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15 मई को बनने वाले राजयोग से मेष, सिंह, कन्या और धनु राशि वालों के लिए खुलेंगे अच्छे दिन

जब भी किसी ग्रह का गोचर, राशि परिवर्तन या नक्षत्र परिवर्तन होता है तो उसका प्रभाव हर जातक के जीवन पर पड़ता है. वहीं, उन विशेष गोचर से बनने वाले राजयोग भी महत्वपूर्ण होते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, 15 मई का दिन बहुत ही खास होने वाला है. इस दिन कई सारे संयोगों का एक साथ निर्माण होने वाला है. जिस चलते इस दिन मेष राशि में लक्ष्मी राजयोग, वृषभ राशि में बुधादित्य योग और मिथुन राशि में लक्ष्मी नारायण योग बनेगा. ज्योतिषियों की मानें तो, इन राजयोगों के बनने से कई राशियों का जीवन सोने की तरह चमक जाएगा. उन राशियों के अच्छे दिनों की भी शुरुआत हो जाएगी. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में. मेष राशि (Aries) 15 मई के बाद मेष राशि के लोगों के लिए अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं. लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने के संकेत हैं. अगर आप किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं, तो समय आपके पक्ष में रहेगा. समाज में आपकी पहचान और सम्मान बढ़ सकता है, साथ ही पैतृक संपत्ति से भी फायदा मिलने की संभावना है. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के करियर में इस समय तेजी से प्रगति देखने को मिल सकती है. ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो आगे चलकर प्रमोशन का रास्ता खोलेंगी. सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी यह समय सकारात्मक है. कोई बड़ी डील या महत्वपूर्ण काम पूरा होने की संभावना है. कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि के लिए यह समय नई शुरुआत और सफलता लेकर आ सकता है. जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी और विदेश जाने के अवसर भी बन सकते हैं. मनचाही नौकरी मिलने के योग हैं और पुराने कर्ज से राहत मिलने की संभावना है. इस दौरान कोई नया काम शुरू करना भी फायदेमंद रहेगा. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के लोगों के लिए 15 मई के बाद का समय काफी लाभकारी हो सकता है. निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने के संकेत हैं. कोई खुशखबरी मिल सकती है और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. कुल मिलाकर यह समय तरक्की और लाभ लेकर आ सकता है.  

रणवीर सिंह का बड़ा प्रोजेक्ट: भगवान शिव बनेंगे स्क्रीन पर

धुरंधर से धमाका करने के बाद सुपरस्टार रणवीर सिंह आगे भी धुआंधार फिल्मों की तैयारी कर रहे हैं. अपनी अगली फिल्म, जॉम्बी-थ्रिलर प्रलय पर काम कर रहे रणवीर ने अब एक ऐसे प्रोजेक्ट की तैयारी शुरू कर दी है, जो सही स्केल और ट्रीटमेंट के साथ बना तो बड़ा पर्दा छोटा पड़ जाएगा! इस प्रोजेक्ट में रणवीर भगवान शिव के रोल में नजर आ सकते हैं. मेलुहा के शिव बनेंगे रणवीर! दोनों धुरंधर फिल्मों की धुआंधार कामयाबी के बाद अब रणवीर आजकल आगे की प्लानिंग में जुटे हैं और अपने नए बॉक्स ऑफिस कद को सूट करने वाले किरदार तलाश रहे हैं. अब रणवीर ने अमीश त्रिपाठी के बेहद पॉपुलर उपन्यास 'मेलुहा के मृत्युंजय' (The Immortals of Meluha) को बड़ी स्क्रीन पर लाने का मूड बना लिया है. बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट बताती है कि अमीश त्रिपाठी के इस चर्चित नॉवेल के राइट्स रणवीर ने खरीद लिए हैं. इस डील के लिए रणवीर ने 40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो अपने आप में बॉलीवुड फिल्म के लिए किसी नॉवेल के राइट्स पर खर्च हुआ सबसे बड़ा अमाउंट है. रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से बताया गया कि मेलुहा के मृत्युंजय पर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली फिल्म बनाने वाले थे, लेकिन उनका प्रोजेक्ट सेट नहीं हो पाया. कई बार खुद को शिव भक्त बता चुके रणवीर को अमीश के उपन्यास में दर्ज संसार में बहुत इंटरेस्ट था और इस संसार में भगवान शिव का किरदार निभाना उनका सपना था. 'जैसे ही मेलुहा के मृत्युंजय पर संजय लीला भंसाली के राइट्स एक्सपायर हुए, रणवीर ने तुरंत हाथ आगे बढ़ा दिया और अपने बैनर- मां कसम फिल्म्स, के लिए ये राइट्स खरीद लिए', सूत्र ने बताया. पांच साल पहले रणवीर, भगवान शिव का किरदार निभाने का सपना लिए भंसाली की तरफ देख रहे थे. लेकिन अब चूंकि राइट्स उनके ही पास हैं, तो वो मेलुहा के शिव को बड़े पर्दे पर लाने के लिए खुद डायरेक्टर चुन सकते हैं. जानकारी ये भी कहती है कि इस प्रोजेक्ट के लिए रणवीर ने बिरला स्टूडियोज से हाथ मिलाया है. कब शुरू होगा फिल्म का शूट? वो अमीश की मेलुहा की तीन-पार्ट सीरीज वाले नॉवेल को स्क्रीन पर लाने के लिए बहुत पक्के विश्वास के साथ उतरे हैं. लेकिन बाकी डिटेल्स तब सामने आएंगी, जब फिल्म की स्क्रिप्ट लॉक हो जाएगी. फिलहाल फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम शुरू होने वाला है और उम्मीद की जा रही है कि रणवीर की ये फिल्म 2028 से फ्लोर्स पर जाएगी. दिलचस्प ये है कि अमीश की किताब में भगवान शिव की पत्नी, सती का किरदार भी बहुत हीरोइक है और उसका ट्रीटमेंट बहुत दमदार है. प्रोजेक्ट पर रणवीर का क्रिएटिव कंट्रोल होने से इसमें उनकी पत्नी दीपिका पादुकोण की एंट्री के रास्ते भी खुल जाते हैं. अगर रियल लाइफ का ये दमदार एक्टर कपल फिल्म में शिव-सती के रोल में नजर आता है, तो ये एक और धमाकेदार चीज होगी. बाकी तो वक्त बताएगा कि मेलुहा के मृत्युंजय को रणवीर, नॉवेल वाले ही ट्रीटमेंट और स्केल पर बड़े पर्दे तक लाने में कितने कामयाब होते हैं.

