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केएल राहुल का 152 रन बेकार, पंजाब ने रचा इतिहास

नई दिल्ली आईपीएल 2026 का 35वां मुकाबला शनिवार को दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया. इस मुकाबले में पंजाब की टीम ने इतिहास रचे हुए आईपीएल ही नहीं बल्कि टी20 इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज किया. दिल्ली ने पहले बैटिंग करते हुए केएल राहुल के शतक के दम पर 264 रन बनाए थे. लेकिन पंजाब ने ये मुकाबला एक ओवर, एक गेंद रहते ही चेज कर लिया. ये मुकाबला नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया. जहां टॉस जीतकर दिल्ली की टीम ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था. केएल राहुल के तूफानी 152 रनों की पारी के दम पर दिल्ली ने 264 रन बनाए थे. लेकिन पंजाब ने इसे भी चेज कर लिया. पंजाब का ऐतिहासिक रन चेज 265 रनों के जवाब में उतरी पंजाब की शुरुआत बेहद शानदार रही. प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की. 7वें ओवर में जब प्रियांश का विकेट गिरा तो पंजाब का स्कोर 126 रन हो गया था. प्रियांश ने 17 गेंद में 43 रन बनाए. लेकिन दूसरी तरफ प्रभसिनरन का तूफान जारी रहा. इसके बाद 8वें ओवर में प्रभसिमरन सिंह अपना विकेट गंवा बैठे. प्रभसिमरन सिंह के बल्ले से 26 गेंद में 76 रन आए.  अपनी पारी में प्रभसिमरन सिंह ने 9 चौके और 5 छक्के लगाए. इसके बाद नेहाल वढेरा और श्रेयस अय्यर के बीच 56 रनों की अच्छी साझेदारी हुई. लेकिन 15वें ओवर में नेहाल अपना विकेट गंवा बैठे. उन्होंने 15 गेंद में 25 रन बनाए. इसके बाद श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला और 36 गेंद में नाबाद 71 रनों की पारी खेली. अपनी पारी में अय्यर ने 7 छक्के और 3 चौके लगाए. इसके दम पर पंजाब ने ये मैच 7 गेंद पहले ही जीत लिया. पंजाब इस टूर्नामेंट में अजेय बनी हुई है और अंक तालिका में टॉप पर है. पंजाब ने तोड़े सारे रिकॉर्ड टी20 क्रिकेट में सबसे सफल रन चेज की बात करें तो अब ये रिकॉर्ड पंजाब के नाम है. इससे पहले भी पंजाब किंग्स ने साल 2024 में 262 रनों का टोटल चेज किया था. वहीं, साउथ अफ्रीका ने 2023 में 259 रन चेज किए थे. इस जीत के साथ ही अब पंजाब की टीम के 7 मैच में 13 अंक हो गए हैं. वहीं, दिल्ली की टीम 7 मैच में 3 जीत के साथ छठे पायदान पर है. दिल्ली की बैटिंग में केएल राहुल का तूफान पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी दिल्ली के लिए पारी का आगाज केएल राहुल और पथुम निसंका ने किया. लेकिन इस मैच में भी निसंका फ्लॉप रहे और केवल 11 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन इसके बाद केएल राहुल और नीतीश राणा ने तूफानी बल्लेबाजी की. दोनों ने छक्के-चौके की बारिश की. केएल राहुल ने 15वें ओवर में केवल 47 गेंदों में शतक लगाया. नीतीश राणा और केएल राहुल के बीच 95 गेंदों में 220 रनों की साझेदारी हुई. राणा ने 44 गेंद में 91 रन बनाए. अपनी पारी में नीतीश राणा ने 11 चौके और 4 छक्के लगाए. लेकिन केएल राहुल एक छोर पर टिके रहे. केएल राहुल ने 67 गेंदों में नाबाद 152 रनों की पारी खेली. जिसके दम पर दिल्ली ने 20 ओवर में 2 विकेट खोकर 264 रन बनाए. अपनी पारी में केएल राहुल ने 16 चौके और 9 छक्के जड़े. दिल्ली कैपिटल्स प्लेइंग 11: केएल राहुल, पथुम निसांका, समीर रिज़वी, अक्षर पटेल, नीतीश राणा, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, कुलदीप यादव, टी नटराजन, मुकेश कुमार. पंजाब किंग्स प्लेइंग 11ःप्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, मार्को जानसेन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार वैश्य, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल.

