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बिक्रमगंज की बिस्को इंडस्ट्रीज का अंत, 30 एकड़ का औद्योगिक परिसर खंडहर में तब्दील हुआ

 रोहतास  कभी बिक्रमगंज की पहचान और औद्योगिक शान रहा बिस्को इंडस्ट्रीज अब इतिहास बन चुका है। वर्षों से उपेक्षा और बदहाली झेल रहे इस प्रतिष्ठान को आखिरकार कबाड़ में बेच दिया गया। इसके साथ ही इसके दोबारा चालू होने की बची-खुची उम्मीद भी खत्म हो गई। करीब 30 एकड़ में फैला यह औद्योगिक परिसर कभी सैकड़ों लोगों को रोजगार देता था और इलाके की अर्थव्यवस्था की धुरी माना जाता था। आज यहां सिर्फ जर्जर इमारतें, बंद गोदाम और वीरानी नजर आती है। कभी वीआईपी ठहरते थे, अब खंडहर एक समय ऐसा था जब बिस्कोमान परिसर का निरीक्षण भवन वीआईपी मूवमेंट का केंद्र हुआ करता था। पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह से लेकर कई केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी यहां ठहर चुके हैं। 9 अप्रैल 1984 को तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह ने बिक्रमगंज अनुमंडल का उद्घाटन भी यहीं से किया था। लेकिन आज हालात यह हैं कि परिसर में जब्त ट्रक, पत्थर-गिट्टी और कबाड़ जमा है। कभी यहां जब्त शराब और मांस के विनष्टीकरण जैसी कार्रवाई भी की जाती थी, जिसे बाद में अधिकारियों की आपत्ति के बाद बंद करना पड़ा। आय के स्रोत बंद, हालत बदतर बिस्को इंडस्ट्रीज की आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई। पहले यहां चावल मिल, गोदाम किराया, ब्रान बिक्री और बिस्कोमान भवन से अच्छी आमदनी होती थी। लेकिन चावल मिल बंद होने से ब्रान उत्पादन ठप हो गया। भवन जर्जर होने के कारण यहां अब कोई ठहरता नहीं है। पहले जहां एफसीआई और एसएफसी समेत कई एजेंसियां गोदाम किराए पर लेती थीं। वहीं अब सिर्फ एक गोदाम एसएफसी को किराए पर है। वर्तमान में यहां सीमित स्तर पर केवल रासायनिक खाद की बिक्री हो रही है और महज 3–4 कर्मचारी बचे हैं। सरकारी उपेक्षा से बुझा उद्योग करीब आठ दशक पहले स्थापित यह राइस मिल अपने समय में अत्याधुनिक मानी जाती थी। बताया जाता है कि 1940 के दशक में जापानी तकनीक से इसकी शुरुआत हुई थी। हालांकि बिजली की कमी के कारण यह पूरी तरह स्वचालित रूप से संचालित नहीं हो सका और धीरे-धीरे बंद हो गया। 80 के दशक में सहकारिता नेता स्व. तपेश्वर सिंह के प्रयास से बिस्कोमान ने इसे अधिग्रहित किया। यहां कैटल फीड और साल्वेंट प्लांट जैसी परियोजनाओं की शुरुआत भी हुई, लेकिन उनके निधन के बाद योजनाएं अधूरी रह गईं और उद्योग लगातार गिरावट की ओर बढ़ता गया। हजारों रोजगार की उम्मीद टूटी अगर समय रहते इस उद्योग को पुनर्जीवित किया जाता, तो आज यहां करीब एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता था। स्थानीय लोग मानते हैं कि यह सिर्फ एक फैक्ट्री का बंद होना नहीं, बल्कि पूरे इलाके की आर्थिक संभावनाओं का खत्म होना है। आज बिस्को इंडस्ट्रीज का कबाड़ में बिकना न सिर्फ एक औद्योगिक इकाई का अंत है, बल्कि बिक्रमगंज के स्वर्णिम औद्योगिक अतीत के अंतिम अध्याय का भी समापन है।  

रेलवे विकास योजना: भागलपुर में एफओबी, ड्रेनेज और रूट रिले सिस्टम से बदलेगा स्टेशन

