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दिल्ली के विवेक विहार में AC ब्लास्ट से बड़ा हादसा! 9 लोगों की मौत, जानें कैसे होता है AC में आग लगने का खतरा

दिल्ली के विवेक विहार स्थित एक घर में आग लग गई. आग लगने की वजह एयर कंडीशनर (AC) ब्लास्ट को बताया गया है, जिसकी वजह से घर में मौजूद 9 लोगों की मौत हो चुकी है. कई लोग बुरी तरह से झुलस गए. फायर कर्मी ने बताया है कि सुबह करीब 3:47 बजे सूचना मिली थी. इसके बाद मौके पर 14 फायर टेंडर पहुंचीं और आग बुझाने का काम किया. शुरुआत जांच में बताया गया है कि आग लगने की वजह AC में ब्लास्ट बताया है. आजकल गर्मी से राहत पाने के लिए बहुत से लोग घरों में AC का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि AC ब्लास्ट होने के मुख्य कारण क्या है और उनसे बचाव कैसे किया जा सकता है. AC में ब्लास्ट या आग लगने के 5 बड़े कारण AC में इलेक्ट्रिक शॉट सर्किट गर्मी से राहत पाने के लिए बहुत से लोग AC का यूज करते हैं. ऐसे में AC अगर कई घंटे चल रही है और इलेक्ट्रिक तार लूज है या खराब क्वालिटी का है, तो उसमें शॉट सर्किट हो सकता है, जिसकी वजह से आग लगती है. बचाव के लिए जरूरी है कि AC सर्विसिंग कराने के साथ-साथ इलेक्ट्रिशियन से तार भी चेक करा लें. ओवरलोड या फ्लक्चुएशन AC में आग लगने का दूसरा सबसे बड़ा और अहम कारण इलेक्ट्रिक वॉल्टेज का फ्लक्चुएट होना है. इसकी वजह से AC के पार्ट्स खराब या जल जाते हैं. AC में लगने वाली आग मिनटों में पूरे घर में फैल जाती है.  वॉल्टेज फ्लेक्चुएशन से AC को बचाने के लिए स्टेबलाइजर का यूज जरूर करें. AC में धूल और गंदगी होना AC के अंदर एक बड़ा मैकेनिज्म होता है, जिसको ठंडा करने के लिए पंखा भी लगा होता है. कई AC काफी गंदे होते हैं और उनपर ढेर सारी धूल मिट्टी जमा होती है. ऐसे AC में आग लग जाती है. बचाव के लिए जरूरी है कि AC को रेगुलर क्लीन कराएं. सस्ते पार्ट्स का इस्तेमाल AC में आग लगने की एक अन्य वजह खराब क्वालिटी के पार्ट्स भी होते हैं. अगर AC रिपेयरिंग के दौरान घटिया क्वालिटी के पार्ट्स का यूज होते हैं, तो उसकी वजह से भी आग लग सकती है. ये बहुत जानलेवा हो सकती है. खराब इंस्टॉलेशन या मेंटेनेंस लोकल मेकेनिक के द्वारा अगर खराब तरीके से इंस्टॉलेशन होती है, उसकी वजह से भी AC में आग लग सकती है. इसलिए जरूरी है कि कंपनी के मैकेनिक से काम करना चाहिए, जिनको खासतौर से ब्रांड ट्रेनिंग देता है. 

