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धनबाद और जमशेदपुर मेडिकल कॉलेजों को बड़ा तोहफा, सीट बढ़ाने की योजना को मिली स्वीकृति

रांची  राज्य के दो मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस के साथ-साथ पीजी की सीटें बढ़ेंगी। इनमें एसएनएमएमसीएच (शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज), धनबाद एवं एमजीएम, जमशेदपुर सम्मिलित हैं। इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 889.50 करोड़ की योजना की मंजूरी प्रदान की है। इनमें 526.50 करोड़ रुपये केंद्र से मिलेंगे, जबकि शेष राशि का वहन राज्य सरकार को करना होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का इस आशय का पत्र राज्य सरकार को मिल गया है। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एमओयू का प्रारुप भेज दिया है, जिसपर राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग को हस्ताक्षर करना है। केंद्र से स्वीकृत योजना के तहत एसएनएमएमसीएच, धनबाद की सीटें 100 से बढ़ाकर 250 की जाएंगी, जिसपर 225 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह, एमजीएम, जमशेदपुर की सीटें 150 से बढ़ाकर 250 की जाएंगी, जिसपर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह, एसएनएमएमसीएच, धनबाद में पीजी की वर्तमान सीटें 19 हैं। यहां विभिन्न विभागों में 186 सीटें बढ़ाई जानी हैं। एमजीएम, जमशेदपुर में पीजी की वर्तमान सीटें 49 हैं। यहां 149 सीटें बढ़ाई जानी हैं। दोनों कालेजों में पीजी की सीटें बढ़ाने के लिए क्रमश: 279 करोड़ रुपये तथा 235.5 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत हुई है। इनमें क्रमश: 167.40 करोड़ तथा 134.10 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी। इधर, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा है कि यह निर्णय न केवल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि आनेवाले वर्षों में चिकित्सकों की कमी भी दूर होगी। झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस व पीजी की सीटें काफी कम थीं सीटों में वृद्धि का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और पिछड़े इलाकों को मिलेगा, क्योंकि वहां चिकित्सक उपलब्ध हो सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने अजय कुमार सिंह ने केंद्र की मंजूरी को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि अन्य मेडिकल कलेजों में भी जल्द सीटें बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। भविष्य में सुपर स्पेशियलिटी सीटों में भी वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर जहां झारखंड के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा में अधिक अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राज्य में चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ेगी। अब इस प्रस्ताव को आगे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

शनि जयंती 2026: तुला, मकर और कुंभ राशि वालों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा

