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1.41 करोड़ की साइबर ठगी मामले में गाजियाबाद के दो सगे भाई गिरफ्तार, खाते में पहुंचे थे 10.5 लाख

ग्वालियर ग्वालियर के कारोबारी दुर्गाशंकर नागर से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर हुई 1.41 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में पुलिस ने गाजियाबाद के दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों भाई दवा का थोक कारोबार करते हैं और इन्हीं की फर्म के खाते में ठगी के 10.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। क्या है मामला पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी अग्रिम जमानत के लिए ग्वालियर में वकील से मिलने आए थे, इसी दौरान क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि 10 प्रतिशत कमीशन के लालच में उन्होंने अपनी फर्म के खाते में यह रकम मंगवाई थी। किस्तों में 1.41 करोड़ रुपये ठग लिए मुरार क्षेत्र निवासी 70 वर्षीय कारोबारी दुर्गाशंकर नागर को फेसबुक पर एक अनजान युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। ठग ने खुद को इंग्लैंड की युवती बताकर बातचीत शुरू की और फिर क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में 1.41 करोड़ रुपये ठग लिए। इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पहली लेयर में 10.50 लाख रुपये गाजियाबाद स्थित महादेव फार्मा एंड सर्जिकल के एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। यह फर्म उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी सगे भाई आदित्य शर्मा और प्रियांशु शर्मा संचालित करते हैं। जैसे ही आरोपितों को पता चला कि साइबर क्राइम विंग उनकी तलाश कर रही है, वे भूमिगत हो गए। पुलिस लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी। इसी दौरान वे ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपितों के पास से 59 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। थाने में रोकर बोले- पता नहीं था साइबर ठगी का पैसा है पूछताछ के दौरान दोनों भाई रोने लगे और बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि यह साइबर ठगी का पैसा है। उन्हें कहा गया था कि बड़ी रकम व्यापार के लिए ट्रांसफर की जा रही है और इसके बदले 10 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। ऑनलाइन गेम के कर्ज में फंसे जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी ऑनलाइन गेम खेलते थे और इसी में कर्ज में डूब गए थे। कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने कमीशन के लालच में अपने खाते का इस्तेमाल किया।

ईरान-अमेरिका वार्ता ठप, पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका

वाशिंगटन अमेरिका के साथ उच्च स्तरीय शांति वार्ता ठप पड़ने के बीच ईरान गंभीर डिजिटल आपातकाल का सामना कर रहा है। फरवरी के अंत में शुरू हुआ देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट अब दूसरे महीने में प्रवेश करने वाला है। अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स ने इसे किसी भी संप्रभु देश में लगा अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी इंटरनेट शटडाउन घोषित किया है। नेटब्लॉक्स के अनुसार, विस्तारित सेंसरशिप के मानवीय और आर्थिक प्रभाव लगातार बढ़ रहे हैं। यह कनेक्टेड समाज में शटडाउन का नया वैश्विक रिकॉर्ड है। बता दें कि ईरानी शासन ने अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के तुरंत बाद फरवरी के अंत में यह ब्लैकआउट लागू किया था। इसके बाद से देश की 9 करोड़ से अधिक जनता पर बाहरी डिजिटल पहुंच लगभग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। यह कार्रवाई जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान लगाए गए लंबे इंटरनेट शटडाउन की तर्ज पर की गई है। नेटब्लॉक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में पिछले 57 दिनों से इंटरनेट पूरी तरह बंद है। इससे पहले का रिकॉर्ड सूडान के नाम था, जहां 2021 में करीब 35-36 दिन इंटरनेट बंद रहा था। म्यांमार और एथियोपिया में कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट महीनों तक बंद रहा, लेकिन पूरे देश स्तर पर लगातार और एकसाथ शटडाउन के मामले में ईरान अब दुनिया में नंबर एक पर है। ईरान का अपना पुराना रिकॉर्ड 2019 का था, जब केवल सात दिनों के लिए इंटरनेट बंद किया गया था। इस बार का ब्लैकआउट उससे कहीं अधिक गंभीर और लंबा साबित हो रहा है। दूसरी ओर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह शटडाउन और लंबा चला तो ईरान की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर और गंभीर असर पड़ सकता है। ईरान ने एकता का संदेश दिया, ट्रंप के दावों को खारिज किया गौरतलब है कि ईरान में पूर्ण इंटरनेट बंदी का दूसरा महीना समाप्त होने वाला है, लेकिन तेहरान सरकार मजबूत एकता का प्रदर्शन कर रही है। अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आंतरिक विभाजन और रियायतों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उन्हें ईरान के साथ समझौता करने की कोई जल्दी नहीं है और बिना सबूत के दावा किया कि ईरानी नेतृत्व विभाजित है। ईरानी अधिकारियों ने इसे खारिज करते हुए सरकारी मीडिया के माध्यम से समन्वित बयान जारी किए हैं। सैन्य, सुरक्षा, न्यायपालिका और सरकारी निकाय अब एकरूप शब्दावली और प्रारूप का इस्तेमाल करते हुए समान संदेश जारी कर रहे हैं। इन संदेशों में सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के प्रति 'पूर्ण आज्ञापालन' का आह्वान भी किया जा रहा है। वार्ता स्थगित, पाकिस्तान जारी रखेगा मध्यस्थता इधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के ओमान दौरे के बाद इस्लामाबाद लौटने की उम्मीद है, हालांकि ईरान-अमेरिका के बीच आमने-सामने की वार्ता फिलहाल स्थगित है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख मतभेदों के कारण ईरान सीधी बातचीत के लिए तैयार नहीं है। तेहरान अमेरिकी रुख को 'अतिवादी' बता रहा है और अमेरिकी मांगों को अस्वीकार्य मानता है। पाकिस्तान ने मध्यस्थता जारी रखने की इच्छा जताई है। अराघची के इस्लामाबाद में आगे की बातचीत की संभावना है, जबकि उनका प्रतिनिधिमंडल निर्देश लेने के लिए तेहरान लौट गया है। शरीफ और पेजेशकियान में 50 मिनट की फोन वार्ता पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की और शांति प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने हालिया राजनयिक संपर्कों की समीक्षा की और समन्वय जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान संवाद का समर्थन करने और क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सूत्रधार की भूमिका निभाने को तैयार है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने पचास मिनट तक चली सौहार्दपूर्ण बातचीत में क्षेत्रीय स्थिति और शांति-स्थिरता के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की।