आंधी, बारिश और ओलों का कहर: कई राज्यों में मौसम ने लिया अचानक यू-टर्न

देहरादून/चंडीगढ़/लखनऊ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ली है। रविवार सुबह से ही इन क्षेत्रों में तेज आंधी और झमाझम बारिश का दौर जारी है। कई जगहों पर दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उत्तराखंड में आज सुबह से मौसम खराब है। राजधानी देहरादून में अचानक अंधरा छा गया और झमाझम बारिश शुरू हो गई और जमकर ओलावृष्टि हुई। वहीं, आस पास के इलाकों में भी बारिश से तापमन में गिरावट आई है। प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दून समेत कई जिलों में चार और पांच मई के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में बारिश और बिजली चमकने की संभावना है। इसके अलावा 4000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का भी अनुमान है जबकि प्रदेश के सभी जिलों में कहीं-कहीं बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में बदला मौसम का मिजाज पंजाब में रविवार की छुट्टी का आगाज सामान्य उजाले के साथ नहीं, बल्कि काले घने बादलों के पहरे के साथ हुई। आसमान में उमड़े बादलों ने ऐसा डेरा डाला कि सुबह के वक्त ही रात जैसा नजारा बन गया। सड़कों पर गाड़ियों को हेडलाइट्स जलाकर चलना पड़ा। 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएंमौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने लगीं। बादलों की कड़कड़ाहट और बिजली की चमक के बीच शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। हरियाणा में अचानक मौसम बदला पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली है। रविवार सुबह अंबाला और यमुनानगर में आए कुदरत के इस बदलाव ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज आंधी और धूल के गुबार के कारण सुबह के समय ही सड़कों पर अंधेरा छा गया, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंबाला में 40 किमी की रफ्तार से चली हवाएं अंबाला में सुबह लगभग पौने आठ बजे अचानक मौसम बदल गया। करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने शहर में अफरा-तफरी मचा दी। आंधी इतनी जोरदार थी कि कई घरों की छतों पर रखा सामान उड़ता हुआ दिखाई दिया। आंधी के कुछ ही देर बाद गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यमुनानगर में धूल के गुबार से दिन में हुआ 'रात' का अहसास यमुनानगर में सुबह 8:15 बजे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। तेज आंधी के कारण चारों तरफ धूल का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई। आसमान में काले बादलों के जमावड़े के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया और लोगों को घरों व वाहनों की लाइटें जलानी पड़ीं। यहां भी तेज आंधी के बाद झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जो खबर लिखे जाने तक जारी था। यूपी के रायबरेली में पड़े ओले यूपी में मौसम एक बार फिर से पलट गया है। मौसम विभाग के अनुसार चार मई से प्रदेश के कई जिलों में बरसात होनी थी लेकिन दो मई की रात से ही अवध के कई जिलों में अच्छी बरसात हुई। सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, अमेठी, रायबरेली सहित कई जिलों में रविवार की सुबह हल्की बरसात हुई। इसके पहले शनिवार की शाम को भी इन इलाकों में हल्की बारिश की खबरें थीं। वहीं, रायबरेली शहर के कई हिस्सों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।

रायपुर में IPL का रोमांच, आज से मिलेंगी मैच की टिकटें

रायपुर क्रिकेटर लवर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. रायपुर के शहीद वीर नारायण अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इस साल दो आईपीएल मैच होने वाले हैं. पहला मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और मुंबई इंडियंस के बीच होने वाला है. इस मैच के टिकटों की ऑनलाइन बिक्री आज से https://shop.royalchallengers.com/ticket पर शुरू होने वाली है. आरबीसी ऑफिशियल्स की ओर से बताया गया कि टिकट केवल आधिकारिक आरसीबी वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध हैं. अनौपचारिक प्लेटफॉर्म या वेबसाइटों को टिकट बेचने का दावा करने वाले लोगों से बचने, आधिकारिक वेबसाइट और ऐप पर निर्भर रहने की सलाह दी गई है. एम-टिकट विवरण एम-टिकट में महत्वपूर्ण विवरण जैसे प्रवेश द्वार, आंतरिक द्वार, स्टैंड, पंक्ति और सीट नंबर शामिल होंगे. स्टेडियम के प्रवेश द्वार को खोजने के लिए, स्टेडियम मैप और स्टैंड इंडेक को देख सकते हैं. वहीं बाहर आने के लिए उन्हें इंतजार नहीं करना चाहिए. मैप में स्टैंड नाम, पार्किंग जोन, रैंप, द्वार, मेडिकल कमांड सेंटर और एम्बुलेंस स्थान शामिल हैं, जो आपको आसानी से नेविगेट करने में मदद करेंगे. स्टेडियम पहुंचने से पहले अपने स्टैंड और संबंधित प्रवेश द्वार के डिटेल्स की जांच कर लें.   बता दें कि 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) vs मुंबई इंडियंस और 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा. दोनों मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे. अब तक अपडेट के मुताबिक आरसीबी की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां 6 दिन तक रहेगी. टीम मैदान पर प्रैक्टिस भी करेगी. मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है. 2 हजार का हो सकता सबसे सस्ता टिकट टिकट आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऑनलाइन बुक किए जाएंगे। सबसे सस्ती टिकट ₹2000 की होगी। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक की कैटेगरी में होगी। इसके अलावा प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं। अब दर्शक खिलाड़ियों को बिना किसी रुकावट के और करीब से देख सकेंगे।

