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सीएम योगी ने किया पूर्वी यूपी के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण

मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हुआ यूपी: मुख्यमंत्री सीएम योगी ने किया पूर्वी यूपी के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन भी रहे मौजूद नौ वर्ष पहले यूपी में न नीति थी और न ही नीयत: मुख्यमंत्री सीएम ने कहा, टेक्नोलॉजी से जुड़कर हर क्षेत्र में पारंगत बनेंगे प्रदेश के युवा गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी। उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) फाउंडेशन के सहयोग से बने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का लोकार्पण किया। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन की उपस्थिति में लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने खुद को न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेट, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भी स्थापित किया है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन देखने को मिल रहा है, वैसा नौ वर्ष पहले हो पाना कठिन था। तब सड़कें अच्छी नहीं थीं, बिजली का अता-पता नहीं था। सुरक्षा संकट में थी। न नीति थी और न नीयत। सुरक्षा का माहौल और नीति नहीं होने के कारण निवेश भी नहीं होता था। जब निवेश नहीं होगा तो स्वाभाविक रूप से रोजगार भी नहीं मिलेगा। यही स्थिति तब यूपी की थी, लेकिन आज का यूपी हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे जितना टेक्नोलॉजी के नजदीक जाएंगे, टेक्नोलॉजी हाथ का खिलौना बनती जाएगी। नौजवान जब टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ेंगे, पारंगत बनेंगे तो उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। वर्तमान व भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सीएम योगी ने इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने में सहयोग के लिए टाटा समूह के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर वर्तमान व भविष्य की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सहायक होगा। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप को एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म मिलेगा। इस सेंटर को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्रीडी प्रिंटिंग जैसी डिजिटल युग की जरूरतों पर फोकस करते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है। यह सेंटर तकनीकी उन्नयन, रिसर्च, इनोवेशन, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की दृष्टि से युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। एमपीआईटी में स्थापित यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पीएम मोदी की डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया मुहिम को भी आगे बढ़ाने में प्रभावी भूमिका का निर्वहन करेगा।  युवाओं, किसानों व महिलाओं के लिए टेक्नोलॉजी की नई ज्योति मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस गोरखपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमोत्तर बिहार और नेपाल की तराई से जुड़े नौजवानों, अन्नदाता किसानों और महिलाओं के लिए टेक्नोलॉजी की ज्योति बनकर आया है। यह न केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश, बल्कि भारत के विकास को एक नया प्रकाश देने का माध्यम बनेगा। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि यह सेंटर ऐसे क्षेत्र में बना है, जिसे कभी उत्तर प्रदेश का सबसे बैकवर्ड एरिया माना जाता था। अब इस क्षेत्र में युवा, किसान और नारी शक्ति तकनीकी दृष्टि से सशक्त होकर पीएम मोदी के विजन के अनुरूप पूरे क्षेत्र की समृद्धि में योगदान देंगे। एमपी शिक्षा परिषद की स्थापना और इसके योगदान का उल्लेख अपने संबोधन में सीएम योगी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना और इसके योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश जब पराधीन था तब 1932 में तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत श्रीदिग्विजयनाथ जी महाराज ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। यह वही शिक्षा परिषद है, जिसने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपने दो संस्थान सरकार को देकर विश्वविद्यालय का शुभारंभ कराया। इसी शिक्षा परिषद के उपक्रम महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में टाटा ग्रुप के सहयोग से शानदार सेंटर आफ एक्सीलेंस यहां के युवाओं को प्राप्त हुआ है। नॉलेज पावर हाउस बन रहा गोरखपुर सीएम योगी ने कहा कि एक समय था जब पूर्वी उत्तर प्रदेश सबसे पिछड़ा माना जाता था। जबकि आज पीएम मोदी की प्रेरणा से यह क्षेत्र आगे बढ़ता हुआ, नॉलेज पावर हाउस के रूप में अपने आप को स्थापित कर रहा है। गोरखपुर में चार पूर्ण क्रियाशील विश्वविद्यालय कार्यरत हैं। इसके साथ ही अभी कुछ दिन पहले भारत सरकार के सहयोग से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की भी स्थापना गोरखपुर में की गई है। एक्सप्रेसवे प्रदेश बना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्ष में यूपी ने खुद को एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में स्थापित किया है। देश मे 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। गंगा एक्सप्रेसवे इसी माह हम राष्ट्र को समर्पित कराने जा रहे हैं। तब उत्तर प्रदेश का देश के एक्सप्रेसवे में 60 फीसदी हिस्सा होगा। पीएम मोदी के हाथों मंगलवार को लोकार्पित दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का 65 से 70 फीसदी हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है, जिसका भरपूर फायदा प्रदेश को मिलेगा। यूपी और टेक्नोलॉजी, दोनों में अनलिमिटेड पोटेंशियल मुख्यमंत्री ने कहा टेक्नोलॉजी का विभिन्न क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है, इसमें अनलिमिटेड पोटेंशियल है, ठीक उत्तर प्रदेश की तरह। यूपी के पोटेंशियल को आगे बढ़ाने में टेक्नोलॉजी बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती है। सरकार की तरफ से अनुकूल वातावरण बनाने का परिणाम है कि भारत में 55 फीसदी मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग अकेले उत्तर प्रदेश में हो रही है और बड़ी संख्या में रोजगार मिल रहा है। 55 से 60 फ़ीसदी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट भी उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं। 96 लाख से अधिक एमएसएमई यूपी के पास हैं। वर्तमान में 32000 से अधिक बड़े कारखाने उत्तर प्रदेश में संचालित हैं। 22000 से अधिक स्टार्टअप प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। बुंदेलखंड में 56000 एकड़ में बन रही इंडस्ट्रियल सिटी मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में एनसीआर आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का हब बना है। कानपुर लेदर व ड्रोन टेक्नोलॉजी हब बना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश एग्रीटेक और एमएसएमई का हब बन रहा है। … Read more

