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सीएम योगी सख्त, औद्योगिक अशांति फैलाने वालों पर बड़ा आदेश

लखनऊ राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों के हितों और औद्योगिक व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर श्रमिक को सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां, समय पर वेतन और सभी वैधानिक सुविधाएं मिलना उसका अधिकार है, और इनके हनन पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में औद्योगिक हालात की समीक्षा मुख्यमंत्री ने बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए औद्योगिक हालात और नोएडा में हालिया घटनाक्रम की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक अशांति फैलाने में शामिल तत्वों की तत्काल पहचान की जाए, खासकर उन लोगों की जो स्वयं को श्रमिक बताकर व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। उपद्रवियों की पहचान और तस्वीरें सार्वजनिक करने का निर्देश सीएम योगी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे अराजक और उपद्रवी तत्वों की तस्वीरें सार्वजनिक स्थलों पर लगाई जाएं, ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने साफ कहा कि श्रमिकों की आड़ में किसी भी बाहरी व्यक्ति को औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को भड़काने वाले संगठनों, अफवाह फैलाने वालों और अराजक तत्वों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों को सुचारु रूप से चलाने और किसी भी प्रकार की बाधा को तुरंत रोकने के निर्देश दिए। मैनपावर एजेंसियों की होगी गहन जांच बैठक में सीएम योगी ने मैनपावर सप्लाई एजेंसियों में अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की वास्तविक संख्या, वेतन भुगतान, ईएसआई, बीमा और अन्य सुविधाओं की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाए। जिन इकाइयों में शिकायतें मिलें, वहां थर्ड पार्टी सर्वे भी कराया जाए। हर उद्योग में ग्रीवांस सेल और बेहतर सुविधाओं के निर्देश मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि हर सरकारी और निजी औद्योगिक इकाई में ग्रीवांस सेल अनिवार्य रूप से बनाया जाए। साथ ही श्रमिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण मेस, डारमेट्री और सस्ते आवास की कार्ययोजना जल्द तैयार करने को कहा गया। उन्होंने श्रमिकों के लिए दुर्घटना बीमा और असामयिक मृत्यु की स्थिति में सुरक्षा कवरेज सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। नोएडा मामले में 66 गिरफ्तार, 45 गैर-श्रमिक होने का दावा इसी बीच नोएडा में श्रमिक प्रदर्शन से जुड़े मामले में पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। प्रशासन के अनुसार अब तक 66 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 45 ऐसे लोग शामिल हैं जो वास्तविक श्रमिक नहीं थे। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा भड़काने में बाहरी तत्वों की भूमिका सामने आई है और जांच जारी है। एजेंसियों पर सख्त चेतावनी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी मैनपावर एजेंसी की लापरवाही से औद्योगिक इकाइयों में प्रदर्शन या अशांति की स्थिति बनती है, तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और उसे स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।  

