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LSG में मौका नहीं, अर्जुन तेंदुलकर पर नई टीम ने लगाया बड़ा दांव

मुंबई मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने शनिवार को टी20 मुंबई लीग सीजन-4 के लिए पुरुषों के वर्ग में खिलाड़ियों की नीलामी की। इसमें आकाश पारकर, प्रसाद पवार, मुशीर खान और अर्जुन तेंदुलकर सबसे महंगे बिकने वाले खिलाड़ी रहे। सीजन 4 की नीलामी में फ्रेंचाइजी के बीच जबरदस्त होड़ देखने को मिली। ऑलराउंडर आकाश पारकर सबसे महंगे खिलाड़ी रहे, जिन्हें सोबो मुंबई फाल्कन्स ने 12 लाख रुपए में अपने साथ जोड़ा। आर्क्स अंधेरी ने विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रसाद पवार को 11.50 लाख रुपए, ऑलराउंडर मुशीर खान को 11 लाख रुपए और अर्जुन तेंदुलकर के 10 लाख रुपए में अपनी टीम में शामिल किया। इससे पहले, लीग ने आइकन प्लेयर्स की लिस्ट जारी की थी, जो अपनी-अपनी फ्रेंचाइजी की अगुवाई करेंगे। इस लिस्ट में भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव (ट्राइंफ नाइट्स मुंबई नॉर्थ ईस्ट) के साथ ही श्रेयस अय्यर (सोबो मुंबई फाल्कन्स), अजिंक्य रहाणे (नॉर्थ मुंबई पैंथर्स), शिवम दुबे (आर्क्स अंधेरी), यशस्वी जायसवाल (बांद्रा ब्लास्टर्स), शार्दुल ठाकुर (ईगल ठाणे स्ट्राइकर्स), सरफराज खान (आकाश टाइगर्स एमडब्ल्यूएस) और तुषार देशपांडे (एमएससी मराठा रॉयल्स) शामिल हैं। इस नीलामी में अर्जुन तेंदुलकर आकर्षण का मुख्य केंद्र बने रहे, जिन्हें आर्क्स अंधेरी ने 10 लाख रुपए में खरीदा। उनका बेस प्राइस 2 लाख रुपये था। दूसरी ओर, युवा सनसनी आयुष म्हात्रे और सूर्यांश शेडगे को ट्राइंफ नाइट्स ने अपनी टीम के मुख्य आधार को बनाए रखने के लिए रिटेन किया। यह टूर्नामेंट जून में शुरू होगा। इसकी तारीखें और वेन्यू कुछ समय बाद घोषित किए जाएंगे। शनिवार को इससे पहले टी20 मुंबई विमेंस लीग का ऑक्शन हुआ, जिसमें 16 वर्षीय इरा जाधव ने सुर्खियां बटोरीं, जिन्हें आकाश टाइगर्स ने 10 लाख रुपए में अपने साथ शामिल किया है। टी20 मुंबई लीग सीजन-4 की टीमें आकाश टाइगर्स एमडब्ल्यूएस: सरफराज खान (आइकन प्लेयर), शम्स मुलानी (रिटेन), जय बिस्ता (रिटेन), विनायक भोईर (9 लाख रुपए), आकाश आनंद (5 लाख रुपए), सौरभ सिंह (3.75 लाख रुपए), नमन पुष्पक (3.50 लाख रुपए), अजीत यादव (3.50 लाख रुपए), अक्षत जैन (3 लाख रुपए), शशांक अतार्डे (3 लाख रुपए), प्रिंस बदियानी (3 लाख रुपए), सक्षम पाराशर (3 लाख रुपए), अंकुर सिंह (2.50 लाख रुपए), सागर पाटिल (2.25 लाख रुपए), कृतिक हनागावडी (2 लाख रुपए), वरुण लावंडे (2 लाख रुपए), जय धात्रक (2 लाख रुपए), हर्ष राणे (2 लाख रुपए), एमडी जमशेद आलम (2 लाख रुपए), अर्णव ढोले (2 लाख रुपए)। आर्क्स अंधेरी: शिवम दुबे (आइकॉन प्लेयर), प्रग्नेश कनपिल्लेवार (रिटेन), दीपक शेट्टी (रिटेन), प्रसाद पवार (11.50 लाख रुपए), मुशीर खान (11 लाख रुपए), अर्जुन तेंदुलकर (10 लाख रुपए), दिव्यांश स्कसेना (7 लाख रुपए), गौरव जथर (5 लाख रुपए), हृषिकेश गोरे (3.25 लाख रुपए), हिमांशु सिंह (3 लाख रुपए), कार्तिक शाजी कुमार (3 लाख रुपए), सिद्दिद तिवारी (3 लाख रुपए), आयुष जेठवा (3 लाख रुपए), कियान पारेख (2 लाख रुपए), आशुतोष घागरे (2 लाख रुपए), अजय मिश्रा (2 लाख रुपए), प्रसून सिंह (2 लाख रुपए), मोइन अहमद (2 लाख रुपए), ऋषि शाह (2 लाख रुपए)। बांद्रा ब्लास्टर्स: यशस्वी जयसवाल (आइकन प्लेयर), सुवेद पारकर (रिटेन), ध्रुमिल मटकर (रिटेन), रॉयस्टन डायस (8 लाख रुपए), जय जैन (8 लाख रुपए), कर्ष कोठारी (5 लाख रुपए), सागर छाबरिया (4.75 लाख रुपए), धनित राउत (3.50 लाख रुपए), प्रतीककुमार रविशंकर यादव (3 लाख रुपए), ओम श्यामसुंदर केशकामत (3 लाख रुपए), पराग खानपुरकर (3 लाख रुपए)। लाख रुपए), तत्सत सिंह (3 लाख रुपए), आदित साईराज बहुतुले (2.25 लाख रुपए), आतिफ अत्तरवाला (2 लाख रुपए), आश्रय सजनानी (2 लाख रुपए), वीरेंद्र यादव (2 लाख रुपए), सोहम चन्द्रशेखर सबनीस (2 लाख रुपए), साईराज नायर (2 लाख रुपए), हर्ष टैंक (2 लाख रुपए), आदित्य आनंद (2 लाख रुपए)। ईगल ठाणे स्ट्राइकर्स: शार्दुल ठाकुर (आइकन प्लेयर), अथर्व अंकोलेकर (रिटेन), साईराज पाटिल (रिटेन), ओंकार तुकाराम तरमाले (7 लाख रुपए), सुमेर सम्राट जवेरी (4.50 लाख रुपए), अमर्त्य राजे (3 लाख रुपए), रोहन राजेंद्र घाग (3 लाख रुपए), शाश्वत योगेश जगताप (3 लाख रुपए), विनय सुरेश कुंवर (3 लाख रुपए), मनन राकेश भट्ट (3 लाख रुपए), सिद्धांत मनोज सिंह (2.50 लाख रुपए), आदित्य विनोद गिरी (2 लाख रुपए), अनुज विनोद गिरी (2 लाख रुपए), अयान मोहित जैन (2 लाख रुपए), धनय पारेख (2 लाख रुपए), एकनाथ दिनेश केरकर (2 लाख रुपए), कार्तिक मिथिलेश मिश्रा (2 लाख रुपए), शशिकांत एकनाथ कदम (2 लाख रुपए), शॉन मोतीराम रोड्रिग्स (2 लाख रुपए), शिवांश लल्लन सिंह (2 लाख रुपए)। एमएससी मराठा रॉयल्स: तुषार देशपांडे (आइकन खिलाड़ी), सिद्धेश लाड (रिटेन), रोहन राजे (रिटेन), चिन्मय सुतार (9.50 लाख रुपए), इरफान उमैर (9 लाख रुपए), आदित्य धूमल (6 लाख रुपए), मैक्सवेल स्वामीनाथन (6 लाख रुपए), अयाज अहमद अफजल अहमद (4.50 लाख रुपए), साहिल जाधव (4.25 लाख रुपए), आर्यन पाटनी (3.25 लाख रुपए), प्रतीक शुक्ला (3.25 लाख रुपए), अर्जुन दानी (3 लाख रुपए), अथर्व भोसले (3 लाख रुपए), सचिन यादव (2 लाख रुपए), श्रेयांश राय (2 लाख रुपए), श्रेयस गुरव (2 लाख रुपए), यश गादिया (2 लाख रुपए), ओम बांगर (2 लाख रुपए), जितेंद्र पालीवाल (2 लाख रुपए), स्वराज पारुलकर (2 लाख रुपए)। नॉर्थ मुंबई पैंथर्स: अजिंक्य रहाणे (आइकन खिलाड़ी), अभिज्ञान कुंडू (रिटेन), तनुष कोटियन (रिटेन), वैभव माली (9 लाख रुपए), आयुष वर्तक (9 लाख रुपए), हार्दिक तामोरे (8.50 लाख रुपए), मोहित अवस्थी (8.50 लाख रुपए), हर्ष तन्ना (6.50 लाख रुपए), आयुष जिमारे (3 लाख रुपए), प्रतीक मिश्रा (2.25 लाख रुपए), आर्यराज निकम (2 लाख रुपए), अनीश चौधरी (2 लाख रुपए), केविन डी'अल्मेडा (2 लाख रुपए), प्रवेश पाल (2 लाख रुपए), राहुल सावंत (2 लाख रुपए), रोहित पोल (2 लाख रुपए), यशोवर्धन सिंह (2 लाख रुपए), आदित्य सिंह (2 लाख रुपए), सिद्धार्थ आकरे (2 लाख रुपए)। सोबो मुंबई फाल्कन्स: श्रेयस अय्यर (आइकन प्लेयर), अंगकृष रघुवंशी (रिटेन), हर्ष अघव (रिटेन), आकाश पारकर (12 लाख रुपए), ईशान मूलचंदानी (8.50 लाख रुपए), सिद्धार्थ राउत (7.50 लाख रुपए), आदित्य तारे (4.50 लाख रुपए), निखिल गिरी (3.50 लाख रुपए), यश डिचोलकर (3.50 लाख रुपए), प्रथमेश डाके (3.25 लाख रुपए), काव्या गोरी (3 लाख रुपए), खान अवैस नौशाद (3 लाख रुपए), अरहान मेकर (2 लाख रुपए), गौतम वाघेला (2 लाख रुपए), मयूरेश टंडेल (2 लाख रुपए), यश रामचंदानी (2 लाख रुपए), वेदांत गोरे (2 लाख रुपए), मुहम्मद ताहा (2 लाख रुपए)। ट्राइंफ नाइट्स मुंबई नॉर्थ ईस्ट: सूर्यकुमार यादव (आइकन प्लेयर), आयुष म्हात्रे (रिटेन), सूर्यांश शेडगे (रिटेन), अखिल हेरवाडकर (6 लाख रुपए), सागर मिश्रा (5 लाख रुपए), सिल्वेस्टर डिसूजा (5 लाख रुपए), वेदांत गुरव (4 लाख रुपए), … Read more

