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बीजेपी में केपी यादव को बड़ा पद मिलने की संभावना, अमित शाह का वादा होगा पूरा

भोपाल  मध्यप्रदेश में तमाम विरोधों और अड़ंगों के बाद भी पूर्व सांसद केपी यादव को बड़ा पद मिलना तय है। गृहमंत्री अमित शाह द्वारा उनके लिए किया गया वादा एमपी भाजपा निभाने जा रही है। केपी यादव KP Yadav का नाम बड़े कार्पोरेशन के अध्यक्ष के लिए लगभग तय कर लिया गया है। हालांकि अभी आदेश जारी नहीं हुआ है। इस बीच सरकार ने राजनीतिक नियुक्तियों के अगले क्रम में अनेक नेताओं को अहम जिम्मेदारियों की घोषणा कर दी है। शुक्रवार शाम केशव सिंह बघेल को राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम का अध्यक्ष बना दिया है। बघेल ग्वालियर जिला पंचायत सदस्य हैं। अशोक जादौन ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण अध्यक्ष व उदयवीर सिंह उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। 11 निगम मंडलों व प्राधिकरणों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के लिए केपी यादव समेत 20 नामों पर लगभग सहमति इसके साथ ही 11 निगम मंडलों व प्राधिकरणों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के लिए केपी यादव समेत 20 नामों पर लगभग सहमति हो गई है। सप्ताह भर में इनके आदेश जारी होंगे। बता दें कि केपी यादव KP Yadav ने तत्कालीन कांग्रेसी प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर गुना शिवपुरी सीट पर बीजेपी का वर्चस्व स्थापित किया था। बाद में सिंधिया बीजेपी में आ गए तो यादव की टिकट काट दी पर उन्हें अहम दायित्व देने का भरोसा दिलाया गया था। बीडीए की दावेदारी से चेतन का नाम कटा महिला आयोग अध्यक्ष के पद पर रेखा यादव और बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष के लिए डॉ. निवेदिता शर्मा की नियुक्ति अटकी। जांच के लिए होल्ड। उज्जैन विकास प्राधिकरण का जिम्मा रवि सोलंकी को मिल सकता है। मुकेश यादव व रवि वर्मा उपाध्यक्ष बन सकते हैं। भोपाल विकास प्राधिकरण के लिए चल रहा चेतन सिंह का नाम काटने की चर्चा। तत्कालीन सांसद यादव की टिकट काटकर सिंधिया को उम्मीदवार बनाया था, गृहमंत्री अमित शाह ने अहम जिम्मेदारी की सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी पिछले लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने गुना शिवपुरी सीट से तत्कालीन सांसद केपी यादव की टिकट काटकर ज्योतिरादित्य सिंधिया को उम्मीदवार बनाया था। खास बात यह है कि इससे पहले के चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में यादव ने ही तब कांग्रेस के प्रत्याशी सिंधिया को हराया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया जब बीजेपी में आए तो पार्टी ने केपी यादव के स्थान पर उन्हें उम्मीदवार बना दिया। हालांकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यादव को अहम जिम्मेदारी की सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी। उनका किया वादा अब प्रदेश भाजपा निभाने जा रही है।

पिन और ओटीपी की सुरक्षा खतरे में, नया AI बैंकिंग डेटा चोरी करने में सक्षम, भारत में मची हलचल