 शनि जयंती हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है, जो न्याय के देवता और कर्मों के फल देने वाले भगवान शनि को समर्पित होता है. शनि जयंती वह दिन है जब भगवान शनि का जन्म हुआ था. यह हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या को मनाई जाती है. शनि जयंती आज (16 मई) को मनाई जा रही है. इस दिन शनिदेव की पूजा-उपासना करने से शनि दोष कम होता है, साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव घटता है, जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कर्मों के बुरे फल से राहत मिलती है. ज्योतिषियों की मानें तो, शनिदेव की कुछ प्रिय राशियां जिनपर उनकी कृपादृष्टि बनी रहती है. आइए जानते हैं कि शनिदेव की प्रिय राशियों के बारे में, जिनका शनि जयंती से गोल्डन टाइम शुरू होगा. तुला राशि: शनि का मजबूत प्रभाव तुला राशि में शनि को बहुत शक्तिशाली माना जाता है. यहां शनि अपने उच्च स्थान पर होता है, इसलिए इसका असर गहरा होता है. इस राशि के लोग सोच-समझकर फैसले लेते हैं और न्याय की भावना रखते हैं. सफलता इन्हें थोड़ा देर से मिलती है, लेकिन स्थायी होती है. ये लोग कानून, प्रशासन, मैनेजमेंट और व्यापार जैसे क्षेत्रों में अच्छा नाम कमा सकते हैं. शनि इन्हें सही रास्ता दिखाने में मदद करता है और जीवन में संतुलन बनाए रखता है. मकर राशि: मेहनत से बनता भविष्य मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि होते हैं, इसलिए इस राशि पर इसका विशेष प्रभाव रहता है. शुरुआती जीवन में संघर्ष और मेहनत ज्यादा देखने को मिलती है, खासकर 30 साल की उम्र तक. लेकिन इसके बाद जीवन में सुधार आने लगता है. मेहनत का फल धीरे-धीरे मिलने लगता है और करियर में स्थिरता आती है. ऐसे लोग लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हैं और सोच-समझकर कदम बढ़ाते हैं. धीरे-धीरे ये धन, सम्मान और सफलता हासिल करते हैं. कुंभ राशि: शनि की मूल शक्ति का असर कुंभ राशि को शनि की मूल त्रिकोण राशि माना जाता है, जहां इसका प्रभाव संतुलित और स्थिर रहता है. इस राशि के लोग नई सोच रखने वाले और दूरदर्शी होते हैं. ये तकनीक, रिसर्च, सामाजिक कार्य और बड़े संगठनों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं. मुश्किल परिस्थितियों में भी ये हिम्मत नहीं हारते. समय के साथ इनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती जाती है और जीवन में स्थिरता आती है. 30 की उम्र के बाद जीवन में बदलाव ज्योतिष के अनुसार शनि का असली प्रभाव 30 साल की उम्र के आसपास साफ दिखने लगता है. इन तीनों राशियों के जातकों के जीवन में इस समय के बाद स्थिरता बढ़ती है. करियर सही दिशा में आगे बढ़ता है और कमाई भी मजबूत होने लगती है. अनुभव का फायदा मिलता है और फैसले ज्यादा बेहतर होते हैं. माना जाता है कि शनि की कृपा पाने के लिए ईमानदारी, अनुशासन और लगातार मेहनत सबसे जरूरी उपाय हैं.

नायब सरकार सख्त: घोटाले के आरोपों के बीच पार्श्वनाथ डेवलपर्स को नहीं मिलेंगे लाइसेंस

चंडीगढ़. प्लॉट-फ्लैट के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला करने के आरोपित पार्श्वनाथ डेवलपर्स को अब हरियाणा में लाइसेंस नहीं मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड के साथ ही सात निदेशकों को भी प्रतिबंधित कर दिया है। कंपनी पर पिछले 20 वषों में सोनीपत में आठ सेक्टरों, रोहतक में तीन और पानीपत में दो सेक्टरों में विभिन्न परियोजनाओं के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इसी तरह दिल्ली में भी विभिन्न आरोपों को लेकर बाराखंभा रोड पर स्थित थाने में एफआईआर दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई अदालत में चल रही है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक अमित खत्री ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड और निदेशकों को विभिन्न अनियमितताओं के प्लॉट व फ्लैट के नाम पर हजारों करोड़ के घोटाले के आरोपित, दिल्ली में भी दर्ज हैं एफआईआर आरोपों के चलते हरियाणा में भविष्य में कोई भी लाइसेंस नहीं देने के आदेश जारी कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स को वर्ष 2006 में सोनीपत में आवासीय परियोजनाएं विकसित करने के लिए चार, 2007 में पानीपत और वर्ष 2010 में रोहतक में एक-एक लाइसेंस दिए थे। इन परियोजनाओं का लाइसेंस हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम 1975 और उसके नियम 1976 के प्रविधानों के तहत धोखाधड़ी के चलते निष्क्रिय किया जा चुका है। भूखंडों और फ्लैटों की बिक्री के दौरान धोखाधड़ी, जालसाजी और किए गए वादों का पालन न करने के संबंध में सरकार के पास आमजन से कई शिकायतें पहुंची हैं। हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हरेरा) भी लाइसेंसधारी कंपनी के खिलाफ कई आदेश पारित कर चुका है। दिवालियापन के कगार पर पहुंची कंपनी गंभीर वित्तीय और कानूनी समस्याओं का सामना कर रही पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड दिवालियापन के कगार पर पहुंच चुकी है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) 452 करोड़ से अधिक के डिफाल्ट के बाद कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट दिवालिया पन समाधान प्रक्रिया शुरू करने की याचिका स्वीकार कर चुका है। एनसी एलटी ने कंपनी के मामलों का प्रबंधन करने के लिए एक अंतरिम समाधान पेशेवर भी नियुक्त किया है। इससे पहले नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने सोनीपत के कुंडली में 84.155 एकड़ क्षेत्र में आवासीय कालोनी विकसित करने के लिए कंपनी को दिया गया लाइसेंस रद कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट भी विभिन्न मामलों में कंपनी को दोषी ठहराते हुए प्रतिकूल आदेश जारी कर चुके हैं। ईडीसी-एसआइडीसी के 331 करोड़ नहीं कराए जमा पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड पर 19 सितंबर 2024 तक बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) और एसआइडीसी का 333.31 करोड़ रुपये बकाया था, जिसे जमा नहीं कराया। गंभीर आरोपों में जांच का सामना कर रही कंपनी ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन तक नहीं किया। इन निदेशकों पर लगा प्रतिबंध दीपा गुप्ता, रक्षिता शर्मा, राजीव जैन, प्रदीप कुमार जैन, संजीव कुमार जैन, सुभाष चंद्र सेतिया व अशोक कुमार

