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17 अप्रैल राशिफल: शुभ दिन के साथ कुछ राशियों को मिल सकती हैं चुनौतियाँ

मेष राशि मेष राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। आपका खुशमिजाज स्वभाव लोगों को आकर्षित करेगा और अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं। घर को बेहतर बनाने का विचार भी आ सकता है, लेकिन परिवार में हल्की अनबन संभव है। सामाजिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी और जीवनसाथी आपको खुश रखने की कोशिश करेगा। वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रहेगा। आपका व्यक्तित्व प्रभावशाली रहेगा, लेकिन कार्यस्थल पर व्यवहार में सावधानी रखें। उधार चुकाने और घरेलू काम निपटाने के लिए दिन अच्छा है। पैसों से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है और फिट रहने के लिए नई शुरुआत कर सकते हैं। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहेगा। काम का दबाव थकान दे सकता है, लेकिन व्यापार या आय के क्षेत्र में लाभ मिलेगा। संतान से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। पुराने दोस्तों से मुलाकात खुशी देगी, लेकिन अधिक उम्मीदें रखने से बचें। प्रेम जीवन मधुर रहेगा। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य से बेहतर रहेगा। सेहत अच्छी रहेगी और योग-ध्यान से लाभ मिलेगा। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। काम में दूसरों की मदद करनी पड़ सकती है और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का मौका मिलेगा। परिवार में सुखद माहौल बना रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन आराम और संतुलन का रहेगा। अपनों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। नया काम शुरू करने वालों को अच्छे संकेत मिलेंगे। जीवनसाथी के साथ समय सुखद रहेगा। कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन सावधानी का संकेत दे रहा है। व्यवहार में नरमी रखें, नहीं तो रिश्तों में तनाव आ सकता है। बिना सोचे-समझे किसी को पैसा उधार न दें। आर्थिक रूप से लाभ के योग हैं, लेकिन विवादों से दूर रहना बेहतर रहेगा। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए आज का दिन लाभदायक रहेगा। निवेश से फायदा हो सकता है और व्यापार में उन्नति के योग हैं। काम में आपके आइडिया सफल होंगे। कोई प्रॉपर्टी से जुड़ा काम आगे बढ़ सकता है। दोस्तों के सहयोग से नए अवसर मिलेंगे और सामाजिक जीवन सक्रिय रहेगा। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। सेहत बेहतर रहेगी और रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। काम में आ रही परेशानियों का हल मिल सकता है और कोई नया प्लान भी बन सकता है। धनु राशि धनु राशि वालों के लिए आज का दिन प्रगति लेकर आएगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, लेकिन सेहत का ध्यान रखें। मकर राशि मकर राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत का फल देने वाला रहेगा। नौकरी और व्यापार दोनों में लाभ के संकेत हैं। आपकी मेहनत की सराहना होगी। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें और खर्चों को नियंत्रण में रखें। प्रेम जीवन भी सुखद रहेगा। कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। दोस्तों के साथ समय बिताकर मन खुश रहेगा। करियर में किसी मित्र की मदद से फायदा मिल सकता है। परिवार में हल्की परेशानियां हो सकती हैं, लेकिन मानसिक शांति बनी रहेगी। मीन राशि मीन राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा सावधानी भरा रहेगा। ऑफिस में सतर्क रहें और किसी भी तरह की राजनीति से बचें। खर्च बढ़ सकता है, लेकिन परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताकर खुशी मिलेगी। प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव संभव है।

जयपुर: मुख्यमंत्री ने पदोन्नति नियमों में छूट और नए पदों की घोषणा की

जयपुर जयपुर सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कर्मचारियों और अधिकारियों के हित में कई बड़ी घोषणाएं की हैं. मुख्यमंत्री ने सहायक शासन सचिव के 15 नए पद सृजित करने का ऐलान किया. इसके साथ ही पदोन्नति को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने अनुभव की शर्त में 2 वर्ष की छूट देने की घोषणा की है, जिससे सचिवालय के बड़े वर्ग को लाभ मिलने की संभावना है. इस फैसले से अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है. अनुकंपा नियुक्ति के दायरे को बढ़ाते हुए अब पुत्रवधू को भी इसका लाभ देने का फैसला किया गया है. आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर विचार के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी. नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की शपथ शासन सचिवालय प्रांगण में राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन हुआ. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अध्यक्षता करते हुए नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस दौरान मंत्री कन्हैयालाल चौधरी भी मौजूद रहे.  मुख्यमंत्री ने कहा कि पद केवल अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी है, और अधिकारियों का आचरण संतुलित, जवाबदेह और पारदर्शी होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सचिवालय राज्य की 8 करोड़ जनता की उम्मीदों और योजनाओं का केंद्र है, जहां से महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं. पारदर्शिता के साथ काम करने की अपील मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से निष्ठा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ काम करने की अपील की और कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने मिशन कर्मयोगी का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए नई तकनीक, ई-गवर्नेंस और पेपरलेस व्यवस्था को अपनाना जरूरी है. सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल और बिजली व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है और आने वाले समय में प्रदेश में इन दोनों क्षेत्रों में और सुधार देखने को मिलेगा. कार्यक्रम में मुख्य सचिव बी. श्रीनिवास और संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अगवन शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे.

