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अंबाला में जनता का मूड बदला, विकास नहीं तो वोट नहीं का रुख पानी निकासी और

अंबाला  हरियाणा में अंबाला नगर निगम चुनाव से पहले शहर का सियासी माहौल पूरी तरह गरमा चुका है. दरअसल आगामी 10 मई को मेयर और पार्षद पदों के लिए मतदान होना है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के साथ-साथ कई निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं. सभी दल अपने-अपने वादों और योजनाओं के साथ जनता को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस बार शहर की जनता का रुख साफ तौर पर बदला हुआ नजर आ रहा है. बता दे कि स्थानीय स्तर पर किए गए सर्वे और लोगों से बातचीत से यह स्पष्ट हुआ है कि मतदाता अब केवल वादों पर भरोसा करने के बजाय बीते पांच वर्षों के कार्यों का हिसाब मांग रहे हैं.वही अंबाला शहर के वार्ड नंबर 4 स्थित बलदेव नगर क्षेत्र में लोगों की प्रतिक्रियाएं इसी बदलाव की ओर इशारा करती हैं, क्योंकि यहां के कई निवासी पिछले कार्यकाल से असंतुष्ट दिखाई दिए और उन्होंने साफ कहा कि इस बार वोट केवल काम के आधार पर ही दिया जाएगा. पानी निकासी है सबसे बड़ा मुद्दा वही स्थानीय निवासी कस्तुरीलाल वर्मा ने लोकल 18 को बताया कि उनकी उम्र 80 साल की हो गई है लेकिन पानी की निकासी बलदेव नगर में काफी ज्यादा एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है. उन्होंने कहा कि जब भी बाढ़ आती है तो कोई भी नेता दिखाई नहीं देता है और वह उस समस्या से खुद ही जूझते हैं, जबकि पानी निकासी को सही ढंग से ठीक किया जाए तो यह समस्या बिल्कुल भी उत्पन्न नहीं होगी. उन्होंने बताया कि वह तो इस बार वोट पानी निकासी के मुद्दे को लेकर ही करेंगे और इस समस्या को हर उम्मीदवार के सामने रखेंगे. स्थानीय निवासी परमानंद ने बताया कि सफाई व्यवस्था उनके इलाके में काफी ज्यादा चरमराई हुई है ओर वह चाहते हैं कि जो भी पार्षद बने वह इन मुद्दों पर कार्य जरूर करें. उन्होंने कहा कि पिछले 5 साल में सड़के और लाइट की व्यवस्था तो ठीक रही है लेकिन जल निकासी काफी ज्यादा प्रभावित रही है. आवारा पशुओं का करें खास इंतजाम गौरव बख्शी ने कहा कि इस बार के निकाय चुनाव में लोगों की जो सबसे बड़ी मांग है वह आवारा पशुओं की सही जगह पर व्यवस्था करना हैं ओर साफ सफाई की सुचारू रूप से करवाना है. उन्होंने बताया कि पिछले 5 साल स्ट्रीट लाइट्स अगर खराब हो जाती थी तो उसे ठीक करने में काफी दोनों का समय लगता था,ऐसे में वह चाहते की इस बार जो भी उम्मीदवार इन लोगों की जरूरत पर काम करेगा, तो वह उसे ही चुनेंगे.क्योंकि चुनाव खत्म होने के बाद अक्सर स्थानीय नेता अपने वादे भूल जाते है ओर फिर आम जनता काफी दिनों तक परेशान रहती है. वहीं अमित कुमार ने बताया कि पिछले 5 सालों में जो वादे किए गए थे वह बिल्कुल भी पूरे नहीं हुए हैं. कहा कि जब लोगों को पार्षदों से कम होता है तो वह फोन तक नहीं उठाते हैं और फिर चुनावों में किए गए वादे अक्सर भूल जाते हैं. इसलिए वह चाहते हैं कि यह निकाय चुनावों में जिस मर्जी पार्टी का पार्षद बने,लेकिन लोगों से किए गए वादों पर बस खरा उतारे.वही कुछ ओर स्थानीय निवासियों ने बताया कि आवारा पशु सबसे बड़ा मुद्दा क्षेत्र के लिए बने हुए हैं क्योंकि आए दिन आम जनता घायल होती है,ओर बहुत से एक्सीडेंट होते हैं.कई बार बच्चों को कुत्ते काट लेते हैं जिसकी वजह से उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है लेकिन पिछले 5 सालों में इस पर किसी प्रकार का कोई काम नहीं हो पाया है जबकि शहर में लोग इन समस्याओं को लेकर काफी ज्यादा परेशान है.

