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मथुरा नाव हादसा: पंकज मल्होत्रा का शव बरामद, मृतकों की संख्या 16, जलालाबाद में दुख का माहौल

जलालाबाद  मथुरा नाव हादसे में लापता चल रहे पंकज मल्होत्रा का शव बरामद कर लिया गया है। उनका शव हादसे वाली जगह से करीब ढाई किलोमीटर आगे देवराहा बाबा घाट और पानीगांव पुल के नीचे यमुना नदी में मिला।   प्रशासन और गोताखोरों की टीम पिछले सात दिनों से लगातार यमुना में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। आज सुबह तलाशी अभियान के दौरान पंकज मल्होत्रा का शव पानी में उतराता हुआ दिखाई दिया जिसके बाद उसे बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। जलालाबाद के अग्रवाल कॉलोनी, गली नंबर एक के रहने वाले पंकज मल्होत्रा अपने मौसा-मौसी के साथ मथुरा गए थे। हादसे में उनके मौसा-मौसी की भी मौत हो चुकी है। पंकज का परिवार हादसे के बाद से मथुरा में अपने बेटे की तलाश में जुटे हुए थे। 10 अप्रैल को यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई थी। हादसे के बाद कई लोग नदी में डूब गए थे। तब से प्रशासन, पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार लापता लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। सातवें दिन अंतिम लापता व्यक्ति का शव मिलने के बाद सर्च अभियान समाप्त कर दिया गया है।

साइबर फ्रॉड: पटना में बैंक अधिकारी को निवेश के नाम पर लगाया 97.06 लाख का चूना

पटना राजधानी पटना में एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी से साइबर अपराधियों ने 97.06 लाख की ठगी की है। अब उन्होंने इसकी शिकायत साइबर थाना में की है। सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी अमरेंद्र कुमार सिन्हा हैं, जो खुद बैंकिंग प्रणाली के विशेषज्ञ थे। वह अगस्त 2024 में पूर्णिया जिला में होम लोन ब्रांच में मुख्य प्रबंधक के पद से रिटायर हुए थे। वर्तमान में पटना के पुनाईचक इलाके में रहते हैं। फेसबुक विज्ञापन से हुई शुरुआत अमरेंद्र कुमार सिन्हा की ठगी की कहानी एक सोशल मीडिया विज्ञापन से शुरू हुई। फेसबुक पर उन्होंने वेपलोग नामक एक विज्ञापन पर क्लिक  किया था, जिसके बाद अमरेंद्र कुमार सिन्हा एक युवती के संपर्क में आए। उस युवती ने खुद का परिचय साक्षी अग्रवाल के रूप में दी थी। साक्षी ने खुद को मुंबई स्थित वीवी कंस्ट्रक्शन का सीईओ बताया। उसने अपने कार्यालय का पता खोजा सोसाइटी, वैशाली नगर, जोगेश्वरी, वेस्ट मुंबई बताया था। साक्षी ने बातचीत के दौरान अमरेन्द्र कुमार सिन्हा का भरोसा जीत लिया। फिर दोनों के बीच व्हाट्सएप चैट और वीडियो कॉल के जरिए नियमित बातचीत होने लगी, जिससे अमरेंद्र का उस पर भरोसा  लगातार गहरा होता चला गया। कमीशन और ऑडिट के नाम पर वसूली साक्षी ने अमरेंद्र को पॉलीअस फाइनेंस पिक नामक एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर 45 लाख रुपए निवेश करने के लिए कहा, लेकिन अमरेंद्र कुमार सिन्हा से मात्र 43 हजार रुपये निवेश किए। ज्यादा ठगी करने के लिए विशवास जीतना जरुरी था, इसलिए अमरेन्द्र  कुमार सिन्हा का विश्वास जीतने के लिए उन्हें 1,978 रुपए की निकासी करने दी। जब उनके पोर्टफोलियो की एसेट्स वैल्यू 3.50 लाख रुपए दिखने लगी, तो जालसाजों का असली खेल शुरू हुआ। अमरेंद्र कुमार सिन्हा अब 1 लाख रुपए की निकासी करने की कोशिश की तो साक्षी ने अमरेन्द्र सिन्हा से 45 लाख रुपए एक्सचेंज एंड कमीशन के तौर पर जमा करवा लिए। फिर ऑडिट के नाम पर 5.33 लाख रुपए जमा करने को कहा तो अमरेन्द्र कुमार सिन्हा ने 5.33 लाख रुपए जमा कर दिए। मां के नाम पर भी की ठगी साक्षी ने अमरेंद्र कुमार सिहा को व्यक्तिगत रूप से भी ठगा। उसने अपनी माँ की बीमारी का बहाना बनाया और कहा कि डॉक्टर को डॉलर में भुगतान करना है। अमरेंद्र ने उसकी मदद के लिए 1 लाख रुपये को डॉलर में कन्वर्ट करवाकर भेज दिए। करोड़ों का निवेश और हाथ में शून्य जैसे-जैसे निवेश की राशि बढ़ती गई, उसे निकालने की शर्तें भी कठिन होती गईं। कंपनी ने कहा कि कुल एसेट्स निकालने के लिए 95 लाख रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट देने होंगे। साक्षी ने नाटक किया कि उसने खुद इसकी व्यवस्था कर दी है, लेकिन 5 लाख रुपये कम पड़ रहे हैं। अमरेंद्र ने भरोसा करके वह 5 लाख भी दे दिए। इसके बाद स्टाफ की सैलरी के नाम पर 1.20 लाख रुपए भी लिए गए। जब अक्टूबर 2025 में उनका खाता फ्रीज कर दिया गया, तो साक्षी ने दिल्ली जाने और खाता खुलवाने के नाम पर 30 हजार रुपए और ऐंठ लिए। इस तरह धीरे-धीरे रिटायर्ड बैंक अधिकारी ने अपनी जीवन भर की कमाई के 97.06 लाख रुपये गंवा दिए। सभी जानकारी निकले फर्जी मामला दर्ज होने पर पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि साक्षी के द्वारा दे गई साड़ी जानकारियां झूठी थी। उसने खुद के बारे में जो कुछ बताया या फिर उसने अपने कार्यालय के बारे में जो कुछ भी बताया था, सब कुछ फर्जी था। पटना के साइबर थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और अब मामले की जांच की जा रही है।  

