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DDA की नई योजना पर काम तेज, द्वारका-रोहिणी-नरेला बनेंगे फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी सेंटर

नई दिल्ल द्वारका को अब घरेलू और विदेशी निवेश का बड़ा सेंटर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। यहां आईटी, हेल्थकेयर, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कंपनियों के ऑफिस बनाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए DDA ने तैयारियां शुरू कर दी है। LG टीएस संधु ने ने इस दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए है। DDA को LG ने जल्द योजना तैयार करने के दिए निर्देश द्वारका के साथ ही रोहिणी और नरेला को भी बड़े फाइनैंशल सेंटर के रूप में डिवेलप करने की योजना पर काम किया जा रहा है। हाल ही में DDA अधिकारियों के साथ हुई बैठक में LG ने इन तीनों इलाकों के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों के मुताबिक, इन इलाकों में बेहतर सड़कें, मेट्रो नेटवर्क, एजुकेशन सेंटर और बड़े रिहायशी इलाके तेजी से डिवेलप हो रहे हैं। द्वारका में यशोभूमि और बनने वाला डिप्लोमैटिक हब भी इस इलाके को खास बना रहा है। अधिकारियों ने बताया कि LG पिछले कुछ समय से इन इलाकों को बड़े फाइनैंशल सेंटर के रूप में डिवेलप करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने हाल ही में द्वारका सब सिटी का दौरा भी किया था, जहां कई अहम प्रोजेक्ट्स का इसके बाद DDA को यहां आईटी, हेल्थकेयर, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कंपनियों के ऑफिस बनाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर प्लांट बनाने की भी योजना अधिकारियों के अनुसार, यूईआर (अर्बन एक्सटेंशन रोड) शुरू होने, बड़े मेट्रो नेटवर्क, टीओडी पॉलिसी, नए एजुकेशन सेंटर और बड़े रिहायशी इलाकों के विकास की वजह से द्वारका, रोहिणी और नरेला तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। नई सड़क परियोजनाओं और एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से यहां डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर प्लांट और वेयरहाउस बनाने की भी काफी संभावनाएं बताई जा रही है। LG ने अधिकारियों को सभी डिपार्टमेंट्स के साथ चर्चा कर जल्द योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उनका मानना है कि इससे दिल्ली में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए मौके बनेंगे और राजधानी का विकास भी संतुलित तरीके से होगा।  