बायर्न ने रियल मैड्रिड को 4-3 से हराया, चैंपियंस लीग सेमीफाइनल में पहुंची टीम

म्यूनिख   लुइस डियाज और माइकल ओलिस के आखिरी समय में किए गए गोलों की मदद से रियल मैड्रिड के खिलाफ खेले गए रोमांचक क्वार्टरफाइनल के दूसरे लेग में बायर्न ने 4-3 से जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। आर्डा गुलर ने पहले हाफ में दो गोल किए, जबकि एलेक्जेंडर पावलोविच और हैरी केन ने दो-दो गोल करके बराबरी कर ली। हाफ-टाइम से ठीक पहले काइलियन एमबाप्पे ने कुल स्कोर 4-4 कर दिया, लेकिन एडुआर्डो कैमाविंगा के बाहर जाने के बाद आखिरी मिनटों में लुइस डियाज और माइकल ओलिस ने गोल करके बायर्न को जीत दिलाई और कुल स्कोर 6-4 से जीतकर वे आखिरी चार में पहुंच गए। बायर्न का मुकाबला फाइनल फोर में पेरिस सेंट-जर्मेन से होगा, सेमीफाइनल का पहला लेग 28 ​​अप्रैल को होगा। इस सीजन में अपने पिछले सभी पांच चैंपियंस लीग होम मैच जीतने वाले विरोधियों के खिलाफ पहले लेग में 2-1 से पीछे चल रही मैड्रिड ने एक मुश्किल काम की जबरदस्त शुरुआत की, जब अर्डा गुलर ने गोलकीपर मैनुअल न्यूएर के पास को सिर्फ 34 सेकंड के बाद दूर से पहली बार फिनिश करके पूरा किया। इससे पहले हाफ में जबरदस्त मनोरंजन हुआ, एलेक्जेंडर पावलोविच ने जोशुआ किमिच के कॉर्नर पर तेजी से हेडर मारकर बायर्न की कुल बढ़त वापस ला दी, इससे पहले एंड्री लुनिन ने किमिच को रोक दिया और गुलर ने एक शानदार फ्री-किक से फिर से बराबरी कर ली। केन के गोलों की झड़ी में हमेशा भूमिका निभाने की उम्मीद थी और बायर्न के करिश्माई टॉप स्कोरर के शानदार टच और अचूक फिनिश ने उनकी टीम की बढ़त वापस दिला दी। एमबाप्पे ने विनिसियस जूनियर के पास से विजिटर्स को रात में जल्दी ही आगे कर दिया, जिन्होंने उन स्ट्राइक्स के बीच वुडवर्क के खिलाफ एक कोशिश की थी। टाइम से चार मिनट पहले मेहमानों के लिए सब्स्टीट्यूट एडुआर्डो कैमाविंगा के आउट होने के बाद, डियाज के बॉक्स के बाहर से कर्लिंग की कोशिश ने डिफेंडर एडर मिलिटाओ के टच से लुनिन को हरा दिया। मैड्रिड के खिलाड़ियों को आगे भेजने के साथ माइकल ओलिस ने एक शानदार मुकाबले के आखिरी किक के साथ फिनिश किया। बायर्न के हेड कोच विंसेंट कोम्पनी ने कहा, "यह बहुत भावनात्मक मैच था। हमारे पास बहुत ज्यादा समय तक गेंद रही। हमेशा लगता था कि हम स्कोर कर सकते हैं, लेकिन रियल मैड्रिड तो रियल मैड्रिड है। वे हमेशा एक खतरा होते हैं। लड़के मुश्किलों से उबरने के लिए मानसिक तौर पर मजबूत थे। फैंस ने भी हमारी मदद की। हम शांत रहे और हमेशा लगा कि हमारा समय आएगा। अगला गेम सबसे बड़ा है। हम आगे बढ़ते रहेंगे।"

