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अमेरिका-ईरान टकराव के बीच समुद्र में नई सैन्य हलचल

तेहरान  ईरान ने अपनी हल्की पनडुब्बियों को होर्मुज जलडमरूमध्य में तैनात करने का फैसला लिया है। फारस खाड़ी की डॉल्फिन कहे जाने वाली ये पनडुब्बियां दुश्मन के जहाजों और युद्धपोतों को निशाना बना सकती हैं। ईरान की ओर से यह ऐलान ऐसे समय किया गया है, जब होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका के साथ उसका तनाव चरम पर है। दोनों देशों के बलों में इस हफ्ते गोलाबारी के बाद होर्मुज के आसपास भारी तनातनी है। ऐसे में ईरान की ओर से पनडुब्बियों की तैनाती समुद्र में चल रहे टकराव को और ज्यादा बढ़ा सकती है। ईरान नेवी के कमांडर रियर एडमिरल शाहराम ईरानी की ओर से रविवार को ऐलान किया गया है कि स्वदेशी रूप से निर्मित हल्की पनडुब्बियां 'फारसी खाड़ी की डॉल्फिन' को होर्मुज जलडमरूमध्य में उतार दिया गया है। बयान में कहा गया है कि खतरों, क्षमताओं और ऑपरेशनल जरूरतों के आधार पर इन सबमरीन को तैनात और विस्तारित किया जा रहा हैं। अलर्ट पर रहती हैं ये पनडुब्बी भारत में ईरान के दूतावास के एक्स अकाउंट पर बताया गया है कि फारसी खाड़ी की डॉल्फिन हर समय अलर्ट पर रहती हैं और कार्रवाई के लिए तैयार रहती हैं। ये हल्की पनडुब्बियां होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक जलक्षेत्र में समुद्र तल पर लंबे समय तक विश्राम (बॉटम रेस्ट) कर सकती हैं। इससे यह दुश्मन जहाजों पर नजर रख पाती हैं। ईरानी नेवी की ओर से बताया गया है कि उसकी ये पनडुब्बियां ना सिर्फ दुश्मन जहाजों को ट्रैक करती हैं बल्कि साथ ही जरूरत पड़ने पर हमला भी कर सकती हैं। दुश्मन के जहाजों को ट्रैक करने और उन्हें बेअसर करना इन पनडुब्बियों की क्षमता का ही एक अहम हिस्सा है, जो समुद्र में इनकी ताकत बढ़ाता है। पानी के नीचे कर रहीं गश्त बयान में कहा गया है कि ईरान की समुद्री प्रतिरोधक क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में 'डेना' डिस्ट्रॉयर पर मारे गए लोगों को समर्पित एक ऑपरेशन के दौरान ये पनडुब्बियां पानी की सतह पर आईं। कई सैन्य-गठन अभ्यास करने के बाद वे अपने मिशन को जारी रखने के लिए फिर से पानी के नीचे चली गईं। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का अहम समुद्री रूट है। खाड़ी देशों से दुनिया के बड़े हिस्से में इसी रास्ते से तेल-गैस पहुंचता है। अमेरिका और इजरायल के 28 फरवरी को किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने यहां यातायात रोक दिया है। अमेरिका ने भी इसे ब्लॉक करते हुए दुनिया के जहाजों को इससे ना गुजरने देने का ऐलान कर दिया है। इसके चलते यह इलाका संवेदनशील बना हुआ है। एनर्जी सप्लाई पर संकट ईरान और अमेरिका की नाकेबंदी ने दुनिया की एनर्जी सप्लाई को संकट में डाल दिया है। खाड़ी देशों के होर्मुज से होकर गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही रुकने का सीधा असर तेल-गैस की कीमत पर हो रहा है। इसका सीधा असर साउथ एशिया और दुनिया के दूसरे हिस्से के साथ-साथ अमेरिकी बाजार पर भी हुआ है। भारत में भी इसका प्रभाव देखा गया है।  

