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टॉस आरसीबी के नाम, मुंबई इंडियंस को हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी से बड़ा झटका

रायपुर    आज आईपीएल 2026 में डबर हेडर यानी दो मैच हैं। रविवार को दूसरा मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और मुंबई इंडियंस (एमआई) के बीच खेला जा रहा है। यह एमआई के लिए 'करा यो मरो' मैच है। आरसीबी ने रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में टॉस जीतकर बॉलिंग चुनी है। एक बार एमआई की बागडोर सूर्यकुमार यादव संभाल रहे हैं। नियमित कप्तान हार्दिक पांड्या की पीठ में परेशानी है। वह इसी वजह से लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ भी नहीं खेले थे। डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी और एमआई मौजूदा सीजन में दूसरी बार आमने-सामने हैं। दोनों की जब 12 अप्रैल को वानखेड़े स्टेडियम में भिड़ंत हुई थी, तब आरसीबी ने 18 रनों से विजयी परचम फहराया था। पांच बार की चैंपियन मुंबई अब हार का बदला लेने की फिराक में होगी लेकिन आरसीबी से लोहा आसान नहीं होगा। एमआई अंक तालिका में फिलहाल नौवें स्थान पर है। उसने 10 मैचों में से सिर्फ तीन जीते (6 अंक) हैं। मुंबई यदि आज हार गई तो प्लेऑफ की उम्मीदें समाप्त हो जाएंगी। रजत पाटीदार की अगुवाई वाली आरसीबी 12 अकों के साथ तालिका में चौथे पायदान पर है। उसने 10 मैचों में से छह जीते हैं। एमआई के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव आरसीबी मैच के लिए उपलब्ध हैं। सूर्यकुमार की पत्नी ने हाल ही में एक बच्ची को जन्म दिया है। ऐसे में सूर्या के खेलने को लेकर थोड़ी अनिश्चितता थी लेकिन टीम मैनेजमेंट ने बताया वह रायपुर में खेलेंगे। उन्होंने हार्दिक की गैर मौजूदगी में चार मई को एलएसजी मैच में मुंबई इंडियंस की कप्तानी की थी। आरसीबी की संभावित XII: जैकब बेथेल, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेज़लवुड, रसिख सलाम दार। मुंबई इंडियंस की संभावित XII: रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, नमन धीर, हार्दिक पांड्या/शेरफेन रदरफोर्ड, विल जैक्स, कॉर्बिन बॉश, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह, अल्लाह गजनफर, शार्दुल ठाकुर।

समर सीजन में रेलवे का तोहफा, चंडीगढ़ से वाराणसी के लिए शुरू होगी स्पेशल ट्रेन

चंडीगढ़. गर्मी के मौसम के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए अंबाला मंडल ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से एक और स्पैशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इस प्रकार समर स्पैशल ट्रेन के रूप में चंडीगढ़ को यह तीसरी ट्रेन मिली है। अंबाला मंडल के सीनियर डी. सी. एम. यशनजीत सिंह ने बताया कि ट्रेन संख्या 04227-28 चंडीगढ़ से वाराणसी के लिए सप्ताह में दो दिन चलेगी और यह 18 फेरे लगाएगी, यह ट्रेन 14 मई से 13 जुलाई तक चलाई जाएगी। जिसमें 19 कोच सहित, ए.सी., स्लिपर व जनरल कोच शामिल है। ट्रेन संख्या 04227 वाराणसी से दोपहर 11.05 बजे हर वीरवार व रविवार को चलेगी, यह ट्रेन चंडीगढ़ अगले दिन सुबह 4.20 बजे चंडीगढ़ पंहुच जाएगी। जबकि चंडीगढ़ से वाराणासी के लिए गाड़ी संख्या 04228 हर शुक्रवार व सोमवार को सुबह 6 बजे चलेगी और रात को 12.55 बजे वाराणसी पहुंच जाएगी। यह ट्रेन वाराणसी, रायबरेली, लखनऊ, आलमनगर, शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन, बरेली, मुरादाबाद, रूड़की, अंबाला होते हुए चंडीगढ़ आएगी।