नई दिल्ली क्या दुनिया के बैंकों में कोई चोर घुस चुका है? क्या बैंक अकाउंट और कंप्यूटरों का सारा डेटा खतरे में आने वाला है? क्या सारे पासवर्ड किसीको पता चल चुके हैं या पता चल सकते हैं? पूरी दुनिया में खलबली क्यों मची हुई है? आपने भी खबर शायद देखी हो कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने दिल्ली में एक बहुत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई. और देश के बड़े-बड़े बैंकों के प्रमुखों, रिजर्व बैंक के अधिकारियों और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ भी बैठक की. बैंकों को किस खतरे के लिए तैयार रहने के लिए कहा जा रहा है? ये सबको समझने की ज़रूरत है. वित्त मंत्री कह रही हैं कि ये खतरा पहले आए किसी भी खतरे से बहुत अलग है और बहुत गंभीर भी हो सकता है. अभी हुआ तो कुछ नहीं है लेकिन बैंकों को बहुत सतर्क रहना होगा, तैयारी करनी होगी और आपस में बेहतर तरीके से मिलकर काम करना होगा. तो क्या है ये खतरा? इस खतरे का नाम है क्लॉड मिथोस. क्लॉड का नाम तो आपने सुना हो शायद. अमेरिका की एक AI यानी आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस कंपनी है जिसका नाम है ऐंथ्रॉपिक. उसने क्लॉड नाम का AI मॉडल बनाया था जो काफी लोग इस्तेमाल करते हैं आपने भी किया हो शायद. तो इस कंपनी ने एक नया AI मॉडल बनाया क्लॉट मिथोस के नाम से. ये किसलिए बनाया? तो इसका मकसद ये था कि कंपियनों के, बैंकों के, सरकारों के ये किसी के भी जो कंप्यूटर सिस्टम होते हैं उनमें आप जानते ही हैं कि हैकरों का खतरा बना रहता है. कंप्यूटर को हैक कर लेते हैं, किसी के अकाउंट को हैक कर लेते हैं, मतलब कंप्यूटर के अंदर घुसकर डकैती कर लेते हैं ऐसे हैकर. कई कंपनियों की वेबसाइट ठप कर देते हैं, कभी किसी के बैंक के अकाउंट से पैसा साफ कर देते हैं. इसलिए सब कहते रहते हैं कि पासवर्ड बदलते रहा करो, हैकरों से बचाने के लिए अलग-अलग सॉफ़्टवेयर भी मिलने लगे बाज़ार में . ऐंथ्रॉपिक के क्लॉड मिथोस से हिली दुनिया हैकर लोग भी असल में शातिर लोग होते हैं जो कंप्यूटर के अंदर का सब सिस्टम समझते हैं. मतलब वो दिमाग लगाते हैं कि सॉफ्टवेयर के अंदर कैसे घुसना है. कमजोर कड़ी पकड़ते हैं. जैसे वो फिल्मों में नहीं होता कि म्यूज़ियम में चार लेवल की सुरक्षा के बीच हीरा पड़ा हुआ है और चोर पूरा नक़्शा ले कर प्लैन बना कर हीरा चुराने निकल पड़ता है. जब तक सायरन बजता है चोर हीरा ले कर गायब हो चुका होता है. तो हैकर लोग यही काम कंप्यूटर में घुस कर करते हैं. तो ऐंथ्रॉपिक कंपनी ने सोचा कि चोरों से दो कदम आगे रहने के लिए क्यों ना AI को लगा दिया जाए. कंप्यूटर के अंदर कौनसी कमजोर कड़ी है ये AI ढूंढ कर बता दे तो? जैसे चोर तिजोरी का ताला तोड़कर घुसता है या ताले का कॉम्बिनेशन बनाकर तिजोरी खोलता है, वैसे ही तो हैकर लोग पासवर्ड को तोड़कर कंप्यूटर के सिस्टम में घुस जाते हैं. तो AI को अगर इस काम में लगा दें तो वो तो आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस से तो महीनों का काम मिनटों में हो सकता है. AI मॉडल बता देगा कि कहां से हैकर सेंध लगा सकते हैं और कंपनी अपने आप को वहां से मजबूत कर लेगी. सेर को सवा सेर मिल जाएगा. चोर डाल-डाल तो AI पात-पात. तो ये AI मॉडल बनाया ऐंथ्रॉपिक कंपनी ने, क्लॉड मिथोस. और फिर क्या हुआ? 30-30 पुरानी कमजोरी झट से पकड़ में आई कंपनी ने मॉडल को टेस्ट किया. और टेस्ट किया तो कंपनी खुद ही दंग रह गई. AI ने झट से बड़ी से बड़ी कंपनियों के सॉफ़्टवेयर में कहां-कहां छेद है बता दिया. 20-20, 30-30 साल से जो कमज़ोर कड़ियां पड़ी हुई थीं कई कंप्यूटर नेटवर्क में क्लॉड मिथोस ने झट पकड़ लीं. आप कहोगे कि इसपर तो ख़ुश होना चाहिए था. वो तो ठीक है लेकिन कंपनी घबरा भी गई. कंपनी ने ऐलान किया कि टेस्टिंग में जो पता चला है उसके बाद हमने फ़ैसला किया है कि क्लॉड मिथोस को बाज़ार में नहीं उतारा जाएगा. कंपनी ने इतना ख़र्च करके एक चीज़ बनाई लेकिन वो अपने बनाए मॉडल से ही डर गई. क्यों डर गई? क्योंकि उसने देखा कि ये तो कोई भी पासवर्ड, कोई भी सिक्यूरिटी, कोई भी कंप्यूटर का ताला कुछ ही देर में तोड़ कर कंप्यूटर के अंदर घुस जाता है. तो ये किसी के हाथ लग गया और सोचो किसी बैंक के सिस्टम में घुस गया तो सारे अकाउंट ही साफ़ कर के निकल जाएगा? इसको तो कोई पासवर्ड रोक ही नहीं पा रहा? मतलब बनाया तो इसे था चोरी के रास्ते पहचानकर उनको ठीक करने के लिए. लेकिन अगर ये ख़ुद चोरी करने पर आ जाए तो इसको कौन रोकेगा? कहने को तो ये एक सामान्य AI मॉडल है जो लिखने-पढ़ने में, कोडिंग करने में और सोचने में बहुत तेज़ है, लेकिन सबसे ख़ास बात ये है कि कंप्यूटर सुरक्षा के मामले में ये इंसानों से भी ज्यादा स्मार्ट है . क्लॉड मिथोस ताले को खोल देगा मतलब मान लो आपके घर का ताला बहुत पुराना है और उसमें छोटी-छोटी कमज़ोरियाँ हैं जिन्हें पहले किसी ने नहीं देखा. क्लॉड मिथोस बिना किसी मदद के उस ताले को खोलने का तरीका खुद ढूँढ लेता है. इसी तरह ये कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर ऐसी कमजोरियाँ पकड़ लेता है जिनके बारे में दुनिया को अभी तक पता भी नहीं है. फिर ये कमजोरियों को जोड़कर पूरा हैकिंग का तरीक़ा भी खुद बना सकता है. इसने टेस्टिंग में एक वेब ब्राउज़र में चार कमज़ोरियाँ मिलाकर ऐसा हमला बनाया कि ब्राउज़र और कंप्यूटर दोनों की सुरक्षा तोड़ दी. ऐसा काम करने के लिए 10-15 साल के अनुभव वाला कोई साइबर एक्सपर्ट चाहिए होता था, लेकिन ये AI मॉडल अकेला और बहुत तेजी से इसको कर सकता है . गलत हाथों में पड़ जाए तो… कंपनी ने खुद टेस्ट किया तो हज़ारों ऐसी कमज़ोरियां मिलीं. ये इतना ख़तरनाक है कि अगर ग़लत हाथों में पड़ जाए तो किसी बैंक के सिस्टम में घुस जाए, किसी सरकार के सिस्टम में घुस जाए, किसी अस्पताल के सिस्टम में घुस जाए, किसी कंपनी … Read more

