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बिना नंबर की बोलेरो में 19 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त, सनेह उर्फ शनि सिंह गिरफ्तार—एक आरोपी फरार

बिना नंबर की बोलेरो में 19 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त, सनेह उर्फ शनि सिंह गिरफ्तार—एक आरोपी फरार राजेन्द्रग्राम  थाना राजेन्द्रग्राम पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए बिना नंबर की बोलेरो वाहन से 19 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की है। इस कार्रवाई में एक आरोपी सनेह उर्फ शनि सिंह (पिता सत्यलाल सिंह, निवासी चूंदरोड, थाना कोटर, जिला सतना) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 22 अप्रैल 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक सफेद रंग की बोलेरो वाहन में दो व्यक्ति अवैध अंग्रेजी शराब लेकर अमरकंटक की ओर बिक्री के उद्देश्य से जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई और ग्राम डाकिया टोला मेन रोड पर घेराबंदी कर निगरानी शुरू की। कुछ ही देर बाद राजेन्द्रग्राम की ओर से एक संदिग्ध बिना नंबर की बोलेरो वाहन आती हुई दिखाई दी। पुलिस वाहन को देखकर चालक ने गति बढ़ा दी और भागने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन का पीछा किया और घुसरवार के पास उसे रोक लिया। इस दौरान वाहन में सवार एक व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे व्यक्ति को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सनेह उर्फ शनि सिंह बताया। पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई करते हुए बोलेरो वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन के पीछे रखे 19 कार्टून बरामद किए गए, जिनमें विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब भरी हुई थी। जप्त शराब का विवरण इस प्रकार है— 08 पेटी स्टाक कंपनी की बियर (650 एमएल) कुल 96 नग, मात्रा 62.400 लीटर 01 पेटी मैजिक मोमेंट अंग्रेजी शराब (180 एमएल) कुल 48 नग, मात्रा 8.640 लीटर 02 पेटी किंगफिशर स्ट्रॉन्ग बियर (केन 500 एमएल) कुल 48 नग, मात्रा 24 लीटर 02 पेटी गोवा व्हिस्की (180 एमएल) कुल 100 नग, मात्रा 18 लीटर 02 पेटी रॉयल स्टेज व्हिस्की (180 एमएल) कुल 96 नग, मात्रा 17.280 लीटर 04 पेटी मैकडॉवेल नंबर-1 व्हिस्की (180 एमएल) कुल 192 नग, मात्रा 34.560 लीटर इस प्रकार कुल 164.880 लीटर अंग्रेजी शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 89,868 रुपये है, जब्त की गई। साथ ही अवैध परिवहन में प्रयुक्त बिना नंबर की बोलेरो वाहन को भी जप्त किया गया। पुलिस ने आरोपी सनेह उर्फ शनि सिंह के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत अपराध क्रमांक 105/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनूपपुर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी पुष्पराजगढ़ के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक पी.सी. कोल के नेतृत्व में की गई। इस दौरान सउनि अवधलाल अहिरवार, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र सिंह, आरक्षक राजेन्द्र प्रसाद यादव एवं आरक्षक धीरज तिल्गाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा फरार आरोपी की तलाश जारी है तथा क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

प्रशासनिक फेरबदल में बड़े बदलाव, इन अधिकारियों का तबादला और नई जिम्मेदारी सौंपी गई

रायपुर  छत्तीसगढ़ में से बड़े प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आई है। यहां डिप्टी कलेक्टर टीकाराम देवांगन का तबादला किया गया है। उन्हें जिला कार्यालय कांकेर में भेजा गया है। इसके लिए कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आदेश जारी किया है।   जारी आदेश के अनुसार, डिप्टी कलेक्टर टीकाराम देवांगन को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर के पद से हटाया गया। उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपते हुए जिला कार्यालय कांकेर में पदस्थ किया गया है। वहीं, उनके स्थान पर मनीष देव साहू, जो डिप्टी कलेक्टर एवं नजूल अधिकारी कांकेर के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस आदेश के तहत जिला प्रशासन में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने आगामी महत्वपूर्ण प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से शासकीय कर्मचारियों के अवकाश संबंधी नियमों को अस्थायी रूप से कड़ा कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश को बुधवार को सभी विभागों में भेजा गया। जारी निर्देशों के अनुसार, अगले तीन महीनों तक बिना पूर्व स्वीकृति किसी भी कर्मचारी को अवकाश पर जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासनिक अधिकारीयों के अनुसार, यह निर्णय जनगणना कार्य और राज्य में प्रस्तावित 'सुशासन तिहार' जैसे बड़े कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो और सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जा सकें। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना अनुपस्थित रहने को अनुशासनहीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में विभागीय कारर्वाई की जा सकती है। वहीं, आकस्मिक परिस्थितियों में भी कर्मचारियों को अवकाश लेने से पहले दूरभाष या डिजिटल माध्यम से सूचना देना अनिवार्य होगा तथा बाद में इसकी औपचारिक पुष्टि करनी होगी। इसके अतिरिक्त, लंबी अवधि के अवकाश पर जाने से पूर्व संबंधित कर्मचारी को अपने कार्यभार का विधिवत हस्तांतरण सुनिश्चित करना होगा, ताकि कार्यालयीन कार्य प्रभावित न हों। राज्य सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय अधिकारियों और जिला कलेक्टरों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। इसे प्रशासनिक दक्षता बनाए रखने और प्राथमिकता वाले कार्यों को समय पर पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मध्य प्रदेश के 678 गांवों में हरियाली की लहर, वॉटर प्रोजेक्ट के लिए मोहन सरकार खर्च करेगी बड़े पैमाने पर

छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुर्नवास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुर्नवास पैकेज की स्वीकृति भोपाल में हुई मंत्रीमंडल की बैठक में मिल गई है.  हुई मंत्री परिषद की बैठक में छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुर्नवास के लिए स्वीकृत राशि 840 करोड़ 80 लाख रूपये को बढ़ाकर लगभग 969 करोड़ का विशेष पुर्नवास पैकेज स्वीकृत कर दिया गया है।  678 ग्राम पंचायतों की लाखों एकड़ जमीन को मिलेगा पानी छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के अंतर्गत छिंदवाड़ा जिले में संगम 1 बांध, संगम 2 बांध, रामघाट बांध एवं पांढुर्णा जिले में बेलेंसिग रिजर्वायर बनने हैं. पांढुर्णा में कुल 4 बांध बनना है, जिससे छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिलों के 1,90,500 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी. परियोजना से छिंदवाड़ा जिले एवं पांढुर्णा जिले के 678 गांव को लाभ मिलेगा जिसमें से पांढुर्णा जिले की पांढुर्णा तहसील के 129 ग्राम, पांढुर्णा जिले की सौंसर तहसील के 124 ग्राम, छिंदवाड़ा जिले की मोहखेड़ तहसील के 132 ग्राम, बिछुआ तहसील के 76 ग्राम, छिंदवाड़ा तहसील के 7 ग्राम, जुन्नारदेव तहसील के 126 ग्राम, चांद तहसील के 34 और उमरेठ तहसील के 50 ग्राम. इस परियोजना से सिंचाई के अलावा पास के क्षेत्रों के पीने के पानी की समस्या, औद्योगिक उपयोग एवं बिजली उत्पादन के लिए पानी सुरक्षित रखने का प्रावधान है।  इन गांवों के निवासियों को मिलेगा लाभ सांसद बंटी विवेक साहू ने बताया कि "इस परियोजना के तहत तहसील जुन्नारदेव के भावईकलां, भावईखुर्द, बिरजपुरा, दमुआ, हिरदागढ़ छिनढाना, करहैया, करमोहिनी बंधी, खापासुरजु, मांडई, नंदौरा, महेंदावीर, रामनगरी एवं सेमरकुही, तहसील मोहखेड़ के कोहटमाल, पीपलगांव, बोरगांव, कोहटरैय्यत, तिकाड़ी, बीजागोरा, भवारी रैय्यत, संगम, दीप, रहप, धगडियामाल, मेहलारी बाकुल एवं पर्वत घोघरी, तहसील पांढुर्णा के भूली, खड़की, धावड़ीखापा, खेड़ीधानभोयर, मोराडोंगरी, भुयारी एवं नीलकंठ, तहसील सौंसर के हरनबेडी, बरगाबोडी, पलासपानी, गाजनडोह के निवासियों को लाभ मिल सकेगा।  प्रभारी मंत्री द्वारा मनोनीत डूब क्षेत्र पुनर्वास प्रतिनिधि कमलेश ऊइके ने बताया कि "जमीन किसी भी शासकीय काम के लिए अधिग्रहण की जाती थी तो किसानों को काफी नुकसान होता था. मुख्यमंत्री के द्वारा चार गुना मुआवजा का जो निर्णय लिया गया है प्रभावित किसानों को इसका फायदा हो सकेगा. यह भाजपा सरकार की सोच है ताकि किसानों को सुविधाओं के साथ-साथ उनकी जमीन का उचित मुआवजा भी मिल सके।  