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शादी का जश्न बना मातम: Sirsa में वीडियो शूट कर रहे कैमरामैन को कार ने कुचला

सिरसा. शादी समारोह में दुल्हन की विदाई की फोटोग्राफी कर रहे एक कैमरामैन को बीच सड़क खड़ा होना भारी पड़ गया। सोमवार सुबह दिल्ली पुल के पास तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कैमरामैन कई मीटर दूर जा गिरा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक मनजीत सिंह अपने परिवार में माता-पिता और एक छोटे भाई के साथ रहता था। वह फ्रीलांसर फोटोग्राफर के तौर पर काम कर परिवार का खर्चा चला रहा था। जानकारी के अनुसार रानियां क्षेत्र के गांव अभोली निवासी 28 वर्षीय मनजीत सिंह फ्रीलांसर फोटोग्राफर के तौर पर काम करता था। सोमवार सुबह वह दिल्ली पुल के पास स्थित एक होटल में आयोजित विवाह समारोह में दुल्हन की विदाई के दौरान फोटो व वीडियो बना रहा था। विदाई के बाद बेहतर एंगल लेने के लिए वह हाईवे के बीच सड़क पर खड़ा होकर फोटोग्राफी कर रहा था। इसी दौरान सिरसा की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही मनजीत सिंह हवा में उछलकर कई मीटर दूर जाकर सड़क पर गिर पड़ा। टक्कर के बाद कार भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे डिवाइडर से टकराकर रुक गई। मौके पर मौजूद लोगों व कार चालक ने मनजीत सिंह को संभालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया। बाद में स्वजन के बयान के आधार पर पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने कार चालक और वाहन को सिविल लाइन थाना ले जाकर जांच शुरू कर दी है। मृतक के पिता हरजिंद्र के बयान पर रिट्ज कार चालक फतेहाबाद के शक्तिनगर निवासी संदीप कुमार के खिलाफ तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। हादसे की पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कैमरामैन हाईवे के बीच खड़ा होकर फोटो ले रहा है। इसी दौरान तेज रफ्तार कार उसे टक्कर मार देती है और वह उछलकर दूर जा गिरता है। यह वीडियो दिनभर इंटरनेट मीडिया पर वायरल होता रहा।

‘शब्दमाला’ एंड्रॉयड ऐप आया: भाषा विभाग ने पंजाबी को बढ़ावा देने के लिए उठाया बड़ा कदम

