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क्या है अमरावती कांड में मोबाइल से डाउनलोड किए गए वीडियो का सच?

अमरावती   महाराष्ट्र के अमरावती में एक ऐसे युवक को गिरफ़्तार किया गया है, जिस पर कम से कम 180 नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने और 350 से ज़्यादा अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है। पुलिस ने एक BJP सांसद की शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए यह गिरफ़्तारी की। युवक की उम्र महज 19 साल है। उसका नाम मोहम्मद अयान अहमद उर्फ तनवीर अहमद है। उसे 21 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि परतवाड़ा शहर के रहने वाले मोहम्मद अयाज़, उर्फ़ तनवीर पर आरोप है कि उसने लड़कियों को लव ट्रैप में फंसाया। लड़कियों को मुंबई और पुणे ले गया और उनके अश्लील वीडियो बनाए। जबरदस्ती यौन शोषण, फिर ब्लैकमेलिंग नागपुर से 180 किलोमीटर दूर, पास के शहर परतवाड़ा और अचलपुर इस स्कैंडल से हिल गए। जो 180 वीडियो बरामद हुए हैं उनमें वह नाबालिग लड़कियों से ज़बरदस्ती करते हुए दिखाई दे रहा है। आरोप है कि अयान अहमद इन वीडियो का इस्तेमाल लड़कियों को ब्लैकमेल करने और उन्हें वेश्यावृत्ति में धकेलने के लिए किया गया। इनमें से कुछ वीडियो ऑनलाइन भी बड़े पैमाने पर शेयर किए गए। अयान के साथ कोई और भी शामिल? आरोपी अयान अहमद तनवीर अहमद पर आरोप है कि उसने लड़कियों को रिश्तों में फंसाया, फिर उनकी मर्ज़ी के बिना वीडियो बनाते हुए उनके साथ शारीरिक और यौन शोषण किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ वीडियो में आरोपी खुद भी दिखाई दे रहा है। वीडियो को देखकर शक है कि किसी दूसरे साथी ने भी इस यौन शोषण का वीडियो बनाने में उसकी मदद की होगी। राज्यसभा सांसद ने किया हंगामा सोमवार को तब हंगामा मच गया जब राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे और BJP के प्रदेश प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी ने अमरावती ग्रामीण SP विशाल आनंद से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने सोशल मीडिया के ज़रिए कई लड़कियों को फंसाया और उनके साथ यौन शोषण किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे ज़ोरदार आंदोलन करेंगे। आंदोलन की धमकी राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे ने पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विशाल आनंद को एक ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि नाबालिगों को WhatsApp और Snapchat ग्रुप्स के ज़रिए सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। अगर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन नहीं किया गया, तो वे बुधवार सुबह वह अपने समर्थकों के साथ SP के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे। आरोपी अब पुलिस हिरासत में है, और उससे ज़्यादा जानकारी हासिल करने के लिए उसके फ़ोन की जांच की जा रही है। साथ ही, साइबर सेल ने सोशल मीडिया से वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पुलिस उन लोगों की पोस्ट पर नजर रख रही है जिन्होंने ये वीडियो डाउनलोड किए हैं और उन्हें दोबारा शेयर कर रहे हैं। इधर सामाजिक बदनामी के डर से अब तक किसी भी पीड़ित या उसके परिवार के सदस्य ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। मैं पीड़ितों के परिवारों से आगे आने की अपील करता हूं और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार उनकी कानूनी और काउंसलिंग सेवाओं का भी ध्यान रखेगी। सीएम देवेंद्र फडणवीस की नजर में मामला अमरावती के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। बावनकुले ने कहा कि मैंने DGP से बात की है, क्योंकि यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है। इस मामले के कई पहलू हैं, जिनका ज़िक्र अभी मीडिया में नहीं किया जा सकता। हम जांच करेंगे और आरोपी के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करेंगे। मोहम्मद अयाज़ कथित तौर पर पहले AIMIM में एक पदाधिकारी के तौर पर काम कर चुका है। उसके सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो और तस्वीरों में, वह MIM के अमरावती अध्यक्ष, हाजी इरफान खान से एक पत्र लेते हुए और पार्टी की रैलियों में सोशल मीडिया 'रील्स' बनाते हुए दिखाई देता है। हालांकि, मामला सामने आने के बाद उसके इंस्टाग्राम अकाउंट से ऐसे कई वीडियो हटा दिए गए हैं।

