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सुरक्षा के साए में बंगाल री-पोलिंग, 15 बूथों पर रिकॉर्ड 86.90% मतदान

कोलकाता बंगाल के डायमंड हार्बर व मगराहट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर शनिवार को कड़ी सुरक्षा में पुनर्मतदान हुआ। डायमंड हार्बर के चार (बूथ नंबर 117, 179, 194 व 243) और मगराहाट पश्चिम के 11 (बूथ नंबर 46, 126, 127, 128, 142, 214, 215, 216, 230, 231 व 232) बूथों पर फिर से वोट पड़े। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शाम पांच बजे तक इन 15 बूथों पर कुल 86.90 प्रतिशत मतदान हुआ। मगराहाट पश्चिम में 86.11 प्रतिशत व डायमंड हार्बर में 87.60 प्रतिशत वोट पड़े। चूंकि मतदान जारी था, इसलिए वोट प्रतिशत बढ़ स्वाभाविक है। इन बूथों पर गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद चुनाव आयोग ने वहां नए सिरे से मतदान कराने का निर्णय लिया था। सुबह मतदान शुरू होने के साथ ही इन बूथों के सामने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। फलता में फिर से कराया जा सकता है मतदान वहीं फलता विधानसभा क्षेत्र में भी फिर से मतदान कराने का आयोग निर्णय ले सकता है। इसे लेकर जल्द उच्च स्तरीय बैठक की जाएगी। सीईओ सूत्रों के अनुसार पुनर्मतदान का निर्णय लिए जाने पर आगामी चार मई को उक्त विस क्षेत्र के वोटों की गिनती स्थगित की जा सकती है। मालूम हो कि इस विधानसभा क्षेत्र में भी बूथों में गड़बड़ी की आयोग को कई शिकायतें मिली हैं। फलता में फिर तनाव, तृणमूल पर भाजपा समर्थकों को धमकाने का आरोप इस बीच शनिवार को फलता के कासिमनगर में फिर तनाव फैल गया। तृणमूल पर भाजपा समर्थकों को मारने-पीटने व धमकाने का आरोप लगा है। इसका प्रतिवाद करते हुए भाजपा समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध कर विरोध-प्रदर्शन किया। दूसरी तरफ तृणमूल ने इस आरोप को सिरे से नकारा है। आयोग ने इसे लेकर जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मालूम हो कि फलता में उत्तर प्रदेश के सख्त मिजाज आइपीएस अधिकारी व बंगाल में चुनाव आयोग के पुलिस पर्यवेक्षक अजयपाल शर्मा व यहां से तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी जहांगीर खान के बीच गत मंगलवार को वाकयुद्ध देखने को मिला था। अजयपाल शर्मा ने जहांगीर को डराने-धमकाने से बाज आने की चेतावनी दी थी, इसपर जहांगीर ने पलटवार करते हुए कहा था कि अगर अजयपाल शर्मा 'सिंघम' हैं तो वे भी 'पुष्पा' हैं और किसी के दबाव में नहीं झुकेंगे।

सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर निवेश क्षेत्र तक विकसित होगा एकीकृत इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 मई को इन्दौर में इस परियोजना के प्रथम चरण का भूमि-पूजन करेंगे। यह पहल प्रदेश में अधोसंरचना, उद्योग और शहरी विकास को एकीकृत रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति को स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है। मध्यप्रदेश को सुदृढ़ औद्योगिक आधार और आदर्श निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (IPEC) महत्वपूर्ण साबित होगा। कार्यक्रम में शॉर्ट फिल्म के माध्यम से कॉरिडोर के स्वरूप, संभावनाओं और क्षेत्रीय प्रभावों को दिखाया जाएगा। यह कॉरिडोर इन्दौर एयरपोर्ट के समीप स्थित सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ते हुए एक सुव्यवस्थित औद्योगिक धुरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से न केवल औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स, परिवहन और बाजार तक पहुंच भी अधिक प्रभावी बनेगी। यह परियोजना इन्दौर क्षेत्र में विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स को एकीकृत कर निवेश के लिए एक संगठित और सक्षम वातावरण तैयार करेगी। इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से पीथमपुर निवेश क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को एकीकृत कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। इससे उत्पादन और वितरण तंत्र अधिक प्रभावी बनेगा और उद्योगों के लिए संचालन की प्रक्रिया सरल होगी। यह परियोजना प्रदेश में निवेश प्रवाह को सुदृढ़ करने और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगी। परियोजना की प्रमुख विशेषताएं परियोजना के अंतर्गत सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर निवेश क्षेत्र तक लगभग 20.28 किलोमीटर लंबाई का मार्ग विकसित किया जा रहा है। लगभग 1316 हेक्टेयर क्षेत्र में नियोजित विकास का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए कुल 2360 करोड़ रु. की लागत निर्धारित की गई है। अधोसंरचना के तहत 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क तथा उसके दोनों ओर विकसित होने वाला बफर ज़ोन इस कॉरिडोर को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तार योग्य बनाएगा। यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-47 और राष्ट्रीय राजमार्ग-52 के बीच प्रभावी कनेक्टिविटी स्थापित करते हुए औद्योगिक परिवहन को अधिक सुगम और समयबद्ध बनाएगा। साथ ही, यह परियोजना इन्दौर क्षेत्र में संतुलित शहरीकरण और अधोसंरचना आधारित विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।  

बिहार म्यूजियम की लोकप्रियता बढ़ी, 10 साल में पहली बार टूटा विज़िटर्स का रिकॉर्ड

पटना राजधानी पटना में स्थित बिहार म्यूजियम ने इस साल पर्यटकों की संख्या के मामले में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। म्यूजियम के उद्घाटन के बाद बीते 10 सालों में यह पहला मौका है, जब महज एक साल के भीतर 5 लाख से अधिक पर्यटकों ने यहां का भ्रमण किया है। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अपनी आधुनिक सुविधाओं और बेहतरीन प्रदर्शनी के कारण यह म्यूजियम लोगों की पसंद बनता जा रहा है। पर्यटकों की इस बढ़ती संख्या से राज्य में पर्यटन को भी सकारात्मक बढ़ावा मिल रहा है। कुल आंकड़ा 7 लाख के करीब पहुंचा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में 5 लाख से अधिक आम लोगों ने टिकट लेकर बिहार म्यूजियम का दौरा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर इस 5 लाख की संख्या में वीआईपी (VIP) मेहमानों के विशेष दौरे और म्यूजियम परिसर में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों की भीड़ को भी शामिल कर लिया जाए, तो कुल पर्यटकों का यह आंकड़ा 5 लाख से 7 लाख के बीच पहुंच जाता है। यह पर्यटकों की संख्या पिछले सभी सालों के मुकाबले सबसे अधिक है। प्राचीन कलाकृतियां बनीं मुख्य आकर्षण बिहार राज्य हमेशा से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से काफी समृद्ध रहा है। देश के अन्य राज्यों और विदेश से आने वाले पर्यटक यहां की प्राचीन संस्कृति, सभ्यता और इतिहास को करीब से समझने की इच्छा रखते हैं। बिहार म्यूजियम में बौद्ध धर्म, जैन धर्म, हिंदू धर्म और सिख धर्म से जुड़ी कई प्राचीन और दुर्लभ कलाकृतियां बड़े पैमाने पर मौजूद हैं। आधुनिक तरीके से सुरक्षित रखी गई इन ऐतिहासिक धरोहरों को देखने और अपने इतिहास को जानने के लिए ही पर्यटक इतनी बड़ी संख्या में पटना आ रहे हैं। अपर निदेशक ने बताया बड़ी उपलब्धि इस नई उपलब्धि पर बिहार म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि यह बिहार म्यूजियम के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है कि 10 सालों में पहली बार 5 लाख का आंकड़ा पार हुआ है। उन्होंने कहा कि बिहार ऐतिहासिक दृष्टिकोण से हमेशा से समृद्ध रहा है और यहां मौजूद प्राचीन कलाकृतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आ रहे हैं। इसी का नतीजा है कि इस साल पर्यटकों का आंकड़ा 5 लाख के पार हो गया है। आधुनिक सुविधाओं ने आम लोगों की दिलचस्पी को काफी बढ़ा दिया है।

