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महिला सुरक्षा में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, जयपुर पुलिस में सर्जरी

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर के मालवीय नगर इलाके में बीते दिनों एक गर्भवती महिला के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में अब पुलिस महकमे के भीतर बड़ी कार्रवाई हुई है. पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने सख्त रुख अपनाते हुए जवाहर सर्किल थाना प्रभारी (CI) आशुतोष कुमार को तुरंत प्रभाव से पद से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है. इस मामले में पहले ही दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है, लेकिन अब मंगलवार (05 मई, 2026) को गाज थाना प्रभारी पर भी गिरी है. क्यों हुई यह कार्रवाई? यह पूरा मामला 16 अप्रैल को सामने आया था, जब राहुल गुर्जर नाम के आरोपी ने एक गर्भवती महिला के साथ सरेराह गलत हरकत की थी. इस घटना से पूरे शहर के लोगों में गुस्सा था. आरोप था कि शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरती और आरोपी को पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया गया था. मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने अब थाना स्तर पर यह बड़ी सर्जरी की है. आरोपी राहुल गुर्जर फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है. जयपुर पुलिस में 5 CI के तबादले पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, केवल जवाहर सर्किल ही नहीं, बल्कि कुल 5 पुलिस निरीक्षकों (Inspectors) के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं. जवाहर सर्किल थाने की कमान अब महेश चंद गुर्जर को सौंपी गई है, जो इससे पहले जवाहर नगर थाना प्रभारी थे. उनकी जगह सरला यादव को जवाहर नगर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है. वहीं, जितेन्द्र कुमार वर्मा को बजाज नगर थाने की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, बजाज नगर की थाना प्रभारी पूनम चौधरी को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है. लापरवाही बर्दाश्त नहीं पुलिस कमिश्नरेट की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जहां आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें एमपी के बीहड़ों तक पहुंच गई थीं, वहीं थाने के भीतर हुई शुरुआती लापरवाही ने विभाग की छवि पर सवाल खड़े किए थे. अब नए प्रभारियों की नियुक्ति के साथ लोगों ने उम्मीद जताई जा रही है कि इलाके में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली में सुधार होगा.

जनसमस्या निवारण शिविर बना आमजन के लिए राहत का माध्यम, मोहनलाल को मिला तत्काल लाभ

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनसमस्या निवारण शिविर आम नागरिकों के लिए भरोसे और राहत का सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे गांव-गांव तक पहुंचाते हुए समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत सरखों में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों से जुड़े आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर रहे हैं। शिविर में ग्राम बनारी निवासी  मोहनलाल अपनी समस्या लेकर पहुंचे। उन्होंने किसान किताब से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया, जो उनके कृषि कार्यों के लिए आवश्यक था।  आवेदन प्राप्त होते ही राजस्व विभाग के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मौके पर ही उन्हें नई किसान किताब प्रदान कर दी। समस्या का तत्काल समाधान मिलने से  मोहनलाल के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि इस पहल से उनकी समस्या कुछ ही समय में हल हो गई। उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविर को जनहितकारी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