सांसद ने मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री से की थी मुलाकात सांसद बंटी विवेक साहू ने मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से मुलाकात के दौरान उन्हें बताया था कि उनके संसदीय क्षेत्र छिंदवाड़ा-पांढुर्णा के अंतर्गत बहुउद्देशीय परियोजना छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना की स्वीकृति प्राप्त है. इस योजना में जल भराव क्षमता 651.33 मिलियन घन मीटर (मि.घ.मी.) है, जिससे छिंदवाड़ा, जुन्नारदेव, मोहखेड़, बिछुआ, चौरई, उमरेठ, सौंसर एवं पांढुर्णा विकासखण्डों की 1,90,500 हेक्टेयर सिंचाई प्रस्तावित है. इस काम में प्रभावित हो रहे ग्रामीणों द्वारा स्पेशल भुअर्जन एवं पुनर्वास एवं पुर्नव्यवस्थापन पैकेज की मांग की गई है।  छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव एवं मोहखेड़ तहसील के प्रभावित ग्रामों की अधिकांश जनसंख्या जनजातीय समुदाय से है जिस कारण गैर जनजातीय खरीदी ब्रिकी निषेध है. अधिकांश प्रभावित किसानों पर एक हेक्टेयर से कम का रकबा है जिसके बाजार मूल्यों में पिछले कई सालों से कम बढ़ोत्तरी हुई है. पांढुर्णा जिले के सौंसर एवं पांढुर्णा तहसील के डूब क्षेत्र में मुख्यतः कपास नगदी फसल एवं संतरा उद्यानिकी फसल की खेती होती है जिस पर किसान निर्भर है. इस क्षेत्र के डूब से प्रभावित होने के कारण किसानों द्वारा अधिक मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया।  सांसद ने मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री को बताया था कि इस योजना में बाधाएं आ रही हैं, जिसे शासन स्तर पर हल किया जा सकता है. जिसके अंतर्गत परियोजना में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन प्रस्तावित है जिसके लिए स्पेशल पैकेज की स्वीकृति शासन स्तर से लंबित है. परियोजना से वन भूमि प्रभावित हो रही है जिसके लिए छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले के अलावा अन्य जिलों से भी गैर वन भूमि की आवश्यकता पड़ेगी. वन विभाग छिंदवाड़ा की भूमि के बदले दूसरे जिलों की भूमि को वनों के लिये आवंटित किया जाना प्रस्तावित है।  अधिग्रहण का ग्रामीण कर रहे हैं विरोध सरकार ने जब से बांध बनाने का प्रस्ताव लाया है उसके बाद से ही सभी गांव के ग्रामीण एकजुट होकर बांध बनाने का विरोध कर रहे हैं इसको लेकर कई बार जिला स्तर पर ग्रामीण और आदिवासियों ने बड़ा आंदोलन प्रदर्शन भी किया है. आदिवासी नेता झमक लाल सरेआम ने बताया कि "आदिवासी और ग्रामीणों की आमदनी का मुख्य जरिया उनकी जमीन है और आदिवासी किसानों के पास छोटे-छोटे जमीन के टुकड़े हैं जिससे उनके परिवार का पालन होता है. बांध बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण कर आदिवासियों के जीने का सहारा छीन लिया जाएगा क्योंकि जितनी जमीन का उन्हें मुआवजा मिलेगा उतने में वह जमीन कहीं खरीद नहीं सकेंगे और पुश्तैनी जमीन से उन्हें हटा दिया जाएगा. इसका फायदा बड़े जमींदार और दूसरे गांव को मिलेगा इसलिए वे जमीन देने को तैयार नहीं हैं। 