वैभव सूर्यवंशी का शतक बेकार, हैदराबाद जीता

जयपुर आईपीएल 2026 का 36वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया. जिसमें हैदराबाद ने 5 विकेट से जीत हासिल की. ये मुकाबला जयपुर में हुआ. जहां टॉस जीतकर हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. इस मुकाबले में हैदराबाद की कप्तानी पैट कमिंस कर रहे थे. राजस्थान ने वैभव सूर्यवंशी के शतक के दम पर 229 रनों का लक्ष्य हैदराबाद के सामने रखा था. जिसे हैदराबाद ने ईशान और अभिषेक की तूफानी बैटिंग के दम पर 19वें ओवर में ही चेज कर लिया. इस जीत के साथ हैदराबाद अब अंक तालिका में तीसरे नंबर पर आ गई है. ईशान किशन ने खेली तूफानी पारी राजस्थान के 229 रनों के जवाब में ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा की जोड़ी आई. लेकिन हेड एक बार फिर फ्लॉप रहे और केवल 6 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन इसके बाद अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के बीच शतकीय साझेदारी हुई. अभिषेक ने 29 गेंद में 57 रनों की पारी खेली और 10वें ओवर में अपना विकेट गंवाया. वहीं, ईशान किशन ने भी शानदार फिफ्टी लगाई. इसके बाद ईशान किशन ने 31 गेंद में 74 रनों की पारी खेली और हैदराबाद के लिए मोमेंटम सेट कर दिया. इसके बाद हेनरिक क्लासेन और नीतीश रेड्डी के बीच शानदार साझेदारी हुई. नीतीश रेड्डी 36 रन बनाकर आउट हुए. जबकि क्लासेन ने 29 रन बनाए. बाद में सलिल अरोड़ा और अनिकेत ने मैच को फिनिश किया और हैदराबाद ने ये मैच 5 विकेट से जीत लिया. टॉप-3 में पहुंचा हैदराबाद इस जीत के साथ ही सनराइजर्स हैदराबाद अब अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है. हैदराबाद के 8 मैच में अब 10 प्वाइंट हो गए हैं. वहीं राजस्थान के भी 8 मैच में 10 अंक हैं, लेकिन नेट रन रेट हैदराबाद का बेहतर है. पहले पायदान पर 7 मैच में 13 अंक के साथ पंजाब की टीम है. वहीं, दूसरे नंबर पर आरसीबी है. ऐसे रही राजस्थान की बल्लेबाजी राजस्थान की पारी का आगाज वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल ने किया. वैभव ने पहले ही ओवर में 4 छक्के लगाए. लेकिन तीसरे ओवर में यशस्वी अपना विकेट गंवा बैठे. लेकिन वैभव ने 15 गेंदों में फिफ्टी लगाई और फिर रुके ही नहीं. इसी बीच ध्रुव जुरेल ने भी फिफ्टी लगाई और वैभव के साथ शतकीय साझेदारी की. लेकिन 13वें ओवर में उनका विकेट गिर गया. लेकिन वैभव जमे रहे. उन्होंने 36 गेंदों में शतक पूरा किया. हालांकि, वो अगले ही गेंद पर आउट हो गए. साकिब हुसैन ने वैभव का विकेट लिया. कप्तान रियान पराग 8 गेंदों पर सात रन बनाकर आउट हो गए. पैट कमिंस ने उनका विकेट लिया. डोनोवन फरेरा 33 रन बनाकर ईशान मलिंगा की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए हैं. शिमरोन हेटमायर का भी बल्ला भी नहीं चला. प्रफुल हिंगे की गेंद पर 11 रन बनाकर आउट हो गए. वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी में 12 छक्के और 5 चौके लगाए और 37 गेंद में 103 रन बनाए. जिसके दम पर राजस्थान ने 228 रन बनाए. राजस्थान रॉयल्स (प्लेइंग इलेवन): यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल, रियान पराग, शिमरोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे, नांद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा. सनराइजर्स हैदराबाद (प्लेइंग इलेवन): अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, अनिकेत वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, साकिब हुसैन, प्रफुल्ल हिंगे, ईशान मलिंगा.