बिहार कैबिनेट विस्तार पर मंथन: सम्राट चौधरी की अमित शाह से अहम बैठक आज

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार देर शाम दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके इस दौरे को लेकर बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है और मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें जोर पकड़ने लगी हैं। दिल्ली में अमित शाह से होगी मुलाकात दिल्ली पहुंचकर मुख्यमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में बिहार कैबिनेट विस्तार को लेकर अहम चर्चा हो सकती है। रवाना होने से पहले नीतीश से मुलाकात दिल्ली जाने से पहले सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके सात सर्कुलर रोड स्थित आवास पर मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। कैबिनेट विस्तार पर बनी सहमति के संकेत सूत्रों के मुताबिक, जदयू कोटे के मंत्रियों के नाम पर इस मुलाकात में सहमति बन चुकी है। अब भाजपा कोटे के नामों पर दिल्ली में अंतिम चर्चा होने की संभावना है। दो-तीन दिनों में हो सकता है विस्तार राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री के पटना लौटने के बाद दो से तीन दिनों के भीतर मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है। इसको लेकर तैयारियां लगभग पूरी मानी जा रही हैं। जदयू और भाजपा से नए चेहरे संभव बताया जा रहा है कि जदयू कोटे से तीन नए मंत्री शामिल हो सकते हैं, जबकि कई पुराने चेहरों की वापसी भी संभव है। भाजपा की ओर से भी कुछ नए नामों को मौका मिलने की चर्चा है। सहयोगी दलों की भूमिका भी अहम एनडीए के अन्य घटक दलों को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलेगा। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के कोटे से मंत्री के नाम पर भी जल्द फैसला हो सकता है। राजनीतिक पारा चढ़ा, सबकी नजर फैसले पर मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के बाद बिहार की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नई कैबिनेट में किन चेहरों को जगह मिलती है।

