samacharsecretary.com

मध्य प्रदेश सरकार का VVIP बेड़ा हाईटेक होगा, 24 साल बाद नया जेट और 15 साल बाद नया हेलिकॉप्टर मिलेगा

भोपाल  राज्य शासन को नए सुपर मिड साइज जेट विमान और ट्विन इंजन हेलिकॉप्टर की डिलेवरी जल्द होने वाली है। राज्य सरकार को मिलने वाला आधुनिक बिजनेस जेट बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जुलाई 2026 तक मिल सकता है। यह अत्याधुनिक विमान कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर इंक. द्वारा तैयार किया जा रहा है।  राज्य सरकार इस विमान को संचालित करने के लिए अपने पायलट को विशेष प्रशिक्षण के लिएअमेरिका भेजेगी। ताकि वे इस अत्याधुनिक जेट को सुरक्षित और कुशलता से उड़ा सकें।  आधुनिक सुविधाओं से लैस है विमान करीब 236 करोड़ रुपए के चैलेंजर 3500 एक सुपर मिड-साइज जेट है, जिसमें नौ यात्रियों के बैठने की क्षमता है। इसकी केबिन ऊंचाई लगभग 6 फीट और चौड़ाई 7 फीट 2 इंच है। यह विमान करीब 459 नॉट्स यानी 850 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है और लगभग 6,297 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इसके अलावा, यह 45,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है और कम लंबाई वाले रनवे (करीब 1,474 मीटर) से भी उड़ान भर सकता है। विमानन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि जून-जुलाई 2026 में डिलीवरी का समय है।    H160 हेलीकॉप्टर 2027 तक बेड़े में शामिल होगा राज्य सरकार का करीब 170 करोड़ का अत्याधुनिक H160 हेलीकॉप्टर जनवरी 2027 तक बेड़े में शामिल हो जाएगा। यह हेलीकॉप्टर फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी एयरबस हेलीकॉप्टर द्वारा निर्मित है। बताया जा रहा है कि भारत में फिलहाल इस मॉडल के केवल 5 से 6 हेलीकॉप्टर ही संचालित हो रहे हैं।  हर मौसम और रात में उड़ान भरने में सक्षम विमानन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, H160 हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और हर मौसम में उड़ान भरने के साथ-साथ रात में भी संचालन करने में सक्षम है। इस हेलीकॉप्टर की खासियत इसकी अल्ट्रा-क्वाइट यानी बेहद कम शोर वाली तकनीक है। इसमें अत्याधुनिक जेट इंजन, पूरी तरह वॉयस कंट्रोल्ड कॉकपिट, एडवांस एवियोनिक्स सिस्टम और बेहतर सुरक्षा के लिए बाई-प्लेन स्टेबलाइजर दिया गया है।  20 हजार फीट की ऊंचाई और 890 किमी की रेंज H160 हेलीकॉप्टर की प्रमुख खूबियां में यह है कि यह 20 हजार फीट की अधिकमत ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसकी रेंज 890 किमी हैं। इसके एक साथ आठ यात्री बैठ सकते है। हेलीकॉप्टर का इंटीरियर लग्जरी और सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  2002 में खरीदा था पुराना विमान  सुपर किंग बी-200- यह विमान राज्य शासन ने वर्ष 2002 में रेथ्यॉन एयरक्राफ्ट कंपनी से 23 करोड़( 47,56,804 अमेरिकन डॉलर) में खरीदा था। यह सात सीटर है। ये 3000 हजार घंटे उड़ान कर चुका है। 