वेदांता पावर प्लांट हादसे पर उद्योग मंत्री ने जताया गहरा शोक

रायपुर  वाणिज्य, उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना में जानमाल के नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मंत्री देवांगन ने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने कहा कि इस हादसे में श्रमिकों की मृत्यु और कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उद्योग मंत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही  कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर चर्चा कर जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है तथा घायलों को त्वरित और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो और आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मंत्री देवांगन ने स्पष्ट किया कि इस घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध श्रम क़ानून के अंतर्गत सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

IPL 2026: KKR को चेन्नई सुपर किंग्स ने 32 रन से हराया

चेन्नई कोलकाता नाइट राइडर्स यानी केकेआर को आईपीएल 2026 में अभी भी पहली जीत का इंतजार है। केकेआर ने इस सीजन पांच मैच खेल लिए हैं, जिनमें से चार मैचों में हार उनको मिली है और एक मैच बारिश में धुल गया था। एक पॉइंट ही केकेआर के खाते में हैं। मंगलवार 14 अप्रैल को सीएसके के खिलाफ उनको करारी हार मिली। इस हार के पीछे की वजह केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने बताई है। उनका कहना है कि एक बल्लेबाज की जरूरत थी, जो मैच को आखिर तक ले जाए। इसके अलावा उन्होंने टीम कॉम्बिनेशन को भी हार का जिम्मेदार ठहराया है। KKR के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कहा, "बिल्कुल। मुझे लगा कि बॉल से हमने सच में अच्छा किया। इस विकेट पर 190 का स्कोर सच में अच्छा था, खासकर पावरप्ले में जो उन्होंने बनाया, 70 के आस-पास रन। उसके बाद, 190 तक रोकना हमारी बॉलिंग यूनिट का कमाल का काम था। मुझे लगा कि शुरू में हमारी बैटिंग में, हमने पावरप्ले में सिर्फ 36 या 37 रन बनाए। मुझे लगा कि यह सच में जरूरी था। बीच का फेज, स्पिनरों को हिट करना थोड़ा मुश्किल था, लेकिन इसके अलावा, विकेट सच में अच्छा था। हमें एक बैटर की जरूरत थी जो डीप तक बैटिंग करे और फिर आखिर में मैच ले जाए।".  आखिर किंग खान की इस टीम की चमक अचानक कैसे फीकी पड़ गई? यहां वो 5 बड़ी वजहें दी गई हैं जिन्होंने KKR के विजय रथ को पटरी से उतार दिया है.  1. प्रेरणादायक कप्तान का अभाव और रहाणे का गिरता फॉर्म अजिंक्य रहाणे की कप्तानी इस बार सवालों के घेरे में है. टीम में वो जोश और ऊर्जा नहीं दिख रही है जिसके लिए KKR जानी जाती थी. बल्ले से भी रहाणे सामान्य रहे हैं. उन्होंने 5 पारियों में केवल 152 रन बनाए हैं, जिसमें मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक अर्धशतक के अलावा कोई बड़ी पारी नहीं दिखी. रहाणे रणनीतिक फैसलों और टीम को एकजुट करने में अब तक विफल रहे हैं।  2. वरुण चक्रवर्ती: विश्व कप के 'मैच विनर' से आईपीएल के 'फ्लॉप शो' तक  वरुण चक्रवर्ती की नाकामी टीम के लिए सबसे बड़ा झटका है. टी20 विश्व कप 2026 में 14 विकेट चटकाने वाला यह 'मिस्ट्री स्पिनर' आईपीएल में बिल्कुल बेअसर दिख रहा है. इस IPL सीजन वरुण ने 3 मैचों में 9 ओवर की गेंदबाजी जिसमे 105 रन लुटाए और विकेटों का खाता अब तक नहीं खुला है. पावरप्ले में उनसे गेंदबाजी कराने के फैसले की भी काफी आलोचना हो रही है।  3. कैमरून ग्रीन: नाम बड़े और दर्शन छोटे  कैमरन ग्रीन को 2026 के IPL ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने ₹25.20 करोड़ में खरीदा था जिससे वो IPL के इतिहास में सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने. KKR ने ग्रीन पर बड़ा दांव जरूर खेला था, लेकिन वह अब तक पूरी तरह फ्लॉप रहे हैं. ग्रीन ने 5 पारियों (18, 2, 4, 32, 0) में कुल मिलाकर महज 56 रन बनाए हैं. गेंदबाजी में भी 2 मौके पर वह अब तक सिर्फ एक सफलता (LSG के खिलाफ) ही हासिल कर पाए हैं।  4. टॉप ऑर्डर की लगातार नाकामी  टीम की ओपनिंग जोड़ी (फिन एलन और रहाणे) और नंबर 3 पर ग्रीन की विफलता के कारण टीम को ठोस शुरुआत नहीं मिल पा रही है. शुरुआती झटकों के चलते मध्यक्रम पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह ढह रही है।  5. रणनीतिक चूक और रोल क्लैरिटी की कमी  मैदान पर खिलाड़ियों को अपनी भूमिका को लेकर स्पष्टता नहीं दिख रही है. रहाणे के रणनीतिक फैसलों, जैसे कि फॉर्म से बाहर चल रहे वरुण को पावरप्ले में गेंदबाजी देना, टीम के लिए उल्टा साबित हो रहा है. टीम का आत्मविश्वास इतना गिर चुका है कि वो जीते हुए मैच भी करीबी अंतर से हार रहे हैं। 