उम्मीदवारों के लिए नए निर्देश जारी, पंजाब में चुनाव प्रचार पर चुनाव आयोग की कड़ी नजर

बरनाला  राज्य चुनाव आयोग पंजाब के दिशा-निर्देशों के तहत नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव 26 मई को करवाए जाएंगे। चुनावों की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू कर दी गई है। जिला चुनाव अधिकारी हरप्रीत सिंह ने सभी उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को चुनाव आचार संहिता का पूरी तरह पालन करने के आदेश दिए हैं।  जिला चुनाव अधिकारी ने कहा कि किसी भी उम्मीदवार को धर्म, जाति या समुदाय के नाम पर वोट मांगने की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक स्थलों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए करने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी उम्मीदवार के निजी जीवन से जुड़े अप्रमाणित आरोप लगाने या भड़काऊ बयान देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। सरकारी इमारतों में नहीं होगा प्रचार प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार कोई भी उम्मीदवार या समर्थक बिना अनुमति सरकारी इमारतों या सरकारी संपत्ति पर पोस्टर, बैनर या होर्डिंग नहीं लगाएगा। निजी संपत्ति पर प्रचार सामग्री लगाने के लिए संपत्ति मालिक की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसकी प्रति संबंधित निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करवानी होगी। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार सामग्री जैसे पोस्टर और पंपलेट पर छापने वाले और प्रकाशित करने वाले व्यक्ति का नाम और पता लिखना जरूरी होगा। इसके अलावा जनसभाओं, रैलियों और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। स्पीकरों के प्रयोग को किया सीमित जिला चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अनुमति मिलने के बाद भी स्पीकरों का उपयोग केवल सुबह सात बजे से रात दस बजे तक ही किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त मतदाताओं को किसी प्रकार का लालच, उपहार या शराब बांटने पर पूरी तरह रोक रहेगी। निर्देशों के अनुसार मतदान केंद्र के 100 मीटर दायरे में किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा। किसी भी उम्मीदवार या उसके समर्थकों को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया है, जिससे विभिन्न धर्मों, जातियों या समुदायों के बीच तनाव या नफरत फैलने की आशंका हो। विरोधियों के घरों के बाहर नहीं लगा पाएंगे धरने प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि विरोधी उम्मीदवारों के घरों के सामने प्रदर्शन या धरना देने की अनुमति नहीं होगी। किसी अन्य उम्मीदवार की चुनावी सभा में बाधा डालना भी चुनाव कानून के तहत अपराध माना जाएगा। जिला चुनाव अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से अपील की कि वे चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव करवाने में प्रशासन का सहयोग करें।

शादी का झांसा, करोड़ों की ठगी: NRI विधवा बन महिला ने पंजाब के युवाओं को बनाया शिकार

