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PBKS vs DC: प्लेऑफ की उम्मीद बचाने उतरेगी पंजाब, दिल्ली पर संकट

धर्मशाला आईपीएल के 19वें सीजन के 55वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच भिड़ंत होने जा रही है। यह मुकाबला धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट स्टेडियम ) में खेला जाएगा। इस मैच में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी अक्षर पटेलसंभालेंगे। वहीं पंजाब किंग्स की कमान एक बार फिर श्रेयस अय्यर  के हाथों में होगी। आईपीएल 2026 का 55वां मुकाबला शाम 7:30 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। मौजूदा सीजन में धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाने वाला यह पहला मैच है। पंजाब किंग्स की टीम सोमवार को धर्मशाला के खूबसूरत मैदान में जब खराब फॉर्म से जूझ रही दिल्ली कैपिटल्स की मेजबानी करेगी तो इस सीजन के आखिरी चरण में अपने प्रदर्शन में आई चौंकाने वाली गिरावट को रोकने की कोशिश करेगी। इस स्टेडियम में पंजाब की टीम 17 मई तक तीन मैच खेलेगी। अपने पिछले तीन लीग मैच में मिली हार के बाद पंजाब खेल के सभी विभागों में सुधार की उम्मीद कर रही होगी। श्रेयस अय्यर की अगुआई वाले पंजाब किंग्स को प्ले ऑफ में जगह बनाने के लिए अब भी कम से कम दो जीत की जरूरत है। दिल्ली का खराब फॉर्म जारी दूसरी तरफ दिल्ली कैपिटल्स की नजरें पहले से ही अगले सत्र पर टिकी हैं क्योंकि वे अपने पिछले छह में से पांच मैच हारने के बाद अंक तालिका में आठवें स्थान पर है। दिल्ली का प्रदर्शन अपने घरेलू मैदान पर बेहद खराब रहा है इसलिए वे पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के लिए स्थल में बदलाव का स्वागत करेंगे। उसके बल्लेबाज धीमी और टर्न लेने वाली पिचों पर खुद को ढालने में नाकाम रहे हैं जिससे उनकी कमजोरियां उजागर हुई हैं। प्रमुख स्पिनर कुलदीप यादव के साधारण प्रदर्शन ने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं जबकि मिचेल स्टार्क शायद बहुत देर से टीम से जुड़े। पंजाब किंग्स की तरह दिल्ली के क्षेत्ररक्षण ने भी उसे निराश किया है। आंकड़ों के लिहाज से दिल्ली की टीम अब भी प्ले ऑफ की दौड़ से बाहर नहीं हुई है लेकिन इसकी बहुत कम संभावना है कि वे टूर्नामेंट में आगे बढ़ पाएंगे। यह मुकाबला अंक तालिका में तीसरे और आठवें पायदान पर काबिज टीमों के बीच है। ऐसे में आईए जानते हैं सोमवार को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट स्टेडियम की पिच और मौसम का कैसा रहेगा हाल? पंजाब किंग्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स हेड टू हेड आईपीएल के इतिहास में Punjab Kings और Delhi Capitals के बीच अब तक कुल 36 मैच खेले जा चुके हैं। इनमें पंजाब किंग्स ने 18 मुकाबलों में जीत हासिल की है, जबकि दिल्ली कैपिटल्स ने 17 मैच अपने नाम किए हैं। वहीं एक मुकाबले का कोई नतीजा नहीं निकला। आंकड़े बताते हैं कि दोनों टीमों के बीच हमेशा कड़ी टक्कर देखने को मिलती है। पंजाब किंग्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स आज की पिच रिपोर् आईपीएल 2026 का 55वां मुकाबला धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट स्टेडियम (Himachal Pradesh Cricket Stadium) में खेला जा रहा है। जहां की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। यहां गेंद आसानी से बल्ले पर आती है, जिससे बल्लेबाज बड़े शॉट खेल पाते हैं। धर्मशाला ऊंचाई वाले इलाके में है, इसलिए हवा का असर भी अलग होता है और गेंद तेजी से जाती है। इसी वजह से यहां छक्के लगाना थोड़ा आसान माना जाता है। इस सीजन का यह पहला मैच धर्मशाला में खेला जा रहा है, इसलिए दोनों टीमें यहां की परिस्थितियों को समझने में थोड़ा समय ले सकती हैं। स्टेडियम की पिच हरियाणा के भिवानी से लाई गई काली मिट्टी से बनाई गई है। इस मिट्टी में रेत बहुत कम होती है, जिसकी वजह से पिच पर अच्छी गति और उछाल मिलती है। मैच की शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना रहती है, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाज भी असर दिखा सकते हैं। अगर बल्लेबाज शुरुआत में संभलकर खेल लें और पिच पर टिक जाएं, तो बाद में उनके लिए बड़े शॉट खेलना आसान हो जाता है। आईपीएल 2026 के 55वें मुकाबले में पंजाब और दिल्ली के इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें पंजाब के फैंस एक बार फिर टीम के ओपनर प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह की जबरदस्त बल्लेबाजी देखना चाहेंगे। वहीं कप्तान अय्यर से फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में पंजाब के फैंस को मार्को यानसेन, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल से जबरदस्त प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दूसरी तरफ दिल्ली के फैंस केएल राहुल, नीतीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स से अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद कर रहे होंगे। जबकि अक्षर पटेल से आलराउंड प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं गेंदबाजी में लुंगी एनगिडी, काइल जेमिसन और मिचेल स्टार्क से मैच जिताने की उम्मीद दिल्ली के फैंस कर रहे होंगे। पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स की आईपीएल 2026 टीमें पंजाब किंग्स की आईपीएल 2026 की पूरी टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, हरनूर सिंह, प्रभसिमरन सिंह, मिचेल ओवेन, विष्णु विनोद, निहाल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, मार्को यानसेन, मुशीर खान, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, सूर्यांश शेडगे, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, युजवेंद्र चहल, लॉकी फर्ग्युसन, हरप्रीत बरार, विजयकुमार वैशाक, यश ठाकुर, कूपर कोनोली, बेन ड्वारशुइस, प्रवीण दुबे, पायला अविनाश और विशाल निषाद। अभिषेक पोरेल, लोकेश राहुल, नितीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल, आशुतोष शर्मा, दुष्मंता चमीरा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, विपराज निगम, मिचेल स्टार्क, त्रिपुराना विजय, डेविड मिलर, आकिब नबी डार, पथुम निसांका, लुंगी एनगिडी, पृथ्वी साव, काइल जेमिसन, अजय जाधव मंडल, माधव तिवारी, साहिल पारख, करुण नायर, टी नटराजन।