हीटवेव से राहत: Bhopal के सभी स्कूलों में कक्षा 8 तक छुट्टी घोषित

भोपाल. भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राजधानी के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए छुट्टी घोषित कर दी गई है। कलेक्टर ने आदेश में लिखा, 'भोपाल जिले में निरंतर तापमान में वृद्धि के कारण छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के समस्त शासकीय/अशासकीय/अनुदानित/सीबीएसई/आईसीएसई स्कूलों में अध्ययनरत छाक्ष-छात्राओं का दिनांक 30.04.2026 तक अवकाश घोषित किया जाता है। समस्त शिक्षक स्कूल में उपस्थित रहेंगे।' बढ़ती गर्मी की वजह से लिया फैसला लगातार चढ़ते पारे और लू (Heatwave) के प्रकोप से बच्चों को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। अभिभावकों और शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सूचित कर दिया गया है। फिलहाल यह आदेश आगामी निर्देशों तक लागू रहेगा।

अमेरिका-ईरान युद्ध का असर: 3 करोड़ लोग होंगे गरीब, पूरी दुनिया में मचेगी हलचल

  नई दिल्ली अमेरिका-ईरान के बीच 50 दिन से ज्यादा समय चले युद्ध में हालांकि फिलहाल सीजफायर चल रहा है, लेकिन ग्लोबल टेंशन बरकरार है. इस जंग का असर दुनिया के तमाम देशों में तेल-गैस संकट (Oil-Gas Crisis) के रूप में देखने को मिला, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया. इन सबसे बीच संयुक्त राष्ट्र के विकास प्रमुख की ओर से बड़ी चेतावनी दी गई है, जिसमें कहा गया है कि US-Iran War से पैदा हो रहे हालातों के चलते करीब 3 करोड़ लोग गरीबी में जा सकते हैं. रिपोर्ट में इसके पीछे की बड़ी वजहों का भी जिक्र किया गया है।  साल के अंत तक दिखेगा बड़ा असर रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र के ग्रोथ चीफ अलेक्जेंडर डी क्रू ने मिडिल ईस्ट के खतरनाक प्रभाव की तरफ फोकस किया है और बड़ी चेतावनी जारी की है. उन्होंने कहा है कि US-Iran War के चलते होर्मुज स्ट्रेट से मालवाहक जहाजों के लगातार फंसने  के कारण सिर्फ ईंधन ही नहीं, बल्कि फर्टिलाइजर्स की सप्लाई भी प्रभावित हुई है, जो कि एग्रीकल्चर प्रोडक्शन पर सीधे असर डाल रही है. इस साल के अंत में फसलों की पैदावार पर इसका असर साफ देखने को मिलेगा।  क्रू ने आगे कहा कि भले ही अमेरिका और ईरान का ये युद्ध कल ही खत्म क्यों न हो जाए, लेकिन इसके पहले से ही दिख रहे प्रभाव आगे भी जारी रहेंगे, जो दुनिया के 30 मिलियन या 3 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी में धकेल सकते हैं. इस संघर्ष के अप्रत्यक्ष प्रभावों से आने वाले महीनों में खाद्य असुरक्षा बढ़ने की आशंका बनी हुई है।  ग्लोबल फूड क्राइसिस का डर  संयुक्त राष्ट्र के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) ने भी बीते सप्ताह कुछ ऐसी ही चेतावनी जारी की थी और इसमें कहा गया था कि मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक चलने वाला संकट ग्लोबल फूड क्राइसिस (Global Food Crisis) का कारण बन सकता है।  एफएओ के मुताबिक, भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, सोमालिया, सूडान, तंजानिया, केन्या और मिस्र जैसे देशों में सबसे ज्यादा जोखिम नजर आ रहा है. रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ ही महीनों में खाद्य असुरक्षा का कोहराम देखने को मिलने लगेगा और सबसे बड़ी बात ये है कि इसके बारे में ज्यादा कुछ कर भी नहीं सकते हैं।  GDP पर दबाव, दुनिया संकट में संयुक्त राष्ट्र विकास (UNDP) चीफ डी क्रू का कहना है कि Iran War के असर के चलते पहले ही ग्लोबल जीडीपी का 0.5% से 0.8% तक नष्ट हो चुका है. उन्होंने कहा कि जिन चीजों को बनने में दशकों का समय लग जाता है, उन्हें नष्ट होने के लिए आठ हफ्ते चलता यूएस-ईरान युद्ध ही काफी रहा।  बीते 28 फरवरी इस युद्ध की शुरुआत हुई थी, जबकि अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर स्ट्राइक शुरू की थी और ईरान के पलटवार के बाद दुनिया की लाइफलाइन वाले जाने वाले तेल-गैस रूट अवरुद्ध हो गई और एनर्जी समेत जरूरी सामग्रियों की सप्लाई चेन टूट सी गई। 

