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बिल पर असफलता के बाद CM राज्यसभा पहुंचे, संसद के बजट सत्र में बना रिकॉर्ड

नई दिल्ली संसद का शनिवार को संपन्न हुआ बजट सत्र कई बातों को लेकर संसदीय इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। इसी दौरान महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को सरकार लोकसभा की मंजूरी दिलवाने में विफल रही। सत्र के दौरान एक दुर्लभ बात उस समय भी देखने को मिली जब राष्ट्रपति अभिभाषण का धन्यवाद प्रस्ताव लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बिना ही पारित हो गया। हालांकि राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया। इसी सत्र के दौरान लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध लाए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई और निचले सदन ने बाद में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस प्रस्ताव पर चर्चा और इसे खारिज किए जाने तक बिरला ने अध्यक्ष के तौर पर सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं किया। राज्यसभा में इस सत्र के दौरान एक नया इतिहास तब दर्ज किया गया जब कोई मनोनीत सदस्य उप सभापति पद पर निर्वाचित हुआ। मनोनीत सदस्य हरिवंश को शुक्रवार को निर्विरोध उपसभापति निर्वाचित किया गया। इससे पहले भी हरिवंश लगातार दो बार उच्च सदन के उप सभापति पद पर निर्वाचित हो चुके हैं। मगर उस दौरान वह जनता दल (यू) सदस्य के तौर पर निर्वाचित हुए थे। राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए मुख्यमंत्री यह भी एक ऐतिहासिक घटनाक्रम रहा जब किसी राज्य के मुख्यमंत्री को राज्यसभा के लिए निर्वाचित किया गया हो और उन्होंने पद छोड़ दिया। नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया। उन्होंने बजट सत्र के दूसरे चरण में उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली। देश में संभवत: पहली बार आम बजट रविवार को पेश किया गया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी, 2026 यानी रविवार को अगले वित्त वर्ष के लिए बजट पेश किया। उन्होंने अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। इसी सत्र में एक नया इतिहास यह भी बना कि सत्र का समापन होने से ठीक पहले राष्ट्रगीत वंदे मातरम की केवल धुन बजाए जाने के स्थान पर इसके पूरे छह अंतरों का पहले से रिकॉर्ड किया गया गान बजाया गया। लोकसभा में गुरुवार और शुक्रवार को महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर एकसाथ चर्चा की गई। हालांकि संविधान संशोधन विधेयक पर हुए मतदान में यह पारित नहीं हो पाया। इस कारण से सरकार ने अन्य दो विधेयक पारित करवाने के लिए नहीं रखा। मोदी सरकार के लगभग 12 वर्ष के कार्यकाल में ऐसा पहली बार हुआ जब कोई सरकारी विधेयक सदन में पारित नहीं हो सका। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ था और इसका पहला चरण 13 फरवरी तक चला था। इसका दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू हुआ और सरकार ने पहले घोषणा की थी कि यह दो अप्रैल तक चलेगा। मगर 2 अप्रैल को संसद के दोनों सदनों में घोषणा की गई कि अगली बैठक 16 अप्रैल को होगी। सत्र को आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।  

फर्जी आरोप साबित: दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट मामले में महिला को 10 साल की जेल

दतिया दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट में झूठा मामला दर्ज कराने पर महिला को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार 500 रुपये के अर्थदंड की सजा न्यायालय ने सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश भंडारी ने वैभवी सनोरिया प्रकरण में शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि हाल के समय में झूठे प्रकरण दर्ज कराने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो न्याय प्रणाली के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे मामलों से न केवल न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि आम लोगों के बीच न्याय व्यवस्था के प्रति अविश्वास भी बढ़ता है।   मामले के अनुसार, वैभवी सनोरिया ने थाना बड़ौनी में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि 22 सितंबर 2021 की रात उसका पड़ोसी कालीचरण घर में घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही आरोपित पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच पूरी की और चालान अदालत में पेश किया। विचारण के दौरान मामला पूरी तरह पलट गया, जब फरियादिया अपने ही बयान से मुकर गई। उसने अदालत में स्वीकार किया कि रुपये के लेनदेन के विवाद के चलते उसने कालीचरण के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया था। इस खुलासे के बाद विशेष न्यायाधीश ने आरोपित कालीचरण को दोषमुक्त कर दिया। साथ ही फरियादिया के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराने के संबंध में कार्रवाई के आदेश दिए गए। अदालत के निर्देश के बाद वैभवी सनोरिया के खिलाफ नया प्रकरण दर्ज किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक अरुण कुमार लिटोरिया ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पांच गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। अदालत ने वैभवी सनोरिया को धारा 182, 195 एवं 211 के तहत दोषी ठहराया। सभी साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर अदालत ने आरोपों को प्रमाणित माना और दोष सिद्ध होने पर सजा सुनाई।