पटियाला. पंजाब सरकार की देखरेख में भाषा विभाग पंजाब द्वारा डायरेक्टर भाषा की देखरेख में तैयार किया गया ‘शब्दमाला एंड्रॉयड ऐप’ लॉन्च कर दिया गया है। डायरेक्टर जसवंत सिंह ज़फर ने इस ऐप को जनता को समर्पित करने की रस्म निभाई। इस मौके पर विभाग के अधिकारी और ऐप बनाने वाली टीम मौजूद थी। डायरेक्टर जसवंत सिंह ज़फर ने कहा कि ‘शब्दमाला’ एक मॉडर्न डिक्शनरी प्लेटफॉर्म है जिसके ज़रिए शब्द खोजने वाले अलग-अलग डिक्शनरी से शब्दों के मतलब ऑनलाइन खोज सकते हैं। अब इस मोबाइल ऐप के ज़रिए शब्दों के मतलब खोजने का प्रोसेस और भी आसान हो गया है और यूज़र अपने फ़ोन के ज़रिए कहीं भी, कभी भी किसी भी शब्द का मतलब खोज पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस ऐप को तैयार करने का काम 2023 में डिप्टी डायरेक्टर आलोक चावला की लीडरशिप में डिपार्टमेंट की टीम ने शुरू किया था और सितंबर 2024 में इसे वेब प्लेटफॉर्म के तौर पर लॉन्च किया गया था। अब यह ऐप के रूप में एक और अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। अभी ऐप में पोतोहारी डिक्शनरी, किसा एंथोलॉजी डिक्शनरी, डोगरी-पंजाबी डिक्शनरी, इंग्लिश-पंजाबी मिडिल डिक्शनरी, पंजाबी अखान डिक्शनरी, इडियम डिक्शनरी और वारिस इडियम डिक्शनरी मौजूद हैं। जाफर ने कहा कि मशीन इंटेलिजेंस (AI) के ज़माने में हर भाषा को अप टू डेट बनाने के लिए ऐसी कोशिशें ज़रूरी हो गई हैं। यह ऐप पंजाबी भाषा को सात समंदर पार की भाषा बनाने में अपना योगदान दे सकता है। डिप्टी डायरेक्टर आलोक चावला ने बताया कि इसके अलावा हिंदू माइथोलॉजी डिक्शनरी और पुआधी डिक्शनरी पर भी काम चल रहा है, जो जल्द ही ऐप पर उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके अलावा आने वाले समय में डिपार्टमेंट की ग्लॉसरी भी इस ऐप पर उपलब्ध कराई जाएंगी और एक-एक करके 40 से ज़्यादा डिक्शनरी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ जाएंगी। इस मौके पर असिस्टेंट डायरेक्टर अमरिंदर सिंह भी मौजूद थे। इनका अहम योगदान यह प्रोजेक्ट आलोक चावला, डिप्टी डायरेक्टर (डिक्शनरी) की देखरेख में तैयार किया गया है। इसमें एडिटोरियल का काम सतपाल सिंह, रिसर्च ऑफिसर (डिक्शनरी) ने किया है और डिक्शनरी सॉफ्टवेयर तैयार करने का क्रेडिट महेशिंदर सिंह खोसला, रिसर्च असिस्टेंट को जाता है। राजिंदर कौर सीनियर असिस्टेंट, मनजीत सिंह स्पाल सीनियर असिस्टेंट, दीपक कुमार जूनियर असिस्टेंट, बीबा किरणजीत कौर जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर, राखी क्लर्क, विश्वजोत कौर प्रूफ रीडर, कॉपी होल्डर गुरबख्श सिंह और मनवीर सिंह ने डिक्शनरी को यूनिकोड में बदलने और सॉफ्टवेयर को ऑप्टिमाइज़ करने के काम में अहम योगदान दिया।

छात्रों के लिए राहत: Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University का डिजिवर्सिटी पोर्टल खुला, 5 मई तक लेट फीस से फॉर्म भरें

भिलाई नगर. छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने डिजिवर्सिटी पोर्टल ओपन कर दिया है। वहीं डिप्लोमा इंजीनियरिंग तथा डिप्लोमा इंजीनियरिंग (पीटीडीसी) के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं। इस तरह से डिप्लोमा इंजीनियरिंग के पहले, तीसरे, पांचवें और तासवें सेमेस्टर के रेगुलर व बैकलॉग तथा डिप्लोमा इंजीनियरिंग (पीटीडीसी) के दूसरे, चौथे, छठवें तथा आठवें सेमेस्टर के बैकलॉग छात्र छात्राएं परीक्षा फॉर्म 5 मई तक भर सकेंगे। बिना लेट फीस के फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल निर्धारित की गई है, जबकि इसके बाद क्रमशः 30, 120 और 200 रुपये प्रतिदिन लेट फीस के साथ 5 मई तक आवेदन किया जा सकेगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा फॉर्म केवल डिजिवर्सिटी पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे पोर्टल पर छात्रों के नामों की जांच सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनावश्यक शुल्क से बचा जा सके। प्रैक्टिकल परीक्षाएं मुख्य परीक्षा के बाद प्रैक्टिकल समाप्त होने परीक्षाएं मुख्य परीक्षा के 4 दिनों के भीतर आयोजित की जाएगी। वहीं प्रैक्टिकल मार्क्स 10 दिनों के भीतर और सेशनल मार्क्स 20 दिनों के अंदर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। एबीसी आईडी अनिवार्य, नहीं तो एडमिट कार्ड अटकेगा तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने उल्लेख किया है कि सभी छात्रों के लिए एबीसी आईडी बनाना अनिवार्य है। जिन छात्रों की आईडी नहीं होगी, उनके एडमिट कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे, जिससे उनकी परीक्षा में शामिल होने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और पोर्टल खुलते ही फॉर्म भरें, ताकि लेट फीस से बचा जा सके। साथ ही परीक्षा फॉर्म की स्वीकृति की अंतिम तिथि 6 मई निर्धारित की गई है।