फ्लाइट्स में कटौती की तैयारी, एयर इंडिया घटाएगी सुविधाएं – यात्रियों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली मौजूदा संकट के बीच एयर इंडिया की तरफ से ग्राहकों को बड़ी राहत दी जा सकती है। एयर इंडिया छोटी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स में भोजन की व्यवस्था वैकल्पिक बनाने का विचार करने जा रहा है। ऐसे में अगर कोई पैसेंजर खाना का विकल्प नहीं चुनता है तब की स्थिति में टिकट का किराया 250 रुपये तक कम हो सकता है। दी टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार एयर इंडिया मौजूदा परिस्थितियों से निपटने के लिए अन्य कई फैसले ले सकती है। कंपनी में इसको लेकर काफी मंथन चल रहा है। एक सुविधा देने पर विचार कर रही है कंपनी रिपोर्ट के अनुसार खाना का चयन ना करने पर पैसेंजर्स को सस्ता एयर इंडिया का टिकट मिल जाएगा। कंपनी इसके अलावा बिजनेस क्लास के पैसेंजर्स के लिए लाउंज एक्सेस अनबंडलिंग करने की तैयारी भी कर रही है। मौजूदा समय में लाउंज ऑपरेटर्स मेट्रो सिटी में 1100 रुपये से 1400 रुपये तक और नॉन मेट्रो शहर में 600 रुपये से 700 रुपये तक वसूल रहे हैं। औसतन 1000 रुपये एक लाउंज एक्सेस पर खर्च होता है। बहुत से बिजनेस क्लाइस की फ्लाइट्स काफी तेजी के ऑपरेट होती हैं। ऐसे में कई बार पैसेंजर एयरपोर्ट पर लाउंज एक्सेस नहीं कर पाते हैं। ऐसे में यह सुविधा अगर हटती है तो टिकट का किराया कम हो जाएगा। मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के अनुसार, “एयर इंडिया पहले दिन से ही भोजन को टिकट में जोड़ती आ रही है। लेकिन अब एविएशन टरबाइन फ्यूल का रेट बढ़ने और रुपये की कीमत घटने की वजह से हवाई जहाज का रेट बढ़ गया है। भारत एक प्राइस सेसंटिव देश है। ऐसे में कीमतें अधिक होने की स्थिति में पैसेंजर्स ट्रेन या रोड का विकल्प चुन सकते हैं। जिसकी वजह से कंपनी इस भोजन की व्यवस्था पर विचार कर रही है।” जुलाई से एयर इंडिया की इंटरनेशनल फ्लाइट्स में होगी कटौती पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार एयर इंडिया जुलाई के महीने से इंटरनेशनल फ्लाइट्स में कटौती करेगा। कंपनी बढ़ते तेल के खर्च और हवाई पाबंदियों की वजह से यह फैसला लेने के लिए मजबूर है। मौजूदा समय में एयर इंडिया घाटे में चल रही है। वित्त वर्ष 2026 में एयर इंडिया को 22000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। शुक्रवार को कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव और एमडी Campbell Wilson ने कहा, “हमने ने अप्रैल और मई के महीने में कुछ फ्लाइट्स की कटौती की है। इसके पीछे की वजह बढ़ता तेल का खर्च और एयरस्पेस की पाबंदियां हैं। जिसके कारण हमारी इंटरनेशनल फ्लाइट्स मुनाफा नहीं कमा पा रही हैं।”