AI डीपफेक पर सरकार सख्त, 2 घंटे में कंटेंट हटाने का नया नियम लागू

दरअसल पिछले कुछ सालों में AI डीपफेक और फर्जी इंटीमेट तस्वीरों का मामला तेजी से बढ़ा है. कई लोगों की तस्वीरों को मॉर्फ करके अश्लील फोटो और वीडियो बनाए गए. सरकार सख्त, लेकिन कंपनियां अब भी कर रहीं हैं लापरवाही! खासकर महिलाओं और लड़कियों को इसका सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. कई मामलों में ब्लैकमेलिंग, ऑनलाइन ट्रोलिंग और मानसिक उत्पीड़न तक की शिकायतें सामने आईं. AI टूल्स की वजह से अब किसी की तस्वीर लेकर कुछ ही मिनटों में नकली वीडियो या फोटो बनाना आसान हो गया है. इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने 2026 में आईटी रूल्स को और सख्त किया. नए नियमों के तहत अगर कोई यूजर किसी प्लेटफॉर्म पर गैर-सहमति वाली इंटीमेट फोटो या डीपफेक कंटेंट की शिकायत करता है, तो सोशल मीडिया कंपनियों को बहुत तेजी से कार्रवाई करनी होगी. कई मामलों में 2 घंटे के अंदर कंटेंट हटाने की बात कही गई है, जबकि सरकारी या कोर्ट ऑर्डर वाले मामलों में 3 घंटे के अंदर एक्शन लेना पड़ सकता है. ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक सराकरी ऑफिशियल्स ने कहा है कि अब करीब 75% ऐसे कंटेंट को शिकायत मिलने के दो घंटे के अंदर हटाया जा रहा है. पहले यही प्रक्रिया कई बार 24 घंटे से लेकर कई दिनों तक चलती थी. अब प्लेटफॉर्म्स को तेज मॉडरेशन सिस्टम, AI डिटेक्शन टूल और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम बनानी पड़ रही है. सरकार ने AI कंटेंट पर लेबल भी किया था मैंडेटरी नए नियम सिर्फ कंटेंट हटाने तक सीमित नहीं हैं. सरकार चाहती है कि AI से बने कंटेंट को साफ तौर पर लेबल भी किया जाए ताकि लोग समझ सकें कि फोटो या वीडियो असली नहीं है. कई नियमों में यह भी कहा गया है कि सिंथेटिक या AI जनरेटेड मीडिया पर मार्किंग जरूरी होगी. एक बड़ा बदलाव यह भी है कि अब प्लेटफॉर्म्स पर जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है. अगर कोई कंपनी शिकायत के बाद भी ऐसे कंटेंट को हटाने में लापरवाही करती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. भारत सरकार का फोकस अब पहले हटाओ, बाद में जांच करो वाले मॉडल पर दिख रहा है क्योंकि डीपफेक कंटेंट बहुत तेजी से वायरल हो जाता है. रिपोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि पुराने नियमों में दिया गया समय बहुत लंबा था और तब तक ऐसा कंटेंट तेजी से वायरल हो जाता था. रिपोर्ट के मुताबिक नए नियमों के बाद इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स और दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने अपनी मॉडरेशन टीम और AI सिस्टम को और मजबूत किया है ताकि डीपफेक, मॉर्फ्ड फोटो और रिवेंज पोर्न जैसे कंटेंट को जल्दी पकड़ा जा सके. सरकार का फोकस खासतौर पर महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने वाले कंटेंट पर है. अधिकारियों ने यह भी माना कि सिर्फ AI पर भरोसा करना आसान नहीं है क्योंकि कई मामलों में गलत तरीके से भी कंटेंट फ्लैग हो सकता है. इसलिए कुछ मामलों में मानव समीक्षा भी की जाती है, जिससे थोड़ी देरी हो सकती है. लेकिन सरकार चाहती है कि ज्यादातर मामलों में तुरंत कार्रवाई हो ताकि पीड़ित को कम से कम नुकसान पहुंचे. ब्रिटेन में कंपनियों पर जुर्माना का प्रोविजन सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के कई देश अब इस तरह के कंटेंट पर सख्ती बढ़ा रहे हैं. ब्रिटेन में भी सरकार ने टेक कंपनियों को चेतावनी दी है कि अगर रिवेंज पोर्न या डीपफेक इंटीमेट कंटेंट को तय समय में नहीं हटाया गया तो भारी जुर्माना या प्लेटफॉर्म ब्लॉक तक हो सकता है. एक और बड़ी चिंता यह है कि AI टूल्स अब आम लोगों तक पहुंच चुके हैं. रिसर्च में सामने आया है कि हजारों ऐसे मॉडल इंटरनेट पर मौजूद हैं जिनसे किसी की फर्जी तस्वीरें बनाई जा सकती हैं. कई टूल इतने आसान हो चुके हैं कि बिना टेक्निकल जानकारी वाला व्यक्ति भी इन्हें इस्तेमाल कर सकता है. यही वजह है कि सरकारें अब सोशल मीडिया कंपनियों से सिर्फ शिकायत सुनने की उम्मीद नहीं कर रहीं, बल्कि पहले से ऐसे कंटेंट को पकड़ने वाली टेक्नोलॉजी लगाने का दबाव बना रही हैं. आने वाले समय में इंस्टाग्राम, फेसबुक और दूसरे प्लेटफॉर्म पर AI आधारित मॉनिटरिंग और ज्यादा बढ़ सकती है. हालांकि इस पर बहस भी शुरू हो गई है. कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बहुत तेजी से कंटेंट हटाने के नियम का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है और इससे फ्री स्पीच पर असर पड़ सकता है. लेकिन दूसरी तरफ साइबर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि डीपफेक और गैर-सहमति वाले इंटीमेट कंटेंट को रोकने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं क्योंकि इस

