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नौकरी की तलाश खत्म! जिला रोजगार मेले में 2347 तकनीकी और गैर-तकनीकी भर्तियां

दुर्ग. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग और छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीएसआईटी) के संयुक्त तत्वावधान में 22 मई को एक विशाल जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिला रोजगार कार्यालय के उप संचालक से मिली जानकारी के अनुसार, यह आयोजन शिवाजी नगर स्थित सीएसआईटी के परिसर में होगा। इस मेले के माध्यम से क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में करियर बनाने का एक सुनहरा अवसर मिलेगा। इस रोजगार मेले में विभिन्न क्षेत्रों के 10 नियोजकों द्वारा कुल 2347 तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर भर्तियां की जाएंगी। 10वीं, 12वीं पास से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग स्नातक की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी इस मेले में हिस्सा ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त, मेडिकल क्षेत्र से जुड़े अभ्यर्थियों जैसे एमबीबीएस, बीएएमएस, नर्सिंग (जीएनएम / एएनएम) और पैरामेडिकल डिप्लोमा धारकों के लिए भी बड़ी संख्या में रिक्तियां उपलब्ध हैं। इच्छुक आवेदक इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए रोजगार पंजीयन होना अनिवार्य है। रिक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी रोजगार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप पर देखी जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी मालवीय नगर चौक स्थित जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र में सीधे संपर्क कर सकते हैं।

मानसून से पहले एक्शन मोड में बिहार सरकार, तटबंधों पर होगी सख्त पेट्रोलिंग

 पटना बिहार में आगामी मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और सुखाड़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से ऐक्शन मोड में आ गई है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि बचाव की तैयारियों में किसी भी स्तर पर कोताही अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बेहतर काम करने वाले अधिकारियों की जहां एक तरफ पीठ थपथपाई जाएगी और उन्हें बधाई दी जाएगी, वहीं जानबूझकर लापरवाही और कार्यों में कोताही बरतने वाले अफसरों और कर्मचारियों पर सरकार का डंडा चलेगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिंचाई भवन में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को राजधानी पटना के सिंचाई भवन में बाढ़ और सुखाड़ से पूर्व की तैयारियों को लेकर एक बेहद अहम और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए समय रहते पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करना था। डिप्टी सीएम ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि संभावित बाढ़ से बचाव और सुखाड़ से निपटने की सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय सीमा से पहले ही हर हाल में पूरी कर ली जाएं। तटबंधों पर होगी पेट्रोलिंग समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में चल रहे कटाव निरोधी कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने तटबंधों की मरम्मत, उनके उचित अनुरक्षण और बाढ़ सुरक्षात्मक सामग्री के प्राप्त इंतेजाम करने के कड़े निर्देश दिए। डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि बाढ़ की अवधि के दौरान तटबंधों की पूरी लंबाई पर अधिकारियों द्वारा पूरी मुस्तैदी के साथ पेट्रोलिंग की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते टाला जा सके और जानमाल का नुकसान न हो। सचिव ने बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था से कराया अवगत इस अहम बैठक में जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। इससे पहले विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने उपमुख्यमंत्री को बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए की जा रही सभी तैयारियों से विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थलों की कड़ी निगरानी की जा रही है। सरकार का यह कड़ा रुख इस बात का साफ संकेत है कि इस बार मानसूनी आपदाओं को लेकर प्रशासन किसी भी तरह का कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है।

393 करोड़ की लागत से तैयार होगा गोरखपुर क्रिकेट स्टेडियम, 30 हजार दर्शकों की होगी क्षमता