जिला चिकित्सालय में 07 वर्षीय गौरव का हुआ सफल टॉन्सिल ऑपरेशन

रायपुर मुंगेली जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने 07 वर्षीय बालक गौरव साहू को लंबे समय से चली आ रही गंभीर समस्या से राहत दिलाई। जिला बेमेतरा के ग्राम बंदी निवासी गौरव साहू पिछले एक वर्ष से टॉन्सिल में बार-बार संक्रमण की समस्या से परेशान था। इस कारण उसे निगलने में कठिनाई होती थी और उसका वजन भी लगातार कम हो रहा था। परिजन उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां ओपीडी में कान, नाक एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश सत्यपाल को दिखाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने गौरव को क्रॉनिक टॉन्सिलाइटिस से पीड़ित बताया और शीघ्र ऑपरेशन (टॉन्सिलेक्टॉमी) की सलाह दी। इसके पश्चात डॉ. कमलेश सत्यपाल (ईएनटी विशेषज्ञ), डॉ. राजेश कुमार बेलदार (निश्चेतना विशेषज्ञ) एवं ओटी स्टाफ की टीम द्वारा सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद बालक पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी स्थिति में पहले से काफी सुधार हुआ है। अब उसे खाने-पीने में कोई परेशानी नहीं हो रही है और उसका स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। जिला चिकित्सालय में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के कारण अब स्थानीय स्तर पर ही जटिल उपचार संभव हो रहे हैं, जिससे मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है। यह सफलता स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और डॉक्टरों की दक्षता का प्रमाण है।

रीवा एयरपोर्ट के करें उन्नयन के करें प्रयास : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि रीवा सहित समस्त विंध्य क्षेत्र तेज गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। यहाँ के संसाधनों और क्षमताओं के अनुरूप अधोसंरचना का भी भविष्योनुमुखी विस्तार किया जा रहा है। रीवा को नवीन गंतव्यों से हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मंत्रालय में विमानन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रीवा एयरपोर्ट के विस्तार के प्रयास किए जाएँ। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने एयरपोर्ट के विस्तार की कार्ययोजना की जानकारी दी। इसमें रनवे विस्तार एवं अन्य आवश्यक तकनीकी उन्नयन किया जाएगा। विस्तार के बाद भविष्य में, रीवा एयरपोर्ट से बड़े विमानों (A -320 एवं अन्य) का परिचालन संभव होगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव, विमानन  संजय कुमार शुक्ल, आयुक्त, विमानन  चंद्रमौली शुक्ला एवं अपर सचिव, विमानन  धरणेन्द्र कुमार जैन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

सस्पेंशन खत्म, सतबीर कादियान को मिली नई पोस्टिंग; सिंचाई अनुसंधान संस्थान में जिम्मेदारी

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने एक अहम प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए निलंबित चल रहे वरिष्ठ अधिकारी सतबीर सिंह कादियान की सेवाएं बहाल कर दी हैं। कादियान, जो उस समय इंजीनियर-इन-चीफ (वाईडब्ल्यूएस नॉर्थ) के पद पर कार्यरत थे, को 15 अप्रैल 2026 को निलंबित किया गया था। जारी आदेश के अनुसार, राज्यपाल ने उनकी सेवा को तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल करने की मंजूरी दी है। हालांकि, उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। बहाली के साथ ही सतबीर सिंह कादियान का तबादला भी कर दिया गया है। अब उन्हें कुरुक्षेत्र स्थित हरियाणा सिंचाई अनुसंधान एवं प्रबंधन संस्थान (HIRMI) में हेड (स्पेशल) एवं प्रिंसिपल डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति आंतरिक व्यवस्थाओं के तहत की गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन्हें नियमों के अनुसार टीए/डीए (यात्रा भत्ता/दैनिक भत्ता) दिया जाएगा। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, हरियाणा द्वारा जारी किया गया है।

