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बरगी डैम में बड़ा हादसा: क्रूज पलटा, 4 की मौत; 15 को बचाया गया, रेस्क्यू जारी

जबलपुर जबलपुर स्थित बरगी बांध में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक क्रूज डूब गया। जानकारी के अनुसार क्रूज में करीब 40 लोग सवार थे। अब तक चार लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन और बचाव दल अन्य लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि हादसा शाम को लगभग छह बजे घटना के आसपास हुआ है, जब क्रूज पर्यटकों को लेकर बांध में जा रहा था। तभी अचानक तेज हवा चली।  

पूछताछ के दौरान हड़कंप: बाड़मेर में आरोपी ने खुद को किया घायल, पुलिस ने कराया इलाज

बाड़मेर बाड़मेर महिला अपराध एएसपी कार्यालय में पॉक्सो एक्ट के आरोपी ने गला काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया. पुलिस उसको आनन-फानन में बाड़मेर मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां पर उसका इलाज कराया. आरोपी खून से लथपथ हो गया था. आरोपी ने भी कुछ नहीं बताया. पुलिस ने आरोपी का इलाज कराया, इसके बाद जेल भेज दिया. पॉक्सो का आरोपी गिरफ्तार जानकारी के अनुसार, बाड़मेर की महिला थाने में दर्ज पॉक्सो के मामले में नरेश को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, और महिला अपराध अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रभुराम इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. आज एएसपी कार्यालय में जांच में पूछताछ के दौरान युवक ने अपना गला काट लिया. उसके बाद पुलिस के हाथ पांव फूल गए, और तुरंत उसको घायल अवस्था में बाड़मेर मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल ले गए. चिकित्सकों ने उसका इलाज किया, उसके बाद पुलिस ने उसे अस्पतावापस ASP कार्यालय लेकर आ गई है. कुछ बोलने से पुलिस का इनकार इस पूरे मामले को लेकर अस्पताल पहुंचे महिला अपराध अनुसंधान सेल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रभु राम ने किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इनकार कर दिया. आरोपी युवक भी मीड‍िया के सामने कुछ नहीं बोला.   बाड़मेर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निर्देश आर्य का कहना है कि महिला थाने में दर्ज पॉक्सो के मामले में नरेश कुमार पुत्र दालाराम निवास गांधीनगर को गिरफ्तार किया था, जिसको आज फिंगरप्रिंट लेने के दौरान टेबल पर रखे पेपर कटर से खुद की गर्दन पार वार कर दिया था. उसके बाद जाब्ते ने उसे अस्पताल ले जाकर ईलाज करवाया, अब उसको जेल भेज दिया है. लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ जांच करवाई जा रही है.

कानून-व्यवस्था मजबूत करने को लातेहार पुलिस में व्यापक ट्रांसफर

लातेहार पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 29 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया है। जारी आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है। जारी सूची के अनुसार हरिशंकर सिंह को छिपादोहर थाना से पुलिस केंद्र लातेहार, नागेंद्र भगत को लातेहार थाना से महुआडांड़ थाना, राम प्रसाद राम को चंदवा थाना से बारेसाढ़ थाना, शशिरंजन सिंह को चंदवा से महुआडांड़ थाना, सत्येन्द्र प्रसाद को चंदवा से गारू थाना भेजा गया है। इसी तरह संजय चौधरी को बालूमाथ से बरवाडीह, चन्द्रशेखर दुबे को बालूमाथ से महुआडांड़ थाना, द्वारिकानाथ पांडेय को बारियातू थाना से पीसीआर वैन, मिथिलेश कुमार सिंह को बारियातू से मनिका, अरुण कुमार सिंह को हेरहंज से जिला नियंत्रण कक्ष तथा नरेश राम को बरवाडीह से जिला नियंत्रण कक्ष में पदस्थापित किया गया है। पंचरत्न राय यादव को बरवाडीह से बारेसाढ़ थाना, मोहम्मद अनवर को बरवाडीह से बालूमाथ, निरंजन तिवारी को छिपादोहर से पुलिस केंद्र लातेहार, सचिंदानंद सिंह को छिपादोहर से जिला नियंत्रण कक्ष तथा एमानुल टुडू को गारू से चंदवा थाना भेजा गया है। अमर कुमार को भेजा गया बारेसाढ़ से चंदवा धर्मेन्द्र कुमार को बारेसाढ़ से बरवाडीह, अमर कुमार को बारेसाढ़ से चंदवा, खुशादिल अंसारी को बारेसाढ़ से बारियातू, मधुसूदन प्रसाद प्रसाद को महुआडांड़ से लातेहार थाना, उमेश प्रसाद मेहता को महुआडांड़ से चंदवा तथा ददन प्रधान को महुआडांड़ से बालूमाथ थाना में तैनात किया गया है। भोला नाथ भंडारी को महिला थाना महुआडांड़ से पुलिस केंद्र लातेहार, दिनेश कुमार को पीसीआर वन से बारियातू, सहदेव प्रसाद वर्मा को जिला नियंत्रण कक्ष से बरवाडीह थाना, बचु राम को जिला नियंत्रण कक्ष से बारियातू थाना, मोहम्मद मुमताज अहमद को जिला नियंत्रण कक्ष से हेरहंज, रामविनय कुमार को बालूमाथ से लातेहार थाना तथा रामजी ठाकुर को पुलिस केंद्र लातेहार से छिपादोहर थाना भेजा गया है।