मध्यप्रदेश बनेगा विमानन और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

मध्यप्रदेश बनेगा विमानन और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष 2030 तक प्रदेश की विमानन क्षमता में होगा व्यापक विस्तार अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण से विमानन क्षेत्र को मिल रही नई गति भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विमानन क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के ‘उड़ान’ विजन को साकार करते हुए प्रदेश को उत्कृष्ट विमानन केंद्र और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2030 तक यात्री क्षमता 5.5 मिलियन से बढ़ाकर 10 मिलियन प्रति वर्ष तथा माल कार्गो क्षमता 20 हजार मीट्रिक टन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।प्रदेश में विमानन अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। इंदौर-देवास-उज्जैन क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ एयरपोर्ट सिटी विकसित की जाएगी। यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर आधारित होगी, जिससे निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पॉलिसी के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे प्रदेश में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित होंगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच हुई सुलभ मध्यप्रदेश आस्था, अध्यात्म और अनुपम शिल्पकला का संगम है। उज्जैन के महाकाल लोक, ओंकारेश्वर के एकात्म धाम, खजुराहो की ऐतिहासिक धरोहर और ओरछा-चित्रकूट की आस्थाएँ जन-मानस में रची-बसी हैं। इन स्थलों तक सहज पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ‘पीएमपर्यटन वायु सेवा’ और ‘धार्मिक पर्यटन हेली सेवा’ प्रभावी माध्यम बन रही हैं। वर्तमान में यह सेवा प्रदेश के 8 प्रमुख केंद्रों—भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली और खजुराहो को आपस में जोड़कर श्रद्धा और पर्यटन को नए पंख लगा रही है। हाल ही में ओरछा और चित्रकूट जैसे पावन धामों के लिए प्रारंभ हुई हेली सेवा ने श्रद्धालुओं के लिए 'हरि-हर-दर्शन' कीको और भी सरल, सुखद और स्मरणीय बना दिया है। तहसील स्तर तक हो रहा हवाई सेवाओं का विस्तार प्रदेश में विमानन क्षेत्र को विकेंद्रीकृत करते हुए हवाई सुविधाओं को तहसील स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। हवाई सेवाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि हर क्षेत्र तक पहुंचें। इसी दृष्टि से प्रत्येक तहसील ब्लॉक में हेलीपैड विकसित करने की योजना है। प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एक कॉमर्शियल एयरपोर्ट, 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और 45 किलोमीटर के दायरे में हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करेगी और दूरस्थ क्षेत्रों के आर्थिक विकास को नई गति देगी। क्षेत्रीय हवाई संपर्क से छोटे शहरों को मिली विकास की उड़ान विगत दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने हवाई सेवाओं के विस्तार में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। दतिया प्रदेश के 8वें हवाई अड्डे के रूप में अपनी सेवा दे रहा है। रीवा, सतना और दतिया की सफलता के बाद अब शिवपुरी और उज्जैन में भी नए हवाई अड्डों की तैयारी तेजी से चल रही है। रीवा हवाई अड्डा पूरे विंध्य क्षेत्र के लिए विकास का नया इंजन बन चुका है। यह न केवल सीमेंट और बिजली उत्पादन केंद्रों के लिए मददगार साबित हो रहा है, बल्कि मुकुंदपुर टाइगर सफारी जैसे पर्यटन केंद्रों तक पर्यटकों की पहुँच को भी आसान बना रहा है। इसी कड़ी में हम चित्रकूट और मैहर जैसे आस्था के बड़े केंद्रों को भी बेहतर हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान हवाई यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के हवाई अड्डे सेवा और गुणवत्ता के वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित हो रहे हैं।इंदौर का देवी अहिल्याबाई होल्कर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा ‘एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी’ सर्वे में 4.90 स्कोर के साथ 16 एशियाई हवाई अड्डों में छठे स्थान पर रहा है। वहीं भोपाल के राजा भोज अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 24 घंटे संचालन शुरू किया गया है। प्रदेश के सभी हवाई अड्डों पर सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नागर विमानन नीति-2025 से निवेश और रोजगार को बढ़ावा प्रदेश की सिविल एविएशन पॉलिसी-2025 विमानन क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में विमानन अधोसंरचना को मजबूत करना, निजी निवेश को आकर्षित करना और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करना है।नीति के तहत प्रदेश की 11 हवाई पट्टियों को उड़ान प्रशिक्षण (FTO) और अन्य व्यावसायिक विमानन गतिविधियों के लिए निजी भागीदारी से विकसित किया जा रहा है। इनमें सिवनी, सागर, गुना, रतलाम, उज्जैन, बालाघाट, उमरिया, छिंदवाड़ा, मंदसौर, नीमच और शिवपुरी शामिल हैं। इससे इन क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विकास होगा। मध्यप्रदेश में पायलट ट्रेनिंग और एविएशन एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही प्रदेश विमानन क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। नीति के क्रियान्वयन से युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे  देश के ‘हृदय प्रदेश’ के रूप में विशेष बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘गति शक्ति’ विजन और ‘रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम’ के साथ राज्य की नीतियों का समन्वय प्रदेश को लॉजिस्टिक्स और एविएशन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विमानन क्षेत्र का यह विस्तार किसानों, व्यापारियों, युवाओं और पर्यटकों के लिए नए अवसर सृजित कर रहा है। यह केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम है। 'विकसित मध्यप्रदेश' के संकल्प के साथ प्रदेश निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।  