करनाल के इंडस्ट्रियलिस्ट्स का सरकार को सुझाव: ‘मेक इन हरियाणा 2026’ में संपदाओं के एकीकरण पर जोर

करनाल. हरियाणा सरकार द्वारा आगामी मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति- 2026 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य को औद्योगिक केंद्र बनाने के विजन के साथ तैयार किए जा रहे। इस मसौदे पर हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं। इसी कड़ी में करनाल कृषि उपकरण निर्माता संघ (पंजीकृत) काइमा और औद्योगिक विकास निगम कल्याण संघ ने सरकार को महत्वपूर्ण नीतिगत सुझाव भेजकर औद्योगिक संपदाओं के प्रबंधन में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की अपील की है। नीति के दायरे को व्यापक बनाने पर जोर काइमा के अध्यक्ष मनीष गाबा और औद्योगिक विकास निगम कल्याण संघ के अध्यक्ष राज बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि सरकार की प्रस्तावित पहल स्वागत योग्य है, लेकिन इसके लाभ का दायरा केवल उद्योग विभाग तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, औद्योगिक नीति के खंड 14.4.6 में उन संपदाओं को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए, जो पूर्व में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की गई थीं और अब हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित या हस्तांतरित कर ली गई हैं। आइडीसी और एचएसवीपी आवंटियों की साझा कठिनाइयां एसोसिएशन के महासचिव अक्षय कटारिया द्वारा दिए गए सुझावों में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में उद्योग विभाग द्वारा विकसित औद्योगिक विकास कालोनी और एचएसवीपी से हस्तांतरित संपदाएं एचएसआइआइडीसी की संपदा प्रबंधन प्रक्रिया के अधीन आती हैं। इन संपदाओं के मालिकों को अपने आवंटन पत्र की शर्तों और औद्योगिक प्रबंधन को लेकर कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि नई नीति में एचएसवीपी द्वारा विकसित क्षेत्रों को भी आईडीसी के समान श्रेणी में शामिल किया जाता है, तो सैकड़ों उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी और प्रशासनिक बाधाएं दूर होंगी। नई नीति से औद्योगिक विकास को लगेंगे पंख उद्यमियों का मानना है कि मेक इन हरियाणा नीति का वास्तविक लाभ तभी मिल सकता है जब सभी औद्योगिक क्लस्टर एक समान नियमों के तहत काम करें। यह है संघ की मांग उद्योग विभाग द्वारा विकसित आइडीसी को उनके आवंटन पत्र की मूल शर्तों के तहत नीति में जगह मिले। एचएसआइआइडीसी द्वारा अधिग्रहित पुरानी संपदाओं के लिए नियम सरल किए जाएं। प्रस्तावित नीति निवेश और रोजगार के साथ-साथ ईज आफ डूइंग बिजनेस के मूल मंत्र पर आधारित हो। बता दें कि सरकार ने नीति का मसौदा सार्वजनिक कर उद्योगपतियों से इनपुट मांगे हैं। करनाल के इन प्रमुख औद्योगिक संघों द्वारा दिए गए सुझावों पर अब राज्य स्तर पर चर्चा होने की उम्मीद है। यदि सरकार इन सुझावों को स्वीकार करती है, तो यह प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

चुकंदर का जूस हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं! इन लोगों के लिए बन सकता है खतरनाक