स्मार्ट मीटर लागू होते ही सोलर पैनल उपभोक्ताओं पर बढ़ा बिजली बिल का बोझ

गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद बिजली उपभोक्ताओं की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। खासतौर पर सोलर पैनल लगाने वाले उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। लाखों रुपये खर्च कर सोलर सिस्टम लगवाने के बावजूद अब उन्हें हजारों रुपये के बिजली बिल चुकाने पड़ रहे हैं। इस स्थिति ने उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। सोलर यूनिट का नहीं हो रहा समायोजन पहले की व्यवस्था में सोलर पैनल से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली यूनिट को अगले महीने के बिल में समायोजित कर दिया जाता था। यदि किसी उपभोक्ता ने रोजाना 5 यूनिट बिजली उत्पन्न की और खपत 3 यूनिट रही, तो बिल शून्य आता था और बची हुई 2 यूनिट अगले महीने में जोड़ दी जाती थी। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। अब उपभोक्ताओं को पूरी खपत का बिल देना पड़ रहा है, चाहे उनके पास अतिरिक्त सोलर यूनिट ही क्यों न हो। तकनीकी खामियों ने बढ़ाई परेशानी जिले में अब तक 5820 से अधिक उपभोक्ताओं ने सोलर पैनल लगवाए हैं। इनमें से करीब 3000 उपभोक्ता स्मार्ट मीटर अपडेट न होने और यूनिट एडजस्टमेंट की समस्या से जूझ रहे हैं। वर्ष 2024 से अब तक सोलर योजना के तहत 25,703 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से हजारों उपभोक्ताओं ने 3 किलोवॉट से 5 किलोवॉट क्षमता तक के पैनल लगवाए हैं। सोलर पैनल लगाने में उपभोक्ताओं को डेढ़ लाख से लेकर पांच लाख रुपये तक खर्च करना पड़ा है, लेकिन अब उन्हें इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा। रिचार्ज न होने पर कट रही बिजली स्मार्ट मीटर के साथ लागू किए गए प्रीपेड सिस्टम ने उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ा दी है। अब उपभोक्ताओं को पहले से बिजली के लिए रिचार्ज कराना पड़ रहा है। कई मामलों में बैलेंस होने के बावजूद बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं जो उपभोक्ता समय पर रिचार्ज नहीं कर पा रहे हैं, उनके घरों की बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी जा रही है। उपभोक्ताओं का छलका दर्द महेंद्र एन्क्लेव निवासी सुभाष चौधरी बताते हैं कि उन्होंने एक वर्ष पहले करीब ढाई लाख रुपये खर्च कर 3 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया था। इससे रोजाना 18 से 20 यूनिट बिजली बनती थी और कम खपत होने पर अतिरिक्त यूनिट अगले महीने जुड़ जाती थी। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह सुविधा समाप्त हो गई है। वहीं शास्त्री नगर निवासी रविंद्र गोयल का कहना है कि उन्होंने डेढ़ साल पहले 5 किलोवॉट का सोलर पैनल लगाया था, जिससे उन्हें रोजाना लगभग 30 यूनिट का लाभ मिल रहा था। लेकिन पिछले डेढ़ महीने से मीटर की रीडिंग अपडेट नहीं हो रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। तकनीकी समस्या बता रहे अधिकारी स्मार्ट मीटर में उत्पन्न यह समस्या तकनीकी कारणों से सामने आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही सिस्टम को अपडेट किया जाएगा, जिससे सोलर यूनिट का समायोजन फिर से शुरू हो सकेगा। साथ ही अन्य तकनीकी समस्याओं की भी समीक्षा की जा रही है। अन्य समस्याएं भी बनीं मुसीबत स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ कई अन्य समस्याएं भी सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि सर्वर डाउन होने के कारण कई बार रिचार्ज नहीं हो पाता। ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। बिजली कटने के बाद सप्लाई बहाल होने में घंटों लग जाते हैं। कई उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की है कि उनके पोस्टपेड मीटर अपने आप प्रीपेड में बदल गए हैं। आज इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली कटौती इधर, मरम्मत कार्य के चलते फ्राइडे मार्केट और भोवापुर क्षेत्र में आज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इससे स्थानीय लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

जयपुर RPA में भव्य समारोह, पेंशनर्स के लिए डिजिटल पोर्टल लॉन्च

जयपुर    राजस्थान पुलिस आज यानी 16 अप्रैल 2026 को अपना 77वां स्थापना दिवस मना रही है. इस ऐतिहासिक मौके पर जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्थल पर आगमन बेहद शाही रहा, जहां वे पुलिस की मोटरसाइकिल बटालियन और घुड़सवार जवानों के साथ समारोह स्थल तक पहुंचे. मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली और प्रदेश के जवानों के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया. पुलिस पेंशनर्स को मिला 'डिजिटल उपहार' स्थापना दिवस के इस खास मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस कल्याण की दिशा में एक बड़ी और अनूठी पहल की. उन्होंने राजस्थान पुलिस पेंशनर्स पोर्टल (Rajasthan Police Pensioners Portal) का लोकार्पण किया. इस विशेष सेवा को राजकॉप सिटीजन एप (RajCop Citizen App) से जोड़ा गया है. इस पोर्टल के शुरू होने से अब राजस्थान पुलिस के हजारों पेंशनर्स और उनके परिवारजन घर बैठे डिजिटल सेवाओं का लाभ ले पाएंगे, जिससे उन्हें अपनी पेंशन संबंधी कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. इन 3 नागरिकों को मिला राज्य स्तरीय सम्मान इस वर्ष पुलिस स्थापना दिवस पर केवल जवानों को ही नहीं, बल्कि समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले तीन आम नागरिकों को भी सम्मानित किया गया. मुख्यमंत्री ने सिरोही के समाजसेवी प्रकाश प्रजापति, झालावाड़ के सुरजीत कश्यप और उदयपुर की बाल सुरक्षा सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ के आदेशानुसार इन तीनों ने समाज सेवा में अनुकरणीय भूमिका निभाई है. बाल संरक्षण की अलख जगाने वाली सिंधु बिनुजीत की कहानी सम्मानित होने वालों में उदयपुर की सिंधु बिनुजीत का नाम विशेष चर्चा में है. वर्ष 2010 से डूंगरपुर के आदिवासी क्षेत्रों में बाल श्रम और पलायन रोकने के लिए उन्होंने यूनिसेफ के साथ मिलकर 'वत्सल वार्ता' और 'बाल मित्र थाने' जैसे नवाचार किए. उनके प्रयासों से बच्चों के मन से पुलिस का डर खत्म हुआ. साल 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) भी उनके इस मॉडल से इतनी प्रभावित हुई थीं कि इसे पूरे राज्य में लागू करने के निर्देश दिए गए थे. कोटा से डूंगरपुर तक उत्साह स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेश के सभी जिलों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए. कोटा में रेंज आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल और एसपी तेजस्विनी गौतम की मौजूदगी में परेड हुई और पौधरोपण किया गया. कोटपूतली में एसपी सतवीर सिंह ने झंडारोहण किया. वहीं बांसवाड़ा में एसपी सुधीर जोशी ने 54 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट सेवा पदक से नवाजा. डूंगरपुर में एसपी मनीष कुमार के नेतृत्व में सेरेमोनियल परेड के साथ-साथ रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