गडकरी का बड़ा बयान: पेट्रोल-डीजल गाड़ियों का दौर खत्म होने की ओर

नई दिल्ली केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को बड़ा बयान देते हुए कहा है कि लंबे समय में, पेट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों पर चलने वाले वाहनों का कोई भविष्य नहीं है। केंद्रीय मंत्री का यह बयान वैकल्पित ईंधन विकल्पों के समर्थन में आया, क्योंकि उन्होंने ऑटोमोबाइल उद्योग से स्वच्छ ईंधनों की ओर बदलाव पर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी बताया कि यह बदलाव सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान देगा। स्वच्छ ईंधन विकल्पों की ओर बदलाव परिवहन मंत्री ने वाहन निर्माताओं से बायोफ्यूल, CNG और LNG जैसे वैकल्पिक और स्वच्छ ईंधन विकल्पों के इस्तेमाल की ओर बदलाव की गति तेज करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पेट्रोल और डीजल, आयात और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के लिहाज से गंभीर समस्याएं पैदा करते हैं। हाइड्रोजन ही भविष्य का ईंधन है- गडकरी गडकरी ने बताया कि सरकार ने हाइड्रोजन मोबिलिटी और कंपनियों के लिए पायलट प्रोजेक्ट पहले ही शुरू कर दिए हैं। टाटा मोटर्स, वोल्वो, अशोक लेलैंड और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियां पहले से ही हाइड्रोजन ईंधन के ट्रायल में शामिल हैं। हम अभी 10 ऐसे रूट पर हैं, जहां हम हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक और बसें चला रहे हैं। हाइड्रोजन ही भविष्य का ईंधन है। E20 फ्यूल पर चलती रहेंगी गाड़ियां- गडकरी फ्लेक्स फ्यूल पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक ईंधन के तौर पर इथेनॉल के महत्व पर जोर दिया और बताया कि भारत में अलग-अलग तरह के कच्चे माल से इथेनॉल बनाने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री पहले से ही फ्लेक्स फ्यूल इंजन बनाने पर काम कर रही हैं, जबकि गाड़ियां E20 फ्यूल पर चलती रहेंगी।  

“लाइवलीहुड ऑन व्हील्स” बना आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई पहचान

भोपाल सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग द्वारा संवेदना विकास एवं अनुसंधान मण्डल (सक्षम) तथा एल्टियस (Altius) इन्फ्रा के सहयोग से “लाइवलीहुड ऑन व्हील्स” कार्यक्रम के अंतर्गत दिव्यांगजनों को नि:शुल्क ई-साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें रोजगार एवं आजीविका से जोड़ना तथा उनके जीवन को अधिक सुगम एवं सम्मानजनक बनाना है। एल्टियस इन्फ्रा के सहयोग से सक्षम संगठन द्वारा संचालित इस पहल के अंतर्गत मध्यप्रदेश के तीनों प्रांत- मध्य भारत, मालवा एवं महाकौशल के अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को 139 ई-साइकिलों का वितरण किया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दिव्यांगजन अद्भुत क्षमता और आत्मबल के प्रतीक हैं। समाज और शासन का दायित्व है कि उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि “सक्षम भारत–समर्थ भारत” अभियान दिव्यांगजनों को सम्मान और स्वावलंबन प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि राष्ट्र के उत्थान एवं भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प को लेकर सभी विभाग एवं समाज के लोग मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित एवं समर्थ भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में वर्ष 2047 तक विभिन्न संस्थाएं और सामाजिक संगठन निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने “सक्षम” संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए संस्था को बधाई दी। मंत्री  कुशवाह ने दिव्यांग हितग्राहियों को वितरित ई-साइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान हितग्राहियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंत्री  कुशवाह ने कहा कि ईश्वर की साधना और पूजा से जितना पुण्य प्राप्त नहीं होता, उससे अधिक पुण्य किसी दिव्यांगजन को सक्षमता और आत्मनिर्भरता प्रदान करने से प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन दिव्यांगजनों के कल्याण, पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता के लिए संवेदनशीलता के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। ई-साइकिल वितरण जैसी पहल दिव्यांगजनों के आवागमन को सुगम बनाते हुए उन्हें रोजगार एवं आत्मसम्मान से जोड़ने का कार्य करेगी। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही।  