99% लाने वाली अंशुल को मिला खास सम्मान: डिप्टी सीएम के गिफ्ट से खुशी का ठिकाना नहीं

लोरमी. छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं परीक्षा में 99 प्रतिशत लाकर टॉप करने वाले अंशुल को आज डिप्टी सीएम अरुण साव से खास उपहार मिला. डिप्टी सीएम शनिवार को अंशुल के घर पहुंचे. परिजनों ने उनका फूल भेंटकर स्वागत किया. डिप्टी सीएम ने अंशुल को मिठाई के साथ खास गिफ्ट देते हुए बधाई दी. साथ ही मेहनत और लगन से आगे भी नई उंचाइयों को छूने की शुभकामनाएं दी. दरअसल, बिलासपुर दौरे के बीच डिप्टी सीएम अरुण साव सीजीबीएसई  के 10वीं कक्षा के टॉपर अंशुल के घर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बधाई देते हुए मिठाई खिलाई. साथ ही अंशुल को खास तोहफा भी दिया. अब वायरल हो रहे वीडियो में टॉपर अंशुल अपने खास गिफ्ट को परिवार के साथ खोलते नजर आ रहा है. जैसे ही गिफ्ट का रैपर खुलता है, अंशुल की खुशी का ठिकाना नहीं रहता. वीडियो में दिख रहा उसका रिएक्शन ही सब बयां कर रहा है. अंशुल के चेहरे की मुस्कान ने यह बता दिया कि एक छात्र के लिए बड़े जनप्रतिनिधियों से मिलने वाला प्रोत्साहन कितना मायने रखता है. इस बार 10वीं बोर्ड परीक्षा में 3 टॉपर गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 29 मार्च को 10वीं और 12वीं बोर्ड के परिणाम घोषित किया. इस बार 10वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 3 टॉपर बने. महासमुंद जिले की 2 लड़कियों ने 594 नंबर के साथ बाजी मारी है. इनमें एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की संध्या नायक और एकलव्य स्कूल बलोदा की परीरानी प्रधान शामिल हैं. इसके अलावा मुंगेली के अंशुल शर्मा भी टॉपर रहे. इन तीनों ने ही 99.00% अंक प्राप्त किए हैं. 42 स्टूडेंट्स ने मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है. इनमें से टॉप-10 में 8 छात्राएं शामिल है. हाई स्कूल परीक्षा की मुख्य परीक्षा 21 फरवरी 2026 से 13 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 3,20,535 छात्र शामिल हुए. इनमें 1,42,881 बालक और 1,77,654 बालिकाएं शामिल हैं. प्रदेशभर में 2,510 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. वहीं हायर सेकेंडरी परीक्षा की मुख्य परीक्षा 20 फरवरी 2026 से 18 मार्च 2026 तक आयोजित हुई, जिसमें कुल 2,45,785 छात्र शामिल हुए. इनमें 1,02,975 बालक और 1,42,810 बालिकाएं शामिल हैं. इस परीक्षा के लिए 2,395 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए थे.

जीवन का असली संदेश: अतीत और भविष्य के बीच नहीं, वर्तमान क्षण में छिपी है शांति और शक्ति