भारत में लॉन्च हुआ Range Rover Sport, 242Kmph स्पीड, रेफ्रिजरेटर जैसी अनोखी सुविधाओं के साथ

  नई दिल्ली Land Rover (लैंड रोवर) ने भारत में असेंबल हुई रेंज रोवर स्पोर्ट ऑटोबायोग्राफी (Range Rover Sport Autobiography) को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस कार को भारतीय बाजार में लॉन्च किया है. ये पहला मौका है जब लोकली प्रोड्यूस रेंज रोवर स्पोर्ट को ऑटोबायोग्राफी ट्रिम में ऑफर किया गया है।  कार की बुकिंग शुरू हो गई है. ऑटोबायोग्राफी ट्रिम में स्टैंडर्ड वेरिएंट के मुकाबले कई सारे अपग्रेड्स देखने को मिलते हैं. इस कार में 22 इंच एक एलॉय व्हील्स दिए गए हैं. आइए जानते हैं इस कार के कीमत और क्या कुछ खास मिलेगा।  कितनी है कीमत?  लैंड रोवर ने भारत में असेंबल हुई रेंज रोवर स्पोर्ट ऑटोबायोग्राफी ट्रिम को 1.60 करोड़ रुपये की एक्स शोरूम की कीमत पर लॉन्च किया है. इस कार की बुकिंग शुरू हो चुकी है. ऑटोबायोग्राफी ट्रिम के लोकल प्रोडक्शन से कार के टॉप वेरिएंट की कीमत मेनस्ट्रीम डायनामिक एचएसई के क्लोज आ गई है।  डिजाइन की बात करें तो इस वेरिएंट में स्टैंडर्ड वेरिएंट के मुकाबले कई सारे अपग्रेड्स मिलते हैं. कार में 22 इंच के फ्रोज्ड एलॉय व्हील्स मिलते हैं, जो स्टेन ब्लैक फिनिश के साथ आते हैं. इसमें रेड ब्रेक कैलिपर्स और ऑटोबायोग्राफी की बैजिंग मिलती है. एसयूवी में फ्लश डोर हैंडल्स मिलते हैं।  इसके अलावा गेस्चर कंट्रोल टेलगेट, पावर फोल्डिंग मिरर्स मिलते हैं, जो मेमोरी फंक्शन के साथ आते हैं. कार कई कलर ऑप्शन में मिलेगी. ऑटोबायोग्राफी ट्रिम में हायर लेवल इंटीरियर और एक्सटीरियर डिटेलिंग मिलती हैं. कार में लेदर अपहोल्स्ट्री, एम्बिएंट लाइटिंग, वेंटिलेटेड सीट्स, फ्रंट सेंटर कंसोल रेफ्रिजरेटर और कई दूसरे फीचर्स मिलेंगे. फ्रंट सीट को 22 तरीके से एडजस्ट किया जा सकता है।  इंजन और पावर  चूंकि अब इस कार को भारत में असेंबल किया जा रहा है, इसलिए कई पावरट्रेन का विकल्प मिल जाता है. इसमें 3.0 लीटर का पेट्रोल और डीजल वर्जन मिलता है. कार में 4.4 लीटर का वी8 इंजन भी मिलेगा. बात करें 3.0 लीटर वाले इंजन की तो इसमें 8 स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स मिलता है।  डी350 डीजल इंजन 351 एचपी की पावर और 700 एनएम का टॉर्क ऑफर करता है. कार 0 से 100 Kmph की स्पीड सिर्फ 5.8 सेकंड में पकड़ लेती है. वहीं कार की मैक्सिमम स्पीड 234 किलोमीटर प्रति घंटे की है. जबकि पी400 पेट्रोल इंजन 400 एचपी की पावर और 550 एनएम का टॉर्क प्रोड्यूस करता है।  ये वेरिएंट सिर्फ 5.5 सेकंड में 0 से 100 Kmph की स्पीड पकड़ लेती है. कार की टॉप स्पीड 242 किलोमीटर प्रति आवर की है. 4.4 लीटर वाला वी8 इंजन इंपोर्टेड वर्जन में मिलेगा। 

नीतीश से मुलाकात के बाद सीएम सम्राट ने ललन और बिजेंद्र से की बातचीत, कैबिनेट विस्तार की संभावना पर चर्चा