शाहरुख खान कैसे हैं असल जिंदगी में? एक्स सिक्योरिटी ने खोले राज

शाहरुख खान के साथ साये की तरह रहने वाले उनके एक्स सिक्योरिटी यासीन खान ने हाल ही में सुपरस्टार की जिंदगी के उन पन्नों को पलटा है, जिन्हें दुनिया कम ही जानती है. यासीन के लिए शाहरुख के साथ बिताया गया एक दशक केवल नौकरी नहीं, बल्कि एक ऐसा सफर था जिसने उनकी पूरी दुनिया बदल दी. एक समय था जब उन्होंने कभी हवाई जहाज तक नहीं देखा था, और फिर एक दौर ऐसा आया जब किंग खान के साथ रहते हुए उनके आठ पासपोर्ट स्टैम्प से भर गए. हिंदी रश के साथ बातचीत में यासीन ने बताया कि शाहरुख खान के साथ जुड़ने के बाद उनकी लाइफ स्टाइल पूरी तरह बदल गई थी. उन्होंने वो ऐश-ओ-आराम देखा जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी. यासीन कहते हैं, 'मेरी जिंदगी वैसी ही हो गई थी जैसी शाहरुख सर की थी. शाहरुख के साथ प्राइवेट जेट्स में दुनिया के कोने-कोने की यात्रा की और दुनिया के सबसे महंगे फाइव-स्टार होटलों में समय बिताया. मेरे पास आठ पासपोर्ट थे जो पूरी तरह से स्टैम्प से भरे हुए थे. यह मेरे लिए किसी सपने जैसा था, क्योंकि शाहरुख से मिलने से पहले उन्होंने कभी करीब से हवाई जहाज भी नहीं देखा था.' शाहरुख जिम्मेदार पिता- यासीन 2001 से 2011 तक शाहरुख के साथ साये की तरह रहने वाले यासीन ने सुपरस्टार के एक ऐसे रूप को देखा जो कैमरों की चकाचौंध से दूर था. यासीन के मुताबिक, शाहरुख अपनी व्यस्तता के बावजूद एक बेहद जिम्मेदार पिता हैं. वह अपने बच्चों आर्यन, सुहाना और अबराम की जिंदगी के हर छोटे-बड़े पल में शामिल रहते थे. चाहे वह बच्चों के स्पोर्ट्स इवेंट्स हों या उन्हें स्कूल छोड़ने जाना, शाहरुख थकान की परवाह किए बिना हमेशा मौजूद रहते. ताज्जुब की बात तो यह है कि जब वह विदेश में शूटिंग कर रहे होते थे, तब भी वह खुद पढ़ाई करते थे ताकि ऑनलाइन अपने बच्चों को परीक्षा की तैयारी करा सकें. आर्यन को लेकर क्या बताया? शाहरुख खान की प्रोफेशनल लाइफ जितनी हेक्टिक है, वह अपने परिवार के लिए उतने ही समर्पित रहे हैं. यासीन याद करते हैं कि शाहरुख हर साल लंदन में परिवार के साथ दो महीने का लंबा ब्रेक लेते थे. वहां वह किसी आम इंसान की तरह हाइड पार्क में दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलते थे. यासीन बताते हैं कि उन्होंने 10 सालों में एक बार भी शाहरुख को गौरी खान से यह कहते नहीं सुना कि वह थक गए हैं या किसी पारिवारिक कार्यक्रम में नहीं आ सकते. परिवार के प्रति उनका यह जज्बा वाकई काबिले तारीफ रहा है. यासीन ने आर्यन और सुहाना को बचपन से बड़े होते देखा है. आर्यन खान के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह शुरू से ही बहुत तमीजदार और शालीन रहे हैं. यासीन ने कहा, 'आर्यन