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51 हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर पहुँचकर जुटा रहे जानकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में भारत की जनगणना 2027श् के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। 01 मई से शुरू हुआ यह महाभियान 30 मई 2026 तक चलेगा। इस कार्य के लिए राज्य भर में 51 हजार 300 प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो घर-घर जाकर डेटा एकत्रित कर रहे हैं। पहली बार डिजिटल मोड में जनगणना            इस बार की जनगणना ऐतिहासिक है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रश्नों की जानकारी दर्ज करेंगे। प्रशासन सख्त- अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई          प्रशासन ने जनगणना कार्य को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नगर निगम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल आचरण नियमों के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इससे इनकार करना एक दंडनीय अपराध है। उपलब्धियां और उत्साह का वातावरण          दुर्गम क्षेत्रों में मिसाल- बस्तर जिले के तोकापाल तहसील अंतर्गत ग्राम गाटम के प्रगणक ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन कार्य पूर्ण कर राज्य स्तर पर उत्साह का संचार किया। अभियान के पहले दिन ही जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों ने फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण किया और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। स्व-गणना राज्य में डिजिटल साक्षरता का प्रभाव दिखा, जहाँ 16 से 30 अप्रैल के बीच 1 लाख 49 हजार 862 परिवारों ने वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना की। डेटा सुरक्षा और गोपनीयता की गारंटी          जनगणना निदेशालय ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह जानकारी किसी भी टैक्स, पुलिस जांच या कोर्ट केस में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकती। यहाँ तक कि सूचना का अधिकार के माध्यम से भी व्यक्तिगत डेटा प्राप्त नहीं किया जा सकता। इन आंकड़ों का उपयोग केवल राष्ट्र निर्माण और जन कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण हेतु किया जाएगा। नागरिकों से अपील प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि जब भी प्रगणक उनके घर आएं, उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। आपका यह सहयोग केवल जानकारी मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में आपका अमूल्य योगदान है।

तेज आंधी से शिवपुरी में अफरा-तफरी, दीवार ढही, पांच घायल, छत पर खड़ी दो महिलाएं गिरीं