खान सचिव का सख्त निर्देश—229 बालू घाटों की प्रक्रिया जल्द पूरी करें, अवैध खनन पर निगरानी तेज

रांची  राज्य में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद तीन दर्जन के करीब बालू घाटों का संचालन शुरू नहीं होने के पीछे के कारणों को दूर करने का निर्देश खान सचिव अरवा राजकमल ने दिया है। बालू घाटों का संचालन शुरू नहीं होने के पीछे मुख्य वजह लीज डीड की प्रक्रिया लंबित होना है। राज्य के 16 जिलों के 229 बालू घाट केवल लीज डीड नहीं होने के कारण अटके हुए हैं। लीज डीड की जिम्मेदारी संबंधित जिलों के डीसी पर है। इनमें से 35 लीज डीड महज उपायुक्त के स्तर से हस्ताक्षर नहीं होने के कारण अटके हुए हैं। 10 जून से पहले लीज डीड की प्रक्रिया पूरी करें सोमवार को बालू घाटों के संचालन और अवैध खनन की समीक्षा को लेकर आयोजित टास्क फोर्स की ऑनलाइन बैठक में खान सचिव अरवा राजकमल ने सभी डीसी को निर्देश दिया कि वे 10 जून से पहले हर हाल में लीज डीड की प्रक्रिया पूरी कर लें। बैठक में सभी जिलों के डीसी, डीएमओ तथा खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा भी जुड़े थे। खान सचिव ने कहा कि 10 जून से बालू घाटों से बालू निकासी पर एनजीटी की रोक प्रभावी हो जाती है। ऐसे में उससे पहले लंबित सभी घाटों का लीज डीड पूरा कर संचालन शुरू करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि नया लीज डीड ड्राफ्ट भी जारी कर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। अवैध खनन पर सख्ती के निर्देश बैठक में सचिव ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और विभिन्न विभागों के समन्वय से काम किया जाये। उन्होंने बताया कि लघु खनिजों के अवैध खनन की निगरानी के लिए सभी खनन पट्टों की डिजिटल फाइल तैयार की जा रही है। इसके जरिए सैटेलाइट से खनन क्षेत्रों की निगरानी होगी। इसके साथ ही खान सचिव ने खनन प्रहरी मोबाइल ऐप पर मिलने वाली सूचनाओं की तत्काल जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। संवेदनशील मार्गों पर वाहन ट्रैकिंग सिस्टम, चेकपोस्ट निर्माण और रेलवे साइडिंग व प्रवेश-निकासी बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी आदेश दिए गये। बैठक के दौरान खान निदेशक ने कागजी कार्रवाई पूर्ण कर चुके सभी 35 बालू घाटों को जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। इन 35 बालू घाटों की लीज प्रक्रिया अगले 10 दिनों के अंदर पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है। इन घाटों से संबंधित कागजी कार्रवाई हो चुकी है पूर्ण     बोकारो : पिछरी -2 बालू घाट, खेटको चलकारी घाट     दुमका : हरिपुर बालू घाट, छोटाकमती बालू घाट, कटनाई बालू घाट, सिमरा और हरिपुर बालू घाट।     खूंटी : पांडू बालू घाट, बुधिरोमा बालू घाट     जामताड़ा : बनखेत बालू घाट     हजारीबाग : कंदटारी, सांढ़ एम सोनपुरा, बैरिसाल, लंगातू सिकरी, गोसाईं बलिया, चोबदार बलिया     रांची : चोकसेरेंगे बालू घाट, श्यामनगर, सुंडिल बालू घाट     गोड्डा : जसमाता बालू घाट-2, राहा बालू घाट, घाट झिलुआ, सनातन बालू घाट     पूर्वी सिंहभूम : बनकाटा बालू घाट, कोरियामोहन पाल बालू घाट, कोरियामोहन घाट एवं सुवर्णरेखा घाट     रामगढ़ : सिरका, टोकीसूद-1 एवं पैंकी बालू घाट     लातेहार : मरमर बालू घाट, राजहर बालू घाट, बाजकुम घाट और तुबेद बालू घाट।  

