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बड़ा एक्शन: 590 करोड़ के घोटाले की जांच CBI के हवाले, CFO अमित देवन बर्खास्त

पंचकूला. हरियाणा सरकार के विभिन्न सरकारी विभागों के 590 करोड रुपए के बैंक घोटाले में एक और सरकारी अधिकारी पर गाज गिर गई है। हरियाणा के पावर यूटिलिटी सेक्टर में बड़े प्रशासनिक फैसले के तहत मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अमित देवन को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आदेश में उन पर अपने पद का दुरुपयोग कर आरोपियों और बैंक अधिकारियों से सांठगांठ कर निगम (HPGCL) के हितों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। मामले की जांच पहले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की जा रही थी, जिसे अब हरियाणा सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है। आदेश में कहा गया है कि समानांतर विभागीय जांच चलाने से सीबीआई जांच प्रभावित हो सकती है और सबूतों के समय से पहले उजागर होने या उनके साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी रहती है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते अमित देवन पर उच्च नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां थीं, लेकिन उन्होंने गंभीर कदाचार किया, जिससे राज्य सरकार और पावर यूटिलिटीज की छवि को नुकसान पहुंचा है। प्रबंधन ने यह भी आशंका जताई कि अधिकारी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रिकॉर्ड में बदलाव या उन्हें नष्ट कर सकते हैं, साथ ही अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए उनके खिलाफ खुलकर गवाही देना भी मुश्किल हो सकता है। इन परिस्थितियों में निष्पक्ष विभागीय जांच कर पाना संभव नहीं माना गया। इसी आधार पर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम कर्मचारी (दंड एवं अपील) विनियम, 2018 के प्रावधानों के तहत विभागीय जांच की प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर देना भी व्यावहारिक नहीं समझा गया। प्रबंध निदेशक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अमित देवन की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

खन्ना के ढाबे पर हुई फायरिंग: कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने घटना का लिया संज्ञान

चंडीगढ़ कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने प्रेम वैष्णो ढाबा, खन्ना का दौरा कर हाल ही में वहां हुई फायरिंग की घटना का जायजा लिया। इस मौके पर उनके साथ एस.पी. हरपिंदर कौर गिल, डी.एस.पी. तरलोचन सिंह सहित खन्ना पुलिस के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। कैबिनेट मंत्री सोंद ने कहा कि पंजाब की अमन-शांति को भंग करने वालों के लिए स्पष्ट संदेश है कि इस धरती पर समाज विरोधी तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसे शरारती तत्वों को काबू किया जाएगा और कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। तरुणप्रीत सिंह सोंद ने कहा कि प्रेम वैष्णो ढाबा हमारे खन्ना का एक प्रसिद्ध ढाबा है। लंबे समय से इसकी तीसरी पीढ़ी इसे चला रही है। पिछले दिनों इन्हें संदिग्ध कॉल्स आ रही थीं। इसके बाद मैंने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस कप्तान (एस.एस.पी.) खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया से बात कर इस मामले को ट्रेस करने के लिए कहा था और पुलिस इसकी जांच कर रही थी। उन्होंने बताया कि इसी दौरान जब प्रेम वैष्णो ढाबा के संचालक अपने घर में सुरक्षित सो रहे थे, तब कुछ शरारती तत्वों ने धमकी देने के उद्देश्य से फायरिंग करवाई। घटना की पूरी सीसीटीवी फुटेज, बैलिस्टिक रिपोर्ट और अन्य सभी सबूत इकट्ठे कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए खन्ना पुलिस उसी दिन से पूरी मुस्तैदी के साथ जुटी हुई है। कैबिनेट मंत्री सोंद ने एस.एस.पी. खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में खन्ना पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस जिला खन्ना को अपराध मुक्त बनाने और गैरकानूनी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एक निर्धारित समय के भीतर इस मामले को भी सुलझा लिया जाएगा और यह भी पता लगाया जाएगा कि इसके पीछे कौन से शरारती तत्व हैं जो माहौल खराब करना चाहते हैं। वे आरोपी बहुत जल्द खन्ना पुलिस की गिरफ्त में होंगे। उन्होंने प्रेम वैष्णो ढाबे की सुरक्षा के बारे में बताया कि पीसीआर जीप हर समय ढाबे के बाहर तैनात रहती है। उन्होंने एस.पी. हरपिंदर कौर गिल को निर्देश दिए कि जब तक यह मामला हल नहीं हो जाता, तब तक ढाबे की सुरक्षा के लिए एक पुलिस कर्मी तुरंत तैनात किया जाए।