भागलपुर  भागलपुर रेलवे स्टेशन में बड़े पैमाने पर यार्ड आधुनिकीकरण की शुरुआत हो गई है। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 के विस्तार के साथ ही फुटओवर ब्रिज (एफओबी) की सीढ़ियों को चौड़ा किया जा रहा है। एफओबी की एक सीढ़ी को तोड़कर उसके स्थान पर चौड़ी सीढ़ी का निर्माण किया जाएगा। हालांकि इस काम की शुरुआत अप्रैल में करने की योजना थी, लेकिन कुछ तकनीकी खामियों के कारण देरी हुई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्लेटफार्म के विस्तार और यार्ड आधुनिकीकरण का कार्य दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के लिए कुल 20 करोड़ रुपये की राशि भी मंजूर की जा चुकी है। मालदा एडीआरएम ने किया निरीक्षण शनिवार को मालदा एडीआरएम अमरेंद्र कुमार मौर्य अधिकारियों की टीम के साथ भागलपुर पहुंचे और निर्माणस्थल का निरीक्षण किया। यह उनके पद संभालने के बाद पहली बार निरीक्षण था। एडीआरएम ने कहा कि यार्ड का आधुनिकीकरण चरणबद्ध तरीके से होगा। प्लेटफार्म संख्या 2 और 3 का विस्तार कर 23 कोच तक लंबाई बढ़ाई जाएगी। स्टेशन का आधुनिकीकरण ट्रेनों की संचालन क्षमता और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाएगा। यह वीडियो भी देखें दो चरणों में होगा काम यार्ड और प्लेटफार्म के विस्तार का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा।     पहले चरण में: लोहिया पुल की ओर वाले एफओबी की सीढ़ियों की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी।     दूसरे चरण में: नाथनगर छोर वाली सीढ़ियों का काम शुरू होगा। इसके साथ ही प्लेटफार्मों को चौड़ा करने का काम भी धीरे-धीरे शुरू किया जाएगा। एफओबी की चौड़ाई बढ़ाने और प्लेटफार्म विस्तार से यात्रियों की आने-जाने में सुविधा होगी प्लेटफार्म विस्तार से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी वर्तमान में भागलपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2, 3, 5 और 6 की लंबाई कम है, जिससे बड़ी ट्रेनों को प्लेटफार्म 1 और 4 पर ही ठहराया जाता है। प्लेटफार्म दो-तीन के विस्तार और एफओबी की चौड़ाई बढ़ाने के बाद दो नंबर प्लेटफार्म की रेल लाइन को मेन ट्रैक में बदला जाएगा, जिससे ट्रेनें 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर सकेंगी। वर्तमान में ट्रेनें 30 किमी प्रति घंटे की गति से ही प्लेटफार्म पार कर पाती हैं। प्लेटफार्म का विस्तार करने के लिए स्वीच और प्लेटफार्म बदलने होंगे, जिससे स्टेशन में अधिक जगह मिलेगी और ट्रेनों की संचालन क्षमता बढ़ेगी। रूट रिले सिस्टम से ट्रेन संचालन होगा आसान भविष्य में भागलपुर स्टेशन पर रूट रिले सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत सेंट्रलाइज पैनल से ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इस प्रणाली के लागू होने के बाद, स्टेशन के पूर्वी और पश्चिमी पैनल की अलग-अलग मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। स्टेशन मास्टर एक ही पैनल से ट्रेन संचालन और शंटिंग का निर्णय ले सकेंगे। पुराने सिस्टम की जगह सिंगलिंग और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली लागू होगी। सेंट्रलाइज पैनल के लिए दो मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए कुछ रेलवे क्वार्टर तोड़े जाएंगे। यह व्यवस्था भागलपुर-दुमका रेललाइन के दोहरीकरण से भी जोड़ी जाएगी। यार्ड परिसर में ड्रेनेज और नई लाइनों का विकास यार्ड में ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे बरसात में जल जमाव की समस्या खत्म होगी। इसके अलावा बड़हरवा से भागलपुर तक तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। यार्ड के भीतर तीन नए लेवल क्रॉसिंग (एलसी) गेट भी लगाए जाएंगे। सुरक्षा और दुर्घटना रोकने की दृष्टि से यह कार्य अहम माना जा रहा है। इस विकास योजना पर 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे, और राशि मंजूर भी हो चुकी है। माड्यूल होल्डिंग और पार्सल बुकिंग कार्यालय का स्थानांतरण मालदा एडीआरएम ने सर्कुलेटिंग एरिया में माड्यूल होल्डिंग एरिया का निरीक्षण किया। इसके लिए रिजर्वेशन टिकट बुकिंग केंद्र के सामने स्थान चिन्हित किया गया है। होल्डिंग एरिया के निर्माण के लिए रेलवे कर्मियों के क्वार्टर तोड़े जाएंगे, और पार्सल बुकिंग कार्यालय को होल्डिंग एरिया के बगल में शिफ्ट किया जाएगा। बुक किए गए पार्सलों को स्टेशन तक पहुंचाने के लिए लिंक रोड का निर्माण किया जाएगा। होल्डिंग एरिया से प्लेटफार्म तक जाने के लिए फुटओवर ब्रिज का निर्माण होगा। एडीआरएम ने कहा कि नक्शा मंजूर होने के बाद ही काम शुरू किया जाएगा। योजना के अनुसार, इस साल छठ पर्व से पहले कार्य शुरू हो पाएगा