यूडी टैक्स बकाया पर नगर परिषद की सख्ती, गर्ग पैलेस सीज

करौली शादी के सीजन में करौली के मैरिज होम संचालकों के सामने परेशानी पैदा हो गई है. मैरिज होम सील होने की कार्रवाई शुरू होने के साथ ही हड़कंप मच गया है. नगर परिषद ने नगरीय विकास शुल्क (यूडी टैक्स) की बकाया राशि को लेकर सख्त कार्रवाई की है. हिंडौन दरवाजा स्थित गर्ग पैलेस उर्फ आशा पैलेस को सीज कर दिया गया है. सिर्फ यही एक मैरिज होम नहीं है, बल्कि 14 मैरिज गार्डन संचालकों को पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं. 11 लाख रुपए बकाया होने के चलते एक्शन रविवार को कार्यवाहक नगर परिषद आयुक्त प्रेमराज मीणा समेत परिषद की टीम हिंडौन दरवाजा स्थित गर्ग पैलेस पहुंची. टीम ने मैरिज हॉल के मुख्य द्वार पर सील लगाते हुए बकाया राशि जल्द जमा कराने के निर्देश दिए. मैरिज हॉल पर करीब 11 लाख रुपये से अधिक का विकास शुल्क बकाया था. कार्रवाई के बाद शहर के अन्य मैरिज गार्डन संचालक भी हरकत में आ गए हैं. निगम की चेतावनी के बाद भी माने संचालक पिछले माह शहर के बड़े मैरिज गार्डन और पैलेस संचालकों को करीब 1.25 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है. इसके भुगताने के लिए निगम ने नोटिस जारी करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. कई संचालकों ने बकाया राशि जमा करवाई, जबकि कुछ ने अतिरिक्त समय मांगा. लेकिन गर्ग पैलेस संचालक की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नगर निकाय अधिनियम के तहत सीज की कार्रवाई की गई. 10-10 लाख से भी ज्यादा का बकाया नगर परिषद द्वारा जारी नोटिस में कई बड़े मैरिज गार्डनों पर लाखों रुपये का यूडी टैक्स बकाया बताया गया था. इनमें भंवर विलास पैलेस पर 19.10 लाख, बाबूभाई पैराडाइज पर 14.07 लाख, आशीर्वाद मैरिज होम पर 11.87 लाख, लक्ष्मी मैरिज गार्डन पर 11.60 लाख, गर्ग पैलेस पर 11.01 लाख और करौली इन मैरिज गार्डन पर 10.76 लाख रुपये बकाया शामिल हैं. इसके अलावा वृन्दावन गार्डन, जिंदल मैरिज गार्डन, गोवर्धन पैलेस, लाडली पैलेस, द्वारिकाधीश, शिवशक्ति, गणेश बैंक्वेट हॉल और शिवलॉज को भी नोटिस जारी किए गए हैं.

IPL मुकाबले से पहले Preity Zinta ने टेका माथा, Golden Temple में मांगी PBKS की जीत की दुआ

अमृतसर. बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा आज श्री हरमंदिर साहिब  में माथा टेकने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने गुरु घर में नतमस्तक होकर सरबत के भले की अरदास की और वाहेगुरु का शुक्राना अदा किया। प्रीटी जिंटा को देखने के लिए श्रद्धालुओं में भी काफी उत्साह देखने को मिला। माथा टेकने के बाद प्रीटी जिंटा ने लंगर हॉल में सेवा भी निभाई। उन्होंने संगत को लंगर वितरित किया और सेवा भाव से गुरु घर के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।  मीडिया से बातचीत करते हुए प्रीटी जिंटा ने कहा, “बस बाबा जी का बुलावा आया था, हम आ गए।” उन्होंने बताया कि 11 तारीख को टीम का अहम मैच है और वह पंजाब की जीत के लिए अरदास करने पहुंची हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वाहेगुरु की कृपा से टीम शानदार प्रदर्शन करेगी और सभी मैच जीतने की कोशिश करेगी। इस मौके पर उन्होंने पंजाब टीम के कप्तान Shreyas Iyer की भी तारीफ की। प्रीटी जिंटा ने कहा कि पंजाब के लोग उन्हें प्यार से “सरपंच” कहकर बुलाते हैं, जो टीम के लिए गर्व की बात है। उन्होंने पंजाब के युवाओं और फैंस द्वारा मिल रहे प्यार और समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद किया।

छत्तीसगढ़ का बढ़ाया मान, सुष्मिता सिंह ने UPSC में 32वीं रैंक के साथ पाई भारतीय वन सेवा में जगह