आजकल लोग अपनी फिटनेस का खास ख्याल रखने लगे हैं और इसी वजह से जिम जाने वाले और हेल्थ कॉन्शियस लोग सब्जियों का जूस अधिक पीने लगे हैं. इसी कड़ी में सुबह-सुबह हेल्दी ड्रिंक के नाम पर चुकंदर का जूस पीना आजकल ट्रेंड बन चुका है. सोशल मीडिया से लेकर फिटनेस एक्सपर्ट्स तक, हर कोई इसके फायदे गिनाता है. लेकिन हर चीज के फायदे के साथ कुछ नुकसान भी होते हैं. उसी तरह चुकंदर का जूस जिसे हेल्दी मानकर लोग पी रहे हैं, वो कुछ लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. चुकंदर का जूस पोषक तत्वों से भरपूर जरूर है, लेकिन यह हर शरीर पर एक जैसा असर नहीं करता. कई बार इसको ज्यादा पीना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए इस जूस को पीने से पहले यह जान लीजिए कि क्या यह आपके लिए सही है या नहीं. डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतों से परेशान लोग जिन लोगों को अक्सर डाइजेशन की समस्या रहती है,उनको इस जूस से परहेज करना चाहिए. कुछ लोगों को चुकंदर का जूस पीने के बाद पेट फूलना, ऐंठन, गैस या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, चुकंदर में मौजूद प्राकृतिक नाइट्रेट्स और फाइबर कुछ लोगों के डाइजेस्टिव सिस्टम पर तेज असर डाल सकते हैं, खासकर जब इसे खाली पेट पिया जाए. पेशाब का लाल होना अगर चुकंदर का जूस पीने के बाद आपका पेशाब या मल लाल दिखाई दे, तो घबराने की जरूरत नहीं है. इसे बीटुरिया कहा जाता है. हार्वर्ड मेडिकल स्कूल (HMS)के हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह चुकंदर के प्राकृतिक पिगमेंट के कारण होता है और आमतौर पर हानिकारक नहीं होता है. किडनी स्टोन वालों के लिए खतरा चुकंदर में ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होती है. इस वजह से किडनी स्टोन वाले मरीजों को इससे परहेज करना चाहिए. अमेरिका की नेशनल किडनी फाउंडेशन (NKF) के अनुसार, ज्यादा ऑक्सलेट शरीर में कैल्शियम के साथ मिलकर किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ा सकता है, जिन लोगों को पहले से किडनी स्टोन की समस्या है, उन्हें इसका सीमित सेवन करना चाहिए. लो ब्लड प्रेशर वालों के लिए सावधानी चुकंदर का जूस ब्लड प्रेशर कम करने में मदद करता है. लेकिन अगर आपका बीपी पहले से कम है या आप उसकी दवाई ले रहे हैं. तो यह ज्यादा लो का कारण बन सकता है, जिससे चक्कर और कमजोरी महसूस हो सकती है. किन लोगों को चुकंदर के जूस से बचना चाहिए?     किडनी स्टोन या किडनी रोग वाले लोग     लो ब्लड प्रेशर के मरीज     डायबिटीज वाले लोग     कमजोर पाचन तंत्र वाले लोग     प्रेग्नेंट महिलाएं चुकंदर का जूस पीने का सही तरीका क्या है? चुकंदर का जूस पूरी तरह खराब नहीं है, लेकिन इसे जितना ज्यादा, उतना बेहतर समझ कर पीना गलती हो सकती है. एक लिमिट में ही किसी भी चीज का सेवन सही होता है और शुरुआत में इसे पीने के बाद अपने शरीर में होने वाले रिएक्शन का भी ध्यान रखें. अगर कुछ भी बदलाव नजर आए तो पहले तुरंत जूस पीना बंद कर दें और डॉक्टर से सलाह लें.