2021 के दौरान ग्वालियर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। न तो उसकी मरम्मत कराई गई और न ही अब तक नया विमान खरीदा जा सका है। स्थिति यह है कि सरकार के पास फिलहाल संचालन योग्य कोई फिक्स्ड-विंग विमान नहीं है और हेलिकॉप्टरों की संख्या भी जरूरत के मुकाबले कम है। इसी कारण सरकारी यात्राओं के लिए निजी एविएशन कंपनियों पर निर्भरता लगातार बढ़ी है, जिससे खर्च में भी इजाफा हुआ है। पुराने यूरोकॉप्टर की जगह लेगा नया चॉपर शासन ने ईसी-155, बी-1 हेलीकॉप्टर वर्ष 2011 में फ्रांस की यूरोकॉप्टर कंपनी से खरीदा था। यह उड़ान भर रहा है। इसे 10.5 मिलियन यूरो में खरीदा गया था। दो इंजन है। छह सीटर है। इसका मेंटेनेंस खर्च बढ़ रहा है। पुराने हेलीकॉप्टर की देखरेख पर बढ़ रहे खर्च के कारण सरकार ने अधिक आधुनिक और किफायती विकल्प चुनने का निर्णय लिया। राज्य सरकार के वरिष्ठ पायलट कैप्टन इस हेलीकॉप्टर के संचालन की दो माह की विशेष ट्रेनिंग के लिए फ्रांस जाएंगे।   2003 और 1998 में खरीदे थे दो हेलीकॉप्टर  सरकार ने इससे पहले 2003 में हेलिकॉप्टर बैल-407 अमेरिका से 9 करोड़ रुपए में खरीदा था। यह चार सीटर था। इसके अलावा वर्ष 1998 में अमेरिका से ही 21 करोड़ रुपए हेलिकॉप्टर बैल-430, टेक्सट्रान खरीदा था। यह दो इंजिन का छह सीटर हेलीकॉप्टर था। इनको बहुत पुराने होने के विमानन विभाग ने बेड़े से पहले ही बाहर कर दिया।  प्रदेश में किराए पर भारी भरकम राशि खर्च  विधानसभा में पेश जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश सरकार का हवाई यात्रा खर्च लगातार बढ़ रहा है। हाल के कुछ वर्षों में किराये के विमान और हेलिकॉप्टरों पर खर्च औसतन 20 से 21 लाख रुपए प्रतिदिन तक पहुंच गया है। यह जानकारी विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में विधानसभा में दी गई। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच सरकार ने निजी विमान और हेलिकॉप्टर किराये पर लेने के लिए करीब 290 करोड़ रुपए खर्च किए। इनमें सिर्फ 2025 के पहले 11 महीनों में ही 90.7 करोड़ रुपए खर्च हुए, जो अब तक का सबसे अधिक वार्षिक खर्च है। सरकार ने बताया कि जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच लगभग दो वर्षों में 143 करोड़ रुपए खर्च हुए, जो औसतन 6.2 करोड़ रुपए प्रति माह है। वहीं 2021 से 2023 के बीच तीन वर्षों में खर्च 147 करोड़ रुपए रहा। विधानसभा दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2023 में विमान और हेलिकॉप्टर किराये की दरों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई। सरकार ने इसके पीछे कोविड के बाद बढ़ी मांग, ईंधन लागत और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने को वजह बताया है। प्रदेश के 31 जिलों में विमानतल और हवाई पटि्टयां उपलब्ध  प्रदेश में विमानन विभाग एवं विमानन संचालनायल को गठन 1 जून 1982 को किया गया। इस विभाग का काम अतिविशिष्ट व्यक्तियों के लिए शासकीय विमान/हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराना, शासन के बेड़े के विमान/हेलीकॉप्टरों का संधारण तथा परिचालन, प्रदेश में वायु सेवाओं का विस्तार के लिए स्वयं के संसाधनों से हवाई पट्टियों का विकास एवं क्षेत्रीय संपर्कता नीति के अंतर्गत राज्य के अंदर और बाहर वायु सेवा का विस्तार करना है। बता दें मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से 31 जिलों में विमानतल और हवाई पटि्टयां उपलब्ध हैं।   