राजनांदगांव. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा शुक्रवार शाम भारतीय वन सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी किया गया, जिसमें 148 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। प्रतिष्ठित सूची में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पली-बढ़ी सुष्मिता सिंह ने 32वीं रैंक हासिल कर भारतीय वन सेवा (IFS) में चयन प्राप्त किया है। उनकी इस सफलता से प्रदेश में हर्ष का माहौल है। राजनांदगांव से लेकर IFS तक का सफर सुष्मिता सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजनांदगांव के जेएमजे नवजीवन स्कूल और रॉयल किड्स स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने डीएवी पब्लिक स्कूल सरकंडा, जैन इंटरनेशनल स्कूल बिलासपुर और डीपीएस भिलाई से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। आगे चलकर उन्होंने यूपीएस देहरादून से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की। नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी, पांचवें प्रयास में मिली सफलता बीटेक के बाद सुष्मिता सिंह ने नौकरी भी की, लेकिन UPSC की तैयारी में कठिनाई आने पर उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देकर पूरी तरह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया। लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में यह सफलता हासिल की। पिता भी रह चुके हैं IFS अधिकारी सुष्मिता सिंह का परिवार भी वन सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता भारतीय वन सेवा के अधिकारी रह चुके हैं और छत्तीसगढ़ में लंबे समय तक एसडीओ, डीएफओ, वन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे सेवानिवृत्त होकर भिलाई में निवासरत हैं। परिवार और मेहनत को दिया सफलता का श्रेय सुष्मिता सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां की प्रेरणा, पिता के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत, धैर्य और दृढ़ निश्चय ही सफलता की असली कुंजी है। उनकी इस उपलब्धि से युवाओं में नई प्रेरणा का संचार हुआ है।

कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को दायित्वों का समय पूर्व निर्वहन करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश

उमरिया  हजरत नौगजा शाहदाता रहमतुल्ला अलैह चंदिया में रात्रिकालीन उर्स का आयोजन 15, 16 एवं 17 मई 2026 को किया जाना है आयोजित रात्रिकालीन हजरत नौगजा शाहदाता रहमतुल्ला अलैह चंदिया उर्स की पूर्व तैयारी बैठक कलेक्टर राखी सहाय की अध्यक्षता में नगर परिषद चंदिया में संपन्न हुई। बैठक में यातायात व्यवस्था , पार्किग व्यवस्था , स्वच्छ पेयजल एवं अग्निशमन व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था,बिजली व्यवस्था, मार्ग का समतलीकरण, नौगजा बाबा मजार मे श्रध्दालुओ के आवागमन एवं दर्शन व्यवस्था, बैरीकेटिंग व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था आदि पर विस्तार से चर्चा की गई।   यातायात की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पार्किग व्यवस्था के लिए 6 स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां पर समुचित रूप से वाहनों की पार्किग की जा सकेगी, ताकि उर्स तक आने वाले लोगो को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नही करना पडे ।  कलेक्टर ने बाजार व्यवस्था  पर कहा कि दुकानों कि इस तरह से लगवाया जाए, जिससे आवागमन में परेशानी का सामना नही करना पडे । उर्स मेला स्थल पर मजार तक पहुंचने वाले लोगो के लिए प्रवेश एवं निकासी अलग अलग बनाएं जाए। उर्स मेला स्थल पर जहां पर कव्वाली का कार्यक्रम आयोजित होना है वहां मंच के सामने पीडब्ल्यूडी विभाग को बैरीकेटिंग उपलब्ध कराने के निर्देश कलेक्टर व्दारा दिए गए ।   सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 4 वॉच टॉवर के माध्यम से पुलिस कर्मियों व्दारा उर्स मेला स्थल पर नजर जाएगी, ताकि लोगो को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नही करना पडे।   कलेक्टर राखी सहाय ने कहा कि मेला स्थल पर जो झूले लगने है, उन्हे परमीशन देने से पहले झूले कि स्थिति का निरीक्षण करें जिससे किसी भी प्रकार की अनहोनी घटित नही हो सके । आपने कहा कि पीडब्ल्यूडी एवं एमपीईबी की एनओसी के उपरांत ही झूले लगने की परमीशन जारी की जाए । उन्होने कहा कि सर्विलेंस कैमरा के माध्यम से मानीटरिंग की जाए ।  उन्होने कहा कि पार्किग स्थल, मजार के पास तथा मंच के चारो तरफ कैमरे लगाए जाए। भीड़ के दौरान चोरी की घटना को रोकने के लिए वालेटिंयर पुलिस के साथ रहे।   कलेक्टर ने कहा कि उर्स मेला स्थल पर एंबुलेंस की व्यवस्था  कि जाए तथा उसमें डॉक्टर की ड्युटी लगाई जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगो को त्वरित स्वास्थ्य  लाभ उपलब्ध कराया जा सके । उन्होने कथली नदी के किनारे बैरीकेटिंग की व्यवस्था करने के निर्देश पीडब्ल्यूडी विभाग को दिए । उन्होने कहा कि  मेले में शुध्द पेयजल की व्यवस्था की जाए । इस दौरान बताया गया कि मेला के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तीन फायर बिग्रेड की व्यवस्था की गई है।  बैठक उपरांत कलेक्टर राखी सहाय ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते हुए पार्किग स्थल, मंच व्यवस्था, प्रवेश एवं निकासी व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से कहा है कि जिन अधिकारियों को जो दायित्वि सौपे गये है , उसका निर्वहन समय पूर्व करना सुनिश्चित करें ताकि उर्स के दौरान आम जनों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नही करना पड़े ।   इस अवसर पर अतिरिक्त  पुलिस अधीक्षक सीताराम सत्या, एसडीएम बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी किशन सिंह, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य  यांत्रिकीय, यातायात प्रभारी, उर्स कमेटी के अध्यक्ष सहित कार्यक्रम व्यवस्था से जुडे अन्य, कर्मचारी उपस्थित रहे ।    