सामाजिक समरसता का उत्सव बना सामूहिक विवाह, मुख्यमंत्री ने 13 जोड़ों को दिया आशीर्वाद

रायपुर दुर्ग जिले के ग्राम भरर (जामगांव-आर) में आयोजित तहसील स्तरीय विशाल कर्मा महोत्सव एवं सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सहभागिता करते हुए 13 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय दांपत्य जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज भवन पाटन में शेड निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही ग्राम भरर पंचायत में शौचालय एवं शेड निर्माण तथा ग्राम पंचायत में सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज को छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और गौरवशाली समाज बताते हुए माता कर्मा के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि माता कर्मा की भक्ति और सेवा भावना समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रही है। इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय ताराचंद साहू को भी नमन किया और उनके साथ कार्य करने के अपने अनुभव साझा किए। राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 28 महीनों में राज्य में सुशासन स्थापित करने के साथ-साथ “मोदी की गारंटी” को पूरा करने की दिशा में ठोस कार्य किए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि राज्य में 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसानों को बकाया बोनस राशि का भुगतान, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी तथा “महतारी वंदन योजना” के माध्यम से महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान सहित अन्य छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा  कि “रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत दो वर्षों में लगभग 42 हजार लोगों को लाभ मिला है । उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सल समस्या के उन्मूलन और विकास कार्यों में आई तेजी को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। ऊर्जा क्षेत्र की पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की शुरुआत मार्च 2026 में की गई है, जो उन उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जिनका बिजली बिल लंबे समय से बकाया है। “मोर बिजली ऐप” के माध्यम से उपभोक्ता मोबाइल से ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं। इस योजना के तहत बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज या सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में अटल डिजिटल केंद्र खोलकर डिजिटल सेवाओं को सुलभ बनाया जा रहा है, जबकि प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। राज्य में सुशासन को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिससे विकास कार्यों में तेजी आई है। इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, कमिश्नर सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह, अध्यक्ष जिला साहू संघ नंदलाल साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड जितेन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

JSSC भर्ती प्रक्रिया तेज, मई में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र वितरण की तैयारी