सरकारी अस्पताल में छापा, ऑपरेशन थिएटर से मिला सोना और नकदी

 साउथ 24 परगना पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में एक सरकारी अस्पताल से भारी मात्रा में कैश और सोना मिलने के बाद हड़कंप मच गया है. इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है, जहां बीजेपी ने टीएमसी नेताओं पर अवैध संपत्ति छिपाने का आरोप लगाया है. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस जांच में जुट गई है।  मामला साउथ 24 परगना के जिबंतला थाना क्षेत्र के माथेरदिघी ग्रामीण अस्पताल का है, जहां ऑपरेशन थिएटर से भारी मात्रा में कैश और सोने के गहने बरामद किए गए. मंगलवार सुबह इस घटना का खुलासा हुआ, जब अस्पताल के अंदर एक संदिग्ध बैग देखा गया. इस बैग को देखकर स्थानीय लोगों और अस्पताल स्टाफ को शक हुआ. जब बैग को खोला गया, तो उसके अंदर बड़ी मात्रा में नकदी, सोने के आभूषण और जमीन से जुड़े दस्तावेज मिले. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।  बताया जा रहा है कि अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील स्थान पर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति का मिलना बेहद चौंकाने वाला है. आमतौर पर इस जगह पर मरीजों का इलाज होता है, लेकिन वहां इस तरह का बैग मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई साधारण मामला नहीं है और इसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका है. घटना के बाद अस्पताल प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया है।  इस पूरे मामले में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बड़ा आरोप लगाया है. उनका दावा है कि यह अवैध संपत्ति टीएमसी के एक नेता के करीबी व्यक्ति की है. बीजेपी का कहना है कि साउकत मोल्ला के करीबी माने जाने वाले हुसैन गाजी ने इस संपत्ति को अस्पताल में छिपाकर रखा था. जैसे ही यह मामला सामने आया, बीजेपी कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. उन्होंने अस्पताल के इंचार्ज डॉक्टर को भी घेर लिया।  बीजेपी कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के कारण अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया. सूचना मिलने के बाद जिबंतला थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की. पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह कैश और सोना आखिर किसका है।  दूसरी तरफ, अस्पताल के डॉक्टर शाहरुख खान ने बीजेपी के आरोपों को लेकर अलग ही दावा किया है. उन्होंने बताया कि यह बैग समसेर मीर नाम के युवक का है, जो स्थानीय टीएमसी बूथ अध्यक्ष का बेटा है. डॉक्टर के मुताबिक, समसेर मीर अस्पताल में अस्थायी कर्मचारी के रूप में काम करता है. उनका कहना है कि बैग अस्पताल में उसी ने छोड़ा था, हालांकि इसके पीछे की असली वजह क्या है, यह अभी साफ नहीं हो पाया है।  इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. बीजेपी लगातार टीएमसी पर हमला बोल रही है और इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है. पार्टी का कहना है कि यह भ्रष्टाचार का बड़ा मामला है और इसमें कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं. वहीं, टीएमसी की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे सियासी विवाद और बढ़ गया है।  फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अस्पताल में इतनी बड़ी मात्रा में कैश और सोना कैसे पहुंचा. साथ ही, जमीन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है. इस घटना ने न सिर्फ अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है. आने वाले दिनों में जांच के बाद इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। 

चार राज्यों की जीत के बाद BJP का फोकस अब झारखंड पर

 दुमका  देश के 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अब भाजपा की नजर झारखंड पर है। आने वाले समय में भाजपा अन्य राज्यों की तरह यहां भी सरकार बनाने का प्रयास करेगी। यह बात भाजपा के सारठ से पूर्व विधायक रणधीर सिंह ने सोमवार को अदालत से बरी होने के बाद कही। उन्होंने कहा कि असम में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा तीसरी बार सत्ता संभालने जा रही है। पांडिचेरी में वापसी की है। ओडिशा में भाजपा सत्ता में आ गई। बंगाल में 15 साल के बाद भाजपा सत्ता में आई है। बिहार में तो पहले ही सरकार अब बन गई। इन विधानसभा चुनाव के नतीजे तो केवल झांकी है, झारखंड अब बाकी है। उन्होंने कहा कि बंगाल में 2021 में ही भाजपा सत्ता में आ जाती। आज केंद्रीय बल ने जिस तरह से जनता को भय मुक्त होकर मतदान का माहौल दिया, अगर पांच साल पहले ऐसा माहौल मिल जाता तो दूसरी बार भाजपा की सरकार बनती। लोगों ने भय मुक्त होकर वोटिंग की और घरों से बाहर निकलने का साहस किया। वहां के मतदाताओं का ही प्रयास है कि पहली बार भाजपा सरकार सत्ता में आई है। अब बंगाल का विकास होगा और बांग्ला देशी से लगने वाली सीमाओं की घेराबंदी की जाएगी। यह वीडियो भी देखें बांग्लादेशी घुसपैठिया को बाहर का रास्ता दिखाकर सभी धर्म के लोगों के साथ मिलकर इसे विकसित राज्य बनाया जाएगा। पश्चिम बंगाल की गिनती अब विकसित राज्यों की श्रेणी में होगी। राज्य में SIR पर रहेगी नजर : प्रदीप कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने बंगाल की जीत पर तंज कसते हुए कहा कि अगर प्रशासन किसी पार्टी के एजेंट के रूप में काम करता है तो वहां न्याय बहुत मुश्किल है। हमने जिनके हाथ में न्याय की बागडोर दी है, अगर वहीं एकतरफा होकर काम करने लगे तो हमें यहां आकर सोचना, लगता है कि पागलपन है। कांग्रेस राज्य के SIR पर कमर कसे हुए है। हम हर बूथ पर अपने एजेंट देंगे। प्रयास करेंगे कि किसी का नाम कटे और छटे नहीं। चार राज्यों में भाजपा को मिली जीत का असर झारखंड में नहीं पड़ेगा, लेकिन यह तो वक्त बताएगा। एक सवाल पर कहा कि अगर भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता में आती तो बधाई क्या मिठाई तक खिला देते। लोकतंत्र की हत्या करने वालों को बधाई देने का मतलब है कि उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलना है। यह तो मानव हिंसा से बड़ी हिंसा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिस तरह से लोकतंत्र व संविधान बचाने का प्रयास कर रहे हैं, उससे लगता है कि यहां की जनता उनका साथ देगी। हम सत्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। सत्य की जीत होकर रहेगी।