घर में चींटियों का दिखना शुभ या अशुभ? वास्तु शास्त्र में जानिए इसके संकेत

 गर्मियों का मौसम का शुरू होते ही घर में छोटे छोटे कीड़े-मकोड़े दिखने लगते हैं. लेकिन, वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन कीड़े-मकोड़े में से कुछ ऐसे जीव हैं, जिनका दिखना शुभ या अशुभ माना जाता है. इन्हीं में चींटियों का घर में आना भी खास माना गया है. माना जाता है कि चींटियों का घर में आना केवल साधारण बात नहीं है, बल्कि यह भविष्य में होने वाली कुछ अच्छी या बुरी घटनाओं का इशारा भी हो सकता है. दरअसल, चींटियों को मेहनत, एकता और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है. इसलिए इनका घर में आना कई बार सकारात्मक ऊर्जा से भी जोड़ा जाता है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, काली और लाल रंग की चींटियां अलग अलग फल देती हैं. काली चींटियों की शुभ दिशा वास्तु शास्त्र के मुताबिक, काली चींटियां घर की पश्चिम दिशा से निकलती दिखाई दें, तो इसे शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि यह विदेश यात्रा, बड़े अवसरों और धन लाभ का संकेत हो सकता है. काली चींटियों को समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है. अनाज के आसपास चींटियां दिखना वास्तु के अनुसार, यदि चींटियां चावल या अनाज के बर्तन में दिखें, तो इसे बहुत शुभ संकेत माना जाता है. इससे धन लाभ और घर में समृद्धि बढ़ने की संभावना बताई जाती है. लाल चींटियां अगर लाल चींटियां अपने मुंह में अंडे लेकर घर से बाहर जाती दिखें, तो इसे भी अच्छा संकेत माना जाता है. माना जाता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है. दीवार और छत पर चींटियां चलना वहीं यदि चींटियां घर की दीवार पर ऊपर की ओर जाती दिखें, तो इसे जीवन में तरक्की, सुख और शांति का संकेत माना जाता है. लेकिन अगर वही चींटियां नीचे की ओर आती दिखें, तो इसे थोड़ी नकारात्मक स्थिति या रुकावट का संकेत माना जाता है. अगर चींटियां छत से निकलती दिखाई दें, तो इसे धन लाभ और संपत्ति बढ़ने का संकेत माना जाता है. इसके अलावा वैवाहिक जीवन में सुख और संतान से जुड़े मामलों में सुधार की भी संभावना बताई जाती है.