JPSC परीक्षाओं में गड़बड़ी से हड़कंप, जिम्मेदारी तय करने के निर्देश

 रांची  राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा हाल में आयोजित परीक्षाओं में व्यापक त्रुटियों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा तथा सहायक वन संरक्षक नियुक्ति मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों में व्यापक त्रुटियों पर चिंता प्रकट करते हुए इसकी जांच का आदेश आयोग को दिया है। साथ ही उक्त प्रकरणों की समुचित जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित करने तथा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। राज्यपाल के निर्देश पर इस संबंध में लोक भवन द्वारा आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखा गया है, जिसमें उक्त परीक्षाओं में हुई त्रुटियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि सहायक वन संरक्षक की मुख्य परीक्षा तथा सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न-पत्रों में त्रुटियों एवं प्रारंभिक रूप से जारी उत्तर-कुंजी में गलत उत्तरों के संबंध में विभिन्न माध्यमों से तथ्य प्रकाश में आए हैं। इस प्रकार की त्रुटियां न केवल अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करती हैं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। ऐसे मामले आयोग की साख पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करते हैं, जो कि अत्यंत ही चिंताजनक है। न हो ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति राज्यपाल ने निदेशित किया है कि उक्त प्रकरणों की समुचित जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित की जाए तथा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रक्रिया में आवश्यक सुधारात्मक एवं सतर्कतापूर्ण उपाय अपनाए जाने पर भी बल दिया है। राज्यपाल ने अपेक्षा व्यक्त की है कि आयोग पारदर्शिता, शुचिता एवं उच्च मानकों को बनाए रखते हुए परीक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करे, जिससे अभ्यर्थियों का विश्वास सुदृढ़ हो सके। क्या है मामला पिछले माह संपन्न सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में शाब्दिक और भाषाई अशुद्धियों की भरमार थी। गलतियां ऐसी थीं, जैसे ऐसा लग रहा था कि प्रश्न तैयार करनेवालों ने आंखें मूंदकर प्रश्नों को तैयार किया हो। प्रश्न तैयार करने में ऐसी-ऐसी अशुद्धियां हुईं, जितनी तीसरी और चौथी कक्षा के छात्र भी नहीं करते। महापुरुषों के नाम भी गलत लिखे गए थे। इसी तरह, 19 अप्रैल को संपन्न सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों में कई शाब्दिक त्रुटियां तो थी हीं, उपस्थिति पत्रक में भी त्रुटि थी। इस परीक्षा के प्रश्नपत्र के बुकलेट नंबर और ओएमआर शीट के नंबर सात अंक में दिए गए थे। दूसरी तरफ उपस्थिति पत्रक में इन नंबरों को दर्ज करने के लिए छह ही बाक्स बने थे। परीक्षा में अभ्यर्थियों ने स्वयं एक अतिरिक्त बाक्स बनाकर उन नंबरों को दर्ज किया। वहीं, झारखंड पात्रता परीक्षा में रांची के जिला स्कूल स्थित केंद्र पर उड़िया विषय के प्रश्नपत्र पठनीय ही नहीं थे। इसी तरह, तथा बोकारो के सरदार पटेल उच्च विद्यालय स्थित केंद्र पर शिक्षा विषय के प्रश्नपत्र पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंचे। इस कारण आयोग को दोनों विषयों की परीक्षा रद करनी पड़ी।

51 हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर पहुँचकर जुटा रहे जानकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में भारत की जनगणना 2027श् के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। 01 मई से शुरू हुआ यह महाभियान 30 मई 2026 तक चलेगा। इस कार्य के लिए राज्य भर में 51 हजार 300 प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो घर-घर जाकर डेटा एकत्रित कर रहे हैं। पहली बार डिजिटल मोड में जनगणना            इस बार की जनगणना ऐतिहासिक है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रश्नों की जानकारी दर्ज करेंगे। प्रशासन सख्त- अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई          प्रशासन ने जनगणना कार्य को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नगर निगम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल आचरण नियमों के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इससे इनकार करना एक दंडनीय अपराध है। उपलब्धियां और उत्साह का वातावरण          दुर्गम क्षेत्रों में मिसाल- बस्तर जिले के तोकापाल तहसील अंतर्गत ग्राम गाटम के प्रगणक ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन कार्य पूर्ण कर राज्य स्तर पर उत्साह का संचार किया। अभियान के पहले दिन ही जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों ने फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण किया और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। स्व-गणना राज्य में डिजिटल साक्षरता का प्रभाव दिखा, जहाँ 16 से 30 अप्रैल के बीच 1 लाख 49 हजार 862 परिवारों ने वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना की। डेटा सुरक्षा और गोपनीयता की गारंटी          जनगणना निदेशालय ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह जानकारी किसी भी टैक्स, पुलिस जांच या कोर्ट केस में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकती। यहाँ तक कि सूचना का अधिकार के माध्यम से भी व्यक्तिगत डेटा प्राप्त नहीं किया जा सकता। इन आंकड़ों का उपयोग केवल राष्ट्र निर्माण और जन कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण हेतु किया जाएगा। नागरिकों से अपील प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि जब भी प्रगणक उनके घर आएं, उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। आपका यह सहयोग केवल जानकारी मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में आपका अमूल्य योगदान है।

तेज आंधी से शिवपुरी में अफरा-तफरी, दीवार ढही, पांच घायल, छत पर खड़ी दो महिलाएं गिरीं