प्रयागराज में आध्यात्मिक पर्यटन को मिली नई पहचान, योगी सरकार ने बढ़ाया विदेशी श्रद्धालुओं का विश्वास

योगी सरकार में विदेशी श्रद्धालुओं का बढ़ा भरोसा, प्रयागराज बना आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र एक साल में 20.53 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे प्रयागराज, संगम नगरी की बढ़ी लोकप्रियता आस्था और संस्कृति का आकर्षण: यूपी में विदेशी मेहमानों की पहली पसंद बना प्रयागराज लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली नीतियों के चलते विदेशी पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण प्रयागराज के रूप में सामने आया है, जहां वर्ष 2025 में 20,53,918 से अधिक विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संगम नगरी केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।  सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक संगम नगरी पहुंचे  प्रयागराज में 20,53,918, वाराणसी में 3,21,358, मथुरा में 1,42,134, अयोध्या में 65,487 विदेशी पर्यटक साल 2025 में पहुंचे। प्रयागराज सदियों से गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां की धार्मिक मान्यताएं, प्राचीन मंदिर, घाट, आश्रम और आध्यात्मिक वातावरण विदेशी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। विदेशी श्रद्धालु संगम स्नान, पूजा-अर्चना, योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति को करीब से समझने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। खासतौर पर माघ मेला, कुम्भ और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। योगी सरकार की नीतियों से बढ़ा विश्वास उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे विदेशी पर्यटकों में विश्वास बढ़ा है। पर्यटन स्थलों पर पुलिस व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, साफ-सफाई, बेहतर सड़क संपर्क, एयरपोर्ट और रेलवे सुविधाओं में सुधार का सकारात्मक असर देखने को मिला है। प्रयागराज में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, घाटों के सुंदरीकरण, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक व्यवस्थाओं ने भी विदेशी मेहमानों को आकर्षित किया है। सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार से प्रदेश की छवि वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है। आध्यात्मिक पर्यटन का बनता वैश्विक केंद्र पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है। यूरोप, अमेरिका, रूस, जापान, नेपाल, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। विदेशी मेहमान भारतीय परंपराओं, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन शैली से प्रभावित हो रहे हैं। वर्ष 2025 में 20 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि प्रयागराज की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रदेश के पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा। धार्मिक आयोजनों में प्रयागराज ने रचा इतिहास प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में नया इतिहास रचा। 45 दिवसीय इस भव्य आयोजन में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से प्रारंभ हुआ और 144 वर्षों बाद बने विशेष संयोग के कारण देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे। प्रतिदिन औसतन एक करोड़ से ज्यादा लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई। वहीं मात्र 33 दिनों में 50 करोड़ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार होना अपने आप में विश्व रिकॉर्ड है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 7-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। साथ ही 300 से अधिक गोताखोर तैनात किए गए और 10 लाख से अधिक लोगों के ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई थी।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया 4 लेन सीसी सड़क निर्माणकार्य का भूमि-पूजन

भोपाल.  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरुवार को 4-लेन सीसी सड़क का भूमि-पूजन किया। यह सड़क गोविंदपुरा विधानसभा के अंतर्गत आने वाले अवधपुरी क्षेत्र में बनने जा रही है। राज्यमंत्री गौर ने बताया कि एसबीआई ब्रांच से क्रिस्टल आइडल सिटी गेट तक 3 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क से क्षेत्र का आवागमन अधिक सुलभ और सुगम बनेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में सेंटर ब्रिज और स्ट्रीट लाइट का निर्माण भी शामिल है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक सुचारु हो सकेगी। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सड़क से अवधपुरी और उससे लगे इलाकों के लोगों को आवागमन में भी काफी राहत मिलेगी। इस सड़क की मांग पूरी करने के लिए स्थानीय रहवासियों ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर का आभार भी जताया। कार्यक्रम में सुरेंद्र धोटे, संजय शिवनानी, वी. शक्तिराव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।  