उद्योगों को बढ़ावा देने MPIDC की नई पहल, जमीन आवंटन में भारी छूट और ऑनलाइन सिस्टम लागू

 ग्वालियर प्रदेश सरकार और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआइडीसी) ने औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश की प्रक्रिया को न केवल पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है, बल्कि इसे बिचौलिया मुक्त भी कर दिया है। अब ग्वालियर-चंबल अंचल सहित पूरे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन आवंटन के लिए किसी दलाल के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। एमपीआइडीसी ने अपनी आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन हुई जमीन बुकिंग विभाग के नए नियमों के मुताबिक, अब देश भर के उद्योगपति सीधे एमपीआइडीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उपलब्ध प्लाट देख सकते हैं। अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से प्लाट को ऑनलाइन ही बुक किया जा सकता है। बुकिंग के बाद उद्योगपतियों को सीधे कार्यालय से संपर्क करना होगा, जिससे भ्रष्टाचार और समय की बर्बादी की गुंजाइश खत्म हो गई है। विभाग के अफसरों का स्पष्ट कहना है कि अब किसी मिडिल मैन की जरूरत नहीं है, तकनीक ने उद्यमियों और सरकार के बीच की दूरी को खत्म कर दिया है। छोटे और बड़े उद्योगों के लिए बंपर रियायतें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार जमीन की कीमतों में भारी छूट भी दे रही है। यह छूट उद्योगों के आकार और जमीन के क्षेत्र के आधार पर तय की गई है। यदि कोई उद्यमी अपनी यूनिट लगाने के लिए एक हेक्टेयर तक की जमीन लेता है, तो उसे सरकारी दर पर 75 प्रतिशत की भारी छूट दी जाएगी। यह कदम छोटे स्टार्टअप और स्थानीय युवाओं को उद्योग से जोड़ने के लिए उठाया गया है। मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए भी राहत के द्वार खोले गए हैं। यदि कोई निवेशक 20 हेक्टेयर तक की जमीन लेता है तो उसे 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। निवेश के लिए इसलिए चुनें ग्वालियर अंचल एमपीआइडीसी अंचल के औद्योगिक क्षेत्रों, जैसे कि सीतापुर, मालनपुर, पिपरसेवा, जडेरुआ, बनमोर सहित नए विकसित किए जा रहे क्षेत्र मोहना, गुरावल, परीक्षा अहीर, चैनपुरा, पिपरौदा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। विभाग के मुताबिक, वैश्विक स्तर की सुविधाओं और जमीन की इन सस्ती दरों के कारण न केवल प्रदेश के, बल्कि देश भर के बड़े औद्योगिक घराने ग्वालियर की ओर रुख कर रहे हैं। अभी तक औद्योगिक क्षेत्रों में इंडस्ट्रीज के लिए जमीन लेने के लिए उद्योगपतियों को सीए सहित अन्य लोगों के माध्यम से आवेदन करना पड़ता था, लेकिन अब इस सिस्टम को बदला गया है। अब जिसे भी प्लाट लेना है तो वह सीधे एमपीआइडीसी के पोर्टल पर प्लाट, उसकी जगह देख सकता है और बुक करा सकता है। इसके बाद सीधे कार्यालय में संपर्क करता है तो उसे जमीन आवंटित हो जाएगी और उन्हें नियमानुसार छूट भी मिलेगी। अनीषा श्रीवास्तव, डायरेक्टर, एमपीआइडीसी  