काशी विश्वनाथ धाम बना वैश्विक आस्था केंद्र, योगी सरकार के प्रयासों से बढ़ा पर्यटन

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का असर धरातल पर दिखने लगा है। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अकेले मार्च के महीने में लगभग 65 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। यह आंकड़ा न केवल उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की नई ऊंचाई को दर्शाता है, बल्कि योगी सरकार द्वारा सुधारी गई सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्था पर मुहर भी लगाता है। संकरी गलियों से भव्य कॉरिडोर तक का सफर कभी तंग गलियों और भारी भीड़ के बीच घंटों इंतजार के लिए जानी जाने वाली काशी आज अपने नए और दिव्य स्वरूप 'काशी विश्वनाथ धाम' के कारण दुनिया भर के पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है। योगी सरकार ने कॉरिडोर के माध्यम से मंदिर का गंगा से सीधा जुड़ाव सुनिश्चित किया है, जिससे श्रद्धालुओं को अब एक ही परिसर में आध्यात्म और सुकून का अनुभव होता है। व्यवस्थाओं में आए प्रमुख बदलाव     स्मार्ट कतार प्रबंधन: डिजिटल निगरानी और सुव्यवस्थित क्यू (Queue) सिस्टम के कारण अब लाखों की भीड़ होने पर भी दर्शन सहजता से हो रहे हैं।     बुनियादी सुविधाएं: परिसर में आधुनिक पेयजल केंद्र, स्वच्छ शौचालय, विश्रामालय और बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।     गंगा क्रूज और कनेक्टिविटी: घाटों का सौंदर्यीकरण और गंगा में क्रूज संचालन ने पर्यटकों के लिए काशी दर्शन को और भी रोमांचक बना दिया है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला 'बूस्टर डोज' श्रद्धालुओं की इस रिकॉर्ड संख्या ने वाराणसी की स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक दी है। होटलों की बुकिंग से लेकर हस्तशिल्प, बनारसी साड़ी उद्योग और नाविकों तक, हर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से काशी आज आस्था और आधुनिकता का वैश्विक केंद्र बन गई है। रोप-वे परियोजना और स्मार्ट सिटी के कार्यों ने काशी की भव्यता में चार चांद लगा दिए हैं। यह वीडियो भी देखें सुरक्षा और स्वच्छता का नया मानक योगी सरकार ने मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा किया है, जिससे विदेशी पर्यटक भी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ ही, 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत घाटों और मंदिर परिसर की नियमित सफाई ने काशी की वैश्विक छवि को निखारा है।  

वन विभाग की सख्ती: गौरेला क्षेत्र में अवैध सागौन कटाई पर कार्रवाई

रायपुर गौरेला क्षेत्र में सागौन की अवैध कटाई पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई छत्तीसगढ़ के गौरेला वन परिक्षेत्र में सागौन के अवैध दोहन को रोकने के लिए वन विभाग ने अपना शिकंजा कस दिया है। विभाग के संयुक्त दल द्वारा की जा रही लगातार निगरानी के फलस्वरूप हाल ही में अवैध रूप से काटी गई सागौन की लगभग 500 बल्लियां (5 घन मीटर से अधिक) बरामद की गई हैं। जब्त लकड़ियों को सुरक्षित रूप से मड़ना सरकारी काष्ठागार (डिपो) में स्थानांतरित कर दिया गया है। गौरेला क्षेत्र में सागौन की अवैध कटाई पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई            पण्डरीपानी परिसर (सामाजिक वानिकी परियोजना 2009-10), जो लगभग 103 हेक्टेयर में फैला है। चार ग्राम पंचायतों (कोरजा, गांगपुर, डाहीबहरा और पण्डरीपानी) से घिरे होने के कारण इस क्षेत्र पर अत्यधिक जैविक दबाव है। प्राथमिक जांच के अनुसार, स्थानीय ग्रामीणों द्वारा गृह निर्माण, कृषि कार्यों और अन्य व्यक्तिगत उपयोग के लिए अवैध कटाई की जा रही थी।           वनमण्डलाधिकारी मरवाही और उप वनमण्डलाधिकारी गौरेला के नेतृत्व में उड़नदस्ता दल और विभागीय कर्मचारी क्षेत्र का सघन सर्वेक्षण कर रहे हैं। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्वेक्षण पूर्ण होते ही दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, वन भूमि पर किए गए पुराने अतिक्रमणों को हटाने का अभियान भी तेज कर दिया गया है।