रांची झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से अनुशंसित 329 सहायक आचार्यों को मई के पहले सप्ताह में नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सभी को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद तिथि की घोषणा कर दी जाएगी। फिलहाल उन 329 अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति पत्र दिया जाएगा, जिनकी अनुशंसा आयोग ने दिसंबर 2025 में की थी। इनकी काउंसिलिंग जिला स्तर पर हो चुकी है, जिसमें इनके सभी प्रमाणपत्र वैध पाए गए हैं। इधर, विभाग को आयोग से लगभग एक हजार अन्य अभ्यर्थियों की भी नियुक्ति की अनुशंसा प्राप्त हुई है। इन अभ्यर्थियों के फोल्डर सोमवार को जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय के प्रतिनिधियों को सौंप दिए जाएंगे। इसके बाद जिला स्तर पर इनकी काउंसिलिंग होगी। काउंसिलिंग को लेकर जिलों को दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। काउंसिलिंग में प्रमाणपत्रों की जांच के बाद योग्य अभ्यर्थियों को बाद में आयोजित होनेवाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि मई के अंतिम सप्ताह या जून के पहले सप्ताह में इन्हें भी नियुक्ति पत्र मिल सकता है। अभी तक 10,213 अभ्यर्थियों की हो चुकी है नियुक्ति अभी तक सहायक आचार्य के पदों पर कुल 10,213 अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है। आयोग ने कुल 11,300 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा की थी, जिनमें इतने अभ्यर्थियों की नियुक्ति काउंसिलिंग के बाद हुई। ये सभी सहायक आचार्य स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य करा रहे हैं। बता दें कि आयोग द्वारा आयोजित झारखंड प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा, 2023 के माध्यम से कुल 26,001 पदों पर नियुक्ति होनी थी, लेकिन योग्य अभ्यर्थी नहीं होने से बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए हैं। अधिसंख्य पद पारा शिक्षक श्रेणी में रिक्त रहे हैं।

संस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य,स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप की रही धूम

रायपुर जिले में आयोजित “यूथ फेस्ट-2026” के अंतर्गत आज शाम एक विशेष प्रेरक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें देश के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं, विशेषकर छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं को जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों पर केंद्रित रहते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया। गौरतलब है कि “यूथ फेस्ट-2026” के तहत बीते दो दिनों 24-25  को जिले के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य प्रस्तुतियां, स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट से संबंधित वर्कशॉप, फूड स्टॉल्स, कला एवं संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनियां तथा युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाले अनेक कार्यक्रम शामिल रहे। अंतिम दिवस पर दायरा बैंड (जादू बस्तर) की प्रस्तुति ने आयोजन में सांस्कृतिक रंग भर दिए और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में निरंतर सीखना, स्वयं को अपडेट रखना और सकारात्मक सोच बनाए रखना ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने विशेष रूप से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस समय में संतुलित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। सौरभ द्विवेदी ने युवाओं से कहा कि वे बाहरी दुनिया की अनावश्यक आलोचनाओं और भ्रामक बातों से प्रभावित न हों, बल्कि अपने मन की सुनें और परिवार की सलाह को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि परिवार ही व्यक्ति का सबसे बड़ा शुभचिंतक होता है, इसलिए अपने माता-पिता, बहनों और परिवारजनों की चिंता करना और उनका ख्याल रखना हर युवा का दायित्व है। महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के निर्माण में माताओं और बहनों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, तब समाज और देश की प्रगति को नई गति मिलती है। उन्होंने महिलाओं को घर और कार्य के बीच संतुलन बनाते हुए अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की भी सलाह दी। उन्होंने युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों को अनावश्यक विज्ञापनों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने का संदेश देते हुए कहा कि सही जानकारी, जागरूकता और विवेकपूर्ण निर्णय ही उन्हें सशक्त बनाएंगे। साथ ही उन्होंने सभी से प्रतिदिन कुछ नया सीखने और अपने कौशल को निरंतर निखारने का आह्वान किया। आयोजन के लिए कार्यक्रम में  महापौर  रामू रोह कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा डीएफओ  कृष्ण जाधव एवं शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी के प्राचार्य  विनोद पाठक सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।  युवा फेस्ट-2026 का यह आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनकी रचनात्मकता को मंच देने और उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने की दृष्टि से अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।     महापौर  रामू रोहरा ने युवा फेस्ट-2026 विभिन्न  प्रतियोगिता में विजय प्रतिभागियों को ट्राफी और प्रशस्ति  पत्र देकर सम्मानित किया ।

थंथनिया कालीबाड़ी पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, 300 साल पुराने मंदिर और अनोखी परंपरा ने खींचा ध्यान