सीएम ने सागर में 58 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, बुंदेलखंड की धरा से किसानों की खुशहाली की शुरुआत

सागर  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 अप्रैल को सागर जिले के नरयावली को बड़ी सौगात दी। उन्होंने यहां 58 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने बच्चों के साथ संवाद कर उज्ज्वल भविष्य के लिए उनका मार्गदर्शन किया। इस मौके पर वे कांग्रेस पर भी जमकर बरसे। उन्होंने कांग्रेस की तुलना कौरवों से और द्रौपदी चीरहरण की तुलना महिला आरक्षण बिल पास न होने से की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन से की। इस दौरान मंच पर उपस्थित पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती अद्बभुत है। चंबल की शान, छत्रसाल महाराज के बुंदेलखंड का ये इलाका, हर काल-हर समय में अपने संघर्ष के लिए जाना जाता है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि यहां एक भव्य-दिव्य भवन विद्यालय के रूप में मिल रहा है। ये विद्यालय नहीं है, बल्कि 5 हजार साल पहले हुई भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का स्मृति स्थल है। भगवान कृष्ण के जीवन की कई लीलाएं हैं। हर लीला ने उनके प्रति हमारी श्रद्धा को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि धर्म की स्थापना के लिए भगवान ने कदम-कदम पर संघर्ष किया। गरीब और अमीर की दोस्ती का सबसे बड़ा उदाहरण भी भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का उदाहरण है। व्यक्ति कितना भी धनी क्यों न हो जाए, लेकिन उसे अपने निर्धन दोस्त के प्रति प्रेम रखना चाहिए।  सिंचाई और बिजली पर बड़ा फैसला मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के जल संकट को दूर करने के लिए केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस योजना से क्षेत्र की एक-एक इंच जमीन सिंचित होगी। साथ ही, किसानों को मात्र 5 रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 240 करोड़ रुपये की संशोधित राशि की स्वीकृति भी प्रदान की।   बिना भूमि अधिग्रहण के दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर समारोह में नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने मुख्यमंत्री की नीतियों की सराहना करते हुए बताया कि दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर के लिए लगभग 600 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। इस परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसमें किसानों की एक इंच भूमि भी प्रभावित नहीं हुई, जिससे क्षेत्र के अन्नदाताओं में संतोष का वातावरण है। कड़ान परियोजना पूरी होने पर करीब 30 हजार एकड़ भूमि सिंचित हो सकेगी। गेहूं खरीदी पर सरकार का संकल्प किसानों की चिंताओं को दूर करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि सरकार 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी वैश्विक कारणों से आए बारदाने के संकट को जल्द सुलझाया जाएगा। प्रदेश में बंपर पैदावार को देखते हुए केंद्र से खरीदी का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसानों का दाना-दाना सरकार खरीदेगी। दिग्गजों की रही मौजूदगी इस अवसर पर खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, सांसद लता वानखेड़े और सागर संभाग के समस्त विधायक व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कांग्रेस ने बहनों को नहीं दिया मान-सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यहां बहनें बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हमारी सरकारों ने माताओं-बहनों का सम्मान बढ़ाया है। माता का नाम लो तो भगवान प्रसन्न होते हैं। जब तक राधा नहीं बोलो तो कन्हैया मुस्कुराते नहीं हैं, जब तक सीता मां को याद न करो, तो भगवान राम का आशीर्वाद नहीं मिलता है। यह बातें हमें माताओं-बहनों के आदर का आभास कराती हैं।उन्होंने कहा कि हमने 5 हजार साल पहले घटना सुनी थी कि कौरवों ने भरे दरबार में द्रौपदी का चीरहरण किया था, उसी तरह अभी कुछ दिन पहले लोकसभा में वो ही नाटक दोहराया गया। उस समय कौरव थे और अब कांग्रेसी हैं। दोनों में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहनों को अधिकार देने का जो निर्णय लिया था, कांग्रेसियों ने मुस्कुरा-मुस्कुरा कर उस निर्णय पर पानी फेर दिया। कांग्रेसियों को इस बात पर जरा दया नहीं आई। प्रधानमंत्री मोदी ने तो यहां तक कहा कि आप श्रेय ले लीजिए, मैं विज्ञापन छपवा दूंगा। तुम लोग जहां बोलोगे वहां हम तुमको श्रेय दे देंगे। आपने कभी बहनों को मान-सम्मान नहीं दिया, लेकिन हम मान-सम्मान देने को तैयार हैं। कांग्रेसी उसी अपनी पुरानी लाइन पर ही चलेंगे। तीन तलाक के मामले में भी राहुल गांधी ने बहनों के भरण-पोषण के मुद्दे का विरोध किया था। उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का भी फैसला ठुकराया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारा संगठन महिलाओं को तीस फीसदी आरक्षण दे रहा है। हमारे प्रदेश में 17 बहनें कलेक्टर हैं। सागर की सांसद-महापौर-कलेक्टर सब बहनें हैं। 