पंजाब निकाय चुनाव की तारीख तय: 26 मई को होगा मतदान, होशियारपुर और शाम चौरासी में चुनाव टला

पठानकोट प्रदेश  में नगर निकाय चुनावों का बिगुल बज गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज कमल चौधरी ने  घोषणा करते हुए बताया कि राज्य के 104 स्थानीय निकायों, जिनमें आठ नगर निगम शामिल हैं, के लिए मतदान 26 मई को कराया जाएगा। मतगणना 29 में को कराई जाएगी। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए नामांकन प्रक्रिया 13 मई से शुरू होकर 16 मई तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 18 मई को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 19 मई निर्धारित की गई है। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने नामांकन दाखिल करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने के आदेश भी दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कार्य पहले ही पूरा कर लिया है और अंतिम वोटर सूची 5 मई को प्रकाशित कर दी गई थी। इन चुनावों को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म है और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी विपक्ष के लगातार हमलों का सामना कर रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी रणनीति बनाने में लगी हुई है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने चुनाव चिन्ह पर चुनाव मैदान में उतरेंगे। माना जा रहा है कि नगर निकाय चुनावों में सभी प्रमुख दल पूरी ताकत झोंकेंगे और यह मुकाबला आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। जिन नगर निगमों में चुनाव होंगे उनमें बठिंडा, मोगा, पठानकोट, होशियारपुर, बटाला, मोहाली, अबोहर, बरनाला और कपूरथला शामिल हैं। राज्य सरकार ने पहले इन शहरी निकायों को भंग कर प्रशासकों की नियुक्ति की थी, जो चुनाव होने तक कामकाज संभाल रहे थे। होशियारपुर और शाम चौरासी में मतदान टला पंजाब में 104 स्थानीय निकायों के लिए आगामी 26 मई को मतदान और 29 मई को मतगणना होगी, लेकिन होशियारपुर और शाम चौरासी के मतदाताओं को अभी इंतजार करना होगा। राज्य चुनाव आयोग ने तकनीकी और प्रशासनिक कारणों के चलते इन दोनों स्थानों पर चुनाव फिलहाल स्थगित कर दिए हैं। होशियारपुर में मतदाता सूची का पेंच पंजाब के चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि मतदाता सूची के संशोधन से जुड़े मुद्दों के कारण होशियारपुर में चुनाव तत्काल प्रभाव से नहीं करवाए जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वहां चार से पांच महीने के भीतर चुनाव कराए जाने की संभावना है। शाम चौरासी में वार्ड आरक्षण की अड़चन होशियारपुर के साथ-साथ शाम चौरासी स्थानीय निकाय के चुनाव भी रोक दिए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, शाम चौरासी में वार्डों के आरक्षण संबंधी तकनीकी मुद्दों के चलते यह फैसला लिया गया है। इन तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद ही यहां चुनाव प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। कार्यकाल पूरा होने पर भंग किए गए थे निगम गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने बठिंडा, मोगा, पठानकोट, होशियारपुर, बटाला, मोहाली, अबोहर, बरनाला और कपूरथला नगर निगमों का 5 साल का कार्यकाल पूरा होने पर उन्हें भंग कर दिया था। नगर निगमों का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने चुनाव होने तक वहां प्रशासकों की नियुक्ति की हुई है। अब राज्य के बाकी निकायों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने जा रही है, जबकि होशियारपुर और शाम चौरासी को अभी कुछ और महीनों का इंतजार करना पड़ेगा। एक नजर: बाकी 104 निकायों का चुनाव कार्यक्रम होशियारपुर और शाम चौरासी को छोड़कर, पंजाब के बाकी 104 स्थानीय निकायों (8 नगर निगमों सहित) के लिए चुनाव आयोग ने निम्नलिखित कार्यक्रम तय किया है:  नामांकन की शुरुआत: 13 मई नामांकन की अंतिम तिथि: 16 मई नामांकन पत्रों की जांच: 18 मई नाम वापसी की अंतिम तिथि: 19 मई मतदान की तिथि: 26 मई मतगणना (नतीजे): 29 मई

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: अरोड़ा के मंत्रालय दूसरे मंत्रियों को सौंपे गए, जानें किसे क्या मिला