जालंधर. पंजाब के युवाओं में विदेश जाने और वहां बिजनेस स्थापित करने का बढ़ता क्रेज अब साइबर ठगों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन चुका है। पहले फर्जी ट्रैवल एजेंट नौकरी और वीजा दिलाने के नाम पर ठगी करते थे, लेकिन अब इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय एनआरआई विधवा बनकर नए और बेहद शातिर तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं। यह गैंग खुद को कनाडा, आस्ट्रेलिया या दुबई में रहने वाली अमीर विधवा कारोबारी बताकर युवाओं से दोस्ती करती है और फिर उन्हें विदेश में बिजनेस पार्टनर बनाने, होटल मैनेजमेंट संभालने, प्रापर्टी में हिस्सेदारी देने या शादी के बाद विदेश में बसाने के सपने दिखाती है। ठग महिलाएं सोशल मीडिया प्रोफाइल पर महंगी गाड़ियों, आलीशान बंगले, विदेशी आफिस और करोड़ों के कारोबार की तस्वीरें डालकर खुद को सफल बिजनेस वुमन साबित करती हैं। इसके बाद लंबे समय तक बातचीत कर युवकों का भरोसा जीतती हैं और फिर अलग-अलग बहानों से पैसे मांगना शुरू कर देती हैं। जालंधर में तीन युवा हुए ठगी के शिकार जालंधर में ऐसे तीन मामलों में युवकों से करीब 92 लाख रुपए की ठगी सामने आई है- केस स्टडी 1 बस्ती नौ के रहने वाले साहिल को एक महिला ने सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया। महिला ने खुद को कनाडा में रहने वाली एनआरआई बिजनेस वुमन बताया और मनप्रीत को बड़ी कंपनी में नौकरी करने का झांसा दिया। करीब डेढ़ महीने तक लगातार बातचीत कर उसे भरोसे में लिया गया। ठगों ने नकली कनाडाई लोकेशन, फर्जी कंपनी दस्तावेज और इन्वेस्टमेंट एग्रीमेंट भेजकर युवक को यकीन दिलाया कि वह विदेश में बड़ा कारोबारी बनने जा रहा है। बाद में रिफंडेबल सिक्योरिटी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उससे 24 लाख रुपए ऐंठ लिए। रकम जुटाने के लिए मनप्रीत को अपनी पुश्तैनी जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी। केस स्टडी 2 दूसरे मामले में लकड़ी का काम को विदेश में सेटल होने का वादा किया गया। महिला ने खुद को वहां की पक्की नागरिक बताया और उसे बिजनेस पार्टनर बनने का प्रस्ताव दिया। भरोसा बढ़ाने के लिए एक व्यक्ति को फर्जी वीजा अधिकारी बनाकर वीडियो काल पर इंटरव्यू भी करवाया गया। इसके बाद अलग-अलग फीस और दस्तावेजों के नाम पर अमनदीप से 31 लाख रुपए ले लिए गए। बाद में जब उसने एग्रीमेंट और वेबसाइट की जांच करवाई तो उसमें अंग्रेजी की गलतियां मिलीं और वेबसाइट भी केवल तीन महीने पुरानी निकली। तब तक वह अपनी पूरी जमा पूंजी गंवा चुका था। केस स्टडी 3 जालंधर की रहने वाले राजेश को दुबई की महिला ने अपने जाल में फंसाया। महिला ने उसे दुबई में लग्जरी आफिस दिलवाले का झांसा दिया। धीरे-धीरे ट्रेड लाइसेंस, प्रोसेसिंग फीस और टिकट के नाम पर उससे 37 लाख रुपए ले लिए गए। यह रकम जुटाने के लिए गुरकीरत ने परिवार की बचत खर्च कर दी और मां के गहने तक बेच दिए। आखिर में टिकट भेजने का झांसा देकर महिला ने अपना सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिया और युवक को ब्लाक कर दिया। क्या कहते हैं साइबर विशेषज्ञ साइबर विशेषज्ञ पलविंदर सिंह का कहना है कि इंटरनेट मीडिया पर दिखाई जाने वाली लग्जरी लाइफस्टाइल और विदेशी बिजनेस आफर पर आंख बंद करके भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। किसी भी विदेशी नौकरी, बिजनेस या निवेश प्रस्ताव की पुष्टि सरकारी पोर्टल और अधिकृत एजेंसियों से जरूर करनी चाहिए।

रिश्वतकांड की FIR से घिरे एसएस चौहान, क्या पंजाब DGP बनने की राह हुई मुश्किल?