सर्वे से बाहर रह गए हितग्राहियों को राहत, PM जनमन योजना में जल्द मिलेगा आवास

गरियाबंद. उड़ीसा में निवासरत होने के कारण आवास सर्वे में शामिल नहीं हो पाए जिले के हितग्राहियों के सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर उठे सवालों पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने बताया कि वीडियो में दिख रहे हितग्राही विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से हैं, लेकिन पूर्व में उनके उड़ीसा में निवासरत रहने के कारण उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में दर्ज नहीं हो सका था। अब पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (PM JANMAN) के तहत उनका पुनः सर्वे कर लिया गया है और उन्हें जल्द आवास स्वीकृत किया जाएगा। पीएम जनमन अभियान के तहत बड़े पैमाने पर आवास स्वीकृति बता दें कि जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए चलाए जा रहे पीएम जनमन अभियान के तहत अब तक 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 21 हजार आवासों का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है। प्रशासन का कहना है कि जो पात्र हितग्राही पहले सर्वे में छूट गए थे, उनके लिए विशेष अनुमति लेकर पुनः सर्वे किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। उड़ीसा में निवास के कारण सूची से बाहर था परिवार सीईओ ने स्पष्ट किया कि संबंधित परिवार वर्ष 2011 और 2018 के आवास सर्वे में शामिल नहीं था, क्योंकि उस समय वे छत्तीसगढ़ में निवासरत नहीं थे और उड़ीसा में रह रहे थे। वर्ष 2024 में किए गए नवीन सर्वे के दौरान भी वे गांव में उपस्थित नहीं थे। हाल ही में उनके छत्तीसगढ़ लौटने के बाद उनका सर्वे पीएम जनमन योजना के अंतर्गत पूरा कर लिया गया है और पात्रता के अनुसार आवास स्वीकृति की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। समाधान शिविर में तत्काल बने दस्तावेज प्रशासन ने यह भी बताया कि समाधान शिविर के दौरान हितग्राही को मौके पर ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उनके राशन कार्ड और मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनवाए गए। साथ ही आयुष्मान कार्ड के लिए भी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। पुनः सर्वे और सूची में शामिल करने की प्रक्रिया जारी जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए बसाहटों के आधार पर बार-बार सर्वे कराया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। जो परिवार पहले सूची में शामिल नहीं हो पाए थे, उन्हें अब पुनः सर्वे के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। सर्वे पूर्ण होने के बाद अंतिम सूची भारत सरकार को भेजी जाएगी और स्वीकृति मिलते ही आवास प्रदान किए जाएंगे। प्रशासन का दावा: हर पात्र परिवार तक पहुंचेगा लाभ जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीएम जनमन योजना का उद्देश्य केवल आवास देना नहीं, बल्कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है। इसलिए हर पात्र परिवार की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने कहा कि किसी भी योग्य हितग्राही को वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और सभी को नियमानुसार लाभ प्रदान किया जाएगा।