शानदार उपलब्धि: वंदना शिशु शिक्षा निकेतन के विद्यार्थियों ने रचा सफलता का नया इतिहास

शानदार उपलब्धि: वंदना शिशु शिक्षा निकेतन के विद्यार्थियों ने रचा सफलता का नया इतिहास मनेन्द्रगढ़/एमसीबी वनांचल क्षेत्र जनकपुर स्थित वंदना शिशु शिक्षा निकेतन इंग्लिश हायर सेकेंडरी स्कूल का इस वर्ष बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहद उत्कृष्ट और प्रशंसनीय रहा। विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। कक्षा 12वीं में नव्या गुप्ता ने 87% अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया, वहीं अविनाश सोनी और गौरव कुशवाहा ने 73-73%, सिम्मी पांडे ने 72% और स्वाति गुप्ता ने 71% अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसी तरह कक्षा 10वीं में राजेश यादव ने 80% अंक लाकर विद्यालय का नाम रोशन किया, जबकि शैलेन्द्र अहिरवार (70%) और मीनाक्षी सिंह (65%) ने भी सराहनीय सफलता हासिल की। विशेष उल्लेखनीय बात यह रही कि इस वर्ष प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की संख्या काफी अधिक रही, जो विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण और शिक्षकों के समर्पण को दर्शाता है। विद्यालय प्रबंधन ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर प्राचार्य श्रीमती नीरजा सिंह ने विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को इस सफलता का प्रमुख आधार बताया। अभिभावकों ने भी विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए इस शानदार परिणाम पर हर्ष व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व आयोजित आंतरिक परीक्षाओं में भी शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया था, जिसमें सभी सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा शिक्षकों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया। कुल मिलाकर, यह परिणाम न केवल विद्यालय के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गया है।

वास्तु विज्ञान के अनुसार घर के कोनों का सही उपयोग बढ़ाता है सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि

वास्तु विज्ञान के अनुसार, घर की दीवारें और उनके कोने ऊर्जा के सबसे बड़े केंद्र होते हैं. यदि ये कोने खाली, अंधेरे या गंदे हों, तो वहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है. इन कोनों में नकारात्मकता बढ़ने लगती है. जिस तरह शरीर में रक्त का संचार रुकने से बीमारी होती है, वैसे ही कोनों का वास्तु बिगड़ने से घर में कलह और कंगाली आती है. आइए जानते हैं कि कोनों को कैसे सजाएं कि वे आपके लिए सौभाग्य खींचने वाले चुंबक बन जाएं. ईशान कोण उत्तर-पूर्व का कोना खाली रखना सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है. यहां ऊर्जा सबसे शुद्ध होती है, इसलिए यहां मंदिर स्थापित करें या जल से भरा कलश रखें.  इससे घर में सकारात्मक विचारों का संचार होता है.  बच्चों की बुद्धि तेज होती है. नैऋत्य कोण दक्षिण-पश्चिम कोना घर के मुखिया का स्थान है.  इसे खाली छोड़ने से आत्मविश्वास में कमी आती है. यहां भारी सामान या ठोस सजावटी वस्तुएं रखने से जीवन में स्थिरता आती है, इससे घर का नेतृत्व मजबूत बना रहता है. आग्नेय कोण दक्षिण-पूर्व का कोना अग्नि का स्थान है. इसे खाली या ठंडा रखने से घर के सदस्यों में आलस्य बढ़ता है. यहाँ एक लाल बल्ब, किचन या तांबे की वस्तु रखने से उत्साह बना रहता है. इससे आर्थिक तंगी दूर होती है. उत्तर दिशा उत्तर दिशा का कोना खाली रहने पर धन संचय में बाधा आती है. यहां लक्ष्मी-कुबेर की प्रतिमा या हरे पौधे लगाने से आय के नए रास्ते खुलते हैं. यह कोना जितना व्यवस्थित रहेगा, व्यापार और नौकरी में उतनी ही वृद्धि होगी. वायव्य कोण उत्तर-पश्चिम कोना चंद्रमा और वायु से जुड़ा है. इसे खाली छोड़ने से मानसिक अशांति और पड़ोसियों से विवाद हो सकता है.  यहाँ कोई चलती हुई वस्तु (जैसे विंड चाइम) या सफेद शोपीस रखने से समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ता है.

चलती फ्लाइट में इमरजेंसी गेट खुला, यात्री कूदा बाहर

 चेन्नई रविवार तड़के चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस वक्त भारी दहशत फैल गई, जब एक यात्री ने चलती फ्लाइट का आपातकालीन दरवाजा अचानक खोल दिया और बाहर छलांग लगा दी। शारजाह से चेन्नई पहुंची एअर अरेबिया की इस फ्लाइट में 231 यात्री सवार थे। इस दुस्साहसिक और खतरनाक हरकत के कारण विमान में बैठे बाकी यात्रियों की जान हलक में आ गई। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया। यह खौफनाक घटना तब घटी जब विमान लैंडिंग के बाद मुख्य रनवे से हटकर टैक्सीवे (रनवे और टर्मिनल को जोड़ने वाला रास्ता) पर धीमी गति से आगे बढ़ रहा था। तभी अचानक 34 साल के एक पुरुष यात्री ने इमरजेंसी गेट खोला और चलती फ्लाइट से नीचे कूद गया। इस अचानक हुई घटना से विमान में अफरातफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर विमान को रोका और ग्राउंड सुरक्षा टीम को फौरन अलर्ट कर दिया। यात्री ने चलती फ्लाइट से छलांग क्यों लगाई?     शुरुआती जांच में पता चला है कि यात्रा के दौरान इस यात्री की तबीयत काफी खराब हो गई थी।     हवाई अड्डे के अधिकारियों के मुताबिक, यात्री ने फ्लाइट के अंदर घबराहट और उल्टी आने की शिकायत की थी।     बताया जा रहा है कि इमरजेंसी गेट से कूदने से ठीक पहले उसने विमान के अंदर दो बार उल्टी भी की थी।     माना जा रहा है कि इसी भारी बेचैनी और खराब तबीयत के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत क्या कार्रवाई की? पायलट की सूचना मिलते ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान तुरंत उस जगह पहुंच गए जहां विमान रुका था। हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ बम निरोधक दस्ता भी तुरंत विमान के पास पहुंच गया था। सुरक्षाकर्मियों ने बिना देरी किए उस यात्री को पकड़ लिया और उसे फौरन अपनी हिरासत में ले लिया। पायलट ने इस पूरी घटना को लेकर एक औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है, जिसके बाद यात्री को आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है। एयरपोर्ट के कामकाज पर क्या असर पड़ा? इस हाई वोल्टेज ड्रामा के कारण चेन्नई एयरपोर्ट का सामान्य कामकाज कुछ समय के लिए बुरी तरह प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 03:23 बजे से 04:23 बजे तक मुख्य रनवे को पूरी तरह से बंद रखा। इस एक घंटे के दौरान आने वाली अन्य सभी उड़ानों (फ्लाइट्स) को एयरपोर्ट के दूसरे (सेकेंडरी) रनवे की तरफ मोड़ दिया गया। चेन्नई एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि इस घटना में विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और बाकी सभी यात्री सुरक्षित हैं। गिरफ्तार किया गया यात्री कौन? भले ही अभी तक यात्री की पूरी पहचान आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि वह तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई जिले का रहने वाला है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब विमानन सुरक्षा नियमों (एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल) के उल्लंघन के इस बेहद गंभीर मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारी उस यात्री से लगातार पूछताछ कर रहे हैं और घटना की असली वजह जानने की कोशिश में जुटे हैं। इसके साथ ही, डॉक्टरों की एक टीम उस यात्री की मानसिक स्थिति (मेंटल कंडीशन) की भी जांच कर रही है, ताकि यह समझा जा सके कि उसने ऐसा खतरनाक कदम क्यों उठाया।