Donald Trump की मौजूदगी में फायरिंग, United States Secret Service की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

वाशिंगटन. वाशिंगटन हिल्टन होटल में शनिवार की रात 8:45 बजे (अमेरिकी समय के अनुसार) के करीब कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम के दौरान जोरदार फायरिंग की आवाज सुनाई दी। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल हुए थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रपति सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे सीक्रेट सर्विस के एजेंट ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और अमेरिकी राष्ट्रपति को सुरक्षित वहां से बाहर निकाल लिया। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। इस घटना पर राष्ट्रपति ट्रंप की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस घटना के करीब एक घंटे बाद उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि एक शूटर को पकड़ लिया गया है। ट्रंप ने आगे कहा, "डीसी में आज की शाम काफी गहमागहमी भरी रही। सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने शानदार काम किया है।" रॉयटर्स के लिए काम करने वाले एक फ्रीलांस फोटोग्राफर ने आंखोदेखा हाल बताते हुए कहा कि होटल के भीतर फायरिंग की चार से छह राउंड आवाज सुनाई दी। हालांकि ये आवाजें मुख्य डाइनिंग हॉल के बिल्कुल पास नहीं थीं, लेकिन इनकी तीव्रता ने सभी को चौंका दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि होटल परिसर के भीतर एक सशस्त्र हमलावर देखा गया था, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही आवाजें सुनाई दीं, मेहमानों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। "गेट डाउन, गेट डाउन!" हॉल में मौजूद लगभग 2,600 मेहमान अपनी मेजों के नीचे छिप गए। इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी और अमेरिका की पर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भी कार्यक्रम स्थल से सुरक्षित निकाल लिया गया। सुरक्षाकर्मियों द्वारा मंच से हटाए जाने से कुछ ही देर पहले मेलानिया ने भीड़ में किसी बात पर प्रतिक्रिया दी और उनके चेहरे पर चिंता के भाव दिखाई दिए। The empty stage is seen after President Donald Trump and other top leaders were evacuated from an annual dinner of White House correspondents on Saturday night(, April 25, 2026, in Washington/ AP Photo/Zeke Miller) प्रेस पूल ने सीक्रेट सर्विस के हवाले से बताया कि ट्रंप के डिनर के दौरान हुई कथित गोलीबारी के बाद एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया। यह सुरक्षा घटना उस कमरे के बाहर हुई, जहां राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य अधिकारी डिनर कर रहे थे। सीक्रेट सर्विस और अन्य अधिकारी बैंक्वेट हॉल पहुंचे। सैकड़ों मेहमान मेजों के नीचे छिपकर अपनी जान बचाने की कोशिश करने लगे। क्या होता है कॉरेस्पोंडेंट डिनर? वाशिंगटन डीसी में हर साल कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर का आयोजन किया जाता है, जिसकी मेज़बानी वाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन करता है। इस समारोह में पत्रकार, राजनेता और हॉलीवुड की मशहूर हस्तियां एक साथ जुटती हैं। यह समारोह प्रेस की आजादी का जश्न मनाता है, पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्तियां जुटाता है और इसमें हल्के-फुल्के अंदाज में राजनेताओं की रोस्टिंग (व्यंग्या) किया जाता है। अक्सर इसमें अमेरिका के राष्ट्रपति भी शामिल होते हैं।