बड़ों का बहुत सम्मान करते हैं और यह सब उन्हें शाहरुख सर से मिले संस्कारों की वजह से है. सुपरस्टार ने अपने बच्चों को जमीन से जुड़े रहने की जो सीख दी, वह उनके व्यवहार में साफ झलकती है.' खुद की कंपनी खोल ली 2011 में यासीन ने निजी कारणों से शाहरुख का साथ छोड़ा, लेकिन उनके रिश्ते में कभी कड़वाहट नहीं आई. शाहरुख ने न केवल उनके फैसले का सम्मान किया, बल्कि यह भी कहा कि उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं. इसके बाद 2015 में यासीन ने अपनी खुद की सुरक्षा कंपनी 'YK PROSEC' शुरू की. आज उनकी कंपनी बॉलीवुड और देश के बड़े घरानों की पहली पसंद है. उन्होंने विराट-अनुष्का और प्रियंका-निक जैसे बड़े सितारों की शादियों से लेकर अंबानी परिवार के बड़े आयोजनों तक की सुरक्षा का जिम्मा संभाला है.

पीएसजी ने लिवरपूल को 4-0 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया

 लिवरपूल  चैंपियंस लीग में मंगलवार रात जीत के बावजूद बार्सिलोना सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी। एटलेटिको मैड्रिड से उसके घर पर खेल रही बार्सिलोना ने क्वार्टर फाइनल के दूसरे लेग में 2-1 से जीत दर्ज की। एटलेटिको ने पहला लेग 2-0 से जीता था और इस तरह वह 3-2 के कुल अंतर के साथ सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहा। वहीं, दूसरे क्वार्टर फाइनल में मौजूदा चैंपियन पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) ने लिवरपूल को 2-0 से हराया और कुल 4-0 के अंतर से अंतिम चार में जगह बनाई। पहले लेग में भी पीएसजी ने 2-0 की जीत दर्ज की थी। नौ साल बाद अंतिम चार में एटलेटिको बार्सिलोना के शुरुआती हमलों के बावजूद एटलेटिको मैड्रिड की टीम ने डटकर मुकाबला किया और लगभग एक दशक में पहली बार चैंपियंस लीग के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। उसने इससे पहले 2017 में इस प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। बार्सिलोना ने पहले 24 मिनट में दो गोल करके स्कोर बराबर कर दिया था। उसकी तरफ से लामिने यमाल और फेरान टोरेस ने गोल दागे। एटलेटिको मैड्रिड ने पहले ही हाफ में अडेमोला लुकमैन के गोल से वापसी की। बार्सिलोना को 79वें मिनट के बाद 10 खिलाड़‍ियों के साथ खेलना पड़ा क्योंकि डिफेंडर एरिक गार्सिया को लाल कार्ड दिखाया गया था। लिवरपूल की उम्‍मीदों पर फिरा पानी वहीं, लिवरपूल में खेले गए क्वार्टर फाइनल के एक अन्य मैच में पीएसजी ने ओस्मान डेंबेले के दूसरे हाफ में किए गए दो गोल की मदद से 4-0 की कुल जीत सुनिश्चित की। डेंबले के पहले गोल ने लिवरपूल की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, क्योंकि प्रीमियर लीग का यह क्लब चैंपियंस लीग में एक और यादगार वापसी की तलाश में था।  