शेयर बाजार में ₹3 लाख करोड़ की गिरावट, अंत तक नहीं संभला, जानिए इसके कारण

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को दिनभर गिरावट जारी रही. खुलने के साथ ही क्रैश हुआ शेयर बाजार (Stock Market Crash), अंत तक संभल नहीं सकता. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 852 अंक फिसलकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने 205 अंक का गोता लगाकर क्लोजिंग की. बाजार के भूचाल में Tata की ट्रेंट लिमिटेड के शेयर समेत Infosys, M&M से लेकर Tech Mahindra, HDFC Bank तक तेज गिरावट लेकर बंद हुए।  शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बीच मार्केट इन्वेस्टर्स को तगड़ा घाटा हुआ है और उनके करीब 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए. शेयर मार्केट में ये लगातार दूसरा दिन है, जबकि सेंसेक्स-निफ्टी बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए।  सेंसेक्स-निफ्टी दिनभर टूटते रहे   BSE Sensex ने गुरुवार को शेयर बाजार में ट्रेडिंग स्टार्ट होने पर अपने पिछले बंद 78,516 की तुलना में फिसलकर 77,983 के लेवल पर शुरुआत की और इसके बाद ये गिरावट लगातार बढ़ती चली गई. बाजार में कारोबार खत्म होने पर 30 शेयरों वाला ये इंडेक्स 852.49 अंक फिसलकर 77,664 के लेवल पर क्लोज हुआ।  सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty भी गिरावट के साथ रेड जोन में ओपन होने के बाद अंत तक लाल निशान पर ही कारोबार करता रहा. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने बुधवार के बंद 24,378 की तुलना में टूटकर 24,202 के स्तर पर खुला था और इसने 205 अंक की गिरावट के साथ 24,173.05 पर क्लोजिंग की।  निवेशकों को हो गया इतना घाटा  सेंसेक्स-निफ्टी के फिसलने के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर बुरी तरह बिखरे हुए नजर आए. इस गिरावट के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैप (BSE Mcap) गिरकर 4,66,35,326 करोड़ रुपये पर आ गया, जो बीते कारोबारी दिन क्लोजिंग के समय 4,69,36,824 दर्ज किया गया था. इस हिसाब से देखें, तो शेयर मार्केट में निवेश करने वालों को एक ही दिन में 3,01,498 करोड़ रुपये का झटका लगा है।  सबसे ज्यादा बिखरे ये 10 शेयर  Share Market में मची भगदड़ के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Trent Share (4.21%), M&M Share (3.30%), Bajaj Finserv Share (2.93%), Tech Mahindra Share (2.90%), Infosys Share (2.04%), HDFC Bank Share (1.93%) की गिरावट लेकर बंद हुए. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Ashok Leyland Share (4.61%), Dixon Share (3.65%) और MFSL Share (2.35%) फिसलकर बंद हुआ. स्मॉलकैप में सबसे ज्यादा IIFL Share (10.12%) टूटकर बंद हुआ।  शेयर मार्केट में गिरावट के बड़े कारण स्टॉक मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो अमेरिका-ईरान में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी तनातनी के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में फिर से उछाल आना शुरू हो गया है, जिससे महंगाई का जोखिम गहरा गया है. गुरुवार को Brent Crude Oil Price 103 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।  इसके अलावा विदेशी बाजारों से मिले निगेटिव सिग्नल ने भी भारतीय शेयर मार्केट के सेंटीमेंट को खराब करने में बड़ी भूमिका निभाई. शुरुआत से ही Japan Nikkei, Honkong HangSeng, South Korea KOSPI इंडेक्स समेत गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) रेड जोन में कारोबार करते दिखे थे। 