चंडीगढ़ ED द्वारा संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति और प्रशासन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद राज्य सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने और विभागीय कामकाज में किसी तरह की बाधा न आने देने के लिए तेजी से कदम उठाए। सरकार ने अरोड़ा के पास मौजूद विभागों का पुनर्वितरण करते हुए उन्हें अन्य मंत्रियों को सौंप दिया है। पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के विभागों को सोमवार को अन्य मंत्रियों अमन अरोड़ा, हरजोत सिंह बैंस और तरुणप्रीत सिंह सोंद के बीच बांट दिया। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत विभाग संभाल रहे अमन अरोड़ा को उद्योग एवं वाणिज्य तथा निवेश प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को स्थानीय निकाय विभाग सौंपा गया है। ग्रामीण विकास, पंचायत, पर्यटन और श्रम मंत्री सोंद को विद्युत मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है। ईडी ने नौ मई को पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को उनसे जुड़ी कुछ कंपनियों में कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये के जीएसटी धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया। शनिवार सुबह चंडीगढ़ के सेक्टर दो स्थित उनके आधिकारिक आवास पर छापेमारी के बाद 62 वर्षीय संजीव अरोड़ा को धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया। गुरुग्राम की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने रविवार को अरोड़ा को एक सप्ताह के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया।

वास्तु टिप्स: आटे में तुलसी-केसर रखने से घर में बढ़ती है बरकत

 रसोई घर केवल खाना बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह पूरे घर की ऊर्जा का केंद्र होता है. इस ऊर्जा का सबसे बड़ा आधार है आटा. शास्त्रों में इसे अन्नपूर्णा का आशीर्वाद और कनक (सोना) के समान कीमती माना गया है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आप अपनी रसोई में आटे के रख-रखाव पर थोड़ा ध्यान दें, तो घर की गरीबी दूर हो सकती है और तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं. आटे के डिब्बे में रखें ये चीजें, होगी बरकत वास्तु के अनुसार, आटे के डिब्बे में हमेशा 5 तुलसी के पत्ते और 2 केसर के धागे डालकर रखने चाहिए. तुलसी मां लक्ष्मी का रूप है जो घर में कभी अनाज की कमी नहीं होने देती, और केसर से घर में सुख-सुविधाएं आती हैं. इसके अलावा, शनिवार को आटे में थोड़े काले चने मिलाकर पिसवाना शुभ होता है, इससे शनि और राहु-केतु के बुरे असर खत्म होते हैं. सही बर्तन और सही दिशा का चुनाव आटा रखने के लिए प्लास्टिक के डिब्बे का इस्तेमाल न करें, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा को रोकता है. हमेशा स्टील या तांबे के डिब्बे का उपयोग करें. आटे के भारी डिब्बे को रसोई की दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा में रखना सबसे अच्छा होता है. इससे घर में पैसा टिकता है और फालतू खर्चे कम होते हैं. इससे इनकम के नए स्त्रोत खुलते हैं. आटे का डिब्बा कभी पूरा खाली न करें वास्तु का एक बड़ा नियम है कि आटे का डिब्बा कभी भी पूरी तरह खाली नहीं होना चाहिए. डिब्बा खाली होने से पहले ही उसमें नया आटा भर दें.  खाली डिब्बा घर में पैसों की तंगी और मानसिक परेशानी ला सकता है. गूंधा हुआ आटा फ्रिज में न रखें वास्तु में गूंधे हुए आटे को ज्यादा देर रखना गलत माना गया है, क्योंकि इसे 'पिंड' (मृतकों को अर्पित किया जाने वाला) माना जाता है.  फ्रिज में रखा बासी आटा घर में बीमारियां और झगड़े पैदा करता है. इसलिए हमेशा ताजा आटा गूंधें और ताजी रोटियां ही बनाएं. किस दिन खरीदें या पिसवाएं आटा? समृद्धि के लिए सोमवार या शनिवार को आटा पिसवाना या खरीदना सबसे अच्छा है. सोमवार को पिसवाया आटा मन को शांति देता है और शनिवार का आटा आर्थिक स्थिति मजबूत करता है. रविवार के दिन आटा पिसवाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह शुभ नहीं माना जाता. सफाई और सम्मान का ध्यान रखें आटे के डिब्बे को हमेशा ढक्कन लगाकर रखें, जिस जगह डिब्बा रखा हो, वहां साफ-सफाई और अच्छी रोशनी होनी चाहिए.  यदि आटा जमीन पर गिर जाए, तो उसे तुरंत साफ करें. अन्न का अपमान करना मां अन्नपूर्णा को नाराज करता है, जिससे घर की बरकत चली जाती है.