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में लगी भीषण आग, लखनऊ जैसी स्थिति, आसमान में काले धुएं का गुबार

 गाजियाबाद लखनऊ के बाद अब गाजियाबाद के इंदिरापुरम में भीषण आग की घटना सामने आई है. यहां के कनावनी इलाके में स्थित झुग्गियों में आज अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि कई झुग्गियां इसकी चपेट में आ गई हैं. आसमान पूरी तरह से काले धुएं के गुबार से भर गया है और तेजी से उठती लपटों को देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मची हुई है. अपनी जान बचाने के लिए लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर भाग रहे हैं।  जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर विभाग को इसकी जानकारी दी. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने का काम जारी है. दमकल कर्मी लगातार मशक्कत कर रहे हैं ताकि आग को और ज्यादा फैलने से रोका जा सके. फिलहाल मौके पर फायर ब्रिगेड की टीमें तैनात हैं और लपटों को बुझाने की कोशिश की जा रही है। 

CBSE 10वीं रिजल्ट 2026: भागलपुर में शानदार प्रदर्शन, 32 स्कूलों का रिजल्ट जारी, 98% अंक लाकर टॉपर बना छात्र

भागलपुर. CBSE 10th Result 2026 BHAGALPUR : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम इस वर्ष पूरी तरह डिजिटल माध्यम से जारी किया गया, जिससे छात्रों को परिणाम देखने और अंकपत्र डाउनलोड करने में काफी सहूलियत मिली। विद्यार्थी उमंग एप और डिजिलॉकर जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने परिणाम आसानी से देख सके। इस बार भी भागलपुर जिले के छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। परिणाम जारी होने के बाद छात्र-छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। डिजिटल व्यवस्था के कारण इस बार विद्यार्थियों को लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ा और वे तुरंत अपना रिजल्ट देख सके। स्कूलों में भी परिणाम को लेकर हलचल और खुशी का माहौल रहा। जिले के 5200 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा इस वर्ष भागलपुर जिले के लगभग 5200 विद्यार्थियों ने 32 विद्यालयों से परीक्षा में भाग लिया था। परिणाम घोषित होने के बाद कई स्कूलों में जश्न का माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को बधाई देकर अपनी सफलता साझा की। डीएवी बरारी का शानदार प्रदर्शन, यश राज बने जिला टॉपर जिले में सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन डीएवी पब्लिक स्कूल, बरारी के यश राज ने किया, जिन्होंने 98.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉप किया। उनके इस प्रदर्शन ने विद्यालय और जिले दोनों का नाम रोशन किया है। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। चार विद्यार्थियों ने हासिल किए 97 प्रतिशत अंक जिले में चार विद्यार्थियों ने 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इनमें डीएवी पब्लिक स्कूल, बरारी के देंवाश, चौहान पब्लिक स्कूल की स्वाति मिश्रा, बाल भारती विद्यालय, नवगछिया के मयंक माधव तथा न्यू होराइजन स्कूल की प्रिया कुमारी शामिल हैं। इन सभी ने मेहनत और अनुशासन से यह उपलब्धि हासिल की। 95 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थी भागलपुर जिले के कई विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिनमें राधा कुमारी (96.9%, चौहान पब्लिक स्कूल), सुतिक्षण वत्स झा (96.80%, हैप्पी वैली स्कूल), रिया चौधरी (96.7%, चौहान पब्लिक स्कूल), अंशु कुमार (96.6%, डीएवी पब्लिक स्कूल), सोनाक्षी कुमारी (96.2%, जवाहर नवोदय विद्यालय नगरपारा), मन्नू जी (96%, आनंदराम ढांनढानियां सरस्वती विद्या मंदिर), रचना शर्मा (95.8%, चौहान पब्लिक स्कूल), हर्षित राज (95.8%, एसकेपी विद्या विहार), आकृति राज (95.8%, डिवाइन हैप्पी स्कूल), देविका (95.2%, नवयुग विद्यालय) और मानव विशाल (95%, डीएवी पब्लिक स्कूल) शामिल हैं। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बढ़ाया मान चौहान पब्लिक स्कूल, एसकेपी विद्या विहार, डिवाइन हैप्पी स्कूल, हैप्पी वैली स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय नगरपारा, आनंदराम ढांढनियां सरस्वती विद्या मंदिर और नवयुग विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। सभी विद्यालयों के छात्रों ने जिले का गौरव बढ़ाया। सीबीएसई अधिकारियों ने दी जानकारी और अवसर की घोषणा सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर सुमंत कुमार ने बताया कि इस वर्ष जिले में कुल 5200 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों को एक विषय में सफलता नहीं मिली है, उन्हें सुधार का अवसर दिया जाएगा। वे मई में दूसरी परीक्षा और आवश्यकता पड़ने पर जुलाई में कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। आनंद राज का बेहतर प्रदर्शन DLS इंटर पब्लिक स्कूल, बाराहट (इशीपुर, भागलपुर) के छात्र आनंद राज ने सभी विषयों में संतुलित और प्रभावशाली अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की है। आनंद राज ने अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य में 92 अंक (72 थ्योरी + 20 इंटरनल), हिंदी कोर्स-A में 94 अंक (74+20), गणित स्टैंडर्ड में 80 अंक (61+19), विज्ञान में 92 अंक (72+20) तथा सामाजिक विज्ञान में 98 अंक (78+20) प्राप्त किए हैं। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) में भी उन्होंने 96 अंक (46+50) हासिल कर अच्छा प्रदर्शन किया।