Punjab Civic Polls 2026: 9 नगर निगम और 104 नगर परिषद चुनाव आज से, सत्ता की बड़ी परीक्षा

चंडीगढ़. गर्मियों शुरू होते ही पंजाब का राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है। अगले माह मई में यह पारा चर्म पर होगा। क्योंकि 16 या 17 मई को 9 नगर निगम व 104 नगर काउंसिल व नगर पंचायत के चुनाव होने जा रहे हैं। राज्य चुनाव आयोग ने इस प्रकार के संकेत दिए हैं कि मई के मध्य में ही वह चुनाव संपन्न कर सकता है। इन चुनावों को लेकर 5 मई को अंतिम मतदाता सूची जारी हो जाएगी। जिसके तुरंत बाद राज्य चुनाव आयोग इसकी घोषणा कर सकता है। नगर निगम अबोहर की अवधि आठ अप्रैल, मोहाली, होशियारपुर और बठिंडा की 11 अप्रैल, बरनाला की 14 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है। जहां पर स्थानीय सरकार ने प्रशासक लगा दिए हैं। जबकि बटाला की 18 अप्रैल, पठानकोट की 28 अप्रैल, मोगा की 12 मई और कोटकपूरा की अवधि 6 जून को पूरी हो रही है। सात नगर निगम के कार्यकाल की अवधि होगी पूरी मोगा और कोटकपूरा नगर निगम अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद या पहले भंग कर दिया जाएगा। जबकि बाकी के 7 नगर निगम के कार्यकाल की अवधि स्वत: ही पूरी हो जाएगी। कमोवेश यही स्थिति 104 नगर काउंसिल व नगर पंचायत में भी देखने को मिलेगी। 5 मई के बाद जिसका कार्यकाल पूरा होगा उसे भंग किया जाएगा। ताकि सभी के चुनाव एक साथ करवाए जा सकें। राजनीतिक रूप से इन चुनावों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि इस साल के अंत या 2027 के शुरूआत में विधान सभा चुनाव होने हैं। बता दें कि 16 मार्च 2022 को भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। चूंकि अगले वर्ष जनगणना व परिसीमन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। जिसकी वजह से अनुमान लगाया जा रहा हैं कि इस साल के अंत तक विधान सभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। ताकि जनगणना से पहले चुनावी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। चूंकि यह चुनाव शहरी व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में होने हैं। अत: इस चुनाव से पंजाब के शहरी मतदाताओं को रुझान भी सामने आ सकता है। आम आदमी पार्टी को क्या मिल पाएगा स्पष्ट बहुमत आम तौर पर नगर निगम व नगर काउंसिल चुनाव में हमेशा ही सत्तापक्ष का हाथ ऊपर रहता हैं लेकिन यह चुनाव उस समय होने जा रहे हैं जब सरकार का कार्यकाल मात्र छह से सात माह का ही रह जाएगा। सत्ता पक्ष के लिए यह चुनाव इसलिए भी चुनौती पूर्ण हैं क्योंकि नवंबर 2023 में जब जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, फगवाड़ा व पटियाला नगर निगम के चुनाव हुए तो पटियाला को छोड़ कर किसी भी नगर निगम में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया था। हालांकि आम आदमी पार्टी ने सभी नगर निगमों में अपना मेयर बना लिया था। विधान सभा चुनाव से पहले होने वाला यह ‘महा चुनाव’ करीब 55 से अधिक विधान सभा सीटों के रुझान को भी दर्शाएगा।  

आरटीई कोटे के तहत स्कूल चयन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में निकली लॉटरी, बच्चों को मिला मौका