हरजोत सिंह बैंस बोले – प्राइवेट स्कूलों के स्टूडेंट्स को किताबें देगा बोर्ड

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने प्राइवेट स्कूलों के लिए टेक्स्टबुक्स के डिस्ट्रीब्यूशन में एक सुधार किया है। साल 2026-27 के एकेडमिक सेशन से, बोर्ड पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) से जुड़े प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले क्लास I से XII तक के स्टूडेंट्स को सीधे किताबें देगा। इस पहल से न सिर्फ ऑथराइज्ड एजेंसियों और बुक सेलिंग शॉप्स की मोनोपॉली खत्म होगी, बल्कि स्टूडेंट्स के पेरेंट्स को भी राहत मिलेगी। इस नए सुधार की घोषणा करते हुए, एजुकेशन मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इस फैसले से ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी, परिवारों का खर्च कम होगा और बिचौलियों पर डिपेंडेंस कम होगी, साथ ही टेक्स्टबुक्स समय पर मिलेंगी। हरजोत सिंह बैंस ने नए सिस्टम के बारे में डिटेल में बताते हुए कहा, “स्कूल इस बात का पूरा ध्यान रखेंगे कि प्रिंटेड कीमत से ज़्यादा पैसे न लिए जाएं। यह सिर्फ़ किताबें बांटने की सुविधा होगी, रेवेन्यू बढ़ाने का कोई तरीका नहीं। इससे प्राइवेट स्कूलों के 10 लाख से ज़्यादा स्टूडेंट्स को फ़ायदा होगा।” पंजाब सरकार की आसान और सस्ती शिक्षा पर ध्यान देने की पहल के बारे में बताते हुए, शिक्षा मंत्री ने कहा कि 15% की छूट, जो पहले किताब बेचने वालों को मिलती थी, अब सीधे स्कूलों के ज़रिए स्टूडेंट्स को दी जाएगी। इस कदम से परिवारों पर पैसे का बोझ कम होने के साथ-साथ सिस्टम में ज़्यादा जवाबदेही आने की उम्मीद है। इसके बारे में डिटेल में बताते हुए, मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि PSEB ने इस प्रोसेस को आसान बनाने के लिए एक खास ई-कॉमर्स पोर्टल भी बनाया है। स्टूडेंट्स मोबाइल एप्लीकेशन या ऑनलाइन पोर्टल के ज़रिए टेक्स्टबुक्स की मांग कर सकेंगे, जबकि स्कूल क्लास-वाइज़ और सब्जेक्ट-वाइज़ ज़रूरतें डिजिटली अपलोड कर सकेंगे। उन्होंने आगे कहा, “हर स्टूडेंट को अलग-अलग लॉगिन क्रेडेंशियल दिए जाएंगे ताकि माता-पिता जब भी ज़रूरत हो, सीधे ऑर्डर बुक कर सकें।” बोर्ड चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि पोर्टल को एक सिक्योर ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से जोड़ा गया है ताकि आसान, ट्रांसपेरेंट और अच्छे ट्रांज़ैक्शन हो सकें। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम खास तौर पर इसलिए डिज़ाइन किया गया है ताकि ज़्यादा पैसे लेने की कोई गुंजाइश न रहे और पूरे प्रोसेस में पूरी ट्रांसपेरेंसी बनी रहे। उन्होंने बताया कि मिले ऑर्डर के आधार पर, बोर्ड के रीजनल ऑफिस टेक्स्टबुक्स के बंडल तैयार करेंगे ताकि स्कूलों और स्टूडेंट्स को समय पर डिलीवरी हो सके। स्कूलों को एक अंडरटेकिंग देनी होगी कि तय कीमत से ज़्यादा पैसे नहीं लिए जाएंगे, जिससे नई पॉलिसी का सख्ती से पालन हो सके।