बुध गोचर 2026: मीन से मेष में प्रवेश, कई राशियों के लिए बदलेगा भाग्य

 ज्योतिष के अनुसार ग्रहों का गोचर समय-समय पर जीवन में बदलाव लेकर आता है. अब बुध ग्रह अप्रैल 2026 के अंत में मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क और व्यापार का कारक माना जाता है, इसलिए इसका यह गोचर सभी राशियों को प्रभावित करेगा. हालांकि कुछ राशियों के लिए यह समय खास तौर पर लाभदायक साबित हो सकता है, जबकि कुछ को सावधानी बरतनी होगी. जानते हैं वो राशियां कौन सी हैं. मिथुन राशि मिथुन राशि के स्वामी बुध ही हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा. इस दौरान आय बढ़ने के योग हैं. नए संपर्क बन सकते हैं. करियर में भी अच्छे अवसर मिल सकते हैं. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ दिलाने वाला हो सकता है. पढ़ाई और करियर में सफलता मिल सकती है. आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो सकती है. धनु राशि धनु राशि के लोगों के लिए यह गोचर तरक्की और सफलता लेकर आ सकता है. मेहनत का अच्छा फल मिलेगा. समाज में सम्मान बढ़ सकता है. मकर राशि मकर राशि वालों के लिए पारिवारिक जीवन में सुधार देखने को मिल सकता है. घर का माहौल अच्छा रहेगा.  काम में संतुलन बना रहेगा. मीन राशि मीन राशि के लिए आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं. व्यापार में फायदा हो सकता है.  परिवार का सहयोग मिलेगा. इन राशियों को रहना होगा थोड़ा सतर्क मेष राशि मेष राशि वालों को स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है. छोटी-छोटी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. वृषभ राशि इस दौरान खर्च बढ़ सकते हैं. मानसिक तनाव भी रह सकता है, इसलिए बजट संभालकर चलें. कुंभ राशि जल्दबाजी में फैसले लेने से नुकसान हो सकता है, इसलिए सोच-समझकर निर्णय लें. क्या करें उपाय? बुधवार के दिन हरी मूंग दाल का दान करें. भगवान गणेश की पूजा करें. अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें.