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में इंसान अक्सर दो छोरों के बीच झूलता रहता है एक ओर बीता हुआ कल और दूसरी ओर आने वाला कल. लेकिन इस विचार में छिपा संदेश बेहद गहरा और जीवन बदलने वाला है जो बताता है कि जीवन की असली शक्ति सिर्फ वर्तमान क्षण में है. हम में से कई लोग अपने अतीत की गलतियों, पछतावे और यादों में उलझे रहते हैं. यह अतीत हमें बार-बार पीछे खींचता है और मानसिक शांति छीन लेता है. वहीं दूसरी ओर, भविष्य की चिंता हमें डर, असुरक्षा और बेचैनी से भर देती है. इन दोनों के बीच हम अपना आज खो देते हैं, जबकि असली जीवन तो इसी अभी में बसता है. अतीत और भविष्य का जाल जब हम अतीत के बारे में सोचते हैं कि काश मैंने ऐसा किया होता… और जब हम भविष्य के बारे में सोचते हैं तो लगता है अगर ऐसा नहीं हुआ तो …? तो यह डर और तनाव पैदा करता है. यानी अतीत और भविष्य दोनों ही हमारे मन को अस्थिर करते हैं. वर्तमान की ताकत गौतम बुद्ध का यह विचार हमें सिखाता है कि शांति और संतुलन सिर्फ वर्तमान में ही मिल सकता है. जब आप पूरी तरह से वर्तमान क्षण में जीते हैं तो आपका ध्यान भटकता नहीं. काम में गुणवत्ता बढ़ती है.मन शांत और स्थिर रहता है. यही माइंडफुलनेस का मूल सिद्धांत है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है. गौतम बुद्ध के इस विचार को जीवन में कैसे अपनाएं? इस विचार को अपनाने के लिए आपको बड़े बदलाव की जरूरत नहीं बस इन बातों को फॉलो करें. 1-जो काम कर रहे हैं, उसी पर पूरा ध्यान दें 2-बेवजह की चिंता को पहचानकर छोड़ दें 3- दिन में कुछ मिनट खुद के साथ शांत बैठें

रिजल्ट डे पर हाई अलर्ट: कंट्रोल रूम से निगरानी, अमित शाह करेंगे हर मिनट मॉनिटरिंग

कोलकाता बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद अब मतगणना में भी भाजपा एक इंच जमीन छोडऩे को तैयार नहीं है। 2021 की गलतियों से सीख लेते हुए भाजपा ने मतगणना को लेकर इस बार व्यापक तैयारियां की है। चार मई को होने वाली मतगणना के दिन राज्य की जिम्मेदारी संभाल रहे पार्टी के सभी केंद्रीय नेता व पर्यवेक्षक कोलकाता में ही मौजूद रहेंगे और साल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय के कंट्रोल रूम से हर पल की जानकारी सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाई जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्य की सभी 294 सीटों पर मतगणना की प्रगति, किस सीट पर पार्टी के उम्मीदवार आगे हैं और कुल कितनी सीटों पर बढ़त मिल रही है- इन सभी अपडेट्स को मिनट-टू-मिनट दिल्ली भेजा जाएगा। इस दौरान बंगाल भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक सुनील बंसल व मंगल पांडेय और केंद्रीय मंत्री एवं बंगाल के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव साल्टलेक कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम में मौजूद रहेंगे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। मतगणना से पहले पार्टी स्तर पर कई चरणों में बैठकें की गई हैं। बीते तीन दिनों में सुनील बंसल और भूपेंद्र यादव ने मालदा, सिलीगुड़ी और कोलकाता में अलग-अलग बैठकें कर जिला अध्यक्षों, उम्मीदवारों और बूथ स्तर के जिम्मेदार नेताओं को मतगणना को लेकर कई दिशा-निर्देश दिए हैं। इन बैठकों में राज्य भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य भी मौजूद रहे। प्रवासी नेताओं और सभी गणना एजेंटों के साथ भाजपा ने बैठक की इसी क्रम में पार्टी के बंगाल चुनाव प्रभारियों ने शनिवार को कोलकाता में एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिस में वे प्रवासी नेता शामिल हुए जो अन्य राज्यों से आकर पिछले कई माह से बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों में चुनाव को लेकर रणनीति और कार्यों को गति दे रहे थे। साथ ही पार्टी के सभी गणना एजेंटों के साथ भी बैठक की गई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में पार्टी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मतगणना केंद्रों के भीतर एजेंटों को सतर्क रहना होगा और काउंटिंग प्रक्रिया पूरी होने तक निगरानी जारी रखनी होगी। पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए पार्टी ने गणना एजेंटों को अंतिम वोट की गिनती तक मतगणना केंद्र नहीं छोडऩे का साफ निर्देश दिया है। यह पहली बार है जब भाजपा ने मतगणना को लेकर इस स्तर पर तैयारी की है। दरअसल, 2021 में रुझान विपरीत दिखने पर भाजपा के कई एजेंट मतगणना केंद्र छोड़कर बीच में ही चले गए थे, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा था। ऐसे में इस बार अंत तक मोर्चे पर डटे रहने पर भाजपा का मुख्य जोर है। ममता भी सतर्क, पार्टी के सभी गणना एजेंटों के साथ की वर्चुअल बैठक दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनके सांसद भतीजे व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी शनिवार शाम में पार्टी के राज्यभर के सभी गणना एजेंटों के साथ वर्चुअल माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक की। सूत्रों के अनुसार, ममता ने गणना एजेंटों को उनके कर्तव्यों के बारे में बताया ताकि चार मई को मतगणना प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की न हो। ममता ने भी अपने गणना एजेंटों को अंतिम समय तक मतगणना केंद्र नहीं छोडऩे का स्पष्ट निर्देश दिया।  