सतना के ग्राम बैरहना में 24 अप्रैल से श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ का आयोजन

सतना सतना जिले के अंतर्गत ग्राम बैरहना में दिनांक 24 अप्रैल से 1 मई  2026 तक विशाल श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है ! जिसमे चित्रकूट आश्रम के पीठाधीश्वर श्री 1008 राजगुरु स्वामी श्री बद्री प्रपन्नाचार्य जी महाराज के श्री मुख से कथा की अमृत वर्षा होगी ! कार्यक्रम के आरम्भ में भव्य कलशजल शोभा यात्रा प्रातः 9:00 बजे ग्राम बैरहना में निकाली जायेगी एवं प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से नित्य भगवत रस की वर्षा हरि इच्छा तक।  कथा के मुख्य यजमान श्री युगल किशोर पांडे, राम सखी पांडेय पुष्पराज पांडेय ,शिवहर पांडेय ,शीतल संत श्री राम दस जी महाराज , श्री कृष्ण पांडेय एवं समस्त पांडेय परिवार ! इस पवन कार्यक्रम में जगत में कल्याण के लिए किया जाएगा एवं साधु संतों का समागम रहेगा ! कथा के अंतिम चरण में विशाल भंडारे के आयोजन भी 1 मई को किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद आयुष्मान कार्ड से लाखों का मुफ्त इलाज, पुनर्वासित युवाओं में दिखा उत्साह रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में माओवाद छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित युवाओं को अब शासन की विभिन्न योजनाओं का व्यापक लाभ मिल रहा है। प्रशासन द्वारा इन युवाओं को नई शुरुआत देने के लिए जरूरी दस्तावेजों और सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। दस्तावेजों से लेकर स्वास्थ्य तक पूरा सहयोग पुनर्वासित युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्हें राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज सुगमता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक चिंता के बिना इलाज करा सकें। आयुष्मान योजनाओं से व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा जिला चिकित्सालय बीजापुर में आयोजित कार्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। इस कार्ड के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा— प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक का इलाज लाभ मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारियों के लिए 25 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सहायता साथ ही लाभार्थियों को योजनाओं के उपयोग और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई। युवाओं में दिखा नया आत्मविश्वास आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने के बाद पुनर्वासित युवाओं में उत्साह और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने शासन और प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई। समावेशी विकास की ओर मजबूत कदम यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि ऐसे सभी युवाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।

गांव में पत्नी का सिर काटकर घूमता रहा पति, चरित्र पर शक के चलते किया खौफनाक कृत्य