 गोरखपुर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 16 मई का दिन खेल अवस्थापना के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे। लगभग 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के अनुसार गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रशासन द्वारा ताल नदोर क्षेत्र में उपलब्ध कराई गई भूमि पर 24 दिसंबर 2025 से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। सरकार द्वारा जारी परियोजना लागत की पहली किश्त 63.39 करोड़ रुपये से निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-एक (भवन) के अनुसार अब तक परियोजना का लगभग सात प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। स्टेडियम का निर्माण कार्य 23 दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने से गोरखपुर विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के केंद्र के रूप में पहचान बनाएगा। 46 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाले इस स्टेडियम की दर्शक क्षमता लगभग 30 हजार होगी। स्टेडियम 'ग्राउंड प्लस टू फ्लोर' डिजाइन पर विकसित किया जाएगा। मुख्य मैदान में खिलाड़ियों के लिए सात प्लेइंग पिच और चार प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी। स्टेडियम के पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में प्रत्येक में 14,490 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। नॉर्थ पैवेलियन में 208 वीआईपी और 382 मीडियाकर्मियों के बैठने की सुविधा रहेगी, जबकि साउथ पैवेलियन में 1708 वीवीआईपी और वीआईपी के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। रात्रिकालीन मैचों के आयोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चार हाई मास्ट लाइटें स्थापित की जाएंगी। क्रिकेट के अलावा यहां अन्य बड़े सांस्कृतिक और खेल आयोजनों का भी आयोजन किया जा सकेगा। सूत्रों ने बताया कि ताल नदोर स्थित यह स्टेडियम कनेक्टिविटी के लिहाज से भी अत्यंत उपयुक्त स्थान पर है। यह गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन राजमार्ग से जुड़ा हुआ है। स्टेडियम गोरखपुर एयरपोर्ट से लगभग 24 किलोमीटर तथा रेलवे स्टेशन से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्टेडियम निर्माण में देश की प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियां कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड के तहत कुल 100 करोड़ रुपये का योगदान देंगी। इसके तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड 60 करोड़ रुपये, भारत पेट्रोलियम 30 करोड़ रुपये तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम 10 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी। समझा-बुझाकर शांत कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत करा दिया। करीब दो घंटे तक हंगामा, बवाल चलता रहा। एसीपी विनय द्विवेदी ने बताया छात्र मेस से हॉस्टल में खाना ले जाना चाह रहे थे। इस पर उनका वार्डन से विवाद हुआ। छात्रों ने वार्डन पर हाथ मरोड़ कर पिटाई करने का आरोप लगाया है। अभी तक इस मामले में किसी पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। होटल से नानवेज और मेस से रोटी को लेकर बवाल की चर्चा वहीं, कुछ छात्रों का कहना है कि उनके एक साथी ने परिसर के बाहर अयोध्या रोड स्थित एक होटल से नॉनवेज मंगाया था। इसके बाद वह रोटी लेने के लिए मेस में गया था। रोटी देने से वार्डन से मना कर दिया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इसके बाद छात्र आक्रोशित होकर हंगामा करने लगे थे।

31 में 28 मंत्री करोड़पति, औसत संपत्ति 6.32 करोड़ रुपये

पटना  बिहार में 7 मई 2026 को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच ने माननीयों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। मुख्यमंत्री सहित 35 में से 31 मंत्रियों के शपथ पत्रों का जो विश्लेषण सामने आया है, वह आम जनता के लिए काफी हैरान करने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सरकार के 90 फीसदी मंत्री 'करोड़पति' की श्रेणी में आते हैं और इन सभी माननीयों की औसत संपत्ति सवा छह (6.32) करोड़ रुपये बैठती है। केवल धन-दौलत ही नहीं, बल्कि लगभग आधे मंत्रियों पर आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। रमा निषाद सबसे अमीर तो संजय कुमार सबसे गरीब मंत्री संपत्ति के मामले में औंराई विधानसभा से निर्वाचित भाजपा विधायक रमा निषाद सबसे आगे हैं। उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 31.86 करोड़ रुपये घोषित की है, जो पूरे मंत्रिमंडल में सर्वाधिक है। वहीं, इसके ठीक विपरीत बखरी से लोजपा (रा) के विधायक संजय कुमार मंत्रिमंडल के सबसे 'गरीब' मंत्री हैं। उनकी कुल संपत्ति महज 22.30 लाख रुपये है। इसके अलावा, कर्ज के मामले में शिवहर से श्वेता गुप्ता पर सबसे अधिक 4.05 करोड़ रुपये की देनदारी है। कुल 31 में से 20 मंत्रियों ने अपने ऊपर देनदारी घोषित की है। जदयू के सभी 13 मंत्री करोड़पति, भाजपा के 13 एडीआर की इस रिपोर्ट के मुताबिक, 31 में से 28 सदस्य करोड़पति हैं। पार्टीवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सभी 13 के 13 मंत्री करोड़पति हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 15 में से 13 मंत्री, लोजपा (रामविलास) के 2 में से 1 और हम (सेक्युलर) के एकमात्र मंत्री भी करोड़पति क्लब में शामिल हैं। कुल मिलाकर बिहार कैबिनेट में धनकुबेरों का अच्छा-खासा दबदबा है। 48% मंत्रियों पर आपराधिक केस धन के साथ-साथ इस मंत्रिमंडल में दागी चेहरों की भी कमी नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, 31 में से 15 मंत्रियों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 9 मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। शिक्षा की बात करें तो 22 मंत्री स्नातक या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं, जबकि 8 मंत्री 10वीं से 12वीं पास हैं।