शिवपुरी शिवपुरी में शनिवार की दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में रौद्र रूप दिखा रहा सूरज काले बादलों के बीच छिप गया। इसके बाद जिले भर में आई तेज आंधी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चली तेज आंधी ने शहर भर में आफत मचा दी। प्ले ग्राउंड पर पेड और पत्थर की बाउंड्री गिरने से पांच लोग मलबे में दब कर घायल हो गए। वहीं शहर के दो अलग-अलग हिस्सों में अपने मकानों की छत पर खड़े होकर तेज हवा का आनंद उठा रही एक महिला और एक युवती हवा के तेज झोंके के साथ उड़ते हुए छत से नीचे जमीन पर आकर गिरीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सभी को गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इसके अलावा शहर सहित अंचल में कई पेड़ टूट कर गिर गए, अंचल भर में दर्जनों स्थानों पर बिजली की लाईनें टूट गईं, जिससे ब्लैक शहर में दिन भर ब्लैक आउट के हालात बने रहे। प्ले ग्राउंड की बाउंड्री के नीचे ये दबे      बाउंड्री के यहां मोबाइल कंपनी की नई सिम बेचने व सिम पोर्ट करने वाले युवक पवन पुत्र चरण सिंह रजक उम्र 25 साल निवासी कोठी नंबर 27 व बृजेंद्र उर्फ गोलू पुत्र रामहेत रावत उम्र 27 साल निवासी खुड़ा। दोनों को अंदरूनी चोटें आई हैं, पवन जहां बेहोशी की हालत में आईसीयू में आक्सीजन पर उपचाररत है, वहीं बृजेंद्र की कमर व रीढ़ की हड्डी में चोट बताई जा रही है। वह भी अद्ध बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती है। रन्नौद से उपचार कराने के लिए शिवपुरी आए गिरजेश चंद्र आचार्य आंधी और पानी से बचने के लिए बाउंड्री के किनारे खड़े हुए थे, पेड़ के साथ जमींदोज हुई बाउंड्री के मलवे के नीचे वह दब गए। उनके पैर में कई फ्रैक्चर बताए जा रहे हैं। देवरी राजस्थान से अपनी पत्नी के साथ शिवपुरी घूमने के लिए आया बादल आदिवासी भी प्ले ग्राउंड से पास से गुजर रहा था। इसी दौरान बाउंड्री का एक पत्थर उसके सिर में आकर लगा, जिससे उसके सिर में चोट लग गई और वह मौके पर ही गिरकर बेहोश हो गया। उसके सिर में चोट आई है। एक अन्य युवक की मलवे में गिरकर घायल हो गया, हालांकि उसे बहुत अधिक चोट नहीं आई तो वह प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से चला गया। मौसम का लुत्फ उठाते हुए हवा में उड़ गईं गौशाला निवासी रामदेवी पत्नी अखिलेश लोधी उम्र 23 साल आंधी के दौरान छत पर जाकर खड़ी हो गई और मौसम का लुत्फ लेने लगी। इसी दौरान एक तेज हवा का झोंका आया और रामदेवी को अपने साथ हवा में उड़ता ले गया।      कुछ दूर जाने के बाद वह जमीन पर जा गिरी, जिससे उसके पैर में चोट आई है। अस्पताल में उसके पैर में टांके लगाने के बाद खूब के बहाव को रोका जा सका। पैर में फेक्चर की संभावना बताई जा रही है। यही हाल फतेहपुर क्षेत्र में विद्यापीठ स्कूल के पास रहने वाली अनुरति पुत्री संतोष जाटव उम्र 16 साल के साथ हुआ। वह छत पर से हवा के झोंके साथ उड़ती हुई सीधा जमीन पर आकर गिरी, उसके पैर व कमर में गंभीर चोट बताई जा रही है। कुछ सेकेंड के फेर से टला बड़ा हादसा ग्राम जाफरपुर से कुछ ग्रामीण शनिवार को ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर उनके घर में आयोजित होने वाले किसी समारोह के आयोजन की खरीददारी करने के लिए शिवपुरी आए थे। ग्रामीणों ने अपने ट्रैक्टर-ट्राली पीएम हाउस के परिसर में लगाए और ट्राली से उतरे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान पास लगा एक पेड़ आंधी के झोंकों से टूट कर ट्राली पर जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो अगर कुछ सेेकेंड और ट्राली में सवार लोग नीचे नहीं उतरते तो यह पेड़ उनके ऊपर ही गिरता। लोगों का कहना है कि कुछ सेकेंड के फेर से बड़ा हादसा टल गया। होटल पर गिरा हाईमास्ट, हादसा टला कोलारस में पूरनखेड़ी टोल टैक्स के पास लगा एक हाईमास्ट का पोल आंधी के कारण उखड़ कर जमींदोज हो गया। यह पोल टोल टैक्स के पास बने एक ढाबे पर जाकर गिरा, जिससे ढाबा भी जमींदोज हो गया। इस घटना का सुखद पहलू यह रहा कि हादसे के समय होटल में कोई नहीं था, जिसके चलते काेई भी पोल व ढाबे के मलबे की चपेट में नहीं आया। नरवर के ईमलिया, सिमरिया में लगी आग नरवर क्षेत्र के गांव ईमलिया, सिमरिया और पारागढ़ में तेज आंधी के बीच आग लग गई, जिससे सैंकड़ों बीघा के खेतों में आग लग गई। टीआई नरवर विनय यादव का कहना है कि कुछ किसान खेत में नरवाई जला रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी चल गई और आग आंधी के साथ उड़ती चली गई, जिससे इमलिया, सिमरिया, पारागढ़ तीन गांवों में दर्जनों किसानों के खेतों में भीषण आग गई। कई किसानों के खेतों में रखे भूसे के ढेर धूं-धूं कर जलने लगे। इस आग पर घंटों की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड, स्थानीय किसानों के प्रयास आदि से काबू पाया जा सका।  

महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए Team India तैयार, पूरा स्क्वॉड आया सामने

नई दिल्ली   इंग्लैंड में होने वाले महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए शनिवार को भारतीय महिला टीम का ऐलान हुआ। चयन समिति ने हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा की है। भारत ने टी20 विश्व कप के लिए स्क्वॉड में प्रतिका रावल को जगह नहीं दी है। यास्तिका भाटिया और राधा यादव की वापसी हुई है। तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा और स्पिनर श्री चरणी भी टीम में मौजूद हैं। इसके साथ ही भारतीय टेस्ट टीम भी चुनी गई है, जोकि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेलेगी। टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारतीय महिला टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, श्री चरणी, यस्तिका भाटिया, नंदिनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट के लिए भारत की टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, प्रतीक रावल, श्री चरणी, यस्तिका भाटिया, नंदिनी शर्मा, हरलीन देओल, रेणुका सिंह ठाकुर, क्रांति गौड़, सायाली सतघरे, स्नेह राणा मुंबई में बीसीसीआई ऑफिस में टीम चयन के लिए मीटिंग हुई, जहां पर चीफ सिलेक्टर अमिता शर्मा और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद है। टी20 विश्व कप 2026 इंग्लैंड में 12 जून से 5 जुलाई तक खेला जाएगा। भारत को ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड्स के साथ ग्रुप में रखा गया है। भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 14 जून को खेलेगी।