40 किलो गेहूं गायब होने से भड़का मजदूर, सड़क पर धरने पर बैठ बस रुकवाई

 राजगढ़  मेहनत की कमाई से खरीदे 40 किलो गेहूं का कट्टा गायब हुआ तो एक मजदूर का गुस्सा सड़क पर उतर आया। राजस्थान रोडवेज की बस जैसे ही खिलचीपुर बस स्टैंड से रवाना होने लगी, मजदूर बस के सामने बैठ गया और बोला— “गेहूं नहीं मिला तो बस भी नहीं जाएगी।” करीब 25 मिनट तक बस स्टैंड पर हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। यात्री परेशान होते रहे, भीड़ जमा हो गई और आखिरकार मामला 500 रुपये देकर शांत कराया गया। अकलेरा से लेकर आया था परिवार का राशन खिलचीपुर के कालाजी बड़ली निवासी बिरम मोगिया मजदूरी कर परिवार चलाता है। शुक्रवार शाम वह राजस्थान के अकलेरा से 40 किलो गेहूं का कट्टा लेकर कोटा-ब्यावरा रोडवेज बस में सवार हुआ था। उसने गेहूं का कट्टा बस की डिग्गी में रखवाया, लेकिन खिलचीपुर पहुंचने पर उसका सामान गायब मिला। बस कंडक्टर से शिकायत करने पर उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और उसे खिलचीपुर बस स्टैंड पर उतार दिया गया, जिसके बाद बस आगे निकल गई। आरोप है कि किराया लेने के बावजूद कंडक्टर ने टिकट तक नहीं दिया। अगले दिन बस देखते ही अड़ गया मजदूर शनिवार सुबह वही बस फिर खिलचीपुर बस स्टैंड पहुंची तो बिरम पहले से वहां मौजूद था। बस जैसे ही रवाना होने लगी, वह अचानक बस के सामने बैठ गया। उसने साफ कह दिया कि “जब तक मेरा गेहूं नहीं मिलेगा, बस आगे नहीं जाएगी।” हालात ऐसे बने कि मजदूर ने बस के आगे लेटने तक की चेतावनी दे डाली। यात्रियों की भीड़, बस स्टैंड पर हंगामा मजदूर के विरोध के चलते करीब 25 मिनट तक बस खड़ी रही। बस में बैठे यात्री परेशान होते रहे, वहीं बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति बिगड़ती देख बस परिचालक ने मजदूर को 500 रुपये दिए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने समझाइश देकर मामला शांत कराया और बस को रवाना किया गया।  

बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव, कई IPS अधिकारियों की नई पोस्टिंग

 पटना  सम्राट चौधरी सरकार ने बिहार पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 16 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। गृह विभाग ने रविवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो एवं आधुनिकीकरण के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) सुधांशु कुमार को अब एडीजी विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नैयर हसनैन बीसैप भेजे गए वहीं, नैयर हसनैन खान को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से हटाकर बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीसैप) की जिम्मेदारी दी गई है। विकास वैभव को मगध क्षेत्र (गया) का पुलिस महानिरीक्षक (IG) बनाया गया है। अधिसूचना के अनुसार, असैनिक सुरक्षा के एडीजी और 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी परेश सक्सेना को इसी विभाग में पुलिस महानिदेशक (DG) बनाया गया है। तकनीकी सेवाएं एवं संचार के एडीजी निर्मल कुमार आजाद को पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के एडीजी डॉ. अमित कुमार जैन अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के एडीजी होंगे। बजट, अपील एवं कल्याण के एडीजी डॉ. कमल किशोर सिंह को रेलवे में एडीजी बनाया गया है, जबकि एडीजी प्रोविजनिंग अजीताभ कुमार को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो एवं आधुनिकीकरण की जिम्मेदारी दी गई है। एडीजी (प्रशिक्षण) संजय सिंह अब एडीजी (बजट, अपील एवं कल्याण) होंगे। चर्चित आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो से हटाकर एडीजी तकनीकी सेवाएं एवं संचार बनाया गया है। विकास वैभव बने मगध के आईजी एडीजी सुरक्षा अमृत राज को एडीजी साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की जिम्मेदारी दी गई है। गृह विभाग (विशेष शाखा) के विशेष सचिव केएस अनुपम को अपराध अनुसंधान विभाग में एडीजी (कमजोर वर्ग) बनाया गया है। विकास वैभव को बिहार राज्य योजना परिषद के परामर्शी पद से हटाकर मगध क्षेत्र का पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है। रेलवे आईजी पी. कन्नन को आईजी प्रोविजनिंग बनाया गया है। वहीं, साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई के आईजी रंजीत कुमार मिश्र अब अपराध अनुसंधान विभाग के आईजी होंगे। बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के आईजी संजय कुमार को विशेष शाखा का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है।