खरबूजे के बीज नहीं कचरा, जानें ‘मगज’ के फायदे और कीमत

अक्सर ज्यादातर लोग फल खाते समय उसके छिलकों और बीजों को कचरा समझकर फेंक देते हैं. चाहे कोई तरबूज खा रहा हो या फिर खरबूजा उसके छिलकों और बीजों को फेंक ही देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि खरबूजे के जिन बीजों को आप डस्टबिन के हवाले कर देते हैं, वे असल में वाइट गोल्ड हैं? जी हां, बाजार में यही बीज 'खरबूजे के मगज' के नाम से 600 से 800 रुपये किलो तक बिकते हैं. इन बीजों को मिठाइयों से लेकर ग्रेवी बनाने तक में इस्तेमाल किया जाता है. इनका इस्तेमाल करके मिठाइयों और सब्जी की ग्रेवी में एक रॉयल टेक्शचर आता है, जो स्वाद को दोगुना कर देता है. ऐसे में खरबूजे के मगज को मिठाइयों और ग्रेवी की शान कहा जाता है. जिन बीजों को आप साफ करना झंझट भरा काम समझते हैं, उन्हें घर पर साफ करना बेहद आसान है. चलिए जानते हैं कि आप कैसे बेकार समझे जाने वाले इन बीजों से मगज बनाकर आप अपनी रसोई के खर्च को कम कर सकते हैं और पकवानों का स्वाद बढ़ा सकते हैं.   खरबूजे के बीजों से मगज निकालने का आसान तरीका घर पर मगज तैयार करने का तरीका बहुत आसान है, बस आपको इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा: 1. बीजों को इकट्ठा करें: खरबूजा काटते समय चम्मच की मदद से बीजों वाले हिस्से को एक अलग कटोरे में निकाल लें. इसमें थोड़ा गूदा लगा रहे तो घबराएं नहीं, जब आप इन्हें साफ करेंगे तो वो आसानी से निकल जाएगा. 2. पानी से चिपचिपाहट दूर करें: बीजों वाले बर्तन में पानी भरें और हल्के हाथों से मसलकर उन्हें धोएं. हाथों से मसलने पर गूदा पानी के ऊपर तैरने लगेगा और बीज नीचे बैठ जाएंगे. इसके बाद बीजों को एक बारीक छलनी में डालकर नल के नीचे अच्छी तरह धोएं ताकि उनकी पूरी चिपचिपाहट खत्म हो जाए. 3. धूप में सुखाना है सबसे जरूरी: धुले हुए बीजों को एक सूती कपड़े या बड़ी प्लेट पर फैला दें. इन्हें कम से कम 1 से 2 दिन तक तेज धूप में सुखाएं. बीज जितने अच्छे से सूखेंगे, उनका छिलका उतनी ही आसानी से उतरेगा. 4. छिलका उतारने की जादुई ट्रिक: जब बीज सूखकर एकदम कड़क हो जाएंगे, तो उन्हें एक साफ कपड़े के बीच में रख लें. अब बेलन की मदद से बहुत हल्का दबाव देते हुए उन पर बेलन चलाएं. ध्यान रहे कि जोर नहीं लगाना है, वरना अंदर का मगज चूरा हो जाएगा. बस इतना दबाव दें कि ऊपर का छिलका चटक जाए. 5. मगज को करें स्टोर: छिलके हटाने के बाद उन्हें थाली में लेकर फटक लें. हल्का छिलका उड़ जाएगा और आपके पास सफेद मगज बच जाएंगे. इसे लंबे समय तक स्टोर करने के लिए हल्का सा ड्राई रोस्ट कर लें और एयरटाइट डिब्बे में भर कर रखें. मगज को इस तरह करें इस्तेमाल शाही ग्रेवी: अगर आप होटल जैसी गाढ़ी और क्रीमी ग्रेवी तैयार करना चाहते हैं, तो काजू के साथ इन बीजों को पीसकर डालें. ये शाही पनीर और मलाई कोफ्ता का स्वाद दोगुना कर देती है. हलवाई जैसी मिठाइयां: बेसन के लड्डू हों या गाजर का हलवा, अगर आप ऊपर से खरबूजे के बीज डालें तो उसे देखने और खाने दोनों में लाजवाब बना देते हैं. देसी एनर्जी ड्रिंक: गर्मियों में ठंडाई या शेक बनाते समय इसमें मगज पीसकर डालें, ये शरीर को ठंडक और ताकत देता है. रोस्टेड स्नैक्स: हल्का नमक और काली मिर्च डालकर भुने हुए मगज एक बेहतरीन और हेल्दी स्नैक का काम करते हैं.