चंडीगढ़ स्थायी डीजीपी पद के दावेदार आईपीएस अधिकारी एसएस चौहान का नाम सीबीआई की भ्रष्टाचार एफआईआर में आया है, जिसके बाद पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।हालांकि, एफआईआर में चौहान का आरोपित नहीं बनाया गया है, लेकिन आरोपित रीडर ओपी राणा उनके नाम पर रिश्वत मांग रहे थे यह साफ साफ लिखा है। सीबीआई की ओर से एसएस चौहान को आने वाले दिनों में पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। राज्य सरकार की ओर से हाल ही में यूपीएसई को डीजीपी पद के लिए भेजे गए पैनल में चौहान सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे थे। मामले का राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि पंजाब विजिलेंस प्रमुख एसएस चौहान का नाम एफआईआर में शिकायत और सत्यापन रिपोर्ट में दर्ज है, जबकि उन्हें आरोपित नहीं बनाया गया. उधर रिश्वतकांड में फरार आरोपित इंस्पेक्टर ओपी राणा पर सीबीआई का शिकंजा कसता जा रहा है। आरोपित के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए रेड कार्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राणा की तलाश में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।एफआईआर के अनुसार, यह मामला एक लंबित शिकायत को बंद कराने के नाम पर 13 लाख रुपये की रिश्वत मांगने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता फाजिल्का जिले के अबोहर निवासी ईटीओ अमित कुमार ने आठ मई को आरोप लगाया था कि कुछ निजी बिचौलिए पंजाब विजिलेंस अधिकारियों के नाम पर पैसे मांग रहे हैं। आरोप था कि यह रकम विजिलेंस प्रमुख एसएस चौहान के नाम पर और उनके रीडर ओपी राणा के जरिए मांगी जा रही थी। प्रारंभिक जांच के बाद सीबीआई ने 11 मई को चंडीगढ़ के एक होटल में जाल बिछाया। ट्रैप के दौरान अंकित वधावा नामक व्यक्ति को 13 लाख रुपये और एक मोबाइल फोन लेते हुए गिरफ्तार किया गया। सीबीआई के मुताबिक, यह रकम रीडर ओपी राणा और अन्य लोगों तक पहुंचाई जानी थी। कार्रवाई के दौरान राणा मौके से फरार हो गया। एफआईआर में ओपी राणा के अलावा निजी ठेकेदार राघव गोयल, उसके पिता विकास गोयल उर्फ विक्की गोयल तथा कुछ अज्ञात सरकारी व निजी व्यक्तियों को आरोपित बनाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, ट्रैप के बाद राघव गोयल, विकास गोयल और दो गनमैन को अंबाला के पास पंजाब-हरियाणा सीमा से पकड़ लिया गया, लेकिन राणा अब तक गिरफ्त से बाहर है।

कार से आरक्षक को रौंदने का प्रयास नाकाम: चेकिंग के बीच दो आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग. वाहन चेकिंग के दौरान आरक्षक को वाहन से कुचलने का प्रयास करने वाले नागपुर निवासी दो आरोपियों को कुम्हारी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा कुम्हारी टोल प्लाजा के पास वाहन चेकिंग के दौरान तेज रफ्तार कार चालक द्वारा आरक्षक को कुचलने का प्रयास किया गया। वाहन में ब्लैक फिल्म लगी होने एवं रोकने के संकेत के बावजूद आरोपी तेज गति से वाहन चलाते हुए भागने का प्रयास किए थे। पुलिस टीम ने पीछा कर सिरसा गेट के पास वाहन सहित दो आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा, हत्या का प्रयास एवं मोटर व्हीकल के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि यातायात पुलिस द्वारा कुम्हारी टोल प्लाजा के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। वाहन चेकिंग ड्यूटी में सहायक उप निरीक्षक सुशील पांडे के साथ आरक्षक रमेश चंद्राकर की ड्यूटी रायपुर से दुर्ग मार्ग पर लगाई गई थी। चेकिंग के दौरान दोपहर लगभग 12,30 बजे वाहन एम एच 02 ए वाय 3475 तेज गति से रायपुर की ओर से दुर्ग की ओर आती हुई दिखाई दी जिसमें ब्लैक फिल्म लगी हुई थी। आरक्षक रमेश चंद्राकर द्वारा वाहन रोकने का संकेत देने पर चालक द्वारा वाहन को और तेज गति से चलाते हुए आरक्षक के ऊपर चढ़ाने का प्रयास किया गया। स्वयं को बचाने के दौरान आरक्षक के दाहिने हाथ की उंगली में चोट आई तथा वह वाहन के सामने गिर गया। आरोपियों द्वारा वाहन सिर के ऊपर भी चढ़ाने का प्रयास किया गया किंतु आरक्षक द्वारा सतर्कता से पीछे हटकर स्वयं को सुरक्षित किया। घटना के बाद वाहन चेकिंग में लगे अन्य स्टाफ द्वारा यातायात पुलिस वाहन से उक्त कार का पीछा कर सिरसा गेट के पास वाहन को रोका। इस वाहन में दो युवक एवं दो युवतियां संदिग्ध अवस्था में मिले। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम रमजान एवं जाकिर मोहम्मद निवासी नागपुर बताया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 109 (1), 221, 3 (5) बीएनएस एवं धारा 184, 100 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