विकास आयुक्त मती अमृत राज के प्रयासों से मिली वैश्विक पहचान

भोपाल मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और हस्तशिल्प विरासत 'बाग प्रिंट' ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक प्रभावी कदम है। इस अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि में विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) मती अमृत राज के दूरदर्शी नेतृत्व और विशेष प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके मार्गदर्शन में हस्तशिल्पियों को वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे मध्य प्रदेश की कला को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। मती अमृत राज के प्रयासों से ही स्थानीय शिल्पकारों को आधुनिक वैश्विक मांग के अनुरूप तकनीकी सहयोग और विपणन के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे बाग प्रिंट जैसी दुर्लभ कला का पुनरुद्धार हुआ है। नेशनल अवार्डी शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री पेरिस में आयोजित यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित मेले 'फ़ोयर डे पेरिस' में बिलाल खत्री बाग प्रिंट का लाइव डेमोंस्ट्रेशन दे रहे हैं। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा इन्हें चयनित किया गया है। उनके द्वारा प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के ठप्पों के माध्यम से कपड़े पर उकेरी जा रही कलाकृतियां अंतरराष्ट्रीय दर्शकों और विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। मेले के दौरान भारतीय दूतावास की थर्ड सेक्रेटरी सु वर्धा खान और प्रथम सचिव  माधव आर. सल्फुले ने भारतीय पवेलियन का अवलोकन किया। उन्होंने बिलाल खत्री के कौशल की सराहना करते हुए स्वयं ब्लॉक प्रिंटिंग का अनुभव लिया। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति का अनमोल हिस्सा बताते हुए मध्यप्रदेश के शिल्पकारों के समर्पण की प्रशंसा की।  

चुनाव में सुरक्षा का सख्त पहरा: पंचकूला के संवेदनशील बूथों पर कमांडो, 1200 जवानों की तैनाती

पंचकूला. नगर निगम चुनाव के लिए 10 मई (रविवार) को मतदान होगा। चुनाव निष्पक्ष, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पंचकूला पुलिस ने कमर कस ली है। सोमवार को सेक्टर-4 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज की अध्यक्षता में एक रणनीतिक बैठक हुई। इस बैठक में चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तैयार करते हुए सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए ताकि जिले में कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके। पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज ने बताया कि चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए करीब 1200 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिले के कुल 85 लोकेशन पर 204 बूथों पर मतदान होना है। सभी बूथों पर पुलिस की कड़ी निगरानी सभी बूथों पर पुलिस की कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करवाया जाएगा ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित रह सके। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों को चिह्नित कर लिया है। इसमें 21 लोकेशन के 36 बूथों को संवेदनशील और 21 लोकेशन के 59 बूथों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जहाँ अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और स्वैट कमांडो की तैनाती की जाएगी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए चार टीयर गैस टीमें भी रिजर्व रखी गई हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और किसी भी गड़बड़ी या अव्यवस्था पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। बॉर्डर से लेकर शहर तक कड़ी निगरानी जिले की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए पांच इंटर-स्टेट बार्डर नाकों पर 24 घंटे कड़ा पहरा लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर चुनाव से 48 घंटे पहले 20 विशेष नाके स्थापित किए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस कर्मियों को 55 बाडी कैमरों से लैस किया गया है ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। चुनाव के दौरान 12 पेट्रोलिंग टीमें लगातार गश्त करेंगी, जबकि ईआरवी, राइडर और पीसीआर वाहन भी हर पल मुस्तैद रहेंगे। धारा 163 के तहत हथियारों के दुरुपयोग को रोकने के लिए एसीपी व थाना प्रभारियों द्वारा शस्त्र जमा कराने की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है। भारी मात्रा में ड्रग्स और हथियार बरामद पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि आचार संहिता लागू होने के बाद से ही पुलिस की विभिन्न टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब तक की कार्रवाई में 538 ग्राम हेरोइन, 1.154 किलो चरस, 607 ग्राम अफीम, 18 किलो से अधिक चूरापोस्त और 180 पेटी अवैध शराब जब्त की गई है। इसके अलावा, अपराध पर लगाम कसते हुए आठ अवैध देशी कट्टे व पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। सभी अपराध इकाइयों, थाना व चौकी प्रभारियों को साफ आदेश दिए हैं कि अवैध शराब, नशा तस्करी और दबंगई करने वाले तत्वों के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपनाएं। बैठक में डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता, डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह सहित सभी एसीपी, थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे।