दुर्ग. बच्चों की किस्मत की लॉटरी आखिरकार खुल गई। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों के क्लास वन में प्रवेश देने के लिए लाटरी के माध्यम से स्कूलों का चयन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में निकाली गई। प्रथम चरण की लॉटरी में 1059 बच्चों को स्कूल आवंटित किया गया है। दुर्ग जिले के 528 निजी विद्यालयों में आरटीई की इस बार कुल 1427 सीटें है। जबकि स्वीकृत आवेदनों की संख्या 1899 है। प्रथम चरण की लॉटरी के लिए इस बार सहायक संचालक, 5 पालक, निजी विद्यालय संगठन से जुड़े 2 पदाधिकारी, 2 पालक संघ के प्रतिनिधि तथा 2 मीडिया प्रभारी को विशेष रूप से रायपुर बुलाया गया था। इनकी मौजूदगी में लॉटरी निकाली गई। विभाग की ओर सहायक संचालक समृद्धि जोशी तथा आरटीई कक्ष प्रभारी राजदीप मौजूद थे। दुर्ग जिले के 528 निजी विद्यालयों के प्रारंभिक कक्षाओं में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत भर्ती के लिए 3485 ऑनलाइन आवेदन मिले थे। इनमें से 900 यानी करीब 26% आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। केवल 1899 आवेदन ही स्वीकृत किए गए हैं। इन्हीं आवेदनों पर लॉटरी 15 अप्रैल को निकाली गई। अब 1 मई से 30 मई तक स्कूल दाखिला की प्रक्रिया की जाएगी। वैसे इस बार आरटीई के तहत प्रवेश के लिए निर्धारित सीटों की संख्या में भारी कटौती की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब एक तिहाई सीटों की कटौती हुई है। इस वर्ष केजी-1, केजी – 2 तथा नर्सरी का कांसेप्ट खत्म कर दिया गया है। इस वजह से निजी स्कूलों में आरटीई के तहत केवल पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है, जिसके लिए प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित थी। पिछले वर्ष आरटीई की 4267 सीट थी। यानी इस बार 2840 सीटों की कटौती की गई है।

जन समस्याओं पर सख्त CM साय: कलेक्टरों को तुरंत कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक मई से शुरू होने जा रहे प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार’ के मद्देनजर तमाम कलेक्टरों को पत्र लिखा है. पत्र में शासन की प्राथमिकताओं को गिनाते हुए जन शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान एवं जन समस्या निवारण शिविरों के आयोजन पर जोर दिया गया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने पत्र में बताया कि सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून के मध्य जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा. ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक 15-20 ग्राम पंचायतों के समूह पर और नगरीय क्षेत्रों में वार्डों के क्लस्टर के आधार पर शिविर आयोजित किए जाएं. इन शिविरों में विभिन्न शासकीय योजनाओं के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता सुनिश्चित करने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ वितरण करने, शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण करने के साथ प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन के निराकरण की सूचना अनिवार्य रूप से प्रदान की बात कही गई है. शिविर के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री के अलावा मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, मुख्य सचिव व प्रभारी सचिव के समय-समय पर शामिल होंगे. इसके साथ प्रदेश में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण करेंगे. साथ ही विभिन्न योजनाओं से लोगों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी लेंगे. शिविर में आमजन से मुलाकात के साथ दोपहर के बाद जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक होगी, जिसमें समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति और विभिन्न योजनाओं व परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी, साथ ही आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी. इसके अलावा राज्य स्तर से बिंदुवार समीक्षा पत्रक उपलब्ध कराए जाएंगे. 30 अप्रैल तक व्यापक कार्रवाई के दिए निर्देश सुशासन तिहार के पहले कलेक्टरों से 30 अप्रैल तक भूमि संबंधी प्रकरण – नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन का त्वरित निराकरण, मनरेगा अंतर्गत लंबित मजदूरी का शीघ्र भुगतान, विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के लंबित भुगतान एवं प्रकरणों का निराकरण, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी करने से संबंधित लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन के अलावा बिजली संबंधी शिकायतों के अलावा हैण्डपंप सुधार और पात्रता अनुसार उज्जवला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, वृद्धावस्था / सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की बात कही है. 