पॉलिटेक्निक कालेज के विद्यार्थियों को मिलेगी सौ सीटर छात्रावास की सुविधा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल.  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नवीन सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पॉलिटेक्निक कालेज के विद्यार्थियों के लिए सौ सीटर छात्रावास निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। छात्राओं के लिए कालेज परिसर तथा छात्रों के लिए राजस्व अधिकारी द्वारा निराला नगर में चिन्हित जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कराएं। इसके साथ पॉलिटेक्निक कालेज को 144 लाख रुपए की लागत से स्पोर्ट्स काम्पलेक्स निर्माण की भी मंजूरी दी गई है। तकनीकी अधिकारी स्वीकृत कार्यों को तत्काल शुरू कराएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बायपास मार्ग में पुल के सुधार का कार्य 15 दिन में अनिवार्य रूप से पूरा कराएं। पुल से आवागमन बंद होने के कारण रीवा शहर तथा आसपास के क्षेत्रों में जाम लगने के कारण आमजन को कठिनाई हो रही है। रात में भी विवाह समारोहों के कारण सड़कों पर चहल-पहल रहती है। ऐसे में भारी वाहनों को शहर से निकालना भी कठिन है। बायपास रोड के चौड़ीकरण का कार्य भी तय समय सीमा में पूरा कराएं। कलेक्टर निर्माण कार्यों की सतत निगरानी करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सोहागी घाट में दुर्घटनाएं रोकने के लिए सुधार कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हो गई है। इसके लिए 14 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मंजूर कर दी गई है। वन मण्डलाधिकारी निर्माण कार्यों के लिए शीघ्र स्वीकृति जारी कराएं, जिससे निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। बैठक में एमपीआरडीसी के प्रभारी जीएम अंशुल करोड़िया ने बताया की बायपास में पुल के सुधार का कार्य 30 अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। सोहागी घाटी में निर्माण कार्य के लिए वन विभाग द्वारा पूर्व में अनुमति दी गई थी। नवीन कार्य के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया है। अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, प्रभारी आयुक्त नगर निगम मेहताब सिंह गुर्जर, वन मण्डलाधिकारी लोकेश निरापुरे, शैलेन्द्र शुक्ला, एसडीएम हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी तथा निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

69554 किसानों से 30 लाख 79 हजार 96 क्विंटल गेहूँ उपार्जित : मंत्री राजपूत

भोपाल.  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 69 हज़ार 554 किसानों से 30 लाख 79 हजार 96 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 178 करोड़ 57 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। गेहूँ का उपार्जन सभी संभागों में शुरू हो चुका है। अभी तक 3 लाख 32 हजार 58 किसानों द्वारा 1 करोड़ 45 लाख 92 हजार 76 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसान गेहूँ बिक्रय के लिये 24 अप्रैल 2026 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं। खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूँ की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गई है। उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूँ बिक्री की सभी सुविधाएं मंत्री राजपूत ने बताया है कि जिन जिलों में गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहाँ गेहूँ विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूं में से 20 लाख 43 हजार 438 क्विंटल गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है। प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।  

धीरेंद्र शास्त्री की संस्था को मिली केंद्र सरकार की मंजूरी, विदेशों से भी आएगा दान