कलम की आज़ादी ही लोकतंत्र की मजबूती : विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर अधिवक्ता संजय गुप्ता का संदेश

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अधिवक्ता संजय गुप्ता ने क्षेत्र के सभी पत्रकार बंधुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक सशक्त और आधारभूत स्तंभ है, जो समाज को सही दिशा देने के साथ-साथ सत्य को उजागर करने और आमजन तक सटीक जानकारी पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य करती है।उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और सशक्त लोकतंत्र के निर्माण में स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत अहम होती है। पत्रकार न केवल समाज की समस्याओं को उजागर करते हैं, बल्कि उनके समाधान की दिशा में भी जनजागरूकता लाने का कार्य करते हैं। यही कारण है कि पत्रकारिता को राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। अधिवक्ता संजय गुप्ता ने आगे कहा कि आज के दौर में पत्रकारों के समक्ष कई चुनौतियाँ हैं, बावजूद इसके वे निर्भीकता और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, जो सराहनीय है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि निष्पक्ष, निर्भीक और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।अंत में उन्होंने कहा कि "कलम की आज़ादी ही लोकतंत्र की मजबूती है", और इसी भावना के साथ हमें पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखते हुए समाज और देश के हित में कार्य करना चाहिए।

उसलापुर में ऐतिहासिक ‘श्रमोत्सव’: 13 साल बाद गुड्स शेड पुनरुद्धार की घोषणा, हजारों श्रमिकों की मौजूदगी

उसलापुर में ऐतिहासिक ‘श्रमोत्सव’: 13 साल बाद गुड्स शेड पुनरुद्धार की घोषणा, हजारों श्रमिकों की मौजूदगी विधायक धरमजीत सिंह बोले— “श्रमिक का पसीना राष्ट्र निर्माण की नींव”; साइडिंग को पूर्ण क्षमता से शुरू करने का ऐलान बिलासपुर  अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर उसलापुर गुड्स शेड वेलफेयर ट्रक ओनर एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित भव्य ‘श्रमोत्सव’ ने बिलासपुर के औद्योगिक परिदृश्य में नई ऊर्जा का संचार किया। इस अवसर पर हजारों श्रमिकों, ड्राइवरों और ट्रक मालिकों की उपस्थिति के बीच तखतपुर विधायक ठाकुर धरमजीत सिंह ने वर्ष 2013 से बंद पड़े उसलापुर गुड्स शेड को पुनः पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने की घोषणा की। विधायक ठाकुर धरमजीत सिंह ने कहा कि उसलापुर रेलवे साइडिंग केवल एक लोडिंग पॉइंट नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक धुरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय कर शेड निर्माण, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली और श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जाएगा। संरक्षक नरेश अग्रवाल ने श्रमिक एकता की ताकत पर बल देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है—अधिकार संघर्ष से ही प्राप्त होते हैं। अध्यक्ष ईश्वर सिंह चंदेल ने श्रमिकों को “रेलवे सैनिक” बताते हुए अनिवार्य दुर्घटना बीमा और ईएसआई जैसी सुविधाओं की मांग रखी। नेता जीत सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि लंबे संघर्ष का परिणाम है और अंतिम श्रमिक तक लाभ पहुंचाना ही उनका लक्ष्य है। एकता और भाईचारे का संदेश हाजी सैयद राशिद अली ने कहा कि श्रमिक का पसीना धर्म से परे होता है और यही एकता क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इम्तियाज अली (राजू नाज) ने श्रमिक एकजुटता को शोषण के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार बताते हुए हर संघर्ष में साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया। सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और विकास की रूपरेखा सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) सदस्य डॉ. दीपक जायसवाल ने EPF और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी। वहीं पार्षद प्रतिनिधि संजय सिंह ने क्षेत्र में सड़क, बिजली और स्वच्छता जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात कही। कार्यक्रम में अशोक श्रीवास्तव, इस्माइल भाई, राजू खान, डब्लू राना, राजू बाली, मिर्जा आरिफ बेग, शशिम खान, मंजीत सिंह, रामकिशोर यादव ‘उक्कू’, हाजी मो. अकबर बक्शी, सरदार परमजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, राजेश टंडन, बिहारी लाल, राजेंद्र कौशिक, सलाम अली, धीरज यादव, सलीम भाई, महावीर सिंह, गुड्डू झा, अजयपाल सिंह, पंकज सिंह, रामसिंह यादव, संतोष कौशिक, महेन्द्र सिंह छाबड़ा, विशाल मरावी, अजय अग्रवाल और बंटी छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में श्रमिक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