महाभारत के श्राप और कलयुग का संबंध, युधिष्ठिर से लेकर अश्वत्थामा तक की कथाएं

महाभारत सिर्फ एक युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि जीवन का एक बड़ा ग्रंथ माना जाता है. यह कौरवों और पांडवों के बीच हुआ युद्ध था, जो धर्म और अधर्म की लड़ाई का प्रतीक है. इसमें हमें कर्म, सत्य, रिश्तों और निर्णयों के परिणाम के बारे में गहरी सीख मिलती है. इस दौरान कई ऐसे श्राप दिए गए, जिन्हें लेकर मान्यता है कि उनका असर आज के कलयुग में भी देखा जाता है. इन श्रापों को लोग कर्मों के फल और चेतावनी के रूप में देखते हैं. तो आइए विस्तार से जानते हैं उन श्रापों के बारे में. युधिष्ठिर ने दिया था समस्त नारी जाति को श्राप महाभारत की कथानुसार, जब कर्ण की मृत्यु हुई थी, तब उसकी अंतिम क्रिया के समय कुंती ने पांडवों को बताया कि कर्ण उनका बड़ा भाई था. यह सच जानकर युधिष्ठिर को बहुत दुख और पछतावा हुआ, क्योंकि उन्होंने अपने ही भाई के खिलाफ युद्ध किया था. युधिष्ठिर को लगा कि अगर यह सच पहले पता होता, तो महाभारत का युद्ध टल सकता था. उन्होंने गुस्से में आकर कहा कि आगे से कोई भी महिला किसी बात को पूरी तरह छुपाकर नहीं रख पाएगी. इस कथा के आधार पर माना जाता है कि महिलाएं कोई भी बात ज्यादा समय तक छिपाकर नहीं रख पाती हैं. हालांकि, यह सिर्फ एक पौराणिक मान्यता है, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. राजा परीक्षित को मिला था मृत्यु का श्राप कथानुसार, राजा परीक्षित की कहानी महाभारत के बाद की मानी जाती है और इसे कलयुग की शुरुआत से भी जोड़ा जाता है. एक बार राजा परीक्षित शिकार के लिए जंगल गए था. वहां उन्हें शमीक ऋषि ध्यान में लीन दिखाई दिए. राजा ने कई बार उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन ऋषि मौन व्रत में थे, इसलिए उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. इससे नाराज होकर परीक्षित ने गुस्से में आकर एक मरा हुआ सांप उठाया और ऋषि के गले में डाल दिया. जब यह बात ऋषि के पुत्र को पता चली, तो उन्होंने क्रोधित होकर राजा को श्राप दे दिया कि 7 दिनों के भीतर सर्प के काटने से उनकी मृत्यु हो जाएगी. कहा जाता है कि श्राप के अनुसार 7वें दिन तक्षक नाम के नाग ने राजा परीक्षित को डस लिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई थी. श्रीकृष्ण ने दिया था अश्वत्थामा को श्राप महाभारत की कथा के मुताबिक, अपने पिता दौणाचार्य की मृत्यु के प्रतिशोध में आकर अश्वत्थामा ने सोते हुए पांडवों के पुत्रों (उपपांडवों) की हत्या कर दी थी. यह कृत्य युद्ध के नियमों के खिलाफ माना गया था. साथ ही, उन्होंने उत्तरा के गर्भ को भी नष्ट करने की कोशिश की, ताकि अर्जुन का वंश समाप्त हो जाए. इस घटना से दुखी और क्रोधित होकर श्री कृष्ण ने अश्वत्थामा को कठोर श्राप दिया था. श्री कृष्ण ने अश्वत्थामा को श्राप देते हुए कहा कि वे कभी मर नहीं पाएंगे और कलयुग के अंत तक धरती पर भटकते रहेंगे. लोक मान्यताओं के अनुसार, अश्वत्थामा आज भी जीवित हैं और अलग-अलग जगहों पर उनके दिखने की कहानियां सुनने को मिलती हैं, हालांकि इसका कोई प्रमाण नहीं है. कलयुग की अवधि क्या है? धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कलयुग की कुल अवधि लगभग 4,32,000 साल मानी गई है. कहा जाता है कि इसकी शुरुआत भगवान कृष्ण के पृथ्वी से जाने के बाद, करीब 3102 ईसा पूर्व में हुई थी. अब तक इसके हजारों साल बीत चुके हैं और यह युग अभी लंबे समय तक चलेगा.  