फारूक अबदुल्ला ने कहा: कश्मीरी पंडितों की अनुपस्थिति से जम्मू-कश्मीर को हुआ भारी नुकसान

श्रीनगर  नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने घाटी के पुराने स्वरूप को बहाल करने पर जोर देते हुए कश्मीरी पंडितों की वापसी की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि कश्मीर सभी समुदायों का है और पंडितों के बिना यह अधूरा है। शनिवार को प्रख्यात कश्मीरी पंडित डॉ. सुशील राजदान की पुस्तक विमोचन के अवसर पर बोलते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों का पलायन इस क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा नुकसान था। उन्होंने कहा, "मैं अल्लाह से दुआ करता हूं कि जो लोग यहां से चले गए, वे अपने घरों को वापस लौटें और एक बार फिर खुशहाली से रहें। हमने बहुत कुछ खो दिया है। कश्मीर हिंदू, मुस्लिम और सिख, सभी का है। यही इस जगह की असली पहचान है।" अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि एक दिन कश्मीर फिर से अपने पुराने गौरव और आपसी भाईचारे के साथ बहाल होगा। गौरतलब है कि 1990 में आतंकवाद की शुरुआत के कारण लगभग 57,000 परिवारों को घाटी छोड़कर जम्मू, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में शरण लेनी पड़ी थी। इनमें अधिकांश कश्मीरी पंडित थे। इसी बीच, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने केंद्र शासित प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सीधे तौर पर नशीली दवाओं के व्यापार को आतंकवाद से जोड़ा और इसे युवाओं के लिए एक गंभीर खतरा बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशा मुक्त भारत अभियान' को आगे बढ़ाते हुए एलजी सिन्हा ने 11 अप्रैल से एक विशेष "3-P" रणनीति शुरू की है। इनमें ड्रग सप्लाई चेन और नारको-टेरर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना, जमीनी स्तर पर शिक्षा के माध्यम से हर व्यक्ति तक पहुंचना और नशे के शिकार हो चुके युवाओं का इलाज और पुनर्वास करना शामिल है। उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नशे की चुनौती के पीछे एक गहरी और रणनीतिक साजिश है, जिसका उद्देश्य युवाओं को बर्बाद करना और आतंकवाद को बढ़ावा देना है। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि अब यह अभियान केवल सरकारी नीति न रहकर एक जन आंदोलन बन गया है। प्रशासन का लक्ष्य न केवल नशे की लत से जूझ रहे लोगों को मुख्यधारा में लाना है, बल्कि सीमाओं पर उस सप्लाई चेन को भी तोड़ना है जो आतंकवाद के लिए धन जुटाने का जरिया बनती है। प्रशासन, पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय के कारण इस अभियान में शुरुआती सफलताएं भी देखने को मिली हैं।

यूपी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: अयोध्या-काशी के बाद अब ‘शक्ति चक्र’ बनेगा नया आकर्षण

लखनऊ  अयोध्या, काशी, मथुरा जैसे सनातन के प्रतीक स्थलों के सहारे धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर सर्वाधिक पर्यटकों की आमद के साथ चमक रहा उत्तर प्रदेश अब प्रमुख मंदिरों के साथ अल्पज्ञात मंदिरों को जोड़कर नये आकर्षण विकसित करने की भी तैयारी कर रहा है। इसके तहत ‘शक्ति चक्र’ के नाम से माता के मंदिरों का एक नया विशेष पर्यटन परिपथ (सर्किट) विकसित किया जाएगा। इसमें राज्य के उन 31 जिलों के माता के मंदिरों के शामिल किया गया है, जो अन्य राज्यों के सीमावर्ती हैं। पहले चरण में विभाग इन स्थलों पर पर्यटन विकास करा रहा है। इसके बाद इसे ‘शक्ति चक्र’ के रूप में प्रचारित किया जाएगा। प्रस्तावित शक्ति चक्र में उत्तर प्रदेश के उन जिलों को शामिल किया गया है, जो अन्य राज्यों की सीमाओं से सटे हुए हैं। इनमें सहारनपुर स्थित शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ के साथ-साथ बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, देवरिया, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, मीरजापुर, प्रयागराज, बांदा, झांसी, ललितपुर, जालौन, इटावा, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और शामली जैसे जिलों के प्रमुख माता मंदिर लिए गए हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, इस परिपथ में शामिल कई मंदिर अभी तक व्यापक रूप से प्रसिद्ध नहीं हैं। योजना के पहले चरण में चयनित मंदिरों और उनके आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर करना, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग और पर्यटक सूचना केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। दूसरे चरण में इन सभी स्थलों को एकीकृत कर ‘शक्ति चक्र’ के रूप में व्यापक स्तर पर प्रचारित करने की योजना है। इसके लिए डिजिटल माध्यमों, पर्यटन मेलों और धार्मिक आयोजनों के जरिए देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित किया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘शक्ति चक्र’ के रूप में माता मंदिरों की एक विशेष पर्यटन श्रृंखला विकसित होगी। हमारा प्रयास है कि अब तक कम प्रसिद्ध रहे शक्तिपीठों और देवी स्थलों को विकसित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाए। जिस प्रकार अयोध्या, वाराणसी, नैमिषारण्य जैसे प्रमुख स्थलों के लिए टूर पैकेज संचालित हैं, उसी तरह इसके लिए भी योजनाएं बनाई जाएंगीं। यह पहल स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी। स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और परंपराओं को भी इससे नया मंच मिलेगा। शक्ति चक्र में शामिल मंदिर शाकुम्भरी देवी शक्तिपीठ सहारनपुर, रूक्मिणी गला माता मंदिर बिजनौर, काली माता मंदिर लालबाग मुरादाबाद, ज्वाला देवी सिद्धपीठ बरेली, गूंगा देवी मंदिर पीलीभीत, काली माता मंदिर लखीमपुर खीरी, मां गुल्लावीर मंदिर बहराइच, श्रीराम जानकी दुर्गा धाम सिद्धार्थनगर, मां दुर्गा मंदिर बलिया, सामिया माई मंदिर गाजीपुर, गुरसराय वाली माता मंदिर झांसी, अक्षरा देवी मंदिर जालौन, मां ब्रह्माणी मंदिर इटावा, देवी मंदिर कैराना शामली, जुआदेवी मंदिर बलरामपुर, करमैल माता मंदिर देवरिया, धाकम माता मंदिर आगरा, देवा माता मंदिर ललितपुर, काली मंदिर रामपुर, सीता माता मंदिर श्रावस्ती, चांचाई माता मंदिर महाराजगंज, हड़हवा मंदिर कुशीनगर, काली मंदिर चंदौली, तारा मंदिर मीरजापुर, इंद्री धाम मंदिर प्रयागराज, मां सिंहवाहिनी देवी मंदिर बांदा, काली माता मंदिर महोबा, प्राचीन देवी मंदिर मथुरा, चामुंडा माता मंदिर अलीगढ़, मां भूड़ावाली देवी मंदिर गौतमबुद्धनगर और चुकाय वाली माता मंदिर गाजियाबाद।  