छतरपुर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम को अब विदेश से पैसा (दान) लेने की सरकारी मंजूरी मिल गई है. यह मंजूरी भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) के तहत दी है. यानी अब बागेश्वर धाम से जुड़ी संस्था विदेश में रहने वाले लोगों से भी कानूनी तरीके से दान ले सकेगी. पहले ऐसा करने के लिए खास अनुमति जरूरी होती थी, जो अब मिल गई है।  धीरेंद्र शास्त्री की देखरेख में काम करने वाली धार्मिक संस्था बागेश्वर जन सेवा समिति ग्राम गड़ा जिला छतरपुर मध्य प्रदेश में स्थित है. यह संस्था धार्मिक (हिंदू), सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में काम करती है. अब विदेश से मिलने वाले फंड का उपयोग इन सभी कामों को आगे बढ़ाने में किया जा सकेगा।  बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पिछले कुछ समय से काफी चर्चा में हैं. उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं और उनके अनुयायी भारत ही नहीं, विदेशों में भी मौजूद हैं. ऐसे में यह मंजूरी उनके लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है।  विदेशी भक्त अब दे सकेंगे दान दरअसल, अभी यह नियम था कि विदेशी चंदा के लिए सरकार से अनुमति लेनी पड़ती थी। अब यह अनुमित लेने की जरूरत नहीं है। विदेशी भक्त उनकी संस्था के खाते में सीधे दान की राशि डाल सकते हैं। इस धार्मिक संस्था का नाम बागेश्वर जन सेवा समिति गड़ा में स्थित है। यह संस्था सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में काम करती है। बागेश्वर धाम प्रबंधन विदेशी फंड का उपयोग सभी कामों के लिए किया जा सकेगा। विदेशी दान का रखना होगा हिसाब वहीं, विदेशों से मिलने वाली राशि का हिसाब संस्था को रखना होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि उन पैसों को कहां खर्च किया गया। इसकी जानकारी केंद्र की सरकार को देनी होती है। साथ ही दान की यह राशि एक ही खाते में आएगी। विदेशों में भी है बाबा की प्रसिद्धि     बाबा बागेश्वर की प्रसिद्धि देश ही नहीं विदेश में भी है     यूएई से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक में होती है बाबा की कथाएं     अब विदेशी भक्तों से बाबा की संस्था को मिल सकेगा दान 15 एनजीओ को मिली है अनुमति गौरतलब है कि 15 अप्रैल को 38 एनजीओ को एफसीआरए रजिस्ट्रेशन दिया गया है। ये संस्थाएं विदेशों से दान ले सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें पश्चिम बंगाल के बोलपुर, बिहार के पूर्णिया में रामकृष्ण मिशन, दिल्ली में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, कर्नाटक के धर्मस्थल द इंस्टीट्यूशन और यूपी के आगरा में राधा स्वामी सस्संग शामिल हैं। पांच साल तक वैध होता है यह रजिस्ट्रेशन एफसीआरए रजिस्ट्रेशन पांच साल के लिए वैध होता है। इसके बाद इसे रिन्यू करवाने के लिए एनजीओ को फिर से आवेदन करना होता है। वहीं, 2015 से अब तक 18000 से ज्यादा एनजीओ को एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द किए जा चुके हैं। मुनेश्वर कुमार हालांकि, इस मंजूरी के साथ कुछ जरूरी नियम भी जुड़े होते हैं. FCRA के तहत जो भी संस्था विदेश से पैसा लेती है, उसे पूरा हिसाब रखना होता है. यानी पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ, इसकी जानकारी सरकार को देनी होती है. साथ ही, एक तय बैंक खाते के जरिए ही यह लेन-देन करना होता है और समय-समय पर रिपोर्ट भी जमा करनी पड़ती है।  संस्था को सभी नियमों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा. इस फैसले से बागेश्वर धाम की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. यह संस्था दान के जरिए मिलने वाले फंड से शिक्षा, सेवा और अन्य योजनाओं पर काम करती है।  इन संस्थाओं को भी मिली मंजूरी  बागेश्वर धाम के अलावा, इस कैटेगरी के तहत रजिस्टर्ड अन्य संस्थाओं में पश्चिम बंगाल के बोलपुर और बिहार के पूर्णिया में रामकृष्ण मिशन, दिल्ली में 'दिव्य ज्योति जागृति संस्थान', कर्नाटक के धर्मस्थल में 'द इंस्टीट्यूशन' और उत्तर प्रदेश के आगरा में 'राधा स्वामी सत्संग' शामिल हैं। FCRA रजिस्ट्रेशन पांच साल के लिए वैध होता है, जिसके बाद NGO को इसे रिन्यू करवाने के लिए आवेदन करना होता है। 2015 से अब तक 18,000 से ज्यादा NGO के FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द किए जा चुके हैं। 15 अप्रैल तक, देश में 14,538 FCRA-रजिस्टर्ड NGO सक्रिय हैं। नए विधेयक पर सरकार को झटका संसद के बजट सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने 2010 के अधिनियम में संशोधन करने के लिए 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) संशोधन विधेयक, 2026' पेश करने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, विपक्षी दलों के हंगामे के बाद, इस पर चर्चा और इसे पारित करने का काम टाल दिया गया। चुनावी राज्यों तमिलनाडु और केरल के मुख्यमंत्रियों एवं ईसाई समूहों ने इस विधेयक का विरोध किया। यह मंत्रालय को किसी NGO की संपत्ति और परिसंपत्तियों को अपने कब्ज में लेने का अधिकार देता है, यदि उस NGO का FCRA पंजीकरण रद्द या निलंबित कर दिया जाता है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अबू सलेम की रिहाई की अर्जी खारिज की, कहा- ‘2030 से पहले रिहाई संभव नहीं’