ट्रैक ब्लास्ट के बाद सुरक्षा कड़ी, पंजाब में हाई अलर्ट; अमृतसर सहित प्रमुख स्टेशनों पर जांच तेज

अमृतसर. पटियाला रेल ट्रैक ब्लास्ट के बाद पंजाब में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। कल देर रात पटियाला में रेलवे ट्रैक पर हुए ब्लास्ट के बाद पूरे पंजाब में सिक्योरिटी के इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। इस घटना ने रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। खासकर बड़े शहरों के रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग कैंपेन तेज कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अनचाही घटना को रोका जा सके। अमृतसर रेलवे स्टेशन पर GRP, RPF और लोकल पुलिस मिलकर खास चेकिंग कर रही है। स्टेशन में आने वाले हर यात्री की तलाशी ली जा रही है और सामान की भी गहराई से चेकिंग की जा रही है। इसके अलावा, सिक्योरिटी टीमें भी ट्रेनों पर सतर्कता से नजर रख रही हैं। हर प्लेटफॉर्म पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है, जिससे पैसेंजर में सिक्योरिटी की भावना बढ़ गई है। ब्लास्ट में मारे गए युवक की पहचान सूत्रों के मुताबिक, इस ब्लास्ट में जगरूप सिंह नाम के एक युवक का नाम सामने आ रहा है, जो तरनतारन जिले के गांव पंजवाड़ का बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी तक ऑफिशियली इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग एंगल से जांच चल रही है। सिक्योरिटी एजेंसियां ​​यह भी जांच कर रही हैं कि इस घटना के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है। पुलिस की आम जनता से सतर्क रहने की अपील DSP रेलवे अरविंदर सिंह ने मीडिया को बताया कि रूटीन चेकिंग पहले भी होती रही है, लेकिन ऐसी घटना के बाद और ज़्यादा सावधान रहना जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि GRP और RPF की कई टीमें लगातार स्टेशनों और ट्रेनों में चेकिंग कर रही हैं। इसके साथ ही एंटी-सैबोटेज टीमें भी तैनात की गई हैं, जो हर संदिग्ध एक्टिविटी पर नजर रख रही हैं। पुलिस ने आम जनता से भी सतर्क रहने की अपील की है। यात्रियों से कहा गया है कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस चीज दिखे तो तुरंत रेलवे पुलिस या नजदीकी कर्मचारी को बताएं। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और यात्रा को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जा सकता है।