साहिबगंज फायरिंग केस में दो गिरफ्तार, तीन देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

 साहिबगंज झारखंड के साहिबगंज जिले के जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के अंबाडिया पंचायत के पोलमा गांव में युवक को गोली मारने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. मामला सुलझने के बाद डीएसपी हेडक्वार्टर विजय कुमार कुशवाहा ने थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना और गिरफ्तारी की पूरी जानकारी दी. कैसे हुई घटना ? डीएसपी ने बताया कि 27 अप्रैल की रात करीब 7:30 बजे अनिल बेसरा (26 वर्ष), पिता स्व. नाबू बेसरा, पोलमा गांव निवासी, किसी काम से लौट रहा था. इसी दौरान पहले से घात लगाए तीन-चार अपराधियों ने पीछे से उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस हमले में उसकी पीठ में दो गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. वारदात के बाद अपराधी उसका सामान और मोबाइल लेकर फरार हो गए. इलाज जारी, हालत गंभीर घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल अनिल को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है. फिलहाल उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. एसआईटी का गठन और त्वरित कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई. इस टीम में पुलिस निरीक्षक सह नगर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता, जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी शशि सिंह, सब-इंस्पेक्टर पंकज वर्मा और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे. टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छापेमारी शुरू कर दी. दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने इस मामले में शामिल किशुन हांसदा (55 वर्ष) और भीम हांसदा (लगभग 30 वर्ष), दोनों पोलमा गांव के निवासी को गिरफ्तार कर लिया. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने तीन देसी कट्टा, नौ जिंदा गोली और दो खोखा भी बरामद किए हैं. जमीनी विवाद में रिश्तेदारों ने ही रची साजिश पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह हमला जमीनी विवाद को लेकर किया गया था. चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि पीड़ित के अपने ही रिश्तेदार निकले. पुलिस अब इस पारिवारिक रंजिश के पूरे पहलू को खंगाल रही है. हथियार सप्लाई और मास्टरमाइंड की जांच जारी डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों को हथियार कहां से मिला और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना में कोई और साजिशकर्ता या मास्टरमाइंड तो नहीं है. अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया है. बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है. डीएसपी ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा. जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा.

एनएमडीसी ने 16% की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 27 की मजबूत शुरुआत की

हैदराबाद खनन पावरहाउस एनएमडीसी ने अप्रैल 2026 में लौह अयस्क का 46.4 लाख टन उत्पादन और 36.8 लाख टन बिक्री की है ।  देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क खनन कंपनी ने पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में वित्त वर्ष 27 के पहले महीने में उत्पादन में 16% की वृद्धि दर्ज की है । बैलाडीला लौह अयस्क परियोजनाओं में अपने अब तक के सर्वोत्तम खनन प्रदर्शन के आधार पर एनएमडीसी ने अप्रैल 2026 में अप्रैल माह का अबतक का सर्वोच्च उत्पादन किया है ।  हाल के चार वर्षों के लौह अयस्क उत्पादन को ट्रैक करने पर भारत के लिए 3.9% की नियमित सीएजीआर का पता चलता है । इस पृष्ठभूमि में, एनएमडीसी ने इस उद्योग की वृद्धि से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 6.8% सीएजीआर प्राप्त किया और इस प्रकार उत्पादन के क्रमिक-वृद्धि से अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है । इस उपलब्धि पर  अमिताभ मुखर्जी, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनएमडीसी ने कहा कि, “एनएमडीसी की क्षमताओं और योग्यताओं में विस्तार पूरे जोरों पर है । हमने अपनी रणनीतिक प्रगति को सक्षम बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और आपूर्ति-श्रृंखला एकीकरण में आवश्यक आधारभूत कार्य किए हैं । अप्रैल में 4.6 मिलियन टन से शुरू होकर एनएमडीसी का इस वित्तीय वर्ष के लिए 60 मिलियन टन से अधिक का लक्ष्य है । टीम तैयार है, संरेखित है और विकास के अगले स्तर तक पहुंचने के लिए आश्वस्त है ।” वित्त वर्ष 26 में 53+ मिलियन टन और एनएमडीसी से सकारात्मक प्रारंभिक अपडेट ने भारत के लौह और इस्पात क्षेत्र को और अधिक आशान्वित किया है ।