नॉर्थ कोलकाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्थ कोलकाता में अपना रोड शो शुरू करने से पहले थंथनिया कालीबाड़ी में मां काली का आशीर्वाद लिया। थंथनिया कालीबाड़ी कोलकाता के सबसे प्राचीन और श्रद्धेय काली मंदिरों में से एक है। इसकी स्थापना वर्ष 1703 में हुई थी, यानी इसका इतिहास 300 साल से भी पुराना है। यह शहर के औपचारिक विकास से भी पहले का है। यहां मां काली की पूजा मां सिद्धेश्वरी के रूप में की जाती है और मंदिर की अधिष्ठात्री देवी को जाग्रत माना जाता है। मान्यता है कि रामकृष्ण परमहंस अक्सर इस मंदिर में आते थे और मां सिद्धेश्वरी के लिए भक्ति गीत गाया करते थे। उन्होंने यहां जो वाणी कही थी, उसे मंदिर की दीवारों पर अंकित किया गया है, जैसे कि शंकर के हृदय में मां काली विराजमान हैं। यह भारत के उन चुनिंदा काली मंदिरों में से एक है, जहां देवी को मांसाहारी प्रसाद अर्पित किया जाता है। इस परंपरा की शुरुआत भी रामकृष्ण परमहंस ने ही की थी। कहा जाता है कि उन्होंने डाब-चिंगरी (नारियल और झींगा) का भोग लगाकर मां सिद्धेश्वरी से केशव चंद्र सेन के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की थी। उस दिन के बाद से मंदिर में मांसाहारी प्रसाद चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। जब रामकृष्ण देव श्यामापुकुर में बीमार पड़े थे, तब उनके अनुयायियों ने मां सिद्धेश्वरी से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए इसी मंदिर में मांसाहारी प्रसाद अर्पित कर प्रार्थना की थी। सालभर लगी रहती है भक्तों की भीड़ थंथनिया कालीबाड़ी में सालभर भक्तों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन विशेष अवसरों पर यहां अलग ही माहौल देखने को मिलता है। खासकर काली पूजा और दुर्गा पूजा के दौरान मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है। इन दिनों दूर-दूर से श्रद्धालु यहां आते हैं और मां काली के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत से पूरा परिसर भक्तिमय हो जाता है। मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह कोलकाता की सांस्कृतिक विरासत का भी एक अहम हिस्सा है। यहां आने वाले श्रद्धालु न केवल पूजा-अर्चना करते हैं, बल्कि इस ऐतिहासिक स्थल की शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव भी करते हैं।  

शादी की खुशियां बदलीं मातम में, खंडवा में कार हादसे में तीन युवकों की जान गई

खंडवा पिपलोद थाना क्षेत्र में रविवार शाम करीब चार बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों भरे माहौल को मातम में बदल दिया। बलवाड़ा से लुन्हार गांव जा रही बारात की कार गुड़ी के पासअनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने खंडहरनुमा मकान में जा घुसी। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में 22 वर्षीय मोहित निवासी भरुड बलवाड़ा, 24 वर्षीय ऋतिक यादव निवासी गरणगांव और 24 वर्षीय पुष्पक यादव निवासी बलवाड़ा की मौत हो गई। वहीं पवन और सावन गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका उपचार जिला अस्पताल में जारी है। क्या है मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार बलवाड़ा स्थित यादव परिवार के यहां शादी समारोह था और बारात लुन्हार गांव के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान रास्ते में कार चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और कार सीधे सड़क किनारे बने जर्जर मकान में जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। तीन युवकों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि दो घायलों का इलाज जारी है। स्वजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी जिला अस्पताल में हादसे की खबर मिलते ही स्वजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। रोते-बिलखते परिजनों का दर्द देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव बारंगे सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।  

राहतगढ़ में विकास को मिली नई रफ्तार, खाद्य मंत्री ने किया 20 करोड़ के कार्यों का भूमि पूजन-लोकार्पण