 पटना बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास करने बाद  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने मु्लाकात की। एक अणे मार्ग पर स्थित सीएम आवास पहुंचे। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री और जदयू सांसद ललन सिंह भी मौजूद रहे। ये मुलाकात करीब 20 मिनट से ज्यादा चली। हालांकि क्या बात हुई। इसकी जानकारी सामने नहीं है। इस भेंट को शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है। हालांकि कैबिनेट विस्तार को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। सम्राट से पहले बिजेंद्र यादव से मिले नीतीश इससे पहले आज सुबह से डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव से मिलने उनके आवास नीतीश कुमार पहुंचे थे। इन मुलाकातों को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई। और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आपको बता दें शुक्रवार को सम्राट चौधरी ने विधानसभा में बहुमत साबित किया है। फ्लोर टेस्ट से पहले हुई चर्चा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार को कोई नहीं हटा सकता, न तो कुर्सी से न दिल से। उनके बताए रास्ते पर चलते हुए हम बिहार को विकसित राज्य बनाएंगे। नीतीश कुमार यात्रा के दौरान ही हम लोगों की तरफ दिखलाकर कहते थे कि अब बिहार यही लोग देखेंगे। हम हैरान होते। बाद में उन्होंने हमें कहा भी कि हम दिल्ली में रहकर बिहार का हक दिलवाएंगे। बिहार की 20 सालों से नीतीश सेवा कर रहे- सम्राट सीएम ने कहा कि नीतीश कुमार 20 वर्षों से बिहार की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने सुशासन स्थापित किया, किसान, मजदूर, गरीबों को मुख्य धारा में लाया। उनके कारण सरकारी नौकरियों की बहार आई। ऐतिहासिक शराबबंदी हुई। महिला सशक्तीकरण के लिए अद्भुत काम किये। सीएम ने कहा कि भाजपा ने मुझे नेता, विपक्ष का नेता, प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री और फिर मुख्यमंत्री बनाया। लालू प्रसाद की पाठशाला से नहीं, उनके अत्याचारों से सीएम बना। ऐसे में वे गलतफहमी में न रहें। यह कुर्सी किसी की बपौती नहीं है।  पुनौराधाम मंदिर जाएंगे सम्राट चौधरी सीएम सम्राट चौधरी आज सीतामढ़ी स्थित पुनौराधाम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। पूजा करने के बाद मुख्यमंत्री जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य से आशीर्वाद भी लिया । आपको बता दें 8 अगस्त 2025 को बिहार चुनाव से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पुनौराधाम मंदिर की पहली ईंट रखी थी। भूमिपूजन के लिए 21 तीर्थों की मिट्टी और 11 नदियों का जल मंगवाया गया था। अयोध्या के हनुमानगढ़ी से ईंट भी लाई गई थी। कार्यक्रम के दौरान PM मोदी की अयोध्या में पूजा की तस्वीरें भी दिखाई गई थीं।करीब 50 एकड़ में 882 करोड़ रुपए की लागत से मां जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। मंदिर की ऊंचाई 156 फीट होगी, जो अयोध्या के राम मंदिर से लगभग 5 फीट कम है।

बस्तर मुन्ने कार्यक्रम से कोंडागांव में हर पात्र तक योजनाओं का मिलेगा लाभ

कोंडागांव : बस्तर मुन्ने कार्यक्रम से हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ जनपद पंचायत बड़ेराजपुर में हुई समीक्षा बैठक कोंडागांव प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस अभियान के अंतर्गत संतृप्तता शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य एनसीएईआर सर्वेक्षण में “नियद नेल्लानार” के तहत चिन्हित 31 जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित परिवारों को शत-प्रतिशत लाभ प्रदान करना है। इसी क्रम में जनपद पंचायत बड़ेराजपुर में नोडल अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम के प्रभावी संचालन एवं व्यक्तिमूलक योजनाओं के शत-प्रतिशत सेच्यूरेशन पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायत, क्लस्टर एवं विकासखण्ड स्तर पर शिविर आयोजित कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वेक्षण कार्य जारी है। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के संभावित लाभार्थियों का चिन्हांकन कर उन्हें त्वरित लाभ प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के प्रथम चरण में ग्राम पंचायतों को योजनावार लक्ष्य, प्रचार-प्रसार सामग्री, पात्रता मापदंड एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही मैदानी अमले को हितग्राहियों की सूची प्रदान की गई है। द्वितीय चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर सर्वेक्षण के आधार पर पात्रता परीक्षण एवं योजनाओं का लाभ वितरण किया जाएगा। सर्वेक्षण से छूटे परिवारों का भी पंजीयन कर नियमानुसार लाभ प्रदान किया जाएगा। पंचायती राज दिवस (24 अप्रैल) से एक सप्ताह तक ग्राम सभाओं का आयोजन कर तीन प्रमुख सामुदायिक कार्यों का चयन किया जाएगा। अनुमोदित प्रस्तावों के आधार पर आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर शासन को प्रेषित किया जाएगा। तृतीय चरण में ग्राम पंचायत स्तर के लंबित प्रकरणों का क्लस्टर स्तर पर शिविर आयोजित कर निराकरण किया जाएगा। चतुर्थ चरण में क्लस्टर स्तर के लंबित मामलों का विकासखण्ड स्तर पर जिला अधिकारियों की उपस्थिति में समाधान किया जाएगा तथा शिविरों के प्रभाव का मूल्यांकन भी किया जाएगा। पांचवें एवं अंतिम चरण में सभी शिविरों की समीक्षा, प्रभाव का आंकलन एवं थर्ड पार्टी फीडबैक लिया जाएगा, जिससे कार्यक्रम की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।

सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ावा रिकॉर्ड तोड़, अब मोरपंख पर लगी पाबंदी