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 लाख तक लोन, ऑनलाइन ट्रेनिंग अनिवार्य

 लखनऊ यूपी में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत अब किसी अभ्यर्थी को लोन 30 घंटे के ऑनलाइन ट्रेनिंग के बाद ही मिलेगा। यह पैसा बैंक को प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र मिलने के बाद जारी कर दी जाएगी। दरअसल, राज्य सरकार ने इसके लिए नियमों में बदलाव कर दिया है। सीएम युवा योजना के तहत बिना बैंक गारंटी पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन हासिल मिलता है। इसे लेने में युवाओं को कोई कठिनाई न हो और कहीं कोई तकनीकी बाधा न आए, इसके लिए बड़ी पहल की गई है। योजना के तहत किसी युवा उद्यमी को अब लोन स्वीकृत होने के बाद चुनिंदा तीन संस्थानों से 30 घंटे का प्रशिक्षण सत्र पूरा करना अनिवार्य होगा। ट्रेनिंग के बाद प्रमाण पत्र ऑनलाइन ही बैंक को प्राप्त हो जाएगा। जिसके मिलने पर बैंक लोन राशि आवेदक के खाते में ट्रांसफर कर देगा। कहीं कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए विभाग ने फेस रिक्ग्नीशन प्रणाली अपनाई है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बैंकों के बड़ी संख्या में आवेदनों को निरस्त किए जाने और युवाओं को अलग-अलग सेक्टर में बेहतर प्रशिक्षण के लिए प्रणाली में बड़ा सुधार किया गया है। सीएम युवा उद्यमी विकास योजना की प्रमुख बातें सीएम युवा उद्यमी विकास योजना के तहत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उत्पादन और सेवा संबंधी उद्यम स्थापित कराकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है। हर साल एक लाख युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना। इसके अलावा 10 सालों में कुल 10 लाख स्वरोजगार के अवसर सृजित करना। इस योजना के तहत 5 लाख तक का लोन मिलता है। पात्रता और शर्तें आवेदनकर्ता की न्यूनतम उम्र 21 साल और अधिकतम 40 साल हो। आवेदनकर्ता कम से कम आठवीं पास होना चाहिए। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, ओडीओपी प्रशिक्षण योजना, एससी/एसटी/ओबीसी प्रशिक्षण योजना, यूपी कौशल विकास मिशन, के अंतर्गत ट्रेनिंग या किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से कौशल संबंधी प्रमाण पत्र/डिग्री/डिप्लोमा मिला हो। आवेदक पहले से किसी अन्य सरकारी सब्सिडी योजना का लाभ न ले रहा हो। आवश्यक दस्तावेज कौशल प्रमाण पत्र/प्रशिक्षण प्रमाण पत्र/कंप्यूटर प्रमाण पत्र/ आईटीआई प्रमाण पत्र परियोजना रिपोर्ट पैन कार्ड आधार कार्ड निवास प्रमाण पत्र बैंक पासबुक आयु प्रमाण पत्र हस्ताक्षर पासपोर्ट साइज फोटो स्वघोषणा पत्र कैसे करें आवेदन एमएसएमई पोर्टल https://msme.up.gov.in पर जाएं। यहां Register के बटन पर क्लिक करें। अपना मोबाइल नंबर और OTP के जरिए वेरीफाई करें। लॉगिन करने के बाद 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' का पर जाएं और मांगी गई जानकारी भरें इसके बाद डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर दें।

रांची में परीक्षा सुरक्षा पर विशेषज्ञों की चेतावनी—रिंग-0 मैलवेयर से सिस्टम हैकिंग का दावा