कांके में आयुष और योग आधारित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की होगी स्थापना

 रांची राज्य सरकार ने देसी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना का निर्णय किया है। इस हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना कांके में होगी। इसके लिए रिनपास परिसर में जमीन चिह्नित की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए न केवल प्रस्ताव तैयार किया है, बल्कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में राशि का भी प्रविधान किया है। इस सेंटर की स्थापना का उद्देश्य आयुष चिकित्सा पद्धति के साथ-साथ देसी चिकित्सा से जुड़ी अन्य पद्धतियों को बढ़ावा देना है, जिनमें योगा भी प्रमुख है। प्रस्ताव के अनुसार, इस राज्य स्तरीय हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में देसी चिकित्सा पद्धतियों से उपचार के साथ-साथ लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने के लिए काउंसिलिंग की भी व्यवस्था होगी। बदलते लाइफ स्टाइल में बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के तरीकों से भी लोगों को अवगत कराया जाएगा। यहां मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर आदि की जांच की भी व्यवस्था होगी। बताते चलें कि केंद्र के सहयोग से राज्य के चयनित स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) के रूप में अपग्रेड किया गया है। पहली बार राज्य एवं जिला स्तर पर इसके व्यापक स्वरूप में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना राज्य बजट से होगी। 23 जिलों में हेल्थ काटेज की भी स्थापना यह सेंटर एक माडल के रूप में काम करेगा। इसी की तर्ज पर रांची को छोड़कर शेष 23 जिलों में हेल्थ काटेज की भी स्थापना की जाएगी। यह राज्य स्तरीय हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का छोटा रूप होगा। बजट में इसके लिए भी राशि का प्रविधान किया गया है।  

निकाय चुनाव की तैयारी तेज: कांग्रेस ने पंजाब के कई जिलों में ऑब्जर्वर किए तैनात

गुरदासपुर. पंजाब की राजनीति से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आने वाले म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, म्युनिसिपल काउंसिल और नगर पंचायतों के चुनावों को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मंजूरी के बाद अलग-अलग जिलों और शहरों के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के तहत गुरदासपुर के बटाला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए अनिल जोशी को ज़िम्मेदारी दी गई है, जबकि पठानकोट में जसबीर सिंह डिम्पा और कपूरथला में कुलदीप सिंह वैद को ऑब्जर्वर, होशियारपुर में सुनील दत्ती और मोगा में सिमरजीत सिंह बैंस और रमिंदर आवला को जिम्मेदारी दी गई है। बठिंडा, फाजिल्का, SAS नगर समेत कई अहम जिलों में भी सीनियर नेताओं को तैनात किया गया है। इसके अलावा, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए भी बड़ी संख्या में ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। नकोदर, नवांशहर, खन्ना, जगराओं, आनंदपुर साहिब, राजपुरा, नाभा, मलेरकोटला, सुनाम, खरड़, जीरकपुर और डेरा बस्सी जैसे इलाकों में अलग-अलग नेताओं को नियुक्त किया गया है। सूची में मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, फिरोजपुर, फरीदकोट और अमृतसर के इलाके भी शामिल हैं।  आधिकारिक आदेशों में यह साफ किया गया है कि सभी ऑब्जर्वर संबंधित सांसदों, विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों और ब्लॉक स्तर के नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे। उनकी मुख्य जिम्मेदारी चुनाव की तैयारियों का रिव्यू करना, योग्य उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करना और पूरे चुनाव प्रोसेस पर नजर रखना होगा। इसके साथ ही, ऑब्जर्वर को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने तय इलाकों में जाकर जमीनी हकीकत समझें और पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क करके उनसे फीडबैक भी लें। यह पूरी रिपोर्ट 12 मई तक PPCC ऑफिस में जमा करनी होगी।