 चित्तौड़गढ़ राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ अंचल के प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर श्री सांवलिया सेठ मंदिर के मासिक भंडार की गणना 7 चरणों में पूरी हुई. भंडार गणना के पूर्ण होने पर 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपए प्राप्त हुए. गणना सम्पन्न होने के साथ ही मासिक भंडार की अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा राशि सामने आई है।  मंदिर मंडल बोर्ड के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि श्री सांवलिया सेठ मंदिर का भंडार 16 अप्रैल को खोला गया था, उसके बाद भंडार की गणना शुरू हुई इसके तहत भंडार से 33,21,63,539 रुपए प्राप्त हुए।  इसके साथ ही भेंटकक्ष और ऑनलाइन डोनेशन से 8,45,75,030 रुपए प्राप्त हुए हैं. भंडार और भेंट कक्ष में सोना-चांदी भी बड़ी मात्रा में आया है. भेंटकक्ष और भंडार से सोना 660 ग्राम 500 मिलीग्राम और भेंटकक्ष और भंडार से चांदी 84 किलो 620 ग्राम प्राप्त हुई है।  परंपरा के अनुसार, पूरे वर्ष में 8 महीने सांवलिया सेठ के भंडार को मासिक अमावस्या से पूर्व चौदस को खोला जाता है. इस बार मासिक भंडार से निकलने वाली दान राशि के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।  भंडार गणना के दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रभा गौतम, मंदिर मंडल बोर्ड के सदस्य पवन तिवारी, किशन लाल अहीर, राम लाल गुर्जर, हरिराम गाडरी, प्रशासनिक अधिकारी राजेन्द्र सिंह, मंदिर एव संपदा प्रभारी भेरुगिरि गोस्वामी मौजूद रहे।  डीएम और मंदिर मंडल की सीईओ प्रभा गौतम ने बताया- 16 अप्रैल को चतुर्दशी के दिन भंडार खोला गया था। इसके बाद सात राउंड में गिनती की गई। इस दौरान मंदिर के भंडार से कुल 33 करोड़ 21 लाख 63 हजार 539 रुपए प्राप्त हुए। भेंटकक्ष और ऑनलाइन माध्यम से 8 करोड़ 45 लाख 75 हजार 30 रुपए मिले। इनके अलावा करीब 1 करोड़ रुपए कीमत का सोना और करीब 2 करोड़ रुपए की चांदी की भेंट भी चढ़ावे में आई है। प्रभा गौतम ने बताया- इस महीने भंडार, भेंटकक्ष और ऑनलाइन माध्यम से कुल 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपए की दान राशि प्राप्ति हुई है। यह एक महीने (29 दिन) में मिली अब तक की सबसे ज्यादा राशि है। इससे पहले, साल 2025 में अप्रैल में अमावस्या पर खोले गए भंडार से करीब 25 करोड़ रुपए चढ़ावे में मिले थे, जो एक महीने में सबसे ज्यादा थे। वहीं, मंदिर में दर्शन की नई व्यवस्था लागू की गई है। अब मोरपंख और 56 भोग लगाने की परंपरा बंद कर दी गई है। सोना-चांदी का भी हुआ तौल आखिरी राउंड की गिनती के दौरान शुक्रवार को कुल 660 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना और 84 किलो 620 ग्राम चांदी का तौल हुआ। राजस्थान सर्राफा संघ के महामंत्री किशन पिछोलिया के अनुसार, इस सोने की कीमत करीब 1 करोड़ और चांदी की लगभग 2 करोड़ रुपए है। इसके अलावा काफी मात्रा में विदेशी मुद्रा और चेक भी प्राप्त हुए हैं, जिनकी प्रक्रिया अलग से अपनाई जा रही है। जानिए- पहले से आखिरी राउंड तक कितना मिला चढ़ावा     16 अप्रैल : भंडार खोला गया। पहले दिन 11 करोड़ 11 लाख रुपए गिने गए।     17 अप्रैल : अमावस्या होने से दानराशि की गणना नहीं की गई।     18 अप्रैल : दूसरे राउंड में 6 करोड़ 51 लाख 24 हजार 500 रुपए की दानराशि सामने आई।     19 अप्रैल : रविवार होने से गिनती नहीं की गई।     20 अप्रैल : तीसरे चरण में 9 करोड़ 60 लाख 61 हजार 500 रुपए की राशि प्राप्त हुई।     21 अप्रैल : चौथे राउंड में 3 करोड़ 78 लाख 77 हजार रुपए की गिनती की गई।     22 अप्रैल : पांचवें चरण में 1 करोड़ 31 लाख 42 हजार रुपए गिने गए।     23 अप्रैल : छठे राउंड में 54 लाख 6 हजार 600 रुपए की गिनती हुई।     24 अप्रैल : सातवें राउंड में 34 लाख 51 हजार 939 रुपए की गिनती हुई। कुल 660 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना और 84 किलो 620 ग्राम चांदी मिली। भेंटकक्ष और ऑनलाइन माध्यम से 8 करोड़ 45 लाख 75 हजार 30 रुपए मिले। पिछले साल बना था दो महीने की सर्वाधिक दान राशि का रिकॉर्ड मंदिर प्रशासन का कहना है कि नवंबर, 2025 में दिवाली के बाद खोले गए भंडार के दौरान 51 करोड़ 27 लाख 30 हजार 112 रुपए चढ़ावा आया था। यह अब तक की सर्वाधिक दान राशि है। हालांकि यह दो महीने (21 सितंबर से 18 नवंबर तक) की दान राशि का रिकॉर्ड है।