ब्लास्ट केस में नया मोड़: गुरजिंदर के परिवार ने कहा—हमारा बेटा निर्दोष

बटाला. पटियाला-शंभू रेलवे ट्रैक धमाके के आरोपित गुरजिंदर सिंह उर्फ बाबा बेअंत सिंह का परिवार सामने आया है। गुरजिंदर सिंह के माता-पिता ने उसे बेगुनाह बताया है। उनका आरोप है कि उसे मामले में बेवजह फंसाया गया है। आरोपित गुरजिंदर सिंह के पिता मुख्तियार सिंह ने बताया कि गुरजिंदर सिंह को वीरवार धारीवाल में दूध देने के लिए गया था। काफी समय तक गुरजिंदर सिंह घर नहीं आया। वह जब गुरजिंदर को ढूंढने के लिए गए तो पता चला कि सादा कपड़ों में आए पुलिस वालों ने गुरजिंदर को हिरासत में लिया है और साथ ले कर चले गए हैं। पुलिस बोली- कुछ देर में आएगा गुरजिंदर शुक्रवार को उनके घर पर कुछ पुलिस कर्मचारी आए और गुरजिंदर सिंह के साथ उनकी फोन पर बात करवाई। इसके बाद पुलिस वाले घर से गुरजिंदर के कुछ कपड़े और फोन लेकर चले गए। पुलिस वालों का कहना था कि गुरजिंदर कुछ ही समय बाद घर आ जाएगा। उन्हें शनिवार को पता चला कि गुरजिंदर को बम धमाके में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गुरजिंदर सिंह की मां जसबीर कौर ने बिलखते हुए बताया कि उसका बेटा खेतीबाड़ी का काम करता है और अपने काम में ही व्यस्त रहता है। उसका किसी प्रकार के किसी अपराध में शामिल होने के बारे में परिवार तो क्या पूरा इलाका ही नहीं सोच सकता। वह बेहद संजीदा लड़का है और उसका किसी अपराधी के साथ कोई लेना देना नहीं है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ धक्का किया है।

प्रशांत किशोर का पुराना बयान वायरल, धोनी वाली टिप्पणी पर सोशल मीडिया में चर्चा तेज

तमिलनाडु  तमिलनाडु में चुनावों का रुझान सामने आ रहे हैं। अब तक के रुझान में एक्टर विजय थलापति की पार्टी टीवीके बंपर जीत की ओर बढ़ रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार विजय की टीवीके 234 में से 100 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। धोनी से ज्‍यादा पॉपुलर हो जाऊंगा तमिलनाडु में थलापति विजय के एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा था कि यहां एमएस धोनी को जानने वाले काफी हैं। वह अकेले बिहारी हैं, जिनकी पॉपुलरिटी तमिलनाडु में मुझसे ज्‍यादा है। उन्होंने कहा कि लेकिन याद रखिएगा, जब मैं आपको (टीवीके) जीतने में मदद करूंगा, तो तमिलनाडु में धोनी से ज्‍यादा पॉपुलर हो जाऊंगा। आज तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद प्रशांत किशोर का पुराना वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। हालांकि, बता दें कि पीके और IPAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) से अलग हो चुके हैं। बिहार चुनाव में मिली हार प्रशांत किशोर ने पिछले साल बिहार चुनाव में हार का सामना करने के बाद कहा था कि वह अब किसी भी पार्टी को एडवाइज नहीं करेंगे। बिहार विधानसभा चुनाव में भी प्रशांत किशोर की पार्टी ने जोर आजमाइश की थी। लेकिन उनकी पार्टी को इस चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

दक्षिण भारत में उलटफेर: कोलाथुर में हार, CM स्टालिन को झटका, केरल में कांग्रेस (UDF) को मिला बहुमत