पंजाब विजिलेंस ऑफिस में CBI रेड: भुल्लर रिश्वत मामले में अधिकारी का रीडर पकड़ा गया

चंडीगढ़ सीबीआई ने निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े रिश्वत मामले में कार्रवाई करते हुए सोमवार देर शाम मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस ब्यूरो कार्यालय पर छापा मारा और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में एक वरिष्ठ अधिकारी के रीडर को हिरासत में लिया। हालांकि, सीबीआई या पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की ओर से किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई, लेकिन अकाली नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक्स पर दावा किया कि केंद्रीय एजेंसी ने '20 लाख रुपये की रिश्वत कांड में एक विजिलेंस अधिकारी से 13 लाख रुपये बरामद किए हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि भगवंत मान को मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। विजिलेंस ब्यूरो या पंजाब पुलिस के किसी भी अधिकारी ने फोन कॉल या संदेशों का जवाब नहीं दिया।गौर हो कि पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी भुल्लर को अक्तूबर 2025 में सीबीआई ने रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था।

प्याज-अदरक शैंपू नहीं रोकते बाल झड़ना, जावेद हबीब ने बताई असली वजह

मार्केट में आजकल हेयर फॉल कंट्रोल करने के नाम पर अदरक, प्याज और नींबू वाले शैंपू की बाढ़ आई हुई है. हम लोग इन विज्ञापनों के झांसे में आकर महंगे प्रोडक्ट्स खरीद लेते हैं क्योंकि वो सोचने लगते हैं कि शैंपू में नेचुरल तत्व मिले हुए हैं जिससे रातों-रात बालों का झड़ना बंद हो सकता है. हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने इस बारे में एक पॉडकास्ट में बताया है कि क्या सच में ऐसे शैंपू काम करते हैं? उनके मुताबिक, अगर आप सही तरीके से बाल धोते हैं तो कोई भी प्रोडक्ट यूज कर सकते हैं. क्या कहते हैं जावेद हबीब? जावेद हबीब के अनुसार, लोग अक्सर यह गलती कर बैठते हैं कि किसी शैंपू में प्याज या अदरक है तो वह जादुई असर करेगा.लेकि बाल गिरना तब रुकता है जब आपका स्कैल्प साफ हो. यदि आप इन महंगे शैंपू की जगह साधारण साबुन का इस्तेमाल भी सही तरह से करें तो भी वैसा ही असर दिखेगा. आप बालों की नियमित सफाई करें भले ही आप महंगा शैंपू इस्तेमाल करें या सस्ता, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. फर्क पड़ता है कि आप अपने बालों को कितना साफ रखते हैं. क्या कहती हैं रिसर्च? इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स और रिसर्च भी जावेद हबीब की बात से काफी हद तक एग्री करती हैं. बालों के झड़ने के पीछे अक्सर स्कैल्प पर जमी गंदगी, तेल और इंफेक्शन होता है. जब आप बाल धोते हैं तो यह लेयर हट जाती है जिससे फॉलिकल्स बेहतर तरीके से सांस ले पाते हैं. Healthline के अनुसार, हालांकि क्लिनिकल स्टडीज में सीधे स्कैल्प पर प्याज का रस लगाने से बालों के दोबारा उगने की संभावना देखी गई है, लेकिन शैंपू जैसे धोए जाने वाले प्रोडक्ट्स में एक डाइल्यूटेड इंग्रीडिएंट के रूप में इसकी प्रभावशीलता पर एकमत नहीं है. अधिकतर शैंपू स्कैल्प पर इतने समय तक नहीं टिकते कि ऐसे तत्व गहराई तक जा सकें. Medical News Today के अनुसार, रिसर्चर्स का सुझाव है कि शैंपू का प्राइमरी फंक्शन स्कैल्प को साफ करना है. बालों का झड़ना अक्सर जेनेटिक्स, हार्मोन या मेडिकल कंडीशंस से जुड़ा होता है. सरफेस-लेवल के सफाई वाले प्रोडक्ट्स केवल तभी मदद कर सकते हैं जब समस्या स्कैल्प की हाइजीन या डैंड्रफ से जुड़ी हो. सफाई है असली चाबी अंत में, जावेद हबीब का मैसेज साफ है कि स्कैल्प की हेल्थ ही हेयर हेल्थ है. किसी भी चमत्कारिक इंग्रीडिएंट के पीछे भागने के बजाय, अपने बालों को रेगुलर धोने और उन्हें साफ रखने पर ध्यान दें. यदि आपका स्कैल्प साफ है तो बालों की जड़ें मजबूत रहेंगी. किसी भी शैंपू को चुनने से पहले यह देखें कि वह आपके बालों से धूल-मिट्टी और एक्स्ट्रा तेल को कितनी अच्छी तरह निकाल पा रहा है, न कि उसमें कौन सा मसाला डाला गया है.

