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बंगाल चुनाव में किंगमेकर कौन बनेगा? त्रिशंकु विधानसभा का गणित

कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में किसी एक पार्टी की लहर नहीं, बल्कि एक कड़ा 'चुनावी गतिरोध' देखने को मिल रहा है। ज्यादातर एग्जिट पोल यह नहीं बता रहे हैं कि कौन जीत रहा है, बल्कि यह दिखा रहे हैं कि 148 के जादुई आंकड़े के इर्द-गिर्द मुकाबला कितना कांटे का है। हालात ये हैं कि महज 5-10 सीटों का हेरफेर ही यह तय कर देगा कि राज्य में एक स्थिर सरकार बनेगी या फिर सूबे में त्रिशंकु विधानसभा की नौबत आएगी। टीएमसी और बीजेपी में कांटे की टक्कर ज्यादातर एग्जिट पोल के रुझानों से साफ है कि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राज्य में अपना विस्तार कर रही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सीधी और कांटे की टक्कर है। क्या कहते हैं एग्जिट पोल के आंकड़े? मैट्रिज (Matrize-ABP): इसके मुताबिक बीजेपी को 146-161 और टीएमसी को 125-140 सीटें मिल सकती हैं। अगर बीजेपी 146 पर रुकती है, तो वह बहुमत से दूर रह जाएगी और यह सीधे तौर पर त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति होगी। पीमार्क (PMARQ): इन आंकड़ों में बीजेपी का पलड़ा थोड़ा भारी है। बीजेपी को 150-175 और टीएमसी को 118-138 सीटें दी गई हैं। हालांकि, यहां भी बीजेपी का निचला आंकड़ा (150) बहुमत (148) से जरा सा ही ऊपर है, जो एक कमजोर जनादेश का इशारा है। एक्सिस माई इंडिया (Axis My India): इस मशहूर पोलस्टर ने बंगाल के लिए अपने आंकड़े ही जारी नहीं किए। उनका कहना है कि बहुत बड़ी संख्या में वोटरों ने अपनी पसंद का खुलासा करने से इनकार कर दिया, जिससे कड़े मुकाबले की पुष्टि होती है। पीपुल्स पल्स (Peoples Pulse): इस पोल ने दोनों पार्टियों के आंकड़ों को एक-दूसरे के काफी करीब दिखाया है, जिसका मतलब है कि तकनीकी रूप से कोई भी जीत सकता है। त्रिशंकु विधानसभा के पूरे आसार आंकड़ों को देखें तो बंगाल में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना काफी मजबूत है। ज्यादातर अनुमान बीजेपी को 140-160 और टीएमसी को 120-140 सीटों के आसपास दिखा रहे हैं। दोनों बहुमत के करीब तो हैं, लेकिन लगातार इससे ऊपर नहीं दिख रहे। हालांकि, ध्यान रखना जरूरी है कि एग्जिट पोल सिर्फ एक अनुमान होते हैं और अतीत में इनके गलत साबित होने का भी इतिहास रहा है। क्या होती है त्रिशंकु विधानसभा और क्या है नियम? बंगाल में त्रिशंकु विधानसभा का मतलब है कि किसी भी दल को 148 सीटें नहीं मिलेंगी और कोई भी अपने दम पर सरकार नहीं बना पाएगा। ऐसी स्थिति में राज्यपाल की भूमिका अहम हो जाती है। नियम के मुताबिक, राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी को सबसे पहले सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। बहुमत नहीं मिला तो सरकार कैसे बनेगी? बीजेपी की रणनीति: अगर बीजेपी बहुमत से चूकती है, तो वह छोटी पार्टियों और निर्दलीय विधायकों से समर्थन मांग सकती है। टीएमसी की रणनीति: ममता बनर्जी की पार्टी समर्थन के लिए कांग्रेस और लेफ्ट का रुख कर सकती है। जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जरूरत पड़ने पर टीएमसी को समर्थन देने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय कहा कि पार्टी तस्वीर साफ होने का इंतजार करेगी। फ्लोर टेस्ट और राष्ट्रपति शासन का विकल्प जो भी सरकार बनेगी, उसे विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के जरिए अपना बहुमत साबित करना ही होगा। अगर कोई भी गठबंधन काम नहीं करता है, तो राज्य में कुछ समय के लिए राष्ट्रपति शासन लगने और दोबारा चुनाव होने की भी संभावना बन सकती है, हालांकि ऐसा दुर्लभ ही होता है। 92% बंपर वोटिंग और 'किंगमेकर' की भूमिका पहले के चुनावों के उलट, 2026 का चुनाव पूरी तरह से टीएमसी और बीजेपी के बीच का चुनाव बन गया है। सत्ता विरोधी वोट कई दलों में बंटे हुए हैं और 92 प्रतिशत से ज्यादा की बंपर वोटिंग मजबूत लामबंदी का संकेत देती है। बीजेपी के लिए इसके मायने: अगर त्रिशंकु विधानसभा बनती है और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती है, तब भी उसे सहयोगियों की जरूरत पड़ेगी। ममता बनर्जी से सत्ता छीनने की कोशिश कर रही बीजेपी के लिए यह स्थिति राज्य में उसके नियंत्रण को सीमित कर देगी। टीएमसी के लिए इसके मायने: यह विपक्षी एकजुटता की एक बड़ी परीक्षा होगी। अगर कांग्रेस और लेफ्ट साथ देते हैं, तो बीजेपी से पिछड़ने के बावजूद टीएमसी सत्ता बरकरार रख सकती है। कांग्रेस-लेफ्ट के लिए इसके मायने: ऐसी स्थिति में कम या शून्य सीटें होने के बावजूद कांग्रेस और लेफ्ट के पास 'किंगमेकर' बनने और अपनी प्रासंगिकता हासिल करने का एक बड़ा मौका होगा।