तेज आंधी और बिजली से मौत पर सरकार का सहारा, मंत्रियों ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात

 लखनऊ यूपी में बीते दिनों आई तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली से हुई धन-जनहानि के पीड़ितों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुक्रवार को मुआवजा बांटा गया। विभिन्न जिलों में प्रभारी मंत्रियों ने पीड़ितों को धनराशि का चेक सौंपा और सरकार के उनके साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया। प्रत्येक मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये के अलावा राहत सामग्री के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दिया गया। लखीमपुर खीरी के मितौली तहसील के ग्राम जमुनिया कढ़ीले में 13 मई की रात आई तेज आंधी और बारिश ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। मकान की छत भरभराकर गिरी और उसके नीचे दबकर 40 वर्षीय रतिराम पुत्र दीना की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री के निर्देश पर गांव पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। गांव पहुंचे प्रभारी मंत्री ने पूर्व सांसद जुगुल किशोर और डीएम अंजनी कुमार सिंह की मौजूदगी में मृतक की पत्नी और बच्चों को चार लाख रुपये की दैवीय आपदा सहायता, 6500 रुपये गृह अनुदान का डेमो चेक सौंपा। इसी तरह हरदोई में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद हरदोई के प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने तहसील संडीला के ग्राम आंट मजरा आंट सांट में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पीड़ित परिवार से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने मौके पर उपस्थित मृतका की माता कमला पत्नी छोटे को बताया कि उनके खाते में राहत सहायता राशि 4 लाख रुपए भेज दी गई है। इस अवसर पर सांसद अशोक रावत व विधायक राम पाल वर्मा ने भी शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। अंबेडकरनगर में गिरीश चंद्र यादव ने पीड़ितों से की मुलाकात अम्बेडकरनगर में जिले के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने ग्राम कुढ़ा मोहम्मदगढ़ में आंधी-तूफान के कारण दीवार गिरने से सुकना देवी के असामयिक निधन पर उनके परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने बताया कि इस कठिन समय में परिवार को संबल प्रदान करने हेतु प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित आर्थिक सहायता चार लाख रुपये की राशि प्रदान कर दी गई। मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने दी राहत सामग्री सम्भल में तेज आंधी-तूफान एवं वर्षा से उत्पन्न दैवीय आपदा के कारण थाना कैलादेवी के अन्तर्गत ग्राम गंगहेटा में विद्युत पोल तथा घर की दीवार गिरने से नेमवती तथा भगवान सिंहके चपेट में आने से मौत हो गयी थी। प्रभारी मंत्री/राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा धर्मवीर प्रजापति ने गांव जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए 4-4 लाख रुपये धनराशि खाते में पहुंचने के प्रमाणपत्र तथा आपदा राहत सामग्री प्रदान की। उनके साथ जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल तथा पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी थे। मंत्री गुलाब देवी ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख के चेक सौंपे बदायूं के बिसौली क्षेत्र में आंधी-तूफान पीड़ित परिवारों को प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4-4 लाख के चेक सौंपे। वहीं, बरेली में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग/प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर की अध्यक्षता में आज आपदा राहत राशि का वितरण कार्यक्रम आंवला तहसील के सभागार में हुआ। राज्यमंत्री द्वारा जनहानि होने पर देवकी और लीपी के परिवारीजनों के खातों में चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी गयी।

जनसहयोग से बदली पानी की तस्वीर, जल संरक्षण कार्यों में अग्रणी बना मध्यप्रदेश: Mohan Yadav