नीदरलैंड की राजकुमारियों के खिलाफ फिर हत्या की साजिश, ‘नाजी’ कनेक्शन से यूरोप दहला

एम्सटर्डम नीदरलैंड की राजकुमारी के खिलाफ एक बार फिर हत्या की साजिश रची जा पही थी. 22 साल की राजकुमारी कैथरीना अमालिया और 20 साल की राजकुमारी एलेक्सिया पर हमले की तैयारी थी. पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस को शक है कि आरोपी नाजी विचारधारा से प्रेरित है।  हालांकि, अभी तक इस साजिश के पीछे के असली मकसद का पता नहीं चल पाया है. द हेग लोक अभियोजक कार्यालय के मुताबिक, आरोपी को  अदालत में पेश किया जाएगा।  संदिग्ध को फरवरी में द हेग से गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से दो कुल्हाड़ियां बरामद हुई हैं, जिन पर 'एलेक्सिया', 'मोसाद' और नाजी काल का नारा 'सीग हेल' खुदा हुआ था।  इसके अलावा, पुलिस को संदिग्ध के पास से एक हाथ से लिखा हुआ नोट भी मिला है. इस नोट पर दोनों राजकुमारियों के नाम के साथ 'ब्लडबाथ' शब्द लिखा था।  पहले भी राजकुमारी अमालिया के खिलाफ रची गई साजिश भविष्य की डच रानी, राजकुमारी अमालिया पहले भी कई बार खतरों का सामना कर चुकी हैं. ड्रग गिरोहों पर उनके और पूर्व प्रधानमंत्री मार्क रुट के अपहरण की साजिश रचने का आरोप लग चुका है. सुरक्षा कारणों से उन्हें 2022 में एम्स्टर्डम में अपना हॉस्टल भी छोड़ना पड़ा था. इसके बाद उन्हें द हेग के महल में रहना पड़ा।  आम जिंदगी चाहती हैं राजकुमारी अमालिया अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए अमालिया ने 2024 में गुपचुप तरीके से स्पेन के मैड्रिड में समय बिताया था. राजकुमारी अमालिया ने सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण होने वाली परेशानियों पर खुलकर बात की है. उन्होंने कहा, 'मुझे आम जिंदगी, एक स्टूडेंट की जिंदगी की याद आती है. सड़कों पर टहलना और दुकान पर जाना।  उनकी मां, रानी मैक्सिमा ने भी कहा है कि इन खतरों का उनकी बेटी की जिंदगी पर बहुत गहरा असर पड़ा है और वो अपनी मर्जी से बाहर नहीं निकल सकतीं। 

