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गांधी चौक स्थित पुराने जनपद पंचायत भवन में नवीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का भूमिपूजन

सारंगपुर नगर के हृदय स्थल गांधी चौक स्थित पुराने जनपद पंचायत भवन परिसर में रविवार को प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने नवीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण कार्य का विधिवत पूजा-अर्चना एवं भूमिपूजन किया। यह परियोजना सारंगपुर नगर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर को आधुनिक एवं व्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नवीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनने से स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। डॉ. टेटवाल के अथक प्रयासों और लगातार की गई पहल का ही परिणाम है कि लंबे समय से प्रतीक्षित यह महत्वपूर्ण परियोजना अब धरातल पर उतर रही है। क्षेत्रवासियों ने भी इस विकास कार्य को लेकर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे सारंगपुर के लिए बड़ी सौगात बताया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष  देननारायण नागर, नगरपालिका अध्यक्ष  पंकज पालीवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष महेश पुष्पद, नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रतिनिधि  निलेश वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश नागर चाटकीया, जनपद सदस्य  करणसिंह दरबार, मंडल महामंत्री  कमल राठौर, पार्षद  कुलदीप राठौर,  संतोष कुम्भकार,  अंकित अवस्थित,  पवन लाला,  मोहन लववंशी,  योगेश महेश्वरी सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित रहे।

लखनऊ में दवा कीमतें बढ़ीं, इंसुलिन और जरूरी मेडिसिन हुईं महंगी

 लखनऊ  महंगाई की मार अब रोगियों पर भी पड़ने लगी है। डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की दवाओं की कीमतों में 15-20 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी गई है। पिछले साल भी करीब 10-15 प्रतिशत तक इजाफा हुआ था जिसका सीधा असर मधुमेह रोगियों की जेब पर पड़ रहा है। डायबिटीज से ग्रसित मरीजों को जीवनभर नियमित दवाएं और इंसुलिन लेनी पड़ती हैं। खासकर, डायबिटीज-1 के रोगी इंसुलिन पर निर्भर होते हैं। दवा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों, आयात लागत और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी के कारण फार्मा कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं। लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन के प्रवक्ता विकास रस्तोगी का कहना है कि डायबिटीज की कई दवाओं में इस्तेमाल होने वाला एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट विदेशों से आयात किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल और शिपिंग लागत बढ़ने से दवाओं की उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है हाल के वैश्विक तनावों और सप्लाई चेन प्रभावित होने का असर भी दवा उद्योग पर पड़ा है। लखनऊ में डायबिटीज की दवाओं और इंसुलिन का सालाना करीब 80-90 करोड़ रुपये की खपत है। डायबिटीज के मरीजों का मासिक खर्च अब पहले की तुलना में 20 प्रतिशत तक बढ़ेगा। नई तकनीक वाली दवाओं और इंजेक्शन का उपयोग करने वाले मरीजों पर यह खर्च और अधिक पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह कई कंपनियों ने नई रेट लिस्ट जारी की हैं। कुछ ब्रांडेड दवाओं की कीमतों में पहले ही 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि आने वाले समय में यह वृद्धि 20 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। डायबिटीज रोगी सर्वाधिक प्रभावित उत्तर प्रदेश में करोड़ों लोग डायबिटीज रोग से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों को रोजाना दवाएं लेनी पड़ती हैं। दाम बढ़ने का असर निम्न और मध्यम आय वर्ग के मरीजों पर सीधे पड़ता है। कई मरीज पहले ही महंगी दवाओं के कारण इलाज बीच में छोड़ देते हैं, ऐसे में कीमतों में और वृद्धि चिंता बढ़ाने वाली है। आईसीएमआर एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लगभग 4.9% वयस्क आबादी मधुमेह से पीड़ित है। हालांकि, यूपी में मधुमेह की दर देश में सबसे कम है, लेकिन चिंता की बात यह है कि यहां 18% लोग प्री-डायबिटिक हैं, जो भविष्य में डायबिटिक हो सकते हैं। दवा का नाम                                          पुराना दाम (₹)              नया दाम (₹) इंसुलिन ह्यूमलाग मिक्स-25 कार्ट्रिज              5,350                         6,000 रोजडे टैबलेट                                           212                            235 इस्टामेट टैबलेट                                       175                           195     दवाओं के दाम बढ़ाने-घटाने का निर्णय केंद्र सरकार करती है। हालांकि, हमारे विभाग को डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की दवाएं महंगी होने की कोई सूची नहीं मिली है। सोमवार को इसके बारे में जानकारी करने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।                                      ब्रजेश कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन

संजीव अरोड़ा केस में नया मोड़, पत्नी और बेटी ED दफ्तर पहुंचीं

चंडीगढ़. पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है। वहीं गुरुग्राम कोर्ट ने उन्हें 7 दिनों की प्रवर्तन निदेशालय (ED) रिमांड पर भेज दिया है। इसी बीच खबर सामने आई है कि आज यानि रविवार को पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के परिजन दिल्ली में ED मुख्यालय पहुंचे। संजीव अरोड़ा की पत्नी और बेटी उनसे मुलाकात करने के लिए यहां पहुंची है। आपको बता दें कि ई.डी. ने शनिवार को संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़ के सैक्टर-2 स्थित सरकारी निवास के साथ-साथ दिल्ली, गुरुग्राम सहित उनसे जुड़े कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। ई.डी. की यह कार्रवाई कथित तथाकथित मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जी जी.एस.टी., लेन-देन से जुड़े मामले, बिलिंग, विदेशों से धन के लेन-देन और रियल एस्टेट कारोबार में अनियमितताओं को लेकर की गई। ई.डी. की टीमों ने 15 गाड़ियों में भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ सुबह 5 बजे मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकार नियम में दबीश दी। करीब 12 घंटे की गहन पूछताछ के बाद ई.डी. अधिकारियों की टीम ने कई दस्तावेजों को कब्जे में लेने के बाद विभिन्न बैंक खातों को सीज किया और कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली के लिए रवाना हो गई।