रांची  कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में, विशेष रूप से लोकल नेटवर्क वातावरण में, एक नया और अत्यंत परिष्कृत साइबर सुरक्षा खतरा सामने आया है। इस तकनीक को जीरो-टच लोकल नेटवर्क हाईजैकिंग कहा जा रहा है, जिसके माध्यम से हमलावर बिना परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों या किसी अंदरूनी व्यक्ति की शारीरिक सहायता के, अभ्यर्थी के कंप्यूटर सिस्टम पर दूरस्थ रूप से नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं। पारंपरिक नकल के तरीकों में जहां छिपे हुए नोट्स या मानवीय हस्तक्षेप का सहारा लिया जाता था, वहीं यह आधुनिक खतरा पूर्णतः तकनीक आधारित है और कंप्यूटर सिस्टम की आंतरिक संरचना में गहराई तक समाहित रहता है। रिंग-0 कर्नेलड्राइवर्स नामक उन्नत मैलवेयर का उपयोग बताया जा रहा है कि साइबर अपराधी समूह रिंग-0 कर्नेलड्राइवर्स नामक उन्नत मैलवेयर का उपयोग कर रहे हैं, जो कंप्यूटर सिस्टम के सर्वोच्च विशेषाधिकार स्तर पर कार्य करता है तथा पारंपरिक सुरक्षा उपकरणों से आसानी से पकड़ा नहीं जाता है। कैंब्रिज इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, रांची के डीन एकेडमिक्स प्रो. अरसद उस्मानी ने बताया कि यह मैलवेयर सीधे ऑपरेटिंग सिस्टम स्तर पर कार्य करते हुए सामान्य लॉकडाउन ब्राउजर और मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर को भी निष्प्रभावी कर सकता है। लोकल नेटवर्क की कमजोरियों का फायदा लोकल नेटवर्क की कमजोरियों का लाभ उठाकर अनधिकृत संचालक गुप्त संचार चैनल स्थापित कर सकते हैं, जिनके माध्यम से परीक्षा स्क्रीन को दूरस्थ रूप से देखा जा सकता है तथा वर्चुअल ह्यूमन इंटरफेस डिवाइस (एचआइडी) ड्राइवर्स की सहायता से इनपुट भेजे जा सकते हैं। उन्होंने संभावना जताई कि गत दिनों पिस्का मोड़ स्थित एक परीक्षा केंद्र में हुए फर्जीवाड़े में इस तरह की तकनीक का प्रयोग किया गया होगा। बताया कि परीक्षा सर्वर के लिए ये कमांड बिल्कुल वैसे ही प्रतीत होते हैं जैसे वे किसी वास्तविक रूप से जुड़े हुए माउस या कीबोर्ड से दिए गए हों। हालांकि, ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तकनीकी निगरानी और मानवीय पर्यवेक्षण के संयुक्त प्रयासों से की जा सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहायित सुरक्षा प्रणालियां असामान्य कर्सर मूवमेंट, अनियमित कमांड निष्पादन, असामान्य प्रतिक्रिया समय तथा रिमोट एक्सेस से जुड़ी संदिग्ध नेटवर्क गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम हैं। साथ ही, परीक्षा निरीक्षक भी एक महत्वपूर्ण सुरक्षा पंक्ति के रूप में कार्य करते हैं, जो अभ्यर्थियों के असामान्य व्यवहार, इनपुट डिवाइस के साथ असंगत गतिविधियों या अत्यधिक तेजी से उत्तर देने के पैटर्न पर निगरानी रखते हैं। ये हैं सुरक्षा और मैलवेयर से बचाव के तरीके ऐसे खतरों से बचाव के लिए डिजिटल पेपर ट्रेल बनाए रखना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। नेटवर्क लाग्स, सिस्टम मेटाडेटा, की-स्ट्रोक पैटर्न, डिवाइस संचार रिकॉर्ड तथा गतिविधियों की समय-रेखा को परीक्षा के बाद फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। ये रिकॉर्ड बाद में टाइम-टू-सॉल्व आडिट में सहायक हो सकते हैं, जिनके माध्यम से उन मामलों की पहचान की जाती है जहां अत्यंत जटिल प्रश्नों के उत्तर सामान्य मानवीय क्षमता से कहीं अधिक तेजी से दिए गए हों। ऐसे मामलों में विस्तृत मैनुअल जांच की जा सकती है। कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए यह माना जा रहा है कि लोकल नेटवर्क सुरक्षा, एंडप्वाइंट प्रोटेक्शन, परीक्षा निरीक्षण प्रक्रियाओं तथा फॉरेंसिक मॉनिटरिंग तंत्र को और अधिक मजबूत बनाना डिजिटल परीक्षा प्रणालियों की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक होगा।

पंजाब की राजनीति में हलचल: मंत्री संजीव अरोड़ा ने ED हिरासत को चुनौती देकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