भोपाल-इंदौर मेट्रो में 27 अप्रैल से ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम की शुरुआत, रिचार्ज पर मिलेगी छूट

भोपाल/इंदौर  भोपाल और इंदौर के मेट्रो स्टेशन पर अब ऑटोमैटिक फेयर कनेक्शन सिस्टम शुरू हो रहा है। 27 अप्रैल से यात्रियों को मैन्युअली की जगह ऑनलाइन तरीके से ही टिकट मिलेगी। वहीं, टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर छूट भी दी जाएगी।मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) इस सिस्टम की शुरुआत करने जा रही है। भोपाल और इंदौर में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFC) शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही मेट्रो यात्रियों को विशेष रियायत दी जाएगी। टिकट पर ये मिलेगी छूट राउंड ट्रिप (आवागमन) टिकट पर कुल किराए में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इससे उन यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा जो एक ही दिन में आवागमन करते हैं। ग्रुप में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। समूह टिकट पर कुल किराए में 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह सुविधा (एकल समूह टिकट पर) न्यूनतम 8 एवं अधिकतम 40 यात्रियों के समूह के लिए उपलब्ध होगी। MP Metro एप पर वॉलेट रिचार्ज पर अतिरिक्त बचत मेट्रो के आधिकारिक मोबाइल एप MP Metro के माध्यम से यात्री क्यूआर टिकट बुक कर सकेंगे। इस एप के वॉलेट रिचार्ज पर विशेष रियायत दी जाएगी। मोबाइल एप के माध्यम से टिकट प्राप्त करने पर यात्रियों का समय भी बचेगा। इस तरह से मिलेगी रिचार्ज स्लैब में छूट 200 से 499 रुपए के टिकट पर 8 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 500 से 999 के टिकट पर 10% की छूट मिलेगी। 1000 से 1499 रुपए पर 12% और 1500 से 2000 में 15% की छूट दी जाएगी। राउंड ट्रिप और ग्रुप टिकट पर विशेष छूट मेट्रो के अनुसार अब राउंड ट्रिप (आने-जाने) का टिकट एक साथ लेने पर यात्रियों को कुल किराए में पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो रोजाना मेट्रो से सफर करते हैं। वहीं समूह में यात्रा करने वालों के लिए 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। यह सुविधा कम से कम आठ और अधिकतम 40 यात्रियों के समूह को एक ही टिकट पर मिलेगी। एमपी मेट्रो मोबाइल ऐप के वॉलेट रिचार्ज पर अलग-अलग स्लैब में छूट दी जाएगी। यात्री ऐप के माध्यम से क्यूआर टिकट बुक कर अपना समय भी बचा सकेंगे। ऐप वॉलेट रिचार्ज पर 15 प्रतिशत तक की बचत एमपी मेट्रो ऐप के वॉलेट रिचार्ज पर यात्रियों को शानदार बचत का मौका मिलेगा। इसके लिए निम्नलिखित स्लैब तय किए गए हैं- 200 से 499 रुपये के रिचार्ज पर: आठ प्रतिशत 500 से 999 रुपये के रिचार्ज पर: 10 प्रतिशत 1000 से 1499 रुपये के रिचार्ज पर: 12 प्रतिशत 1500 से 2000 रुपये के रिचार्ज पर: 15 प्रतिशत टिकटिंग के मिलेंगे दो विकल्प यात्री अपनी सुविधा के अनुसार पेपर क्यूआर या मोबाइल क्यूआर टिकट चुन सकते हैं। पेपर क्यूआर टिकट स्टेशन के काउंटर से नकद या यूपीआई के माध्यम से मिलेंगे, जबकि मोबाइल क्यूआर टिकट एमपी मेट्रो ऐप से खरीदे जा सकेंगे। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐपल स्टोर दोनों पर उपलब्ध है। ध्यान रहे कि ऐप के वॉलेट में जमा राशि का उपयोग केवल टिकट खरीदने के लिए ही किया जा सकेगा और यह राशि वापस नहीं होगी। टिकटिंग के प्रकार : पेपर QR और मोबाइल QR     यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टिकटिंग के विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। पेपर क्यूआर टिकट, टाम (टिकट काउंटर)/ईएफओ (ग्राहक सेवा केंद्र) रूम से नकद या यूपीआई के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं।     मोबाइल क्यूआर टिकट MPMRCL के आधिकारिक मोबाइल एप्प “MP Metro” के माध्यम से डिजिटल भुगतान द्वारा आसानी से खरीदे जा सकेंगे। MP Metro मोबाइल एप्प एंड्रॉयड (Google Play Store) एवं iOS (Apple App Store) दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।     MPMRCL वॉलेट में जमा की गई राशि का उपयोग केवल मेट्रो टिकट खरीद के लिए ही किया जा सकेगा और यह राशि किसी भी स्थिति में वापस नहीं की जाएगी।  

8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी, 18 हजार से अब 72,000 रुपये तक पहुंच सकती है सैलरी