 मुंबई 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट और अन्य मामलों में सजा काट रहे अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने उसकी समय से पहले रिहाई की मांग को खारिज कर दिया है और स्पष्ट किया है कि वह 2030 से पहले जेल से बाहर नहीं आ सकता।  जस्टिस ए.एस. गडकरी और जस्टिस कमल खाता की बेंच ने अपने फैसले में कहा कि सलेम की याचिका समय से पहले और आधारहीन है. कोर्ट ने यह भी कहा कि 25 साल की सजा पूरी होने से पहले किसी तरह की रियायत या रिमिशन (छूट) पर विचार नहीं किया जा सकता।  हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सरकार का यह कर्तव्य है कि वह सजा पूरी होने से एक महीने पहले ही रिमिशन पर विचार करे. यानी सलेम के मामले में यह प्रक्रिया नवंबर 2030 के आसपास ही शुरू हो सकती है।  कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने सजा को 25 साल तक सीमित करते हुए किसी भी अतिरिक्त छूट का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखा है. इसलिए इससे पहले किसी तरह की राहत देना संभव नहीं है।  अबू सलेम की दलील क्या थी? अबू सलेम ने अपनी याचिका में कहा था कि वह 25 साल की सजा लगभग पूरी कर चुका है. उसने अपने अंडरट्रायल अवधि, सजा के बाद की जेल अवधि और जेल में मिली छूट (रिमिशन) को जोड़कर यह दावा किया था कि अब उसे रिहा किया जाना चाहिए. उसकी ओर से वकील फरहाना शाह ने कोर्ट में दलील दी।  केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने इस दलील का विरोध किया. उन्होंने कहा कि सलेम की याचिका समय से पहले दायर की गई है और इसमें कोई दम नहीं है. सरकार का तर्क था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय 25 साल की सजा का मतलब वास्तविक जेल में बिताया गया समय है, न कि वह अवधि जिसमें रिमिशन जोड़कर सजा कम की जाए।  सीबीआई और जेल प्रशासन की ओर से भी इस याचिका का विरोध किया गया और कहा गया कि सलेम को कम से कम 25 साल जेल में रहना ही होगा. हाईकोर्ट ने सरकार और सीबीआई के तर्कों से सहमति जताई और कहा कि सलेम की याचिका पूरी तरह गलत आधार पर दायर की गई है. अदालत ने कहा कि रिमिशन को जोड़कर सजा की गणना करना इस मामले में लागू नहीं होता, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही सजा को 25 साल की निश्चित अवधि में सीमित कर दिया है।  कब तक जेल में रहेगा अबू सलेम? अबू सलेम को पुर्तगाल से प्रत्यर्पण (Extradition) के जरिए नवंबर 2005 में भारत लाया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्यर्पण समझौते के तहत उसकी उम्रकैद की सजा को 25 साल तक सीमित किया था. इस आधार पर देखा जाए तो सलेम की 25 साल की अवधि नवंबर 2030 में पूरी होगी. इसके बाद ही उसकी रिहाई या किसी तरह की राहत पर विचार किया जा सकता है. अबू सलेम 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में दोषी है, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी और कई लोग घायल हुए थे. इसके अलावा वह एक व्यवसायी प्रदीप जैन की हत्या के मामले में भी सजा काट रहा है। 