स्मार्टफोन खरीदना हुआ महंगा! OnePlus, Realme और Xiaomi ने बढ़ाई कीमतें, 6 हजार तक का इजाफा

भारत में स्मार्टफोन महंगे हो गए हैं. अब अगर आपको न्यू स्मार्टफोन खरीदना है तो 6 हजार रुपये तक एक्स्ट्रा खर्च करने होंगे. कीमत बढ़ाने वाली कंपनियों में शाओमी, रियलमी, वनप्लस और नथिंग जैसे नाम शामिल हैं.  नई कीमतों को ऑफिशियल वेबसाइट पर अपडेट किया जा चुका है. भारत में कंपनियों ने अपने मिड रेंज और प्रीमियम सेगमेंट के स्मार्टफोन को महंगा कर दिया गया है. ये नई कीमत ऑफिशयल पोर्टल पर अपडेट हो चुकी हैं. स्मार्टफोन महंगे क्यों हुए हैं? स्मार्टफोन इंडस्ट्री लगातार बढ़ती कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों का सामना कर रही है. खासकर मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की कीमत में बढ़ोत्तरी हुई है. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जिसकी वजह से टेक कंपनियां अपने डेटा सेंटर के लिए बड़ी मात्रा में RAM और GPU चिप्स खरीद रही हैं. ऐसे में स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल होने वाले जरूरी कंपोनेंट्स की कमी हो चुकी है. रैम मैन्युफैक्चरर अब हाई एंड बैंडविड्थ मेमोरी पर फोकस कर रही हैं. ऐसे में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. OnePlus ने महंगे किए फोन OnePlus की ऑफिशियल वेबसाइट पर हैंडसेट महंगे किए जा चुके हैं. जब हमने वनप्लस के ऑफिशियल पोर्टल पर विजिट किया तो पाया कि OnePlus 15 और OnePlus 15R की नई कीमतें जारी की जा चुकी हैं. OnePlus 15 को भारत में 72,999 रुपये में लॉन्च किया था अब कंपनी ने कीमत बढ़ाकर नई कीमत 77,999 रुपये कर दी है, जिसमें 12GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट मिलता है. वनप्लस 15 के टॉप एंड वेरिएंट यानी 16GB RAM + 512GB स्टोरेज अब 85,999 रुपये में लिस्ट किया है. यहां पर 6 हजार रुपये तक का इजाफा देखने को मिला. वनप्लस 15R की कीमत में करीब 2500 रुपये तक का इजाफा किया गया है. शुरुआती पहले वेरिएंट पहले 50,499 रुपये में था, जो अब 52,999 रुपये में आता है. दूसरे वेरिएंट की कीमत 55,499 रुपये से बढ़ाकर 57,999 रुपये की जा चुकी है. रियलमी ने महंगे किए फोन रियलमी ने भी स्मार्टफोन को महंगा कर दिया है. अभी करीब 6 हैंडसेट की कीमत में इजाफा हुआ है. हर एक स्टोरेज वेरिएंट की कीमत में करीब 1 हजार रुपये का इजाफा दिया गया है. इसमें रियलमी सी71 5जी, रियलमी 15x 5G, रियलमी 15T 5G, रियलमी C85 5G, रियलमी 16 Pro 5G और रियलमी 16 प्रो + 5G हैंडसेट शामिल हैं. शाओमी के भी स्मार्टफोन हुए महंगे चीनी स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर ने अपने स्मार्टफोन की कीमत में इजाफा कर दिया है. ऑफिशियल पोर्टल पर कंपनी ने अपने हैंडसेट की कीमत को रिवाइज कर दिया है. इसमें  Redmi Note 15 सीरीज के हैंडसेट के नाम शामिल हैं.