शिवपुरी शिवपुरी में शनिवार की दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में रौद्र रूप दिखा रहा सूरज काले बादलों के बीच छिप गया। इसके बाद जिले भर में आई तेज आंधी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चली तेज आंधी ने शहर भर में आफत मचा दी। प्ले ग्राउंड पर पेड और पत्थर की बाउंड्री गिरने से पांच लोग मलबे में दब कर घायल हो गए। वहीं शहर के दो अलग-अलग हिस्सों में अपने मकानों की छत पर खड़े होकर तेज हवा का आनंद उठा रही एक महिला और एक युवती हवा के तेज झोंके के साथ उड़ते हुए छत से नीचे जमीन पर आकर गिरीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सभी को गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इसके अलावा शहर सहित अंचल में कई पेड़ टूट कर गिर गए, अंचल भर में दर्जनों स्थानों पर बिजली की लाईनें टूट गईं, जिससे ब्लैक शहर में दिन भर ब्लैक आउट के हालात बने रहे। प्ले ग्राउंड की बाउंड्री के नीचे ये दबे      बाउंड्री के यहां मोबाइल कंपनी की नई सिम बेचने व सिम पोर्ट करने वाले युवक पवन पुत्र चरण सिंह रजक उम्र 25 साल निवासी कोठी नंबर 27 व बृजेंद्र उर्फ गोलू पुत्र रामहेत रावत उम्र 27 साल निवासी खुड़ा। दोनों को अंदरूनी चोटें आई हैं, पवन जहां बेहोशी की हालत में आईसीयू में आक्सीजन पर उपचाररत है, वहीं बृजेंद्र की कमर व रीढ़ की हड्डी में चोट बताई जा रही है। वह भी अद्ध बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती है। रन्नौद से उपचार कराने के लिए शिवपुरी आए गिरजेश चंद्र आचार्य आंधी और पानी से बचने के लिए बाउंड्री के किनारे खड़े हुए थे, पेड़ के साथ जमींदोज हुई बाउंड्री के मलवे के नीचे वह दब गए। उनके पैर में कई फ्रैक्चर बताए जा रहे हैं। देवरी राजस्थान से अपनी पत्नी के साथ शिवपुरी घूमने के लिए आया बादल आदिवासी भी प्ले ग्राउंड से पास से गुजर रहा था। इसी दौरान बाउंड्री का एक पत्थर उसके सिर में आकर लगा, जिससे उसके सिर में चोट लग गई और वह मौके पर ही गिरकर बेहोश हो गया। उसके सिर में चोट आई है। एक अन्य युवक की मलवे में गिरकर घायल हो गया, हालांकि उसे बहुत अधिक चोट नहीं आई तो वह प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से चला गया। मौसम का लुत्फ उठाते हुए हवा में उड़ गईं गौशाला निवासी रामदेवी पत्नी अखिलेश लोधी उम्र 23 साल आंधी के दौरान छत पर जाकर खड़ी हो गई और मौसम का लुत्फ लेने लगी। इसी दौरान एक तेज हवा का झोंका आया और रामदेवी को अपने साथ हवा में उड़ता ले गया।      कुछ दूर जाने के बाद वह जमीन पर जा गिरी, जिससे उसके पैर में चोट आई है। अस्पताल में उसके पैर में टांके लगाने के बाद खूब के बहाव को रोका जा सका। पैर में फेक्चर की संभावना बताई जा रही है। यही हाल फतेहपुर क्षेत्र में विद्यापीठ स्कूल के पास रहने वाली अनुरति पुत्री संतोष जाटव उम्र 16 साल के साथ हुआ। वह छत पर से हवा के झोंके साथ उड़ती हुई सीधा जमीन पर आकर गिरी, उसके पैर व कमर में गंभीर चोट बताई जा रही है। कुछ सेकेंड के फेर से टला बड़ा हादसा ग्राम जाफरपुर से कुछ ग्रामीण शनिवार को ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर उनके घर में आयोजित होने वाले किसी समारोह के आयोजन की खरीददारी करने के लिए शिवपुरी आए थे। ग्रामीणों ने अपने ट्रैक्टर-ट्राली पीएम हाउस के परिसर में लगाए और ट्राली से उतरे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान पास लगा एक पेड़ आंधी के झोंकों से टूट कर ट्राली पर जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो अगर कुछ सेेकेंड और ट्राली में सवार लोग नीचे नहीं उतरते तो यह पेड़ उनके ऊपर ही गिरता। लोगों का कहना है कि कुछ सेकेंड के फेर से बड़ा हादसा टल गया। होटल पर गिरा हाईमास्ट, हादसा टला कोलारस में पूरनखेड़ी टोल टैक्स के पास लगा एक हाईमास्ट का पोल आंधी के कारण उखड़ कर जमींदोज हो गया। यह पोल टोल टैक्स के पास बने एक ढाबे पर जाकर गिरा, जिससे ढाबा भी जमींदोज हो गया। इस घटना का सुखद पहलू यह रहा कि हादसे के समय होटल में कोई नहीं था, जिसके चलते काेई भी पोल व ढाबे के मलबे की चपेट में नहीं आया। नरवर के ईमलिया, सिमरिया में लगी आग नरवर क्षेत्र के गांव ईमलिया, सिमरिया और पारागढ़ में तेज आंधी के बीच आग लग गई, जिससे सैंकड़ों बीघा के खेतों में आग लग गई। टीआई नरवर विनय यादव का कहना है कि कुछ किसान खेत में नरवाई जला रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी चल गई और आग आंधी के साथ उड़ती चली गई, जिससे इमलिया, सिमरिया, पारागढ़ तीन गांवों में दर्जनों किसानों के खेतों में भीषण आग गई। कई किसानों के खेतों में रखे भूसे के ढेर धूं-धूं कर जलने लगे। इस आग पर घंटों की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड, स्थानीय किसानों के प्रयास आदि से काबू पाया जा सका।  

महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए Team India तैयार, पूरा स्क्वॉड आया सामने

नई दिल्ली   इंग्लैंड में होने वाले महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए शनिवार को भारतीय महिला टीम का ऐलान हुआ। चयन समिति ने हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा की है। भारत ने टी20 विश्व कप के लिए स्क्वॉड में प्रतिका रावल को जगह नहीं दी है। यास्तिका भाटिया और राधा यादव की वापसी हुई है। तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा और स्पिनर श्री चरणी भी टीम में मौजूद हैं। इसके साथ ही भारतीय टेस्ट टीम भी चुनी गई है, जोकि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेलेगी। टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारतीय महिला टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, श्री चरणी, यस्तिका भाटिया, नंदिनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट के लिए भारत की टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, प्रतीक रावल, श्री चरणी, यस्तिका भाटिया, नंदिनी शर्मा, हरलीन देओल, रेणुका सिंह ठाकुर, क्रांति गौड़, सायाली सतघरे, स्नेह राणा मुंबई में बीसीसीआई ऑफिस में टीम चयन के लिए मीटिंग हुई, जहां पर चीफ सिलेक्टर अमिता शर्मा और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद है। टी20 विश्व कप 2026 इंग्लैंड में 12 जून से 5 जुलाई तक खेला जाएगा। भारत को ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड्स के साथ ग्रुप में रखा गया है। भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 14 जून को खेलेगी।

साहिबगंज फायरिंग केस में दो गिरफ्तार, तीन देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