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों को भरोसा देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर किसान का एक-एक दाना खरीदेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसान हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने में परेशानी नहीं होने दी जाएगी। खाद्य मंत्री  राजपूत ने यह बात सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ विकासखंड के ग्राम बहादुरपुर, ख़ैजरामाफी, अलीनगर और भावुकाबारी में 20 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण अवसर पर कही। खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है, जिसे देखते हुए खरीदी की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ की गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा स्लॉट बुकिंग, खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने और भुगतान की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गेहूं खरीदी के लिए केंद्र से कोटा बढ़वाना हो या खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाना—हर कदम किसान हित में उठाया गया है। मंत्री राजपूत ने विश्वास जताया कि सरकार की पारदर्शी और किसान-केंद्रित नीतियों से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है और भविष्य में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  राजपूत ने राहतगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत बहादुरपुर में पुलिया निर्माण तथा बहादुरपुर एनएच-86 से खैजरामाफी मार्ग के नवीनीकरण कार्य का भूमिपूजन कर क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर मंत्री  राजपूत ने कहा कि इस मार्ग के सुधार की मांग क्षेत्र के ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से की जा रही थी, जिसे प्राथमिकता देते हुए 4 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति प्रदान कराई गई है। सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद लगभग 15 गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में मढ़िया बाघ परियोजना के माध्यम से क्षेत्र के 51 गांवों में लगभग 15 हजार हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे करीब 40 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मंत्री  राजपूत ने ग्राम कल्याणपुरवीर में नवीन आंगनवाड़ी भवन के निर्माण की घोषणा की, जिससे बच्चों और महिलाओं को बेहतर पोषण एवं देखभाल की सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही ग्राम बहादुर में मंगल भवन के निर्माण तथा पेयजल समस्या के समाधान हेतु हैंडपंप स्थापना की भी घोषणा की गई। मंत्री  राजपूत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है और इसी उद्देश्य के साथ क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों को गति दी जा रही है। इस अवसर जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जंग मौजूद रहे।  

राजस्थान की राजनीति में मारवाड़ बना केंद्र, कांग्रेस-बीजेपी की गतिविधियां तेज

 मारवाड़ राजस्थान के मारवाड़ की राजनीति में इन दिनों बड़ी हलचल दिख रही है. भले रिफाइनरी का उद्घाटन स्थगित ही गया हो, लेकिन कांग्रेस के नेताओं की गतिविधियां भी इस अंचल में बढ़ीं हैं. कांग्रेस के चार बड़े चेहरों में से तीन के दौरे मारवाड़ के अलग-अलग जिलों में तय हुए तो मारवाड़ की तरफ सबका ध्यान गया, जबकि दूसरे नेता कांग्रेस के दूसरे नेता मारवाड़ पर ध्यान देते दिखे तो इस बीच मारवाड़ मूल के नेता अशोक गहलोत की नजर दिल्ली दरबार पर थी. 200 में से 21 फीसदी सीट मारवाड़ से दरअसल, राजस्थान की राजनीति में मारवाड़ का बड़ा रुतबा है. प्रदेश के 200 विधानसभा क्षेत्र में से तकरीबन 21 फीसदी सीट इसी अंचल से आती हैं. ऐसे में राजस्थान विधानसभा के पांचवें हिस्से पर कोई भी बड़ी पार्टी मजबूती से ध्यान देना चाहेगी. यही कारण है कि राजस्थान विधानसभा में मजबूत जगह बनाने की मंशा रखने वाली पार्टियां इस अंचल पर पूरा फोकस करती हैं, फिर चाहे वह कांग्रेस हो, बीजेपी या फिर आरएलपी जैसी नवोदित पार्टी. हाल ही में मारवाड़ की चर्चा कांग्रेस और भाजपा दोनों की गतिविधियों को लेकर रही. पहले राजस्थान की रिफाइनरी के उद्घाटन का कार्यक्रम तय हुआ तो सीएम  भजनलाल शर्मा, के साथ ही सरकार के दूसरे मंत्री और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ समेत कई बड़े चेहरे यहां सक्रिय दिखे. रिफाइनरी के एक हिस्से में आग के चलते उद्घाटन टल गया, तो इसके बाद कांग्रेस नेताओं की सक्रियता मारवाड़ में बढ़ती दिखी. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली दो दिन के कार्यक्रम में पाली और सिरोही पहुंचे. वहां संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने के साथ जनसुनवाई भी की. मारवाड़ की धरती से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर निशाना भी साधा. रिफाइनरी और निकाय चुनाव पर सरकार को घेरा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सिरोही से उदयपुर के लिए रवाना हुए तो उधर राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा बाड़मेर पहुंच गए. डोटासरा ने बाड़मेर में संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की तो कार्यकर्ताओं ने उनसे संगठन की आपसी खींचतान दूर करने की गुहार भी लगाई. इसके बाद डोटासरा जैसलमेर में संगठन के कार्यक्रम में शामिल हुएय अपने दौरे पर डोटासरा भी रिफाइनरी और निकाय चुनाव समेत दूसरे मुद्दों पर सरकार को घेरते दिखे. कांग्रेस नेताओं के दौरे से मारवाड़ में बढ़ा सियासी तापमान राजस्थान कांग्रेस में पीसीसी चीफ और नेता प्रतिपक्ष जैसे दो बड़े पदों पर बैठे नेताओं के मारवाड़ दौरे ने इस अंचल का सियासी तापमान बढ़ाया. इस बीच पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का भी कार्यक्रम मारवाड़ अंचल के सांचौर जिले में तय हुआ, लेकिन विमान में आई तकनीकी खामी के चलते सचिन पायलट यहां नहीं पहुंच सके. इधर मारवाड़ में कांग्रेस नेताओं के दौरों के बीच अंचल में एक चर्चा दो दिन पहले दिल्ली से आई तस्वीर की भी दिखी. तस्वीर वही जिसमें गहलोत–पायलट हाथ मिलाते दिख रहे थे. हालांकि कांग्रेस नेताओं के मारवाड़ दौरे के बीच अशोक गहलोत दिल्ली दरबार को भी साधते दिखे. दो दिन पहले राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई कांग्रेस ओबीसी एडवाइजरी कमेटी की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हुए. मीटिंग में राहुल गांधी से गहलोत की मुलाकात भी हुई तो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के साथ उनकी तस्वीर भी आई. इस बीच मारवाड़ के लोगों में तो यह बात भी है कि भले गहलोत मारवाड़ में हों या नहीं लेकिन मारवाड़ मूल का नेता अंचल की लगभग हर गतिविधि पर अपनी नजर हमेशा ही रखता है. क्षेत्र के लोगों की इस भावना पर मोहर लगाते हुए अशोक गहलोत ने कांग्रेस नेताओं के मारवाड़ और मेवाड़ दौरों को महत्वपूर्ण बताया. गहलोत ने यह भी कह दिया कि मारवाड़ में कांग्रेस कमजोर हुई है. ऐसे में मारवाड़ हो या मेवाड़, पूर्व, पश्चिम समेत प्रदेश के सभी हिस्सों में पार्टी को ध्यान देना चाहिए.  

