से धड़कने वाला था. ऑपरेशन सफल रहा. 26 वर्षीय मरीज, जो कुछ समय पहले तक जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था, अब धीरे-धीरे नए दिल की धड़कन महसूस कर रहा था. ICU में उसकी हालत स्थिर बताई गई और डॉक्टरों की निगरानी जारी रही. एक डोनर से कई जिंदगियां बचाई गईं. फेफड़े गुरुग्राम के अस्पताल भेजे गए, लीवर और पैंक्रियास एम्स दिल्ली को मिले, जबकि किडनी और कॉर्निया रोहतक में ही इस्तेमाल किए गए. यह मानवता की कहानी है. यह बताती है कि जब सिस्टम, तकनीक और इंसानियत साथ आते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है. सबसे महत्वपूर्ण उस परिवार का साहस है, जिसने अपने दर्द को दूसरों की उम्मीद में बदल दिया. 98 किलोमीटर की वह सड़क शायद आम दिनों में सिर्फ एक मार्ग है, लेकिन उस दिन वह जीवन की सबसे तेज दौड़ बन गई, जहां एक दिल ने हार मानने से इनकार कर दिया, और कई दिलों को जीने का मौका दे दिया.