जमीन विवाद में हैवान बनी बड़ी मां, दमोह में मासूम भतीजे की ले ली जान

दमोह/तेंदूखेड़ा. दमोह जिले के महुआखेड़ा गांव में 3 वर्षीय बच्चे अनिरुद्ध सिंह की हत्या का मामला सुलझ गया है। पुलिस ने बच्चे की सगी बड़ी मां राजकुमारी लोधी को गिरफ्तार किया है, जिसने आंगन के विवाद में अपने ही भतीजे को जहर देकर और गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक के दादा छोटे सिंह लोधी ने बताया कि विवाद की असली वजह घर का आंगन था। अनिरुद्ध के पिता तीन भाई हैं और सबके पास चार-चार एकड़ जमीन है, लेकिन साझा आंगन दादा के नाम था। राजकुमारी चाहती थी कि वह आंगन उसके नाम हो जाए ताकि वहां से कोई दूसरा न निकल सके। इसी रंजिश में 3 मई, शुक्रवार सुबह 9:30 बजे, जब घर के नल खुले थे और सब काम में व्यस्त थे, उसने अनिरुद्ध को अगवा कर लिया। हत्या का तरीका और शव छिपाने की कोशिश एसपी आनंद कलादगी के अनुसार, आरोपी महिला ने पहले बच्चे को जहर खिलाया, फिर गला दबाया और सिर पर पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी। उसने शव को बोरे में भरकर घर के अंदर ही भूसे के ढेर में छिपा दिया। शुक्रवार रात भर पुलिस गांव में सर्चिंग करती रही, इसलिए वह शव बाहर नहीं निकाल सकी। इस दौरान वह खुद भी परिजन के साथ बच्चे को खोजने का नाटक करती रही। कचरे के ढेर से मिला शव शनिवार सुबह जैसे ही पुलिस घर के पास से हटी, राजकुमारी ने शव को भूसे से निकालकर प्लास्टिक के टब में रखा और बाहर गोबर के ढेर पर फेंक दिया। उसने शव के ऊपर कचरा डाल दिया ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, जब डॉग स्क्वायड की टीम गांव पहुंची, तो खोजी कुत्ता सीधे उसी ढेर पर जाकर रुक गया, जहां से पुलिस को बोरे में बंद शव मिला। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा गया। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल दो बेटियों के बाद हुए इकलौते बेटे की मौत से मां संगीता लोधी का बुरा हाल है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस समय रहते घर के अंदर तलाशी लेती, तो शायद बच्चा जीवित मिल जाता। इस पर एसपी ने कहा कि डीएसपी स्तर के अधिकारी से मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस आरोपी महिला के पति भगवान सिंह से भी पूछताछ कर रही है।

IRGC की धमकी के बाद अमेरिका-ईरान टकराव और तेज, समुद्री रूट पर खतरा

नई दिल्ली  ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी तेल टैंकरों या कमर्शियल जहाजों पर कोई भी और हमला इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों पर जोरदार हमला करने की वजह बनेगा। यह चेतावनी फारस की खाड़ी में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच दी गई है। एक्स पर जारी एक बयान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना कमान ने कहा, "चेतावनी! ईरान के तेल टैंकरों और कमर्शियल जहाजों के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामकता का नतीजा, इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों में से किसी एक और दुश्मन के जहाजों पर जोरदार हमले के रूप में सामने आएगा।" अमेरिका पर हमला करने के लिए मिसाइलें और ड्रोन लॉक इसके तुरंत बाद, IRGC की एयरोस्पेस फोर्स ने दावा किया कि ईरानी मिसाइलें और ड्रोन पहले से ही इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और नौसैनिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। पोस्ट में कहा गया, "IRGC एयरोस्पेस फोर्स की मिसाइलों और ड्रोनों ने इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और दुश्मन के हमलावर जहाजों को लॉक कर लिया है। हम फायर करने के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।" अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने दी चेतावनी यह चेतावनी तब आई है जब एक दिन पहले ही यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने कहा था कि अमेरिकी नौसेना बलों ने ओमान की खाड़ी में ईरान के खिलाफ चल रहे नाकाबंदी अभियानों के तहत ईरान के झंडे वाले दो तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया। CENTCOM के अनुसार, खाली टैंकरों को ईरानी बंदरगाहों तक पहुंचने से रोक दिया गया। CENTCOM ने बताया कि 13 अप्रैल से अब तक अमेरिकी बलों ने ईरान के चार जहाजों को निष्क्रिय किया है और नाकाबंदी के इस दौर में 58 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला है। ये ताजा घटनाक्रम इस हफ्ते की शुरुआत में होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी नौसेना बलों और ईरानी संपत्तियों के बीच हुई गोलीबारी के बाद सामने आए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा परिवहन का एक प्रमुख मार्ग है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि की कि होर्मुज से गुजरते समय अमेरिकी नौसेना के तीन विध्वंसक जहाजों पर हमला हुआ था, लेकिन उन्होंने कहा कि ये जहाज सफलतापूर्वक वहां से गुजर गए।