NSA केस में अमृतपाल सिंह की याचिका खारिज: हाई कोर्ट ने नहीं दी राहत

चंडीगढ़. एनएसए के तहत तीसरे निरोधक आदेश को चुनौती देने वाली अमृतपाल सिंह की याचिका हाई कोर्ट ने खारिज की। खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह द्वारा दायर याचिका, जिसमें अमृतसर के जिला मजिस्ट्रेट की ओर से पारित तीसरे निरोधक आदेश को चुनौती दी गई थी। यह मामला अमृतपाल सिंह द्वारा दायर उस याचिका के चलते हाईकोर्ट के समक्ष लंबित था , जिसमें उसने एनएसए के तहत जारी अपनी तीसरी लगातार हिरासत को चुनौती दी थी। अमृतपाल अप्रैल 2023 से असम की डिब्रूगढ़ जेल में निवारक हिरासत में बंद है। उसके विरुद्ध पहला हिरासत आदेश 18 मार्च 2023 को पारित हुआ था। याचिका में उसने 17 अप्रैल 2025 को जारी तीसरे नए हिरासत आदेश को चुनौती दी है, जिसे राज्य सरकार ने 25 अप्रैल 2025 को मंज़ूरी दी और बाद में 24 जून 2025 को इसकी पुष्टि की थी। इसके अलावा हाई कोर्ट आज पंजाब सरकार की उस याचिका पर भी सुनवाई करेगा जिसके तहत अमृतपाल सिंह को असम जेल में रखने की मांग की गई है। पंजाब सरकार का कहना है कि अमृतपाल सिंह की गतिविधियों को लेकर पहले भी राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो चुकी है, ऐसे में उसे पंजाब लाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी कारण उसे असम में ही सुरक्षित स्थान पर रखकर जांच और सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है।

शनि की चाल बदलेगी भाग्य, मेष समेत इन राशियों को रहना होगा सावधान

 ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना जाता है. कहा जाता है कि शनि व्यक्ति को उसके अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार परिणाम देते हैं. इसलिए शनि का राशि या नक्षत्र बदलना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है और इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है. इस बार 17 अप्रैल 2026 को शनि अपनी स्थिति में बदलाव करने जा रहे हैं. दरअसल, शनि उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे और लगभग 17 मई तक इसी स्थिति में रहेंगे. इसी दिन वैशाख अमावस्या भी है, जिसे स्नान और दान के लिए बेहद शुभ माना जाता है. ज्योतिष गणना के अनुसार, यह समय कुछ राशियों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. खासतौर पर 4 राशियों को इस दौरान अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है. मेष राशि मेष राशि पर पहले से ही शनि साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है, ऐसे में शनि की चाल में बदलाव आपको और सतर्क रहने का संकेत दे रहा है. करियर में अचानक बदलाव या बाधाएं आ सकती हैं. क्या करें: कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें और पैसों के मामले में सोच-समझकर कदम उठाएं. कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. नौकरी या काम में स्थिरता कम हो सकती है और परिवार के साथ मतभेद बढ़ने की संभावना है. क्या करें: शांत रहें, छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करें और मानसिक संतुलन बनाए रखें. तुला राशि तुला राशि वालों के आत्मविश्वास में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है. काम में देरी हो सकती है और मेहनत का फल तुरंत नहीं मिलेगा. क्या करें: धैर्य रखें और लगातार प्रयास करते रहें, जल्द ही स्थिति सुधरेगी. मकर राशि मकर राशि के लिए शनि का यह बदलाव खर्चों में अचानक बढ़ोतरी ला सकता है. सेहत को लेकर भी थोड़ी परेशानी हो सकती है. क्या करें: खर्चों को नियंत्रित रखें और अपनी दिनचर्या और खान-पान का खास ध्यान रखें.

बिहार के नए CM सम्राट चौधरी को साय का संदेश: जनकल्याण और सुशासन की जताई उम्मीद

रायपुर. रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को फोन कर नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं के बीच दूरभाष पर हुई इस बातचीत में मुख्यमंत्री साय ने चौधरी के उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि चौधरी के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण से राज्य में तेजी से प्रगति सुनिश्चित होगी। सीएम साय ने अपने संदेश में विश्वास जताया कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित करेगा। सीएम साय ने कहा कि, सम्राट चौधरी का राजनीतिक अनुभव और जनसेवा के प्रति समर्पण राज्य के विकास को नई दिशा और गति देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि, बिहार सरकार जनता के कल्याण और विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तेजी से आगे बढ़ेगी। अपने संदेश में मुख्यमंत्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि, यह नेतृत्व ‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि, केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से विकास की गति और तेज होगी। गौरतलब है कि सम्राट चौधरी ने बीते बुधवार ही बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है। उनके नेतृत्व में राज्य की राजनीति में नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है।