मोबाइल बंद करें, दिमाग को राहत दें: टेंशन कम, मेमोरी बढ़े

 नई दिल्ली आज की भागती-दौड़ती दुनिया में हमारा दिमाग हर समय फोन, टीवी, कंप्यूटर और आसपास के शोर से भरा रहता है. लेकिन वैज्ञानिकों ने अब एक बहुत सरल और मुफ्त तरीका खोज निकाला है जो दिमाग को नया जीवन दे सकता है. बस डिवाइस बंद कर दो और दो घंटे पूरी तरह शांति में बैठ जाओ।  न्यूरोसाइंटिस्ट्स कहते हैं कि पूरी शांति दिमाग की सेल्स को रिजनरेट करती है. यह प्रोसेस दिमाग को इतना मजबूत बनाती है कि याद्दाश्त बेहतर होती है. रोजमर्रा की भावनाएं भी संतुलित रहती हैं. आधुनिक जीवन में हर समय डिजिटल चैटर और शोर रहता है. इससे हमारा नर्वस सिस्टम थक जाता है क्योंकि दिमाग लगातार सेंसरी इनफॉर्मेशन प्रोसेस करता रहता है।  लेकिन जब हम डिवाइस बंद करके पूरी तरह शांति चुनते हैं तो दिमाग को आराम मिलता है. शांति में शरीर की सारी ऊर्जा दिमाग के अंदर हिप्पोकैंपस नाम के हिस्से की तरफ जाती है. हिप्पोकैंपस वह जगह है जहां नई ब्रेन सेल्स बनती हैं. शांति इन नई सेल्स को पोषण देती है ताकि वे जीवित रहें और पुराने नर्व नेटवर्क में जुड़ जाएं।  ड्यूक यूनिवर्सिटी का रिसर्च क्या कहता है? ड्यूक यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने हाल ही में एक बड़ा अध्ययन किया. उन्होंने पाया कि रोजाना सिर्फ दो घंटे की पूरी शांति दिमाग में गहरे बदलाव लाती है. इस दौरान दिमाग अपनी सारी ऊर्जा हिप्पोकैंपस में लगाता है. वहां तेजी से नई ब्रेन सेल्स बनने लगते हैं. शोर की वजह से ये नई सेल्स मर जाती हैं लेकिन शांति में वे सुरक्षित रहती हैं।  दिमाग का हिस्सा बन जाती हैं. यह प्रोसेस न्यूरोजेनेसिस कहलाता है. न्यूरोजेनेसिस लंबी याद्दाश्त को मजबूत करता है और रोज की भावनाओं को नियंत्रित रखता है।  जब हम बैकग्राउंड म्यूजिक या नॉइज सुनते रहते हैं तो दिमाग को सिर्फ टेम्पररी उत्तेजना मिलती है लेकिन असली फायदा नहीं होता. शांति इन नई ब्रेन सेल्स को बचाती है. उन्हें स्थाई रूप से जोड़ती है. इससे दिमाग में सेलुलर डैमेज की मरम्मत होती है. शांति एक नेचुरल रीसेट बटन की तरह काम करती है. इससे कॉग्निटिव हेल्थ यानी सोचने-समझने की क्षमता सुधरती है. मानसिक ताकत बढ़ती है।  कैसे अपनाएं पूरी शांति का तरीका? यह तरीका बहुत आसान है. रोजाना दो घंटे फोन, टीवी और कंप्यूटर बंद रखो. कमरे में अकेले बैठो जहां कोई आवाज न हो. शुरू में थोड़ा मुश्किल लग सकता है लेकिन धीरे-धीरे दिमाग खुद शांति का आदी हो जाएगा. इससे दिमाग की सेल्स रिजनरेट होंगी, मेमोरी बढे़गी और रोजमर्रा का तनाव कम होगा।  वैज्ञानिक कहते हैं कि यह छोटा बदलाव लंबे समय तक दिमाग को स्वस्थ और मजबूत रख सकता है. आजकल हर कोई व्यस्त है लेकिन शांति का यह साधारण तरीका बिना किसी खर्च के दिमाग को नया जीवन दे सकता है।  न्यूरोसाइंटिस्ट्स का मानना है कि शांति सिर्फ आराम नहीं बल्कि दिमाग की बायोलॉजिकल मरम्मत है. अगर हम इसे अपनी आदत बना लें तो हमारा दिमाग ज्यादा स्वस्थ, ज्यादा याद रखने वाला और ज्यादा खुश रहेगा। 