उत्तर प्रदेश में तापमान 40 डिग्री पार, लखनऊ में तेज लू का असर

लखनऊ उत्तर प्रदेश में अप्रैल का महीना इस बार जून जैसी तपिश लेकर आया है। मार्च में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार 16 अप्रैल को राज्य के ज्यादातर जिलों में तेज धूप, लू और तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। तापमान में रिकॉर्ड उछाल मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बीते महज चार दिनों में उत्तर प्रदेश के औसत तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण प्रदेश में किसी भी सक्रिय वेदर सिस्टम या पश्चिमी विक्षोभ का न होना है, जिससे सूरज की सीधी किरणें धरती को झुलसा रही हैं। बांदा बना सबसे गर्म जिला बुधवार को बांदा जिला 42.6 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया। वहीं राजधानी लखनऊ में 16 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। शहर में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस किया जा रहा है। इन जिलों में लू का खतरा मौसम विभाग ने जिन जिलों में लू और भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं: गोरखपुर, देवरिया, वाराणसी, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, बस्ती, मिर्जापुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा, बरेली और हापुड़। इन जिलों में दिन के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर दोपहर 12 से 4 बजे के बीच। क्यों अचानक बढ़ी इतनी गर्मी? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तापमान में इस अचानक बढ़ोतरी के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। आसमान पूरी तरह साफ है, पछुआ हवाओं की गति धीमी हो गई है और हवा में नमी की कमी आई है। इन सभी वजहों से गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं, जो गर्मी को और ज्यादा तीखा बना रही हैं। एंटी-साइक्लोन का असर कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बना एंटी-साइक्लोन अब मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके कारण उत्तर प्रदेश में गर्म पछुआ हवाओं का प्रभाव और बढ़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है। 18 अप्रैल के बाद और आक्रामक होगी गर्मी विशेषज्ञों का मानना है कि 18 अप्रैल के बाद प्रदेश में हीटवेव की स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है। कई जिलों में तापमान 41-42 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। फिलहाल 21 अप्रैल तक किसी भी तरह की राहत की उम्मीद नहीं है। मानसून को लेकर बढ़ी चिंता गर्मी के साथ-साथ मानसून को लेकर भी चिंताजनक संकेत मिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस साल ‘ला नीना’ कमजोर पड़ रहा है जबकि ‘एल नीनो’ मजबूत हो रहा है, जिससे बारिश सामान्य से कम हो सकती है। यूरेशिया क्षेत्र में बर्फ के कम फैलाव को भी कमजोर मानसून का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। किसानों और आम जनता पर असर अगर मानसून कमजोर रहता है, तो इसका सीधा असर किसानों की फसलों और जल संसाधनों पर पड़ेगा। साथ ही, बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग में इजाफा और पानी की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। प्रशासन अलर्ट पर प्रदेश में बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।  

अमित शाह का जवाब: ‘सपा मुस्लिम महिलाओं को टिकट दे, हमें कोई आपत्ति नहीं’, मुसलमानों को आरक्षण पर बयान