गांव ओइंड को बड़ी सौगात: मंत्री बरिंदर गोयल ने लिफ्ट इरिगेशन स्कीम का किया शुभारंभ

श्री चमकौर साहिब. पंजाब के कैबिनेट मंत्री, बरिंदर कुमार गोयल ने ओइंड गांव में लिफ्ट इरिगेशन स्कीम का उद्घाटन किया। यह प्रोजेक्ट श्री चमकौर साहिब तहसील के उन गांवों के लिए एक अहम कदम साबित होगा जो अभी भी नहर के पानी से वंचित हैं और जहां ग्राउंडवाटर लगातार गहरा होता जा रहा है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए, कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि श्री चमकौर साहिब एक ऐतिहासिक शहर है और इस इलाके से मुख्य नहरें – सरहिंद नहर और भाखड़ा मेन लाइन नहर गुजरने के बावजूद, कई गांवों को अब तक नहर के पानी की सुविधा नहीं मिल रही थी, जिसके कारण छोटे किसान मोटर कनेक्शन न होने के कारण पानी के लिए दूसरे ज़मीन मालिकों पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए और नहरी सिंचाई के तहत ज़्यादा से ज़्यादा एरिया लाने के सरकार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए यह लिफ्ट सिंचाई स्कीम तैयार की गई है और पूरे राज्य में इसे सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है। इससे किसानों को आत्मनिर्भर बनने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत, गांव ओइंड के पास भाखड़ा मेन लाइन नहर के समराला मेजर सिस्टम से पानी लिफ्ट करके लगभग 900 mm (लगभग 3 फीट) डायमीटर वाले मेन राइजर पाइप के ज़रिए गांव गग्गों में बनने वाले D-टैंक तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद, चार अलग-अलग डिस्ट्रीब्यूशन स्कीमों के ज़रिए आस-पास के गांवों में पानी की सप्लाई पक्की की जाएगी। बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर लगभग 44.83 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे लगभग 4500 एकड़ खेती लायक ज़मीन को नहरी पानी की सुविधा मिलेगी। इस स्कीम से श्री चमकौर साहिब, सालोमाजरा, गग्गोन, गढ़राम खुर्द, गढ़राम कलां, पीपलमाजरा, रुड़की, तालापुर, दुगरी, कोटली, कमालपुर, रामपुर बेट समेत कई गांवों को फायदा होगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ खेती की पैदावार बढ़ेगी बल्कि किसानों की इनकम भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए पूरी तरह तैयार है और आने वाले समय में भी ऐसे जनहित के प्रोजेक्ट लागू किए जाएंगे। श्री चमकौर साहिब हलके के MLA डॉ. चरणजीत सिंह ने इस खास प्रोजेक्ट के लिए कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल का शुक्रिया अदा किया। उद्घाटन समारोह में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने लोगों से किए सभी वादे पूरे किए हैं और राज्य के लोगों को जनहित की स्कीमों का ज़्यादा से ज़्यादा फायदा पहुंचाया है। इस मौके पर असिस्टेंट कमिश्नर (जी) कम एसडीएम श्री चमकौर साहिब प्रदीप सिंह बैंस, डीएसपी श्री चमकौर साहिब मनजीत सिंह औलाख, एसई गगनदीप सिंह गिल, ईएक्स गुरशरण सिंह विर्क, एसडीओ कुलविंदर सिंह, प्रो. बिरदेविंदर सिंह बल्लां, एनपी राणा, सिकंदर सिंह सहेरी, अमनदीप सिंह मांगट, हरनेक सिंह भूरा, जगदेव भटोआ, अमृतपाल कौर नागरा, जगतार सिंह घड़ूआं व अन्य उच्च अधिकारी व गणमान्य मौजूद थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – खिवनी अभयारण्य बनेगा वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म का आदर्श मॉडल

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राकृतिक रूप से बाघों की बढ़ती मौजूदगी के कारण खिवनी वन्य-प्राणी अभयारण्य वन्यजीव संरक्षण की सफलता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का विजन खिवनी को एक सुदृढ़ बाघ आवास के साथ-साथ प्रमुख इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करना है, जिससे संरक्षण और पर्यटन दोनों को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि खिवनी आने वाले समय में वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म का आदर्श केंद्र बनेगा। मालवा-निमाड़ क्षेत्र के शुष्क पर्णपाती वनों में स्थित लगभग 134.7 वर्ग किलोमीटर में फैला खिवनी अभयारण्य, जो पहले केवल रातापानी जैसे बड़े वनों को जोड़ने वाला ‘ट्रांजिट कॉरिडोर’ माना जाता था, आज बाघों के सुरक्षित प्रजनन स्थल के रूप में स्थापित हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस परिवर्तन को राज्य की सुनियोजित नीतियों और सतत संरक्षण प्रयासों का परिणाम बताया। खिवनी में बाघ ‘युवराज’ और ‘मीरा’ ने इसे अपना स्थायी ठिकाना बनाकर नई पहचान दी है। वन विभाग द्वारा मीरा के तीन शावकों को जन्म देने की पुष्टि की गई है। ये शावक अब अपनी मां के साथ जंगल में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान में खिवनी में लगभग एक दर्जन बाघों की मौजूदगी दर्ज की जा रही है, जो इस क्षेत्र के पारिस्थितिक पुनर्जीवन का स्पष्ट संकेत है। खिवनी में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियां, जैसे जंगली कुत्तों (ढोल) की सक्रियता, तेंदुए, लकड़बग्घा, सियार और भालू की उपस्थिति तथा चौसिंगा जैसे दुर्लभ शाकाहारी जीवों की मौजूदगी ने इसे संतुलित शिकार-शिकारी श्रृंखला और सुदृढ़ पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्स्थापना का उदाहरण बना दिया है। खिवनी वन्यजीव संरक्षण की नींव 1982 में रखी गई थी। बाद में खिवनी क्षेत्र का विस्तार कर सीहोर जिले के वन क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया। अब यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए जीवनरेखा सिद्ध हो रहा है। राज्य सरकार अब ओंकारेश्वर वन्य-प्राणी अभयारण्य के विकास के माध्यम से इस ट्रांजिट कॉरिडोर नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। खिवनी अभयारण्य केवल एक वन क्षेत्र नहीं, बल्कि पुनर्जीवन, संतुलन और नई उम्मीद की प्रेरक कहानी है, जो मध्यप्रदेश को वन्यजीव संरक्षण और इको-पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है।