चंडीगढ़ पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत को अवैध और असंवैधानिक बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की। अरोड़ा को 9 मई को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था। अपनी याचिका में उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी प्रथम दृष्टया 'मनमानी, यांत्रिक, अधिकार क्षेत्र से परे और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 22 के तहत प्राप्त अनिवार्य सुरक्षा उपायों का उल्लंघन' है। उन्होंने अदालत से गुरुग्राम के सेशन विशेष जज द्वारा दिये गये रिमांड आदेश को रद्द करने की भी मांग की। इस आदेश के तहत उन्हें 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेजा गया है। यह याचिका अधिवक्ता विभव जैन, वीरेन सिब्बल और जसमन सिंह गिल के माध्यम से दायर की गई है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ के समक्ष होने की संभावना है। मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि वह Hampton Sky Realty Limited (HSRL) के प्रमोटर और चेयरमैन थे। कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 से मोबाइल फोन के निर्यात का कारोबार शुरू किया था, जो उसके वैध व्यापार विस्तार और विविधीकरण का हिस्सा था। सभी निर्यात लेनदेन पारदर्शी और पूरी तरह दस्तावेजी प्रक्रिया के तहत किए गए। याचिका में कहा गया कि सार्वजनिक पद पर निर्वाचित होने के बाद अरोड़ा ने कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था और उसके दैनिक संचालन, प्रबंधन या व्यापारिक मामलों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। यह भी कहा गया कि बाद में हुई तलाशी कार्रवाई के दौरान कोई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, नकदी, अघोषित संपत्ति या अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। ईडी अधिकारी 9 मई को तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के लिए उनके घर पहुंचे थे, जिसके बाद उनका बयान दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अरोड़ा ने दावा किया कि गिरफ्तारी के आधार पूरी तरह अस्पष्ट थे और उनमें ऐसा कोई ठोस तथ्य नहीं था जो यह साबित करे कि उन्होंने पीएमएलए के तहत कोई अपराध किया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग अपराध के मूलभूत तत्व साबित करने में विफल रही। जिन लेनदेन का हवाला दिया गया, वे “पूरी तरह दस्तावेजीकृत निर्यात लेनदेन” थे, जो नियमित बैंकिंग चैनलों के माध्यम से किए गए और जिनके समर्थन में इनवॉइस, शिपिंग बिल, कस्टम जांच, बैंक रियलाइजेशन सर्टिफिकेट, जीएसटी रिटर्न और ऑडिटेड अकाउंट मौजूद हैं। याचिका में कहा गया कि संबंधित रिकॉर्ड पहले ही एजेंसियों के कब्जे में थे, अरोड़ा से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई और हिरासत में पूछताछ या गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं थी। दिहाड़ी मजदूर निकला करोड़ों की फर्म का मालिक! प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दावा किया है कि  संजीव अरोड़ा के खातों की जांच में पता चला कि है एक दिहाड़ी मजदूर कमल अहमद को करोड़ों की फर्म का मालिक बनाया गया था। ईडी ने सोमवार को गुरुग्राम की पीएमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के दौरान ये तथ्य पेश किए। ईडी के मुताबिक, कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की कंपनी 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' ने दिल्ली की एक फर्म को 27.73 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, जिसका मालिक दिहाड़ी मजदूर है।दिल्ली के रहने वाले मजदूर कमल अहमद ने ईडी के सामने बयान दिया है कि वह ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है और उसे कंपनी वगैरह के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ईडी के अनुसार, कमल ने बयान दिया है कि अजहर हैदर उर्फ ​​मोंटी नाम के एक व्यक्ति ने उसका आधार और पैन कार्ड लिया था तथा कागजों पर उसके दस्तखत भी करवाए थे। हैदर ने खुद माना है कि उसने यह काम डेढ़ से दो प्रतिशत कमीशन के आधार पर किया था। आरोप है कि संजीव अरोड़ा की फर्म ने अगस्त 2023 से जनवरी 2024 के बीच, दिहाड़ी मजदूर की फर्म 'एसके एंटरप्राइजेज़' के कई बैंक खातों में 41 आरटीजीएस पेमेंट्स के जरिये 27.73 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। अरोड़ा परिवार की फर्मों ने स्थानीय और विदेशी कंपनियों को 157.12 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन बेचने का दावा किया है। संजीव अरोड़ा फिलहाल ईडी की रिमांड पर हैं। अरोड़ा ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दी है।

भारतीय संत नीम करोली बाबा की सादगी और सेवा भाव से प्रभावित हुई दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों की सोच और नेतृत्व शैली