दिल्ली में भीषण गर्मी का असर, गर्भवती महिलाओं में बढ़ीं प्रेगनेंसी से जुड़ी जटिलताएं

 गर्मी के तेवर अपने चरम पर हैं और देश के कई राज्यों समेत राजधानी दिल्ली में सूरज की तपिश अब बर्दाश्त के बाहर होती जा रही है. यहां का पारा पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार भी पहुंच चुका है जिसके चलते आम लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है. लेकिन इसका सबसे खतरनाक असर गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के हॉस्पिटल में गर्मी के कारण प्रेगनेंसी से जुड़ी समस्याओं वाली महिलाओं की संख्या काफी बढ़ गई है. डॉक्टर्स का कहना है कि बढ़ता तापमान न केवल मां की सेहत बिगाड़ रहा है, बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे की ग्रोथ को भी रोक रहा है. गर्मी से समय से पहले डिलीवरी का जोखिम मलिक रेडिक्स हेल्थकेयर की डायरेक्टर डॉ. रेनू मलिक का कहना है गर्मी की वजह से प्री-टर्म लेबर (समय से पहले प्रसव) के मामले बढ़ रहे हैं. शरीर का तापमान बढ़ने से स्ट्रेस पैदा होता है जो डिलीवरी की प्रक्रिया को वक्त से पहले शुरू कर सकता है. वहीं डॉक्टरों के मुताबिक, जब तापमान 45 डिग्री के आसपास होता है तो शरीर में पानी की कमी होने लगती है. इससे गर्भाशय में ब्लड फ्लो कम हो जाता है और ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन समय से पहले एक्टिव हो सकते हैं. बच्चे के वजन और ग्रोथ पर बुरा असर गर्मी सिर्फ मां के लिए ही नहीं बल्कि भ्रूण के लिए भी घातक है. रिपोर्ट बताती है कि हीट स्ट्रेस के कारण प्लेसेंटा तक पोषण सही तरह से नहीं पहुंच पाता. इसका सीधा परिणाम 'लो बर्थ वेट' यानी जन्म के समय बच्चे का वजन कम होना है. इसके अलावा लंबे समय तक धूप में रहने वाली महिलाओं में प्री-एक्लेम्पसिया (हाई ब्लड प्रेशर) का खतरा भी बढ़ जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि दोपहर 11 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें और शरीर को हाइड्रेटेड रखें.

शनैश्चरी अमावस्या 2026: शनि-सूर्य और चंद्रमा के विशेष योग से वृषभ, मिथुन, सिंह और कुंभ राशि को लाभ

साल 2026 की शनि जयंती ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास होने वाली है. इस बार ज्येष्ठ अमावस्या तिथि शनिवार के दिन पड़ रही है, जिससे शनैश्चरी अमावस्या का दुर्लभ महासंयोग बन रहा है.  ग्रहों के राजा सूर्य और न्याय के देवता शनि की स्थिति के साथ-साथ इस दिन चंद्रमा का राशि परिवर्तन भी कई राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा. शनि जयंती 2026: दुर्लभ राजयोगों का मिलन इस साल शनि जयंती पर कई शक्तिशाली राजयोग एक साथ बन रहे हैं, जो दशकों में एक बार देखने को मिलते हैं. शश राजयोग: शनि देव अपनी स्वराशि कुंभ में विराजमान रहकर शश महापुरुष राजयोग का निर्माण कर रहे हैं. यह योग करियर में स्थिरता और बड़ी सफलता दिलाने वाला माना जाता है。 गजकेसरी योग: गुरु और चंद्रमा की युति से इस दिन गजकेसरी योग बनेगा, जो मान-सम्मान और सुख-समृद्धि में वृद्धि करेगा. बुधादित्य और अमला योग: सूर्य-बुध की युति से बनने वाले ये योग व्यापार और बौद्धिक कार्यों में लाभ देगा. इन राशियों को मिलेगा जबरदस्त लाभ 1. वृषभ राशि (Taurus) शनि जयंती का यह संयोग आपके लिए धन लाभ के नए अवसर लेकर आएगा.  कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलेगा, प्रमोशन के प्रबल योग बन रहे हैं. 2. मिथुन राशि (Gemini) भाग्य का भरपूर साथ मिलने से आपके रुके हुए काम गति पकड़ेंगे. यात्राओं से लाभ होगा, परिवार में धार्मिक उत्सव का माहौल रहेगा. 3. सिंह राशि (Leo) शनि देव की कृपा से आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. साझेदारी वाले कामों में बड़ा मुनाफा हो सकता है, कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय प्राप्त होगी. 4. कुंभ राशि (Aquarius) चूंकि शनि आपकी ही राशि में विराजमान हैं, इसलिए यह समय आपके व्यक्तित्व को निखारने वाला होगा. समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी , नई संपत्ति खरीदने के योग बनेंगे. साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति के उपाय यदि आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, तो इस शनैश्चरी अमावस्या पर ये उपाय जरूर करें. तेल का दान: सरसों के तेल में अपना चेहरा देखकर उसे दान करें . पीपल की पूजा: शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे तेल का चौमुखी दीपक जलाएं. हनुमान चालीसा: शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें. काली वस्तुओं का दान: काले तिल, उड़द और काले कपड़ों का दान करना अत्यंत शुभ रहेगा.