‘कृष्णावतारम्’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में भक्तिमय हुआ लोकभवन, CM योगी ने की बड़ी घोषणा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म कृष्णावतारम् को उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया है। रविवार को मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद राज्यपाल आनंदीबेन व सीएम योगी ने दोनों उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने एक साथ यह फिल्म देखी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इसे टैक्स फ्री करने को घोषणा की। राजधानी स्थित लोकभवन सभागार उस समय पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूब गया, जब फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान कृष्णा कृष्णा, राधे राधे के जयघोष से पूरा सभागार गूंज उठा। इस दौरान सभागार खचाखच भरा रहा और फिल्म को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर कलाकारों का सम्मान भी किया। फिल्म में द्वापर युग और सनातन संस्कृति की झलक फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में द्वापर युग, भारतीय पुरातन संस्कृति और सनातन परंपरा के विभिन्न आयामों को भव्यता के साथ दर्शाया गया है। फिल्म की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भगवान कृष्ण के साथ राधा, रुक्मिणी और सत्यभामा की प्रेम कथाओं को अलग-अलग स्वरूपों में प्रस्तुत किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वृंदावन बिहारी लाल की जय और भारत माता के जयकारे लगाए। ढाई घंटे तक एक साथ बैठा रहा मंत्रिमंडल उन्होंने कहा कि यह अद्भुत संयोग है कि आज मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद शपथ ग्रहण करने वाले सभी मंत्री पूरे मंत्रिमंडल के साथ इस अद्भुत कार्यक्रम में सहभागी बने। करीब ढाई घंटे तक सभी एक साथ यहां बैठे रहे और हर एक चेहरे पर नई रौनक दिखाई दे रही थी। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा और संस्कृति से जुड़ी भगवान श्री कृष्ण पर आधारित इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के साथ हम सभी यहां जुड़े हैं। फिल्म के कलाकार भी यहां उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में मुख्य अभिनेत्री के रूप में सत्यभामा का किरदार निभाने वाली कलाकार का नाम भी संस्कृति है, जिन्होंने इस भूमिका को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। मुख्य अभिनेत्री संस्कृति ने लिया सीएम योगी से आशीर्वाद मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हम सभी ने एक साथ इस फिल्म को देखा। यह भारत की संस्कृति और परंपराओं से जुड़े इतिहास को समेटते हुए तथा पुरातन विरासत को मुख्य धारा में प्रस्तुत करने वाली फिल्म है। इस दौरान फिल्म की मुख्य अभिनेत्री संस्कृति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री योगी ने निर्माता-निर्देशक और फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों को धन्यवाद भी दिया। जो नए मंत्री बने हैं, उनके स्वागत के लिए यादगार क्षण मुख्यमंत्री ने फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए पूरी टीम को हृदय से धन्यवाद दिया। इसी के साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश में इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा भी की। उन्होंने सूचना विभाग को प्रत्येक जनपद में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित कराने में सहयोग करने का निर्देश दिया, जिससे बच्चे और युवा इसे देखकर अपनी संस्कृति, परंपरा और सनातन विरासत के बारे में समझ सकें। उन्होंने कहा कि जब हम बरसाना, मथुरा और वृंदावन में जाते हैं तो वहां संबोधन राधे-राधे का ही होता है। उन्होंने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृष्णावतारम् की मुख्य पात्र संस्कृति राज्यपाल की नातिन हैं और किसी भी नानी के लिए इससे अद्भुत क्षण और कोई नहीं होगा कि पालन-पोषण कर जिस बच्ची को आगे बढ़ाया है, आज उसे इतना बेहतर काम करते हुए वे देख रहीं हैं। उन्होंने कहा कि कलाकार को सम्मान मिलना चाहिए। हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को लेकर ऐसी फिल्में बनानी चाहिए : राज्यपाल राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को लेकर ऐसी फिल्में बनानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नए मंत्रियों को शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। हिंदी, तमिल और तेलुगु में की गई रिलीज यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज की गई है। फिल्म के निर्देशक हार्दिक गज्जर हैं। फिल्म में सिद्धार्थ गुप्ता, संस्कृति, सुष्मिता भट्ट और निवासिनी कृष्णन मुख्य भूमिकाओं में हैं। वहीं, जैकी श्रॉफ और आशुतोष राणा समेत कई बड़े कलाकार अपने किरदारों के जरिये छाप छोड़ने में सफल रहे।

रैयती जमीन निबंधन प्रक्रिया होगी पारदर्शी, सीओ देंगे 10 दिनों में पूरी रिपोर्ट

पटना रैयती जमीन के निबंधन से पहले खरीदारों को उस जमीन के बारे में पूरी जानकारी जल्द मिलने लगेगी। बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के दो महकमों राजस्व एवं भूमि सुधार और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इसकी तैयारी कर ली है। सभी सीओ को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है। जमीन निबंधन के लिए मोबाइल यूनिट भी तैयार की गई है। इसी माह बिहार में इसकी शुरुआत होने की संभावना है। जमीन रजिस्ट्री कराते समय आवेदकों को निबंधन पोर्टल पर 13 तरह की जानकारी देनी होगी। सात निश्चय-3 के तहत सबका सम्मान, जीवन आसान के तहत दस्तावेज निबंधन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। 16 फरवरी को ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने संयुक्त रूप से सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि पूर्ण जानकारी के अभाव में जमीन रजिस्ट्री होने से अनावश्यक विवाद उत्पन्न हो रहे हैं। इसके बाद निर्णय लिया गया कि पक्षकार चाहें तो उनको संबंधित भूमि के बारे में आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी है, आवेदकों को उसके लिए पोर्टल पर निबंधन कार्यालय का नाम, अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता संख्या, खेसरा, भूमि का रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता, विक्रेता का नाम आदि बताना होगा। अंचलाधिकारी जांच-पड़ताल कर 10 दिनों में आवेदक को पूरी जानकारी एसएमएस से मुहैया कराएंगे। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव ने कहा कि जमीन निबंधन के पहले खरीदारों को इससे संबंधित पूरी जानकारी जल्द ही मिलने लगेगी। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। मोबाइल यूनिट भी तैयार कर ली गई है। सहयोग पोर्टल का आज शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री इधर बिहार में आम लोगों की शिकायतों के तुरंत निष्पादन से संबंधित सहयोग पोर्टल का सीएम सम्राट चौधरी सोमवार को शुभारंभ करेंगे। पोर्टल बिहार सरकार का रीयल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम है। यह जनता की शिकायतों के समय पर, पारदर्शी और जवाबदेहीपूर्ण निवारण को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। यह नागरिकों को एक एकीकृत ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से शिकायतें दर्ज करने, स्थिति की जानकारी प्राप्त करने, रिमाइंडर भेजने और प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाएगा। यह प्रणाली बिहार सरकार के सभी विभागों में कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। आम लोगों से सुविधापूर्वक शिकायतें प्राप्त करने के लिए पंचायत में 19 मई से शिविर भी लगने हैं। 19 मई से प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर "सहयोग शिविर" आयोजित किया जाएगा।