iPhone 18 Pro में होगा शानदार कैमरा अपग्रेड, नए फीचर्स से आएगा बड़ा बदलाव

मुंबई  Apple हर साल की तरह इस साल भी अपनी न्यू सीरीज को अनवील करेगा, जिसका नाम iPhone 18 और iPhone 18 Pro सीरीज होगा. साथ ही कंपनी इस साल भी स्लिम हैंडसेट एयर को लॉन्च कर सकती है. कंपनी पहली बार कैमरा सेटअप में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसकी मदद से यूजर्स को शानदार फोटो क्लिक करने में मदद मिलेगी।   कंपनी की तरफ से कैमरा अपग्रेड्स को कंफर्म नहीं किया है, लेकिन इंडियाटुडे ने अपनी रिपोर्ट में टिप्स्टर का हवाला देते हुए बताया है कि इस बार कंपनी iPhone 18 Pro सीरीज के कैमरा सेटअप में दो बड़े अपग्रेड्स करेगी।  स्मार्टफोन इंडस्ट्री में कई ब्रांड हैं, जो हाई एंड कैमरा दे रहे हैं. अब कंपनी भी कुछ नए फीचर्स पर काम कर रही है, जिसमें कंपनी मेगापिक्सल में इजाफा नहीं करेगी, बल्कि यूजर्स को बेहतर कंट्रोल और अपग्रेड्स देना चाहती है।  ऐपल की तरफ से अभी तक फिक्स्ड अपर्चर की सुविधा दी जाती है और अब कंपनी बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसे इस साल ही पेश किया जा सकता है. नए बदलाव के तहत यूजर्स को मेन कैमरा में वेरिएबल अपर्चर मिलेगा।  वेरिएबल अपर्चर से क्या फायदा होगा?  कैमरा लेंस में वेरिएबल अपर्चर की बदलौत एक स्मार्टफोन को बेहतरीन फोटोग्राफी करने का मौका मिलता है. फोन से ऑटोमेटिकली या मैनुअली लाइट को एडजेस्ट की जा सकेगी. ऐसे में यूजर्स चाहें तो डार्क एनवायरमेंट में लेंस को ज्यादा ओपन करके बेहतर फोटोग्राफी की जा सकती है।  यह अपग्रेड सिर्फ लाइटिंग को लेकर नहीं है बल्कि यह यूजर्स को डेप्थ और फील्ड को लेकर बेहतर कंट्रोल देगा. इसकी मदद से यूजर्स एडजेस्ट कर सकेंगे कि उनको फोटो के अंदर बैकग्राउंड को कितना ब्लर करना है।  क्रिएटिव फोटोग्राफी में होगा फायदा  iPhone 18 Pro सीरीज में होने वाले इन अपग्रेड्स से उन यूजर्स को बहुत फायदा होने वाला है, जो खासतौर से पोर्ट्रेट फोटोग्राफी या क्रिएटिव वीडियो बनाते हैं।  ऐपल बीते तीन-चार साल से सिंतबर में एक बड़ा इवेंट आयोजित कर रहा है. इसमें वह न्यू आईफोन फ्लैगशिप सीरीज को अनवील कर रहा है. कंपनी इस साल भी iPhone 18 Pro सीरीज को सितंबर में अनवील करेगी।   

रायपुर में संजीवनी हेल्थ कैंप, प्रशासन की तत्परता से बुधरी मड़कम को एम्स रायपुर में मिला निःशुल्क इलाज

रायपुर : संजीवनी बना मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप बुधरी मड़कम को प्रशासन की तत्परता से एम्स रायपुर में मिला नया जीवन आयुष्मान कार्ड से हुआ निःशुल्क ईलाज रायपुर सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड के मिचवार निवासी आदिवासी महिला बुधरी मड़काम के लिए मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। गंभीर बीमारी से जूझ रही बुधरी की हालत लगातार बिगड़ रही थी और शुरुआती लक्षणों के आधार पर कैंसर या टीबी जैसी आशंका जताई जा रही थी। लेकिन समय रहते कैंप में हुई जांच ने स्थिति की गंभीरता को पहचान लिया और प्रशासन की तत्परता से उसे सही उपचार की दिशा में तुरंत आगे बढ़ाया गया। मरीज की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. आरके सिंह द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई और बुधरी को तत्काल एम्स रायपुर रेफर कराया गया। यह निर्णय मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ। जिला स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता ने यह सुनिश्चित किया कि दूरस्थ इलाके की यह महिला इलाज के लिए बड़े अस्पताल तक सुरक्षित और समय पर पहुंच सके। करीब एक सप्ताह की जांच के बाद बुधरी को दुर्लभ बीमारी सरकॉइडोसिस होने की पुष्टि हुई और 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 15 दिनों के इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आई। सबसे बड़ी राहत यह रही कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पूरा उपचार निःशुल्क हुआ। यह घटना स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के उस संकल्प को भी साकार करती है, जिसमें उन्होंने कहा था कि गंभीर मरीजों को रायपुर ले जाकर बेहतर इलाज दिलाया जाएगा। यह कहानी सुकमा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है, जिसने एक आदिवासी महिला को नया जीवन देकर मानवता और सेवा की मिसाल कायम की है। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि सुकमा के दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप के माध्यम से गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें हायर हेल्थ सेंटर रेफर किया जा रहा है। बुधरी मड़कम का सफल इलाज इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि किसी भी जरूरतमंद मरीज को इलाज के अभाव में परेशानी न हो और उन्हें समय पर उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके। पूरे उपचार के दौरान आयुष्मान कार्ड विभाग के जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री अमृतेश सिंह ने मरीज और उसके परिजनों को हर कदम पर सहयोग प्रदान किया। अपॉइंटमेंट से लेकर भर्ती तक, डॉक्टरों से समन्वय और लगातार मार्गदर्शन कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रशासन केवल आदेश देने तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी मरीजों के साथ खड़ा रहता है। भाषा की समस्या भी बड़ी चुनौती थी, क्योंकि परिजन केवल गोंडी भाषा जानते थे, फिर भी समन्वय और मानवीय प्रयासों से एम्स में भर्ती और इलाज पूरी सफलता से संभव हो पाया।

इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन: 5 रुपए वाली पैरासिटामॉल की कीमत बढ़ाने पर सवाल

इंदौर  इंदौर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनोद सर्राफ की युगलपीठ ने मेडिकल जांच और दवाइयों की कीमतों में असमानता पर दायर जनहित याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस दिया है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर मौखिक टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब केंद्र सरकार ने आदेश जारी कर दिया है तो राज्य सरकार इसका पालन सुनिश्चित क्यों नहीं करवा रही है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और मेडिकल काउंसिल से इसका जवाब मांगा है। उन्हें कोर्ट को चार सप्ताह में इसका जवाब पेश करना होगा। याचिका में बताया गया है कि न केवल दवाइयों की कीमतें अलग अलग ली जा रहीं हैं बल्कि मेडिकल जांच के रेट भी अलग-अलग वसूले जा रहे हैं। कुछ डॉक्टर दूसरी जगह की रिपोर्ट को मान्यता ही नहीं देते। अभिभाषक आसुदानी ने साफ कहा कि केंद्र की स्पष्ट गाइडलाइन होने के बाद भी राज्य सरकार इसे नहीं मान रही हैं, जिससे दवा और मेडिकल जांच के नाम पर आम लोगों से लूट की जा रही मेडिकल जांच और दवाइयों की कीमतों में असमानता पर इंदौर हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता रमण रावल ने यह जनहित याचिका दायर की है। उनकी ओर से वरिष्ठ अभिभाषक विजय कुमार आसुदानी कोर्ट में पेश हुए और अपनी दलीलें दीं। अभिभाषक आसुदानी ने साफ कहा कि केंद्र की स्पष्ट गाइडलाइन होने के बाद भी राज्य सरकार इसे नहीं मान रही हैं, जिससे दवा और मेडिकल जांच के नाम पर आम लोगों से लूट की जा रही है। फॉर्मूला एक, लेकिन कीमतें अलग-अलग, इन दवाइयों की सूची भी कोर्ट में पेश याचिका में कोर्ट को बताया कि एक ही तरह और एक फॉर्मूले से बनी अलग अलग कंपनियों की दवाइयों की कीमतें अलग-अलग हैं। जैसे पैरासिटामॉल की एक टेबलेट की किसी कंपनी द्वारा 5 रुपए कीमत तय है, जबकि उसी को अन्य कंपनियां ज्यादा दाम में बेच रही हैं। याचिकाकर्ता ने ऐसी अनेक दवाइयां गिनाईं जिनकी अलग अलग कीमतें वसूली जा रहीं हैं। इन दवाइयों की सूची भी कोर्ट में पेश की। मेडिकल जांच के रेट भी लैब और निजी अस्पताल अलग-अलग वसूल रहे, अगर कोई मरीज सस्ती लैब से जांच कराता है तो कुछ डॉक्टर उसे मान्यता नहीं देते अभिभाषक आसुदानी ने बताया कि इसी तरह मेडिकल जांच के रेट भी लैब और निजी अस्पताल अलग-अलग वसूल रहे हैं। अगर कोई मरीज सस्ती लैब से जांच कराता है तो कुछ डॉक्टर उसे मान्यता नहीं देते। याचिकाकर्ता ने इस मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है।