सेना प्रमुख और रक्षा सचिव की सैलरी में कटौती, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला रिटायर्ड मेजर की याचिका पर

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक रिटायर्ड मेजर की पेंशन के मामले में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह पर ही 2 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि यह रकम दोनों की सैलरी से काटकर याचिकाकर्ता को दी जाए। रिपोर्ट के मुताबिक सेवा के दौरान ही मेजर को 24 सर्जरी करवानी पड़ी थी। इसके अलावा उनकी किडनी डैमेज हो गई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक पुणे के रहने वाले मेजर राजदीप दिनकर पांडेर (रिटायर्ड) साल 2012 में भारतीय सेना में कमीशन हुए थे। उस समय वह एकदम फिट थे। उन्हें लद्दाख में ऊंचाई वाले इलाके में पोस्टिंग दी गई। सेवा के पांच साल के बाद वह बुरी तरह बीमार हो गए। इसके बाद दिल्ली छावनी में उन्हें सिक लीव मेडिकल बोर्ट के सामने पेश किया गया। जांच में पता चला कि उन्हें 'सिस्टाइटिस सिस्टिका ग्लैंडुलरिस ' है। इसमें मत्रूशय में छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं। अकसर पेशाब में संक्रमण की वजह से यह होता है। इसके बदा मेजर पंडेर की सर्जरी हुई और उन्हें 'लो मेडिकल कैटिगरी' में डाल दिया गया। 2022 में उन्हें पंचकूला में चंडीमंदिर वेस्टर्न कमांड हॉस्पिटल की सिफारिश पर लो मेडिकल कैटिगरी में रखते हुए ही रिलीज कर दिया गया जबकि वह 15 फीसदी तक दिव्यांग हो गए थे। उन्होंने दिव्यांग पेंशन के लिए आवेदन किया जिसे खारिज कर दिया गया। चंडीमंदिर आर्म्ड फोर्सेज ट्राइब्यूनल ने माना कि मेडिकल बोर्ड की सिफारिश पर कई बार उनकी सर्जरी हुई और सेवा के दौरान ही वह दिव्यांग हुए थे। बेंच ने कहा, हमें समझ नहीं आता कि जब सेवा के दौरान ही वह 15 फीसदी तक दिव्यांग हो गए थे तब उनको रिलीज करते हुए यह क्यों कहा गया कि यह सैन्य सेवा के दौरान नहीं हुई है। ट्राइब्यूनल ने ही 2008 के एक फैसले में कहा था कि जब किसी की सीरम क्रिएटनिन 1,13 है तो उसे 40 फीसदी दिव्यांगता की श्रेणी में रखा जाए। इस हिसाब से उन्हें 40 से 50 फीसदी की दिव्यांगता श्रेणी में ऱखा जा सकता था। ट्राइब्यूनल के आदेश के खिलाफ 2025 में केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में याचिका फाइल की थी जिसे खारिज कर दिया गया था। मेजर पंडेर ने रक्षा सचिव राजेश कुमार और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के खिलाफ कंटेंप्ट पिटीशन फाइल करके कहा कि उन्होंने हाई कोर्ट और ट्राइब्यूनल के आदेश का पालन नहीं किया है। 30 अप्रैल को जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा कि आखिरी सुनवाई के दौरान भी कोई जवाब नहीं दिया गया है इसलिए 2 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। यह रकम रक्षा सचिव और सेना प्रमुख की सैलरी से काटकर डिमांड ड्राफ्ट के जरिए याचिकाकर्ता को दी जाए।