जनसहयोग से जल संरक्षण कार्यों में अग्रणी बना है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नदियां हमारी प्रत्यक्ष शक्तियां हैं : दादा गुरू साधक और शासक समाज के बीच कार्य करते हैं, तो मिलते हैं श्रेष्ठ परिणाम : आर्य रवीन्द्र भवन में हुई नर्मदा चिंतन बौद्धिक संगोष्ठी, सेवाभावियों को मिला समर्थ नर्मदा सम्मान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पानी को बचाने और सहेजने के लिए सरकार के साथ ही आम नागरिक भी सजग और सक्रिय हैं। इसी कारण मध्यप्रदेश केन्द्र सरकार द्वारा करवाए गए जल संरक्षण और जन संचयन के कार्यों में अग्रणी राज्य है। नर्मदा मिशन जैसी संस्थाएं जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने का सराहनीय कार्य कर रही हैं। मध्यप्रदेश में सभी शासकीय विभाग पानी बचाने और लोगों को जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार के लिए मिलकर कार्य करने की भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों ने परिसर स्थल में देशी उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बाल चित्रकार विक्रम लोधी ने मां नर्मदा का चित्र भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में नर्मदा चिंतन बौद्धिक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर दादा गुरु भगवान ने प्रवचन द्वारा मार्गदर्शन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और दादा गुरु ने स्मित अपराजिता की पुस्तक "समर्थ दृष्टि: साधना के शिखर" का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न श्रेष्ठ सामाजिक कार्य करने वाले व्यक्तियों को समर्थ नर्मदा अलंकरण प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कुंए, बावड़ियां, पोखर, नहर और अन्य जल स्त्रोतों एवं जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्य चल रहे हैं। गुड़ी पड़वा से प्रारंभ हुए जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियां आगामी 30 जून तक निरंतर चलेंगी। इतनी लंबी अवधि के इस अभियान का उद्देश्य जल संरचनाओं को उपयोगी बनाना और पानी के प्रति जन जागृति बढ़ाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संवर्धन अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला है। प्रदेश में अनेक त्यौहार भी शासन-प्रशासन के साथ मिलकर मनाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास और विरासत के संरक्षण के आहवान पर मध्यप्रदेश अमल कर रहा है। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि नदियों के उद्गम स्थलों के अवलोकन और उन्हें उपयोगी बनाए रखने की दिशा में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग कार्य कर रहा है। ऐसे प्रयासों में सराहनीय जनभागीदारी मिल रही है। वरिष्ठ राष्ट्रवादी विचारक गोपाल आर्य ने कहा कि हमारे देश में अमृता देवी जैसी महिलाएं हुई हैं, जो वृक्षों को बचाने के लिए बलिदान से भी पीछे नहीं हटी। साधक और शासक जब समाज के बीच में रह कर कार्य करते हैं तो श्रेष्ठ परिणाम सामने आते हैं। कार्यक्रम में दादा गुरू ने कहा कि भारत की संस्कृति ने दुनिया को दर्शन दिया है। हमारी प्रकृति यह संकेत दे रही है कि हम सभी मिलकर पर्यावरण की चिंता करें। हमारी नदियां हमारी शक्ति है। गंगा-यमुना-नर्मदा जल के रूप में प्रवाहित होने वाली प्रत्यक्ष शक्तियां हैं। नर्मदा पथ व्यक्तित्व निर्माण का पथ है। दादा गुरू ने मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में हो रहे कार्य की प्रशंसा की। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने प्रदेश में जनसहयोग से जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्यों का विवरण दिया। कार्यक्रम में खेल मंत्री विश्वास सारंग, राज्यसभा सदस्य श्रीमती माया नारोलिया, विधायक भगवानदास सबनानी और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