30 हजार से कम में लॉन्च हुआ फ्लिप फोन! Ai+ Nova Flip 5G ने मचाई हलचल

 क्या आप काफी समय से एक फ्लिप फोन खरीदने के बारे में सोच रहे हैं? लेकिन इसकी ज्यादा कीमत की वजह से रुक रहे थे तो अब आपके पास शानदार मौका है। एक महीने के इंतजार के बाद, Ai+ Nova Flip 5G फोन अब भारत में खरीदने के लिए उपलब्ध हो गया है। जी हां, आप इसे 30 हजार रुपये से कम कीमत में खरीद सकते हैं। कंपनी ने 2025 में Ai+ के पहले फ्लिप फोन के तौर पर टीज किया था। वहीं कुछ ही वक्त पहले कंपनी ने इसे भारत में लॉन्च किया है। अब आप बेझिझक इस फोन को खरीद सकते हैं। ये डिवाइस शानदार फीचर्स से लैस है जो महंगे स्मार्टफोन को भी टक्कर दे रहा है। फोन में MediaTek प्रोसेसर, 50-मेगापिक्सल कैमरा और AMOLED डिस्प्ले है। चलिए इसकी कीमत और इसके मुख्य फीचर्स पर एक नजर डालते हैं। Ai+ Nova Flip 5G की कीमत और ऑफर कीमत की बात करें तो Ai+ Nova Flip 5G की कीमत इसके एकमात्र मॉडल के लिए 29,999 रुपये है जिसमें आपको 8GB/256GB वेरिएंट मिलता है। Ai+ ने कन्फर्म किया है कि ये कीमत एक शुरुआती लॉन्च ऑफर का हिस्सा है। डिवाइस सिर्फ Flipkart पर ही खरीदने के लिए उपलब्ध है। फोन को आप सिंगल कलर Glacier White में खरीद सकते हैं।     Ai+ Nova Flip 5G के स्पेसिफिकेशन स्पेसिफिकेशन की बात करें तो Ai+ Nova Flip 5G में अंदर की तरफ 6.9-इंच की AMOLED मेन स्क्रीन मिलती है। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz और PPI डेंसिटी 443 है। साथ ही डिवाइस में 1,200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिल रही है। बाहर की तरफ फोन में 3-इंच की OLED डिस्प्ले मिल रही है। हालांकि इसका रिफ्रेश रेट 60Hz तक है और ब्राइटनेस 900 निट्स तक जा सकती है। फोन की मोटाई ओपन करने पर सिर्फ 7.2mm और वजन 193 ग्राम है। इसका बाहरी पैनल Nubia Flip 2 जैसा ही दिखाई देता है, जिसमें एक गोल कवर डिस्प्ले, डुअल-कैमरा रिंग और LED फ्लैश मिल रही है। इसका डिजाइन जाने-पहचाने, कॉम्पैक्ट और फोल्डेबल लेआउट पर बेस्ड है। साथ ही फोन का फ्रेम भी काफी पतला और हल्का है। डिवाइस को पावर देने के लिए इसमें MediaTek का 4nm Dimensity 7300X चिपसेट मिल रहा है। साथ ही इसमें ARM Cortex-A78 कोर पर बेस्ड ऑक्टा-कोर CPU है। डिवाइस 8 GB तक RAM और 256 GB इंटरनल स्टोरेज ऑफर कर रहा है। इसके अलावा फोन में 4,325mAh की बैटरी मिल रही है। Ai+ Nova Flip 5G के कैमरा स्पेक्स कैमरा की बात करें तो फोन में 50 MP का प्राइमरी रियर कैमरा और उसके साथ 2 MP का सेकेंडरी लेंस मिल रहा है। जबकि सामने की तरफ फोन में प्राइमरी डिस्प्ले पर एक होल-पंच कटआउट के अंदर 32 MP का सेल्फी कैमरा मिल रहा है। सुरक्षा के लिए फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट है, जिससे फोन को जल्दी से एक्सेस किया जा सकता है।  

अस्पताल में अचानक गिरी सीलिंग, भिंड में अफरा-तफरी के बीच महिला मरीज और नवजात जख्मी

भिंड. भिंड जिला अस्पताल में रविवार दोपहर करीब 1 बजे स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट (SNCU) वॉर्ड की छत का प्लास्टर भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त वॉर्ड में माताएं अपने नवजात बच्चों को दूध पिला रही थीं। मलबा गिरने से तीन महिलाएं और एक नवजात शिशु घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक इलाज के लिए तुरंत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वॉर्ड में अचानक तेज आवाज आई और छत का प्लास्टर सीधे बेड के पास गिरा, जिससे वहां मौजूद महिलाएं बुरी तरह घबरा गईं। अपने बच्चों की जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगीं। वॉर्ड में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के तुरंत बाद अस्पताल का स्टाफ पहुंचा और घायलों को बाहर निकाला। अन्य बच्चों को किया गया सुरक्षित शिफ्ट अस्पताल स्टाफ ने आनन-फानन में घायल महिलाओं और शिशु को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, प्राथमिक उपचार के बाद अब सभी की हालत खतरे से बाहर है। घटना के बाद एहतियात के तौर पर वार्ड में भर्ती अन्य सभी नवजात बच्चों को तुरंत दूसरे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया। इस अचानक हुए हादसे के चलते अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अव्यवस्था का माहौल बना रहा। जर्जर है बिल्डिंग, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप हादसे के बाद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने इतने जर्जर भवन में मरीजों और नवजातों को रखने पर गहरी नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल की यह बिल्डिंग काफी पुरानी और जर्जर स्थिति में है। यहां पहले भी छतों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच कराने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया है।