स्टोइनिस-प्रभसिमरन का तूफान, पंजाब ने राजस्थान को दिया 223 रनों का टारगेट

मुल्लापुर, न्यू चंडीगढ़  IPL 2026 के 40वें मुकाबले में पंजाब किंग्स ने राजस्थान रॉयल्स को 223 रनों का विशाल लक्ष्य दिया है। पंजाब की ओर से प्रभसिमरन सिंह और मार्कस स्टोइनिश ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं। आखिरी ओवर में स्टोइनिस ने बृजेश शर्मा को 24 रन ठोके। पंजाब किंग्स के सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने 35 गेंदों में 50 रन बना दिए हैं। उन्होंने आईपीएल 2026 में अपने प्रदर्शन में निरंतरता दिखाई है। साल 2026 में उन्होंने अब तक चार अर्धशतक लगा दिए हैं। PBKS- 222/4 (20 ओवर) पंजाब किंग्स अपने घर पर इस मुकाबले को जीतकर टूर्नामेंट में अजेय रहने के सिलसिले को बरकरार रखना चाहेगी, जबकि राजस्थान रॉयल्स भी अपनी जीत की लय को हासिल करना चाहेगी । पंजाब किंग्स के हालिए श्रेयस अय्यर, प्रभसिमरन सिंह, प्रियांश आर्या और युजवेंद्र चहल जैसे खिलाड़ी किसी भी मैच को जीतने के लिए बेहद आसान बना देते हैं और यही कारण है इस सीजन पंजाब किंग्स ने 7 मैचों में 6 जीत और 1 रद्द मैच के कारण 13 अंक हासिल किए हैं और टॉप पर बनी हुई। यह टीम अब तक एक भी मैच नहीं हारी है। वहीं राजस्थान रॉयल्स ने अब तक टूर्नामेंट में 8 मैच खेले हैं, जिसमें से 5 में उन्हें जीत मिली है, जबकि 3 मुकाबलों में यह टीम हार के साथ 10 अंकों के साथ पॉइंटस टेबल पर चौथे स्थान पर है। इस टीम के लिए युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल बेहतर फॉर्म में हैं, जबकि ध्रुव जुरैल ने भी अब तक बेहतर प्रदर्शन किया है। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर आग उगल रहे हैं। टीमें: पंजाब किंग्स (प्लेइंग इलेवन): प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, श्रेयस अय्यर (कप्तान), कूपर कोनोली, सूर्यांश शेडगे, नेहल वढेरा, मार्कस स्टोइनिस, मार्को जानसन, लॉकी फर्ग्यूसन, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल राजस्थान रॉयल्स (प्लेइंग इलेवन): वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जयसवाल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा, यश राज पुंजा