सीहोर जिले के लिए बड़ी खुशखबरी, केंद्रीय मंत्री ने जल्द मंजूरी का दिया भरोसा

सीहोर  मध्यप्रदेश के सीहोरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जिले को जल्द बड़ी सौगात मिल सकती है। जानकारी के मुताबिक, राज्य के सीहोर में इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस का ठहराव होगा। भोपाल-सीहोर सांसद आलोक शर्मा ने केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात की। साथ ही इस अहम मांग को उनके सामने रखा गया। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने मंजूरी का आश्वासन दिया है। भोपाल-सीहोर लोकसभा क्षेत्र के सांसद आलोक शर्मा नई दिल्ली में पहुंचे। इस दौरान सांसद ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने इंदौर जबलपुर ओवरनाइट एक्स्प्रेस ट्रेन को सीहोर रेलवे स्टेशन पर ठहराव की बहुप्रतीक्षित मांग को रखा। केंद्रीय रेल मंत्री ने जल्द ही इस ठहराव को मंजूरी का आश्वासन दिया है। दरअसल, यहां स्थित कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालु यात्रियों का आवागमन होता रहता है। इसके अलावा जिले में शैक्षणिक, व्यापारिक और प्रशासनिक गतिविधियों के बढ़ने के कारण ट्रेनों के ठहराव की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में सीहोर रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 22191/22192 इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस का ठहराव की आवश्यकता है। सीहोरवासियो की इस बहुप्रतीक्षित मांग को सांसद ने प्रमुखता से उठाया है। जिसके बाद अब जल्द ही यह मांग पूरी होने वाली है।

भोपाल में अत्यंत हर्ष और उल्लास से निकली चित्रगुप्त जी की भव्य शोभा यात्रा

भोपाल  आज वैशाख शुक्ल गंगा सप्तमी के दिन सम्पूर्ण जगत का लेखा-जोखा रखने वाले चित्रांश समाजv के आराध्यदेव भगवान चित्रगुप्त जी का प्रकट उत्सव अखिल भारतीय कायस्थ महासभा एवं सर्व कायस्थ संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में अत्यंत हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया.  आज प्रातः सामाजिक बंधु सपरिवार घर से पूजा अर्चना के बढ़ नेवरी, होशंगाबाद रोड, 1100 क्वार्टर्स, कोटरा, भेल, भवानी धाम, कमाली मंदिर, प्रोफेसर कॉलोनी के पश्चात जवाहर चौक स्थित चित्रगुप्त जी के मंदिर पहुंचे, यहाँ सभी ने सामूहिक हवन, कलम दवात का पूजन के बाद चित्रगुप्त जी जी सामूहिक आरती कि, जिसमें मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, सेवानिवृत मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी श्री अरुण श्रीवास्तव, कांग्रेस के महासचिव श्री संजीव सक्सेना, पार्षद वीनू मोनू सक्सेना एवं प्रवीण सक्सेना ने शोभा यात्रा को भव्य स्टेज से ध्वज दिखाकर रवाना किया, जिसमें घोड़े बग्गी बैंड बाजों के साथ सभी लोगों के साथ भजन कीर्तन करते हुए शोभा यात्रा में सम्मिलित होकर आकर्षक आतिशबाजी का आनंद उठाया एवं चित्रांश समाज के महापुरुषों एवं पर्यावरण पर आधारित सडक के दोनों और लगी प्रदर्शनी को निहारा तथा उज्जैन के डमरू दल एवं बैंडबाजों के साथ पैदल चलकर झूमते नाचते हुए शोभा यात्रा कि शोभा बढ़ाई, जिसमें भोपाल के सभी 22 कायस्थ संगठनों के पदाधिकारी सर्वश्री अजय श्रीवास्तव नीलू सुनील श्रीवास्तव संजीव श्रीवास्तव (संयोजक) पंकज कुलश्रेष्ठ बृजेश श्रीवास्तव संजय श्रीवास्तव अभय प्रधान (प्रवक्ता) उदय श्रीवास्तव के के सक्सेना आशीष श्रीवास्तव वेद आशीष श्रीवास्तव शैलेन्द्र निगम चंद्रेश सक्सेना सुम्मी विश्वनाथ भटनागर जी एम जोहरी ajay माथुर सहर्ष श्रीवास्तव अजय निगम सुनील श्रीवास्तव एडवोकेट बृजेश श्रीवास्तव डी के श्रीवास्तव एम के भटनागर महेंद्र श्रीवास्तव अनिल श्रीवास्तव राजेंद्र श्रीवास्तव दिनेश चंद्र श्रीवास्तव मनीष श्रीवास्तव मीना अरुण श्रीवास्तव ममता श्रीवास्तव वंदना प्रधान नीना सक्सेना सुधीर सिन्हा उषा सुधीर खरे शैलेश श्रीवास्तव साक्षी सक्सेना सुनील श्रीवास्तव एडवोकेट सौरभ कुलश्रेष्ठ आलोक श्रीवास्तव रूपाली श्रीवास्तव विवाह श्रीवास्तव राजेश नारायण श्रीवास्तव अनिल श्रीवास्तव रविंद्र श्रीवास्तव पंकज सक्सेना राजीव सक्सेना चित्रांश दीप रूपाली खरे राशि सक्सेना सारिका सक्सेना प्रतिभा कुलश्रेष्ठ अंकुर श्रीवास्तव विवेक श्रीवास्तव सहित भोपाल के बड़ी संख्या में चित्रांश बन्धुओं ने अपार हर्ष के साथ शोभा यात्रा का आनंद उठाया. आज प्रकटोत्सव पर्व पर राजधानी में जबरदस्त उत्साह का माहौल रहा. “चित्रगुप्त भगवान का प्रकटोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और एकजुट करने का सशक्त अवसर है।”  इस बार शोभायात्रा को और अधिक भव्य बनाने के लिए विशेष लाइटिंग, साउंड और सांस्कृतिक व्यवस्थाएं की गईं थीं. यात्रा में भजन कीर्तन गेट हुए टोलियाँ चलेंगी, रास्ते में जगह जगह यात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत हुआ. कार्यक्रम में भक्ति और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला जहां भजन-कीर्तन, गीत-संगीत के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण था और अंत में रवि खरे एंड पार्टी ने सुमधुर भजनों से श्रद्धालुओं का मंदिर मोह लिया, इसके पश्चात सभी ने विशाल भंडारे में सामूहिक भोज प्रसाद के रूप में ग्रहण किया.  इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहाँ कि “भगवान चित्रगुप्त समाज के आराध्य देव हैं, लेकिन इसके साथ इसलिए सृष्टि पर निवास करने वाले सभी समाज के प्राणियों के कर्मों व पाप पुण्य का भी लेखा जोखा रखते हैं और सभी को बुद्धि व विवेक भी प्रदान करते हैं , इसलिए इनकी महिमा अपार और अपरम्पार है व इनकी पूजा-अर्चना भी सभी लोग पूरे मनोयोग से करते हैं.  