10 साल बाद मिला गोविंदा परिवार! लाफ्टर शेफ में सुनीता आहूजा ने भांजे और बहू को लगाया गले

इस शनिवार लाफ्टर शेफ के नए एपिसोड ने घर बैठे हर दर्शक का दिल तब जीता जब शो पर गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने दस्तक दी. वर्ल्ड लाफ्टर डे के मौके पर इस स्पेशल एपिसोड में सुनीता बतौर गेस्ट बनकर आईं. ये एपिसोड कई मायनों में खास था. सुनीता करीब 10 साल बाद अपने भांजे कृष्णा अभिषेक और बहू कश्मीरा शाह से मिल रही थीं. इस री-यूनियन के कई सारे प्रोमोज और क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए, जिन्हें देख लोगों का दिल भर आया. शो पर सुनीता ने कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा को माफ किया. दोनों अपनी मामी के गले भी मिले, जो वाकई एक इमोशनल मोमेंट था. इस बीच कश्मीरा ने मामी सुनीता से कई सारी बातें कहीं और उनसे अतीत में जो कुछ हुआ, उसके लिए माफी मांगी. कश्मीरा ने अफसोस जताया कि गोविंदा की पत्नी उनके बच्चों के कई सारे जन्मदिन मिस कर गईं. मामी सुनीता से कश्मीरा ने मांगी माफी लाफ्टर शेफ के लेटेस्ट एपिसोड से एक क्लिप काफी वायरल है, जिसमें मामी सुनीता अपने भांजे कृष्णा और बहू के साथ खाना बना रही हैं. इस बीच कश्मीरा ने पुराने दिनों को याद किया, जब दोनों परिवारों के बीच नाराजगी थी. एक्ट्रेस ने गोविंदा की पत्नी से कहा- मैंने इतनी बार आपको कॉल करना चाहा. मेरा कई बार फोन पर हाथ गया. 'मेरे बच्चों का एक, दो… करीब आठ जन्मदिन चले गए, लेकिन आप उसमें कभी नहीं आईं. होली आई, दिवाली आई, आप नहीं आईं. मैंने आपको बुलाया भी नहीं, मुझे माफ कर दीजिए. मुझे आपसे डर लग रहा था.' बहू की बातें सुनकर सुनीता ने कहा कि समय की बात होती है. वो खुद वक्त पर भरोसा रखती हैं. कश्मीरा ने आगे सुनीता से कहा कि अब कोई भी छोड़कर चला जाए, लेकिन वो उन्हीं के साथ होंगी. सुनीता ने भी कहा कि वो जो हैं, एकदम सच्ची हैं. कश्मीरा ने अपनी बातें खत्म करने के बाद मामी सुनीता से कहा कि वो उन्हें थोड़ा नमक खिला दें, ताकि वो बाद में कह सकें कि वे नमक हलाली करेंगी. बहू की बात सुनकर सुनीता जोर-जोर से हंसने लगीं और अपने हाथ से कश्मीरा को नमक खिला दिया. सास-बहू के बीच हुआ ये मोमेंट फैंस को काफी पसंद आ रहा है. आखिर कई सालों बाद दोनों परिवार के बीच हुई कड़वाहट खत्म हो गई है. सुनीता ने दिल से कृष्णा और कश्मीरा को माफ कर दिया है. आखिर क्यों गोविंदा-कृष्णा के बीच हुआ था झगड़ा? ये बात साल 2016 की बताई जाती है जब कृष्णा के टीवी पर अपने मामा गोविंदा को लेकर एक जोक क्रैक किया था. उनके मजाक से एक्टर भी खफा हो गए थे. इसके बाद परिवार का विवाद तब बढ़ा जब सोशल मीडिया पर कृष्णा की पत्नी कश्मीरा ने एक क्रिप्टिक ट्वीट किया, जिसमें माना गया कि उन्होंने गोविंदा पर निशाना साधा. सुनीता इस बात से काफी नाराज हुई थीं. उन्होंने कई सारे मीडिया इंटरव्यूज में कृष्णा और उनकी पत्नी को लेकर नाराजगी जाहिर की थी. फिर गोविंदा ने भी कृष्णा के जोक्स पर सवाल खड़े किए. उनका कहना था कि टीवी शोज पर राइटर्स उनके भांजे से जानबूझकर मामा वाले जोक्स बुलवाते हैं, जिससे उन्हें दुख पहुंचा है. ऐसे करते-करते दोनों परिवार के बीच कड़वाहट बढ़ने लगी. हालांकि वक्त के साथ-साथ ये धीरे-धीरे खत्म हुई. साल 2024 में जब गोविंदा के पैर पर गलती से गोली लगी थी, तब कृष्णा और उनकी पत्नी कश्मीरा एक्टर और उनके परिवार से मिलने भी गए थे.