लोधी समाज वीरता और‍किसान योद्धा परंपरा का प्रतीक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को नई ऊर्जा दे रहा है। आज राजा हिरदेशाह लोधी की 168वीं पुण्यतिथि पर शौर्य यात्रा के माध्यम से हम, भूले-बिसरे उन नायकों को समाज के सामने ला रहे हैं, जिन्होंने अंग्रेजी साम्राज्यवाद के खिलाफ सबसे पहले संगठित विद्रोह किया। राजा हिरदेशाह को नर्मदा टाइगर के नाम से भी जाना जाता है। वे 1842 की क्रांति के महानायक थे, जिनकी शौर्य गाथा आज भी बुंदेला, लोधी और जनजातीय समाज के नाटकों, लोक गीतों और लाखों-लाख हृदय में जीवित है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायी और आदर्श है। समाज के महापुरुषों के संघर्ष को भी याद करने की आवश्यकता है। जो संघर्षों से लड़ना जानता है, समाज उसका अभिनंदन करता है। राज्य शासन राजा हिरदेशाह के संघर्ष और देश की आजादी में उनके योगदान पर शोध कराएगी। इतिहास के गौरवशाली पृष्ठ पुन: खुलने चाहिए। राजा हिरदेशाह के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाएगा। नर्मदा के किनारे हीरापुर में राजा हिरदेशाह के नाम से एक तीर्थ स्थल का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1842 की क्रांति के महानायक राजा हिरदेशाह लोधी की स्मृति में जंबूरी मैदान पर हुए ऐतिहासिक आयोजन और शौर्य यात्रा को संबोधित किया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, सांसद  फग्गन सिंह कुलस्ते, सांसद  दर्शन सिंह चौधरी तथा राजा हिरदेशाह लोधी और गोंड राजा नरवर शाह के वंशज उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा टाइगर राजा हिरदेशाह पुस्तक का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1842 की क्रांति के नायक नर्मदा टाइगर राजा हिरदेशाह पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राजा हिरदेशाह पर शोध और उनके संघर्ष को पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा के लिए समाज के प्रतिनिधियों द्वारा अभिवादन किया गया। राज्य सरकार प्रदेश की विरासत और महान हस्तियों के सम्मान में कर रही है निरंतर गतिविधियां संचालित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोधी समाज वीरता और‍किसान योद्धा परंपरा का प्रतीक है। अंग्रेजों की बढ़ती दखलअंदाजी, करों के भारी बोझ और किसानों के शोषण ने राजा हिरदेशाह को विद्रोह के लिए प्रेरित किया। राजा हिरदेशाह की कहानी केवल युद्ध की नहीं, बल्कि एकता, साहस और देशभक्ति की गाथा है। आज के युवाओं के लिए उनका स्पष्ट संदेश है कि अत्याचार के खिलाफ खड़े होना, हर भारतीय का कर्तव्य है। राज्य सरकार प्रदेश की विरासत और महान हस्तियों के सम्मान में निरंतर गतिविधियां संचालित कर रही है। रानी अवंतीबाई के नाम पर सागर में राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। राज्य सरकार द्वारा सनातन संस्कृति के सभी तीज-त्यौहार धूमधाम से मनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए कृषक कल्याण वर्ष मनाने की पहल की है। महान सम्राट विक्रमादित्य पर भी शोध संस्थान बनाया गया है। प्रदेश सरकार सांस्कृतिक पुनरोत्थान के लिए संकल्पित है। इसीलिए प्रत्येक नगरीय निकाय में सर्व सुविधायुक्त भव्य गीता भवन बनाए जा रहे हैं। सभी जनपदों में एक-एक वृंदावन ग्राम भी तैयार किए जा रहे हैं। समाज के युवाओं को साहसी, सामर्थ्यवान, शिक्षित और संस्कारवान बनने की आवश्यकता है पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि यह कार्यक्रम अपने पुरखों के बलिदान को स्मरण करने का है। आज सामाजिक जीवन में शिक्षित होने के साथ संस्कारित बनने का संकल्प भी लेना चाहिए। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश की आजादी के गुमनाम नायकों को याद करने का आह्वान किया था। आज सवाल यह नहीं है कि 1857 की क्रांति बड़ी थी या 1842 की। राजा हिरदेशाह के द्वारा 1842 में आरंभ की गई बुंदेली क्रांति से 1942 भारत छोड़ो आंदोलन तक का कालखंड भारत के ऐतिहासिक आंदोलन में सबसे महत्वपूर्ण 100 वर्ष हैं। राजा हिरदेशाह ने 1842 से 1858 तक लगातार ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष जारी रखा। आज राजा मेहरबान सिंह को भी याद करने का अवसर है, जिन्होंने कभी कोई लड़ाई नहीं हारी। यह आयोजन ऐसे वीरों के बलिदान को याद करने के लिए है। उनके परिवारों का सम्मान करने का दिन है। लोधी समाज सामर्थ्यवान हैं, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए दुश्मनों से लोहा लिया, प्रश्न यह है कि वो पिछड़े कैसे हो गए। समाज के युवाओं को साहसी, सामर्थ्यवान, शिक्षित और संस्कारवान बनने की आवश्यकता है। आज हम सभी राजा हिरदेशाह लोधी के बलिदान को नमन कर रहे हैं। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि राजा हिरदेशाह लोधी ने 1857 की क्रांति से पहले आजादी के लिए 1842 में क्रांति का बिगुल फूंका था। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। राज्य सरकार सभी शहीदों के बलिदान को नमन कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से राजा हिरदेशाह लोधी के बलिदान और उनके कार्यों को पाठ्यक्रम में शामिल कराने का अनुरोध किया। नर्मदा के तट से आजादी की क्रांति का पहला बिगुल फूंका गया था पूज्य दादा गुरु ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में पहली क्रांति नर्मदा के तट पर 1842 में शुरू हुई थी, यह तथ्य हम सबको गौरवान्वित करने वाला है। राजा हिरदेशाह ने इसका नेतृत्व किया और अपना बलिदान दिया। इस आयोजन में जहां धैर्य है वहीं धर्म भी है। शौर्य दिवस के अवसर पर हमें सनातन धर्म के मार्ग पर चलते हुए अखंड भारत के निर्माण में योगदान का संकल्प लेना है। राजा हिरदेशाह ने बुंदेलों, जनजातियों और सकल समाज को एकजुट कर राष्ट्र के लिए लड़ने को तैयार किया था। नर्मदा के तट से आजादी की क्रांति का पहला बिगुल फूंका गया था। प्रदेश में रानी अवंतीबाई, वीरांगना दुर्गावती जैसी वीरांगनाओं ने अपने राज्य की रक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर दिया था। युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करना आवश्यक लोधी-लोधा समाज के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक  जालम सिंह पटेल ने कहा कि लोधी समाज के गौरव राजा हिरदेशाह ने ब्रिटिश शासन के कानूनों का विरोध करते हुए 1842 की क्रांति का नेतृत्व किया। इस संघर्ष में उनके करीब 12 भाई बलिदान हुए। उनकी पूरी संपत्ति राजसात कर ली गई थी। लोधी एक किसान और योद्धाओं का समाज है।  जालम सिंह पटेल ने कहा कि लोधी समाज ने नशे के खिलाफ मुहिम शुरू की है। उन्होंने युवाओं को इस मुहिम में सहयोग करने के … Read more