रायपुर जेल में निश्चय कार्यक्रम सफल, 67 बंदियों को स्किल सर्टिफिकेट देकर मुख्यधारा से जोड़ा गया

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना निश्चय के अंतर्गत आज केंद्रीय जेल और महिला जेल, रायपुर में एक विशेष गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर स्वावलंबन और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है। ज़ेन जी युवा बंदियों को अपराध के दलदल में वापिस जाने से रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ की सभी जेलों में निश्चय कार्यक्रम संचालित है। इस कार्यक्रम में युवा बंदियों को कॉउंसलिंग, अपराध बोध का ज्ञान, स्व-रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण एवं रिहाई उपरांत स्वरोजगार हेतु बैंक के माध्यम से ऋण प्रदाय किया जाता है। कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर समारोह के दौरान कुल 67 बंदियों को उनकी प्रशिक्षण अवधि पूर्ण होने पर कौशल विकास प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं।निश्चय कार्यक्रम का उद्देश्य उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत के सहयोग से संचालित इस अभियान के तहत बंदियों को अपराध बोध का ज्ञान, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाता है। तकनीकी शिक्षा हेतु कंप्यूटर केंद्र का आगाज़ डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय जेल, रायपुर में आज कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। अब बंदी जेल के भीतर ही कंप्यूटर का बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जो रिहाई के बाद उनके रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगा। आगामी लोन मेला स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता बंदियों के पुनर्वास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। 13 मई 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा केंद्रीय जेल परिसर में लोन मेला लगाया जाएगा, जिसका उद्देश्य रिहा होने वाले बंदियों को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए सुगमता से ऋण उपलब्ध कराना। इस अवसर पर डीजी (जेल) श्री हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी सुश्री गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बेंगलुरु में पीएम मोदी की यात्रा से पहले हड़कंप, विस्फोटक सामग्री बरामद

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र की बेंगलुरु यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियों में उस समय हड़कंप मच गया, जब उनके निर्धारित रूट के पास से जिलेटिन की छड़ें बरामद हुईं. यह घटना शहर के बाहरी इलाके कनकपुरा रोड की बताई जा रही है, जहां प्रधानमंत्री को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुजरना था. विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं और पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया. पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है. उससे फिलहाल गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है. शुरुआती जांच के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है ताकि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी तरह की चूक न हो. सुरक्षा जांच के दौरान मिलीं जिलेटिन स्टिक्स यह घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है. बेंगलुरु के कग्गलीपुरा इलाके के पास थाथागुनी क्षेत्र में सुरक्षा जांच चल रही थी, तभी पुलिस को संदिग्ध विस्फोटक सामग्री दिखाई दी. यह स्थान उस मार्ग के बेहद करीब है, जहां से प्रधानमंत्री का काफिला गुजरने वाला था. इसी रास्ते से आगे Art of Living Foundation केंद्र भी पड़ता है, जहां प्रधानमंत्री का कार्यक्रम निर्धारित था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिलेटिन की छड़ें एक पुल के पास कंपाउंड वॉल के किनारे फेंकी गई थीं. सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया. इलाके की घेराबंदी कर पूरी जांच की गई. राहत की बात यह रही कि विस्फोटक सामग्री प्रधानमंत्री के काफिले के वहां पहुंचने से पहले ही बरामद कर ली गई. धमकी भरे फोन कॉल से शुरू हुआ पूरा मामला इस पूरे मामले की शुरुआत एक संदिग्ध फोन कॉल से हुई. जानकारी के अनुसार तड़के सुबह एक अज्ञात व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में कॉल कर दावा किया कि एचएएल एयरपोर्ट और आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर के आसपास विस्फोट हो सकते हैं. फोन कॉल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और बताए गए इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. हालांकि एचएएल एयरपोर्ट के आसपास कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन कनकपुरा रोड के पास जिलेटिन स्टिक्स बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया. तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को कोरामंगला इलाके के एक घर से हिरासत में लिया. पहले भी कर चुका है ऐसी हरकतें पूछताछ में सामने आया है कि पकड़ा गया व्यक्ति पहले भी वीआईपी दौरों के दौरान इसी तरह के धमकी भरे कॉल कर चुका है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अतीत में भी उसे हिरासत में लिया गया था, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात सामने आने पर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था. हालांकि इस बार मामला ज्यादा गंभीर माना जा रहा है क्योंकि सिर्फ धमकी ही नहीं दी गई, बल्कि मौके से वास्तविक विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने यह विस्फोटक सामग्री कहां से हासिल की और उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है. पुलिस कई एंगल से कर रही जांच मामले की जांच फिलहाल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में चल रही है. डीसीपी स्तर के अधिकारी संदिग्ध और उसके परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रहे हैं. जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस जिलेटिन स्टिक्स के स्रोत और उन्हें वहां रखने के उद्देश्य का पता लगाना है. इसके साथ ही पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं यह किसी संगठित साजिश का हिस्सा तो नहीं था. अधिकारियों का कहना है कि मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की किसी सुरक्षा चूक को रोका जा सके.