12 याचिकाओं पर बहस के बाद कोर्ट ने रखा आदेश सुरक्षित, पक्षकार तय होंगे

अजमेर अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे पर जिला कोर्ट में लंबी सुनवाई हुई. दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे को लेकर दायर याचिका पर शनिवार (2 मई) को जिला न्यायालय में सुनवाई हुई. इस दौरान सभी पक्षों ने अपने-अपने दावे के समर्थन में कानूनी तर्क और दस्तावेज पेश किए. हिंदू सेना और महाराणा प्रताप सेना के पदाधिकारियों द्वारा याचिका दायर की गई है. सुनवाई के दौरान करीब 12 अलग-अलग याचिकाओं पर बहस हुई, जिनमें कई पक्षकारों ने खुद को इस मामले में शामिल करने की मांग की. मामले से जुड़ी 12 याचिकाओं पर बहस के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया है. अब तय होगा- केस में पक्षकार कौन? हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने बताया, "अदालत ने सभी नई अर्जियों पर सुनवाई की और सभी पक्षों को विस्तार से सुना. अब देखते हैं कौन पक्षकार बनता है और किसे खारिज कर दिया जाता है." मामले में याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि कई याचिकाओं का विरोध किया गया है, क्योंकि उनमें पर्याप्त तथ्य और आधार नहीं हैं. अजमेर दरगाह में शिव मंदिर के दावे को लेकर दायर याचिका पर शनिवार को जिला न्यायालय में विस्तृत सुनवाई हुई। याचिका हिंदू सेना और महाराणा प्रताप सेना के अध्यक्षों द्वारा दायर की गई है। सुनवाई के दौरान दरगाह के दीवान और खादिमों ने भी पक्षकार बनने की मांग की। महाराणा प्रताप सेना ने भी पेश की याचिका विष्णु गुप्ता के अधिवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि 2 मई का दिन बहुत महत्वपूर्ण रहा और हमारे पक्ष के लिए खासा अहम रहा. अधिवक्ता के मुताबिक, एक याचिकाकर्ता फरार है और उसके खिलाफ नॉन-बिलेबल वारंट जारी है. एक याचिकाकर्ता ऐसे भी थे जो वादी पक्ष का सहयोग करना चाहते थे- जैसे महाराणा प्रताप सेना के राजवर्धन सिंह, लेकिन वे तथ्यों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत नहीं कर सके. दरगाह की ओर से भी आवेदन पेश दरगाह के दीवान और खादिमों की ओर से भी पक्षकार बनने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया. अधिवक्ता सिद्धार्थ ने कहा, "मैंने दरगाह दीवान साहब की ओर से पक्षकार बनाए जाने के प्रार्थना पत्र की पैरवी की थी. सभी अर्ज़ियों को सुनकर कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रखा है. उम्मीद है कि आगामी तारीख पर सुनाया जाएगा." अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने सभी आवेदनों पर विचार करने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है और अगली सुनवाई में फैसला सुनाया जा सकता है. वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप सेना की ओर से राजवर्धन सिंह परिहार मुख्य याचिकाकर्ता हैं. इस मामले में अन्य लोगों ने भी आवेदन लगाए थे.

मनरेगा के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात : भारत सरकार से 1333 करोड़ रुपए स्वीकृत, 212 करोड़ की मजदूरी राशि का भुगतान

रायपुर  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की मांग एवं लंबित देनदारियों को ध्यान में रखते हुए कुल 1333 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इससे राज्य के लाखों ग्रामीण श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। स्वीकृत राशि में से 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मजदूरी भुगतान हेतु जारी की गई है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पारदर्शिता के साथ श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। वर्तमान में राज्य के श्रमिकों के खातों में 212 करोड़ रुपए की मजदूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष राशि भी शीघ्र ही चरणबद्ध तरीके से श्रमिकों के खातों में अंतरित की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ श्रमिकों की आजीविका को स्थायित्व प्राप्त होगा। राज्य में संचालित “मोर गांव मोर पानी महा अभियान” के अंतर्गत जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। मनरेगा के माध्यम से आजीविका डबरी, नवा तरिया तथा अन्य जल संरक्षण कार्यों को व्यापक स्तर पर स्वीकृत किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़े, भू-जल स्तर में सुधार हो तथा किसानों की आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन, ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।           भारत सरकार से प्राप्त यह वित्तीय स्वीकृति छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को नई गति देने के साथ-साथ श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