उज्ज्वल भविष्य के लिए किया प्रेरित

भोपाल राजधानी भोपाल में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए रोज़ मैरी हायर सेकेंडरी विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों ने आज सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग से उनके निवास के पास सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मंत्री  सारंग ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें उनके शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इसी तरह निरंतर प्रयास करते हुए अपने परिवार, विद्यालय और भोपाल शहर का नाम देशभर में रोशन करते रहें। मंत्री  सारंग ने कहा कि जीवन का यह पड़ाव केवल एक शुरुआत है, अभी लंबा सफर तय करना बाकी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी तीक्ष्ण बुद्धि, अनुशासन और परिश्रम का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है और वही भविष्य की दिशा और गति निर्धारित करते हैं। इसलिए युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इस दौरान मंत्री  सारंग ने विद्यार्थियों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और प्रयासों से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रदेश और देश की सरकारें स्कूलों और कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं। साथ ही हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का भी प्रयास किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और सुलभ उच्च शिक्षा के अवसर मिल सकें। मंत्री  सारंग ने विद्यार्थियों को उनकी आगे की पढ़ाई में हर संभव मदद और मार्गदर्शन देने का भी आश्वासन दिया। विद्यार्थियों ने अपने उत्कृष्ट परिणामों से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। कक्षा 10वीं में महिमा खाड़े ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा राकेश कुमार (97.6 प्रतिशत), पूजा चौरसिया (97.4 प्रतिशत) और भूमिका अहिरवार (97.2 प्रतिशत) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया। इन विद्यार्थियों की उपलब्धि ने विद्यालय के साथ-साथ पूरे भोपाल शहर को गौरवान्वित किया है। मंत्री  सारंग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी जिम्मेदारी केवल अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के उत्थान और देश की प्रगति के लिए करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में मंत्री  सारंग ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का श्रवण किया। यह अवसर विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा, जहां उन्हें न केवल अपनी उपलब्धियों के लिए सम्मान मिला, बल्कि भविष्य के लिए नई दिशा और ऊर्जा भी प्राप्त हुई।