बोकारो में कंकाल मामले पर HC का बड़ा सवाल, पुलिस की लापरवाही पर जताई नाराजगी

 बोकारो झारखंड के बोकारो में एक युवती के लापता होने और उसके बाद जंगल से एक महिला का कंकाल मिलने के मामले में पुलिस की लापरवाही को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष जताते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP), बोकारो SP, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के निदेशक और विशेष जांच टीम (SIT) को समन जारी करते हुए 16 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह समन जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने लापता लड़की की मां रेखा देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया। उनकी 18 वर्षीय बेटी 31 जुलाई 2025 से लापता है। इस संबंध में बोकारो के पिंड्राजोरा थाने में FIR दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने पर लापता लड़की की मां ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बिना जांच के पुलिस ने किया बड़ा दावा इसी बीच हाल ही में बोकारो पुलिस ने जंगल से एक स्त्री का कंकाल बरामद किया और दावा किया कि यह लापता लड़की का हो सकता है। हालांकि याचिकाकर्ता रेखा देवी के वकील ने अदालत को बताया कि बोकारो पुलिस द्वारा बरामद किया गया महिला का कंकाल लापता पीड़िता का नहीं है। 'कंकाल मिलने के बाद भी DNA मिलान नहीं कराया' इसके बाद न्यायाधीशों ने सरकार से पूछा कि क्या उस कंकाल का रेखा देवी और उनके पति के साथ DNA के साथ मिलान किया गया है। तब ना में जवाब मिलने पर अदालत ने इस बात पर नाराजगी जताई कि कंकाल के कई दिन पहले ही बरामद हो जाने के बावजूद, कोई DNA टेस्ट नहीं किया गया और न ही कोई सैंपल लिया गया। HC ने कहा- पूरी प्रक्रिया में की जा रही देरी अदालत को बताया गया कि इस मामले में दिनेश महतो नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बोकारो के एक जंगल से एक महिला का कंकाल बरामद किया गया है। तो जजों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर सैंपल पहले ही ले लिया गया होता, तो नतीजा कुछ ही घंटों में पता चल जाता, लेकिन बिना किसी वजह के पूरी प्रक्रिया में देरी की जा रही है। 18 पुलिस कांस्टेबलों को किया गया निलंबित इसी बीच, बोकारो SP ने इस केस में ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में पिंडराजोड़ा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज सहित 18 पुलिस कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया है। रेखा देवी की 18 साल की बेटी 31 जुलाई, 2025 को लापता हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने पिंडराजोड़ा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई थी। लेकिन बेटी का खोजने के लिए पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर, रेखा देवी ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की, तब जाकर पुलिस हरकत में आई।  

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की शुरूआत : अब नागरिक खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी

रायपुर.  छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के तारतम्य में 16 से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया की शुरूआत हुई है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील ने स्व-गणना के तहत स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ, छत्तीसगढ़ जनगणना निदेशक कार्तिकेय गोयल सहित जनगणना निदेशालय के अधिकारी भी मौजूद थे। मुख्य सचिव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी जानकारी स्वयं भरकर जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं। राज्य में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया गया है। आज अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ ने भी स्व-जनगणना के तहत अपनी जानकारी पोर्टल पर जानकारी दर्ज की। स्व-गणना के लिए se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर आसानी से विवरण भरा जा सकता है।  मुख्य सचिव ने कहा है कि यह पहल जनगणना प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और अधिक विश्वनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लोग अपनी सही और पूरी जानकारी स्वयं साझा कर सकेंगे। स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद, 1 मई से 30 मई तक जनगणना टीम घर-घर जाकर लोगों से जानकारी एकत्रित करेगी। प्रगणक घर-घर आकर जानकारी दर्ज करेंगे। हर मकान की जानकारी दर्ज की जाएगी। घर की स्थिति, सुविधाएं और मूलभूत जानकारी संकलित की जाएगी। जिन्होंने स्व-गणना के तहत जानकारी दर्ज की है वे जनगणना प्रगणकों के घर आने पर उनसे SE ID जरूर साझा करें। यदि कोई स्व-गणना नहीं कर पाते है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ राज्य में 1 मई से 30 मई 2026 तक की अवधि में प्रगणक आपके घर आकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जनगणना निदेशालय के संयुक्त संचालक प्रदीप साव सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