पटना से दिल्ली तक सियासी हलचल तेज, मंत्रिमंडल विस्तार से पहले अहम बैठकों का दौर जारी

पटना  बिहार की राजनीति में हलचल तेज है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले दूसरी बार दिल्ली दौरे पर हैं। रविवार को उनकी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और कई केंद्रीय मंत्रियों से अहम मुलाकातें तय हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण बैठक अमित शाह के साथ मानी जा रही है। 6 मई को प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले यह दौरा निर्णायक माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री के साथ बैठक में मंत्रिमंडल के अंतिम स्वरूप पर मुहर लग सकती है। दिनभर बैठकों का मैराथन दिल्ली में मुख्यमंत्री का पूरा दिन बैठकों से भरा रहेगा। सुबह 10:15 बजे वे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इसके बाद 11 बजे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले।र 11:30 बजे जीतन राम मांझी से मुलाकात निर्धारित है। दोपहर 1 बजे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, शाम 6 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और 6:30 बजे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनकी बैठक होगी। मंत्रिमंडल विस्तार पर क्या संकेत? राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, बिहार में भाजपा कोटे से 16 मंत्री बनाए जाने की तैयारी है। इनमें 13 पुराने चेहरे बरकरार रह सकते हैं, जबकि 3 नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा है। इन नए नामों को लेकर पार्टी के भीतर मंथन जारी है। जदयू खेमे में बड़े बदलाव के संकेत कम हैं, लेकिन वहां से भी 2–3 नए चेहरों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। एनडीए के अन्य घटक दलों में भी लगभग नाम तय माने जा रहे हैं। नीतीश से मुलाकात के बाद दिल्ली रवाना दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। करीब आधे घंटे चली इस बैठक को अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच मंत्रिमंडल के फॉर्मूले पर चर्चा हुई। यह वीडियो भी देखें सादगी से शपथ, विस्तार होगा भव्य सूत्रों के अनुसार, हालिया शपथ ग्रहण समारोह सादगी से संपन्न हुआ था, लेकिन अब मंत्रिमंडल विस्तार को भव्य रूप देने की तैयारी है। संभावना है कि इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा कोटे से वे तीन नए चेहरे कौन होंगे, जो बिहार की सियासत में नई भूमिका में नजर आएंगे।

लखनऊ में बिजली उपभोक्ता परिषद की मांग, स्मार्ट मीटर विवाद को एजेंडे में शामिल करने की अपील

 लखनऊ  प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी राज्य सलाहकार समिति की 18 मई को बैठक बुलाई गई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार की अध्यक्षता में हाल ही में गठित समिति की पहली बैठक में विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की है। विद्युत अधिनियम-2003 के तहत गठित राज्य सलाहकार समिति में राज्य सरकार के ऊर्जा, खाद्य, कृषि, आईआईडीसी व एमएसएमई विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ ही पावर कॉरपोरेशन, ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन व मध्यांचल डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक सहित उपभोक्ता व अन्य संगठनों के प्रतिनिधि आदि रहते हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने समिति के सदस्य होने के नाते आयोग के अध्यक्ष को विस्तृत प्रस्ताव भेज कहा है कि वर्तमान में स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग व्यवस्था से जुड़े मुद्दे को भी आयोग के मुख्यालय में होने वाली बैठक के एजेंडे में शामिल किया जाए। वर्मा का कहना है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन इस संबंध में विद्युत अधिनियम का उल्लंघन कर मनमानी कर रहा है। लगभग 75 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन बिना उनकी सहमति के पोस्टपेड से प्रीपेड मोड में कर दिए गए हैं। इनमें जिन 67 लाख से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं उनमें लगभग 43 लाख एक किलोवाट जबकि 24 लाख दो किलोवाट के कनेक्शन हैं। रिचार्ज के बाद स्वतः कनेक्शन न जुड़ने सहित अन्य तकनीकी दिक्कतों के चलते प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर व्यापक जन आक्रोश एवं विरोध की स्थिति बनी हुई है। वर्मा ने उपभोक्ताओं से आंदोलन शांतिपूर्ण करने की अपील करते हुए कहा कि समिति में चर्चा से उनके हित में ठोस निर्णय निकल सकता है। परिषद अध्यक्ष ने कहा कि जब उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर पहले से ही लगभग 51 हजार करोड़ रुपये सरप्लस निकल रहा है तब किसी भी तरह से बिजली की दरों में बढ़ोतरी का भी कोई आचित्य नहीं है।