नई दिल्ली  संसद का विशेष सत्र आज यानी गुरुवार 16 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है. स्‍पेशल सेशन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर विधेयक पेश किया जाएगा. इसके साथ ही परिसीमन से जुड़ा विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है. इसको लेकर सत्‍ता पक्ष और विपक्ष में लामबंदी तेज हो गई है. लोकसभा में कुल मिलाकर तीन विधेयक पेश किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोकसभा को संबोधित कर सकते हैं. विपक्षी दल लाए जा रहे विधेयक का विरोध करने की तैयारी कर रहे हैं. विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के समर्थन में हैं, लेकिन इससे जुड़े परिसीमन का विरोध करते हैं. अब NDA यानी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के पास लोकसभा में संशोधन विधेयक के लिए आंकड़ा फिलहाल नहीं है. ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के लिए विपक्ष की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. दूसरी तरफ, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए गुरुवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इनसे संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है।  अमित शाह ने अखिलेश यादव के बयान पर किया पलटवार अमित शाह ने कहा कि, मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण गैर संवैधानिक है, इसका सवाल ही पैदा नहीं होता. अखिलेश यादव बोले कि आपने अनडेमोक्रेटिक बात कही है. धर्म की बात कही होगी. पूरा देश आधी आबादी को आरक्षण चाहता है. मैं जानना चाहता हूं कि मुस्लिम महिलाओं के लिए क्या. अमित शाह ने कहा- समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है।  कुछ बयान चिंता पैदा कर रहे हैं – अमित शाह सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि जनगणना क्यों नहीं करा रहे. आप धोखा देकर ये बिल लाना चाहते हैं. इस पर अमित शाह ने कहा- अध्यक्ष जी सदन की कार्रवाई को पूरा देश देख रहा हैय कुछ बयान ऐसे किए गए जो जनता में चिंता पैदा कर रहे हैं. अखिलेश पूछ रहे हैं जनगणना क्यों नहीं हो रही है। मैं देश को बताना चाहता हूं जनगणना जारी है. उन्होंने कहा कि हम जातीय जनगणना की मांग करेंगे. मैं बताना चाहता हूं कि सरकार इसका भी निर्णय ले चुकी है। और जाति के साथ ही यह जनगणना हो रही है।  सपा ने किया परिसीमन बिल का विरोध लोकसभा में परिसीन बिल पेश होते ही हंगामा शुरू हो गया है. सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि देश के संविधान में हम संसद को पावर इस बात की दी गई है कि संविधान की रक्षा करें, सुरक्षा करें, लेकिन सभापति जी आज ऐसे बिल आए हैं कि जो हमारे संविधान को ही तोड़-मरोड़ रहे हैं और इसका हम समाजवादी पार्टी के लोग पुरजोर विरोध करते हैं.  सभापति जी जिस तरह से डिलिमिटेशन को जनगणना से पृथक किया जा रहा है. ये मैं समझता हूं कि ये संविधान की भावनाओं के पूरी तरह से विरोध में हैं. समाजवादियों से बड़ा महिलाओं का हितैषी इस देश की कोई पार्टी नहीं है. आज भी आपसे ज्यादा सदस्य हमारे पास हैं. इसलिए सभापति जी आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि इस बिल को संविधान संशोधन बिल को परिसीमन बिल को केंद्र आज संशोधन बिल को वापस लिया जाए।  महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर बयानबाजी भी बढ़ गई है. भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कमिटमेंट के लिए उनका शुक्रिया अदा करता हूं, ताकि भारतीय महिलाओं को उनके अधिकार मिल सकें. यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी लेकिन पूरी नहीं हुई. कांग्रेस, जिसने कई सालों तक और हाल ही में 2004 से 2014 तक राज किया, उसने सिर्फ वादे किए. सोनिया गांधी और राहुल गांधी उन्हें पूरा करने में फेल रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वादे पूरे किए हैं. यह भारतीय जनता पार्टी का महिला सशक्तीकरण के लिए कमिटमेंट है. NDA के सभी घटक पूरी ताकत से एक साथ खड़े रहे हैं. पिछली बार यह बिना किसी विरोध के पास हो गया था, लेकिन इस बार कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां इसका राजनीतिकरण कर रही हैं. वे एक बार फिर महिलाओं को उनके अधिकार मिलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।  विपक्ष पर क्‍या आरोप अनुराग ठाकुर ने कहा कि विपक्षी दल एक के बाद एक बहाने ढूंढ रहे हैं. सच तो यह है कि कांग्रेस और दूसरी पार्टियां महिला सशक्तीकरण के पक्ष में नहीं लगतीं, लेकिन कुछ भी हो महिलाओं को उनके अधिकार मिलने चाहिए. प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी ने महिलाओं के लिए न्याय पक्का किया है. कांग्रेस ने हमेशा देश को बांटने की कोशिश की है, कभी जाति, धर्म और कभी इलाके के आधार पर. भाजपा सांसद ने आगे कहा कि आज भी कांग्रेस के कुछ साथी यह तर्क देते हैं कि दक्षिणी राज्यों में सीटें कम हो जाएंगी. हम बड़ी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहते हैं कि किसी का हक, किसी की सीटें कम नहीं हो रही हैं, बल्कि सबके साथ इंसाफ हो रहा है।   जातिगत जनगणना पर अमित शाह और अखिलेश यादव में बहस संसद विशेष सत्र लाइव: संसद में जनगणना और आरक्षण के मुद्दे पर उस समय तीखी बहस देखने को मिली, जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से जनगणना में देरी को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि आखिर जनगणना का इंतजार क्यों नहीं किया जा रहा है, क्योंकि उनकी पार्टी जाति आधारित जनगणना की मांग लगातार कर रही है. इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार ने जनगणना का काम शुरू कर दिया है और इसमें जाति आधारित आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि फिलहाल हाउसलिस्टिंग का कार्य चल रहा है और जब मुख्य जनगणना शुरू होगी, तब उसमें जाति का कॉलम भी जोड़ा जाएगा. अमित शाह ने आगे कहा कि सरकार का … Read more