इलेक्ट्रिशियन का काम सीख रोजगार की नई राह पर बढ़ाए कदम

रायपुर. पुरूषों के वर्चस्व वाले एक और क्षेत्र में पैर जमाने एवं अपनी पहचान स्थापित करने महिलाएं एक बार फिर तैयार हैं। महिलाओं के लिए अब तक अछूते रहे ‘इलेक्ट्रिशियन’ का काम सीख कर महिलाएं रोजगार की एक नई राह पर कदम बढ़ा रही हैं। ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नए क्षेत्र में रोजगार के अवसर खोलने बिलासपुर के कोनी स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आर-सेटी) में विभिन्न गांवों की 20 महिलाओं को इलेक्ट्रिशियन के काम का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये महिलाएं अब एक नए आकाश में उड़ान के लिए तैयार हैं।    आर-सेटी बिलासपुर में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए एक नई पहल की गई है। अब ग्रामीण महिलाएं केवल सिलाई, बुनाई या पारंपरिक रोजगार तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उन क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं जिन्हें वर्षों से पुरुष प्रधान माना जाता रहा है। ‘बिहान’ (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जुड़ी बिलासपुर जिले की 20 महिलाएं इस बदलाव की मिसाल पेश कर रही हैं। एक नए व्यवसाय इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रही हैं।      बिलासपुर के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में इस साल पहली बार महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण शुरू किया गया। महिलाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए इसकी शुरूआत की गई है। यहां प्रशिक्षण ले चुकीं रतनपुर की बिहान दीदी आबिदा कहती हैं – “शुरू में लगा था कि बिजली का कार्य केवल पुरुष ही कर सकते हैं। लेकिन प्रशिक्षण के दौरान उनकी यह सोच पूरी तरह बदल गई। कुशल प्रशिक्षकों ने उन्हें वायरिंग, स्विच बोर्ड सुधार, घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत, सुरक्षा उपाय और तकनीकी जानकारी सरल तरीके से सिखाई।“  आबिदा बताती हैं कि अब वे आत्मविश्वास के साथ घर के बिजली संबंधी कार्य स्वयं कर लेती हैं और भविष्य में इसी कौशल के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने की योजना बना रही हैं। वे बताती हैं कि पहले छोटी-छोटी बिजली खराबियों के सुधार के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे न केवल अपने घर की समस्याएं हल कर पाएंगी, बल्कि आसपास के लोगों की मदद भी कर सकती हैं। आबिदा का मानना है कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रहा है।         आर-सेटी से प्रशिक्षित मस्तूरी के डोमगांव की तिगमती डहरिया ने बताया कि उन्हें पहले से ही बिजली के कार्यों में रुचि थी और वे एक निजी कंपनी में इलेक्ट्रिशियन के रूप में कार्य कर रही थीं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनके तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास में और अधिक वृद्धि हुई है। तिगमती बताती हैं कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें आधुनिक तकनीकों और सुरक्षा मानकों की बेहतर समझ दी है। जब उनसे जोखिम भरे कार्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने आत्मविश्वास से कहा कि यदि सावधानी, सही तकनीक और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए तो यह कार्य महिलाओं के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित है।  बिलासपुर आर-सेटी में प्रशिक्षित विमला का कहना है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, आवश्यकता केवल अवसर और सही प्रशिक्षण की होती है। यहां से प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं ने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान उनके रहने और भोजन की बेहतर व्यवस्था की गई थी। साथ ही अनुभवी एवं कुशल प्रशिक्षकों द्वारा व्यवहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें कार्य के हर पहलू की जानकारी दी गई। महिलाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि आत्मविश्वास, कार्य अनुशासन और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया। इससे उनमें आत्मनिर्भर बनने की नई ऊर्जा और विश्वास पैदा हुआ है।          केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा एसबीआई के सहयोग से आर-सेटी में ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने विभिन्न निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। हर वर्ष सिलाई, ब्यूटी-पार्लर, कम्प्यूटर, अगरबत्ती निर्माण जैसे पारंपरिक कोर्स चलाए जाते रहे हैं। लेकिन इस वर्ष पहली बार महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण शुरू किया गया, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में नई सोच और सकारात्मक बदलाव की शुरुआत की है। यह पहल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर समाज में उनकी भागीदारी और सम्मान बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