IPL में अनुशासन तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज, BCCI कड़े नियम लाने के मूड में

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) सचिव देवजीत सैकिया ने शनिवार को कहा कि खिलाड़ियों और अधिकारियों को आइपीएल की छवि बनाए रखने के लिए तय अनुशासन का पालन करना चाहिए और संचालन संस्था नियमों का उल्लंघन करने वाली पक्षों पर लगाम कसने के लिए और भी कड़े उपायों पर विचार कर रही है। सैकिया की यह टिप्पणी राजस्थान रायल्स के कप्तान रियान पराग और टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर चल रहे आईपीएल के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं के लिए जुर्माना लगाए जाने के ठीक बाद आई है। बीसीसीआई मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए सैकिया ने कहा कि हमने बहुत साफ तौर पर कहा है कि हम उन टीमों पर लगाम कसने के लिए कुछ अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं जो नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हम कुछ कार्रवाई करेंगे और हम आईपीएल के विभिन्न नियमों और शर्तों और प्रोटोकाल पर विचार कर रहे हैं कि टीमों को कैसा व्यवहार करना चाहिए। टीमों पर लगाम कसने की तैयारी में बीसीसीआई सैकिया ने कहा कि यह सिर्फ उनके खिलाड़ी या कोई अधिकारी ही नहीं हैं। एक टीम के तौर पर उन्हें एक निश्चित अनुशासन बनाए रखना होगा ताकि आइपीएल की छवि पर कभी भी बुरा असर नहीं पड़े। यह सुनिश्चित करने के लिए हमें कोई फैसला लेना होगा और हम कुछ कार्रवाई करेंगे। पराग के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा करने वाले अपने ईमेल में बोर्ड ने कहा था कि बीसीसीआइ नियमों का उल्लंघन करने वाली टीम, उसके अधिकारियों और खिलाड़ियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई शुरू करने के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है ताकि आइपीएल की प्रतिष्ठा बनी रहे। जब उनसे पूछा गया कि क्या पंजाब पुलिस ने बीसीसीआई से संपर्क किया है क्योंकि देश में इलेक्ट्रानिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 के तहत वेपिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है तो सैकिया ने कहा कि नहीं। ऐसी कोई स्थिति नहीं है। सैकिया ने कहा कि बीसीसीआइ दो दिनों के भीतर आइपीएल प्लेआफ के स्थानों की घोषणा कर देगा। उन्होंने कहा कि हम दो दिनों में स्थल की घोषणा करने जा रहे हैं। हम इस पर काम कर रहे हैं कि आइपीएल प्लेआफ और फाइनल के लिए कौन-कौन से स्थल हमारे लिए सही रहेंगे। इसलिए हमें दो दिन का और समय लगेगा।

औषधि पादप बोर्ड की नई कार्ययोजना से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं ग्रामीण महिलाएं