जगन्नाथ मंदिर पहुंचे CM विष्णुदेव साय, हरिनाम संकीर्तन यज्ञ में शामिल होकर मांगी प्रदेश की खुशहाली

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने हरिनाम संकीर्तन की परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे। मुगंली को देंगे 353 करोड़ की सौगात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले को 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की विकास सौगात देंगे. जिला मुख्यालय मुंगेली में आयोजित इस बड़े कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 414 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इनमें 152 करोड़ 02 लाख रुपये से अधिक लागत के 284 कार्यों का लोकार्पण और 201 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक के 130 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है. कार्यक्रम का मुख्य आयोजन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम, मुंगेली में होगा. मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है.

स्वगणना प्रक्रिया शुरू, अनाज वाले सवाल पर बढ़ी चर्चा

लखनऊ यूपी में जनगणना 2027 के लिए स्वगणना शुरू हो चुकी है। अब लोग स्वगणना करा रहे हैं। पूछे जाने वाले सवाल उनको परेशान कर रहे हैं। परिवार कौन से मुख्य अनाज का उपयोग करता है? इसके विकल्प है गेहूं, चावल, बाजरा। अब उत्तर भारत में मुख्य रूप से गेहूं और चावल दोनों का उपयोग किया जाता है। समस्या यह है कि दोनों को विकल्प के रूप में नहीं रखा जा सकता है। अगर गेहूं चुनेंगे तो चावल मिट जाएगा और चावल विकल्प में चुनेंगे तो गेहूं मिट जाएगा। लोगों का कहना है कि एक साथ दोनों क्यों नहीं रखा जा सकता है। सहायक निदेशक जनगणना जेके श्रीवास्तव का कहना है कि इस सवाल को रखने का मुख्य उद्देश्य था कि किस क्षेत्र के लोग कौन सा मुख्य अनाज खाते हैं। जिससे आगे कुछ योजनाएं बनानी हो तो उसके अनुसार की जाए। प्रयागराज डीएम, मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस वक्त स्वगणना हो रही है। तीन दिनों में अच्छा रिस्पांस मिला है। हम जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि वो स्वगणना में हिस्सा लें और अपना फॉर्म समय रहते भरें। ऐसा करने पर बाद में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। इस पोर्टल पर कराएं स्वगणना http://se.census.gov.i n पोर्टल पर जाकर अपना राज्य, जिला भरकर भाषा व मोबाइल नंबर डालें और ओटीपी के बाद परिवार का मुखिया, गूगल मैप पर घर की लोकेशन भरने के बाद पूछे गए सवालों के जवाब देकर आसानी से स्वगणना कराई जा सकती है। अफसरों का कहना है कि प्रक्रिया में 10 से 15 मिनट का वक्त लगता है। छह हजार से अधिक ने करा ली स्वगणना आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज में अब तक छह हजार से अधिक लोगों ने स्वगणना करा ली है। तीसरे दिन यूथ एवं स्पोर्ट्स डे के रूप में मनाया गया। जिला जनगणना अधिकारी विनीता सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग के अध्यक्ष सहित हंडिया तहसील व जसरा ब्लॉक के खिलाड़ियों, ग्रुप मुख्यालय 15 यूपी बटालियन के एनसीसी कैडेटों, अफसरों, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने अपना स्वगणना फॉर्म भरा व इसे ऑनलाइन भी किया। जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि अभियान 21 मई तक चलेगा। उन्होंने प्रत्येक वर्ग से अपील की है कि सभी लोग आवेदन करें और जनगणना 2027 में सहयोग करें। 22 मई से 20 जून के बीच जब प्रगणक उनके घर आएं तो उसे अपने स्वगणना के बाद मिले नंबर को जरूर बताएं।