हमारे प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया मातृसत्ता से जुड़ने का रास्ता

हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग हो रहा है आरंभ 16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की होगी मंगलमय तारीख विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से हमारा लोकतंत्र बनेगा अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का है उत्कृष्ट उदाहरण जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चुनौतीपूर्ण कार्यों को पूरा करते हुए मध्यप्रदेश सहित देश को सशक्त बनाया है। उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया है। हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं। गुरुवार 16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की मंगलमय तारीख होगी। देश की विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विषय आएगा तो वह समय देश में होली-दीवाली एक साथ मनाने जैसा होगा। शासन के सूत्र जब बहनों के हाथ में आते हैं तो संवेदनशीलता से परिपूर्ण कितने नवाचार किए जा सकते हैं, इसके कई उत्कृष्ट उदाहरण हमारे सामने हैं। मध्यप्रदेश रानी दुर्गावती की धरती है। राज्य सरकार ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती मनाई। उनकी शासन व्यवस्था में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बलबूते पर काशी में बाबा विश्वनाथ का धाम बनाया। सभी तीर्थ स्थलों पर अन्न क्षेत्र और यात्रियों के रुकने की व्यवस्था कराई। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम-प्रबुद्ध जन सम्मेलन'' को संबोधित कर रहे थे। रविंद्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में कार्यक्रम वंदे मातरम गान के साथ आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नारी शक्ति वंदन पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं, नगरीय निकायों तथा पंचायत राज संस्थाओं की प्रतिनिधियों, महिला पत्रकार, छात्राएं शामिल हुईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोर्ड परीक्षा में टॉपर बालिकाओं को सराहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंड्री और हाई स्कूल परीक्षा की टॉपर छात्राओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने वाली छात्राओं का अंगवस्त्रम के साथ नारियल और पौधा भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नागरिक विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, शिक्षाविद सुश्री शोभा पैठनकर, विधायक एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस और सांसद श्रीमती लता वानखेड़े विशेष रूप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम में जवाहर बाल भवन की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना का गायन किया। मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण किए प्रस्तुत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश के नगरीय निकायों में बहनों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के आधे से अधिक स्थानीय निकायों की कमान बहनें संभाल रही हैं। लोकसभा में हमारी 6 बहनें सांसद और विधानसभा में 27 बहनें विधायक हैं। प्रदेश में 5 महिला मंत्री अपने विभागों की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। ग्वालियर अंचल से राजमाता विजया राजे सिंधिया ने तत्कालीन सरकार को छोड़ा और प्रदेश में पहली संविद सरकार बनाई । विनम्रता की प्रतिमूर्ति राजमाता ने कभी कोई पद नहीं लिया और जनता के लिए कार्य करती रहीं। इंदौर की बहन श्रीमती सुमित्रा महाजन लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष रहीं। पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज ने भी लोकसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। आज देश का राष्ट्रपति का पद श्रीमती द्रोपदी मुर्मु संभाल रही हैं। महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास हमारी प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में देश सशक्त हो रहा है। महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास उनकी प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने का उल्लेखनीय कार्य भी हुआ है। देश में महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक है। इससे हमारा लोकतंत्र अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील बनेगा। सभी वर्गों और पार्टियों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग अपेक्षित : सुश्री भूरिया महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में लागू होने जा रहे नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश में नारी शक्ति को सशक्त नेतृत्व के और अधिक अवसर मिलेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए महिलाओं को आरक्षण देने की पहल की है। इससे देश की विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी होगी। देश के नीतिगत निर्णयों में मातृ शक्ति की हिस्सेदारी बढ़ेगी। राज्य सरकार भी नारी सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, जिसका लाभ प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा है। पहली बार महेश्वर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित कैबिनेट हुई और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पूरा वर्ष नारी कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। अब समय आ गया है कि देश के सभी वर्गों और दलों के प्रतिनिधियों को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग करना चाहिए। हमारा हर कदम देश-प्रदेश को आगे ले जाने के लिए होगा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम : राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर नारी शक्ति सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा लाए गए 106वें संविधान संशोधन के माध्यम से देश की करोड़ों महिलाओं को वह सम्मान और संवैधानिक शक्ति मिली है, जिसका 1996 से 2010 … Read more