छत्तीसगढ़ की जड़ी-बूटियों से महकेगा नारी शक्ति का स्वावलंबन औषधि पादप बोर्ड की नई कार्ययोजना से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं ग्रामीण महिलाएं  रायपुर छत्तीसगढ़ के वनांचल की गोद में छिपी अमूल्य औषधि संपदा अब केवल स्वास्थ्य का आधार नहीं, बल्कि प्रदेश की नारी शक्ति के आर्थिक स्वावलंबन का नया अध्याय बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन की जिस परिकल्पना को साकार कर रही है, उसे वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और  छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के मार्गदर्शन में धरातल पर उतार रहा है। गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मूसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, और शतावरी जैसी महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पतियों से अर्क और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक पहचान          वनांचल में बिखरे पारंपरिक ज्ञान को महज एक स्मृति न रहने देने के संकल्प के साथ बोर्ड ने इसे वैज्ञानिक पद्धति से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत उन स्थानीय वैद्यों और जानकारों का चिन्हांकन शुरू किया गया है, जिनके पास असाध्य रोगों के उपचार का अद्भुत ज्ञान है। बोर्ड का प्रयास इन महिलाओं को एक उचित मंच प्रदान करना है, ताकि उनकी विशेषज्ञता का लाभ समाज को मिले और वे स्वयं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर सकें। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उस विरासत का सम्मान है जिसे ग्रामीण महिलाओं ने सदियों से सहेजकर रखा है। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक जड़ी-बूटी और जनजातीय ज्ञान को अब आधुनिक विज्ञान के माध्यम से नई पहचान मिल रही है। राज्य के वनों में छिपे औषधीय खजाने को वैज्ञानिक आधार पर प्रमाणित कर, उसे आजीविका के साधन के रूप में विकसित किया जा रहा है। संग्रहण से प्रसंस्करण तक- उद्यमिता की नई उड़ान          आर्थिक मोर्चे पर सबसे बड़ा बदलाव तब दिखाई दे रहा है, जब जड़ी-बूटियों का संग्रहण करने वाली महिलाएं अब संग्राहक से आगे बढ़कर निर्माता की भूमिका में नजर आ रही हैं। बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, महिला स्व-सहायता समूहों को औषधि प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) के उन्नत गुर सिखाए जा रहे हैं। यह पहल न केवल औषधीय पौधों का संरक्षण कर रही है, बल्कि वनवासियों और लघु वन उपज संग्राहकों की आय में वृद्धि करके उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। छत्तीसगढ़ में 1500 से अधिक सक्रिय वैद्यों के ज्ञान को सहेजने और जड़ी-बूटियों के विपणन के लिए छत्तीसगढ़ जनजातीय स्थानीय स्वास्थ्य परंपराएं और औषधीय पादप बोर्ड सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह संस्था हर्बल उत्पादों की खेती, मूल्य संवर्धन, और मार्केटिंग में तकनीकी सहायता और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करती है। मूल्य संवर्धन (वेल्यू एडिशन)         छत्तीसगढ़ में जड़ी-बूटी मूल्य संवर्धन एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से राज्य के समृद्ध वन संसाधनों को वैज्ञानिक तरीके से संसाधित (प्रोसेस) करके उनके आर्थिक मूल्य को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार 'छत्तीसगढ़ हर्बल्स' ब्रांड के तहत इन उत्पादों को बढ़ावा दे रही है। जब ये महिलाएं वनों से प्राप्त कच्ची सामग्री को साफ कर, सुखाकर उसे चूर्ण, अर्क या तेल के रूप में परिवर्तित करती हैं, तो उत्पाद की कीमत और गुणवत्ता कई गुना बढ़ जाती है। इस मूल्य संवर्धन का सीधा आर्थिक लाभ उनके बैंक खातों तक पहुँच रहा है, जिससे बिचौलियों का वर्चस्व पूरी तरह समाप्त हो गया है। गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मूसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, और शतावरी जैसी महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पतियों से अर्क और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। 65 से अधिक लघु वन उपज प्रजातियों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी और उनका प्रसंस्करण किया जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख हर्बल स्टेट के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम है। छत्तीसगढ़ हर्बल्स को वैश्विक पहचान                   छत्तीसगढ़, जिसे 'जड़ीबूटि गढ़' भी कहा जाता है, अपने घने जंगलों, विशेषकर बस्तर में 160 से अधिक प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों का प्राकृतिक खजाना है। यहाँ की मिट्टी में अश्वगंधा, सर्पगंधा, गोक्षुरा (गोखरू), कुटकी और तिखुर जैसी औषधियां पाई जाती हैं, जो स्वास्थ्य और जीवन शक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। बाजार की चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए बोर्ड ने विपणन (मार्केटिंग) तंत्र को पारदर्शी बनाया है। प्रदेश के छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड को सशक्त करने के लिए प्रदर्शनियों और रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से इन उत्पादों को सीधे शहरी उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'व्होकल फार लोकल' और मुख्यमंत्री के 'लखपति दीदी' अभियान को सफल बनाने में यह रणनीति संजीवनी का कार्य कर रही है। नर्सरी प्रबंधन और स्थानीय रोजगार         जड़ी बूटियों को किचिन गार्डन, होम गार्डन में खिड़की, बालकनी, टेरिस पर गमलों, या अन्य कंटेनरों में कभी भी उगाया जा सकता है। कंटेनर गार्डनिंग या ग्रो बैग में जड़ी-बूटियां उगाने का एक फायदा यह भी है कि जड़ी-बूटी को उसकी जरूरत के आधार पर मिट्टी, पोषक तत्व, सूर्य प्रकाश और नमी के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है तथा गमलों में उगाई गई प्रत्येक जड़ी-बूटी (हर्बल) को उसकी आदर्श स्थितियां दे सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण और आजीविका के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से औषधीय पौधों की 'मदर नर्सरी' विकसित करने की जिम्मेदारी महिला समूहों को सौंपी जा रही है। इससे दुर्लभ जड़ी-बूटियों की प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं के लिए बारहमासी रोजगार के द्वार खुल गए हैं, जिससे वनांचल से होने वाले पलायन पर भी अंकुश लगा है। समृद्ध नारी, सशक्त छत्तीसगढ़        राज्य शासन का यह समेकित दृष्टिकोण इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड केवल एक प्रशासक की नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है। सामूहिक नेतृत्व और संस्थागत सुधारों पर जोर देने से आज छत्तीसगढ़ की बेटियां आत्मनिर्भर बन रही हैं। वनांचल की महिलाओं के चेहरे पर उपजी मुस्कान एक समृद्ध और स्वावलंबी छत्तीसगढ़ की सच्ची तस्वीर पेश कर रही है।       धनंजय राठौर        संयुक्त  संचालक        अशोक कुमार चंद्रवंशी सहायक जनसंपर्क अधिकारी