तिरुवनंतपुरम/चेन्नई/गुवाहाटी  विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के ताज़ा रुझानों ने देश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों, तमिलनाडु और केरलम से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। जहाँ तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन खुद अपनी सीट पर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं केरलम में कांग्रेस गठबंधन (UDF) सत्ता की ओर मजबूती से बढ़ता दिख रहा है। तमिलनाडु : स्टालिन पिछड़े, एक्टर विजय की धमाकेदार एंट्री तमिलनाडु के रुझानों ने राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर दिया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपनी पारंपरिक सीट कोलाथुर से पीछे चल रहे हैं। शुरुआती रुझानों के अनुसार, सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK करीब 70 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों में TVK 2 सीटों पर, AIADMK 3 और DMK 1 सीट पर आगे दिखाई दे रही है। कुल सीटों के हिसाब से तमिलनाडु में DMK 46 सीटों पर बढ़त के साथ मुकाबला कड़ा करने की कोशिश में है। केरलम : UDF ने मारी बाजी, बाजी पलटते हुए कांग्रेस आगे केरलम में 'सत्ता परिवर्तन' का रिवाज बरकरार रहता दिख रहा है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF गठबंधन को 83 सीटों पर बढ़त हासिल हो गई है, जो बहुमत के आंकड़े से कहीं आगे है। सत्ताधारी LDF फिलहाल 53 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के अनुमानों के अनुरूप ही यहाँ कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनती दिखाई दे रही है। असम और पुडुचेरी : बीजेपी की मजबूत वापसी उत्तर-पूर्वी राज्य असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपनी पकड़ मजबूत करती दिख रही है। असम : मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी 69 सीटों पर आगे चल रही है, जिससे सत्ता में वापसी के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। पुडुचेरी : यहाँ भी बीजेपी 22 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे NDA गठबंधन की वापसी तय मानी जा रही है। रुझानों के आने के साथ ही राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। दोपहर तक इन सभी राज्यों की अंतिम तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

साय बोले—बंगाल-असम में BJP की सरकार तय, PM मोदी के नेतृत्व पर जनता का बढ़ा विश्वास

रायपुर. प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चार राज्य और एक केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव परिणामों की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत का भरोसा जताया है. मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से असम और पश्चिम बंगाल में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने का दावा किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी सोमवार को आने वाले परिणाम को लेकर बेहद आशान्वित है. मुख्यमंत्री साय ने कहा, कल चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव के परिणाम आने हैं और हम लोग बहुत आशावान हैं. दो राज्यों- पश्चिम बंगाल और असम में निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी की स्पष्ट बहुमत की सरकार बना रही है. अन्य राज्यों में भी एनडीए की मजबूत स्थिति की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने गठबंधन की सफलता का दावा कर कहा, उन्होंने स्वयं केरल का दौरा किया और वहां के अनुभवों को साझा करते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोगों का विश्वास बढ़ा है, जिसका लाभ एनडीए को मिलेगा. मुख्यमंत्री साय ने उन सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया जो छत्तीसगढ़ से दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए गए थे. पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल पर चर्चा करते हुए सीएम साय ने कहा, वहां की जनता वर्तमान ममता बनर्जी सरकार और टीएमसी के कामकाज से असंतुष्ट है. बंगाल में इस बार परिवर्तन की लहर चल रही है और जनता का जनसैलाब भाजपा के पक्ष में उमड़ रहा है.

सीएम ने ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन किया, 55 बीघा जमीन पर 110 करोड़ की परियोजना