CSK vs LSG मैच के बाद नया विवाद, डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल से मचा हड़कंप

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का अभियान पूरी तरह पटरी पर लौट चुका है. 10 मई (रविवार) को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में हुए मुकाबले में पांच बार की चैम्पियन सीएसके ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 5 विकेट से हराया. लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ की रेस बाहर हो गई, वहीं सीएसके अंकतालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गई.   इस मुकाबले में खेल से ज्यादा चर्चा डगआउट में दिखे एक मोबाइल फोन की हो रही है. मैच के दौरान लखनऊ सुपर जायंट्स के सपोर्ट स्टाफ में शामिल एक सदस्य को डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए देखा गया, जिसके बाद हड़कंप मच गया. इस घटना के बाद फैन्स लगातार सवाल उठा रहे हैं और भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की एंटी करप्शन यूनिट (ACU) से जांच की मांग भी कर डाली. सवाल उठ रहे हैं कि जब डगआउट के अंदर मोबाइल फोन पूरी तरह बैन हैं, तो फिर सपोर्ट स्टाफ के पास यह डिवाइस कैसे पहुंचा. फिक्सिंग रोकने के लिए बने हैं ऐसे नियम आईपीएल के नियमों के तहत मैच के दौरान खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA) में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच या किसी भी अनधिकृत कम्युनिकेशन डिवाइस के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होती. इन नियमों को बेहद सख्ती से लागू किया जाता है ताकि स्पॉट फिक्सिंग रोकी जा सके, सट्टेबाजी पर नजर रखी जा सके और मैच से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक ना हो. खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को स्टेडियम पहुंचते ही अपने मोबाइल फोन एसीयू अधिकारियों के पास जमा कराने होते हैं. यह भी पढ़ें: मुंबई इंडियंस से नाराज हैं कप्तान हार्दिक पंड्या? इंस्टाग्राम एक्टिविटी से बढ़ीं अटकलें डगआउट में मोबाइल जैसे डिवाइस के दिखाई देने के बाद अब यह मामला गंभीर माना जा रहा है. संभावना जताई जा रही है कि बीसीसीआई की एसीयू इस पूरे मामले की औपचारिक जांच कर सकती है. अब तक ना तो लखनऊ सुपर जायंट्स और ना ही बीसीसीआई की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने आया है. लेकिन सोशल मीडिया पर यह विवाद तेजी से फैल चुका है और फैन्स लगातार पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इसी सीजन राजस्थान रॉयल्स (RR) के मैनेजर रोमी भिंडर कुछ इसी तरह डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए थे. भिंडर पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. बीसीसीआई ने भिंडर को चेतावनी दी थी कि वो भविष्य में ऐसी गलती दोबारा ना करें. आईपीएल में लगातार सामने आ रहे विवादों और प्रोटोकॉल उल्लंघनों के चलते बीसीसीआई ने सभी 10 फ्रेंचाइजी टीम्स को 8 पन्नों की नई एडवाइजरी भेज दी है. इस एडवाइजरी में साफ बताया गया कि खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ के सदस्य नियमों का सख्ती से पालन करें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी. हालांकि इस एडवाइजरी का असर होता नहीं दिख रहा है.  

IPL 2026: प्लेऑफ से बाहर होते ही हार्दिक पंड्या और मुंबई इंडियंस के रिश्तों पर उठे सवाल