नीम करोली बाबा एक भारतीय संत और आध्यात्मिक गुरु थे, जिन्होंने अपनी सादगी, ज्ञान और प्रेम व सेवा की सीख से दुनिया के कई बड़े लोगों को प्रभावित किया. माना जाता है कि टेक दुनिया के दिग्गज जैसे स्टीव जॉब्स (Steve Jobs), मार्क जकरबर्ग (Mark Zuckerberg) और जैक डोर्सी (Jack Dorsey) भी उनसे या उनके आश्रम से किसी न किसी तरह जुड़े रहे. इन लोगों का कहना है कि वहां का अनुभव उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ जैसा था, जिसने उनकी सोच और काम करने के तरीके को बदल दिया.  नीम करोली बाबा की सीख से इन तीनों ने एक मुकाम प्राप्त किया. नीम करौली बाबा की सीख आज भी लोगों को जीवन में शांति, सही दिशा और सकारात्मक सोच देने के लिए याद की जाती है. स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) स्टीव जॉब्स (Steve Jobs), जो Apple के को-फाउंडर थे, उन्होंने 1970 के दशक के बीच में उत्तराखंड के कैंची धाम स्थित नीम करोली बाबा के आश्रम का दौरा किया था. उस समय वे अपने जीवन और करियर को लेकर कुछ उलझन में थे और मानसिक शांति और सही दिशा की तलाश में भारत आए थे. हालांकि नीम करौली बाबा का निधन 1973 में हो चुका था, लेकिन जॉब्स ने आश्रम में कुछ समय बिताया और वहां के शांत माहौल को महसूस किया और बाबा के भक्तों से बातचीत की. इस यात्रा का उन पर गहरा असर पड़ा. बाद में उन्होंने बताया कि इस अनुभव ने उन्हें सादगी और फोकस का महत्व समझाया, जो आगे चलकर एप्पल (Apple) की डिजाइन सोच का बड़ा हिस्सा बना. जॉब्स ने इस अनुभव को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर किया और मार्क जकरबर्ग जैसे लोगों को भी उस जगह जाने की सलाह दी. मार्क जकरबर्ग (Mark Zuckerberg) साल 2015 में मार्क जकरबर्ग ने बताया था कि उन्होंने स्टीव जॉब्स की सलाह पर नीम करौली बाबा के आश्रम का दौरा किया था. उस समय फेसबुक (Facebook) शुरुआती दौर में था और कई मुश्किलों का सामना कर रहा था, जिससे जकरबर्ग को कंपनी की दिशा को लेकर थोड़ा शक होने लगा था. ऐसे में स्टीव जॉब्स ने उन्हें सलाह दी कि वे भारत जाकर कैंची धाम आश्रम जाएं, ताकि उन्हें मानसिक शांति और सही सोच मिल सके. जकरबर्ग वहां गए और कुछ समय आश्रम में बिताया. वहां का शांत माहौल और अनुभव ने उन्हें अंदर से सुकून और एक नया उद्देश्य महसूस कराया. इस यात्रा के बाद उनका फेसबुक (Facebook) के मिशन- दुनिया को जोड़ने, पर भरोसा और मजबूत हो गया. बाद में उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें मुश्किल समय में आगे बढ़ने का हौसला और आत्मविश्वास दिया. जैक डोर्सी (Jack Dorsey) ट्विटर (अब X) के को-फाउंडर और पूर्व CEO जैक डोर्सी भी नीम करोली बाबा की शिक्षाओं से प्रभावित माने जाते हैं, खासकर ध्यान और माइंडफुलनेस की सोच से. हालांकि उन्होंने कभी खुलकर यह नहीं बताया कि वे सीधे आश्रम गए थे, लेकिन उन्होंने कई बार कहा है कि भारतीय आध्यात्मिकता और ध्यान की परंपरा ने उनके जीवन और काम करने के तरीके पर असर डाला है. डोर्सी नियमित रूप से मेडिटेशन (ध्यान) करते हैं, जो नीम करोली बाबा की उस सीख से जुड़ा माना जाता है जिसमें मन की शांति और आत्म-जागरूकता पर जोर दिया जाता है. इसी वजह से उनका लीडरशिप स्टाइल भी ज्यादा शांत, संतुलित और फोकस्ड माना जाता है, जिससे उन्हें ट्विटर (Twitter) और स्क्वायर (Square) जैसी बड़ी कंपनियों को संभालने में मदद मिली. नीम करोली बाबा की शिक्षाएं नीम करोली बाबा की शिक्षाएं बहुत सरल और जीवन से जुड़ी हुई थीं. वे कहते थे कि हर इंसान से प्रेम और सम्मान से पेश आना चाहिए. जीवन का असली मतलब दूसरों की मदद करना है. उनके अनुसार, किसी से कुछ उम्मीद किए बिना सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है. वैश्विक स्तर पर नीम करोली बाबा की लोकप्रियता नीम करोली बाबा की लोकप्रियता सिर्फ टेक दुनिया तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सीख पूरी दुनिया में मानी जाती है. उनका आश्रम आज भी विदेशों से आने वाले लोगों, सेलेब्रिटीज, बिजनेस करने वालों और आध्यात्मिक शांति चाहने वालों को आकर्षित करता है. उनकी शिक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने में राम दास (Ram Das) की किताब Miracle of Love ने भी बड़ी भूमिका निभाई, जिसमें उन्होंने नीम करोली बाबा के साथ अपने अनुभव साझा किए हैं. उनकी सोच खासकर टेक लीडर्स को इसलिए पसंद आती है क्योंकि यह तेज और तनाव भरी लाइफ के बीच शांति, फोकस और इंसानियत सिखाती है. इसी वजह से कई लोग उनकी शिक्षाओं को अपने काम और जीवन में अपनाने की कोशिश करते हैं ताकि वे ज्यादा बेहतर सोच, रचनात्मकता और दूसरों के प्रति समझ विकसित कर सकें. इसके अलावा भारत में भी कई बड़े लोग नीम करोली बाबा की आस्था से जुड़े हैं. जैसे क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी, बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा, दोनों ने अपने परिवार के साथ कैंची धाम आश्रम का दौरा किया था और वहां आशीर्वाद लिया था.