प्राकृतिक आपदा में मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता स्वीकृत

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मृतकों के वारिसों को आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। शासन के राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में संशोधित प्रावधानों के तहत यह सहायता दी जा रही है। जारी आदेश के अनुसार, तहसील नागपुर के ग्राम बरकेला निवासी सरिता की सर्पदंश से मृत्यु होने पर उनके वारिस जगरनाथ सिंह को 4 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। वहीं तहसील खड़गवां के ग्राम जरौंधा निवासी फुलकुंवर की कुएं में डूबने से मृत्यु होने पर उनके वारिस धर्मपाल सिंह को 4 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। इसी क्रम में ग्राम बेलकामार निवासी अजय कुमार की तालाब में डूबने से मृत्यु होने पर उनके वारिस दीपक कुमार सिंह को 4 लाख रुपये तथा तहसील केल्हारी के ग्राम मुसरा निवासी गीता की नाला में डूबने से मृत्यु होने पर उनके वारिस संतलाल को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह सहायता राशि पीड़ित परिवारों को कठिन समय में आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी जा रही है। स्वीकृत राशि का व्यय वित्तीय वर्ष 2025-26 में मांग संख्या-58 के मुख्य शीर्ष 2245 (प्राकृतिक आपदा राहत) के अंतर्गत किया जाएगा।

हरियाली की गोद में न्याय का मंदिर:मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर बना प्रकृति का मनमोहक आंगन