तुर्किये ने 15 साल से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन किया, संसद में विधेयक पारित

अंकारा कई देशों ने बच्चों की सुरक्षा और ऑनलाइन जोखिम कम करने के लिए सोशल मीडिया पर उम्र आधारित प्रतिबंध या सख्त नियम लागू किए हैं। इसी कड़ी में एक और देश का नाम जुड़ गया है।  तुर्किये की संसद ने देर रात एक विधेयक पारित किया, जिसमें 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया मंचों तक पहुंच सीमित करने का प्रावधान शामिल है। सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। यह कानून बच्चों और किशोरों को ऑनलाइन खतरनाक गतिविधियों से बचाने की वैश्विक प्रवृत्ति के मद्देनजर लाया गया है।  सोशल मीडिया कंपनियों को चेतावनी यह विधेयक ऐसे समय में पारित हुआ है जब एक सप्ताह पहले काहरामानमाराश (दक्षिणी तुर्किये) में हुई गोलीबारी की घटना में 14 वर्षीय एक लड़के ने स्कूल में नौ छात्रों और एक शिक्षक की हत्या कर दी थी। इस घटना में हमलावर की भी मौत हो गई थी। पुलिस हमलावर की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर रही है ताकि हमले के पीछे की मंशा का पता लगाया जा सके। तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू के अनुसार नए कानून के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को आयु सत्यापन प्रणाली लागू करनी होगी, अभिभावक नियंत्रण (पैरेंटल कंट्रोल) के साधन उपलब्ध कराने होंगे और हानिकारक मानी जाने वाली सामग्री (कंटेंट) पर तेजी से कार्रवाई करनी होगी। अब इस विधेयक को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन की मंजूरी की आवश्यकता है, जिन्हें 15 दिनों के भीतर इस पर निर्णय लेना होगा। काहरामानमाराश की घटना के बाद एर्दोआन ने बच्चों की सुरक्षा और निजता के लिए ऑनलाइन जोखिम कम करने की आवश्यकता पर बल दिया था।  सोशल मीडिया मंच  गंदगी का अड्डा बनेः एर्दोआन एर्दोआन ने सोमवार को टेलीविजन पर अपने एक संबोधन में कहा, "हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म हमारे बच्चों के दिमाग को खराब कर रहे हैं और सोशल मीडिया मंच साफ शब्दों में कहें तो गंदगी का अड्डा बन गए हैं।" मुख्य विपक्षी दल रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा है कि बच्चों की सुरक्षा प्रतिबंधों से नहीं बल्कि अधिकार-आधारित नीतियों से सुनिश्चित की जानी चाहिए। कानून के तहत यूट्यूब, टिकटॉक, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंच 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को अकाउंट बनाने से रोकेंगे और अभिभावक नियंत्रण प्रणाली लागू करेंगे। इसके अलावा, ऑनलाइन गेम कंपनियों को भी तुर्किये में एक प्रतिनिधि नियुक्त करना होगा ताकि वे नए नियमों का पालन सुनिश्चित कर सकें। उल्लंघन की स्थिति में इंटरनेट बैंडविड्थ में कमी और जुर्माने जैसे दंड का प्रावधान है। तुर्किये सरकार पर हाल में ऑनलाइन मंचों पर प्रतिबंध लगाने के आरोप लगते रहे हैं, खासकर जब ये प्लेटफॉर्म असहमति व्यक्त करने का माध्यम बने हैं।  इन देशों में भी सख्ती कई देशों ने बच्चों की सुरक्षा और ऑनलाइन जोखिम कम करने के लिए सोशल मीडिया पर उम्र आधारित प्रतिबंध या सख्त नियम लागू किए हैं। यह सिर्फ तुर्केए  तक सीमित नहीं है, बल्कि एक वैश्विक ट्रेंड बनता जा रहा है।     Australia ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त नियम लागू किए हैं। ऑस्ट्रेलिया 10 दिसंबर 2025 से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध (NPR) लगाने वाला विश्व का पहला देश बना।       फ्रांस की संसद 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया (टिकटॉक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट) पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक कड़े कानून पर काम कर रही है, जो BBC के अनुसार सितंबर 2026 तक लागू हो सकता है।      China सबसे सख्त देशों में शामिल है। वहां बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर समय सीमा तय है और रात में उपयोग पर भी रोक है।     ब्रिटेन सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने या सख्त नियम लागू करने पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है।   ब्रिटेन ने भी सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त   “Online Safety” कानून के तहत प्लेटफॉर्म्स पर दबाव बढ़ाया है कि वे बच्चों को हानिकारक कंटेंट से बचाएं और उम्र सत्यापन लागू करें।