IPL 2026: पंजाब-दिल्ली भिड़ंत, धर्मशाला में हाईवोल्टेज मुकाबला कल

 धर्मशाला इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 55वें मैच में पंजाब किंग्स (PBKS) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से होगा। ये मुकाबला धर्मशाला में होगा, इस संस्करण यहां पहला मैच खेला जाएगा। PBKS ने अब तक 10 मैच खेले हैं। 6 मुकाबलों में उसे जीत और 3 मैच में हार मिली है। DC ने 11 मैच खेले हैं। 4 में उसे जीत और 7 मुकाबलों में हार मिली है। ऐसे में आइए मुकाबले से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच है कांटे की टक्कर IPL में दोनों टीमों के बीच 36 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान DC को 17 मैच में जीत मिली है। PBKS ने 18 मैच अपने नाम किए हैं। एक मैच में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। इस संस्करण दोनों टीमों के बीच यह दूसरा मैच होगा। पहले मुकाबले में PBKS को 6 विकेट से जीत मिली थी। IPL 2025 में पहला मैच DC ने 6 विकेट से जीता था। दूसरे मैच में कोई नतीजा नहीं निकल पाया था। इस संयोजन के साथ उतर सकती है PBKS PBKS को पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 33 रन से हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच में टीम की फील्डिंग और गेंदबाजी बेहद खराब रही थी। ऐसे में टीम उस मुकाबले को भूलाकर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी। अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। संभावित एकादश: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कॉनॉली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, सूर्यांश शेडगे, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसन, लॉकी फर्ग्यूसन, विजयकुमार वैशाक, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल। इस प्लेइंग इलेवन के साथ नजर आ सकती है DC DC को अपने पिछले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। टीम के बल्लेबाज पिछले 2 मैच में कुछ खास नहीं कर पाए हैं। ऐसे में केएल राहुल और नितीश राणा जैसे बल्लेबाजों से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में मिचेल स्टार्क बेहतर करना चाहेंगे। संभावित एकादश: पथुम निसांका, केएल राहुल (विकेटकीपर), नितीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, मिचेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी और मुकेश कुमार। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर DC: करुण नायर, कुलदीप यादव, टी नटराजन, अभिषेक पोरेल और डेविड मिलर। PBKS: प्रियंश आर्य, हरप्रीत बरार, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद और मुशीर खान। कैसा रहता है धर्मशाला की पिच का मिजाज? धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम की पिच हरियाणा के भिवानी से मंगवाई गई काली मिट्‌टी से तैयार की गई है। इस मिट्‌टी में बालू की मात्रा न के बराबर होती है। इसके चलते पिचों पर गति और उछाल दोनों मिलता है। यहां आमतौर पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है, लेकिन समय निकलने के साथ स्पिनर्स भी जलवा दिखा सकते हैं। इसी तरह तेजी और अच्छा उछाल होने से टिकने के बाद बल्लेबाज आसानी से बड़े शॉट्स खेल सकते हैं। ऐसा रहेगा धर्मशाला का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 11 मई को धर्मशाला का मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 12 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश होने की 50 प्रतिशत संभावना है। पूरे दिन बादल छाए रहेंगे। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें PBKS के लिए कॉनॉली ने पिछले 10 मैचों में 171.36 की स्ट्राइक रेट से 377 रन बनाए हैं। प्रभसिमरन के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 364 रन निकले हैं। DC के लिए राहुल ने पिछले 10 मैच में 180.69 की स्ट्राइक रेट से 468 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में अर्शदीप ने पिछले 10 मैच में 10.42 की इकॉनमी से 11 विकेट लिए हैं। DC से अक्षर ने पिछले 10 मैचों में 8.3 की इकॉनमी से 9 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? PBKS और DC के बीच यह मुकाबला धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