किसान कल्याण वर्ष में उद्यानिकी फसलों का 1.32 लाख हैक्टेयर वृद्धि का लक्ष्य

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेश में कृषि एवं उससे जुड़ी संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने की व्यापक कार्य योजना पर अमल जारी हे। कृषि वर्ष में विशेष रूप से उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र विस्तार को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में एक लाख 32 हजार 147 हैक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का विस्तार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हमारा उद्देश्य किसानों को परंपरागत खेती के साथ अधिक लाभकारी उद्यानिकी गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करना है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा तैयार की गई कार्य योजना के अनुसार फल फसलों के क्षेत्र में 18 हजार हैक्टेयर, सब्जी उत्पादन में 54 हजार हैक्टेयर, मसाला फसलों में 56 हजार हैक्टेयर, पुष्प उत्पादन में 3 हजार 500 हैक्टेयर, औषधीय फसलों में 600 हैक्टेयर तथा संरक्षित खेती में 47 हैक्टेयर क्षेत्र वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश सरकार का मानना है कि बदलते कृषि परिदृश्य में उद्यानिकी फसलें किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि वर्ष की अवधारणा को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए पशुपालन, मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन तथा उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया है। शासन की मंशा है कि खेती को बहुआयामी बनाकर किसानों को वर्षभर आय सृजन के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इसी दिशा में उद्यानिकी विभाग किसानों को उन्नत पौध सामग्री, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, पॉली हाउस, शेडनेट तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश में उद्यानिकी क्षेत्र की लगातार बढ़ती सफलता इस दिशा में सकारात्मक संकेत दे रही है। वर्ष 2022-23 में मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों का कुल क्षेत्रफल 25 लाख 96 हजार 793 हैक्टेयर था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 28 लाख 60 हजार 952 हैक्टेयर तक पहुंच गया है। इसी प्रकार उत्पादन में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022-23 की तुलना में वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में लगभग 37 लाख 68 हजार 200 मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है। यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों की बढ़ती जागरूकता, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश की भौगोलिक विविधता और अनुकूल जलवायु उद्यानिकी फसलों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, महाकौशल और चंबल क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार के फल, सब्जी और मसाला फसलों का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में आम, संतरा, अमरूद, पपीता, टमाटर, प्याज, लहसुन, धनिया और मिर्च जैसी फसलों की खेती किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। केंद्र और राज्य की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन से प्रदेश में उद्यानिकी आधारित कृषि मॉडल को मजबूत आधार मिल रहा है। किसानों को बाजार, प्रसंस्करण और निर्यात से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए गए हैं, ताकि उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। कृषि वर्ष 2026 के अंतर्गत उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र विस्तार का यह अभियान केवल उत्पादन वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजन तथा कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में यह प्रयास मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी उद्यानिकी राज्यों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

तेज धूप और गर्म हवाओं से बेहाल लोग, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

लखनऊ यूपी में पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज तल्ख बना हुआ है। लगातार तापमान बढ़ने से गर्मी और तेज धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गुरुवार को सुबह से ही तीखी धूप निकलने के कारण दिनभर गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे लोग बेहाल नजर आए। दोपहर के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया और राहगीरों व यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बीते दिनों आई आंधी और बारिश के बाद पिछले शनिवार से मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया है। जहां, गुरुवार को तेज धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, अगले 48 घंटे लू के साथ गर्मी और बढ़ेगी। मौसम विभाग ने गर्मी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि दो दिन लू के थपेड़े सताएंगे और इसके बाद बारिश से राहत मिलेगी। हालांकि अगले दो दिनों में लू के साथ तापमान और गर्मी और ज्यादा बढ़ेगी। गुरुवार को दिनभर भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों को खासा परेशान किया। सुबह से ही सूरज की तेज किरणों ने वातावरण को गर्म कर दिया, जिससे दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिला। गर्म हवाओं और तेज धूप के चलते आम जनजीवन प्रभावित रहा और लोग जरूरी कामों से ही घरों से बाहर निकले। दोपहर के समय गर्मी का असर अपने चरम पर रहा। बाजारों में भी भीड़ कम देखी गई और लोग छांव और ठंडे स्थानों की तलाश करते नजर आए। गर्मी के कारण राहगीरों, मजदूरों और स्कूली बच्चों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग पानी और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में वृद्धि के कारण उमस और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालांकि कुछ इलाकों में मौसम कई बार अचानक करवट ले रहा है। आसमान में काले बादल छाने के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। लेकिन इससे हल्की राहत मिल रही है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग काक कहना है कि 18 मई से बारिश के आसार हैं। एप पर जानकारी प्री-मानसून और मानसून के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं से जानलेवा क्षति होती है। जनहानि को कम करने के लिए मौसम विभाग और अन्य संस्थाओं ने कई मोबाइल एप विकसित किए हैं। इनके माध्यम से आम नागरिकों, किसानों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को गरज-चमक, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावित घटनाओं की समय रहते चेतावनी मिल जाती है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि दामिनी-लाइटनिंग अलर्ट एप पूरे भारत में बिजली गिरने की गतिविधियों की निगरानी करता है। यह उपयोगकर्ता की जीपीएस लोकेशन के आधार पर अलर्ट भेजता है। यदि 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना होती है तो यह तुरंत सूचना देता है।