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े पहले आवासीय ‘ऋषि गालव विश्वविद्यालय’ का भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना से हुई। 55 बीघा में बनेगा परिसर, 5000 छात्रों की क्षमता यह विश्वविद्यालय शिवपुरी लिंक रोड, शीतला माता मार्ग स्थित ग्राम बेला में बनाया जाएगा। लगभग 55 बीघा भूमि पर बनने वाले इस परिसर की अनुमानित लागत 110 करोड़ रुपये है। यहां करीब 5,000 छात्र-छात्राओं के अध्ययन की सुविधा होगी। निर्माण कार्य तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। ‘मध्य भारत शिक्षा समिति’ करेगी संचालन करीब 85 वर्षों से सक्रिय मध्य भारत शिक्षा समिति विश्वविद्यालय का संचालन करेगी। लक्ष्य है कि गुरु पूर्णिमा (18 जुलाई 2027) से शैक्षणिक सत्र शुरू किया जाए। मंच पर प्रमुख अतिथि रहे मौजूद कार्यक्रम में आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडे, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। नई शिक्षा नीति से जुड़े सपनों पर जोर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद शिक्षा में भारतीय दर्शन को समाहित करने की अपेक्षा थी, जो अब नई शिक्षा नीति के माध्यम से साकार हो रही है। बनने वाले विश्वविद्यालय की विशेषताएं जाने     विश्वविद्यालय की लागत 110 करोड़, तीन साल में तैयार होगा, गुरु पूर्णिमा 18 जुलाई 2027 से सत्र शुरू करने का लक्ष्य तय है।     इसका संचालन मध्य भारत शिक्षा समिति करेगी। आरएसएस का पहला विश्वविद्यालय होगा। संघ से जुड़े शैक्षिक संस्थानों विद्या भारती स्कूल संचालित करती है।     ग्वालियर के बाद प्रदेश में किसी और शहर में आरएसएस विश्वविद्यालय का अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। संघ से जुड़े विद्या भारती की देशभर में पांच नई यूनिवर्सिटी बनाने की योजना विचाराधीन हैं।     चाणक्य यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु कर्नाटक में पहले से खुल चुकी है। पहला बैच 200 छात्रों का शुरू हो चुका है। असम गुवाहाटी- एक और आरएसएस यूनिवर्सिटी पर काम चल रहा है। बाकी तीन यूनिवर्सिटी अभी जगह फाइनल नहीं हुई है। मुख्यमंत्री के साथ प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, जयभान सिंह पवैया, संत कृपाल सिंह, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, अनूप मिश्रा, सांसद भारत सिंह कुशवाह और भाजपा व आरएसएस के कई नेता व पदाधिकारी मौजूद हैं। मध्यभारत शिक्षा समिति द्वारा 55 बीघा भूमि पर करीब 110 करोड़ रुपए की लागत से विश्वविद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन मुख्यमंत्री इसके बाद दोपहर करीब 12.30 बजे मेला मैदान पहुंचकर राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे वृंदावन ग्राम थीम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितलाभ वितरित करेंगे। सम्मेलन में पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन सिंह पटेल, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का करेंगे अवलोकन सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री शिवपुरी लिंक रोड स्थित एम्पायर रिसोर्ट में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात अपरान्ह करीब 3.40 बजे गोला का मंदिर क्षेत्र में निर्माणाधीन आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का अवलोकन करेंगे। यहां से वे एयरपोर्ट पहुंचकर वायुमार्ग से भोपाल रवाना होंगे। मुख्यमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम       दोपहर 3 बजे शिवपुरी लिंक रोड स्थित एम्पायर रिसोर्ट में स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे।     अपरान्ह 3.40 बजे गोला का मंदिर क्षेत्र में निर्माणाधीन आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का अवलोकन करेंगे।     शाम 4.15 बजे एयरपोर्ट पहुंचकर वायुमार्ग से भोपाल रवाना होंगे।     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 1938 में ग्वालियर में शुरू हुई थी पहली शाखा     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ग्वालियर में पहले प्रचारक नारायण राव तर्ते आये थे। उन्हीं के प्रयासों से अप्रैल 1938 में जीवाजीगंज स्थित पोतनीस की धर्मशाला में नियमित रूप से संघ शाखा प्रारंभ हुई थी। महानगर की पहली शाखा में जाने वाले प्रमुख स्वयंसेवक थे-माधवराव वाघ, श्रीकृष्ण कान्हेरे, माधव केलकर, श्रीधर गोपाल कुंटे, दत्तात्रय कल्याणकर, दिगम्बर सोहनी, नरहरि सोहनी, राव साहब पाटील, कृष्णराव भट्ट, सदाशिवराव भिड़े, श्रीरंग हरि गोखले, बापूनाना परांजपे।

पंजाब में आंधी-ओलावृष्टि का खतरा, तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री कम, हीटवेव से राहत