बिहार के व्यापारी बंगाल से लीची खरीदकर महानगरों की मांग पूरी करने को मजबूर

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर के व्यापारी अपना कारोबार बचाने के लिए इस बार पश्चिम बंगाल से लीची खरीद रहे हैं। जिले में मौसम की मार और स्टिंक बग कीट के प्रकोप से बगानों में 30 फीसदी लीची भी नहीं बची है। किसान अपने बगान को देख हताश हैं तो जिले के दर्जनों बड़े व्यापारी बंगाल का रूख कर रहे हैं। दरअसल, यहां के किसानों से खरीदे गए लीची के बगान की हालत देख व्यापारी झांकने आना भी नहीं चाहते। यही कारण है कि जिले के कांटी, मीनापुर, बोचहां आदि प्रखंडों के दर्जनों व्यापारी बंगाल जाकर किसानों का लीची का बाग खरीद रहे हैं। बंगाल की लीची से पूरा करेंगे महानगरों का ऑर्डर कांटी के लीची व्यापारी बबलू शाही ने बताया कि मुजफ्फरपुर से हर साल 50 टन से अधिक लीची बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, लखनऊ समेत देश के विभिन्न शहरों में भेजते हैं। इस बार भी मंजर देख हमलोग उत्साहित थे। आज 30 फीसदी लीची भी नहीं दिख रही है। प. बंगाल में 15 मई से लीची की तुड़ाई शुरू होने लगती है, इसलिए हमारे साथ दर्जनों व्यापारी बंगाल आए हैं। इस बार बंगाल से ही लीची खरीद महानगरों की मांग पूरी करेंगे। मुशहरी के व्यापारी संतू महतो ने बताया कि 12 एकड़ लीची का बाग खरीदा था। आज किसानों को पैसे देने लायक भी लीची नहीं है। उद्यान रत्न किसान भोलानाथ झा ने कहा कि लीची की हालत देख बाग में जाना छोड़ दिए हैं। कमजोर फसल से दो लाख मजदूरों के रोजगार पर संकट बिहार लीची एसोसिएशन के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने कहा कि मुजफ्फरपुर जिले में 15 हजार हेक्टेयर में लीची के बाग हैं। इससे हर साल सीजन में दो लाख से अधिक मजदूरों को रोजगार मिलता था। हर साल करीब 125 हजार टन लीची का उत्पादन होता है। फसल बर्बाद होने पर भी 70-80 हजार टन लीची मिल जाती थी। इस बार 25 से 30 हजार टन लीची उत्पादन भी मुश्किल है। बताया कि जिले में छोटे-बड़े मिलाकर तीन हजार से अधिक बगान हैं। एक बगान में 25 से 50 मजदूरों को एक माह तक रोजगार मिलता था। वहीं, लीची प्रसोसेसिंग यूनिट के संचालक आलोक केडिया ने बताया कि लीची के सीजन में ग्रेड बी लीची का पल्प तैयार होता है। इसमें लीची की छिलाई में मजदूरों को काम मिलता है। इस बार फसल कमजोर होने से मजदूरों के रोजगार पर असर पड़ेगा। इसके आलवा ट्रांसपोटिंग तुड़ाई, गुच्छा बनाने में मजदूर को काम मिलता है।