KKR-GT मैच से मचेगा बड़ा उलटफेर, 6 टीमों की किस्मत दांव पर

कोलकाता  कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटंस की टीमें फिलहाल प्लेऑफ की रेस में नजर आ रही हैं. हालांकि गुजरात टाइटंस की टीम बेहतर स्थिति में नजर आ रही है. वहीं केकेआर की टीम मुश्किलों से घिरी हुई है. हालांकि दोनों ही टीमों के लिए ये मुकाबला बहुत ही अहम होने वाला है. इस मुकाबले का असर कुछ और टीमों पर भी पड़ने वाला है. जिसके कारण ही सभी टीमों की नजरें इस मुकाबले पर होगी पॉइंट्स टेबल को रोमांचक बनाएगा KKR vs GT मुकाबला केकेआर और गुजरात टाइटंस के बीच खेले जाने वाले इस मुकाबले के बाद पॉइंट्स टेबल में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा. अगर कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम इस मुकाबले में हार गई, तो उनका आईपीएल 2026 में सफर खत्म हो जाएगा. वो टूर्नामेंट से बाहर होने वाली तीसरी टीम बन जाएगी. वहीं केकेआर की टीम जीत जाती है, तो वो पॉइंट्स टेबल में दिल्ली कैपिटल्स की टीम को पीछे छोड़ देगी. कोलकाता नाइट राइडर्स की जीत से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को फायदा होगा. वो मैच के बाद भी टेबल में टॉप पर रहेंगे. वहीं पंजाब किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए टॉप 2 में पहुंचने का रास्ता भी अभी साफ रहेगा. गुजरात टाइटंस के लिए जीत जरूरी अगर इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस की टीम जीत जाती है, तो वो पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच जाएगी. इसके साथ ही उनका टॉप 2 में बने रहना लगभग पक्का हो जाएगा. हालांकि इससे आरसीबी सहित कई टीमों को नुकसान होगा. वहीं अगर गुजरात टाइटंस को हार मिली, तो टॉप 2 के रास्ते 6 टीमों के लिए खुले रहेंगे. वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स की उम्मीदें भी जिंदा रहेगा. इस मुकाबले के बाद पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर लगभग तय नजर आ रहा है. केकेआर की टीम को आज 5 और फ्रेंचाइजी भी सपोर्ट करने वाली हैं.

एनआईएस पटियाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बढ़ाया प्रदेश का गौरव

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग एकेडमी की प्रतिभाशाली बॉक्सर माही लामा ने एनआईएस पटियाला में आयोजित असेसमेंट रैंकिंग ट्रायल में शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व कप के लिए भारतीय टीम में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। 60 किलोग्राम भार वर्ग में माही ने 13 मई से 15 मई 2026 तक आयोजित ट्रायल्स में लगातार बेहतरीन जीत दर्ज कर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। अब वे 15 जून से 20 जून 2026 तक चीन के गुइयांग शहर में आयोजित होने वाले विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। शानदार प्रदर्शन के दम पर हासिल किया चयन माही लामा ने अपने पहले मुकाबले में हरियाणा की विंका को 4:1 के अंतर से हराया। इसके बाद दूसरे मुकाबले में महाराष्ट्र की दिशा पाटिल के खिलाफ 5:0 से एकतरफा जीत दर्ज कर अपनी श्रेष्ठता साबित की। लगातार दो प्रभावशाली जीतों के साथ उन्होंने विश्व कप के लिए चयन सुनिश्चित किया। प्रदेश और देश के लिए गौरव का क्षण माही लामा की यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने न केवल प्रदेश का नाम रोशन किया है, बल्कि देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी प्रस्तुत की है। विश्व कप में दिखेगा भारतीय मुक्केबाजी का दम चीन के गुइयांग शहर में आयोजित होने वाले विश्व कप में माही लामा भारतीय टीम की ओर से चुनौती पेश करेंगी। यह प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और क्षमता साबित करने का बड़ा अवसर होगी। कड़ी मेहनत और अनुशासन का परिणाम माही की सफलता उनके निरंतर अभ्यास, अनुशासन और अकादमी में मिल रहे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का परिणाम है। उन्होंने कठिन मुकाबलों में धैर्य और तकनीकी कौशल का शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत माही लामा की उपलब्धि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। यह साबित करता है कि समर्पण, मेहनत और सही मार्गदर्शन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है। खेल मंत्रीविश्वास कैलाश सारंग ने दी शुभकामनाएँ सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्रीविश्वास कैलाश सारंग ने माही लामा को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। अकादमी की उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का परिणाम मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। माही लामा की यह सफलता प्रदेश की मजबूत खेल अधोसंरचना और उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है।