ईरान से इंटरनेट पर बड़ा खतरा, रिपोर्ट में खुलासा, भारत और अन्य देशों में हो सकता है अटैक

नई दिल्ली ईरान के निशाने पर अब दुनिया का इंटरनेट कनेक्शन हो सकता है। खबर है कि IRGC यानी इस्लामिक रिवॉल्युशनरी गार्ड्स कोर से जुड़ी तस्नीम एजेंसी ने फारस की खाड़ी में समुद्र के अंदर मौजूद इंटरनेट केबल का नक्शा जारी कर ऐसे संकेत दिए हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। आशंका जताई जा रही है कि इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है। इंटरनेट केबल्स और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का एक नक्शा तस्नीम की तरफ से जारी किया गया है। अब इस कदम को चेतावनी के तौर पर भी देखा जा रहा है कि फारस की खाड़ी पर अब डिजिटल अटैक किया जा सकता है। बुधवार को प्रकाशित इस रिपोर्ट में खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में स्ट्रेट को न सिर्फ एनर्जी के लिहाज से अहम रास्ता बताया गया है। बल्कि, समुद्र के नीचे बिछी केबल्स के लिए भी एक बेहद महत्वपूर्ण गलियारा माना है। ये केबल्स फारस की खाड़ी के देशों को इंटरनेट और संचार सेवाओं से जोड़ती हैं। इनमें यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब शामिल हैं। रिपोर्ट में चेतावनी भरे सुर इसमें कहा गया है कि इस जलमार्ग से कई बड़े कबल सिस्टम गुजरते हैं। साथ ही कहा गया है कि ईरान के मुकाबले फारस की खाड़ी इन समुद्री मार्गों पर ज्यादा निर्भर है। खास बात है कि जारी युद्ध के समय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही निशाने पर आ चुका था। ऐसे में इस ताजा रिपोर्ट ने डिजिटल अटैक की आशंका को और तेज कर दिया है। भारत के लिए है चिंता की बात? ये समुद्री नेटवर्क ओमान, संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान जैसे देशों के लैंडिंग स्टेशन से गुजरता है। खास बात है कि इनमें से कई देश युद्ध की आंच का सामना कर रहे हैं। अब कहा जा रहा है कि दुनिया के बड़े डेटा उपभोक्ता होने के चलते भारत की डिजिटल इकोनॉमी इन कनेक्शन पर काफी निर्भर है। क्या होगा असर आशंकाएं हैं कि अगर किसी तरह की परेशानी आती है, तो लाखों यूजर्स की इंटरनेट स्पीड धीमी हो सकती है। साथ ही क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल पेमेंट सिस्टम खासे प्रभावित हो सकते हैं। खास बात है कि इससे पहले फ्रांस की सरकारी कंपनी अल्काटेल सबमरीन नेटवर्क्स ने फोर्स मेजर नोटिस जारी कर दिए हैं। खास बात है कि इस कंपनी ने ही केबल बिछाने की जिम्मेदारी है। फोर्स मेजर का मतलब ऐसी असाधारण घटना से है, जो किसी व्यक्ति या कंपनी के नियंत्रण से बाहर हो, और उस घटना के कारण वह अपना काम या अनुबंध पूरा ना कर पाए।

अधूरे निर्माण के भुगतान के दबाव की खबर भ्रामक, शिक्षा विभाग ने किया खंडन

अधूरे निर्माण के भुगतान के दबाव की खबर भ्रामक, शिक्षा विभाग ने किया खंडन प्रधान अध्यापक की आत्महत्या मामले में पुलिस जांच जारी, विभाग दे रहा पूरा सहयोग रायपुर  बीजापुर जिले में प्रधान अध्यापक की आत्महत्या से जुड़ी हालिया मीडिया रिपोर्ट्स को लेकर जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा बीजापुर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि अधूरे निर्माण कार्य के भुगतान के दबाव जैसी खबरें तथ्यहीन एवं भ्रामक हैं। जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा बीजापुर द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाग निष्पक्ष रूप से पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग कर रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पालनार अंतर्गत प्राथमिक शाला मझारपारा में पदस्थ प्रधान पाठक श्री राजू पुजारी का 22 अप्रैल 2026 को निधन हो गया, जो एक अत्यंत दुखद घटना है। पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक के पास से कुछ पत्र बरामद किए गए हैं, जिनके आधार पर जांच की कार्यवाही जारी है। समग्र शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिक शाला भवन एवं अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कराया गया था, जिसमें प्रधान अध्यापक पदेन अध्यक्ष होते हैं। निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत राशि के अनुरूप प्रथम किस्त का भुगतान नियमानुसार किया गया तथा कार्य पूर्ण होने के पश्चात माप पुस्तिका, पूर्णता प्रमाण पत्र, हस्तांतरण प्रमाण पत्र एवं फोटोग्राफ्स प्राप्त होने पर प्रगति के आधार पर रनिंग बिलों के माध्यम से राशि जारी की गई। विभाग के अनुसार, प्राथमिक शाला भवन एवं अतिरिक्त कक्ष दोनों का निर्माण फरवरी 2026 में पूर्ण हो चुका था तथा शेष 60 प्रतिशत राशि राज्य स्तर से प्राप्त होना लंबित है। भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार का दबाव या अनियमितता नहीं पाई गई है। जिला मिशन समन्वयक ने कहा कि कुछ समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों में बिना तथ्यों की पुष्टि के प्रकाशित खबरें भ्रामक हैं, जिससे आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने अपील की है कि आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही समाचारों का प्रकाशन किया जाए। विभाग ने पुनः स्पष्ट किया है कि इस दुखद घटना के सभी पहलुओं की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और शिक्षा विभाग द्वारा हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