मध्य प्रदेश में राशन वितरण के लिए चेहरा पहचानने की नई व्यवस्था, जल्द लागू होगा फेस रिकग्निशन

सागर   अब तक राशन के पात्र परिवारों को बाॅयोमेट्रिक वेरिफिकेशन के आधार पर राशन मिलता है, लेकिन साल के अंत तक राशन फेस रिकग्निशन की व्यवस्था के तहत मिलेगा. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि साल के अंत तक पात्र परिवारों को उचित मूल्य दुकानों से फेस रिकग्निशन के माध्यम से राशन वितरण की योजना है. ये व्यवस्था दिसंबर 2026 तक प्रदेश भर में लागू कर दी जाएगी।  अभी तक लागू है बाॅयोमैट्रिक वेरिफिकेशन व्यवस्था सरकार द्वारा राशन वितरण के लिए बाॅयोमेट्रिक वेरिफिकेशन की व्यवस्था लागू है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत पात्र परिवारों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के आधार पर राशन वितरित किया जा रहा है. व्यवस्था के तहत पीओएस मशीन में फिंगर और थंब इंप्रेशन सही पाए जाने पर राशन मिलता है. ऐसे में जो वृद्ध और दिव्यांगजन राशन दुकान तक नहीं पहुंच पाते हैं और उनका बाॅयोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो सकता है या विफल रहता है. ऐसे हितग्राहियों को उनके आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर राशन दिया जाता है।  ऐसे प्रदेश में 44 हजार 671 राशन हितग्राही हैं, जिनके परिवार के सदस्यों को नॉमिनी बनाकर राशन दिया जा रहा है. अब दिसंबर 2026 से फेस रिकग्निशन व्यवस्था के तहत राशन मिलेगा, जिसमें हितग्राही के फेस पैटर्न को एआई टूल्स के जरिए पहचानकर राशन वितरण किया जाएगा।  15 अप्रैल तक होगा राशन वितरण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, '' मार्च 2026 में 2 लाख 72 हजार मीट्रिक टन राशन एक करोड़ 24 लाख 34 हजार परिवारों को वितरित किया जा चुका है. जो परिवार या हितग्राही अब तक राशन नहीं ले पाए हैं, उनको 15 अप्रैल तक राशन वितरण किया जाएगा.'' मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आगे बताया, '' मध्यप्रदेश के 36 हजार 486 परिवार अन्य राज्यों में राशन लेते हैं. वहीं, अन्य राज्यों के 7 हजार 252 परिवार मध्यप्रदेश में राशन लेते हैं. वहीं अंतर जिला पोर्टेबिलिटी के तहत 18 लाख 55 हजार 554 परिवारों द्वारा अन्य जिले/अन्य दुकान से राशन लिया है. इस प्रकार तय दुकान से राशन लेने की बाध्यता न होकर अपनी पसंद और पास की दुकान से राशन लेने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. सभी पात्र परिवारों को सुविधाजनक तरीके से राशन वितरण किया जा रहा है। 

पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश, 14 दिन में प्रारंभिक जांच पूरी नहीं की तो होगी कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने राज्यभर के पुलिस अधिकारियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि यदि किसी मामले में प्रारंभिक जांच (Preliminary Enquiry-PE) आवश्यक समझी जाती है, तो उसे अधिकतम 14 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।   पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि के भीतर यह तय करना जरूरी होगा कि मामले में एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए या नहीं। दरअसल अक्सर देखने में आता है कि कुछ मामलों को जांच के नाम पर लंबित रखा जाता है और इस दौरान अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए मुख्यालय ने सख्ती दिखाई है। जारी निर्देश के अनुसार, थाना प्रभारी केवल उन्हीं मामलों में प्रारंभिक जांच शुरू कर सकते हैं, जिनमें सजा तीन से सात साल के बीच निर्धारित हो, और इसके लिए भी उन्हें पहले डीएसपी स्तर के अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।  हाल ही में एक मामले में जिला पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं कर उसे केवल जांच के दायरे में रखा गया था, जिस पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्तों सहित सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को यह निर्देश जारी किए हैं। निर्देश में सुप्रीम कोर्ट के फैसले ‘ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य’ का हवाला देते हुए दोहराया गया है कि संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। प्रारंभिक जांच केवल सीमित परिस्थितियों में ही की जा सकती है और उसे तय समयसीमा में पूरा करना होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज 11 बजे घोषित करेंगे एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं-12वीं के परीक्षा के परिणाम

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को समत्व भवन, भोपाल से एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं, 12वीं एवं विद्यालय पूर्व शिक्षा में डिप्लोमा (डी.पी.एस.ई.) मुख्य परीक्षा 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित करेंगे। यह परिणाम 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विभिन्न वेबसाइटों पर परिणाम देखने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा छात्र-छात्राएं अपना रिजल्ट मोबाइल ऐप, डिजिलॉकर के माध्यम से भी अपना परीक्षा परिणाम आसानी से देख सकेंगे। विद्यार्थी इन वेबसाइटों पर देख सकेंगे परीक्षा परिणाम https://mpbse.mponline.gov.in https://www.digilocker.gov.in/web/dashboard/issuers https://www.jagranjosh.com https://education.indianexpress.com https://www.fastresult.in https://www.hindustantimes.com/education www.livehindustan.com https://toi.in/mpbseresult_class12 https://toi.in/mpbseresult class10 https://www.tv9hindi.com/education https://www.news9live.com https://www.ndtv.in https://arivihan.com/search-mp-board-result मोबाइल ऐप पर भी देख सकेंगे परिणाम कक्षा 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम विद्यार्थी और अभिभावक मोबाइल पर भी देख सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को Google Play Store पर जाकर MPBSE MOBILE App अथवा MP Mobile App Download करना होगा। फिर Know Your Result आप्शन का चयन कर विद्यार्थी को अपना अनुक्रमांक (Roll Number) और आवेदन क्रमांक (Application Number) डालकर (submit) करना होगा। इसके अलावा विद्यार्थी Digilocker के माध्यम से अपना परीक्षा परिणाम देख सकेंगे।  

मंदसौर की महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन के तहत महानगरों में बिखेरी मिठास