पेट्रोल-डीजल पर नई चेतावनी: अभी बढ़े सिर्फ 3 रुपये, आगे लग सकता है बड़ा झटका

 नई दिल्‍ली शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई, लेकिन ये सिलसिला अब आगे भी जारी रह सकता है. पेट्रोल और डीजल के दाम को लेकर एक्‍सपर्ट्स बड़ी चेतावनी दे दी है. अगर कच्‍चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहत हैं तो अगले 3 से 4 महीनों में ईंधन की कीमतें बढ़ती रह सकती हैं।  यह वॉर्निंग ऐसे समय में आई है, जब वेस्‍ट एशिया में बढ़ते तनाव और ग्‍लोबल तेल आपूर्ति में रुकावट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल प्राइस 110 डॉलर प्रति बैर के करीब पहुंच गईं।  भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 4 साल में पहली बार 15 मई को बढ़ोतरी की गई, क्‍योंकि कच्‍चे तेल की बढ़ती लागत के कारण सरकार तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूटर कंपनियों (OMC) पर दबाव बढ़ा जा रहा था. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर कच्‍चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो हालिया बढ़़ोतरी से तेल और अन्‍य कारोबारी कंपनियों को हो रहे नुकसान की आंशिक तौर से भरपाई हो पाएगी।  क्‍यों 3 से 4 महीने तक बढ़ोतरी रह सकती है जारी?  मास्टर पोर्टफोलियो सर्विसेज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्‍टर गुरमीत सिंह चावला ने इंडिया टुडे डॉट इन को बताया कि ईंधन की कीमतों में संशोधन कुछ हद तक अपेक्षित था क्योंकि तेल डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कंपनियां हाई एनर्जी प्राइस को वहन करते हुए अपनी सीमाओं को बढ़ा रही हैं।  उन्होंने आगे कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत पहले ही 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुकी है, ऐसे में अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक 90-100 डॉलर प्रति बैरल के दायरे से ऊपर बनी रहती है, तो अगले तीन से चार महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और भी बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।  फ्यूल प्राइस में कितनी हो सकती है बढ़ोतरी?  चॉइस के ऊर्जा विश्लेषक धवल पोपट ने भी कहा कि मौजूदा बढ़ोतरी से सरकारी तेल कंपनियों को केवल आंशिक राहत ही मिलती है. इंडिया टुडे को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीर तक की मौजूदा बढ़ोतरी से सरकारी स्‍वामित्‍व वाली तेल और डीजल कंपनियों पर पड़ रहे मुनाफे के दबाव से कुछ हद तक राहत मिली है, लेकिन मौजूदा घाटे की भरपाई की मात्रा काफी ज्‍यादा बनी हुई है।  पोपट के अनुसार, ईंधन की कीमतों में प्रति लीटर 1 रुपये की बढ़ोतरी से तीनों सरकारी तेल विपणन कंपनियों के कुल सालाना EBITDA में लगभग 15,000-16,000 करोड़ रुपये का सुधार हो सकता है. उन्‍होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि हालिया बढ़ोतरी से सरकारी तेल कंपनियों को सालाना करीब 45,000-48,000 करोड़ रुपये की कमाई का लाभ मिल सकता है. हालांकि, पोपट ने चेतावनी दी कि अगर ग्‍लोबल स्‍तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं तो और ज्‍यादा प्राइस बढ़ोतरी की आवश्यकता हो सकती है।  नुकसान की भरपाई के लिए कितने रुपये की बढ़ोतरी संभव  उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में, अगर ग्‍लोबल नजरिए में कोई बदलाव नहीं होता है और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहती हैं, तो नुकसान की भरपाई के लिए कुल मिलाकर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जरूरत होगी. भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है, जिससे घरेलू ईंधन की कीमतें वैश्विक कच्चे तेल की गतिविधियों और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो जाती हैं।  तेल कंपनियों के मुनाफे पर दबाव  पश्चिम एशिया में जारी तनाव, खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंताओं ने आपूर्ति में रुकावट की आशंकाओं को तेजी से बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि कच्‍चे तेल की कीमतों में लगातार मजबूती से तेल कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बना रह सकता है, जबतक की रिटेल फ्यूल की कीमतों में और बदलाव नहीं किया जाता है।  इकोनॉमिस्‍ट ने भी चेतावनी दी है कि ईंधन की कीमतों में बार-बार होने वाली बढ़ोतरी धीरे-धीरे महंगाई और घरेलू बजट पर असर डाल सकती है, क्योंकि इससे सभी क्षेत्रों में परिवहन और रसद की लागत बढ़ जाएगी. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ईंधन की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी को सीमित करने में सरकारी हस्तक्षेप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। 