200MP कैमरे वाला Vivo फोन भारत में होगा लॉन्च, जानें लॉन्च डेट, कीमत और फीचर्स

 नई दिल्ली  वीवो भारत में नए फोन लॉन्च करने जा रहे हैं, जो Vivo X300 सीरीज का हिस्सा होगा. यह लॉन्चिंग 6 मई को होगी. कंपनी पहली बार भारत में Vivo X300 Ultra लॉन्च होगा, जिसमें 200MP के दो कैमरा लेंस होगा।  एक 200MP का प्राइमरी कैमरा और दूसरा 200MP का पेरिस्कोप लेंस है. इस हैंडसेट को हाल ही में इंडियन प्रीमियर लीक (IPL) मैच के दौरान पंजाब के कप्तान श्रेषस अय्यर के साथ स्पॉट किया जा चुका है, जो फोटोग्राफी कर रहे थे. अय्यर का वह फोटो वायरल हो चुका है।  Vivo X300 FE भी भारत में लॉन्च होगा. दोनों ही हैंडसेट में एक्सटर्नल लेंस किट को फिट किया जा सकेगा. इसकी मदद से यूजर्स को बेहतर जूम और क्रिस्प फोटो क्लिक करने में मदद मिलेगी. हाल ही में श्रेयस अय्यर इससे फोटोग्राफी करते हुए नजर आ चुके हैं।  भारत में 6 मई को लॉन्च होगा  Vivo X300 Ultra को 6 मई को दोपहर 12 बजे लॉन्च किया जाएगा, उसके बाद इसकी सेल ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म ऐमेजॉन, फ्लिपकार्ट और वीवो के ऑनलाइन स्टोर्स से की जाएगी।  Vivo X300 Ultra के स्पेसिफिकेशन्स  Vivo X300 Ultra के इंडियन पोर्टल पर कुछ स्पेसिफिकेशन्स को कंफर्म किया है. इसमें स्नैपड्रैगन 8 इलाइट का यूज किया जाएगा।  पोर्टल पर लिस्ट डिटेल्स में बताया है कि भारत में लॉन्च होने वाले वीवो एक्स 300 अल्ट्रा में 6600mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसके साथ 100W का वायर्ड फास्ट चार्जर और 40W का वायरलेस चार्जिंग मिलता है।  Vivo X300 Ultra पहले ही चीन में लॉन्च हो चुका है, जहां इसके स्पेसिफिकेशन्स को रिवील किया जा चुका है. कीमत भी करीब 1 लाक रुपये रखी है और भारत में भी कीमत करीब इतनी हो सकती है।  सैमसंग और शाओमी से होगी कांटे की टक्कर  Vivo X300 Ultra का मुकाबला सैमसंग और सैमंसग के हाइ एंड स्मार्टफोन से होगा. वीवो के इस हैंडसेट की टक्कर सैमसंग गैलेक्सी एस 26 अल्ट्रा और शाओमी 17 अल्ट्रा से होगी.. 

ब्यावरा में 21 मीटर चौड़ी फोरलेन सड़क का निर्माण, खाटू श्याम मंदिर पहुंचना होगा आसान