रांची में नई पहल: NEP 2020 के तहत झारखंड का इंटरनेशनल एजुकेशन हब बनाने की तैयारी

रांची  झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य में 'ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स' (Office of International Affairs) की स्थापना का निर्णय लिया है। यह कार्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 के प्रावधानों के तहत कार्य करेगा। उच्च शिक्षा के वैश्वीकरण के लिए एक 'सिंगल विंडो' सुविधा प्रदान करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य झारखंड के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मानकों से जोड़ना और विदेशी संस्थानों तक उनकी पहुंच को सुलभ बनाना है। एक्सचेंज प्रोग्राम और अंतरराष्ट्रीय सहयोग यह कार्यालय प्रमुख रूप से एक्सचेंज प्रोग्राम संचालित करेगा, जिससे झारखंड के विद्यार्थी विदेशों में जाकर उच्च शिक्षा और शोध (Research) कर सकेंगे। इसके साथ ही, विदेशी छात्रों को भी झारखंड के शिक्षण संस्थानों में अध्ययन और शोध के अवसर दिए जाएंगे। कार्यालय की मुख्य भूमिकाएं         नामांकन में सहायता: विदेशी विश्वविद्यालयों में चलने वाले कोर्सेज और उनकी जटिल नामांकन प्रक्रिया की जानकारी विद्यार्थियों को यहां उपलब्ध होगी।         कार्यशालाओं का आयोजन: शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में कार्यशालाएं होंगी, जहां विदेशी संस्थानों के प्रतिनिधि छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे।         झारखंड की ब्रांडिंग: विदेशों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर झारखंड के संस्थानों की शोध क्षमताओं और अवसरों से दुनिया को अवगत कराया जाएगा।         वित्तीय योजनाओं का संचालन: भविष्य में उच्च शिक्षा के लिए स्वीकृत होने वाली आर्थिक सहायता योजनाओं का क्रियान्वयन भी इसी कार्यालय के माध्यम से होगा।   मरांगगोके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना को मिलेगा बल झारखंड सरकार वर्तमान में 'मरांगगोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना' के माध्यम से राज्य के प्रतिभाशाली बच्चों को विदेश भेज रही है। हाल ही में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 25 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है।   इस योजना के तहत एसटी, एससी और ओबीसी श्रेणी के छात्रों को यूनाइटेड किंगडम और उत्तरी आयरलैंड के विश्वविद्यालयों में मास्टर और एमफिल करने के लिए 100% वित्तीय सहायता दी जाती है। 'ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स' के गठन के बाद इस योजना का संचालन और भी अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित होने की संभावना है।   राज्य सरकार के इस कदम से न केवल झारखंड के मेधावी छात्र वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे, बल्कि झारखंड भी उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूती से उभरेगा।