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में रविवार (10 मई) को मुंबई इंडियंस (MI) ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) खिलाफ मुकाबला 2 विकेट से गंवा दिया. इस हार के चलते मुंबई इंडियंस प्लेऑफ की रेस से पूरी तरह बाहर हो गई. मुंबई इंडियंस के बाहर होने के तुरंत बाद कप्तान हार्दिक पंड्या सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गए. हार्दिक पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण इस मुकाबले में नहीं खेल पाए थे. हार के बाद हार्दिक पंड्या ने इंस्टाग्राम पर मुंबई इंडियंस को अनफॉलो कर दिया. उस दौरान मुंबई इंडियंस का अकाउंट उनकी फॉलोइंग लिस्ट में दिखाई नहीं दे रहा था. हार्दिक के इंस्टाग्राम अकाउंट पर फॉलोइंग लिस्ट 151 से घटकर 150 हो गई थी. इसके चलते मुंबई इंडियंस और हार्दिक के बीच रिश्तों में खटास की अफवाहें तेजी से फैलने लगीं. सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट्स वायरल होने लगे और देखते ही देखते मामला ट्रेंड करने लगा. हालांकि यह मामला ज्यादा देर तक नहीं चला. कुछ ही मिनटों बाद हार्दिक पंड्या की फॉलोइंग लिस्ट फिर से 151 हो गई और मुंबई इंडियंस का अकाउंट दोबारा नजर आने लगा. अब फैन्स पूछ रहे हैं कि कि इंस्टाग्राम में कोई तकनीकी गड़बड़ी हुई थी या हार के बाद हार्दिक की नाराजगी बाहर आ गई. रोहित शर्मा की जगह बने थे कप्तान हार्दिक पंड्या की मुंबई इंडियंस में वापसी और कप्तानी पहले से ही काफी विवादों में रही है. आईपीएल 2024 से पहले में जब मुंबई इंडियंस ने उन्हें रोहित शर्मा की जगह कप्तान बनाया था, तब फैन्स का एक बड़ा वर्ग इस फैसले से खुश नहीं था. तब से टीम के हर खराब प्रदर्शन और हार्दिक के हर फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस होती रही है. आईपीएल 2026 मुंबई इंडियंस और हार्दिक पंड्या दोनों के लिए निराशाजनक रहा. मुंबई इंडियंस प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही, जबकि हार्दिक का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. उन्होंने इस सीजन अब तक 8 मैच खेलकर 146 रन बनाए और 4 विकेट लिए. इसके अलावा पीठ में ऐंठन और फिटनेस समस्याओं की वजह से वो तीन मुकाबले भी नहीं खेल पाए. हार्दिक की गैरमौजूदगी में सूर्यकुमार यादव ने टीम की कप्तानी संभाली. हाल ही में पिता बनने के बावजूद सूर्या टीम के साथ जुड़े रहे और टीम को संभालने की जिम्मेदारी निभाई. अब तक ना तो हार्दिक पंड्या और ना ही मुंबई इंडियंस की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने आया है. ऐसे में फिलहाल इसे सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही अटकलें माना जा रहा है. लेकिन मुंबई इंडियंस के खराब सीजन और हार्दिक को लेकर पहले से चल रही बहस की वजह से यह मामला इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया.

काशी में यज्ञ-हवन के बीच 11 लोगों ने किया धर्म परिवर्तन, बोले- ‘अब नटराज शिव की शरण में’

वाराणसी धर्मनगरी वाराणसी के सेवापुरी विकास खंड अंतर्गत बाराडीह भूसौला गांव में आस्था और भक्ति का एक अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां तीन मुस्लिम परिवारों के 11 सदस्यों ने पूरी श्रद्धा और वैदिक रीति-रिवाज के साथ 'घर वापसी' करते हुए सनातन धर्म को स्वीकार किया। धर्म जागरण मंच काशी जिला द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में यज्ञ, हवन और मंत्रोच्चार के बीच इन लोगों ने हिंदू धर्म में लौटने की घोषणा की। सनातन धर्म अपनाने वाले सभी लोग 'नट' बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं। भुसवला पेट्रोल पंप के पीछे आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सफी नट, मुख्तार और वकील के परिवारों ने भाग लिया। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि उनके पूर्वजों ने करीब चार पीढ़ी पहले डर और प्रलोभन के वश में आकर सनातन धर्म को छोड़ दिया था और इस्लाम स्वीकार कर लिया था। लेकिन उनके मन में हमेशा से अपने मूल जड़ों के प्रति सम्मान बना रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लाम धर्म की मान्यताओं के बीच उन्हें एक 'घुटन' महसूस होती थी और वे लंबे समय से अपने आराध्य की शरण में लौटना चाहते थे। नटराज भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था कार्यक्रम के दौरान इन परिवारों ने बताया कि नट बिरादरी सदियों से 'नटराज' भगवान शिव की उपासक रही है। उन्होंने कहा, "हम लोग जन्मजात नटराज शिव के भक्त हैं। चार पीढ़ियों का अंतराल भले ही रहा हो, लेकिन हमारी सांस्कृतिक विरासत और भक्ति भगवान शिव से ही जुड़ी है। अब हम भगवान नटराज शिव की शरण में वापस आ गए हैं और आजीवन उन्हीं की आराधना करेंगे।" वैदिक अनुष्ठान और नए नामकरण शुद्धि कार्यक्रम के दौरान पंडितों और धर्म जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य यज्ञ संपन्न कराया। 11 सदस्यों ने हवन कुंड में आहुति डाली, जिसके बाद उन्हें गंगाजल से पवित्र किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी को माथे पर तिलक-चंदन लगाया गया और कलाई पर रक्षा सूत्र (कलावा) बांधकर सनातन धर्म में उनका स्वागत किया गया। घर वापसी करने वाले सदस्यों ने अपने पुराने नामों को त्यागकर सनातन धर्म के अनुरूप नए नाम भी स्वीकार किए। सामाजिक संगठनों की मौजूदगी इस धार्मिक अनुष्ठान के अवसर पर धर्म जागरण मंच के जिला संयोजक प्रदीप, रामाश्रय और आनंद समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि इन परिवारों ने बिना किसी दबाव के अपनी स्वेच्छा से घर वापसी की है। बाराडीह भूसौला गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना की खासी चर्चा है। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय स्तर पर सतर्कता भी बरती गई।