खाद्य मंत्री राजपूत का बयान: सभी संभागों में गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया शुरू

सभी संभागों में गेहूँ का उपार्जन शुरू : खाद्य मंत्री राजपूत 42689 किसानों से 18 लाख 97 हजार 480 क्विंटल गेहूँ उपार्जित भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 42 हज़ार 689 किसानों से 18 लाख 97 हजार 480 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 28 करोड़ 40 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। गेहूँ का उपार्जन सभी संभागों में शुरू हो चुका है। अभी तक 2 लाख 58 हजार 644 किसानों द्वारा 1 करोड़ 13 लाख 95 हजार 407 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसान गेहूँ बिक्रय के लिये 24 अप्रैल 2026 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं। खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूँ की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूँ बिक्री की सभी सुविधाएं मंत्री राजपूत ने बताया है कि जिन जिलों में गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहाँ गेहूँ विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूं में से 8 लाख 65 हजार 600 क्विंटल गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है। प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।  

एनआईए का बड़ा खुलासा: लखनऊ में आतंकी लॉन्चपैड की साजिश नाकाम

लखनऊ राजधानी लखनऊ में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर सक्रिय अल-कायदा हैंडलर उमर हेलमंडी पर राजधानी लखनऊ को आतंकी गतिविधियों का लॉन्चपैड बनाने की साजिश रचने का आरोप सामने आया है। एनआईए की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि 15 अगस्त 2021 से पहले देश में बड़े आतंकी हमलों की योजना बनाई गई थी, जिसकी कमान सीमा पार से संचालित हो रही थी और जिसका संचालन लखनऊ जैसे संवेदनशील शहर से किया जाना था। इस मामले में एनआईए-एटीएस की विशेष अदालत ने मुसीरुद्दीन उर्फ मुसीर, मिनहाज अहमद और तौहीद अहमद शाह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह राज्य के खिलाफ सुनियोजित युद्ध जैसी साजिश थी, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। सोशल मीडिया से तैयार हुआ आतंकी मॉड्यूल जांच में सामने आया कि अल-कायदा के इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) हैंडलर उमर हेलमंडी को भारत में नेटवर्क तैयार करने, युवाओं को रेडिकलाइज करने और छोटे-छोटे आतंकी मॉड्यूल बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। उसने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को चुना और उन्हें संगठन की विचारधारा से जोड़कर आतंकी शपथ दिलवाई, जिसका वीडियो भी बाद में बरामद हुआ और अदालत में इसे महत्वपूर्ण सबूत माना गया। लखनऊ में तैयार हो रहा था लॉन्चपैड जांच एजेंसियों के अनुसार लखनऊ को केवल एक ठिकाने के रूप में नहीं बल्कि आतंकी लॉन्चपैड के रूप में विकसित किया जा रहा था। मड़ियांव, काकोरी, मदेयगंज, वजीरगंज और ठाकुरगंज जैसे इलाकों में हथियार जुटाए गए और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क बनाने की कोशिश की गई। डिजिटल माध्यमों से संपर्क और प्रचार भी लगातार किया जा रहा था। सीमा पार से कश्मीर तक फैला नेटवर्क डिजिटल ट्रेल की जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क सीमा पार से लगातार निर्देश प्राप्त कर रहा था और इसकी कड़ियां कश्मीर तक भी जुड़ी हुई थीं। योजना के तहत भीड़भाड़ वाले इलाकों, सरकारी प्रतिष्ठानों और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने की तैयारी थी, जिसमें मानव बम और विस्फोटक हमलों की साजिश शामिल थी। अदालत का सख्त संदेश एनआईए कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि आतंकवादी हमला हो या न हो, उसकी तैयारी और साजिश ही अपने आप में पूर्ण अपराध है। अदालत ने यह भी माना कि आरोपियों ने केवल विचारधारा साझा नहीं की, बल्कि सक्रिय रूप से आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाया और नेटवर्क तैयार करने में भूमिका निभाई। मददगार भी साजिश में शामिल जांच में यह भी सामने आया कि शकील, मुस्तकीम और मोहम्मद मोईद ने जानते हुए इस आतंकी नेटवर्क को सहायता दी। अदालत ने इसे केवल मदद नहीं बल्कि सक्रिय सहभागिता माना और कहा कि यह एक संगठित आतंकी साजिश का हिस्सा था, जिसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। बिजनौर में भी बड़ी कार्रवाई इसी बीच बिजनौर पुलिस ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें समीर उर्फ रुहान और राजू राम गेदारा शामिल हैं। आरोप है कि ये लोग सोशल मीडिया और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे और गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा रहे थे। सोशल मीडिया और टेलीग्राम से चल रहा था नेटवर्क जांच में यह भी सामने आया कि पूरा मॉड्यूल टेलीग्राम और व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए सक्रिय था। इसमें युवाओं को जोड़कर उन्हें गाड़ियों में आगजनी, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने और अन्य राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा रहा था।  

पटना में बीपीएससी परीक्षा घोटाला, 22 गिरफ्तार, बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर

पटना बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा 14 व 15 अप्रैल को आयोजित सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (एडीईओ) परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़ा गिरोह का खुलासा हुआ है। परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 15 से 20 लाख रुपये तक की वसूली की जा रही थी। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में मास्टरमाइंड, तीन लाइनर और 18 अभ्यर्थियों समेत कुल 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी के आवेदन पर मुफ्फसिल थाना में बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड सूजल कुमार (भगतचौकी), लाइनर समीर कुमार (पटना), प्रियांशू कुमार (धरहरा) और प्रशांत कुमार (कहलगांव, भागलपुर) शामिल हैं। सभी लाइनरों को होटल से तथा मास्टरमाइंड को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से एक व्हाट्सएप ग्रुप मिला है, जिसमें सैकड़ों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड पाए गए हैं। यह गिरोह कई जिलों में सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस ग्रुप की गहन जांच कर बड़े सरगना तक पहुंचने में जुटी है। बायोमेट्रिक के दौरान होता था खेल पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के अनुसार, मास्टरमाइंड सूजल अपने अधीन तीन लाइनरों के जरिए पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया के दौरान ऑपरेटर से मिलीभगत कर प्रश्नपत्र की तस्वीर मोबाइल से खींचकर मास्टरमाइंड को भेजी जाती थी। इसके बाद हल प्रश्नपत्र वापस लाइनर के पास पहुंचता, जो अभ्यर्थियों को उत्तर भरने में मदद करता था। गिरफ्तार लाइनरों के पास से छोटे इलेक्ट्रॉनिक चिप भी बरामद किए गए हैं, जिनमें प्रश्नपत्र और उसके उत्तर सुरक्षित पाए गए हैं। कोचिंग सेंटर की भूमिका संदिग्ध जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार सभी 18 अभ्यर्थियों ने एक ही कोचिंग सेंटर के माध्यम से इस गिरोह से संपर्क किया था। पुलिस ने कोचिंग सेंटर की पहचान कर ली है और उसके संचालक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्राधीक्षक निलंबित, केस दर्ज उपेन्द्र ट्रेनिंग स्कूल परीक्षा केंद्र की केंद्राधीक्षक अर्चना कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने बायोमेट्रिक ऑपरेटर को एंड्रॉयड मोबाइल उपयोग करने की अनुमति दी, जिससे फर्जीवाड़ा संभव हो सका। जानें एसपी ने क्या कहा? एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल से मिले व्हाट्सएप ग्रुप में बिहार के कई जिलों के संदिग्धों और सैकड़ों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड मिले हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही बड़े खुलासे की संभावना है।  

महिला किसान वर्ष 2026: डॉ. प्रतिभा तिवारी ने उत्पादन से उपयोग तक की प्रक्रिया पर चर्चा और सर्वेक्षण किया