राजस्थान साइबर पुलिस का एक्शन, 17 आरोपियों की गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश

जयपुर राजस्थान पुलिस की साइबर यूनिट ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने महज एक व्हाट्सएप मैसेज के जरिए एक कंपनी को 5 करोड़ 30 लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने प्रदेश के पांच अलग-अलग जिलों में कार्रवाई करते हुए कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. DP लगाकर दिया झांसा, खातों में ट्रांसफर कराए करोड़ों पुलिस उपमहानिरीक्षक (साइबर अपराध) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि यह ठगी 24 अप्रैल 2026 को हुई थी. ठगों ने कंपनी के चेयरमैन की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया और अकाउंटेंट दीपेंद्र सिंह को संदेश भेजा. अकाउंटेंट को लगा कि निर्देश सीधे मालिक की ओर से आए हैं, जिसके बाद उसने बताए गए बैंक खातों में 5.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में हकीकत सामने आने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई. तकनीकी जांच और हवाला कनेक्शन पुलिस अधीक्षक (साइबर अपराध) सुमित मेहरडा की निगरानी में गठित विशेष टीमों ने जब ट्रांजेक्शन की जांच की, तो परतें खुलती चली गईं। ठगी की राशि को दर्जनों खातों में घुमाया गया और बाद में उसे 'यूएसडीटी' (USDT) और हवाला के जरिए ठिकाने लगाया गया. चाय की थड़ियों पर होती थी डील, वकालत का छात्र भी शामिल हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए 17 आरोपियों में कानून (वकालत) का एक छात्र, सैलून कर्मी और स्पेयर पार्ट्स बेचने वाला दुकानदार भी शामिल है, ये लोग किसी को शक न हो, इसलिए कमीशन के बंटवारे और पासबुक-चेकबुक के लेन-देन के लिए चाय की थड़ियों पर मिलते थे, इन जिलों से हुई गिरफ्तारियां पुलिस ने कोटा ग्रामीण, पाली, बांसवाड़ा, जोधपुर और बाड़मेर पुलिस के सहयोग से छापेमारी की. गिरफ्तार आरोपियों में सोहेल खान, मोहम्मद राशिद, समीर, तोहिद, नवीन सिंह (कोटा), अविनाश जैन, प्रवीण, अमित, भव्य, मुकेश (बांसवाड़ा), घनश्याम, राहुल, कमलेश (जोधपुर), दीपेंद्र, वीरेंद्र, हरीश (पाली) और सदराम (बाड़मेर) शामिल हैं. पुलिस की चेतावनी पुलिस ने आम जनता और संस्थानों से अपील की है कि व्हाट्सएप या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले वित्तीय निर्देशों की पुष्टि सीधे फोन कॉल के जरिए जरूर करें. गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन को लेकर जांच जारी है.