पैसे लेकर नहीं पहुंचे सेट पर: रियाज हुसैन के खिलाफ ग्वालियर में मामला दर्ज

ग्वालियर भोजपुरी अभिनेता रियाज हुसैन उर्फ राजा भोजपुरी पर झांसी रोड थाने में एफआइआर दर्ज हुई है। अभिनेता ने फिल्म साइन की और ग्वालियर के रहने वाले फिल्म निर्माता से दो लाख रुपये भी लिए। इसके बाद शूटिंग पर नहीं आए। कई बार संपर्क करने पर व्यस्त होने का हवाला देते रहे। तब फिल्म निर्माता द्वारा कोर्ट में गुहार लगाई गई। कोर्ट ने पांच दिन पहले एफआइआर के आदेश दिए थे। इस मामले में पुलिस ने बीते रोज अभिनेता हुसैन राजा पर एफआइआर दर्ज कर ली है। मेट्रोज प्रोडक्शन के संचालक से की धोखाधड़ी विजय नगर क्षेत्र में रहने वाले ओमप्रकाश कुकरेजा मैसर्स मेट्रोज प्रोडक्शन के संचालक हैं। वह फिल्म निर्माता हैं। उन्होंने भोजपुरी फिल्म बनाने के लिए भोजपुरी अभिनेता रियाज हुसैन से संपर्क किया था। इनका पहले से परिचय था। रियाज ने फिल्म साइन कर दी। दो लाख रुपये एडवांस लिए। यह रुपये ओमप्रकाश द्वारा बैंक खाते से ही ट्रांसफर किए गए।  

निवेशकों के लिए बड़ी पहल: Haryana Government का ओम्निबस बिल, खत्म करेगा नियमों का मकड़जाल