Mother’s Day Gift: रायपुर महिला जेल में वीडियो कॉलिंग सुविधा शुरू, कैदियों को परिवार से मिलने का नया जरिया

रायपुर आज मदर्स डे के ममतामयी अवसर पर रायपुर की महिला जेल में बंदिनियों के लिए खुशियों की एक नई किरण जगी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप, जेल प्रशासन ने महिला बंदिनियों को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का बहुप्रतीक्षित तोहफा दिया है। अपनों से दूरी होगी कम वीडियो कॉलिंग की सुविधा से जेल विभाग और बीएसएनएल के बीच हुए अनुबंध के तहत इस सिस्टम को स्थापित किया गया है। अब महिला बंदी अपने परिजनों और अधिवक्ताओं से सीधे वीडियो कॉल के जरिए संवाद कर सकेंगी, जिससे उनके मानसिक संबल और कानूनी विमर्श में मदद मिलेगी।  हुनर को मिला सम्मान निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उनके पुनर्वास और भविष्य में स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम है। जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 मासूम बच्चों को विभाग की ओर से विशेष उपहार वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान खिल गया और जेल परिसर का माहौल उत्सवमय हो गया। इस संवेनदनशील पहल के शुभारंभ अवसर पर जेल और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से श्री हिमांशु गुप्ता (डीजी, जेल), श्री योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), श्री विजय छबलानी (प्रतिनिधि, BSNL), सुश्री गरिमा पांडेय (प्रभारी, महिला जेल) एवं समस्त जेल स्टाफ, संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल बंदिनियों को उनके मानवाधिकारों और परिवार से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि जेल सुधार की दिशा में तकनीकी समावेश का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगी।

बाघ की दहशत से सहमे ग्रामीण, सूखी सेवनिया क्षेत्र में 15 दिन से बढ़ा खतरा

भोपाल. सूखी सेवनिया क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से एक बाघ की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। बाघ अब तक आधा दर्जन मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। डर का आलम यह है कि कई ग्रामीण रात में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं, वहीं किसानों ने खेतों पर जाना भी कम कर दिया है। गांवों तक पहुंच रहा बाघ जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट के अनुसार बाघ कनेरा गांव सहित करोंद खुर्द, कड़ैया, छापर, अगरिया, मुगालिया कोट और चांचेड़ क्षेत्र में लगातार घूम रहा है। वह पहाड़ी और नदी किनारे के रास्तों से गांवों तक पहुंच रहा है और गांव के बाहर बंधे मवेशियों को शिकार बना रहा है। वन विभाग ने लगाए ट्रैप कैमरे वन परिक्षेत्र समरधा अंतर्गत बीट बालमपुर के कक्ष क्रमांक 160 में, जो नेशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गेनाइजेशन को हस्तांतरित क्षेत्र से लगा हुआ है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग मध्य प्रदेश की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। क्षेत्र में लगाए गए ट्रैप कैमरों में शिकार स्थल के आसपास बाघ की मौजूदगी दर्ज हुई है। वन विभाग ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और टीम तैनात कर दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह वन अधिकारियों के अनुसार बाघ की गतिविधियों को देखते हुए सभी गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों को रात में जंगल किनारे आवाजाही से बचने और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर बांधने की सलाह दी गई है। क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है हलाली नदी के समीप आठ मई को एक गाय के शिकार की सूचना वन विभाग को प्राप्त हुई। वन अमले ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और क्षेत्र में ट्रैप कैमरा लगाए थे। पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। – लोकप्रिय भारती, डीएफओ, वन विभाग