वीर सपूतों को आखिरी सलाम: IED ब्लास्ट में शहीद 4 जवान, गम में डूबा गांव

कांकेर छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर शनिवार को IED ब्लास्ट में DRG के 4 जवान शहीद हो गए। DRG की टीम जब छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी, तभी यह हादसा हुआ। आज उन चार शहीद जवानों को नारायणपुर पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई। कैसे हुआ था हादसा ? बता दें कि शनिवार 2 मई को DRG की टीम छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेट IED मिला था, जिसे बाहर निकालकर निष्क्रीय किया जा रहा था. तभी IED विस्फोट हो गया। IED की चपेट में आकर 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए। वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम को एयरलिफ्ट कर रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित अस्पताल में लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब आज रविवार को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को नारायणपुर पुलिस लाइन में लाया गया, जहां तिरंगे में लिपटे शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी शहीदों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। वहीं पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से बस्तर में नक्सल चुनौती को उजागर किया है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, लेकिन वीर सपूतों इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले और परमानंद कोर्रम की शहादत ने हर दिल में देशभक्ति और सम्मान की भावना को और मजबूत कर दिया है।

चींटियों से छुटकारा पाने का आसान तरीका! डिटॉल और हींग वाला स्प्रे करेगा काम

किचन घर का एक ऐसा कोना है जहां साफ-सफाई सबसे जरूरी हो जाती है क्योंकि यहां आपका खाना-पीना बनता है जो सीधे आपकी सेहत पर असर करता है. लेकिन खाने-पीने की चीजों की वजह से किचन में चींटिया और कॉकरोच जैसे कीड़े-मकोड़े खिचें चले आते हैं. चीनी का एक दाना या खाने की हल्की सी महक भी चींटियों की पूरी फौज को दावत दे देती है. बाजार में मिलने वाले कीटनाशक स्प्रे खाने की जगह पर इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है. ऐसे में मशहूर शेफ पंकज भदौरिया की ट्रिक आपके काफी काम आ सकती है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर कुछ समय पहले ये ट्रिक शेयर की थी. इस नुस्खे की सबसे अच्छी बात यह है कि इससे चींटियों को कोई नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें भगाया जा सकता है जिससे आपकी रसोई भी सुरक्षित और साफ बनी रहती है. पंकज भदौरिया ने दी ये टिप शेफ पंकज के अनुसार, चींटियों को भगाने के लिए एक स्प्रे बॉटल लीजिए. इसमें 2 चम्मच डिटॉल मिलाएं और एक चम्मच पिसी हुई हींग. अब इसे अच्छी तरह शेक कर लीजिए. वो बताती हैं कि हींग और डिटॉल की महक चींटियों को दूर रखती है. इसे आप किचन समेत घर में कहीं भी स्प्रे कर सकते हैं और चींटियों से छुटकारा पा सकते हैं. ये तरीके भी आ सकते हैं काम यहां हम आपको कुछ और घरेलू नुस्खे भी बता रहे हैं जो आपके घर को चींटियों से मुक्त रख सकते हैं. चींटियों को भगाने के लिए सफेद सिरका भी काफी शक्तिशाली हथियार है. इसके लिए एक स्प्रे बोतल में बराबर मात्रा में पानी और सफेद सिरका मिलाएं. जहां भी आपको चींटियों की कतार दिखे या उनके घुसने की जगह हो (जैसे खिड़कियों के कोने, दराजों के नीचे या स्लैब के किनारे), वहां इस मिश्रण का छिड़काव करें.

हत्या केस पर सख्त रुख: अनिल विज ने एसपी से बात कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के दिए आदेश

अंबाला. हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बीती रात टुंडला के निकट गोली लगने से युवक गुरप्रीत सिंह की मौत के मामले में आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश अंबाला एसपी को दिए। विज ने सुबह छावनी सिविल अस्पताल में पहुंचकर मृतक के स्वजनों को इस मामले में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। विज ने मौके पर ही एसपी को फोन मिलाते हुए मामले में संलिप्त आरोपितों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि रात्रि गौ तस्कर थे जोकि गोवंशों को लेकर जा रहे थे और जैसे ही पुलिस को पता लगा तो हमारी पुलिस की दो जिप्सियां पीछे लगी। आरोपितों ने गोलियां चलाई जोकि उनके हलके के गांव गरनाला निवासी युवक गुरप्रीत सिंह को लगी। पोस्टमार्टम में पता चलेगा कि गोली किसकी लगी। उन्होंने इस मामले में अंबाला एसपी को सख्त निर्देश दिए हैं कि जल्द आरोपितों को पकड़ा जाए।

सेकेंड हैंड चीजों में छिपी हो सकती है नकारात्मक ऊर्जा, जानें शुद्धिकरण के आसान तरीके