भाषा नियम पर सियासत गरमाई—रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य, यूनियन ने जताया विरोध

मुंबई महाराष्ट्र सरकार के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि 1 मई 2026 से, यानी महाराष्ट्र दिवस से राज्य में सभी लाइसेंस प्राप्त ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसके तहत चालकों को मराठी पढ़ना, लिखना और बोलना आना चाहिए। अगर कोई चालक इस भाषा में बुनियादी दक्षता नहीं दिखा पाता, तो उसके लाइसेंस को रद्द कर दिया जाएगा। परिवहन विभाग के 59 क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से पूरे राज्य में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें चालकों की मराठी भाषा की जांच की जाएगी।  यह कदम यात्रियों के साथ बेहतर संवाद और स्थानीय भाषा के सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन में काम करने वाले चालकों को स्थानीय भाषा का ज्ञान होना चाहिए, ताकि मुसाफिरों की सुविधा बढ़े और कोई गलतफहमी न हो। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नियम मोटर वाहन नियमों के तहत आता है और इसकी सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाएगी। इस फैसले पर महाराष्ट्र ऑटोरिक्शा चालक-मालक संघटना संयुक्त कृती समिती ने तीखा विरोध जताया है। संगठन के अध्यक्ष शशांक राव ने कहा कि हम सरकार के इस निर्णय का पुरजोर विरोध करते हैं। उन्होंने इसे चालकों पर अनुचित बोझ बताया और मांग की कि सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। शशांक राव ने आगे कहा, “हमारा संगठन परिवहन मंत्री के उस फैसले का विरोध करता है, जिसमें 1 मई 2026 से लाइसेंस प्राप्त रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य बना दिया गया है।” संगठन का कहना है कि कई चालक अन्य राज्यों से आकर महाराष्ट्र में काम करते हैं। उन्हें अचानक इतना कम समय देकर नई भाषा सीखने की मजबूरी उनके जीवनयापन पर असर डाल सकती है। वहीं, यूनियन ने सरकार से अपील की है कि चालकों को पर्याप्त समय और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के इस नियम का पालन कर सकें। विरोध जताते हुए संगठन ने कहा कि मराठी भाषा सीखना जरूरी हो सकता है, लेकिन अचानक सख्ती और लाइसेंस रद्द करने की धमकी से चालकों में आक्रोश फैल गया है।

‘सरपंच’ पर कन्फ्यूज़ हुए श्रेयस अय्यर, लेकिन पंजाब किंग्स के लिए बता गए जीत का फॉर्मूला