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है. आयोग 18 महीने में इसपर विस्‍तार से रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपे‍गी, जिसके बाद विचार-विमर्श करने के बाद इसे लागू किया जाएगा. इसी बीच, अभी कर्मचारी संगठनों की तरफ से सुझाव दिए जा रहे हैं कि आयोग को 8वें वेतन आयोग के तहत क्‍या-क्‍या बदलाव करने चाहिए?  कुछ दिन पहले नेशनल काउंसिल के मजदूर संघ (एनसी-जेसीएम) की ओर से मांग रखी गई थी कि 8वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों की न्‍यूनतम सैलरी 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये कर दी जाए. इसके साथ ही फिटमेंट फैक्‍टर को 3.83 की जाए, लेकिन अब खबर आ रही है कि कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 72,000 रुपये रखी जाए और फिटमेंट फैक्‍टर को 4.0 कर दिया जाए।  क्‍या 72,000 रुपये हो जाएगी मिनिमम सैलरी?  इंडिया टुडे के मुताबिक, ये अधिकारिक मांग वाला आंकड़ा नहीं है. 8वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के प्रमुख प्रतिनिधि निकायों में से एक एनसी-जेसीएम ने सिर्फ मिनिमम सैलरी बढ़ोतरी की मांग  69,000 रुपये की है. फिर सवाल उठता है कि 72,000 रुपये की मांग आई कहां से।  रिपोर्ट के मुताबिक, यह सट्टा बाजार में अनुमान पर आधारित दिखाई देता है. कुछ मामलों में, कुछ कर्मचारी स्तरों के लिए अनुमानित वेतन 72,000 रुपये के करीब पहुंच जाता है, जिसे फिर एक मुख्य आंकड़े के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है. यह आधिकारिक तौर पर प्रस्तुत न्यूनतम मूल वेतन की मांग के समान नहीं है।  72,000 रुपये सैलरी का अनुमान गलत  मिनिमम सैलरी का कैलकुलेशन कई चीजों पर निर्भर करता है. इसमें ग्रेड, अलाउंस और लेवल आदि शामिल हैं. ऐसे में 72,000 रुपये म‍िनिमम सैलरी होना मुश्किल दिखता है. इसे सिर्फ एक सार्वजनिक मंच पर बोलने के लिए कहा जा सकता है, लेकिन यह कोई प्रस्‍ताव या सही कैलकुलेशन नहीं है।  फिलहाल, सरकार ने आठवें वेतन आयोग के तहत किसी भी अंतिम वेतन संरचना की घोषणा नहीं की है. कर्मचारी प्रतिनिधियों, विभागों और हितधारकों से परामर्श के बाद सिफारिशें तैयार की जाएंगी, और किसी भी वेतन संशोधन को लागू करने से पहले आधिकारिक मंजूरी की आवश्यकता होगी।  बता दें आठवें वेतन आयोग पर नजर रखने वाले लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अभी अनुमानित सैलरी को सही नहीं मानना चाहिए. अधिकार‍िक ऐलान के बाद ही स्‍पष्‍ट हो पाएगा कि कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है।   

15 देशों से गैस की सप्लाई, सरकार ने उठाया LPG संकट का समाधान

  नई दिल्ली होर्मुज टेंशन (Hormuz Tension) जारी है, इसे लेकर अमेरिका और ईरान में ठनी हुई है. भले ही मिडिल ईस्ट युद्ध में अभी दोनों देशों के बीच सीजफायर चल रहा है, लेकिन तेल-गैस की सप्लाई पर संकट बरकरार है. भारत में खासतौर पर एलपीजी क्राइसिस (LPG Crisis India) से निपटने के लिए सरकार ने तमाम कदम उठाए हैं और उनका फायदा भी मिल रहा है।  सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों में घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन में इजाफे के साथ ही सिर्फ खाड़ी देशों पर निर्भरता न रखकर अन्य देशों से गैस का आयात शामिल है. अब सरकारी तेल कंपनियों ने स्पॉट मार्केट से खरीदारी भी शुरू कर दी है, ताकि किसी भी स्थिति में देश के लोगों को सप्लाई में कमी की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।   स्पॉट मार्केट में खरीदारी शुरू! वेस्ट एशिया में तनाव के कारण गैस सप्लाई अभी भी बाधित चल रही है. टीओआई की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इसे घरों और कमर्शियल जगहों पर एलपीजी गैस सिलेंडर की डिमांड को पूरा करने के लिए स्पॉट मार्केट से खरीदारी शुरू की गई है. यहां से लगातार LPG कार्गो हासिल किए जा रहे हैं।  इससे जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि भारत की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने देश में एलपीजी सप्लाई सुचारू रखने के लिए अमेरिका से टाइअप भी किया है. स्पॉप मार्केट से एलपीजी कार्गो जून और जुलाई में भारत पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।  'जहां से मिलेगी, हम खरीदेंगे LPG' रिपोर्ट में पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान में लड़ाई शुरू होने से पहले भारत अपनी LPG ज़रूरत का लगभग 60% इम्पोर्ट करता था. लेकिन एलपीजी संकट के बीच सरकार द्वारा घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाने के दिए गए आदेश के चलते उत्पादन में बड़ा इजाफा हुआ है और भारत की इंपोर्ट डिपेंडेंसी कम हुई है।  उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता घरेलू सप्लाई को पूरा करना है और इसके लिए जहां से भी मुमकिन होगा, वहीं से कार्गो मंगाया जाएगा. मंत्रालय की ओर से शेयर किए गए आंकड़ों को देखें, तो भारत में रोजाना करीब 80,000 टन LPG की जरूरत है।  वहीं देश में घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन करीब 20 फीसदी बढ़कर अब 46,000 टन किया जा चुका है. इसके अलावा बाकी की जरूरत की गैस अब कई देशों से आ रही है. पहले जहां 10 देशों से एलपीजी आयात किया जाता था, तो अब ऐसे देशों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।  अब इन देशों से ज्यादा आयात युद्ध से पहले भारत की जरूरत की 90% एलपीजी तमाम खाड़ी देशों से होती थी. इनमें UAE, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और ओमान शामिल थे. वहीं LPG Crisis के बीच इंपोर्ट डेस्टिनेशंस में विविधिकरण के सरकार के प्लान बी (Modi Govt Plab-B ) के चलते अब लेकिन अब ज्यादातर खरीदारी अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से हो रही है. बीते दिनों सरकार की ओर से साफ किया गया था कि करीब 8 लाख टन एलपीजी का कार्गो पहले ही सुरक्षित कर लिया गया है और रास्ते में है। 