Sachin Tendulkar के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की चमकी किस्मत, लीग में रिकॉर्ड कीमत पर बिके

नई दिल्ली   सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को टी20 मुंबई लीग की नीलामी में बंपर पैसे मिले हैं। इस लीग के लिए शनिवार को मैक्सिमम सिटी में खिलाड़ियों पर बोली लगी। जहां पर सचिन के बेटे अर्जुन को खरीदने के लिए फ्रेंचाइजी के बीच जमकर टक्कर हुई। अर्जुन तेंदुलकर इस समय आईपीएल में खेल रहे हैं। वह आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा हैं लेकिन अभी तक उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला है। अर्जुन पर टी20 मुंबई लीग की नीलामी के दौरान सबसे बड़ी बोली में से एक लगी। स्टार ऑलराउंडर पहली बार इस लीग का हिस्सा होंगे और मोटी रकम भी उठाएंगे। अर्जुन को मिलेंगे 10 लाख अर्जुन तेंदुलकर को एआरसीएस अंधेरी टीम ने अपने स्क्वॉड में शामिल किया। टी20 मुंबई लीग की नीलामी में अर्जुन का बेस प्राइस 2 लाख रुपये था। उनकी कीमत में जोरदार इजाफा और 400% की बढ़ोतरी के साथ उन्हें टीम ने खरीदा। अर्जुन 10 लाख रुपये में बिके। अर्जुन तेंदुलकर के साथ इस लीग में शिवम दुबे भी नजर आएंगे। आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल रहे शिवम को अंधेरी की फ्रेंचाइजी ने आगामी सीजन के लिए 20 लाख रुपये में खरीदा। शिवम दुबे टी20 विश्व कप 2024 और 2026 में ट्रॉफी जीतन में वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। अंधेरी की टीम ने मुशीर खान को 11 लाख रुपये में खरीदा। इससे पहले अर्जुन तेंदुलकर और विकेटकीपर-बल्लेबाज सिद्धांत अधतराव को टी20 मुंबई लीग के चौथे सत्र से पहले होने वाली नीलामी में शामिल होने के लिए पात्र घोषित किया गया है। पिछले सत्र में ये दोनों अलग-अलग राज्य संघों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। जहां अर्जुन मुंबई से जाने के बाद पिछले कुछ सत्र से गोवा के लिए खेल रहे हैं वहीं अधतराव ने पिछले सत्र में पुडुचेरी का प्रतिनिधित्व करने के बाद वहां से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर लिया है। सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई ने तेंदुलकर और अधतराव दोनों को टी20 मुंबई लीग में भाग लेने की अनुमति दे दी है क्योंकि पिछले 12 महीनों में इन दोनों में से किसी ने भी किसी अन्य राज्य लीग में हिस्सा नहीं लिया है। पुरुष और महिला दोनों ही वर्गों की प्रतियोगिताओं के लिए नीलामी दो मई को आयोजित की जाएगी जबकि टूर्नामेंट जून के पहले पखवाड़े में खेला जाएगा। टी20 टूर्नामेंट आयोजित करने वाले राज्य संघों के लिए बीसीसीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, ''खिलाड़ियों का ध्यान केंद्रित रखने और उन पर अत्यधिक शारीरिक दबाव पड़ने से रोकने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को 12 महीने की अवधि के दौरान (इंडियन प्रीमियर लीग को छोड़कर) केवल एक ही आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त क्रिकेट लीग में भाग लेने की अनुमति होती है। यह 12 महीने की अवधि उस टूर्नामेंट के समापन से शुरू होती है जिसमें खिलाड़ी ने आखिरी बार हिस्सा लिया था।''