सपने में सांप दिखने के संकेत, स्वप्न शास्त्र क्या कहता है

स्वप्न शास्त्र में सपनों को भविष्य के संकेत और मन की स्थिति से जोड़कर देखा जाता है. खासकर सपने में सांप दिखना एक बहुत ही महत्वपूर्ण संकेत माना गया है. सांप को कहीं शुभ तो कहीं चेतावनी का प्रतीक भी माना जाता है. जो इस बात पर निर्भर करता है कि वह सपने में किस रूप में दिखाई दिया है. स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सांप शक्ति, ऊर्जा, छिपे हुए डर और परिवर्तन का प्रतीक है. कई बार यह संकेत देता है कि आपके जीवन में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है या कोई पुरानी स्थिति बदल सकती है. तो आइए पंडित प्रीतिका मजूमदार जी से जानते हैं कि सपने में सांप दिखने का महत्व. मंदिर में सांप दिखना अगर सपने या वास्तविक जीवन में मंदिर में सांप दिखाई दे, तो इसे बहुत शुभ माना जाता है. यह संकेत है कि आपकी मनोकामनाएं जल्द पूरी हो सकती हैं और भगवान शिव की कृपा आप पर बनी हुई है. सांप का पेड़ पर चढ़ना अगर सपने में सांप पेड़ पर चढ़ता हुआ दिखे, तो यह शुभ संकेत माना जाता है. इसका मतलब है कि जीवन में कोई अच्छी खबर मिल सकती है, नौकरी या बिजनेस में तरक्की हो सकती है और अचानक लाभ के योग बन सकते हैं. सांप से धन प्राप्ति का संकेत अगर कोई निर्धन व्यक्ति सपने में सांप को पेड़ से नीचे उतरते हुए देखे, तो इसे धन लाभ का संकेत माना जाता है. वहीं, धनवान व्यक्ति के लिए यह संकेत आर्थिक नुकसान की ओर इशारा कर सकता है. शिवलिंग पर सांप देखना अगर सपने में सांप शिवलिंग पर लिपटा हुआ दिखाई दे, तो यह बहुत ही शुभ संकेत है. यह भगवान शिव के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है और रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बनती है. रास्ता काटता हुआ सांप अगर कोई सांप दाईं ओर से रास्ता काट दे, तो यह शुभ माना जाता है और कार्य सफल होने के संकेत देता है. लेकिन अगर बाईं ओर से रास्ता काटे, तो इसे बाधा या असफलता का संकेत माना जाता है. मरा हुआ सांप देखना सपने में मरा हुआ सांप देखना सामान्यतः अच्छा संकेत नहीं माना जाता. यह आने वाले समय में किसी परेशानी या चुनौती का संकेत हो सकता है. सांप का काटना या पीछा करना अगर सांप आपको काटता है या पीछा करता है, तो यह तनाव, डर या स्वास्थ्य संबंधी समस्या का संकेत माना जाता है. यह भी दर्शाता है कि आप किसी बात को लेकर मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं. सांप और नेवले की लड़ाई अगर सपने में सांप और नेवले की लड़ाई दिखाई दे, तो यह कानूनी विवाद या संघर्ष का संकेत माना जाता है. सांप का छिपना या गायब होना सपने में अगर सांप आपको देखकर छिप जाए, तो यह सुरक्षा या किसी बड़ी परेशानी से बचाव का संकेत माना जाता है. बिल में जाता सांप अगर सांप बिल में जाता हुआ दिखे, तो इसे धन लाभ का संकेत माना जाता है. लेकिन अगर बिल से बाहर निकलता दिखे, तो यह धन हानि का संकेत हो सकता है. बार-बार सांप दिखना अगर आपको बार-बार सपने में सांप दिखता है, तो इसे मानसिक तनाव या किसी चिंता का संकेत माना जाता है. सांप के सपने के प्रभाव को कम करने के उपाय ऐसे सपनों से नकारात्मक प्रभाव कम करने के लिए लोग सोमवार को शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें. साथ ही 'ऊं नमः शिवाय' का जाप करें और शिव भक्ति जरूर करें.