महिला किसान वर्ष 2026 में डाॅ0 प्रतिभा तिवारी जी ने किया उत्पादन से उपयोग तक की प्रक्रिया में संपर्क/परिचय/चर्चा एवं सवेक्षण   टीकमगढ़ दिनांक 15/04/2026 को भारतीय स्त्रीशक्ति मध्यप्रदेश के द्वारा टीकमगढ़ के मिनोरा गाँव में “महिला किसान वर्ष 2026” में भारतीय स्त्री शक्ति मध्यप्रदेष की प्रदेश अध्यक्ष-डाॅ0 प्रतिभा तिवारी ने उत्पादन से उपयोग तक की प्रक्रिया में संपर्क/परिचय/चर्चा एवं सवेक्षण  किया जिसमें आपने कहा कि-उत्पादन से उपयोग तक की यह यात्रा केवल वस्तु के लेन-देन की नहीं, बल्कि विश्वास के निर्माण की प्रक्रिया है। यदि हमारा संपर्क मजबूत है, परिचय स्पष्ट है, चर्चा सकारात्मक है और सर्वेक्षण ईमानदार है, तो वह उत्पाद न केवल सफल होगा बल्कि समाज में अपनी एक अमिट छाप छोड़ेगा। उपयोगकर्ता की संतुष्टि ही किसी भी उत्पादन की वास्तविक सफलता है। उपयोगकर्ता के अनुभव को महिला किसान से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। महिला किसान खुद उत्पादक भी है और उपभोक्ता भी। वह जानती है कि किस दाल को पकने में कम समय लगता है या किस अनाज का स्वाद मीठा है। उसका सर्वेक्षण किताबी नहीं, अनुभवी होता है। जब वह उत्पाद बाजार में लाती है, तो वह क्वालिटी कंट्रोल की पहली गारंटी होती है। किसान संघ महाकोशल की प्रदेश उपाध्यक्ष-सुश्री ज्ञानमंजरी दीक्षित ने बताया कि- आज के युग में उत्पादन का अर्थ केवल वस्तु बनाना नहीं है, बल्कि एक सम्बन्ध बनाना है। यह सम्बन्ध संपर्क से शुरू होकर उपयोग के बाद भी सर्वेक्षण के माध्यम से जीवित रहता है। आज हम जिस समाज में रहते हैं, वहां जब भी किसान शब्द का नाम लिया जाता है, तो आंखों के सामने एक पुरुष का चित्र उभरता है। लेकिन हकीकत यह है कि भारत के खेतों की असली रीढ़ हमारी महिलाएं हैं। सरपंच-श्रीमती शान्ति प्रजापति ने कहा कि- अक्सर खेतों के बाहर लगे बोर्ड पर पुरुष का नाम होता है, लेकिन उस खेत की मिट्टी के भीतर महिला किसान का पसीना होता है। महिला किसान वर्ष केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उस अदृश्य श्रम को पहचान देने का एक आंदोलन है। खेत की धूल को माथे का तिलक बनाती है, वो महिला किसान ही है जो पत्थर से भी फसल उगाती है। सिर्फ अन्न नहीं उगाती वो, इस देश का भविष्य बनाती है। प्रदेष कार्य समीति सदस्य महिला मोर्चा की श्रीमती पूनम अग्रवाल ने बताया कि-महिला किसान वर्ष मनाना तब सार्थक होगा जब हम उत्पादन से लेकर बाजार के हर सर्वेक्षण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। हमें यह स्वीकार करना होगा कि यदि किसान का हाथ मिट्टी में है, तो महिला किसान का दिल उस मिट्टी की खुशबू में है। संम्पर्क अभियान में श्रीमती रीना श्रीवास्तव, श्रीमती अनुराधा बक्षी से सम्पर्क किया गया। इसमें उपस्थित महिलाओं की संख्या 67 रही।