सिस्टम फेल या दबाव ज्यादा? स्लॉट बुकिंग अटकी, 44 हजार किसान शेष, डेडलाइन 23 मई

सागर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में जैसे-जैसे तेजी आ रही है, वैसे ही किसानों की समस्याएं भी बढ़ रहीं हैं। पिछले 3 दिनों से किसान स्लॉट बुकिंग से परेशान हैं। पूरे दिन सर्वर समस्या से स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। कई किसान रात-रात भर जागकर मोबाइल से स्लॉट बुकिंग का प्रयास कर रहे हैं। जिले में अब तक मात्र 16590 किसान ही गेहूं बेच पाए हैं और 33272 के स्लॉट बुक हो पाए हैं। वहीं 44 हजार से अधिक किसान के स्लॉट बुक नहीं हुए हैं। स्लॉट बुकिंग की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 से बढ़ाकर 23 मई कर दी है। इस बार 4 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य बीते साल जिले से 3 लाख 44 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, लेकिन इस बार सरकार ने जिले से 4 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है, जबकि अभी मात्र 66 हजार मीट्रिक टन ही खरीदी हो पाई है। बारदाना की कमी दूर करने 11 हजार बारदाना गठान होने का दावा प्रशासन कर रहा है, इससे करीब 2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सकेगा। मौसम ने बढ़ाई चिंता, खुले में रखा है अनाज गुरुवार को हुई बूंदाबांदी और बदलते मौसम के कारण जिला प्रशासन की चिंताएं बढ़ गईं हैं। खरीदी केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नीचे है, इससे अनाज भीगने की आशंका बनी हुई है। हालांकि नागरिक आपूर्ति निगम का कहना है कि 176 केंद्रों में से 116 केंद्र गोदाम स्तरीय हैं, 11 केंद्र मंडी में बनाए गए हैं। सिर्फ 45 केंद्र समितियां चला रहीं हैं, वहां भी पानी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम हैं। केंद्रों से 39001 मीट्रिक टन अनाज परिवहन कर लिया गया है, जबकि 52130 मीट्रिक टन रेडी टू ट्रांसपोर्ट कैटेगरी में रखा गया है। 175.18 में से 17.40 करोड़ रुपए किसानों को भुगतान हो गए। खरीदी केंद्रों पर गेहूं उपार्जन जारी है, एक-दो दिन से सर्वर की वजह से स्लॉट बुकिंग की जो समस्या आई है, लेकिन गुरुवार को ही 1500 से अधिक स्लॉट बुक हुए हैं। गुरुवार को भैंसवाही व रहली रोड के खरीदी केंद्र से बूंदाबांदी की सूचना आई थी, लेकिन वहां भी अनाज को बचाने के पर्याप्त इंतजाम थे। बारिश से नुकसान की कोई सूचना नही है।- ज्योति बघेल, अधिकारी जिला आपूर्ति निगम।

उभरते खिलाड़ियों का संगम: करनाल में 2600 प्रतिभाएं खेल महाकुंभ में बहा रहीं पसीना