नई दिल्ली कप्तान श्रेयस अय्यर ने पंजाब किंग्स को आईपीएल 2026 जीत का मंत्र दिया है। उन्होंने अपने खिलाड़ियों से कहा कि वर्तमान में रहें, जज्बात में नहीं बहें। पंजाब टीम पिछली बार उपविजेता रही थी। पिछले सत्र की उपविजेता पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) भले ही शानदार शुरुआत करके आईपीएल 2026 में अभी तक अपराजेय हो लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर का मानना है कि फोकस वर्तमान में रहने पर होना चाहिए। कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को 2024 आईपीएल खिताब जिताने के बाद पिछले साल पंजाब किंग्स से जुड़े अय्यर ने हेड कोच रिकी पोंटिंग के साथ टीम की तकदीर बदल दी है। पिछले सीजन में फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) से हारी पंजाब टीम पांच में से चार मैच जीत चुकी है जबकि केकेआर के खिलाफ मैच बारिश में धुल गया था। 'हम विरोधी के लिए ऐसा नहीं करते' अय्यर ने जियोस्टार से कहा, ''मिशन खिताब जीतना है। लेकिन मेरा मानना है कि वर्तमान में और नियंत्रण में रहने से आप सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं। बहुत आगे की सोचने की जरूरत नहीं है। मैं अपनी टीम से भी यही कहता हूं कि हम अपने लिए खेल रहे हैं, विरोधी टीम के लिए नहीं। हमें रोज प्रदर्शन में सुधार करना है।'' उन्होंने खिलाड़ियों के फैसले पर भरोसा करने की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया एक मैच में कैसे तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने विजय कुमार विशाख को इंपैक्ट खिलाड़ी के तौर पर उतारने का सुझाव दिया था और उसने बेहतरीन गेंदबाजी की।   उन्होंने कहा, ''मैदान पर हर खिलाड़ी मैच में होता है और सभी की राय मायने रखती है। गेंदबाज जब कुछ सुझाव देता है तो उसे मानना अहम है क्योंकि उसकी राय भी सटीक हो सकती है।'' अय्यर ने खुद को मिली 'सरपंच' की उपमा के बारे में मजाकिया लहजे में कहा, '' मुझे यह पसंद है। मुझे नहीं पता कि पंजाब किंग्स से जुड़ने के बाद इसकी शुरुआत कहां से हुई और इसके क्या मायने हैं। लेकिन बाद में साथी खिलाड़ियों ने बताया कि इसका मतलब परिवार , समूह या जिले का मुखिया होता है।'' तालिका में शीर्ष पर काबिज पंजाब रविवार को सीजन में संघर्ष कर रही लखनऊ सुपर जायंट्स(एलएसजी) के खिलाफ अपनी जीत की लय बरकरार रखने के लिए मजबूत बल्लेबाजी पर भरोसा करेगी। पंजाब ने चेज करते हुए 11 मुकाबले जीते श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम का नेट रन रेट +1.067 है, जो उसकी दमदार बल्लेबाजी और सधे हुए लक्ष्य- पीछा करने की क्षमता को दर्शाता है। पंजाब ने 2025 सत्र से अब तक लक्ष्य का पीछा करते हुए अपने पिछले 11 में से नौ मुकाबले जीते हैं, जो उसके दबदबे की बानगी है। मुंबई इंडियंस के खिलाफ हालिया जीत में भी यह झलक साफ दिखी। मेजबान टीम की इस रफ्तार को रोकने के लिए एलएसजी को असाधारण प्रदर्शन करना होगा। अंक तालिका में फिलहाल सातवें स्थान पर मौजूद एलएसजी लगातार दो हार के बाद दबाव में है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ पिछले मुकाबले में कप्तान ऋषभ पंत की कोहनी में लगी चोट ने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

बिहार में सियासी हलचल: सम्राट चौधरी कब लाएंगे विश्वास मत? बिहार विधानसभा सत्र का ऐलान