नारी शक्ति वंदन: मंदसौर की महिलाओं ने घोल दी महानगरों में मिठास ग्राम पिपल्या कराड़िया महाराणा समूह बना स्व-रोजगार की मिसाल आत्मनिर्भरता का रचा मॉडल, दूसरों को भी दिया रोजगार मंदसौर प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी से ग्रामीण आजीविका मिशन सक्रियता से कार्य कर रहा है। मिशन की प्रभावी पहल से मंदसौर जिले के ग्राम पिपल्या कराड़िया की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक कहानी लिखी है। ‘महाराणा स्व-सहायता समूह’ आज न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहा है। समूह की महिलाएं प्राकृतिक और स्वादिष्ट जूस एवं शेक निर्माण में दक्ष हो चुकी हैं। इनके उत्पादों में लेमन, जीरा, जिंजर लेमन, कच्ची केरी, आंवला जूस के साथ-साथ मिल्क शेक, बादाम शेक, राजभोग और शाही गुलाब शेक शामिल हैं, जो ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत मंदसौर जिले के इस समूह को आगे बढ़ने के लिए वित्तीय सहायता के रूप में 5 लाख का बैंक ऋण, डेढ़ लाख की सामुदायिक निवेश निधि तथा 10 हजार की चक्रीय राशि प्रदान की गई। इस सहयोग ने समूह को अपने व्यवसाय को मजबूती देने और विस्तार करने में महत्वपूर्ण आधार प्रदान किया। दिल्ली और चंडीगढ़ तक पहुँची उत्पादों की गूंज आजीविका मिशन के मार्गदर्शन और सहयोग से समूह ने स्थानीय स्तर से आगे बढ़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उज्जैन, भोपाल, दिल्ली, नोएडा, सूरत, बड़ौदा, चंडीगढ़ और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में आयोजित मेलों में सहभागिता कर समूह ने अपने उत्पादों की विशेष पहचान स्थापित की है। ‘महाराणा स्वसहायता समूह’ प्रति माह 25 हजार से 30 हजार की शुद्ध आय अर्जित कर रहा है, जिससे वार्षिक आय लगभग 4 लाख तक पहुंच रही है। यह समूह अपनी 10 महिला सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, वहीं दस अन्य लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है। ‘महाराणा समूह’ आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरा है, जो यह संदेश देता है कि सही मार्गदर्शन और शासन के सहयोग से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। प्रदेश में इन प्रकल्पों में आगे हैं महिलाएं मध्यप्रदेश में दीदी कैफे संचालन, होम स्टे संचालन, अनेक लघु उद्योगों और व्यवसायों के संचालन के साथ ही टोल टैक्स पर दायित्व निभाकर महिलाएं नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं। लगभग 5 लाख स्व-सहायता समूहों के संचालन में सार्थक भूमिका निभाते हुए 62 लाख से अधिक बहनें आत्मनिर्भर बनी हैं। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के अभियान को अच्छी सफलता मिली है। जहाँ शहरों की बेटियां पायलट बनकर हवाई जहाज उड़ा रही हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों और पर्वतारोहण जैसी साहसिक गतिविधियों में शामिल होकर पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रौशन कर रही हैं।  

इंदौर में बनेगी 30 मंजिला ऊंची बिल्डिंग, शॉपिंग मॉल, होटल-रेस्टोरेंट और स्टार्टअप पार्क की सुविधा