मुख्यमंत्री साय की पहल: मेधावी विद्यार्थियों ने आईपीएल मैच का आनंद लिया

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से मेधावी विद्यार्थियों ने लिया आईपीएल मैच का रोमांच प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को मिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लाइव मैच देखने का अवसर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को नई ऊर्जा देने की दिशा में लगातार नवाचारपूर्ण पहल कर रही है। इसी क्रम में आज राजधानी रायपुर में आयोजित इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच का रोमांच प्रदेश के उन मेधावी विद्यार्थियों ने भी महसूस किया, जिन्होंने दसवीं और बारहवीं की प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।  राज्य शासन की विशेष पहल पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 18 प्रतिभावान विद्यार्थी नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच खेले जा रहे हाई-वोल्टेज मुकाबले का आनंद लिया।मेधावी विद्यार्थियों के लिए यह अवसर केवल एक क्रिकेट मैच देखने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान और उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का प्रेरक प्रयास भी था।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ऐसे अवसर प्रदान किए जाने चाहिए, जिससे वे अपने सपनों को और बड़े स्तर पर देखने के लिए प्रेरित हों। राज्य सरकार शिक्षा, खेल और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए लगातार संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नवा रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की भव्यता और आईपीएल मैच के रोमांचक माहौल ने विद्यार्थियों को बेहद उत्साहित कर दिया। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहला अवसर था, जब वे किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लाइव मैच देखने पहुंचे थे। स्टेडियम की आकर्षक रोशनी, हजारों दर्शकों का उत्साह, खिलाड़ियों की ऊर्जा और पूरे आयोजन का जीवंत वातावरण बच्चों के लिए किसी सपने से कम नहीं था। कई विद्यार्थी पहली बार इतने बड़े खेल आयोजन का हिस्सा बनकर अभिभूत नजर आए। हायर सेकेंडरी परीक्षा की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सरस्वती शिशु मंदिर, पलारी के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने कहा कि उन्हें बचपन से क्रिकेट का विशेष शौक रहा है। अब तक वे टीवी पर ही आईपीएल मैच देखा करते थे, लेकिन आज पहली बार इतने विशाल स्टेडियम में लाइव मैच देखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे रोमांचक और अविस्मरणीय क्षण है। जिज्ञासु ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने उनके उत्साह और आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी है। इसी प्रकार कांकेर जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, नरहरपुर के छात्र एवं बारहवीं की प्रावीण्य सूची में दसवां स्थान प्राप्त करने वाले यश ख्रोबागढ़े ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सामने खेलते देखने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी, जो आज पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि स्टेडियम का माहौल, दर्शकों का जोश और खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद अद्भुत अनुभव रहा। यश ने कहा कि मुख्यमंत्री साय की यह पहल विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने वाली और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाली है। विद्यार्थियों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस तरह का सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से उनमें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि उनके सपनों को पहचान देने और उन्हें नई दिशा देने का प्रयास है। कई विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का ऐसा अनुभव बताया, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट मानना है कि प्रतिभा को अवसर और सम्मान मिलना आवश्यक है। उन्होंने कई अवसरों पर कहा है कि प्रदेश के युवा ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सबसे मजबूत आधार हैं। राज्य सरकार शिक्षा, खेल, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश के बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। राज्य सरकार द्वारा खेल और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक पहल की जा रही है।  डिजिटल शिक्षा, खेल अधोसंरचना विकास और प्रतिभावान विद्यार्थियों के प्रोत्साहन जैसे अनेक कदमों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आईपीएल मैच का यह अनुभव भी उसी दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में देखा जा रहा है।आईपीएल मैच देखने पहुंचे विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह, खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। क्रिकेट के प्रति उनके जुनून और पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन को एक साथ सम्मानित करने की यह पहल निश्चित रूप से उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी।  विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल रहेगा।