100 करोड़ के GST फर्जीवाड़ा मामले में ईडी रिमांड पर संजीव अरोड़ा, गुरुग्राम कोर्ट में सुनवाई

 गुरुग्राम   पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने ईडी रिमांड पर भेजे जाने के बाद गुरुग्राम की विशेष अदालत में एक अर्जी दाखिल की है। इसमें अदालत से अनुमति मांगी गई कि ईडी अधिकारी उन्हें अपनी पसंद का वकील चुनने दें, जिसके लिए वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने दें, ताकि वह आधिकारिक तौर पर उनका केस लड़ सकें। मामले की सुनवाई पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश एवं जिला जज नरेंद्र सूरा की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से मौजूद विशेष लोक अभियोजक साइमन बेंजामिन ने इस मांग पर कोई आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने अदालत को बताया कि विभाग को इस बात से कोई एतराज नहीं है कि संजीव अरोड़ा अपनी पसंद के वकील को नियुक्त करें। इसके बाद अदालत ने अर्जी स्वीकार करते हुए जांच अधिकारी को तुरंत आदेश का पालन करने के निर्देश दिए। ED ने 100 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग में किया है गिरफ्तार अदालत ने आदेश में कहा कि जांच अधिकारी मंत्री संजीव अरोड़ा को वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने की अनुमति दें। दस्तावेज को विधिवत सत्यापित करें और उसके बाद संबंधित दस्तावेज उनके वकील या परिवार के सदस्य को सौंपें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश का तत्काल प्रभाव से पालन किया जाए। (ईडी) ने करीब 100 करोड़ रुपये के मनी लाॅन्ड्रिंग और फर्जी जीएसटी बिलिंग मामले में पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार देर रात गुरुग्राम पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश व जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत में पेश किया। रिमांड खत्म होने पर 16 मई को अदालत में पेश किया जाएगा रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद आरोपित को 16 मई को अदालत में पेश किया जाएगा। मामला फर्जी कंपनियों के जरिए मोबाइल फोन खरीद-बिक्री के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जी जीएसटी बिल तैयार करने और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। जांच एजेंसी का दावा है कि संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों ने दिल्ली की कथित फर्जी फर्मों के माध्यम से 100 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन किए। इसी सिलसिले में दिल्ली, चंडीगढ़ और गुरुग्राम समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। ईडी ने गुरुग्राम स्थित कुछ कार्यालयों और कारोबारी साझेदारों के परिसरों पर भी कार्रवाई की है। रिमांड अवधि के दौरान ही यह आवेदन दायर किया गया। अदालत ने आदेश की प्रति दोनों पक्षों को तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 मई को निर्धारित है संजीव अरोड़ा को रोजाना एक घंटे वकील से मिलने की अनुमति पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की ईडी रिमांड के दौरान विशेष अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। अदालत ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया है कि हिरासत अवधि के दौरान आरोपित को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 11 बजे तक एक घंटे के लिए अपने वकील से मिलने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही अदालत ने ईडी को मेडिकल अधिकारी द्वारा सलाह दी गई सभी सुविधाएं, दवाइयां और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। विशेष न्यायाधीश नरेंद्र सूरा ने आदेश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 16 मई तय की है।