लुधियाना  पंजाब में बदलते मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है। हाल ही में हुई बारिश के कारण प्रदेश के तापमान में करीब 3.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 4.7 डिग्री कम है। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार आज (4 मई) राज्य में तेज आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। इसी को देखते हुए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं कुछ स्थानों पर एक सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के 22 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जबकि 13 जिलों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। इसके अलावा अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर और मोगा में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।  मंडियों में रखा गेहूं भीगा  पंजाब में आंधी से कई जिलों में बिजली के खंभे, होर्डिंग व पेड़ टूटकर गिर गए। वर्षा से तापमान में भी गिरावट आई और कई जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। लोगों को गर्मी से राहत मिली। पिछले दिनों कई जिलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर चला गया था। मौसम विभाग ने सोमवार-मंगलवार को भी प्रदेश में आंधी चलने और अधिकांश जिलों में सामान्य से मध्यम वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जगह ओलावृष्टि की संभावना है। हिमाचल में कई घरों की छतें उड़ गईं। आंधी व ओलावृष्टि से बागवानी को भी नुकसान पहुंचा। कई जगह पेड़ गिरने से सड़कें अवरुद्ध रहीं। शिमला के बैनमोर वार्ड में बिजली गिरने से एक पेड़ दोफाड़ हो गया। दो जिलों का तापमान 35 डिग्री से अधिक राज्य में केवल 2 जिले 35 से 40 डिग्री के बीच रहे, जिनमें बठिंडा (37.5 डिग्री) और फाजिल्का (35.4 डिग्री) शामिल हैं, जबकि कोई भी जिला 40 डिग्री से ऊपर नहीं पहुंचा। बाकी जिलों में तापमान 28.5 से 34.6 डिग्री के बीच रहा। चंडीगढ़ में 33.2 डिग्री (3.0 डिग्री कमी), अमृतसर में 32.8 डिग्री (4.3 डिग्री कमी), लुधियाना में 33.4 डिग्री (4.6 डिग्री कमी), पटियाला में 34.6 डिग्री (2.9 डिग्री कमी), फिरोजपुर में 34.6 डिग्री (3.3 डिग्री कमी), होशियारपुर में 31.5 डिग्री (3.8 डिग्री कमी), मोहाली में 32.4 डिग्री (2.9 डिग्री कमी), पठानकोट में 33.8 डिग्री (1.1 डिग्री कमी), रूपनगर (भाखड़ा डैम) में 30.7 डिग्री (5.2 डिग्री कमी) और आनंदपुर साहिब में 32.8 डिग्री (2.8 डिग्री कमी दर्ज हुई। कुल मिलाकर राज्य में तापमान में 1 से 5 डिग्री तक गिरावट देखने को मिली, जिससे गर्मी में हल्की राहत महसूस हुई। इस तरह का मौसम बना हुआ है मौसम विभाग के मुताबिक इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान की तरफ सक्रिय है, जो हवा में करीब 3 किमी ऊंचाई पर घूम रहा है और ऊपर की तरफ एक लहर (ट्रफ) भी बनी हुई है। इसके साथ ही हरियाणा और आसपास के इलाकों में भी हवा का एक सिस्टम बना हुआ है, जो करीब डेढ़ किमी तक फैला हुआ है। इसी वजह से मौसम बदल रहा है, जिससे बादल, तेज हवा, गरज-चमक और बारिश होने के आसार बढ़ गए हैं। भूस्खलन से उड़ी-बारामुला मार्ग बंद कश्मीर के उड़ी में रविवार को वर्षा के कारण भूस्खलन होने से उड़ी-बारामुला राजमार्ग बंद कर दिया गया है। सड़क पर भारी मलबा और कीचड़ जमा हो गया है, जिसे हटाने का काम जारी है। शहर     वर्षा (मिमी में) पालमपुर     38.0 लुधियाना     25.6 चंडीगढ़     23.7 मोहाली     20.9 अमृतसर     2.2 फिरोजपुर     2.5 नवांशहर     2.1 रूपनगर     1.5 हिमाचल के रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला में हुआ हिमपात हिमाचल के रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला में हिमपात और धर्मशाला में ओलावृष्टि हुई। मौसम सुहाना होने से पर्यटक भी बढ़े हैं। मनाली के होटलों में 75 प्रतिशत आक्यूपेंसी पहुंच चुकी है। शिमला, मनाली, कसौली, मैक्लोडगंज व डलहौजी में भी पर्यटक पहुंचने लगे हैं। लाहुल स्पीति के कोकसर में बर्फ देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी है। सिरसा और भिवानी में गिरे ओले, तेज आंधी के साथ वर्षा हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों में तेज गति की हवाओं आंधी अंधड़ के साथ वर्षा हुई। सिरसा-भिवानी में ओले गिरने के बाद रविवार देर रात को हिसार और महेंद्रगढ़ के सतनाली में तेज आंधी के बाद वर्षा हुई। रविवार रात को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, हांसी, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में वर्षा हुई। इसके अलावा झज्जर, रोहतक, गुरुग्राम, नूंह मेवात, पलवल और फरीदाबाद जिलों में आंधी अंधड़ व गरज चमक के साथ छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना देर रात तक बनी हुई थी। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूरे क्षेत्र में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान बादलों की आवाजाही, तेज हवाएं, आंधी-अंधड़ और हल्की वर्षा की संभावना बनी रहेगी, लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।   तापमान में आई गिरावट राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बठिंडा में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री और फाजिल्का में 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य जिलों में तापमान 28.5 से 34.6 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, फिरोजपुर, होशियारपुर और मोहाली समेत कई शहरों में 1 से 5 डिग्री तक तापमान में कमी आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अगले 7 दिनों तक मौसम रहेगा बदला-बदला मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिलेगा। 5 मई को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 6 से 8 मई के बीच अलग-अलग इलाकों में बारिश की संभावना बनी रहेगी। अगले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद 3 से 4 डिग्री तक और गिरावट आ सकती है।