CBI की बड़ी कार्रवाई: भाजयुमो नेता की गिरफ्तारी के बाद पंजाब विजिलेंस मुख्यालय पर उठे सवाल

मोहाली मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस ब्यूरो कार्यालय पर सोमवार रात सीबीआई की छापेमारी ने दो अलग-अलग मामलों को एक साथ जोड़ दिया है— एक तरफ मलोट के भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नेता राघव गोयल की गिरफ्तारी और दूसरी तरफ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शरद सत्य चौहान का कार्यालय, जो पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पद के लिए सबसे वरिष्ठ दावेदार माने जा रहे हैं।भाजपा से जुड़े और अक्सर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ तस्वीरें साझा करने वाले राघव गोयल को 25 लाख रुपये के रिश्वत मामले में कथित बिचौलिए के रूप में गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि गोयल राजस्थान के भाजपा नेता गजेंद्र शेखावत के करीबी हैं। तीन दिन पहले ही उनकी पुलिस सुरक्षा वापस ले ली गई थी। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि सुरक्षा केंद्रीय एजेंसियों की थी या पंजाब पुलिस की। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हाल के समय में पंजाब की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा अहम पदों पर नियुक्त पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करती रही है। हालांकि, इस मामले में निशाना एक भाजपा नेता बना है। सीबीआई ने गोयल के मलोट स्थित आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। भाजपा सूत्रों के अनुसार, गोयल के बठिंडा और मलोट के कुछ भाजपा नेताओं से भी संबंध हैं। हालांकि, एक भाजपा नेता ने दावा किया कि गोयल को पार्टी में कोई आधिकारिक पद नहीं दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने पहले चंडीगढ़ के एक पांच सितारा होटल में छापा मारा और बाद में विजिलेंस ब्यूरो कार्यालय पहुंचकर 13 लाख रुपये बरामद किए। जांच एजेंसी ने भ्रष्टाचार के आरोप में चौहान के निजी रीडर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उसने एक केस को निपटाने के लिए सौदेबाजी कराने में भूमिका निभाई। चौहान के साथ पिछले पांच-छह वर्षों से तैनात इस रीडर को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। शरद सत्य चौहान को पिछले महीने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो का निदेशक नियुक्त किया गया था। लगभग एक दशक बाद उन्हें फिर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली थी। अप्रैल में यूपीएससी को भेजे गए पैनल में डीजीपी पद के लिए उनका नाम सबसे वरिष्ठ अधिकारी के रूप में शामिल था। मेरा नाम बेवजह घसीटा गया : चौहान विवाद पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में चौहान ने ‘ट्रिब्यून’ से कहा, 'मेरे रीडर की किसी भी संदिग्ध गतिविधि के लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूं। मेरा नाम बेवजह इस मामले में घसीटा गया है। मैं शाम 6 बजे तक कार्यालय में था और आज भी कार्यालय जाऊंगा। मैं उपलब्ध हूं।' उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या इस छापेमारी का यूपीएससी की लंबित चयन प्रक्रिया से कोई संबंध है। उन्होंने कहा कि उनका करियर हमेशा साफ-सुथरा रहा है।

मीन राशि में चंद्रमा का गोचर, मेष, कर्क और वृश्चिक राशि वालों के लिए शुभ संकेत

 द्रिक पंचांग के अनुसार, आज (12 मई 2026) शांति के देवता चंद्रमा मीन राशि में प्रवेश करेंगे. मीन राशि जल तत्व राशि है, जो की बहुत ही संवेदनशील-आध्यात्मिक राशि मानी जाती है. वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक होता है, इसलिए इसका गोचर सीधे व्यक्ति के मूड, सोच और निर्णय पर असर डालता है. मीन राशि में चंद्रमा का गोचर खासतौर पर कल्पनाशक्ति, अंतर्ज्ञान और भावनात्मक गहराई को बढ़ाएगा. इस दौरान व्यक्ति आध्यात्मिकता की ओर आकर्षित होता है. उसका मन ज्यादा गहराई से सोच सकता है. ऐसे में कुछ राशियों के लिए यह समय बेहद शुभ रहने वाला है. इन 3 राशियों के लिए शुभ रहेगा समय मेष राशि चंद्रमा का यह गोचर मेष राशि वालों के लिए राहत और सुकून लेकर आ सकता है. लंबे समय से चल रही मानसिक परेशानियां कम होंगी. आपको मन से शांति महसूस होगी, जिससे आपका फोकस काम पर ज्यादा रहेगा. ऑफिस में भी धीरे-धीरे स्थिति अच्छी हो जाएगी. यह समय भविष्य की प्लानिंग के लिए अच्छा रहेगा. कर्क राशि कर्क राशि के लिए यह गोचर भाग्य का साथ लेकर आ सकता है. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. जॉब या पढ़ाई से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. यात्रा के योग भी बन सकते हैं, जो लाभदायक साबित होंगे. आत्मविश्वास बढ़ेगा और निर्णय सही साबित हो सकते हैं. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय खुशियां लेकर आ सकता है. प्रेम जीवन में सुधार होगा. रिश्तों में मिठास बढ़ेगी. जो लोग क्रिएटिव फील्ड से जुड़े हैं, उनके लिए यह समय खास फलदायी साबित हो सकता है. आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत मिल सकते हैं. किन बातों का रखें ध्यान भावनाओं में बहकर बड़े फैसले लेने से बचें. खर्चों पर नियंत्रण रखें. ज्यादा सोचने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है. ध्यान और मेडिटेशन फायदेमंद रहेगा.