हरनौत में कृषि सखियों की बहाली पर गड़बड़ी का आरोप, डीएम ने जांच के दिए आदेश

हरनौत राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के तहत सभी प्रखंडों में पिछले साल दो-दो कृषि सखियों की बहाली की गयी है। इनका काम किसानों से आंकड़ा जुटाना और उन्हें प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करना था। जीविका की अनुशंसा पर कृषि विभाग द्वारा बहाली की जानी थी। इस बहाली में अब गड़बड़ी की आशंका सामने आ रही है। हरनौत प्रखंड की दो महिलाओं ने डीएम को आवेदन देकर जांच की मांग की है। इस मामले पर जिला कृषि पदाधिकारी व जीविका डीपीएम के विरोधाभाषी बयान देकर आमने-सामने आ गये हैं। वहीं डीएम कुंदन कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है।आवेदन के अनुसार जीविका की ओर से दोनों का चयन किया गया था। जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक ने दोनों के नामों की अनुशंसा कर पत्र प्रखंड कृषि कार्यालय को भेजा था। बाद में पता चला कि उनके स्थान पर किसी और की बहाली कर ली गयी है। यानि, जीविका की अनुशंसा की अनदेखी की गयी। जीविका के सूत्रों की मानें तो कई प्रखंडों से ऐसे मामले सामने आये हैं। जीविका की ओर से भेजे गये नामों को हटाकर अन्य की बहाली कर ली गयी। क्या है आरोप हरनौत के प्रेमलता देवी व मुन्नी देवी ने डीएम को बताया कि जीविका की ओर से उन्हें चुना गया था। बीपीएम ने पत्र देकर उन्हें सूचना दी थी। उन्होंने जिला कृषि कार्यालय में मिट्टी जांच की ट्रेनिंग भी ली। इसके बाद उन्हें किसानों की सूची तैयार करने का काम दिया गया। गांव-गांव घूमकर उन्होंने किसानों से जानकारी लेकर सूची बनायी। प्रखंड कृषि कार्यालय में इस जानकारी को कंम्प्यूटर पर अपलोड कराया। करीब तीन महीने तक उन्होंने काम किया। इसके बाद प्रखंड कृषि कार्यालय से बताया गया कि किसी दूसरे का चयन कर लिया गया है। एक दूसरे पर टाल रहे कृषि विभाग-जीविका के अधिकारी इस मामले को कृषि विभाग व जीविका के अधिकारी एक-दूसरे पर टाल रहे हैं। कृषि विभाग इसका ठीकरा जीविका पर फोड़ रहा है। वहीं, जीविका का कहना है कि उन्होंने नामों की अनुशंसा की थी। बहाली का काम कृषि विभाग का था। दोनों महिलाएं एक से दूसरे विभागों में चक्कर लगा रही हैं। डीएओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि बहाली हो गयी है। अब इस मामले में कुछ नहीं हो सकता है। जानकार बताते हैं कि यह बात तय है कि कहीं न कहीं गड़बड़ी हुई है। गड़बड़ी किसने और क्यों की है, यह जांच का विषय है।