10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम इवेंट में खिलाड़ियों ने दिखाया दम, शूटिंग चैंपियनशिप में रोमांचक मुकाबले

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य शूटिंग अकादमी में आयोजित “24वीं कुमार सुरेन्द्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप (राइफल इवेंट्स)” के अंतर्गत शनिवार को 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम सीनियर, जूनियर एवं यूथ वर्ग की स्पर्धाओं का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में देशभर से आए खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम सीनियर वर्ग में राजस्थान की जोड़ी ने जीता स्वर्ण प्रतियोगिता में 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम सीनियर स्पर्धा में राजस्थान के दिव्यांश एस पंवार एवं मनीषा की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 503.6 अंक अर्जित कर स्वर्ण पदक प्राप्त किया। रेलवे की अर्जुन बाबूता एवं सोनम उत्तम की टीम ने 502.5 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि पश्चिम बंगाल के अभिनव शॉ एवं इस्मिता की जोड़ी ने 438.3 अंक अर्जित कर कांस्य पदक प्राप्त किया। जूनियर वर्ग में हरियाणा का दबदबा वहीं, 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम जूनियर स्पर्धा में हरियाणा की अमीरा एवं रोहित कन्यन की जोड़ी ने 501.9 अंक अर्जित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पश्चिम बंगाल के अभिनव शॉ एवं स्वास्तिका ने 501.0 अंक के साथ रजत पदक प्राप्त किया। महाराष्ट्र की अवनी राठौड़ एवं प्रीतम केंद्रे की टीम ने 432.8 अंक अर्जित कर कांस्य पदक हासिल किया। यूथ वर्ग में महाराष्ट्र की जोड़ी रही अव्वल 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम यूथ वर्ग में महाराष्ट्र की शाम्भवी एवं वेदांत वाघमारे की जोड़ी ने 496.6 अंक अर्जित कर स्वर्ण पदक प्राप्त किया। उत्तरप्रदेश के अंश डबास एवं कोपल ने 496.1 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि पश्चिम बंगाल के स्वास्तिका एवं अभिनव शॉ ने 434.7 अंक अर्जित कर कांस्य पदक जीता। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों, रेलवे, सेना एवं अन्य संस्थानों के खिलाड़ियों ने सहभागिता करते हुए उच्च स्तरीय प्रदर्शन किया। यह आयोजन युवाओं में शूटिंग खेल के प्रति रुचि, अनुशासन एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 15 मई तक आयोजित होंगी विभिन्न स्पर्धाएँ उल्लेखनीय है कि यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता 03 मई 2026 से 15 मई 2026 तक म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी, भोपाल में आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता के अंतर्गत आगामी दिनों में विभिन्न राइफल स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। खेल मंत्री सारंग ने खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएँ मप्र के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती हैं। सारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना एवं अकादमियों के माध्यम से देश को भविष्य के श्रेष्ठ खिलाड़ी मिलते रहेंगे।