पटना बिहार में नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में गठित एनडीए की नई सरकार के विश्वास मत पेश करने की तारीख आ गई है। बिहार विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र की तिथि का ऐलान हो गया है। विधानसभा सचिवालय ने शनिवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। यह विशेष सत्र आगामी शुक्रवार, 24 अप्रैल को बुलाया गया है। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सीएम सम्राट चौधरी विधानसभा में अपनी सरकार का विश्वास मत पेश करेंगे। बिहार विधानसभा सचिवालय ने सभी सदस्यों को 24 अप्रैल सुबह 11 बजे सदन में उपस्थित होने के लिए अनुरोध किया है। विधानसभा के निदेशक राजीव कुमार ने शनिवार को इस संबंध में आह्वान पत्र जारी किया। यह विशेष सत्र एक दिन का ही रहेगा। एनडीए के पास सदन में भारी बहुमत है। ऐसे में सरकार के सामने बहुमत परीक्षण का कोई संकट नहीं आएगा। सम्राट चौधरी आसानी से सदन में अपना विश्वास मत पेश कर देंगे। नई सरकार के कैबिनेट विस्तार का इंतजार सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए की नई सरकार के कैबिनेट का विस्तार अभी नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण हुआ था। इसमें सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद और जदयू के दो वरीय नेताओं विजय चौधरी एवं बिजेंद्र प्रसाद यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। माना जा रहा है कि सदन में विश्वास मत पेश करने के बाद ही सम्राट कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा। मंत्रिमंडल विस्तार अगले महीने होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने के बाद बिहार में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण होगा। तब तक मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम मिलकर ही सरकार चलाएंगे। एनडीए के पास सदन में भारी बहुमत 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में सत्ताधारी गठबंधन के पास भारी बहुमत है। पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा, जदयू समेत पांचों सहयोगी दलों ने मिलकर 202 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सांसद बनने के बाद उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वह पटना की बांकीपुर सीट से विधायक थे, जो अभी खाली है। इस तरह, एनडीए के पास अभी विधानसभा में 201 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 88, जदयू के 85, लोजपा (रामविलास) के 19, हम के 5 और रालोमो के 4 विधायक शामिल हैं। जबकि सरकार बनाने के लिए 122 विधायकों का समर्थन ही चाहिए होता है। वहीं, विपक्षी दलों के महागठबंधन के 35 विधायक ही हैं। पिछले महीने हुए राज्यसभा चुनाव में इनमें से कांग्रेस के 3 विधायकों ने वोटिंग से दूरी बनाई थी, जिसके बाद महागठबंधन में भी टूट की चर्चा होने लगी थी। क्या है विश्वास मत की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 163, 164 और 175 के तहत नई सरकार के गठन के बाद राज्यपाल बहुमत परीक्षण के लिए विधानसभा सत्र बुलाने का निर्देश देते हैं। नई सरकार को सदन में विश्वास मत के जरिए यह साबित करना होता है कि उसे विधानसभा के कुल सदस्य संख्या का बहुमत हासिल है। मुख्यमंत्री खुद सदन में विश्वास मत का प्रस्ताव पेश करते हैं। फिर इस पर सदन में चर्चा होती है। इसके बाद ध्वनि मत या वोटिंग से इस प्रस्ताव को पारित या खारिज करने का फैसला होता है।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सम्मान निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम: स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर.  भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा दिनांक 17 एवं 18 अप्रैल 2026 को पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित चिंतन शिविर में देश के सभी राज्यों को योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य को योजना के प्रभावी संचालन, सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था तथा पारदर्शी क्लेम प्रबंधन प्रणाली के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ को Best Performing Large State के रूप में निम्नलिखित श्रेणियों में चयनित किया गया— हाई ट्रिगर एफिकेसी: इस श्रेणी में राज्य ने संदिग्ध क्लेम की पहचान एवं उनके प्रभावी विश्लेषण में उल्लेखनीय दक्षता प्रदर्शित की है। उन्नत आईटी आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली तथा सुदृढ़ ऑडिट व्यवस्था के माध्यम से अनियमितताओं की समयबद्ध पहचान सुनिश्चित की गई है। टाइमली प्रोसेसिंग ऑफ सस्पेसियस क्लेम्स: इस श्रेणी में राज्य ने संदिग्ध दावों के त्वरित निपटान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर क्लेम की जांच, निर्णय एवं निष्पादन सुनिश्चित कर पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत किया गया है। राज्य में क्लेम ऑडिट तंत्र को सशक्त बनाने, ट्रिगर-आधारित निगरानी प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने तथा अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के कारण संदिग्ध प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इसके परिणामस्वरूप क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है तथा अनावश्यक विलंब में कमी आई है, जिससे योजना के लाभार्थियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के  राज्य को मिली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से हम प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं। यह पुरस्कार हमारे स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक टीम और सहयोगी संस्थानों के सामूहिक प्रयास का प्रतिफल है। हम भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते रहेंगे।

15 अप्रैल तक अकेले लखनऊ में 3,133 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित, उत्तर प्रदेश का अव्वल प्रदर्शन

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में शीर्ष स्थान प्राप्त कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में चल रहे रुफटॉप सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अभियान ने लखनऊ को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बना दिया है। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा अभिकरण के निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के अंतर्गत लखनऊ में अब तक 87,000 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश के किसी भी जिले में सबसे अधिक हैं। 15 अप्रैल तक लखनऊ में 3,133 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए। यह उपलब्धि लखनऊ को सोलर ऊर्जा अपनाने के मामले में देश का अग्रणी जिला बनाती है।  विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में घरेलू गैस के स्थान पर इंडक्शन कुकटॉप के बढ़ते उपयोग तथा इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के कारण बिजली की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, बढ़ते बिजली बिल को नियंत्रित करने की इच्छा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता ने लोगों को तेजी से सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया है। रूफटॉप सोलर सिस्टम उपभोक्ताओं को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्रदान कर रहे हैं और उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे हैं। केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार की सोलर सब्सिडी और सरल आवेदन प्रक्रिया इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही, डिस्कॉम और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से इंस्टॉलेशन प्रक्रिया अधिक तेज और सुगम हो गई है। लखनऊ की यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बन रही है। उत्तर प्रदेश के अन्य शहर भी सोलर इंस्टॉलेशन में तेजी दिखा रहे हैं और राज्य देश के अग्रणी घरेलू रूफटॉप सोलर ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