कोटा के गणेशपुरा में सालों पुरानी पानी की समस्या का समाधान शुरू

कोटा कोटा शहर से सटे गणेशपुरा गांव में अब सालों पुरानी पेयजल समस्या खत्म होने जा रही है. गांव में चंबल का शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है. लंबे समय तक फ्लोराइड युक्त पानी, हैंडपंप और बोरिंग के सहारे जिंदगी गुजारने वाले ग्रामीणों में अब नई उम्मीद जगी है. ग्रामीणों ने इस पहल के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और स्थानीय विधायक कल्पना देवी का आभार जताया है. सालो बाद गांव की मांग पूरी होने पर कैसे है माहौल गांव का.. पढ़ें र‍िपोर्ट   फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर थे लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के गणेशपुरा गांव के लोग सालों से लोग पेयजल संकट से जूझ रहे थे. गांव साल 2008 में नगर निगम वार्ड में शामिल तो हो गया, इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच सकीं. सबसे बड़ी समस्या थी, शुद्ध पेयजल की. ग्रामीणों को फ्लोराइड युक्त पानी पीना पड़ता था. महिलाएं दूर-दूर से पानी भरकर लाती थीं. कई घरों में हैंडपंप और बोरिंग ही एकमात्र सहारा था.  दूषित पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों की शिकायतें भी आम थीं. अब गांव में चंबल का पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ है. काम शुरू होते ही गांव में उत्साह का माहौल है. वर्षों तक पानी की समस्या झेलनी पड़ी गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने वर्षों तक पानी की समस्या झेली है. कई बार मांग उठाई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ. अब जब पाइपलाइन बिछने लगी है तो लोगों को भरोसा हो गया है कि जल्द ही घर-घर शुद्ध पानी पहुंचेगा. युवाओं का कहना है कि पानी की समस्या खत्म होने से गांव की जिंदगी बदल जाएगी. ग्रामीण युवक ने बताया क‍ि सालों से यहां पानी की बहुत दिक्कत थी. फ्लोराइड वाला पानी पीना मजबूरी थी. अब सरकार और जनप्रतिनिधियों के प्रयास से चंबल का पानी मिलेगा तो बड़ी राहत होगी. ग्रामीणों ने ओम बिरला का आभार जताया ग्रामीणों ने इस काम के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार जताया. उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित मांग अब पूरी होती दिखाई दे रही है. स्थानीय विधायक कल्पना देवी ने भी गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए. गणेशपुरा के लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि बाकी शहरी सुविधाएं भी गांव तक जरूर पहुंचेगी. सालों तक फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर रहे गणेशपुरा के लोगों के लिए चंबल का पानी सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि बेहतर जिंदगी की नई शुरुआत माना जा रहा है.

“इंजन में आग लग गई है…” विमान हादसे के बाद पायलट की घबराई आवाज ने दहलाया

नई दिल्ली अमेरिका के डेनवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां सुरक्षा बाड़ फांदकर रनवे पर पहुंचे एक अज्ञात व्यक्ति की विमान से टकराकर मौत हो गई। फ्रंटियर एयरलाइंस की फ्लाइट 4345 से हुई यह टक्कर के बाद विमान के इंजन में आग लग गई। इस घटना के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) का ऑडियो सामने आया है, जिसमें पायलट की घबराहट और यात्रियों द्वारा बयां किएक गए मंजर दिखाई दे रहे हैं। कब की है घटना? एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति ने स्थानीय समयानुसार शुक्रवार रात लगभग 11:19 बजे हुई घटना से ठीक पहले एक बाड़ फांदकर सक्रिय रनवे क्षेत्र में प्रवेश करके हवाई अड्डे की सुरक्षा का उल्लंघन किया था। फ्रंटियर एयरलाइंस का विमान उस व्यक्ति से टकराने के समय चल रहा था। ऑडियो आया सामने एटीसी ऑडियो में, फ्रंटियर फ्लाइट 4345 के पायलट को कंट्रोल टावर को यह सूचित करते हुए सुना जा सकता है कि विमान एक व्यक्ति से टकराने के बाद रनवे पर रुक गया था और उसके एक इंजन में आग लग गई थी। फ्रंटियर विमान 4345 के पायलट ने कहा, हमने अभी-अभी किसी को टक्कर मारी दी है… हमारे इंजन में आग लग गई है। हम रनवे पर रुक रहे हैं रनवे पर बिखरे मिले शरीर के अंग डेनवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्रंटियर फ्लाइट 4345 द्वारा रनवे पर दौड़ रहे एक व्यक्ति को टक्कर मारने के बाद के भयावह क्षणों को एयर ट्रैफिक कंट्रोल के चौंकाने वाले ऑडियो में कैद किया गया है। बताया जाता है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि शरीर के अंग रनवे पर बिखरे पड़े मिले ऑडियो रिकॉर्डिंग में एयरपोर्ट के एक कर्मचारी ने कहा, "रनवे पर मुझे कुछ अंग मिले हैं। मेरा मानना है कि विमान ने किसी व्यक्ति को टक्कर मारी है। रनवे पर मानव अवशेष दिखाई दे रहे हैं।" फ्लाइटअवेयर के अनुसार , दुर्घटना के समय विमान लगभग 149 मील प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा कर रहा था। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि वह व्यक्ति आंशिक रूप से विमान के इंजनों में से एक में खिंच गया था।