जिंदगी की लड़ाई जीत गया मासूम! 9 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया बच्चा

होशियारपुर पंजाब के होशियारपुर-दसूहा सड़क पर स्थित स्थानीय गांव चक समाना में एक चार साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया था. जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया था. सूचना लगते ही NDRF, SDRF, पंजाब पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए. जिसके बाद स्थानीय निवासियों की संयुक्त से चलाए गए अभियान के 9 घंटे बाद बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया गया. बच्चे के पिता की पहचान हरिंदर और मां आशा के रूप में हुई है।  ऐसे किया गया बच्चे का रेस्क्यू जानकारी के अनुसार बच्चे को रात करीब 12:40 बजे बोरवेल से बाहर निकाला गया और मेडिकल जांच के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया. डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन और SSP संदीप कुमार मलिक ने इस अभियान का नेतृत्व किया और टीमों की अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की, जिसके कारण यह अभियान पूरी तरह सफल रहा. अभियान की सफलता के बाद डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने बताया कि बचाए जाने के बाद बच्चे को एक मेडिकल टीम के साथ एम्बुलेंस में आगे की जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया. उन्होंने बताया कि यह घटना शाम करीब 4:00 बजे हुई थी और सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए थे।  बच्चा अपने घर के पास स्थित एक खुले बोरवेल में फिसल गया था, जिसे एक दिन पहले खोदा गया था. 25 से 30 फीट की गहराई तक एक समानांतर गड्ढा खोदने के बाद बचाव दल ने एक संकरी सुरंग के रास्ते बोरवेल के शाफ्ट तक पहुंच बनाई. जिसके परिणामस्वरूप बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. लड़का करीब 30 फीट की गहराई पर फंसा हुआ था और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए मौके पर आवश्यक मशीनरी मंगवाई गई थी. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने शाफ्ट में एक कैमरा और ऑक्सीजन पाइप भी नीचे उतारा था और फुटेज में बच्चे की हलचल दिखाई दे रही थी. जिससे टीम को बोरवेल के अंदर की हर गतिविधि की जानकारी मिलती रही थी।  रेस्क्यू अभियान के दौरान मौजूद थे बड़ी संख्या में अधिकारी डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि 40 से अधिक अधिकारियों वाली NDRF की टीम ने इस कठिन समय के दौरान अपनी विशेषज्ञता से इस अभियान में अमूल्य सहयोग दिया. इस बीच, पंजाब के जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह और होशियारपुर के सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, जो पूरे ऑपरेशन के दौरान मौके पर मौजूद रहे, ने गुरकरन को बचाने के लिए सभी टीमों द्वारा किए जा रहे अथक प्रयासों की सराहना की. डॉ. रवजोत ने बताया कि ज़िला प्रशासन ने NDRF, अन्य टीमों और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से बच्चे को बोरवेल से बाहर निकालने के लिए व्यापक इंतज़ाम किए थे।  सांसद डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि यह एक बहुत ही संवेदनशील बचाव अभियान था. लेकिन टीमों के लगातार प्रयासों से लगभग सात घंटे की मशक्कत के बाद यह सफल हो पाया. SSP संदीप कुमार मलिक ने भी बच्चे की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए बचाव टीमों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि टीमों का जज़्बा बेहद सराहनीय था, जिसकी बदौलत गुरकरन की जान बचाई जा सकी। 