रेल ट्रैक ब्लास्ट मामले में बड़ी सफलता, ISI लिंक मॉड्यूल का खुलासा, चार आरोपी पकड़े गए

चंडीगढ़ धमाके के 24 घंटे से भी कम समय में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पंजाब पुलिस ने मंगलवार को पाकिस्तान की आईएसआई समर्थित एक 'खालिस्तान समर्थक' आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। यह मॉड्यूल शंभू शहर के पास रेलवे ट्रैक पर देर रात धमाके की कोशिश के लिए जिम्मेदार था। पुलिस ने इस मामले में चार कट्टरपंथी और आदतन अपराधियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में आतंकवादी उपकरण बरामद किए गए। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मानसा के प्रदीप सिंह खालसा, मानसा के बप्पियाना गांव के कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, तरनतारन के पंजवार के सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और तरनतारन के गोइंदवाल बाईपास के गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न जघन्य अपराधों के मामले दर्ज हैं। बरामद किए गए सामान में एक हैंड ग्रेनेड, दो 30 बोर पिस्तौलें, गोला-बारूद, विस्फोटों में इस्तेमाल किए जाने वाले तकनीकी रूप से संचार उपकरण और लैपटॉप शामिल हैं, जिनका उपयोग वे अपने संचालकों के साथ संवाद करने के लिए करते थे। पटियाला रेंज के उप महानिरीक्षक कुलदीप चहल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने मीडिया को बताया कि रेलवे ट्रैक पर विस्फोट के प्रयास के लिए जिम्मेदार आतंकी मॉड्यूल का रिकॉर्ड 12 घंटे के अंदर पर्दाफाश हो गया। उन्होंने कहा कि आरोपी खालसा इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना था और मलेशिया स्थित खालिस्तान समर्थक आतंकवादी के साथ-साथ पाकिस्तान स्थित हथियार आपूर्तिकर्ताओं के भी करीबी संपर्क में था। उन्होंने बताया कि आरोपी खालसा कट्टरपंथी युवाओं को आतंकी प्रशिक्षण के लिए मलेशिया भेजता था और फिर उन्हें आतंकी गतिविधियों का काम सौंपता था। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी ने 'चलदा वहीर चक्रवर्ती, अतरिये' नाम से एक कट्टरपंथी संगठन भी बनाया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने शंभू रेलवे स्टेशन पर मुख्य लाइन पर कम तीव्रता वाला आईईडी विस्फोट किया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपी सार्वजनिक बुनियादी ढांचे-संपत्तियों पर और हमले करने की योजना बना रहे थे। पटियाला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111, विस्फोटक अधिनियम की धारा 3, 4 और 5, शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13, 16, 18 और 20 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई है।