देशभर के छात्रों को बड़ा झटका: NEET UG एग्जाम रद्द, CBI करेगी पेपर लीक की जांच

 नई दिल्ली एनटीए ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 रद्द कर दी है। पेपर लीक होने के शक के चलते एनटीए ने यह फैसला लिया। नई तिथि का ऐलान बाद में किया जाएगा। पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई करेगी। देश भर में नीट परीक्षा का आयोजन 3 मई 2026 को किया गया था। नेशनल एनटीए ने नोटिस में कहा, 'राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने भारत सरकार की मंजूरी से, 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है। इस परीक्षा की नई तारीखों की सूचना अलग से दी जाएगी।' आपको बता दें कि नीट यूजी परीक्षा से ही देश के मेडिकल, डेंटल व आयुष कॉेलजों में चलाए जा रहे एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस जैसे विभिन्न कोर्सेज में दाखिला मिलता है। एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने का ख्वाब देख रहे 22.05 लाख विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी थी। 3 मई को नीट यूजी परीक्षा होने के चार दिन बाद 7 मई को एनटीए को इसके पेपर लीक से जुड़े कुछ इनपुट मिले थे। 8 मई को इनके सत्यापन व कार्रवाई के लिए इन्हें केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया था। पेपर लीक की जांच करेगी सीबीआई नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बताया कि उन्हें जांच एजेंसियों से जो इनपुट मिले, उनके आधार पर पता चला कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी नहीं रखा जा सकता। परीक्षा की नई तारीखें, एडमिट कार्ड का शेड्यूल आदि जल्द ही एजेंसी के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से बता दिया जाएगा। एनटीए ने बताया कि सरकार ने अब इस संभावित पेपर लीक की जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी। करीब 23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा NEET (UG) 2026 परीक्षा में इस बार देशभर से करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच चिंता और असमंजस का माहौल बना हुआ है। गेस पेपर से मैच हुए थे नीट पेपर के 120 प्रश्न आपको बता दें कि राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के खुलासे के बाद नीट यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक का शक और गहरा गया था। राजस्थान पुलिस एसओजी ने सोमवार को बताया था कि नीट यूजी परीक्षा से 15 से 1 महीने पहले से एक गैस पेपर नीट अभ्यर्थियों के बीच सर्कुलेट हो रहा था। इस गेस पेपर में करीब 410 सवाल हैं जिसमें से 120 सवाल नीट एग्जाम के केमिस्ट्री सेक्शन में हूबहू आए हैं। पूरे मैच होते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि 720 में से 600 अंक के प्रश्न गेस पेपर से आए थे जो पहले ही स्टूडेंट्स के पास पहुंच चुका था। केरल से आउट, राजस्थान के सीकर तक पहुंचा नीट यूजी पेपर लीक मामले में कहा जा रहा है कि जो गेस पेपर नीट अभ्यर्थियों के बीच पहुंच रहा था, वह केरल से आउट हुआ था और राजस्थान तक पहुंचा था। राजस्थान के सीकर में कंसलटेंसी चलाने वाले झुंझुनूं के एक शख्स के पास परीक्षा से करीब 1 महीना पहला गैस पेपर आया था। कई संदिग्धों को पकड़ा एसओजी ने ने पिछले चार दिन में देहरादून, सीकर व झुंझुनूं से 20 से ज्यादा संदिग्धों को पकड़ा है। एजेंसी से जुड़े विश्वस्त सूत्रों ने इसकी पुष्टि भी की है। जिन्हें पकड़ा है, उनमें से ज्यादातर करियर काउंसलर हैं। देहरादून से पकड़े गए संदिग्धों में एक सीकर का राकेश मंडावरिया है। उसका पीपराली रोड पर एक नामी कोचिंग संस्थान के सामने कंसल्टेंसी का ऑफिस है। राकेश की निशानदेही पर देहरादून से शनिवार देर शाम 4 और लोगों को पकड़ा है।