नगर निगम की सख्ती: पानीपत में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

 पानीपत  नगर निगम की डीटीपी ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को शहर में 3 जगहों पर काटी जा रही अवैध कालोनियों में 29 कच्ची व पक्की गलियां और 18 प्लॉट में बनाई जा रही नींव को उखाड़ा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अवैध कॉलोनियां काटने वालों को नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत 3 बार नोटिस जारी किए गए थे। जिसके बाद भी इन अवैध कालोनियों में न तो कोई निर्माण कार्य हुए और न ही कॉलोनियां काटने वालों ने प्लॉट बेचने का काम बंद कराया। कच्ची सड़कों को अब पक्का बनाने का काम भी चल रहा था। जबकि नोटिस के माध्यम से कालोनाइजरों को बोला जा रहा था कि वे निर्माण कार्य बंद करवाकर इस भूमि को कृषि योग्य बनाए। ऐसा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी आदेशों की अनुपालना नहीं की गई। अब केस भी दर्ज होंगे हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 350-सी के तहत अवैध कॉलोनी काटने वाले मालिकों व डीलरों पर पुलिस केस दर्ज होंगे। साथ ही उचित कानूनी कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब इन अवैध कालोनियों को तोड़ने के लिए जिलाधीश पानीपत द्वारा नियुक्त डयूटी मैजिस्ट्रेट भी लगाया गया। साथ ही जिला नगर योजनाकार जितेंद्र, रिंकू व राजेश के अलावा पुलिस बल भी तैनात किया गया। यह वीडियो भी देखें कॉलोनियों में की गई कार्रवाई     पावर हाउस के पास कुटानी रोड के नजदीक काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 15 सड़कें व 8 नींव उखाड़ी गई।     जगदीश कॉलोनी के सामने वर्मा चौक के पास काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 6 गलियां और 3 नींव को उखाड़ा गया।     कुटानी रोड पर ही पवन नाम के व्यक्ति द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 8 नींव और 5 नींव को उखाड़ा गया।  

पुलिस घेराबंदी के दौरान बड़ा हादसा: तस्करों की गोलीबारी में युवक की जान गई

अंबाला हरियाणा के अंबाला जिले के पंजोखरा थाना क्षेत्र में टुंडला के पास देर रात करीब दो बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब गौ-तस्करों ने पुलिस से बचने के प्रयास में दो बाइक सवार युवकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में गरनाला निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (25) की आंख पर गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक किसी तरह जान बचाने में सफल रहा। पुलिस द्वारा गौ-तस्करी की सूचना के बाद घेराबंदी की गई थी। इसी दौरान एक पिकअप वाहन में सवार तस्कर पुलिस से बचने के लिए तेजी से भाग रहे थे। घबराहट में उन्होंने रास्ते में आ रहे दो युवकों को पुलिसकर्मी समझ लिया और बिना कुछ सोचे-समझे उन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां सीधे गुरप्रीत सिंह को जा लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, दूसरा युवक इस हमले में सुरक्षित बच निकला और उसने ही घटना की सूचना पुलिस को दी। बताया जा रहा है कि तस्कर थोड़ी दूरी पर गाय और भैंस से लदी पिकअप को छोड़कर मौके से फरार हो गए। वाहन में करीब तीन तस्कर सवार थे। पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में आरोपियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इलाके में दहशत इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। दिन-रात सक्रिय रहने वाले तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ने लगी है जांच में जुटी पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।  

निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सीसी रोड के अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री  साय ने बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित सीसी रोड का तकनीकी परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था की समग्र जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, मानकों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का त्वरित रूप से पुनर्निर्माण कर आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री  साय ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित अन्य निर्माण कार्यों की भी विशेष समीक्षा की जाए, ताकि कहीं और इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई अनिवार्य होगी। उन्होंने  निर्देश दिए कि सतत मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र के माध्यम से विकास कार्यों की विश्वसनीयता एवं टिकाऊपन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है – जनहित के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद अधोसंरचना का लाभ मिल सके।