करनाल. इस बार जिले में खेल नर्सरियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इससे खेल प्रतिभाओं को निखारने का पूरा मौका मिलेगा। पिछले साल जहां जिले में 86 नर्सरियों में 2150 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे थे, वहीं इस बार 104 नर्सरियों में करीब 2600 खिलाड़ी अभ्यास करेंगे। अभ्यास प्रक्रिया शुरू हो गई है। आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष 53 सरकारी और 30 निजी नर्सरियां जिले में चल रही थीं, जबकि इस बार निजी नर्सरियों की संख्या बढ़कर 74 हो गई है और सरकारी नर्सरियां 30 ही हैं। इस प्रकार कुल 28 नर्सरियों की वृद्धि हुई है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। प्रत्येक नर्सरी में एक कोच की नियुक्ति की गई है। जिनमें निजी नर्सरियों के कोच को प्रति माह 25 हजार रुपये वेतन दिया जाता है, जबकि खिलाड़ियों को 1500 से 2 हजार रुपये प्रतिमाह डाइट भत्ता प्रदान किया जाता है। यह राशि खिलाड़ियों व कोचों के खाते में डायरेक्ट आती है। इससे खेल नर्सरियों की बढ़ती संख्या से अधिक से अधिक युवा खेलों की ओर आकर्षित होंगे और भविष्य में जिले का नाम राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे। इस साल का सत्र भी शुरू हो गया है और खिलाड़ी निरंतर अभ्यास के लिए आ रहे है। जून-जुलाई महीने में आयोजित होने वाली जिला व प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयारी शुरु कर दी है। सभी कोच निरंतर खिलाड़ियों का प्रशिक्षण दे रहे है। पिछले साल के मुकाबले बढ़ी नर्सरियों की संख्या जिला खेल अधिकारी सत्यवीर पोसवाल ने बताया कि हमें पिछले साल के मुकाबले अधिक नर्सरियां मिली हैं। सभी खेल नर्सरियों को शुरू कर दिया गया है, ताकि खिलाड़ी निरंतर अभ्यास कर सके। पिछले साल जिले को 86 नर्सरियों मिली थी। जिले में खेल नर्सरी और उनका स्थान खेल का नाम     खेल नर्सरी केंद्र (स्थान) वॉलीबाल     राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रायपुर रोडान, ग्राम पंचायत उपलानी, शाहपुर, हेमदा, गांव बस्तली, पुंडरक, गगसीना, गुढ़ा, चोरकारसा, नलवी खुर्द, जीएसएसएस ब्रास, दादूपुरा रोडान, गवर्नमेंट हाई स्कूल कलामपुरा, ग्राम पंचायत बड़ा गांव। कुश्ती     पीएमश्री जीएसएसएस असंध, गांव मंगलौरा, गवर्नमेंट हाई स्कूल रायपुर रोडान, ग्राम पंचायत मूनक, जीएसएसएस इशाक। हैंडबाल     जीएसएसएस बड़ौता, पीएमश्री जीएसएसएस नीलोखेड़ी, जीएसएसएस सारसा। फुटबाल     नीलोखेड़ी वार्ड नं 4 खेल मैदान, डीएवी पुलिस लाईन करनाल, गांव पींगली, जीएसएसएस खेड़ी नरू, जीएसएसएस सीकरी, पीएम श्री जीएसएसएस कुंजपुरा, ग्राम पंचायत बढ़ी, विवेकानंद विद्यालय निकेतन असंध। मुक्केबाजी     हसनपुर स्टेडियम, ग्राम पंचायत शेखपुरा जागीर, पीएमश्री स्कूल जवाहर विद्यालय सग्गा, गवर्नमेंट मिडिल स्कूल रांवर, संत कबीर स्कूल ग्राउंड। कबड्डी     गवर्नमेंट मिडिल स्कूल कैरवाली, जीएसएसएस रायपुर जाटान, पीएमश्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल असंध, जीएसएसएस अमृतपुर कलां, गांव सालवन, ग्राम पंचायत मोर माजरा, जीएसएसएस मिर्जापुर। बास्केटबाल- जीएसएसएस मंजूरा, जीएसएसएस मॉडल टाउन करनाल, पीएम श्री कुटैल, गांव बदराना। ताइक्वांडों     जीजीएमएसएसएस रेलवे रोड करनाल। व्यायाम (Athletics/Exercise)     ग्राम पंचायत कालरों, गांव ऊंचा समाना, जीएसएसएस ऊंचाना, गुरुनानक गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ग्राम पंचायत गंगाटेहड़ी, पनौड़ी खेल स्टेडियम, ग्राम पंचायत इंद्रगढ़, ग्राम पंचायत काछवा, जीएसएसएस रामसरन माजरा, ग्राम पंचायत बड़ा गांव। खेल का नाम     खेल नर्सरी केंद्र (स्थान) टेबल-टेनिस     गवर्नमेंट हाई स्कूल, जयसिंहपुरा कराटे     गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, इंद्री वुशु     गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल धेरुमाजरा, खेल परिसर ऊंचा समाना, ग्राम पंचायत दादूपुर, मलिकपुर जूडो     ग्राम पंचायत बल्ला, गांव मानपुरा, स्वामी अमर देश आदर्श पब्लिक स्कूल (गांव गोंदर) हाकी     ग्राम पंचायत काछवा साइक्लिंग     गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल अमीन, ग्राम पंचायत बालू, ग्राम पंचायत समाना बाहु बैडमिंटन     कर्ण स्टेडियम, करनाल लॉन टेनिस     कर्ण स्टेडियम, करनाल योगा     ग्राम पंचायत डबरी शूटिंग     आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, असंध जिमनास्टिक     जीएसएसएस ठस्का मीरांजी केनोइंग     ग्राम पंचायत बुढनपुरा तलवारबाजी     ग्राम पंचायत पिंगली