इंदौर  सुपर कॉरिडोर पर करीब 8.2 हेक्टेयर जमीन पर स्टार्टअप पार्क के लिए सरकार ने अनुमति दे दी है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) पीपीपी मॉडल पर आइटी कंपनियों व स्टार्टअप के लिए इको सिस्टम तैयार कर रहा है। स्टार्टअप पार्क करीब 90 मीटर ऊंचा, यानी 30-32 मंजिल का होगा। यह प्रदेश की सबसे ऊंची इमारत होगी। इनमें देशभर की बड़ी आइटी व कॉर्पोरेट कंपनियों को जगह दी जाएगी। उन्हें एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलेंगी। स्टार्टअप पार्क से 10 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। पिछले दिनों बैठक में नगरीय प्रशसन विभाग के एसीएस संजय दुबे ने इस योजना को मंजूरी दी। 90 मीटर ऊंची विश्वस्तरीय सुविधाओं वाली बिल्डिंग का निर्माण पीपीपी आधार पर आइडीए के सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े ने बताया, पार्क के लिए हाईराइज बिल्डिंग मंजूरी मिली है। 90 मीटर ऊंची विश्वस्तरीय सुविधाओं वाली बिल्डिंग का निर्माण पीपीपी आधार पर होगा। 2 साल में निर्माण का लक्ष्य है। 15 दिन में टेंडर जारी होगा। पहले चरण में शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, स्टार्टअप ऑफिस, कॉर्पोरेट ऑफिस, दूसरे चरण में आइटी बिल्डिंग आइडीए की योजना के अनुसार, करीब 1200 करोड़ से सुपर कॉरिडोर पर 8.2 हेक्टेयर जमीन पर स्टार्टअप पार्क बनेगा। अलग अलग फेज में निर्माण होगा। पहले चरण में तल मंजिल पर शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, स्टार्टअप ऑफिस, कॉर्पोरेट ऑफिस होंगे। दूसरे चरण में आइटी बिल्डिंग व तीसरे चरण में कन्वेंशन सेंटर तथा 5 स्टार होटल बनाने का प्रस्ताव है। आइडीए ने मूल डिजाइन तैयार की है। इसमें बड़े शहरों की तरह ट्विन बिल्डिंग बनाने की योजना है। हालांकि, पीपीपी मॉडल पर काम होगा। एजेंसी भी अलग डिजाइन भी बना सकती है। लाखों खर्च कर बनाई योजना रद्द, अब नए तरीके से काम आइडीए ने करीब तीन साल पहले स्टार्टअप पार्क की योजना बनाई थी। तब इसे आइडीए ही बनाने की तैयारी में था। जिसे इसकी डिजाइन बनाने का काम दिया, उसने बंगलूरु, हैदराबाद और पुणे आदि बड़े शहरों में आइटी और स्टार्टअप कंपनियों के लिए सुविधाओं का सर्वे कर योजना बनाई। बाद में आइडीए ने पीपीपी मॉडल पर स्टार्टअप बनाने की योजना बनाई। ऐसी सुविधाएं पार्किंग के लिए 3 बेसमेंट। 4 फ़्लोर पर शॉपिंग मॉल, 1 फ़्लोर पर सर्विस। पार्क में देशी-विदेशी 100 से अधिक कंपनियों को मिलेगी जगह। 1000 आइटी प्रोफशनल्स को यहां नौकरी मिलेगी। सभी सुविधाएं विकसित होने पर 10 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार पार्क बनाने वाली कंपनी से प्रीमियम राशि लेकर ऑफिस बेचकर आय का विकल्प दे सकता है आइडीए।

महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और लोकतांत्रिक अधिकारों को नई ऊंचाइयां मिलेंगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

रवीन्द्र भवन में 15 अप्रैल को होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाएं होंगी शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को नई ऊंचाइयां देने के लिए राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की मूल भावना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से प्रदेश भर में 10 से 25 अप्रैल तक "नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा" मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में 15 अप्रैल को शाम 4 बजे रवीन्द्र भवन में राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम होगा। इस दौरान "महिला नेतृत्व की यात्रा" विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो महिला शक्ति के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाएगी। इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल होंगे और शासन व्यवस्था में महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने और नीति-निर्माण की प्रक्रियाओं में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करने पर विशेष विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर प्रदेश की महिलाओं को संबोधित भी करेंगे और सरकार के उस संकल्प को दोहराएंगे, जिसके तहत मध्यप्रदेश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की आवाज और अधिक मुखर होगी। कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण की दिशा में सक्रिय प्रदेश की अग्रणी महिला नेत्रियां शामिल होंगी। समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा बागरी और श्रीमती राधा सिंह सहित प्रतिष्ठित शिक्षाविद सुशोभा पेठणकर की विशेष रूप से उपस्थिति रहेगी। जमीन से लेकर शिखर तक का प्रतिनिधित्व समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाओं को आमंत्रित किया गया है। इसमें पद्मसे सम्मानित विभूतियां, महिला चिकित्सक, वकील, कलाकार और इंजीनियर शामिल होंगी। साथ ही, समाज की मुख्यधारा को गति देने वाली लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी, स्व-सहायता समूहों की सदस्य, मैदानी स्तर पर कार्य करने वाली पर्यवेक्षक एवं परियोजना अधिकारी और महिला मीडिया प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनेंगी। गांव-गांव तक फैलेगी चेतना की लहर पखवाड़े के दौरान केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जन-जागरूकता के अभियान चलाए जा रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित हो रही हैं। जिनमें 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के महत्व पर ग्रामीण महिलाओं के साथ संवाद हुआ। साथ ही प्रत्येक विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में 'नारी शक्ति पदयात्रा' और शिक्षण संस्थानों में 'युवा संवाद' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को इस सामाजिक बदलाव से जोड़ा जा रहा है। शासन का मानना है कि महिलाओं की निर्णय क्षमता में वृद्धि होने से न केवल सामाजिक चेतना आएगी, बल्कि जन-विश्वास भी और अधिक गहरा होगा।  