गन्ना किसानों को 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान मिला योगी सरकार में: सूर्य प्रताप शाही

लखनऊ. कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में उत्तर प्रदेश के किसानों की आय 52 हजार से बढ़कर 1 लाख 20 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जबकि अखिलेश यादव की सरकार में किसान बदहाल थे। अखिलेश यादव जब सत्ता में थे,  सोये हुए थे। 24 घंटे में समर्थन मूल्य देने की बात करने वाले अखिलेश यादव के जमाने में पर्ची से खर्ची (खर्चा) चलता था। तब 34 महीनों में भी किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो पाता था। अखिलेश सरकार में मिल मालिकों से होती थी सांठगांठ उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के समय में उनकी सरकार मिल मालिकों से सांठगांठ करके बैठी थी, इसलिए गन्ना किसानों का भुगतान नहीं हो पाता था। पूर्व सरकार में गन्ना किसानों का भुगतान वर्षों तक नहीं होता था। वहीं योगी सरकार के पिछले 9 वर्षों में 8 से 10 दिन में भुगतान हो रहा है। आज देश में गन्ना उत्पादन का 55 प्रतिशत योगदान उत्तर प्रदेश से हो रहा है। गन्ना किसानों को 3 लाख करोड़ से ज्यादा का भुगतान कृषि मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव के जमाने में गन्ना मूल्य 300 रुपये प्रति क्विंटल, तीन किस्तों में किसानों को मिलता था। यह शोषण किसान अब तक भूल नहीं पाए हैं। योगी सरकार ने गन्ना मूल्य 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल किया। इसका भुगतान भी किसानों को लगातार कराया जा रहा है। इसी क्रम में गन्ना किसानों को 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने 16 लाख से ज्यादा किसानों के बिजली बिल को माफ किया है और पर्याप्त मात्रा में बिजली आपूर्ति भी कर रही है। नलकूपों और सोलर पैनल के जरिए सिंचाई की सुविधा दी जा रही है। वर्षों से लंबित सरयू परियोजना को हमारी सरकार ने पूरा कराया। इससे 14 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा बढ़ी है। योगी सरकार द्वारा एमएसपी पर खरीद की जा रही है। किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल रहा है। योगी सरकार पर किसानों का भरोसा बढ़ा कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों का योगी सरकार और खेती के प्रति भरोसा बढ़ा है। उत्तर प्रदेश आज कृषि क्षेत्र में काफी प्रगति कर रहा है। लगभग 425 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 211 लाख मीट्रिक टन चावल, 245 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हो रहा है। तिलहन में 48 लाख मीट्रिक टन का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। सब्जी-फलों के उत्पादन में बढ़त देखी जा रही है। एथेनॉल के जरिए मिलें हुईं सशक्त उत्तर प्रदेश में गन्ने से एथेनॉल बनाकर मिलों को सशक्त किया गया है। इसके चलते गन्ना किसानों का भुगतान आसान हो गया है। अखिलेश यादव अपनी नाकामियों को देख नहीं पाते हैं। अखिलेश यादव जब सत्ता में थे तब उन्हें सरकारी कामकाज से कोई मतलब नहीं था। विपक्ष में बैठकर वह बड़े-बड़े वादे करते हैं। वह जानते हैं कि उनकी सरकार नहीं बनने वाली, इसलिए कोई भी वादा कर देते हैं। अखिलेश यादव जान लें कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती, एक बार उनकी सरकार की परेशानियों को जनता भुगत चुकी है। दोबारा वह सत्ता में नहीं आएंगे। अखिलेश सरकार में बिजली दरें 60 फीसदी तक बढ़ीं सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार में जनता बिजली के लिए परेशान थी, जबकि प्रदेश के कुछ जिलों में वीआईपी व्यवस्था थी। कन्नौज, इटावा, रामपुर में 24 घंटे की बिजली आपूर्ति होती थी, प्रदेश के अन्य जिलों में अंधेरा छाया रहता था। इन नीतियों के कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गंभीर आपत्ति जताई थी। अखिलेश की सरकार में बिजली दरों में 60 फीसदी बढ़ोतरी की गई थी। अखिलेश यादव सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाते हैं। मोदी और योगी सरकार किसानों के हित में काम कर रही है।