 वास्तु शास्त्र के अनुसार पुराना सामान घर लाना नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है। किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किया हुआ सामान घर में परेशानियों का कारण भी बन सकता है। पैसे बचाने के चक्कर में सेकेंड हैंड सामान तो खरीद लेते हैं लेकिन ये नहीं पता होता कि सामान को इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति जीवित है या नहीं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, किसी मृत व्यक्ति की पुरानी चीजों में उसकी ऊर्जा, भावनाएं और यादें मौजूद होती हैं, जो आपके ऊपर भी प्रभाव डाल सकती हैं। ऐसे में उस व्यक्ति की भावनात्मक ऊर्जा को हटाना बहुत जरूरी होता है। वास्तु गुरु मान्या जी के अनुसार, पुराना सामान खरीदना गलत नहीं है, लेकिन इन वस्तुओं का इस्तेमाल करने से पहले वास्तु के कुछ जरूरी नियमों का पालन जरूरी है। नमक से  सफाई अगर आप किसी मृत व्यक्ति की अलमारी या फर्नीचर का इस्तेमाल करने जा रहे हैं तो उसकी सफाई करना बहुत जरूरी है। इसके लिए पानी और सेंधा नमक के घोल से उसे अच्छे से साफ करें। नमक पुरानी और परेशान करने वाली यादों को सोखने का काम करता है। सूरज की रोशनी सूरज की रोशनी को शुद्धिकरण के लिए सबसे शक्तिशाली माना जाता है। ऐसे में पुरानी चीजों को कम से कम एक दिन तेज धूप में रखें। सूर्य की तेज किरणों से उस सामान में मौजूद पुरानी और नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी और उसमें सकारात्मक ऊर्जा भर जाएगी। गंगा जल का छिड़काव हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र दोनों में गंगा जल को अत्यंत शुद्ध और पवित्र माना गया है। नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने की इसमें अद्भुत शक्ति होती है। ऐसे में गंगा जल का छिड़काव करने से पुराने मालिक के दुख और तनाव का असर उस वस्तु पर से पूरी तरह खत्म हो जाता है। कपूर और लोबान का प्रयोग कपूर और लोबान घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करने का काम करता है। ऐसे में पुरानी चीजों के पास भीम सेनी कपूर या लोबान जलाना चाहिए। इसका धुआं रुकी हुई ऊर्जा को हटाकर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का काम करता है। इसके साथ ही वहां धूप बत्ती भी जला सकते हैं। पुराने फर्नीचर को पेंट करवाएं घरों में अकसर पूजा के समय घंटी बजाने की परंपरा का पालन किया जाता है। घंटी की ध्वनि नकारात्मक ऊर्जा को तोड़ने का काम करती है। इसकी कंपन से वहां मौजूद नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है। संभव हो तो पुराने फर्नीचर और सामान को फिर से पेंट करवा दें। नया रंग उस वस्तु को नई पहचान देने और पुरानी ऊर्जा को खत्म करने का काम करता है। वास्तु गुरु की सलाह जब आप ये उपाय कर रहे हों, तो मन में ये प्रार्थना करें 'मैं इस सामान को पुरानी दुख भरी यादों से आज़ाद करता हूं और इसे नया प्यार और शांति के साथ अपना रहा हूं।'  

50 लाख फिरौती मामले में गोल्डी बराड़ के पिता को जमानत, 30 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी

श्री मुक्तसर साहिब/चंडीगढ़. करीब एक साल पुराने फिरौती के एक मामले में श्री मुक्तसर साहिब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह की जमानत अर्जी एडिशनल सेशन जज रमन कुमार की अदालत ने मंजूर कर ली है। उल्लेखनीय है कि श्री मुक्तसर साहिब के निकटवर्ती गांव उदेकरण के रहने वाले एक सरकारी शिक्षक से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने के संबंध में पुलिस ने तीन दिसंबर 2024 को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसी मुकदमे की जांच के दौरान पुलिस ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह (पूर्व एएसआई) को 24 जनवरी 2026 और उसकी माता प्रीतपाल कौर को 25 जनवरी 2026 को मामले में नामजद किया था। इसके बाद उन्हें अमृतसर से गिरफ्तार किया गया था। शमशेर सिंह के वकील बाबू सिंह सिद्धू ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रीतपाल कौर की जमानत पहले ही मंजूर हो गई थी, जबकि शमशेर सिंह की जमानत याचिका अब अदालत द्वारा स्वीकार कर ली गई है।