सहारनपुर में शर्मनाक हरकत! रोटी पर थूकने का वीडियो वायरल, होटल के दो कर्मचारी पकड़े गए

 सहारनपुर कोई व्यक्ति होटल में बैठता है. गर्मागर्म तंदूरी रोटी आती है. वह खाता है. लेकिन अगर वही रोटी बनाने वाला पहले उस पर थूक दे, फिर तंदूर में चिपका दे, तो? सहारनपुर से सामने आई खबर ने लोगों को इसी सवाल पर अटका दिया है. यहां एक होटल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर रोटी बनाने वाला युवक पहले उस पर थूक लगाता है और फिर उसे तंदूर में सेंक देता है. वीडियो सामने आते ही लोग भड़क गए. मामला पुलिस तक पहुंचा और फिर होटल से दो लोगों को उठाकर ले जाया गया।  पूरा मामला चिल्काना थाना क्षेत्र का है. यहां सरसावा रोड पर एक होटल में काम करने वाले कर्मचारियों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा. वीडियो में साफ दिखाई देता है कि एक युवक रोटी बेलने के बाद उस पर मुंह से कुछ गिराता है, जिसे लोगों ने थूक बताकर शेयर करना शुरू कर दिया. फिर वही रोटी तंदूर में लगाई जाती है. यहीं से हंगामा शुरू हो गया।  वीडियो वायरल होते ही स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया. कई लोगों ने कहा कि अगर यह सच है, तो यह सिर्फ गंदी हरकत नहीं, बल्कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ है. मामला बढ़ा तो रोहित लम्बरदार नाम के शख्स ने पुलिस में शिकायत दी. शिकायत के आधार पर थाना चिलकाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।  पुलिस ने वीडियो की पड़ताल की और होटल पर दबिश दी. जांच में दो लोगों के नाम सामने आए- तंजीम और मोहम्मद महबूब. तंजीम अम्बहेटा का रहने वाला है, जबकि महबूब मूल रूप से बिहार का रहने वाला है, जो फिलहाल चिलकाना में रहकर होटल में काम कर रहा था. पुलिस ने दोनों को उसी होटल से गिरफ्तार कर लिया।  व्योम बिंदल ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया गया. वीडियो में एक व्यक्ति रोटी बनाते समय उस पर कथित रूप से थूक लगाता दिखाई दे रहा था. इसके आधार पर तुरंत केस दर्ज किया गया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. आगे की जांच जारी है. लेकिन इस कहानी का असर सिर्फ गिरफ्तारी तक नहीं है।  स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. सोचिए, जिस होटल में लोग रोज खाना खाते हों, जहां परिवार लेकर जाते हों, अगर वहां ऐसा वीडियो सामने आए तो भरोसा कैसे बचेगा? कई लोगों ने होटल पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. कुछ ने लाइसेंस रद्द करने तक की बात कही है।  पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वीडियो हाल का है या पुराना, और क्या यह पहली बार हुआ या पहले भी ग्राहकों को इसी तरह दूषित खाना परोसा जाता रहा. खाद्य सुरक्षा विभाग को भी सूचना दी गई है, ताकि होटल की जांच हो सके।