 साहिबगंज झारखंड के साहिबगंज जिले के जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के अंबाडिया पंचायत के पोलमा गांव में युवक को गोली मारने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. मामला सुलझने के बाद डीएसपी हेडक्वार्टर विजय कुमार कुशवाहा ने थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना और गिरफ्तारी की पूरी जानकारी दी. कैसे हुई घटना ? डीएसपी ने बताया कि 27 अप्रैल की रात करीब 7:30 बजे अनिल बेसरा (26 वर्ष), पिता स्व. नाबू बेसरा, पोलमा गांव निवासी, किसी काम से लौट रहा था. इसी दौरान पहले से घात लगाए तीन-चार अपराधियों ने पीछे से उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस हमले में उसकी पीठ में दो गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. वारदात के बाद अपराधी उसका सामान और मोबाइल लेकर फरार हो गए. इलाज जारी, हालत गंभीर घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल अनिल को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है. फिलहाल उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. एसआईटी का गठन और त्वरित कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई. इस टीम में पुलिस निरीक्षक सह नगर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता, जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी शशि सिंह, सब-इंस्पेक्टर पंकज वर्मा और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे. टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छापेमारी शुरू कर दी. दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने इस मामले में शामिल किशुन हांसदा (55 वर्ष) और भीम हांसदा (लगभग 30 वर्ष), दोनों पोलमा गांव के निवासी को गिरफ्तार कर लिया. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने तीन देसी कट्टा, नौ जिंदा गोली और दो खोखा भी बरामद किए हैं. जमीनी विवाद में रिश्तेदारों ने ही रची साजिश पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह हमला जमीनी विवाद को लेकर किया गया था. चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि पीड़ित के अपने ही रिश्तेदार निकले. पुलिस अब इस पारिवारिक रंजिश के पूरे पहलू को खंगाल रही है. हथियार सप्लाई और मास्टरमाइंड की जांच जारी डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों को हथियार कहां से मिला और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना में कोई और साजिशकर्ता या मास्टरमाइंड तो नहीं है. अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया है. बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है. डीएसपी ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा. जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा.

एनएमडीसी ने 16% की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 27 की मजबूत शुरुआत की

हैदराबाद खनन पावरहाउस एनएमडीसी ने अप्रैल 2026 में लौह अयस्क का 46.4 लाख टन उत्पादन और 36.8 लाख टन बिक्री की है ।  देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क खनन कंपनी ने पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में वित्त वर्ष 27 के पहले महीने में उत्पादन में 16% की वृद्धि दर्ज की है । बैलाडीला लौह अयस्क परियोजनाओं में अपने अब तक के सर्वोत्तम खनन प्रदर्शन के आधार पर एनएमडीसी ने अप्रैल 2026 में अप्रैल माह का अबतक का सर्वोच्च उत्पादन किया है ।  हाल के चार वर्षों के लौह अयस्क उत्पादन को ट्रैक करने पर भारत के लिए 3.9% की नियमित सीएजीआर का पता चलता है । इस पृष्ठभूमि में, एनएमडीसी ने इस उद्योग की वृद्धि से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 6.8% सीएजीआर प्राप्त किया और इस प्रकार उत्पादन के क्रमिक-वृद्धि से अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है । इस उपलब्धि पर  अमिताभ मुखर्जी, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनएमडीसी ने कहा कि, “एनएमडीसी की क्षमताओं और योग्यताओं में विस्तार पूरे जोरों पर है । हमने अपनी रणनीतिक प्रगति को सक्षम बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और आपूर्ति-श्रृंखला एकीकरण में आवश्यक आधारभूत कार्य किए हैं । अप्रैल में 4.6 मिलियन टन से शुरू होकर एनएमडीसी का इस वित्तीय वर्ष के लिए 60 मिलियन टन से अधिक का लक्ष्य है । टीम तैयार है, संरेखित है और विकास के अगले स्तर तक पहुंचने के लिए आश्वस्त है ।” वित्त वर्ष 26 में 53+ मिलियन टन और एनएमडीसी से सकारात्मक प्रारंभिक अपडेट ने भारत के लौह और इस्पात क्षेत्र को और अधिक आशान्वित किया है ।