Hisar Airport Flight Update: अयोध्या और दिल्ली के लिए नई नियमित उड़ानें शुरू, यात्रियों को बड़ी राहत

हिसार. हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से वीरवार को नए शेड्यूल के साथ विमान उड़ान भरेंगे। 16 अप्रैल से सप्ताह में छह दिन अलग- अलग रूटों पर जयपुर सहित दिल्ली, चंडीगढ़ व अयोध्या के लिए उड़ानें संचालित होंगी। एयरपोर्ट अथारिटी की ओर से जारी इस शेड्यूल के अनुसार, गुरुवार को जयपुर से हिसार के लिए विमान दोपहर 1:40 बजे पहुंचेगा, जबकि हिसार से जयपुर के लिए उड़ान दोपहर 3:05 बजे रवाना होगी। यह शेड्यूल 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा। इस नए शेड्यूल में सप्ताह में छह दिन हिसार से दिल्ली, अयोध्या, चंडीगढ़ और जयपुर की विमानों की सेवाएं यात्रियों को मिलेंगी। हर शहर के लिए सप्ताह में दो बार निर्धारित दिन पर विमान सेवाएं उपलब्ध होंगी। उड़ानों की बहाली से यात्रियों को राहत पिछले कुछ समय से मौसम व अन्य कारण के चलते जयपुर, दिल्ली और अयोध्या के लिए हवाई सेवाएं बीच-बीच में बाधित हो रही थी। खासतौर पर जयपुर रूट की उड़ानें कुछ समय के लिए बंद कर दी गई थी। अब नए शेड्यूल के लागू होने के साथ ही हिसार से दिल्ली, अयोध्या, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार उड़ान सेवाएं जारी रहेंगी। यात्रियों को सप्ताह में छह दिन इन सेवाओं का लाभ मिलेगा।             रूटवार उड़ानों की समय-सारिणी दिल्ली-अयोध्या रूट (शुक्रवार व रविवार) दिल्ली से हिसार : प्रस्थान सुबह 10:55 बजे, आगमन 11:40 बजे हिसार से अयोध्या : प्रस्थान दोपहर 12:05 बजे, आगमन 02:05 बजे अयोध्या से हिसार : प्रस्थान 02:30 बजे, आगमन 04:30 बजे हिसार से दिल्ली : प्रस्थान 04:55 बजे, आगमन 05:40 बजे चंडीगढ़ रूट (सोमवार व बुधवार) दिल्ली से चंडीगढ़ होते हुए हिसार : प्रस्थान 01:50 बजे, आगमन 04:05 बजे हिसार से चंडीगढ़ : प्रस्थान 04:30 बजे, आगमन 05:15 बजे जयपुर-कुल्लू रूट (मंगलवार व वीरवार) जयपुर (कुल्लू होकर) से हिसार : प्रस्थान 01:40 बजे, आगमन 02:40 बजे हिसार से जयपुर : प्रस्थान 03:05 बजे, आगमन 04:05 बजे इन विमानों से भरी जाएंगी उड़ानें नए शेड्यूल के तहत एलायंस एयर द्वारा एटीआर-72 और एटीआर-42 विमानों का उपयोग किया जाएगा, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। कितने समय में तय होगी दूरी हिसार से दिल्ली : 45 मिनट हिसार से अयोध्या : 2 घंटे हिसार से चंडीगढ़ : 1 घंटा 05 मिनट हिसार से जयपुर : 1 घंटा