सरकार का नया फैसला: 1 मई से लागू होगा ऑनलाइन गेमिंग का नया नियम, क्या बदलेगा?

नई दिल्ली ऑनलाइन गेमिंग का नया नियम 1 मई से लागू हो जाएगा। सरकार ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। नए नियम में कई ऑनलाइन गेम को छूट मिली है तो कुछ गेम पर सख्ती की गई है। MeitY यानी इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मिनिस्ट्री ने ऑनलाइन गेमिंग के नए नियमों को लेकर अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना से भारत में ऑनलाइन गेमिंग ऑथिरिटी बनाने का रास्ता साफ हो गया है। नए नियम के साथ प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू हो जाएगा। रजिस्ट्रेशन की झंझट खत्म केंद्रीय आईटी सचिव एस कृष्णन ने आधिसूचना जारी करते हुए कहा कि नए नियम के तहत ज्यादातर ऑनलाइन गेम को भारत में रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने पहले ही रियल मनी यानी जुए वाले गेम्स को प्रतिबंधित कर दिया है। ऑनलाइन गेम्स पर अब निगरानी केवल स्पेशल कंडीशन में ही लागू किया जाएगा। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि esports गेम्स के लिए पहले की तरह ही रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। सरकार का मकसद भारत में ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देना है। आईटी सचिव ने बताया कि सरकार ने जहां तक संभव हुआ पूरे सिस्टम को हल्का-फुल्का रखने की कोशिश की है। ज्यादातर गेम, जिसमें मनी यानी पैसे से जुड़े ट्रांजैक्शन नहीं होते हैं उन्हें बिना रजिस्ट्रेशन के काम करने की आजादी दी गई है। हालांकि, अगर गेमिंग कंपनी चाहे तो वो रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं यानी यह प्रक्रिया ऑप्शनल कर दी गई है। ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा नए नियमों में आईटी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि अधिकतर ऑनलाइन गेम को रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। रियल मनी गेम पहले से ही और प्रतिबंधित किए जा चुके हैं। ऑनलाइन गेम को रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। नए नियम के तहत ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर पाबंदी लगाई गई है। वहीं भारत में ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि निगरानी केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही शुरू की जाएगी। हालांकि, 'ईस्पोर्ट्स' के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता होगी। गेम को क्लासीफाई तीन कंडिशन में किया जाएगा     पहली स्थिति में अथॉरिटी स्वयं इस पर निर्णय लेगी।     दूसरी स्थिति ईस्पोर्ट्स गेम्स से जुड़ी है।     तीसरी स्थिति में, केंद्र सरकार किसी स्पेशल कैटेगरी के सोशल गेम्स को अधिसूचित कर सकता है। यूजर्स को क्या होगा फायदा? 1 मई से नए नियम प्रभावी होने से यूजर्स को भी कई फायदे होंगे। यूजर्स को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। यूजर्स की सेफ्टी और डेटा प्रोटेक्शन को लेकर काम किया गया है। इन तीन कंडीशन में क्लासिफाई किए जाएंगे गेम्स     पहली स्थिति में ऑथिरिटी स्वंय यानी सुओ मोटू इस पर निर्णय लेगी कि गेम को रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए या नहीं।     दूसरी स्थिति में ई-स्पोर्ट्स गेम्स को शामिल किया गया है।     वहीं, तीसरी स्थिति में केंद्र सरकार किसी स्पेशल कैटेगरी के सोशल गेम्स को अधिसूचित कर सकती है। इन गेम्स पर होगी सख्ती     सरकार ने पहले से ही रियल मनी और गेम्बलिंग वाले गेम्स को प्रतिबंधित किया है। ऐसे में किसी भी रियल मनी वाले गेम की पहचान करके उसे बैन किया जाएगा।     ई-स्पोर्ट्स वाले गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। नए नियम से गेमर्स को कई तरह के फायदे मिलने वाले हैं। वो अब बेहद सुरक्षित इन्वायरोमेंट में ऑनलाइन गेम्स को खेल पाएंगे। किसी भी तरह के वित्तीय घाटे की कोई संभावना नहीं रहेगी। यही नहीं, यूजर्स के डेटा प्रोटेक्शन और सेफ्टी को लेकर भी सख्ती की गई है, जिसकी वजह से उनका डेटा पूरी तरह से सुरक्षित होगा। सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के नियम को लेकर पिछले साल अक्टूबर 2025 में फीडबैक मांगा था।