MP Board Result 2026: 10वीं और 12वीं के नतीजे आज, सीएम मोहन यादव से होगी आधिकारिक घोषणा

भोपाल  माध्यमिक शिक्षा मंडल एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला है। जानकारी के अनुसार, छात्रों का रिजल्ट आज यानी 15 अप्रैल को जारी होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल में स्थित सीएम हाउस से 11 बजे परिणाम घोषित करेंगे। छात्र छात्राएं बोर्ड की विभिन्न आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।   प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10वीं और 12वीं का रिजल्ट एक साथ जारी करेंगे. छात्र अपना रिजल्ट एमपी बोर्ड की बेवसाइट पर भी देख सकेंगे. इसके अलावा मोबाइल ऐप पर भी रिजल्ट को देखा जा सकेगा। मोबाइल ऐप से देख सकेंगे रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट डिजिलॉकर के जरिए भी देख सकेंगे. इसके अलावा छात्र एमपी बोर्ड की मोबाइल ऐप पर जाकर भी रिजल्ट देख सकेंगे. इसके लिए स्टूडेंट्स को गूगल प्ले स्टोर से एमपी बोर्ड का मोबाइल ऐप एमपीबीएसई या फिर एमपी मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा. इसके बाद 'नो योर रिजल्ट' पर सिलेक्ट कर अपना रोल नंबर और आवेदन क्रमांक डालना होगा. इसे डालते ही रिजल्ट सामने होगा।  16 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे परीक्षा में एमपी बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. इसमें करीबन 9 लाख 7 हजार स्टूडेंट्स कक्षा 10वीं में बैठे थे, जबकि 7 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी. परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3856 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे. दोनों ही परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू हुई थीं. बारहवीं की 10 फरवरी से 7 मार्च तक परीक्षाएं चली थीं, जबकि कक्षा 10वीं की 13 फरवरी से 6 मार्च तक परीक्षा चली थीं।  मध्यप्रदेश में देर रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, 26 IAS के तबादले, भोपाल, सागर सहित 14 जिलों के कलेक्टर बदले रिजल्ट बेहतर आने की उम्मीद इस बार एमपी बोर्ड का रिजल्ट 2025 के मुकाबले 21 दिन पहले जारी होने जा रहा है. 2025 में 6 मई को एमपी बोर्ड का रिजल्ट जारी किया गया था. एमपी बोर्ड का रिजल्ट इस बार पिछले साल के मुकाबले कुछ बेहतर आने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, बोर्ड के रिजल्ट में उतार-चढ़ावा आता रहा है।  इन विभिन्न आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते है Result     mpbse.nic.in     mpresults.nic.in     mpbse.mponline.gov.in     mpbse मोबाइल ऐप या mpmobile ऐप के जरिए भी रिजल्ट देखा जा सकता है। कैसे चेक करें रिजल्ट?     सबसे पहले एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं     होमपेज पर कक्षा 10वीं या 12वीं का रिजल्ट लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें     अब आपके सामने लॉगिन पेज खुलेगा, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि जैसी जानकारी भरकर लॉगिन करें      इसके बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा      भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें   एमपी बोर्ड का रिजल्ट और पिछले कुछ सालों के आंकड़े     साल 2025 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 76.22 फीसदी और 12वीं का 74.48 फीसदी रहा था.     साल 2024 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 58.10 फीसदी और 12वीं का 64.49 फीसदी रहा था.     साल 2023 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट 63.29 फीसदी और 12वीं का 55.28 फीसदी रहा था.