अक्षय तृतीया 2026: 19 अप्रैल को खरीदारी का शुभ मुहूर्त, जानें सस्ती शुभ चीजें

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, रविवार के दिन मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन जो भी  काम किया जाता है, उसका फल कभी खत्म नहीं होता और बढ़ता ही रहता है. इसी वजह से लोग इस दिन सोना खरीदते हैं, लेकिन हर किसी के लिए सोना लेना आसान नहीं होता है. ऐसे में आप बिना ज्यादा खर्च किए भी इस दिन को खास बना सकते हैं. कुछ सस्ती और रोजमर्रा की चीजें खरीदना भी उतना ही शुभ माना जाता है. तो आइए जानते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन कौन सी सस्ती चीजें खरीदनी चाहिए. मिट्टी की चीजें खरीदें अक्षय तृतीया पर मिट्टी का घड़ा, दीया या गमला खरीदना अच्छा माना जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और शांति बनी रहती है. तांबे के बर्तन लें तांबा भी शुभ धातु माना जाता है. इस दिन तांबे का लोटा या बर्तन खरीदना घर के लिए अच्छा होता है. हल्दी और चावल खरीदें हल्दी और चावल पूजा में काम आते हैं और इन्हें शुभता का प्रतीक माना जाता है. इस दिन इन्हें खरीदना और घर लाना अच्छा होता है. साबुत धनिया लें अक्षय तृतीया पर साबुत धनिया खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता है. इसे धन और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. लाल कपड़ा या रूई लाल कपड़ा और रूई भी पूजा में उपयोगी होती है. इन्हें खरीदना भी शुभ फल देने वाला माना जाता है. दान-पुण्य भी करें अगर आप कुछ खरीद नहीं पा रहे हैं, तो इस दिन जरूरतमंदों को दान करना भी उतना ही अच्छा माना जाता है. इससे मन को सुकून मिलता है और घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है. सोने-चांदी की खरीदारी का शुभ मुहूर्त सुबह (चर, लाभ, अमृत): सुबह 10:49 से लेकर दोपहर 12:21 दोपहर (शुभ): 01:58 पीएम से लेकर 03:35 पीएम शाम (शुभ, अमृत, चर): 06:50 पीएम से लेकर 10:58 पीएम रात (लाभ): 01:43 एम से लेकर 03:06 एम (20 अप्रैल) सुबह जल्दी (शुभ): 04:29 एम से लेकर 05:52 एम AM (20 अप्रैल)

Chandigarh School Threat: पांच स्कूलों को बम की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, सर्च ऑपरेशन तेज