कोरबा  छत्तीसगढ़ में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। चरित्र पर शंका करने पर एक आदमी ने अपनी पत्नी का सिर धड़ से अलग कर दिया। उसके बाद एक हाथ में कटा सिर और दूसरे हाथ में हथियार लेकर गांव में घूमता रहा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया गया है। आरोपी पोल्ट्री फार्म में चौकीदार है पुलिस ने गुरुवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के एक गांव में 58 साल के एक आदमी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी का सिर काट दिया और फिर कटा हुआ सिर लेकर घूमता रहा। यह घटना बुधवार शाम को राजगमार पुलिस चौकी क्षेत्र के तहत आने वाले बुंदेली गांव में हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी सालिक राम यादव एक स्थानीय पोल्ट्री फार्म में चौकीदार है। मांस काटने वाले धारदार हथियार से वार उसने कथित तौर पर शराब के नशे में झगड़े के बाद मांस काटने वाले एक धारदार हथियार से अपनी 50 साल की पत्नी पर हमला कर दिया। उसने अपनी पत्नी का सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया। हत्या के बाद उस आदमी को गांव में घूमते हुए देखा गया। उसके एक हाथ में कटा हुआ सिर था और दूसरे हाथ में हथियार। अधिकारी ने बताया कि इसके बाद उसने कथित तौर पर कटे हुए सिर और हथियार को एक प्लास्टिक के बोरे में रख दिया और धड़ को वहीं मौके पर छोड़ दिया। उसके बाद वह राजगामर पुलिस चौकी पहुंच गया। पत्नी को उसके चरित्र पर शक था उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसने यह अपराध अपनी पत्नी के साथ बार-बार होने वाले झगड़ों के बाद किया। पत्नी को कथित तौर पर उसके चरित्र पर शक था। यह जोड़ा मूलरूप से कोरबा ब्लॉक के अजगरबहार हल्दीमाड़ा गांव का रहने वाला था। दोनों पिछले तीन सालों से एक पोल्ट्री फार्म में काम कर रहे थे। इस दंपचि के चार बच्चे हैं। आरोपी को गिरफ्तार किया गया अधिकारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

झारखंड मैट्रिक रिजल्ट 2026: Gumla-Dumka ने मारी बाजी, 99.60% पर 4 टॉपर

रांची. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 95.27% रहा है। मेरिट लिस्ट में हजारीबाग के स्कूलों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिला है, वहीं सिमडेगा और रांची के विद्यार्थियों ने भी टॉप-3 में अपनी जगह बनाई है। टॉप-3 में 12 मेधावी, 4 परीक्षार्थियों ने किया स्टेट टॉप इस वर्ष मेरिट लिस्ट की सबसे खास बात यह रही कि पहले, दूसरे और तीसरे — तीनों स्थानों पर 4-4 विद्यार्थियों ने कब्जा जमाया है। 99.60% (498 अंक) हासिल कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चार परीक्षार्थी निम्नलिखित हैं: प्रियंशु कुमारी: इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल, हजारीबाग शिवांगी कुमारी: एस एस हाई स्कूल, बानो, सिमडेगा प्रेम कुमार साह: प्रेमचंद हाई स्कूल, मेसरा, रांची सन्नी कुमार वर्मा: सेंट अलॉयसियस हाई स्कूल, रांची हजारीबाग के इंदिरा गांधी बालिका स्कूल का जलवा मेरिट लिस्ट में हजारीबाग के इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता साबित की है। टॉप-3 की सूची में शामिल कुल 12 विद्यार्थियों में से 5 छात्राएं अकेले इसी स्कूल से हैं। राज्य में द्वितीय स्थान (99.20%): दिव्यांशु उरांव (सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, गुमला) खिलेश साह (सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, गुमला) वैष्णवी श्री (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) जुलिता मिन्ज (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) राज्य में तृतीय स्थान (98.80%): महताब अंसारी (सेंट जॉन्स हाई स्कूल, नवाटांड़) प्रीत राज (सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, ओरमांझी) अमिषा कुमारी (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) दीप्ति रानी (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग) जिलावार प्रदर्शन: गुमला ने चौंकाया जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो गुमला जिला 99.32% पास प्रतिशत के साथ पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा। इसके बाद दुमका (99.02%) और पाकुड़ (98.56%) का स्थान रहा। राजधानी रांची का पास प्रतिशत 94.75% दर्ज किया गया है।