ब्यावरा  नेशनल हाईवे का संगम कहे जाने वाले ब्यावरा शहर को अब नई रफ्तार मिलने जा रही है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक और हादसों के चलते अब आधुनिक ग्रेड सेपरेटेड फोरलेन बायपास बनने जा रहा है, जो न सिर्फ ट्रैफिक को व्यवस्थित करेगा बल्कि सुरक्षित सफर भी संभव बनाएंगा। करीब 66 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले उक्त प्रोजेक्ट का काम भी शुरू हो चुका है। खास बात यह है कि इस बार पुराने अनुभवों से सीख लेकर डिजाइन तैयार किया गया है, ताकि हाईवे और लोकल ट्रैफिक पूरी तरह अलग रह सके। बायपास पर हाईवे का ट्रैफिक पूरी तरह सेपरेट रहेगा, यानी फोरलेन बायपास में एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। वहीं लोकल के ट्रैफिक के लिए दोनों तरफ सर्विस रोड बनेगा। जिससे आए दिन होने वाले सड़क हादसों से राहत मिलेगी।  दो हिस्सों में काम, मार्च-2027 डेडलाइन उक्त प्रोजेक्ट को अक्टूबर-2025 में स्वीकृति मिली। जिसकी शुरूआत में लागत 96 करोड़ रुपए थी, लेकिन बाद में 66.37 करोड़ रुपए हो गई। प्रोजेक्ट का काम अब शुरू हो चुका है। दो हिस्सो में इसका काम होना है। जिसमें पहला हिस्सा खाटू श्याम मंदिर से गुना बायपास और दूसरा हिस्सा, राजगढ़ बायपास से भोपाल बायपास शामिल है। जिसकी कुल लंबाई करीब करीब 3.5 किमी है। डेढ़ साल में इसका काम पूरा करना है। यानी मार्च-2027 तक बायपास पूरी तरह तैयार हो जाए। 21 मीटर चौड़ा होगा मुख्य फोरलेन खाटू श्याम मंदिर से लेकर भोपाल बायपास तक सेपरेटेड बायपास बनने जा रहा है। जिसमें वर्तमान प्रोजेक्ट में मुख्य सड़क की चौड़ाई करीब 10.5 मीटर होगी, ऐसे में मुख्य फोरलेन करीब 21 मीटर चौड़ा होगा। इनके बीच में 2.5 मीटर चौड़ा डिवाइडर रहेगा। साथ ही पैब्ड शोल्डर भी रहेंगे। फोरलेन के दोनों ओर 7-7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड तैयार की जाएगी। सर्विस रोड के बगल दोनों तरफ 1.5 मीटर की नालियां भी बनेगी। अरनिया और फूंदा बाजार के पास दो अंडरपास हाईवे से लोकल के ट्रैफिक को सीधे मिलने से रोकने के लिए दो जगह अंडरपास निर्माण किया जा रहा है। जिसमें पहला बहुप्रतीक्षित अरनिया जोड़ का शामिल है। वहीं दूसरा अंडरपास फूंदा बाजार और राजगढ़ बायपास के बीच रेलवे अंडरपास के पास बनने जा रहा है। दोनों अंडरपास करीब 12 मीटर चौड़े और 5.5 मीटर ऊंचे होंगे। ऐसे में करीब 250 मीटर तक दोनों अंडरपास के आसपास एलिवेडेट जैसा मार्ग होगा। खाटू श्याम मंदिर तक अलग से बनेगा पूरा मार्ग दरअसल पहले हाईवे पर खाटू श्याम मंदिर नहीं होने से उसी हिसाब से प्रोजेक्ट डिजाइन किया गया था। खाटू श्याम मंदिर तक जाने के लिए अलग मार्ग भी नहीं है। हाईवे से ही मंदिर जाना पड़ता है। भीड़ अधिक होने से हाईवे पर हादसों का डर रहता है। ऐसे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग और कलेक्टर के निर्देश पर अब खाटू श्याम मंदिर तक भी फोरलेन से साइड में अलग से रोड बनाने को योजना बनाई गई है। प्रोजेक्ट लागत बढ़ाकर मंदिर तक सेपरेट रोड बनाया जाएगा। एक नजर में प्रोजेक्ट की स्थिति-     66.37 करोड़ कुल लागत     3.5 किमी लंबाई     10.5 मीटर फोरलेन (एकतरफा)     7-7 मीटर सर्विस रोड     50 मीटर चौड़ाई कुल     02 अंडरपास     मार्च-2027 तक पूरा करना काम (नोट- दो हिस्सो में बन रहा बायपास- अरनिया जोड़ से गुना बायपास और राजगढ़ बायपास से भोपाल बायपास।) बायपास का निर्माण शुरू बायपास निर्माण का काम शुरू करा दिया गया है। जिसमें दो अंडरपास और सर्विस रोड सहित नालियों का काम होना है। फोरलेन बायपास में कई तकनीकी सुधार किए गए है। हाईवे का ट्रैफिक पूरी तरह अलग किया जाएगा।- देवांश नुअल, रीजनल मैनेजर, एनएचएआई, भोपाल दो हिस्सों में होगा काम प्रोजेक्ट का काम दो हिस्सों में होना है। दोनों जगह काम शुरू कर दिए है। मार्च-2027 तक काम पूरा करना है। अभी नालियों का काम कर रहे है, सर्विस रोड के लिए जगह बनाकर मुख्य हिस्से का काम कराएंगे।- निरंजन ठाकुर, प्रोजेक्ट मैनेजर, गोर्डेक निर्माण एजेंसी