चंडीगढ़. शहर में उस समय हड़कंप मच गया जब अलग-अलग सेक्टरों में स्थित पांच नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले। सेक्टर-49 स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-45 के सेंट स्टीफन स्कूल, सेक्टर-41 के अजित करम सिंह स्कूल, सेक्टर-32 के सॉंपिन्स स्कूल और सेक्टर-26 के सेंट जॉन स्कूल को धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। सूचना मिलते ही सभी स्कूलों में एहतियात के तौर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंचकर स्कूल परिसरों की गहन जांच कर रही हैं। छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल प्रबंधन ने आवश्यक कदम उठाए और कई जगहों पर बच्चों को समय से पहले छुट्टी दे दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्कूलों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल किसी भी स्कूल से संदिग्ध वस्तु मिलने की सूचना नहीं है। साइबर सेल की टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। शुरुआती जांच में शरारती तत्वों की साजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

Good Governance Campaign: 1 मई से ‘सुशासन तिहार’ की शुरुआत, अधिकारियों को तय समय में तैयारियों के आदेश

राजनांदगांव. शासन द्वारा जन शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में 1 मई से सुशासन तिहार 2026 शुरू किया जाएगा। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा में सभी अधिकारियों को इसकी आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने इसके साथ ही सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई में पावर प्लांट में हुए हादसे के मद्देनजर सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदारों को सुरक्षा संबंधी मापदण्डों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ऐसे हादसों से बचाव के लिए सावधानी एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है। जिससे हरित ऊर्जा की ओर लोगों का रूझान बढ़ेगा। इस योजना के अंतर्गत कालोनी में भी सोलर पैनल लगवाने के लिए जनमानस को प्रोत्साहित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करें। कलेक्टर ने कहा कि मिशन जल रक्षा के तहत कृषकों को धान के बदले अन्य फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित करें और रबी सीजन में किसानों को धान के बदले अन्य फसल लेने से जल संरक्षण को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए पेयजल की समस्या का प्राथमिकता से निराकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था की समीक्षा की।

मध्यप्रदेश में कर्मचारियों का DA 5% बढ़ा, अप्रैल की सैलरी से मिलेगा लाभ, एरियर का भुगतान 6 किस्तों में

भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य की मोहन सरकार ने  छठे वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि की है। इस संबंध में वित्त विभाग, मप्र शासन ने 15 अप्रैल 2026 को आदेश भी जारी कर दिए हैं। एरियर का भुगतान किस्तों में किया जाएगा। वित्त विभाग के आदेशानुसार, छठे वेतनमान (6th Pay Commission) के अंतर्गत वेतन पा रहे कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 5 फीसदी की वृद्धि की गई है। इसके बाद महंगाई भत्ते की दर 252 फीसदी से बढ़कर 257 फीसदी हो गई है। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मई 2026 में मिलने वाले अप्रैल के वेतन के साथ जुड़कर आएगा। चुंकी यह वृद्धि 1 जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी, ऐसे में जुलाई 2025 से मार्च 2026 (9 महीने) तक एरियर 6 किस्तों में दिया जाएगा। एरियर की किस्तें मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में वेतन के साथ खाते में जमा की जाएंगी। जिन कर्मचारी या अधिकारी इस अवधि के दौरान रिटायर्ड हो चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है उनके नामांकित सदस्य को एरियर की राशि एकमुश्त दी जाएगी। इसके अलावा पांचवें वेतनमान का लाभ पाने वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 8 फीसदी और चतुर्थ वेतनमान प्राप्त कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होंगी। एरियर की राशि 6 किस्तों में दी जाएगी। बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार ने सातवें वेतनमान के तहत आने वाले 7.50 लाख कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और 4.50 लाख पेंशनधारकों की महंगाई राहत में 3 फीसदी की वृद्धि की थी। एरियर का भुगतान करेगी मोहन सरकार DA का लाभ सरकार 1 जुलाई 2025 से देगी. इस तरह से जुलाई 2025 और अप्रैल 2026 के बीच के महीनों के लिए सरकार एरियर देगी. इसके लिए सरकार एरियर का भुगतान करेगी. एरियर के भुगतान को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को बकाया राशि 6 किस्तों में दी जाएगी. राज्य सरकार सातवां वेतनमान पा रहे कर्मचारियों का महंगाई भत्ता पहले ही 3 फीसदी बढ़ा चुकी है, जिसमें उनका कुल DA 58 प्रतिशत हो गया है।  कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद सरकार के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद है. बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. ताकि वह अपने परिवार की अच्छे से देखभाल कर सकें।  अब 252% से बढ़कर 257% हुआ DA बढ़ोतरी के बाद छठे वेतनमान वाले कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता 252 प्रतिशत से बढ़कर 257 प्रतिशत हो जाएगा। यह बदलाव अप्रैल 2026 के वेतन से लागू माना जाएगा। यानी इस महीने की सैलरी में कर्मचारियों को बढ़ा हुआ DA मिलना शुरू हो जाएगा। हालांकि इसका लाभ असल में 1 जुलाई 2025 से दिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक यानी नौ महीने का एरियर भी कर्मचारियों को मिलेगा। एरियर 6 किस्तों में, रिटायर्ड को एकमुश्त सरकार ने यह भी तय कर दिया है कि नौ महीने का एरियर एक साथ नहीं दिया जाएगा। इसे छह बराबर किस्तों में बांटा जाएगा। यह किस्तें मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में दी जाएंगी। हर किस्त में कर्मचारी को कुल एरियर का छठा हिस्सा मिलेगा। जो कर्मचारी या अधिकारी जुलाई 2025 से मार्च 2026 के बीच रिटायर हो चुके हैं, उनके लिए अलग व्यवस्था की गई है। उन्हें एरियर की पूरी राशि एकमुश्त यानी एक ही बार में दी जाएगी। इससे रिटायर्ड कर्मचारियों को भी इस फैसले का पूरा फायदा मिल सकेगा। सातवें वेतनमान वालों को पहले ही मिली राहत मध्यप्रदेश सरकार पहले ही सातवां वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा चुकी है। उनके DA में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद सातवें वेतनमान वाले कर्मचारियों का कुल DA 58 प्रतिशत हो गया। यह बढ़ोतरी भी अप्रैल के वेतन से लागू की गई है। यानी अब दोनों वेतनमानों के कर्मचारियों को राहत मिल चुकी है। छठे वेतनमान वालों को 5% और सातवें वेतनमान वालों को 3% की बढ़ोतरी का फायदा अप्रैल की सैलरी से मिलेगा। क्यों अलग-अलग है DA दोनों के लिए छठे और सातवें वेतनमान में DA का प्रतिशत इसलिए अलग-अलग दिखता है क्योंकि दोनों की मूल वेतन संरचना अलग है। छठे वेतनमान में मूल वेतन कम होता है इसलिए DA का प्रतिशत ज्यादा रखा जाता है। सातवें वेतनमान में मूल वेतन पहले से अधिक है इसलिए DA का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम होता है। यह खबर क्यों जरूरी है? मध्यप्रदेश में छठे वेतनमान के करीब 40 हजार कर्मचारी और अधिकारी हैं। DA बढ़ोतरी का सीधा असर उनकी मासिक आय पर पड़ता है। महंगाई के इस दौर में यह फैसला उनके परिवारों के लिए राहत लेकर आया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है और सरकारी कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखना इसी दिशा में एक कदम है।  एरियर को किस्तों में देने का फैसला सरकारी खजाने पर एकमुश्त बोझ से बचाता है, जो वित्तीय अनुशासन के लिहाज से भी सही है। रिटायर्ड कर्मचारियों को एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था सामाजिक न्याय की भावना को दर्शाती है। यह खबर लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति से जुड़ी है, इसलिए इसकी अहमियत बहुत ज्यादा है।