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने निवेश के मामले में प्रदेश को अग्रणी गंतव्य बनाने के मकसद से प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विनियमन में ढील (डी-रेगुलेशन) देने का अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में प्रस्तावित सर्वग्राही विधेयक (ओम्निबस बिल) के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा सुधारों को संस्थागत रूप देने की तैयारी है। कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव श्री के.के. पाठक और हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में यहां हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में अनुपालन में कमी और डी-रेगुलेशन फेज-2 के अन्तर्गत हुए सुधारों की समीक्षा की गई। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए प्रस्तावित हरियाणा ओम्निबस बिल विभिन्न नियामकीय बदलावों को एकीकृत विधायी ढांचे में समाहित करेगा। इससे विभागों में एकरूपता सुनिश्चित होगी और लालफीताशाही को कम करने तथा शासन को सरल बनाने वाले सुधारों को दीर्घकालिक कानूनी आधार मिलेगा। वरिष्ठ प्रशासनिक सचिवों ने प्रगति की समीक्षा की बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों ने 28 प्राथमिकता वाले सुधार क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। इन सुधारों का उद्देश्य अनुपालन बोझ को कम करना, स्वीकृति प्रक्रियाओं में तेजी लाना तथा व्यवसायों, संस्थानों और नागरिकों के लिए एक सुगम पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है। अधिकांश सुधार प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा चुके हैं और कई लागू होने की प्रक्रिया में हैं, जो राज्य के सुधार एजेंडे में तेजी को दर्शाता है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को लंबित प्रस्तावों को शीघ्र पूरा करने, एमआईएस पोर्टल पर कार्ययोजनाएं तुरंत अपलोड करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सुधारों का जमीनी स्तर पर स्पष्ट और मापनीय प्रभाव दिखाई दे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों की सफलता जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करेगी। सुधारों के प्रमुख क्षेत्रों में भूमि और निर्माण नियमों का सरलीकरण शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र में ‘चेंज ऑफ लैंड यूज’ (सीएलयू) की आवश्यकता नहीं है, जिससे निवेशकों और भूमि मालिकों को बड़ी राहत मिली है। सीएलयू स्वीकृतियों को स्वचालित बनाने की दिशा में कार्य शेष नियंत्रित क्षेत्रों में भी सीएलयू स्वीकृतियों को स्वचालित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह प्रणाली औद्योगिक क्षेत्रों में पहले से लागू है और मार्च 2027 तक इसका अन्य श्रेणियों में भी विस्तार करने की योजना है। मांग आधारित भूमि उपयोग प्रणाली में गतिविधियों की अनुमति होगी जब तक कि वे विशेष रूप से प्रतिबंधित न हों। इससे नियामकीय बाधाओं में और कमी आएगी। निर्माण क्षेत्र में कब्जा प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक अनुमोदनों को सरल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कई अनावश्यक एनओसी को हटाने का प्रस्ताव है, जिससे समय और लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र को एक सशक्त सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे सभी व्यावसायिक स्वीकृतियों के लिए एकीकृत प्रणाली उपलब्ध होगी। यह प्लेटफॉर्म विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर तेज निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा। लगभग 30 दिनों में स्वीकृति देने के लक्ष्य के साथ ‘सर्विस लेवल एग्रीमेंट’ लागू किए जा रहे हैं। साथ ही, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्वीकृति की समय-सीमा की निगरानी की जा सकेगी। राज्य सरकार के इस सुधार एजेंडे में क्या? सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्य सरकार के इस सुधार एजेंडे के केंद्र में हैं। नए सुधारों के तहत औद्योगिक प्लॉट के उप-विभाजन, पूर्व स्वीकृति के बिना व्यवसायिक गतिविधियों में बदलाव, संपत्तियों के हस्तांतरण या सब-लीज की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। प्रस्तावित ‘हरियाणा राइट टू बिजनेस एक्ट’ के तहत उद्यमों को स्व-घोषणा के आधार पर कार्य शुरू करने की अनुमति होगी और शुरुआती चरण में निरीक्षणों में भी कमी की जाएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए 500 करोड़ रुपये का ‘सक्षम’ फंड प्रस्तावित है, जिससे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का उन्नयन किया जाएगा। इसके अलावा, अपशिष्ट उपचार और अग्नि सुरक्षा जैसी साझा सुविधाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर भी कार्य किया जा रहा है। हरियाणा अब पारंपरिक और जटिल प्रावधानों के स्थान पर वैश्विक मानकों के अनुरूप जोखिम-आधारित आधुनिक अग्नि सुरक्षा नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में साझा अग्नि सुरक्षा ढांचा विकसित करने से लागत कम होगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। अनावश्यक लाइसेंस समाप्त करने में भी उल्लेखनीय प्रगति राज्य ने अनावश्यक लाइसेंस समाप्त करने में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। नगर निगम कानूनों से ट्रेड लाइसेंस पहले ही हटाए जा चुके हैं और प्रस्तावित ओम्निबस बिल के तहत अन्य लाइसेंसों को भी सरल बनाने की योजना है, जिससे विनियामक ढांचे में दोहराव खत्म होगा। बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डाॅ. अमित कुमार अग्रवाल, अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जे. गणेशन तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जल प्रबंधन का ऐसा मॉडल जो पूरे देश के लिए बना मिसाल