हरियाली की गोद में न्याय का मंदिर:मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर बना प्रकृति का मनमोहक आंगन लीची, आम और कटहल से लदे वृक्षों ने बढ़ाई रौनक, तपती गर्मी में भी सुकून का एहसास मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिला मुख्यालय स्थित मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर इन दिनों केवल न्यायिक गतिविधियों का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्रकृति की अनुपम छटा का जीवंत उदाहरण बन गया है। परिसर में लगे लीची, आम और कटहल के घने एवं फलदार वृक्ष इसे एक सजीव बाग-बगीचे का रूप प्रदान कर रहे हैं, जहां हरियाली की ठंडक और फलों की बहार लोगों का मन मोह लेती है। गर्मी के इस तीखे मौसम में, जब चारों ओर तपिश और उमस से लोग बेहाल हैं, वहीं न्यायालय परिसर में प्रवेश करते ही वातावरण बदल जाता है। पेड़ों की घनी छांव, पत्तों से छनकर आती धूप और हवा में घुली ताजगी एक अलग ही सुकून का अनुभव कराती है। ऐसा प्रतीत होता है मानो न्याय के इस मंदिर में प्रकृति ने स्वयं अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी हो। परिसर में लगे लीची के गुच्छेदार फल, आम के कच्चे-पके रंग और कटहल के विशाल फलों की भरमार न केवल आंखों को आनंदित करती है, बल्कि यहां आने वाले अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और पक्षकारों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। हर ओर फैली हरियाली और फलदार वृक्षों की छटा इस स्थान को किसी उद्यान से कम नहीं रहने देती। अधिवक्ता श्रीमती पूनम गुप्ता का कहना है कि न्यायालय परिसर में इस प्रकार की हरियाली वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ मानसिक शांति भी प्रदान करती है। उनका मानना है कि यह नजारा केवल सुंदरता ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त संदेश भी देता है। यदि न्यायालय प्रशासन और अधिवक्ता संघ द्वारा इस हरियाली को और अधिक प्रोत्साहन दिया जाए, तो आने वाले समय में यह परिसर एक आदर्श उदाहरण बन सकता है—जहां न्यायिक प्रक्रियाओं के साथ प्रकृति का संतुलन भी सहज रूप से दिखाई दे। यहां का हर पेड़, हर फल और हर छांव मानो यही संदेश देता है कि विकास और पर्यावरण एक साथ कदम बढ़ा सकते हैं।

बिना नंबर की बोलेरो में 19 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त, सनेह उर्फ शनि सिंह गिरफ्तार—एक आरोपी फरार