योगी बोले- यूपी में ‘नो कर्फ्यू नो दंगा’, बंगाल में BJP सरकार का किया दावा

लखनऊ पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है। सीएम योगी आदित्यानाथ एनडीए के लिए ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। गुरूवार को बाराबनी में योगी ने चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उनके निशाने पर टीएमसी और ममता बनर्जी रहीं। योगी ने समाजवादी पार्टी का नाम लेकर तृणमूल कांग्रेस(TMC) पर हमला बोला। उन्होने कहा कि जिस तरह ममता दीदी को राम और दुर्गा के नाम से चिढ़ होती है। वैसी है यूपी में भी थी। लेकिन न सपा के विरोध से और न ही कांग्रेस विरोध से राममंदिर का आंदोलन रुका। योगी ने एक कार सेवक का जिक्र करते हुए कहा कि उसने मुझे बताया कि 1990 में टीएमएस की ही समर्थित पार्टी सपा ने उन पर गोलियां चलवाईं थी। सपा सरकार में गोलियां चली थीं। दंगा नहीं होगा ये सिर्फ बीजेपी गारंटी दे सकती है- योगी योगी ने कहा कि लेकिन जब डबल इंजन की सरकार आई तो अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनकर खड़ा हो गया। मोदी है तो मुमकिन है। ये गारंटी सिर्फ बीजेपी दे सकती है कि दंगा नहीं होगा, कर्फ्यू नहीं लगेगा, गौमाता को कटने नहीं देंगे, और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। बंगाल में बुलडोजर का जिक्र करते हुए कहा कि बुलडोजर सिर्फ सड़कें नहीं बनाता, माफियाओं का भी इलाज करता है। बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों की पसलियों को मसल डालता है। नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा- योगी उन्होने कहा कि यूपी में अब दंगा नहीं होता। नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा। अब कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता है। जितने माफिया थे, सब जहन्नुम की यात्रा पर चले गए। अब कोई माफिया नहीं है। कोई गुंडा नहीं है। अब वहां पर हर नागरिक सुरक्षित है। गुंडे-माफिया का इलाज सिर्फ भाजपा ही कर सकती है। कल्चरल कैपिटल को क्राइम कैपिटल बना दिया- योगी टीएमसी पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि एक समय बंगाल कल्चरल कैपिटल था, लेकिन आज क्राइम कैपिटल बन गया है। टीएमसी ने बंगाल को भ्रष्टाचार और अराजकता का केंद्र बना दिया। यहां के संसाधनों पर माफिया हावी हो रहे हैं। टीएमसी के गुंडे क्या कह रहे हैं, कोई माफिया क्या कह रहा है, उससे डरने की जरूरत नहीं है। आने दीजिए बंगाल में डबल इंजन की सरकार। ये लोग आपको सड़कों पर झाडू लगाते दिखाई देंगे। देखिए यूपी में कितना परिवर्तन हो गया है। कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता है। सभी पर्व- त्यौहार शांति से बनाए जाते हैं। उज्जवल भविष्य की गारंटी सिर्फ भाजपा है। इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने एनडीए प्रत्याशी को लिए वोट देने की अपील की।

उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया वेदांता पावर प्लांट के घटनास्थल का निरीक्षण

रायपुर.  छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग,  श्रम, सार्वजनिक उपक्रम एवं आबकारी विभाग के मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए हादसे के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मृत श्रमिकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मंत्री देवांगन ने सिंघीतराई में ही कलेक्टर अमृत विकास टोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर तथा वेदांता प्रबंधन के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने श्रम कानूनों के अनुरूप घटना के तकनीकी पहलुओं की गहराई से जाँच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में वेदांता प्रबंधन के चीफ हेड ऑफ ऑपरेशन सुशील बेहरा ने घटना से संबंधित जानकारी दी। इस दौरान बॉयलर विशेषज्ञ गुंजन शुक्ला ने हादसे की प्रारंभिक संभावनाओं के बारे में अवगत कराया। मंत्री देवांगन ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि जाँच पूरी सतर्कता और सूक्ष्मता से की जाए तथा प्रभावित परिवारों को मुआवजा, रोजगार और दुर्घटना में दिव्यांग होने की स्थिति में पेंशन जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने श्रमिकों के ईएसआईसी और पीएफ से संबंधित जानकारी भी ली। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और मुख्यमंत्री स्वयं घटना की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अस्पताल में उपचार करा रहे घायल मजदूरों से मिले उद्योग मंत्री उद्योग, श्रम, वाणिज्य, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने वेदांता पावर प्लांट दुर्घटना में घायल मजदूरों से मुलाकात की, जो रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एपेक्स हॉस्पिटल, मेट्रो हॉस्पिटल तथा जिंदल–फोर्टिस हॉस्पिटल पहुँचकर घायलों का हालचाल जाना, परिजनों से चर्चा की और शासन की ओर से सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी। मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को घायलों के बेहतर और निरंतर उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि कंपनी के मुआवजे के अतिरिक्त प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक आप पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं हो जाते, आपका उपचार सतत रूप से चलता रहेगा।