इमिग्रेशन नियमों का असर: कनाडा में पंजाबी युवाओं की वापसी के आसार, नोटिस जारी

चंडीगढ़. कनाडा में लागू किए गए नए इमिग्रेशन कानून के बाद वहां रह रहे हजारों पंजाबी युवाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कनाडा में इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने नए C-12 बिल के पास होने के बाद करीब 30 हजार ऐसे लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, जो वर्क परमिट खत्म होने के बाद शरणार्थी के तौर पर रह रहे थे। इनमें लगभग 9 हजार पंजाबी स्टूडेंट्स और वर्कर्स बताए जा रहे हैं, जिन पर अब डिपोर्टेशन की कार्रवाई की आशंका मंडरा रही है। यह कदम सिस्टम के दुरुपयोग को रोकने और वास्तविक जरूरतमंदों को ही शरण देने के लिए उठाया गया है। इस फैसले के विरोध में पंजाबी स्टूडेंट्स समेत कई देशों के छात्रों ने विनिपेग में प्रदर्शन कर सरकार से राहत की मांग की। प्रदर्शन कारियों का कहना है कि अचानक नियम बदलने से हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। कनाडा सरकार द्वारा लागू किए गए नए इमिग्रेशन नियमों को वर्ष 2025 से प्रभावी माना गया है। इस बदलाव के चलते वे विदेशी नागरिक भी कानून के दायरे में आ गए हैं, जो पहले से ही कनाडा में रहकर काम कर रहे थे। इसमें बड़ी संख्या में ऐसे पंजाबी स्टूडेंट्स शामिल हैं, जिन्होंने पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्क परमिट या शरण के आधार पर वहां काम करना शुरू किया था। नए नियमों के बाद इन स्टूडेंट्स की स्थिति असमंजस में पड़ गई है। शरण से जुड़ी प्रक्रिया सख्त होने के कारण भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी के विरोध में भारतीय स्टूडेंट्स लगातार अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से राहत देने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अचानक नियम बदलने से उनका करियर और मेहनत दोनों खतरे में पड़ गए हैं। वहीं बता दें कि जिन शरणार्थियों को नोटिस जारी किया गया है उन्हें एक मौका दिया जाएगा ताकि वह उक्त नए कानून के तहत अपनी योग्यता साबित कर सकें। शरणार्थी को जिस दिन नोटिस पर लिखी तारीख मिलती है उसके 21 दिन के अंदर उन्हें अपना जवाब देना होगा। वहीं उन्हें सलाह दी जाती है कि किसी इमीग्रेशन वकील से सलाह-मशविरा करके ही जवाब दें। इस नए नियम के तहत कनाडा आने के एक साल के अंदर ही आवेदन करना होगा। अगर साल के बाद आवेदन किया जाता है तो उसे अयोग्य करार दिया जाएगा।

प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें हरसंभव मंच उपलब्ध कराने सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री साय

रायपुर.  भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया। संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संजू देवी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें हरसंभव मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य की बेटियां आज अपने दमखम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रच रही हैं, और संजू देवी इसका जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि संजू जैसी प्रतिभाएं आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम और अधिक रोशन करेंगी तथा युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की व बेहतरी के लिए काम हो रहे हैं। संजू देवी ने अपने बेहतरीन खेल की बदौलत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो-दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाया है और अपने बेहतरीन खेल कौशल से मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनी हैं। छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उन्होंने संजू देवी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह हमारे राज्य और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।    उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को… और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं।  साव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे। जुनून, कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती, समर्पण और संघर्ष का नाम संजू देवी रावत दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था।  संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है।  संजू की सफलता और उपलब्धियां खेल में अपना करियर बनाने की सोच रहे बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। बिलासपुर के शासकीय कबड्डी अकादमी में अपने खेल को तराशने वाली संजू कहती है कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है। लगातार अच्छे प्रदर्शन से मिली भारतीय टीम में जगह संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है। वर्ष-2024 में छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए संजू का चयन हुआ। इंडिया … Read more

तेज रफ्तार का कहर: सूरजपुर में नियंत्रण खोकर घर में घुसा वाहन, अधिकारी और पुलिसकर्मी जख्मी

सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में आज एसडीएम की कार दुर्घटना का शिकार हो गई. बाइक सवार को बचाने उनकी सरकारी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे घर में जा घुसी. हादसे में रामानुजनगर एडीएम अजय माडियम सहित दो आरक्षक और वहान चालक घायल हो गए हैं. जानकारी के मुताबिक, एसडीएम अजय मडियम रामानुजनगर से सूरजपुर की ओर आ रहे थे. इसी दौरान देवनगर गांव में सामने से आ रहे एक बाइक सवार को बचाने के लिए एसडीएम की कार अनियंत्रित हो गई और वाहन एक मकान में जा घुसी. गनीमत रही कि उस वक्त घर पर कोई नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया. इस दुर्घटना में एसडीएम सहित अन्य लोगो को मामूली चोटें आई है. हादसे की सूचना पर कलेक्टर मौके पर पहुंचे और अपनी वाहन से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया.  जिनका उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है.