​रायपुर        छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन और जैव-विविधता के केंद्र बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य ने इस भीषण गर्मी में वन्यजीव संरक्षण की एक नई इबारत लिखी है। जब पारा आसमान छू रहा है और प्राकृतिक जल स्रोत सूखने की कगार पर हैं, तब बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा अपनाई गई वैज्ञानिक और व्यावहारिक जल प्रबंधन प्रणाली वन्यजीवों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। ​हर 5 वर्ग किलोमीटर पर पानी की उपलब्धता      ​अभयारण्य प्रबंधन ने पूरे क्षेत्र का विस्तृत मानचित्रण (Mapping) कर 240 से अधिक जल स्रोतों को चिन्हित किया है। इसमें तालाब, स्टॉप डैम, वॉटरहोल और कृत्रिम सॉसर शामिल हैं। रणनीति ऐसी बनाई गई है कि वन्यप्राणियों को पानी के लिए भटकना न पड़े। प्रत्येक 5 वर्ग किलोमीटर के दायरे में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। ​मैनेजमेंट का 'स्मार्ट' फॉर्मूला: मैपिंग से जियो-टैगिंग तक     ​ बारनवापारा का यह मॉडल केवल पानी भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डेटा और तकनीक पर आधारित है। स्थलों का ​नियमित निगरानी का प्रबंध किया गया है। प्रत्येक 15 दिनों में जल स्तर का आकलन किया जाता है। 'स्टाफ गेज' के माध्यम से जल स्तर मापकर स्रोतों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, ताकि जहां पानी कम हो, वहां तुरंत कार्रवाई की जा सके।सभी जल स्रोतों की जियो-टैगिंग की गई है, जिससे मुख्यालय से भी इनकी स्थिति पर सटीक नजर रखी जा सके।  पानी की pH और TDS की नियमित जांच     ​वन्यजीवों को केवल पानी ही नहीं, बल्कि 'सुरक्षित पानी' मिले, इसके लिए नियमित अंतराल पर pH मान और TDS (Total Dissolved Solids) का परीक्षण किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि पानी वन्यजीवों के स्वास्थ्य के अनुकूल हो। जिन दुर्गम क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्रोत सूख गए हैं, वहां विभाग द्वारा टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। ​मिनरल्स का भी रखा ख्याल: स्थापित किए 'साल्ट लिक' ​वन्यजीवों के समग्र स्वास्थ्य और उनकी खनिज आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जल स्रोतों के पास रणनीतिक रूप से 'साल्ट लिक' (Salt Licks) बनाए गए हैं। इससे जानवरों को पानी के साथ-साथ आवश्यक मिनरल्स भी एक ही स्थान पर मिल रहे हैं, जो गर्मी के तनाव (Heat Stress) को कम करने में सहायक है। वनमंडलाधिकारी ने कहा कि एक ऐसी जवाबदेह प्रणाली विकसित की है जो केवल तात्कालिक राहत नहीं, बल्कि दीर्घकालिक समाधान प्रदान करती है। लगातार निगरानी और वैज्ञानिक डेटा के कारण हम जल स्तर गिरने से पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था करने में सक्षम हैं। यह मॉडल भविष्य के वन्यजीव प्रबंधन के लिए एक मानक स्थापित कर रहा है।"

क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘The Odyssey’ होगी Oppenheimer से छोटी, निर्देशक ने किया खुलासा

  ऑस्कर विजेता फिल्म 'ओपेनहाइमर' के निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन इन दिनों फिल्म 'द ओडिसी' की तैयारियों में व्यस्त हैं। दर्शकों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है और हर अपडेट पर नजरें टिकाए हुए हैं। लोग यह जानना चाह रहे हैं कि इस फिल्म की अवधि कितनी होगी? खुद क्रिस्टोफर नोलन ने इसका जवाब दे दिया है। 'ओपेनहाइमर' से छोटी होगी फिल्म फिल्म 'द ओडिसी' का रनटाइम 'ओपेनहाइमर' से कम होगा। वैरायटी की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्ममेकर क्रिस्टोफर नोलन ने इस बात की पुष्टि की है कि उनकी आने वाली फिल्म 'द ओडिसी' का रनटाइम उनकी ऑस्कर-विजेता फिल्म 'ओपेनहाइमर' से कम होगा। एक इंटरव्यू में नोलन ने कहा, 'यह एक एपिक फिल्म है, जैसा कि इसका विषय मांगता है। लेकिन यह छोटी है'। कितना था 'ओपेनहाइमर' का रनटाइम? 'ओपेनहाइमर', जो जे. रॉबर्ट ओपेनहाइमर और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान परमाणु बम बनाने की कहानी पर आधारित एक बायोग्राफिकल ड्रामा है। यह फिल्म 180 मिनट लंबी थी। इतनी लंबी होने और 'R' रेटिंग मिलने के बावजूद, इसने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर लगभग 975 मिलियन डॉलर की कमाई की। नोलन के इस नए प्रोजेक्ट को यूनिवर्सल पिक्चर्स का समर्थन मिला है और यह होमर के ग्रीक महाकाव्य पर आधारित उनकी अपनी प्रस्तुति है। यह फिल्म व्यापक स्तर पर बनाई जा रही है।  

गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ जीता टॉस

अहमदाबाद  गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईपीएल 2026 का 42वां मुकाबला हो रहा है। गुजरात टाइटंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम जारी सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। टीम ने आठ मुकाबले खेले हैं और 6 में जीत हासिल की है। दो मैचों में रजत पाटीदार के नेतृत्व वाली टीम को हार मिली है। वहीं दूसरी तरफ गुजरात टाइटंस ने 8 मैच खेलते हुए चार गंवाए हैं और 4 में उसे जीत मिली है। ये दोनों टीमें लीग स्टेज में दूसरी बार भिड़ने वाली हैं, इससे पहले वाले मुकाबले में बेंगलुरु ने गुजरात को 5 विकेट से हराया था। गुजरात-बेंगलुरु की प्लेइंग इलेवन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (प्लेइंग XI): विराट कोहली, जैकब बेथेल, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेट कीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड गुजरात टाइटंस (प्लेइंग इलेवन): शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेट कीपर), जेसन होल्डर, शाहरुख खान, वाशिंगटन सुंदर, अरशद खान, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, मानव सुथार आज का आईपीएल मैच गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच आईपीएल मुकाबला गुरुवार को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाला है। ये मैच साढ़े सात बजे शुरू होगा और टॉस सात बजे होगा। टीम इस प्रकार हैं गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, वॉशिंगटन सुंदर, गुरनूर बराड़, अरशद खान, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कैगिसो रबाडा, रविश्रीनिवासन साई किशोर, जयंत यादव, ईशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, एम शाहरुख खान, अनुज रावत, कुलवंत खेजरोलिया, राहुल तेवतिया।

BSP में अब नहीं चलेगी लापरवाही: ड्यूटी छोड़ने वाले कर्मचारियों पर RFID तकनीक से रखी जाएगी नजर

भिलाईनगर. बीएसपी में ड्यूटी के दौरान संयंत्र से बाहर जाने वाले कार्मिकों पर बहुत जल्द शिकंजा कसेगा। संयंत्र गेट में आरएफआईडी यानी रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम लगेगा। इससे कार्मिकों की तत्काल शिनाख्त हो जाएगी। मैनेजमेंट को यह शिकायतें लगातार मिलती रही है कि ड्यूटी के दौरान कई कार्मिक थम्ब इम्प्रेशन से अटेंडेंस लगाने के बाद संयंत्र से बाहर निकल जाते हैं और अपने निजी काम निपटाते रहते हैं। इस समय मैनेजमेंट पर लेबर प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के साथ मैनपावर और प्रोडक्शन कॉस्ट कम करने का दबाव है। ऐसे में वह ड्यूटी के दौरान भागने वाले कार्मिकों पर अंकुश लगाने के लिए संयंत्र के सभी गेट में मेन गेट, बोरिया गेट, जोरातराई गेट, मरोदा गेट, खुर्सीपार गेट, इस्पात भवन, एचआरडी, बीएमडीसी, नगर सेवाएं विभाग, सेक्टर 9 हास्पिटल आदि में आरएफआईडी सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है।

हरियाणा: पुलिस परिवारों के लिए शगुन योजना लागू, शादी खर्च में मिल रही मदद

चंडीगढ़ हरियाणा पुलिस द्वारा पुलिस परिवारों के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई शगुन योजना 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी रूप से लागू हो चुकी है। इस पहल के तहत अप्रैल माह में अब तक 18 पुलिसकर्मियों को उनके बच्चों की शादी के लिए 2.5-2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा 12 नए आवेदन वर्तमान में प्रक्रियाधीन हैं। डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से पुलिसकर्मियों के बच्चों, खासकर बेटियों के विवाह के दौरान आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू की गई है, ताकि पुलिसकर्मी बिना वित्तीय दबाव के अपने पारिवारिक दायित्व निभा सकें। योजना से लाभान्वित एसआई कमल चंद ने बताया कि बेटी की शादी जैसे भावनात्मक अवसर पर आर्थिक प्रबंधन चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन शगुन योजना से मिली सहायता उनके परिवार के लिए बड़ी राहत बनी है। अनुभव साझा करते हुए लाभार्थियों की प्रतिक्रिया एसआई कमल चंद ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बेटी के विवाह जैसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक अवसर पर आर्थिक प्रबंधन करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है, ऐसे में शगुन योजना के तहत मिली सहायता हमारे लिए बड़ी राहत साबित हुई है। इसी प्रकार, एक अन्य लाभार्थी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि इस योजना ने हमें आत्मसम्मान के साथ अपने सामाजिक दायित्व निभाने की शक्ति दी है। यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि विभाग की ओर से हमारे प्रति विश्वास और सम्मान का प्रतीक है। कुछ कर्मियों ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिस संवेदनशीलता के साथ हमारे परिवारों की जरूरतों को समझा है, वह सराहनीय है। इससे हमें यह भरोसा मिलता है कि विभाग हर परिस्थिति में हमारे साथ खड़ा है।