इंटरनेशनल फायर फाइटर डे पर जबलपुर के फाइटर का संदेश: हम हर वक्त तैयार रहते हैं, चाहे जान को खतरा हो

 जबलपुर   विपरीत परिस्थितियों में भी राह निकालना फायर फाइटर्स की पहचान है। अपनी जान की परवाह किए बिना वे दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए हर समय तैयार रहते हैं।आग पर काबू पाना हो, रेस्क्यू आपरेशन चलाना हो या किसी भी प्रकार की आपदा से निपटना, फायर फाइटर्स हर चुनौती का डटकर सामना करते हैं। 60 से अधिक चालक विभाग में कार्यरत विभाग में 60 से अधिक चालक कार्यरत हैं, जो फायर ब्रिगेड वाहनों को तेजी और सुरक्षित तरीके से घटनास्थल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे संकरे रास्तों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी बिना समय गंवाए वाहन चला सकें। चालक समय के पाबंद हैं निरीक्षण में यह भी सामने आया कि चालक समय के पाबंद हैं, और काल मिलते ही तुरंत अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहते हैं। साथ ही 150 आउटसोर्स कर्मचारी निगम के हैं। हाईटेक ‘टर्न टेबल लेडर (टीटीएल)’ भी कर्मचारी सब स्टेशन आईएसबीटी, रांझी व हाईकोर्ट के पास तैनाम रहते है। विभाग के पास 11 फायर वाहन, नौ शव वाहन व 4 आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए वाहन है। साथ ही हाईटेक ‘टर्न टेबल लेडर (टीटीएल)’ भी शामिल है। 17–18 मंजिल तक पहुंचने में सक्षम यह विशेष वाहन 17–18 मंजिल तक पहुंचने में सक्षम है और ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद करता है। यह 360 डिग्री पर काम करता है और जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन को आसान बनाता है। कभी-कभी आ जाती है समस्या फायर फाइटर्स का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक और दुर्घटना स्थल पर जुटने वाली भीड़ है। अक्सर लोग फायर ब्रिगेड के सायरन को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। भीड़ के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है भीड़ के कारण काम में बाधा आती है और स्थिति और गंभीर हो सकती है। दूसरों की जान बचाने के साथ अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

जनगणना फार्म में ओबीसी कॉलम नहीं, पिछड़ा वर्ग ने उठाई जाति आधारित गणना की आवाज

फिरोजपुर  फिरोजपुर में जनगणना 2027 के तहत शुरू की गई स्वैच्छिक ऑनलाइन जानकारी भरने की प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है। इस प्रक्रिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अलग कॉलम शामिल न किए जाने पर पिछड़े वर्गों में रोष बढ़ गया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुरभेज सिंह टिब्बी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह पिछड़े वर्गों के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि जब सरकार सामाजिक न्याय और समानता की बात करती है, तो जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में ओबीसी वर्ग की अनदेखी समझ से परे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाति आधारित जनगणना समय की मांग है और इससे ही समाज के सभी वर्गों की वास्तविक स्थिति का सही आकलन हो सकेगा। कॉलम न होना चिंता का विषय टिब्बी ने बताया कि जनगणना 2027 के तहत नागरिकों को सुविधा देने के लिए स्वयं जानकारी भरने की व्यवस्था शुरू की गई है, जो 14 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से लोग घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, लेकिन इसमें ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम न होना चिंता का विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि तुरंत इस त्रुटि को सुधारते हुए ऑनलाइन फार्म में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ा जाए, ताकि पिछड़े वर्गों की सही गणना सुनिश्चित हो सके। उनका कहना है कि बिना सटीक आंकड़ों के नीतियां बनाना संभव नहीं है और इससे सामाजिक संतुलन भी प्रभावित हो सकता है। तत्काल ध्यान देने की जरूरत इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद राज्य में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण से जुड़े प्रावधान सही तरीके से लागू नहीं हो रहे हैं। यह स्थिति भी चिंता का विषय है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। टिब्बी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो ओबीसी समुदाय को मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक वर्ग का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय से जुड़ा बड़ा मुद्दा है, जिस पर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ निर्णय लिया जाना चाहिए।