बिना नंबर की बोलेरो में 19 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त, सनेह उर्फ शनि सिंह गिरफ्तार—एक आरोपी फरार राजेन्द्रग्राम  थाना राजेन्द्रग्राम पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए बिना नंबर की बोलेरो वाहन से 19 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की है। इस कार्रवाई में एक आरोपी सनेह उर्फ शनि सिंह (पिता सत्यलाल सिंह, निवासी चूंदरोड, थाना कोटर, जिला सतना) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 22 अप्रैल 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक सफेद रंग की बोलेरो वाहन में दो व्यक्ति अवैध अंग्रेजी शराब लेकर अमरकंटक की ओर बिक्री के उद्देश्य से जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई और ग्राम डाकिया टोला मेन रोड पर घेराबंदी कर निगरानी शुरू की। कुछ ही देर बाद राजेन्द्रग्राम की ओर से एक संदिग्ध बिना नंबर की बोलेरो वाहन आती हुई दिखाई दी। पुलिस वाहन को देखकर चालक ने गति बढ़ा दी और भागने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन का पीछा किया और घुसरवार के पास उसे रोक लिया। इस दौरान वाहन में सवार एक व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे व्यक्ति को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सनेह उर्फ शनि सिंह बताया। पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई करते हुए बोलेरो वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन के पीछे रखे 19 कार्टून बरामद किए गए, जिनमें विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब भरी हुई थी। जप्त शराब का विवरण इस प्रकार है— 08 पेटी स्टाक कंपनी की बियर (650 एमएल) कुल 96 नग, मात्रा 62.400 लीटर 01 पेटी मैजिक मोमेंट अंग्रेजी शराब (180 एमएल) कुल 48 नग, मात्रा 8.640 लीटर 02 पेटी किंगफिशर स्ट्रॉन्ग बियर (केन 500 एमएल) कुल 48 नग, मात्रा 24 लीटर 02 पेटी गोवा व्हिस्की (180 एमएल) कुल 100 नग, मात्रा 18 लीटर 02 पेटी रॉयल स्टेज व्हिस्की (180 एमएल) कुल 96 नग, मात्रा 17.280 लीटर 04 पेटी मैकडॉवेल नंबर-1 व्हिस्की (180 एमएल) कुल 192 नग, मात्रा 34.560 लीटर इस प्रकार कुल 164.880 लीटर अंग्रेजी शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 89,868 रुपये है, जब्त की गई। साथ ही अवैध परिवहन में प्रयुक्त बिना नंबर की बोलेरो वाहन को भी जप्त किया गया। पुलिस ने आरोपी सनेह उर्फ शनि सिंह के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत अपराध क्रमांक 105/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनूपपुर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी पुष्पराजगढ़ के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक पी.सी. कोल के नेतृत्व में की गई। इस दौरान सउनि अवधलाल अहिरवार, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र सिंह, आरक्षक राजेन्द्र प्रसाद यादव एवं आरक्षक धीरज तिल्गाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा फरार आरोपी की तलाश जारी है तथा क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

प्रशासनिक फेरबदल में बड़े बदलाव, इन अधिकारियों का तबादला और नई जिम्मेदारी सौंपी गई

रायपुर  छत्तीसगढ़ में से बड़े प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आई है। यहां डिप्टी कलेक्टर टीकाराम देवांगन का तबादला किया गया है। उन्हें जिला कार्यालय कांकेर में भेजा गया है। इसके लिए कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आदेश जारी किया है।   जारी आदेश के अनुसार, डिप्टी कलेक्टर टीकाराम देवांगन को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर के पद से हटाया गया। उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपते हुए जिला कार्यालय कांकेर में पदस्थ किया गया है। वहीं, उनके स्थान पर मनीष देव साहू, जो डिप्टी कलेक्टर एवं नजूल अधिकारी कांकेर के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस आदेश के तहत जिला प्रशासन में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने आगामी महत्वपूर्ण प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से शासकीय कर्मचारियों के अवकाश संबंधी नियमों को अस्थायी रूप से कड़ा कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश को बुधवार को सभी विभागों में भेजा गया। जारी निर्देशों के अनुसार, अगले तीन महीनों तक बिना पूर्व स्वीकृति किसी भी कर्मचारी को अवकाश पर जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासनिक अधिकारीयों के अनुसार, यह निर्णय जनगणना कार्य और राज्य में प्रस्तावित 'सुशासन तिहार' जैसे बड़े कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो और सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जा सकें। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना अनुपस्थित रहने को अनुशासनहीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में विभागीय कारर्वाई की जा सकती है। वहीं, आकस्मिक परिस्थितियों में भी कर्मचारियों को अवकाश लेने से पहले दूरभाष या डिजिटल माध्यम से सूचना देना अनिवार्य होगा तथा बाद में इसकी औपचारिक पुष्टि करनी होगी। इसके अतिरिक्त, लंबी अवधि के अवकाश पर जाने से पूर्व संबंधित कर्मचारी को अपने कार्यभार का विधिवत हस्तांतरण सुनिश्चित करना होगा, ताकि कार्यालयीन कार्य प्रभावित न हों। राज्य सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय अधिकारियों और जिला कलेक्टरों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। इसे प्रशासनिक दक्षता बनाए रखने और प्राथमिकता वाले कार्यों को समय पर पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।